जर्जर मकानों को चिन्हित कर इनके रहवासियों को पुनर्विस्थापित किया जाये, जर्जर मकानों को गिराने की कार्यवाही भी की जाये: कृष्णा गौर

भोपाल जर्जर मकानों को चिन्हित कर इनके रहवासियों को पुनर्विस्थापित (आवास की वैकल्पिक व्यवस्था) किया जाये। जर्जर मकानों को गिराने की कार्यवाही भी की जाये। उक्त निर्देश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने अधिकारियों को दिए। श्रीमती गौर गुरूवार को निवास कार्यालय पर एसडीएम गोविंदपुरा, तहसीलदार गोविंदपुरा, हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम, वीडीए, एमपीईबी और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने एसडीएम श्री रवि श्रीवास्तव से कहा कि वह अधिकारियों के दल के साथ गोविंदपुरा क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों के पुराने मकानों का सर्वें कर जर्जर मकानों को चिन्हित करें। चिन्हाकन के बाद इन मकानों में रहने वाले रहवासियों को पुनर्विस्थापित कर जर्जर मकानों को तकनीकी परीक्षण के आधार पर  गिराने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वर्षा काल में जर्जर मकानों के क्षतिग्रत होने से होने वाले नुकसान की अशांका को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई प्राथमिकता के साथ की जाये।   recent visitors 112

तमिलनाडु में त्योहार है जो वर्षा और नदियों की पूजा के लिए मनाया जाता, त्योहार के होर्डिंग पर लगाई मिया खलीफा की तस्वीर

कांचीपुरम तमिलनाडु के कांचीपुरम में एक मंदिर के होर्डिंग पर पोर्न स्टार मिया खलीफा की तस्वीर दिखाई देने से इंटरनेट यूजर्स हैरान हैं। यह होर्डिंग आदि त्योहार के मौके पर लगाया गया है, जो तमिलनाडु में एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो वर्षा और नदियों की पूजा के लिए मनाया जाता है। बता दें कि आदि त्योहार तमिलनाडु में एक भव्य तरीके से मनाया जाता है, खासकर मां अम्मन (पार्वती) के मंदिरों में। यह कई दिनों तक चलता है, इसमें लोग मां अम्मन की पूजा-अर्चना करते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं, और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। यह त्योहार तमिलनाडु की संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लोगों को एकता और उत्साह के साथ जोड़ता है। इस त्योहार पर लोग नदियों के किनारे पूजा-पाठ करते हैं और अपनी सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। कुरुविमलाई में नागाथम्मन और सेल्लियम्मन मंदिरों में आदि त्योहार को भव्य तरीके से मनाने के लिए बड़े-बड़े आयोजन करने की योजना बनाई गई थी। इसमें रंगीन लाइट्स, होर्डिंग्स लगाना और लोगों को आमंत्रित करना शामिल था। इस बीच एक होर्डिंग ने सभी का ध्यान खींचा, जिसमें मिया खलीफा की तस्वीर छपी हुई थी। यह होर्डिंग देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मिया खलीफा की तस्वीर का इस त्योहार से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में कांचीपुरम में एक मंदिर के होर्डिंग पर उनकी तस्वीर दिखाई देना लोगों को हैरान कर रहा है। मिया खलीफा की तस्वीर को इस तरह एडिट किया गया कि ऐसा लगे कि वह 'पाल कुदम' लिए हुए हैं। 'पाल कुदम' दक्षिण में दूध से भरे बर्तन को कहते हैं, जिसे त्योहार के दौरान देवताओं को अर्पित किया जाता है। यह पारंपरिक प्रसाद का हिस्सा है। होर्डिंग लगाने वाले लोगों ने यह भी सुनिश्चित किया कि उनकी तस्वीर भी होर्डिंग में दिखाई दे, जिसमें उनके नाम आधार कार्ड फॉर्मेट में हो। तस्वीर के वायरल होने के बाद मगराल पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने होर्डिंग को हटा दिया है। लेबनान की मूल निवासी मिया खलीफा अमेरिकी की जानी मानी पोर्न स्टार रही हैं। पूरी दुनिया में उनकी पोर्न फिल्म के लोग दीवाने भी हैं। मगर मिया खलीफा अब अमेरिकी नागरिक हैं और वो अमेरिका में ही रहती हैं। recent visitors 79

लोकसभा में अखिलेश यादव पर भड़के अमित शाह, अध्यक्ष के अधिकार सिर्फ अखिलेश जी विपक्ष का नहीं, हम सब का है

नई दिल्ली संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोकसभा में 'वक्फ (संशोधन) विधेयक-2024' पेश किया। इस दौरान सदन में विपक्षी पार्टियों ने एक सुर में इस बिल का विरोध करते हुए हंगामा किया। सदन की कार्यवाही के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। इस दौरान अमित शाह सपा मुखिया पर भी भड़कते हुए नजर आए। अखिलेश यादव ने वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करते हुए बोला, ''यह विधेयक बहुत सोची-समझी राजनीति के तहत हो रहा है। अगर आप एक जिलाधिकारी को सब ताकत दे देंगे, आपको पता है कि एक जगह पर जिलाधिकारी ने क्या किया था, उसकी वजह से आज और आने वाली पीढ़ी तक को सामना करना पड़ा। सच्चाई ये है कि भाजपा अपने हताश, निराश और चंद कट्टर समर्थकों के तुष्टिकरण के लिए ये बिल लाने का काम कर रही है। आज तो आपके हमारे अधिकार कट रहे हैं, याद कीजिए मैंने आपसे कहा था कि, आप लोकतंत्र के न्यायधीश हैं, मैंने सुना है इस लॉबी में कि कुछ अधिकार आपके भी छीनने जा रहे हैं। हम लोगों को आपके लिए (स्पीकर) लड़ना पड़ेगा। मैं इस बिल का विरोध करता हूं।" अखिलेश यादव के इस जवाब पर गृह मंत्री अमित शाह ने भड़कते हुए कहा, "अध्यक्ष के अधिकार सिर्फ अखिलेश जी विपक्ष का नहीं, हम सब का है। आप (अखिलेश) इस तरह की गोलमोल बातें नहीं कर सकते हैं। आप अध्यक्ष के अधिकार के सरंक्षक नहीं हो।" वहीं, वक्फ संशोधन बिल को लेकर यूपी में भी सियासत तेज हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''केंद्र व यूपी सरकार द्वारा मस्जिद, मदरसा, वक्फ आदि मामलों में जबरदस्ती की दखलंदाजी तथा मंदिर व मठ जैसे धार्मिक मामलों में अति-दिलचस्पी लेना संविधान व उसकी धर्मनिरपेक्षता के सिद्धान्त के विपरीत अर्थात ऐसी संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति क्या जरूरी? सरकार राष्ट्रधर्म निभाए। मंदिर-मस्जिद, जाति, धर्म व साम्प्रदायिक उन्माद आदि की आड़ में कांग्रेस व भाजपा आदि ने बहुत राजनीति कर ली और उसका चुनावी लाभ भी काफी उठा लिया, किन्तु अब देश में खत्म हो रहा आरक्षण व गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, पिछड़ापन आदि पर ध्यान केंद्रित करके सच्ची देशभक्ति साबित करने का समय।'' उन्होंने आगे लिखा, ''आज संसद में पेश वक्फ (संशोधन) विधेयक पर जिस प्रकार से इसको लेकर संदेह, आशंकाएं व आपत्तियां सामने आई हैं, उसके मद्देनजर इस बिल को बेहतर विचार के लिए सदन की स्थायी (स्टैंडिंग) समिति को भेजना उचित। ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार अगर जल्दबाजी न करे तो बेहतर।'' recent visitors 82

सीमित सामान के साथ भारत भाग आईं शेख हसीना ने की भारत में खरीदारी, 30 हजार रुपए का आया शॉपिंग बिल

ढाका बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना हाल ही में इस्तीफा देने के बाद भारत में शरण में हैं। सूत्रों के अनुसार, शेख हसीना वर्तमान में गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में ठहरी हुई हैं। बांग्लादेश की सेना ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए केवल 45 मिनट का समय दिया था, जिसके बाद उन्होंने जल्दबाजी में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपना इस्तीफा सौंपा और सीमित सामान के साथ भारत भाग आईं। उन्होंने अपने साथ सिर्फ 4 सूटकेस और 2 बैग ही लाए थे। वहीं अब शेख हसीना ने भारत में शरण लिए हुए 48 घंटे से अधिक का समय बिता लिया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में आराम किया है और भारतीय वायु सेना द्वारा मेहमाननवाजी का पूरा लाभ उठाया है। सेफ हाउस से बाहर निकलीं शेख हसीना मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शेख हसीना और उनकी बहन रिहाना बुधवार को पहली बार सेफ हाउस से बाहर आईं। उन्होंने गाजियाबाद में हिंडन एयरबेस के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में जाकर आवश्यक सामान और कपड़े खरीदे। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने कुल मिलाकर करीब 30 हजार रुपये की खरीदारी की। हालांकि, इस खरीदारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। सेफ हाउस से स्थानांतरित होने की संभावना वर्तमान में, शेख हसीना और उनकी बहन हिंडन एयरबेस के सेफ हाउस में ठहरी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह जल्द ही इस स्थान से किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो सकती हैं। हिंडन एयरबेस पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, और उनके भविष्य की योजना पर विचार किया जा रहा है। शॉपिंग के दौरान बांग्लादेशी मुद्रा का इस्तेमाल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब शेख हसीना और उनकी बहन रिहाना ने हिंडन एयरबेस के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में खरीदारी की, तो उन्होंने भारतीय रुपए में भुगतान किया। हालांकि, जब नोट कम पड़ गए, तो उन्होंने बाकी का भुगतान बांग्लादेशी करेंसी में किया। यह दर्शाता है कि वह अपनी मूल मुद्रा का भी उपयोग कर रही थीं। स्वास्थ्य की देखभाल और सुरक्षा शेख हसीना की स्वास्थ्य देखभाल के लिए एयरबेस पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। भारतीय वायु सेना की डॉक्टरों की टीम ने उनका रूटीन हेल्थ चेकअप किया, और उनका स्वास्थ्य पूरी तरह से सही बताया गया है। हालांकि, इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। सुरक्षा और सुरक्षा इंतजाम शेख हसीना की सुरक्षा में विशेष गरुण कमांडो तैनात किए गए हैं, और उनके चारों ओर सुरक्षा की दृष्टि से यातायात पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं। शेख हसीना और उनकी बहन रेहाना सोमवार शाम साढ़े पांच बजे हिंडन एयरबेस पहुंची थीं। इस मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी उनके साथ मुलाकात के लिए एयरबेस पहुंचे थे। भविष्य की योजनाओं पर असमंजस शेख हसीना के भारत में रहने की अवधि और उनके आगे के कदमों के बारे में कोई ठोस जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। उनकी भारत में स्थिति और भविष्य की योजना पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। recent visitors 125

आरबीआई के गवर्नर ने आज UPI को लेकर बड़ा फैसला लिया, UPI के जरिए टैक्स पेमेंट की सीमा में लिमिट बढ़ाई

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने आज UPI को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने आज रेपो रेट जैसे फैसलों के साथ कई बड़े फैसलों का ऐलान किया। UPI के जरिए टैक्स पेमेंट की सीमा में 4 लाख रुपए की बढ़ोतरी आरबीआई गवर्नर ने यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट की लिमिट 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी है यानी ऐसे हर ट्रांजेक्शन पर अब UPI के जरिए 5 लाख रुपए तक भेजे जा सकेंगे। फिलहाल यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट की लिमिट 1 लाख रुपए प्रति ट्रांजेक्शन है। इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपए प्रति ट्रांजेक्शन करने से आपको UPI के जरिए बड़े पेमेंट करने में आसानी होगी और समय बचेगा। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कुछ खास हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन को छोड़कर यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट लिमिट 1 लाख रुपए है जिसे बढ़ाने की मांग की जा रही थी और इस मांग को आरबीआई एमपीसी ने स्वीकार किया है। UPI के लिए एक और बड़ा फैसला आरबीआई ने यूपीआई के जरिए डेलिगेटेड पेमेंट्स की फैसिलिटी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। इसके तहत प्राइमरी यूजर को सेकेंडरी यूजर को यूपीआई ट्रांजेक्शन करने में आसानी होगी। एक तय लिमिट तक का ट्रांजेक्शन यूपीआई से हो सकता है और इसके लिए सेकेंडरी यूजर को अलग बैंक खाते की जरूरत नहीं होगी। UPI बन चुका है भारतीयों की आदत यूपीआई का फायदा रोजाना करोड़ों भारतीय उठा रहे हैं। यूपीआई के जरिए बड़ी आसानी से क्यूआर स्कैन करके या केवल फोन नंबर के जरिए लोग जगह-जगह पेमेंट कर पा रहे हैं। केवल स्कैनर या मोबाइल नंबर ही नहीं यूपीआई आईडी के जरिए भी बेहद आसानी से पैसा भेजा या मंगाया जा सकता है। लिहाजा टैक्स पेमेंट के ट्रांजेक्शन की पेमेंट लिमिट बढ़ाने का आरबीआई का फैसला आम लोगों को बड़ा फायदा दे सकता है। recent visitors 101

अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट ने आसिफ मर्चेंट को अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रचने का आरोप में हिरासत में लिया

वाशिंगटन अमेरिका के न्याय विभाग (FBI) ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश के मामले में बड़ा खुलासा किया है। FBI ने मंगलवार को  ईरान से संबंध रखने वाले पाकिस्तानी व्यक्ति ने अमेरिकी धरती पर राजनीतिक हत्याओं को अंजाम देने की साजिश का आरोप लगाया है। आसिफ मर्चेंट का नाम हाल ही में एक बड़े विवाद में उभर कर सामने आया है, जिसने अमेरिकी सरकार को हिला कर रख दिया है। इस मामले में उनके ईरान से जुड़े तार भी सामने आए हैं। अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट ने आसिफ मर्चेंट को अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रचने का आरोप में हिरासत में लिया है। इसे ट्रंप से भी जोड़कर देखा जा रहा है। CNN ने अदालती दस्तावेज के हवाले से बताया है कि 46 साल के आसिफ मर्चेंट ने 2020 में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रची। मर्चेंट के बारे में दावा किया गया है कि वो अमेरिका जाने से पहले वह कई दिनों तक ईरान में रहा। वह इसी साल अप्रैल में अपने प्लान को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान से अमेरिका पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद उसने न्यूयॉर्क में एक हत्यारे को हायर करने की कोशिश की। एक अज्ञात शख्स ने पुलिस को मर्चेंट के बारे में सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। अमेरिका की फेडरल कोर्ट ने 16 जुलाई को उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। 13 जुलाई को पेन्सिल्वेनिया के बटलर शहर में एक रैली को संबोधित करते वक्त ट्रंप पर हमला हुआ था। इसके बाद  पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति को मारने के लिए ईरान में साजिश रची जा रही थी। हालांकि, ट्रंप पर रैली में जो हमला हुआ उसका ईरान से कोई कनेक्शन है या नहीं इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।  अगर ईरान कभी भी उनकी हत्या करने में कामयाब होता है तो उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका उसे खत्म कर देगा। उसे दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाएगा। BBC के मुताबिक FBI के डायरेक्टर क्रिस्टोफर रे ने कहा मर्चेंट एक खतरनाक हत्या की साजिश रच रहा था, जिसे नाकाम कर दिया गया। रे ने कहा कि मर्चेंट का ईरान से सीधा कनेक्शन है। उसे ईरान ने ही अमेरिकी नेताओं की हत्या करने के लिए भेजा था। रिपोर्ट के मुताबिक अदालत के दस्तावेज में यह नहीं बताया गया है कि किसकी हत्या की नाकाम साजिश रची गई, लेकिन अमेरिकी अधिकारी इसे ट्रंप से जोड़कर देख रहे हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद अमेरिकी सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ा दी है।  ईरान ने पिछले साल भी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को मारने की धमकी दी थी। ईरान के रिवॉल्यूश्नरी गार्ड एयरोस्पेस फोर्स के हेड अमीराली हाजीजादेह ने कहा था कि ईश्वर ने चाहा तो हम ट्रम्प को जरूर मारेंगे। हम उन सभी मिलिट्री कमांडर को मारना चाहते हैं, जो ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या में शामिल थे। दरअसल, 3 जनवरी 2020 को तब के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर उनकी सेना और CIA ने मिलकर ईरानी विशेष सेना के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी को मार दिया था। जनरल कासिम इराक और सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ने के लिए चर्चित थे। recent visitors 91

बांग्लादेश में भारतीय दूतावास ने तेजी से बदल रहे हालात के बीच बड़ा कदम उठाया, वीजा केंद्र किए बंद

नई दिल्ली बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ने के बाद  हिंसक घटनाएं और बढ़ गई हैं। देश में हिंदू मंदिरों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की जा रही है। यही नहीं राजधानी ढाका, चटगांव और कुलना समेत अन्य क्षेत्रों में हिंदुओं को निशाना बनाया  जा रहा है। महिलाओं पर भी हमले हुए है। इस बीच बांग्लादेश में भारतीय दूतावास ने तेजी से बदल रहे हालात के बीच बड़ा कदम उठाया  है। भारत ने बांग्लादेश में एंबेसी का वीजा सेंटर अगले ऑर्डर तक बंद कर दिया ।  हिंसा को देखते हुए भारतीय दूतावास की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, भारतीय वीज़ा आवेदन केंद्र (IVAC) ने घोषणा की है कि सभी केंद्र 'अस्थिर स्थिति' के कारण अनिश्चित काल तक बंद रहेंगे, क्योंकि कई सप्ताह तक चले घातक विरोध प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटा दिया गया और अंतरिम सरकार का गठन हुआ, जो आज होने की संभावना है। IVAC बांग्लादेश के ऑनलाइन पोर्टल पर एक बयान में कहा गया है, "अस्थिर स्थिति के कारण सभी IVAC अगली सूचना तक बंद रहेंगे। अगली आवेदन तिथि एसएमएस के माध्यम से सूचित की जाएगी और अनुरोध है कि पासपोर्ट अगले कार्य दिवस पर प्राप्त करें।" भारत ने बांग्लादेश के भारतीय उच्चायोग और चटगाँव, राजशाही, खुलना और सिलहट में वाणिज्य दूतावासों में अपनी राजनयिक उपस्थिति कम कर दी है और हिंसा प्रभावित देश से गैर-आवश्यक कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस बुला लिया है। हालाँकि, भारतीय उच्चायोग अभी भी कार्यरत है और वरिष्ठ राजनयिक और आवश्यक कर्मचारी देश में बने हुए हैं।बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू में सरकारी नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ थे, लेकिन हसीना की 'रजाकार' टिप्पणी और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कठोर कार्रवाई के बाद जल्द ही यह आवामी लीग सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन में बदल गया। बता दें कि, किसी भी देश के साथ बेहतर राजनयिक संबंध स्थापित करने में दूतावास की अहम भूमिका होती है।  जानकारी के अनुसार  एंबेसी दूसरे देशों में रहने वाले अपने नागरिकों की सहायता करती है। दुनिया के कम से कम 121 देशों में भारत के दूतावास हैं, इसके अलावा बड़ी संख्या में कई देशों में भारत ने अपने वाणिज्य दूतावास भी खोले हैं। इन्हीं दूतावासों के जरिए विदेश से भारत यात्रा करने के इच्छुक विदेशी नागरिकों को वीजा आदि जारी किया जाता है। राजनयिक के साथ ही वाणिज्य संबंध स्थापित करने में भी इनकी अहम भूमिका होती है। जानकारी के अनुसार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस बृहस्पतिवार  को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ लेंगे। अधिकारी कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण करने में जुटे हैं। शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद देश के सुरक्षा महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है। सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने बुधवार को घोषणा की थी कि अंतरिम सरकार बृहस्पतिवार को रात करीब आठ बजे शपथ लेगी। उन्होंने कहा था कि सलाहकार परिषद में 15 सदस्य हो सकते हैं। जनरल जमां ने कहा था सेना यूनुस को हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे। recent visitors 67