600 बांग्लादेशी कर रहे थे घुसपैठ, BSF ने चालाकी से खदेड़ा, अलर्ट मोड पर सेना

नईदिल्ली बांग्लादेश में हिंसा और सियासी अफरा-तफरी के बीच वहां के आतंकी इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं. खुफिया सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश के रेडिकल ग्रुप भीड़ का सहारा लेकर भारत में घुसपैठ करने की तलाश में हैं. इस तरह की खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद BSF को हाई अलर्ट पर रखा गया है. दरअसल, बांग्लादेश में इस समय जो हालात हैं, उसे देखते हुए भारत- बांग्लादेश बॉर्डर पर बहुत से बांग्लादेशी नागरिक भारत आने की कोशिश कर रहे हैं. घुसपैठ की इस कोशिश के बीच भीड़ का सहारा लेकर रेडिकल ग्रुप भारत में घुस सकते हैं. इसके चलते BSF को बॉर्डर पर बड़े स्तर पर चौकन्ना किया गया है. बॉर्डर पर बढ़ाई BSF ने बढ़ाई चौकसी सुरक्षा एजेंसियों ने एक अलर्ट जारी कर कहा है कि बांग्लादेश से प्रतिबंधित इस्लामी आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) और अंसारूल्लाह बांग्ला टीम(ABT) के आतंकवादी के साथ ही दूसरे अपराधी वहां की जेलों से भाग गए हैं. ये आतंकी घुसपैठ कर सकते हैं, इसलिए अतिरिक्त चौकसी बरती जाए. यूनुस आज संभालेंगे बांग्लादेश की कमान बता दें कि शेख हसीना के इस्तीफा देने और भारत आने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार आज (8 अगस्त) शपथ लेने वाली है. यूनुस अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभालने के लिए पेरिस से आज ही ढाका लौट रहे हैं.  इसी कड़ी में आशंका जताई जा ही थी कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक भारत में घुसपैठ कर सकते हैं। बुधवार को भारत-बांग्लादेश सीमा के माणिकगंज बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने इसी तरह की एक बड़ी घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। बीएसएफ को सूचना मिली थी कि 500 से 600 के करीब बांग्लादेशी नागरिक खेतों के बीच से भारत की ओर आ रहे है। इस सूचना पर सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए कार्रवाई की। जांच के बाद सभी को बांग्लादेशी सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ बातचीत कर वापस भेज दिया गया। घुसपैठ की इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों का एक बड़ा समूह आज शाम उत्तर बंगाल के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर विभिन्न स्थानों पर इकट्ठा हुआ। वे भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहे थे लेकिन बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश, नागरिक प्रशासन और बीएसएफ कर्मियों की मदद से उन्हें तितर-बितर कर दिया गया। इस बीच, मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले में बांग्लादेश और म्यांमार से लगती भारत की सीमा के पास घुसपैठ की आशंका को देखते हुए पाबंदियां लगा दी गयी हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में मौजूदा अशांति के मद्देनजर ये पाबंदियां लगायी गयी हैं। उन्होंने कहा कि सीमा के तीन किलोमीटर के दायरे में शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक लोगों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी होगी। मंगलवार को जारी किये गये सरकारी आदेश में कहा गया, ‘‘इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी दंड मिलेगा।’’ उसमें कहा गया कि यह आदेश इसे जारी करने की तारीख से अगले दो महीने तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। मिजोरम के तीन जिलों – लॉन्गतलाई, ममित और लुंगलेई में 318 किलोमीटर तक भारत की सीमा बांग्लादेश से सटी है। लॉन्गतलाई बांग्लादेश में अशांति के मद्देनजर निषेधाज्ञा जारी करने वाला पहला जिला है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वैसे अबतक पड़ोसी देश से अवैध प्रवासन की कोई रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि मिजोरम पुलिस किसी भी अवैध प्रवासन को रोकने के लिए भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा करने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर काम कर रही है। उधर, ओडिशा में भी बांग्लादेशी घुसपैठ पर सतर्कता बरती जा रही है। केंद्रपाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ कटारिया ने बुधवार को जिले के सभी तीन समुद्री थानों को समुद्री मार्ग के माध्यम से भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में बंगलादेशी प्रवासियों के संभावित पलायन को रोकने के लिए सतर्क रहने के लिए कहा है। ओडिशा के पास देश की सबसे बड़ी तटरेखा में से एक है, जो बंगाल की खाड़ी के साथ 480 किमी तक फैली हुई है। इससे पहले 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद समुद्री थानों की स्थापना के बावजूद ओडिशा तट पूर्ण रूप से संरक्षित नहीं है। अतीत में ऐसे कई उदाहरण सामने आ चुके हैं जब म्यांमार, थाईलैंड और प्रायः बंगलादेश से मछली पकड़ने वाले जहाजों को वन अधिकारियों या तटरक्षक बलों द्वारा जब्त किया जा चुका है। बंगलादेश में अशांति को ध्यान में रखते हुए, बंगलादेश से भारत में पलायन होने की आशंका है, विशेष रूप से समुद्री रास्तों से। शेख हसीना दे चुकी हैं PM पद से इस्तीफा देश में चल रही राजनीतिक अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद अंतरिम सरकार का गठन किया जा रहा है. ग्रामीण बैंक के संस्थापक और मशहूर सोशल एक्टिविस्ट यूनुस अंतरिम सरकार का नेतृत्व करेंगे. विशेष रूप से, बांग्लादेश की एक अदालत ने कार्यभार संभालने से ठीक एक दिन पहले श्रम कानून उल्लंघन मामले में यूनुस की पिछली सजा को भी पलट दिया है.   recent visitors 88

कन्नौज में थूक से मसाज करने वाले सैलूनकर्मी के दुकान पर चला बुलडोजर

कन्नौज यूपी के कन्नौज में थूक से मसाज करने वाले सैलूनकर्मी यूसुफ को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके साथ ही उसके सैलून पर बुलडोजर की कार्रवाई भी हुई है. ये सैलून एक छोटी सी गुमटी में चलाया जा रहा था. बताया जा रहा है कि यूसुफ की सैलून शॉप (गुमटी) अवैध तरीके से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई थी. ऐसे में नगर पंचायत प्रशासन ने इस अतिक्रमण को हटवा दिया. बता दें कि हाल ही में सैलूनकर्मी यूसुफ का थूक लगाकर ग्राहक का मसाज करने का वीडियो वायरल हुआ था. जिसपर सोशल मीडिया यूजर्स भड़क उठे. उन्होंने पुलिस से शिकायत की तो पता चला कि वीडियो कन्नौज जिले का है. इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए यूसुफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इसके बाद अब नगर पंचायत प्रशासन ने अवैध तरीके से अतिक्रमण कर रखे उसके सैलून को भी बुलडोजर से गिरा दिया. आरोपी यूसुफ की जिले के तालग्राम थाना क्षेत्र में सैलून की शॉप थी. यूसुफ यहां पर अपने ग्राहक के चेहरे पर मसाज के वक्त थूक का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया. उसका वीडियो वायरल हो गया. जिसपर लोग भड़क उठे. हिंदूवादी संगठनों ने आक्रोश जताया. जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने एक्शन लेते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.   थूक से मसाज करने वाले वीडियो को लेकर कन्नौज के पूर्व बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक ने भी रिएक्ट किया था. उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर इस हरकत को 'थूक जिहाद' बताया था. सुब्रत पाठक ने लिखा- 'ये थूक जिहाद की घटना कन्नौज के तालग्राम की है. पुलिस तो अपना काम करेगी ही लेकिन हमें सावधान रहना होगा ये जिहादी किसी के सगे नहीं.   recent visitors 104

राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा ग्रामोद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़, गौहर महल में 18 अगस्त तक चलेगा सावन मेला

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि ग्रामोद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ग्रामोद्योगों से हमारे ग्रामीण बुनकरों, करघाचालकों, दस्तकारों, हस्त शिल्पियों, कारीगरों, कच्चा माल आपूर्तिकर्ताओं और अन्य लोगों को भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। गांव और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वोकल फॉर लोकल मंत्र दिया गया है। इसके तहत देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिये हम सबको स्वदेशी वस्त्र अपनाना चाहिए। जितना हो सके, खादी के कपड़े पहनिए, यह हर मौसम में शरीर के लिए फायदेमंद है। खादी वस्त्रों की मांग बढ़ने से हमारे बुनकरों और ग्रामीण दस्तकारों को लाभ मिलेगा और वे आर्थिक रूप से सपन्न हो सकेंगे। राज्यमंत्री जायसवाल बुधवार को भोपाल के गौहर महल में दसवें राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस कार्यक्रम और सावन मेले के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह 9 अगस्त तक जारी रहेगा। इसमें हर दिन अलग-अलग इवेंट्स होंगे। राज्यमंत्री जायसवाल ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बुनकरों से अपील करते हुए कहा कि वे नये-नये डिजाइन के गुणवत्तापूर्ण टिकाऊ कपड़े बनाकर हमारी देशज संस्कृति को और समृद्ध बनायें और हम सबको गौरवान्वित होने का अवसर देते रहें। उल्लेखनीय है कि देश के सभी बुनकरों, दस्तकारों और ग्रामीण कारीगरों के हुनर एवं उनके असीम श्रम के सम्मान स्वरूप हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस मनाया जाता है। पहला राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस समारोह 7 अगस्त 2015 को चेन्नई में मनाया गया था। कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री जायसवाल ने सभी को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस की बधाई और शुभकामनाएँ देकर सावन मेले का भरपूर आनंद लेने और शिल्पकारों के उत्पादों को क्रय करने का आहृवान किया। उन्होंने मंच से उत्कृष्ट बुनकरों और हस्तशिल्पयों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग विकास बोर्ड मालसिंह, आयुक्त रेशम विकास मदन विभीषण नागरगोजे, मप्र संत रविदास हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम के प्रबंध संचालक तथा आयुक्त हस्तशिल्प एवं हाथकरघा मोहित बुंदस, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी भोपाल के डायरेक्टर आशीष अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में बुनकर व स्टॉल प्रदर्शक उपस्थित थे। सावन मेला बुनकरों और हस्तशिल्पियों के उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिये गौहर महल में सावन मेले का आयोजन किया गया है। यह 18 अगस्त तक चलेगा। सावन मेले में प्रदेश के हाथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन, बुनकरों का सम्मान एवं बुनाईकला को प्रदर्शित करने के लिये फैशन शो एवं सांस्कृतिक कार्यकम किये जायेंगे। हाथकरघा क्लस्टर चंदेरी, महेश्वर, ग्वालियर, सारंगपुर, सीधी, रीवा, मंदसौर, वारासिवनी, सीहोर, मंडला एवं डिण्डोरी में भी ऐसे ही आयोजन किये जा रहे हैं। राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस पर पारम्परिक हाथकरघा क्लस्टर चंदेरी, महेश्वर, सारंगपुर मंदसौर, सौंसर, सीधी, वारासिवनी, सागर के बुनकरों व कारीगरों को सम्मानित किया गया। चंदेरी, महेश्वर, सौसर एवं वारासिवनी क्लस्टर में उत्पादित मलबरी एवं टसर सिल्क की साड़ियों, होम फर्नीशिंग सारंगपुर पड़ाना एवं मंदसौर क्लस्टर की आकर्षक चादरों के न्यू कलेक्शंस का प्रदर्शन भी इस अवसर पर किया जा रहा है। प्रदेश के हाथकरघा बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों द्वारा उत्पादित सामग्री के विक्रय को प्रोत्साहित करने के लिये निगम द्वारा आयोजित सावन मेले से प्रदेश के बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों को एक मंच उपलब्ध कराया गया है। इससे उनके उत्पादों व अन्य सामग्री का प्रचार-प्रसार तो होगा ही, बिजनेस (विक्रय) का अवसर भी मिलेगा। प्रारंभ में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री जायसवाल ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी व स्टाल्स का अवलोकन कर बुनकरों और विभिन्न स्टाल्स प्रदर्शकों से आत्मीयतापूर्ण चर्चा कर उनके आकर्षक उत्पादों की सराहना की। स्वागत उद्बोधन आयुक्त हस्तशिल्प एवं हाथकरघा मोहित बुंदस ने दिया।   recent visitors 134

नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वतंत्र अभियान 12 को: मंत्री नारायण सिंह कुशवाह

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत "विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वतंत्र" जागरूकता कार्यक्रम का क्रियान्वयन प्रदेश में प्रभावी ढंग से किया जाए। उन्होंने अभियान की सफलता के लिए अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए है। अभियान के तहत 12 अगस्त 2024 को प्रात: 9 बजे पूरे प्रदेश में एक साथ कार्यक्रम आयोजित होंगे। आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण डॉ. आर आर भोंसले ने बताया कि भारत सरकार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नशामुक्त भारत अभियान अंतर्गत देश के 78 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर नशा मुक्त भारत अभियान के 5 वर्ष पूर्ण पर देशव्यापी जनजागरूता कार्यक्रम 12 अगस्त 2024 को किया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाये जाने के लिए सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किये गए है। अभियान के तहत समस्त स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर 12 अगस्त 2024 को प्रातः 09:00 बजे शपथ लेने हेतु व्यवस्था की जायें।कार्यक्रम के सुचारू कार्यान्वयन के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किये जायेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें/ वीडियो भारत सरकार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के नशामुक्त भारत अभियान के बैनर को भी प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम में सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियां, विद्यालयों/महाविद्यालयों स्तरों पर परिचर्चा, प्रभातफेरी, मानव श्रृंखला, नुक्कड नाटकइत्यादि प्रतियोगिताऐं आयोजित की जाएगी। खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के आयोजन जैसे- नशाबंदी के विरूद्ध मैराथन दौड विभिन्न खेल आयोजित किये जायेंगे। नशामुक्ति अभियान को समर्पित विद्यालयों / महाविद्यालयों में पौधा रोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा। समस्त शैक्षणिक संस्थाओं में छात्र /छात्राओं, युवा एवं महिलाओं को नशामुक्ति के विरूद्ध शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथियों के भाषण में नशा मुक्त भारत अभियान की प्रासंगिकता को भी सम्मलित किया जायेगा।   recent visitors 101

भारत और श्रीलंका करेगा बैठक, ‘हमारे मछुआरों को लेकर दो संघर्ष बिंदु हैं- एक गुजरात, और दूसरा तमिलनाडु: बीजेपी अध्यक्ष

चेन्नई तमिलनाडु में हाल ही में हुए मछुआरे की मौत के बाद अब बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, 'हमारे मछुआरों को लेकर दो संघर्ष बिंदु हैं- एक गुजरात, और दूसरा तमिलनाडु, कई बार पाकिस्तान हमारे मछुआरों को गुजरात से गिरफ्तार करता रहता है। पीएम नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद, 2019 में पहली बार, मत्स्य पालन मंत्रालय बनाया गया। विशेष रूप से DMK सरकार द्वारा कच्चाथीवू द्वीप को श्रीलंका को सौंपने के बाद तमिलनाडु दूसरा संघर्ष बिंदु है, 2014 तक, उच्च समुद्र में शूटिंग एक सामान्य मामला था हमारे मछुआरे भाइयों को श्रीलंकाई नौसेना ने मार डाला। 'मोदी जी के सत्ता संभालने के बाद, नहीं हुई गोलीबारी' बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई ने आगे ये भी कहा, मोदी जी के सत्ता संभालने के बाद, कोई गोलीबारी नहीं हुई… 2024 थोड़ा अलग साल बन गया जब 273 तमिल मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने गिरफ्तार कर लिया वापस लाया गया जबकि 69 लोग श्रीलंकाई जेल में हैं, 61 न्यायिक हिरासत में हैं, और 8 लोगों को सजा सुनाई गई है। यह पहला मुद्दा था जिसे हमने विदेश मंत्री के ध्यान में लाया था… हमें बहुत ही कम समय में आश्वासन दिया गया है। अब भारत और श्रीलंका के बीच 2+2 संयुक्त कार्य समूह बुलाया जाएगा जहां दोनों देशों के विदेश मंत्रालय और मत्स्य पालन मंत्रालय एक साथ बैठेंगे ताकि वे 170 तमिल मछुआरों की नौकाओं के बारे में बात कर सकें जो श्रीलंकाई नौसेना द्वारा जब्त की गई। साथ ही मछुआरों की चिंताओं को भारत सरकार ने भी सुना है recent visitors 100

छठी कक्षा के लिए एनसीईआरटी की नई पाठ्य पुस्तकें जारी की गई हैं, प्रस्तावना हटाने के आरोप पर धर्मेंद्र प्रधान ने दी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस ने एनसीईआरटी पर अपनी किताबों से संविधान की प्रस्तावना हटाने का आरोप लगाया है। इस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सदन में तथ्यों से परे बात की है। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि छठी कक्षा के लिए एनसीईआरटी की नई पाठ्य पुस्तकें जारी की गई हैं। इन सभी पुस्तकों में संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, राष्ट्रगान आदि विषयों को पहले से अधिक शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की हताशा के कारण जिन लोगों ने संविधान को तोड़ने-मरोड़ने का सबसे अधिक काम किया, वही लोग आज संविधान के बारे में झूठ और भ्रांतियां फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि विपक्ष के नेता पद पर बैठा व्यक्ति कम से कम सदन को गुमराह न करे। हम तथ्यों को समाज के सामने रखते हैं। पीएम मोदी की सरकार संविधान के प्रति प्रतिबद्ध है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कहा गया है कि संविधान के विभिन्न मूल तत्वों को सभी पाठ्यपुस्तकों में लाया जाएगा। और मैं कांग्रेस पार्टी के इस निराधार झूठ की निंदा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि राहुल गांधी इस झूठ के लिए देश से माफी मांगेंगे।" एनसीईआरटी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों से प्रस्तावना को हटाने के आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है। एनसीईआरटी पहली बार भारतीय संविधान के विभिन्न पहलुओं- प्रस्तावना, मौलिक कर्तव्य, मौलिक अधिकार और राष्ट्रगान को बहुत महत्व दे रहा है। इन सभी को विभिन्न चरणों की विभिन्न पाठ्य पुस्तकों में रखा जा रहा है।" एनसीईआरटी में पाठ्यक्रम अध्ययन और विकास विभाग की प्रमुख प्रोफेसर रंजना अरोड़ा ने कहा कि यह समझ कि केवल प्रस्तावना ही संविधान और संवैधानिक मूल्यों को दर्शाती है, त्रुटिपूर्ण और संकीर्ण है। बच्चों को प्रस्तावना के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों, मौलिक अधिकारों और राष्ट्रगान से संवैधानिक मूल्य क्यों नहीं सीखने चाहिए? हम एनईपी-2020 के विजन का पालन करते हुए बच्चों के समग्र विकास के लिए इन सभी को समान महत्व देते हैं। recent visitors 94

राजस्थान में हरियाली तीज के अवसर पर एक ही दिन में प्रदेशभर में 1 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। हम ईश्वर का वास मानकर वृक्षों, नदियों और पहाड़ों को पूजते हैं। राज्य सरकार द्वारा भी इसी सोच के साथ आज हरियाली तीज के अवसर पर एक ही दिन में प्रदेशभर में 1 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। इन पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पौधों की जियो टैगिंग भी की जाएगी। हम सभी को इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए, ताकि हरियालो राजस्थान का निर्माण हो सके। शर्मा बुधवार को हरियाली तीज के अवसर पर दूदू के गाडोता में आयोजित 75वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव में उपस्थित जनसमूह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान वह धरा है, जहां मां अमृता देवी सहित 363 लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने जीवन का बलिदान किया था। पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता का यह एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पेड़ों के संरक्षण की दिशा में वन महोत्सव एक आशा की किरण के रूप में उभरा है। मानसून का यह समय वृक्षारोपण के लिए सबसे उपयुक्त है, क्योंकि इस समय लगाए गए पौधे शीघ्र बढ़ते हैं। एक पेड़ मां के नाम बना अब जनअभियान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा पर्यावरण दिवस के दिन ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान शुरू किया गया। यह उनका प्रकृति की सेवा और मां के प्रति सम्मान का अनुकरणीय भाव है। उन्होंने कहा कि यह अब जनअभियान बन गया है। हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर मां और धरती मां को सम्मान दे रहा है। उन्होंने आमजन से ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ लगाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा स्थानीय समुदायों, एनजीओ, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय निकायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2020 में नगर वन योजना की भी शुरूआत की गई। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को गति देने के लिए कर रही निरंतर काम शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी की पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा से राज्य सरकार ने इस वर्ष ‘‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान’’ प्रारम्भ कर 7 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया है। सरकार इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत आगामी 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। लगाये गये पौधों को पेड़ बनाने के लिए पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों, गैर सरकारी संस्थाओं, ग्राम पंचायतों, शहरी निकायों एवं आमजन को पौध उपलब्ध कराकर तकनीकी सहायता भी दी जा रही है, ताकि वृक्षारोपण को गति मिल सके। प्रत्येक जिले में होगी ‘मातृ वन’ की स्थापना आमजन की सहभागिता से स्मृति वन की तर्ज पर प्रत्येक जिले में ‘‘मातृ वन’’ की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि ‘‘मातृ वन’’ में विभिन्न प्रजातियों जैसे बड़, पीपल, गूलर, पिलखन, नेती पीपल, माखन कटोरी इत्यादि पौधे लगाये जाएंगे। वृक्ष प्रेमियों को ‘‘राज जिओ ट्री एप’’ के माध्यम से 51 लाख प्रशस्ति पत्र वितरित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौधों की देखरेख के लिए 2 हजार ‘वन मित्र’ लगाए जा रहे हैं, जिसके तहत इच्छुक सेवानिवृत्त कर्मचारी को संरक्षक के रूप में जिम्मेदारी दी जायेगी। मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक यू. आर. साहू, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यावरण अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय शिखर अग्रवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरिजीत बनर्जी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, उच्चाधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनसमूह उपस्थित रहा। recent visitors 211