निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन से लेकर बूथ प्रबंधन तक का काम देखने के लिए अलग से टीम बनाईगी कांग्रेस

भोपाल विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन नहीं हुआ तो प्रदेश में नगरीय निकायों के चुनाव 2027 में होंगे। कांग्रेस ने इसकी तैयारी अभी से प्रारंभ की है। प्रत्याशी चयन से लेकर बूथ प्रबंधन तक का काम देखने के लिए अलग से टीम बनाई जा रही है। इसमें उन नेताओं को रखा जाएगा, जिन्हें चुनाव लड़ाने का अनुभव है। जिला और ब्लाॅक कांग्रेस इकाई की प्रत्याशी चयन में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पार्टी का प्रयास है कि स्थानीय और जातीय समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी चयन का काम एक वर्ष पूर्व पूरा कर लिया जाए ताकि संबंधित को काम करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाए। वर्ष 2022 में हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने लंबे समय बाद बेहतर प्रदर्शन करते हुए पांच नगर निगम में जीत दर्ज की थी। ग्वालियर, मुरैना, रीवा, छिंदवाड़ा और जबलपुर में कांग्रेस के महापौर बने थे। इसी तरह नगर पालिका और नगर परिषद में भी पार्षद बने थे। कालांतर में विभिन्न कारणों से जबलपुर, छिंदवाड़ा और मुरैना महापौर का पार्टी से मोहभंग हुआ और उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली। छिंदवाड़ा के महापौर विक्रम अहाके को लेकर असमंजस आज भी बना हुआ है क्योंकि वह लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल हो गए थे और कुछ दिनों बाद फिर वापसी का दावा किया गया। पार्टी के अच्छे प्रदर्शन का बड़ा कारण नए चेहरों पर दांव लगाना और समय से पहले प्रत्याशी को लेकर स्थिति स्पष्ट कर देना था। यही काम 2027 में होने वाले निकाय चुनाव के लिए भी अभी से किया जा रहा है। इसके लिए अलग से पूरी टीम बनाई जा रही है, जिसका काम केवल निकाय चुनाव पर फोकस करना रहेगा। प्रत्याशी चयन से लेकर चुनाव प्रबंधन तक में इसकी भूमिका निर्णायक रहेगी। सूत्रों का कहना है कि प्रत्याशी चयन में इस बार जिला और ब्लाक इकाइयों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सर्वे में जिनका नाम प्रमुखता से सामने आएगा, उन पर स्थानीय इकाइयों के अध्यक्षों की राय ली जाएगी। यदि सहमति बनती है तो फिर जिला प्रभारी के माध्यम से प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को अंतिम निर्णय के लिए भेजा जाएगा। recent visitors 34

केन्द्रीय भू-जल बोर्ड की टीम ने किया सर्वे, रिपोर्ट के आधार पर बनाए जाएंगे जल स्रोतों के रिचार्ज

भोपाल केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री राकेश सिंह के नेतृत्व में भू-जल विशेषज्ञों की टीम ने विदिशा जिले के जल स्रोतों का सर्वे किया है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इस तरह के सर्वे प्रदेश भर में कराए जाएंगे। इनकी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जल स्रोतों के रिचार्ज के लिए संरचनाएं बनाई जाएंगी। इस कार्रवाई को मानसून के सक्रिय होने से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। जल गंगा अभियान के अंतर्गत प्रदेश की एकल नल जल योजनाओं के स्रोतों के स्थायित्व और निरंतरता के लिए रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण किया जाना है। गांवों में रिचार्ज संरचनाओं के लिए स्थल चयन की सरल और सहज विधि आवश्यक है। इसके लिए प्रथम चरण में विदिशा जिले के तीन गांवों का चयन किया गया है। इनमें विदिशा विकासखंड का लालाखेड़ी, ग्यारसपुर विकासखंड के सिमरहार और मूडरा गणेशपुर शामिल हैं। सर्वे के लिए वैज्ञानिक श्री सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की भू-जल विद सलाहकार डॉ. स्वाति जैन ने जनपद पंचायत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के इंजीनियर्स को प्रशिक्षण दिया। गांवों में खनित नलकूपों का वास्तविक सर्वेक्षण कर उनकी गहराई, जलस्तर, केसिंग की जानकारी एकत्रित की गई। ग्रामीणों को रिचार्ज संरचनाओं की उपयोगिता समझाई गई। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से रिचार्ज का मापदंड, वर्षा जल का प्रभावी रूप से रिचार्ज होना और प्रदूषण रहित जल से भू-जल पुनर्भरण किये जाने के बारे में बताया गया। वैज्ञानिक श्री सिंह ने बताया कि गांव के ढलान के अनुसार पानी को दिशा देकर 3-3 मीटर के फिल्टर के माध्यम से नलकूपों में पुनर्भरण किया जा सकता है। चौपड़ा मंदिर स्थित भैरूगढ़ बावड़ी की सफाई देवास जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। अभियान जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए गुड़ी पड़वा से प्रारंभ हुआ ये अभियान गंगा दशहरा 30 जून 2025 तक जारी रहेगा। अभियान में जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम देवास की टीम ने जन भागीदारी के साथ चौपड़ा मंदिर स्थित भैरूगढ़ बावड़ी 947 श्रमदान कर साफ-सफाई की। शहडोल के गांव-गांव में श्रमदान से जल संरक्षण जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत शहडोल में ‘आओ बचाएं जल, करे सुरक्षित कल’, ‘पानी बचाओ कल के लिये’, और ‘पानी की बर्बादी जीवन की बर्बादी’ जैसे स्लोगन्स के साथ जल संरक्षण के लिये जनप्रतिनिधियों, जन अभियान परिषद के सदस्यों, समाजसेवी और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से जल संग्रहण संरचनाओं के जीर्णोद्धार, नदी नालों की सफाई, बोरी बंधान और तालाबों का गहरीकरण जैसे जल संरक्षण के अनेक कार्य निरंतर किये जा रहे है। अभियान के अंतर्गत शहडोल के सुमन सरोवर और पोनांग तालाब की साफ-सफाई की गई। ईच्छापुर की प्राचीन शिव पावबावड़ी में स्वच्छता अभियान बुरहानपुर में जन अभियान परिषद ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण के ईच्छापुर गांव में सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के सहयोग से शिव पावबावड़ी पर स्वच्छता अभियान संचालित किया। बावड़ी की साफ-सफाई के साथ ही विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलवाई गई।   recent visitors 33

2024-25 में अधोसंरचना विकास का नया अध्याय – 5,500 किमी सड़कें बनीं, 6,400 करोड़ का निवेश

भोपाल मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास का स्वरूप अब केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी परिवर्तन की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के मूलमंत्र के साथ सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितकारी अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है। राज्य का विशाल सड़क नेटवर्क प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के अधीन 80,775 किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क है। इसमें 9,315 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग, 11,389 किमी राज्य राजमार्ग, 25,639 किमी मुख्य जिला मार्ग और 34,432 किमी अन्य जिला मार्ग शामिल हैं। यह नेटवर्क प्रदेश के ग्रामीण, शहरी, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को जोड़ने का कार्य कर रहा है। विगत एक वर्ष में हुआ अभूतपूर्व निर्माण कार्य विगत एक वर्ष से अधिक लगभग 14 महीनों में 6,400 करोड़ रुपये की लागत से 5,500 किमी सड़कों का निर्माण एवं सशक्तिकरण, 345 करोड़ रुपये से 1,500 किमी का डामरीकरण तथा 2,000 करोड़ रुपये से 110 पुलों और एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 22,500 करोड़ रुपये की लागत से 10,000 किमी सड़कों और 10,463 करोड़ रुपये से 474 पुलों एवं फ्लाईओवर पर निर्माण कार्य जारी है। शहरी विकास और बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में 6 प्रमुख कॉरिडोर परियोजनाएं – नर्मदा प्रगतिपथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ कॉरिडोर, अटल प्रगति पथ, बुंदेलखंड कॉरिडोर और मध्य भारत विकास पथ प्रारंभ की गई हैं। ये पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ेंगी। राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण और नया समझौता प्रदेश के लगभग सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को 4 लेन में परिवर्तित करने की योजना में अब तक 4,740 किमी मार्गों को 4 लेन में बदला जा चुका है। शेष 3,050 किमी पर कार्य जारी है। मध्यप्रदेश शासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बीच 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से 4,010 किमी लंबाई की 22 नई सड़क परियोजनाओं हेतु ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इसमें इंदौर-भोपाल, भोपाल-जबलपुर हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, लखनऊ-रायपुर एक्सप्रेसवे, आगरा-ग्वालियर, उज्जैन-झालावाड़, सतना-चित्रकूट और रीवा-सीधी जैसे महत्त्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। महाकुंभ-2028 और रोपवे परियोजनाएं उज्जैन महाकुंभ-2028 को ध्यान में रखते हुए इंदौर-उज्जैन मार्ग का 6 लेन में चौड़ीकरण तथा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का कार्य तेज़ी से चल रहा है। यह प्रदेश का पहला पूर्ण ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे होगा।साथ ही उज्जैन के महाकाल मंदिर, सागर के नट निकेतन, जबलपुर के गुरुद्वारा और बलदेव बाग में रोपवे परियोजनाएं भी भारत सरकार के सहयोग से प्रारंभ की गई हैं। तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता नियंत्रण गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फुल डेप्थ रिक्लेमेशन, व्हाइट टॉपिंग और माइक्रो सर्फेसिंग जैसी नवीन तकनीकों को अपनाया गया है। निरीक्षण प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली, गुप्त कोडिंग और सैंपलिंग प्रक्रिया लागू की गई है। पिछले 2 महीनों में 21 जिलों में 104 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। इसमें दोषियों पर कार्रवाई की गई और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। डिजिटल समाधान: लोकपथ ऐप और निगरानी तंत्र लोक निर्माण विभाग ने तकनीकी उन्नयन के तहत “लोक पथ” मोबाइल ऐप, सार्थक ऐप, इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम और पीएम गति शक्ति पोर्टल को लागू कर निगरानी और शिकायत निवारण प्रक्रिया को सशक्त किया है। गौरतलब है कि लोकपथ ऐप का उल्लेख ‘कौन बनेगा करोड़पति’ जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भी हुआ है। मानव संसाधन विकास और नीति निर्माण प्रदेश के 1,750 इंजीनियरों का कौशल विश्लेषण कर उनके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। साथ ही दीर्घकालिक रोड नेटवर्क मास्टर प्लान एवं रोड सेक्टर पॉलिसी का निर्माण भी प्रगति पर है। हरियाली और जल संरक्षण की दिशा में पहल पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वृक्षों को काटने की बजाय स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके साथ ही ‘ग्राउंड वॉटर रिचार्ज बोर’ और ‘लोक कल्याण सरोवर’ जैसी योजनाएं जल संरक्षण के उद्देश्य से लागू की गई हैं। प्रदेश नवाचार की नींव पर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर प्रदेश में अधोसंरचना विकास अब केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि का आधार बन गया है। “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के ध्येय वाक्य को साकार करते हुए लोक निर्माण विभाग प्रदेशवासियों को बेहतर भविष्य की ओर ले जा रहा है।   recent visitors 30

पार्किंग शुरू होने से स्थानीय लोगों व मार्केट के दुकानदारों ने राहत की सांस ली, छह माह बाद फिर से शुरू हुई पार्किंग

नई दिल्ली कृष्णा नगर इलाके में छह माह बाद फिर से दिल्ली नगर निगम की बहुमंजिला पार्किंग शुरू हो गई है। दमकल विभाग की एनओसी मिलने के बाद इसको शुरू किया गया है। पार्किंग शुरू होने से स्थानीय लोगों व मार्केट के दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। पार्किंग के बंद होने से लोग सड़कों पर वाहनों को पार्क कर रहे थे। जिससे क्षेत्र में जाम की समस्या बनी हुई थी। पार्किंग में अभी लाइट की व्यवस्था नहीं है, पार्किग ठेकेदार ने बिजली के मीटर के लिए बीएसईएस में आवेदन किया हुआ है। कार मालिकों से एक माह का किराया दो हजार रुपये लिया जा रहा है। पार्किंग में 250 गाड़ियों के खड़े होने की जगह है। यह निगम की यमुनापार में एकमात्र बहुमंजिला पार्किंग है। गत 31 अक्टूबर को पार्किंग संचालक की ठेका अवधि पूरी हो गई थी। निगम ने समय रहते इसकी फायर एनओसी नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था। एनओसी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को फिर से पार्किंग शुरू कर दी गई है। जोन चेयरमैन संदीप कपूर ने बताया कि पार्किंग में आग बुझाने के उपकरण लगे हुए हैं। जैसे की फायर अलार्म, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम, इंटर्नल हाइड्रेंट, यार्ड हाइड्रेंट में कमी थी। जिस वजह से एनओसी मिल नहीं पा रही थी। चेयरमैन ने स्थानीय लोगों से कहा कि पार्किंग शुरू हो गई है। लोग सड़कों की जगह पार्किंग में अपना वाहन खड़ा करें। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्किंग के बंद होने से वह काफी समस्या का सामना कर रहे थे। क्षेत्र में कोई दूसरी ऐसी पार्किंग नहीं है, जहां वह अपना वाहन खड़ा कर सकें। बहुमंजिला पार्किंग शुरू होने से क्षेत्र में यातायात की समस्या दूर होगी। कृष्णा नगर मार्केट में सामान खरीदने के लिए आने वाले वाहन चालकों को भी पार्किंग के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। recent visitors 48

भोजपुरी अभिनेता, गायक और बीजेपी संसद मनोज तिवारी ने अनोखे अंदाज में सेना को सम्मान देने का फैसला किया

मुंबई भोजपुरी अभिनेता, गायक और भारतीय जनता पार्टी से सांसद मनोज तिवारी ने अनोखे अंदाज में सेना को सम्मान देने का फैसला किया है। सोशल मीडिया पर पोस्टर को शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों के शानदार काम को सम्मानित करते हुए हम ‘सिंदूर की ललकार’ गाना जारी करेंगे। इंस्टाग्राम हैंडल पर मनोज तिवारी ने अपकमिंग गाने के पोस्ट को शेयर करते हुए बताया कि यह जल्द ही उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर आने वाला है। उन्होंने जानकारी देते हुए कैप्शन में लिखा, “‘सिंदूर‘ की ललकार’ जल्द ही मृदुल मंथन के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर रिलीज होगी।” उन्होंने आगे बताया, “यह गाना हमारी भारतीय सेना को समर्पित है और ऑपरेशन सिंदूर के तहत उनके प्रेरणादायक कार्यों पर आधारित है। जय हिंद।” इससे पहले शुक्रवार को मनोज ने इंस्टाग्राम पर भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ एक पोस्ट शेयर कर गाने के बारे में जानकारी साझा की थी। मनोज तिवारी से पहले भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह ने देशभक्ति की भावना से भरपूर एक नए गाने का ऐलान किया था, जिसे उन्होंने 11 मई को रिलीज किया था। इस गाने का नाम 'सिंदूर' है। यह गाना 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय सेना द्वारा दिखाई गई वीरता को समर्पित है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए गत 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में भारतीय सेना ने आतंकवादियों के नौ ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया। गाने की शुरुआत में एक आतंकवादी को देखा जा सकता है जो छुट्टियां मना रहे एक परिवार को दूरबीन से देखता है और अपने झुंड के साथ आगे बढ़ता है। इसके बाद लाशें और उनके पास चीखती-चिल्लाती, रोती हुई औरतें दिखाई जाती हैं। इस मंजर को पहलगाम आतंकी हमले से जोड़कर दिखाया गया है। गाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को भी शामिल किया गया, जिसे पवन सिंह टीवी पर सुनते हुए नजर आते हैं। प्रधानमंत्री कह रहे हैं, ''साथियों, इस आतंकी हमले में, किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना भाई खोया, किसी ने अपना जीवन साथी खोया।'' इसके बाद दर्दनाक संगीत के साथ गाना शुरू होता है। पवन सिंह ने गाने में अपनी आवाज से जलवा बिखेरा है। गाने को किशोर दुलरुआ ने लिखा और कम्पोज किया है। गौतम यादव ने बेहतरीन म्यूजिक दिया है। इसे बर्दर म्यूजिक स्टूडियो के बैनर तले रिलीज किया गया है। गाने को पवन सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल 'पवन सिंह ऑफिशियल' पर रिलीज किया है। recent visitors 43

कैंटीन में श्रमिकों को पांच से 10 रुपये में मिले चाय, नाश्ता और भोजन, परिवार को बीमा सुरक्षा: सीएम योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति तभी संभव है जब श्रम कानूनों को प्रो-इंडस्ट्री और प्रो-श्रमिक दोनों दृष्टियों से संतुलित बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रम कानूनों का सरलीकरण इस प्रकार किया जाए जिससे उद्योगों को सुविधा मिले, लेकिन यह भी सुनिश्चित हो कि श्रमिकों के शोषण या उनके साथ अमानवीय व्यवहार की कोई संभावना न रहे। सीएम योगी शुक्रवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रमिक और उद्योगपति एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि प्रतिस्पर्धी। सीएम योगी ने इस दौरान श्रमिकों और उनके परिवार को बीमा सुरक्षा दिए जाने का अफसरों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाथ को काम देने के लिए हमें उद्योगों को सशक्त करना होगा। उद्योग बंद कर किसी को रोजगार नहीं दिया जा सकता, बल्कि उद्योगों का विस्तार ही अधिकाधिक रोजगार सृजन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को सुरक्षा मिले, इसके लिए उन्हें सम्मानजनक मानदेय और बीमा सुरक्षा कवच देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा श्रमिक-हितैषी और उद्योग समर्थ राज्य बनकर उभरे। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आजादी के बाद से 2016 तक प्रदेश में 13,809 कारखाने पंजीकृत थे, जबकि पिछले 9 वर्षों में 13,644 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। यह 99% की वृद्धि है। अधिकारियों ने आगे बताया कि भारत सरकार के बीआरएपी रिकमेंडेशन के क्रियान्वयन में श्रम विभाग को अचीवर स्टेट का दर्जा प्राप्त हुआ है। इन उपलब्धियों की मुख्यमंत्री ने सराहना करते हुए इसे अभूतपूर्व बताया। बाल श्रमिकों के पुनर्वास को दें गति मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल श्रमिकों को केवल आजीविका से नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और स्पॉन्सर्ड स्कीम्स से जोड़ते हुए उनके पुनर्वासन की दिशा में तीव्र गति से कार्य किया जाए। यह न केवल सामाजिक दायित्व है बल्कि भावी पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देने का दायित्व भी है। मॉडल के तौर श्रमिक अड्डों को करें विकसित मुख्यमंत्री ने श्रमिक अड्डों को मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, जहां डोरमेट्री, शौचालय, पेयजल, कैंटीन और ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि कैंटीन में श्रमिकों को 5-10 रुपये में चाय, नाश्ता और भोजन मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराकर न्यूनतम मानदेय की गारंटी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह असंगठित कार्यबल को संगठित श्रम शक्ति में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। विदेश में रोजगार के लिए भाषायी प्रशिक्षण अनिवार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में रोजगार हेतु जाने वाले निर्माण श्रमिकों को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए, बल्कि गंतव्य देश की भाषा का भी प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। यह उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है। निजी अस्पतालों को भी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ें मुख्यमंत्री ने निर्देशित करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर निजी अस्पतालों को सीएसआईसी और ईएसआईएस से जोड़ा जाए। इससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। अटल आवासीय विद्यालय बनें गुणवत्ता का प्रतीक मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अटल आवासीय विद्यालय को देशभर में मॉडल के रूप में उभरे हैं। उन्होंने अधिकारियों को इनकी निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त 5,97,625 आवेदनों में से 5,90,881 को एनओसी दी जा चुकी है। शेष शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।   recent visitors 55

नए गठित जिले मऊगंज में पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया

मऊगंज  मध्यप्रदेश के नए गठित जिले मऊगंज में पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। जिसके लिए कई पुलिस चौंकियों को थाने में तब्दील करने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। साथ ही कई नई चौकियां भी बनाने का प्रस्ताव है।  दरअसल, मऊगंज के जिला बनने के बाद से यहां पर पुलिस पिटाई कांड, शिखा कांड, गड़रा कांड, देवरा दंगा कांड जैसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। जिसके सरकार लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए कलेक्टर और एसपी की नियुक्ति की है। साथ ही पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त बल भी मांगा गया है। नए थानों और पुलिस चौकियों की स्थापना से अपराधों पर शिकंजा कस सकेगा। इन चौकियों को थाने में तब्दील करने का प्रस्ताव पिपराही, खटखरी, भीर और हाटा पुलिस चौकियों को थानों में तब्दील करने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। साथ ही सीतापुर, बहेराडाबर, जड़कुड, पहाड़ी और बहुती में नई पुलिस चौकियां बनाई जाएंगे। इसके अलावा एसएफ की बटालियन भी मांगी गई है। सीएम मोहन यादव कर सकते हैं बड़ी घोषणाएं सीएम डॉ मोहन यादव मई के अंत में देवतालाब में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह थाना, चौकी और बटालियन जैसी कई योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं। recent visitors 45