भारत ने WHO में पाकिस्तान को कड़ा जवाब देते हुए आतंकवाद को बढ़ावा देने में उसकी भूमिका को उजागर किया

नई दिल्ली आतंकवाद से पीड़ित होने का दावा कर रहे पाकिस्तान को भारत ने WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन में जमकर सुनाया। भारत ने पड़ोसी मुल्क को पाकिस्तान का 'जन्म देने वाला' बताया है। साथ ही कहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद से पीड़ित होने का दिखावा नहीं कर सकता। जवाब दे रहीं IFS यानी भारतीय विदेश सेवा अधिकारी अनुपमा सिंह का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्या बोला भारत भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह ने कहा, 'हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद के प्रायोजक और आयोजक पाकिस्तान की धरती से काम करते हैं। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। जो सटीक था और पाकिस्तान के अंदर बने आतंकवादी ढांचे को निशाना बना रहा था।' उन्होंने यह भी कहा, 'पाकिस्तान सिंधु जल समझौते को लेकर भी झूठी कहानियां गढ़ रहा है और मामले को उलझाने की कोशिश कर रहा है।' सिंह ने कहा, 'हमने यह सुनिश्चित करने के लिए भी उपाय किए हैं कि कोई आम नागरिक निशाना ना बने और ना ही घायल हो और सिर्फ पाकिस्तान से प्रशिक्षण हासिल किए आतंकवादी और उनके ठिकाने निशाना बनें।' उन्होंने कहा, ‘एक देश जो आतंकवाद को जन्म देता है, वो पीड़ितों की तरह दिखावा नहीं कर सकता।’ अनुपमा सिंह ने आगे कहा, "हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद के प्रायोजक और आयोजक पाकिस्तानी धरती से काम करते हैं।" इसके जवाब में, भारत ने "ऑपरेशन सिंदूर" शुरू किया। यह ऑपरेशन सटीक था और पाकिस्तान के अंदर आतंकवाद के बुनियादी ढांचे पर केंद्रित था। भारत ने संयम बरतते हुए कहा, "हमने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए कि उनके नागरिकों को निशाना न बनाया जाए और उन्हें नुकसान न पहुंचे। हमने सिर्फ पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकवादियों और उनके ठिकानों को निशाना बनाया।" कौन हैं अनुपमा सिंह अनुपमा सिंह 9 सालों से IFS में हैं और इससे पहले वह साल 2012 से लेकर 2014 तक KPMG कंपनी में थीं। उन्होंने कंपनी ने कंसल्टेंट के तौर पर शुरुआत की थी और बाद में सीनियर कंसल्टेंट बनीं। उन्होंने साल 2014 में लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन से ट्रेनिंग पूरी की। वह साल 2008 से 2011 तक CFA प्रोग्राम में भी शामिल रहीं। सिंह ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से फाइनेंस में MBA किया है और कॉरपोरेट फाइनेंस, वेल्युएशन और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में महारत हासिल है। खास बात है कि उन्होंने MANIT यानी मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से बीटेक की डिग्री भी हासिल की है। recent visitors 70

मीटिंग के दौरान ट्रंप ने अचानक ही रामफोसा को नस्लवाद के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया फिर वह हुआ …….

वाशिंगटन व्हाइट हाउस में एक बार फिर इतिहास दोहराया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से भिड़ गए. दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच ठीक वैसी ही तीखी बहस हुई, जैसे कुछ महीने पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और ट्रंप के बीच देखने को मिली थी. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा 19 मई को वॉशिंगटन पहुंचे थे. उनकी इस यात्रा का मकसद अफ्रीका और अमेरिका के संबंधों में नई जान फूंकना है. लेकिन व्हाइट हाउस में इस मीटिंग के दौरान ट्रंप ने अचानक ही रामफोसा को नस्लवाद के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया. ट्रंप ने सिरिल रामफोसा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में दक्षिण अफ्रीका में श्वेत किसानों का नरसंहार हो रहा है और आप तमाशबीन बने हुए हैं. इस आरोप को जैसे ही रामफोसा ने खारिज करना शुरू किया. ट्रंप ने बिग स्क्रीन पर एक वीडियो दिखाया. इस  वीडियो में दावा किया गया कि दक्षिण अफ्रीका में हजारों श्वेत किसानों की हत्या की गई है. इस दौरान ट्रंप ने मीडिया में छपे कुछ लेख की कॉपी भी सिरिल रामफोसा को दिखाई, जिसमें अफ्रीका में श्वेत किसानों के नरसंहार का दावा किया गया है. रामफोसा को ये कॉपी दिखाते हुए ट्रंप ने जोर देकर कहा Death, Death… इससे माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया. रामफोसा ने ट्रंप को नेल्सन मंडेला की याद दिलाई… ट्रंप के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सिरिल रामफोसा ने कहा कि अफ्रीका में हिंसा बढ़ी है और सभी जातियां और वर्ग इससे जूझ रहे हैं. इन हिंसा में मारे गए लोग सिर्फ श्वेत नहीं है बल्कि अश्वेत भी मारे जा रहे हैं. श्वेतों से ज्यादा अश्वेत लोगों की हत्याएं हुई हैं. रामफोसा ने कहा कि मैंने पहले कभी यह वीडियो नहीं देखा है. हम इसकी प्रमाणिकता का पता लगाएंगे कि वीडियो कहां का है. हमारे देश में अपराध है और इससे सभी प्रभावित हैं फिर चाहे वह श्वेत हो या अश्वेत. मेरी अमेरिकी यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर करना था, जो 1994 में रंगभेद युग के बाद से निचले स्तर पर हैं. इस दौरान रामफोसा ने ट्रंप को कतर की सरकार से गिफ्ट में मिले रॉयल प्लेन पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद दूर करने की कोशिश कर रही है. हालांकि, मुझे दुख है कि मेरे पास आपको देने के लिए विमान नहीं है, जिस पर ट्रंप ने कहा कि काश आपके पास होता. बता दें कि ट्रंप के कतर दौरे के दौरान अमेरिका को कतर सरकार की ओर से 3400 करोड़ रुपये का लग्जरी प्लेन गिफ्ट किया गया था. बता दें कि फरवरी महीने में ही ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका को दी जाने वाली सहायता रोकने की घोषणा की थी, जिसका कारण उन्होंने वहां श्वेत लोगों के खिलाफ कथित उत्पीड़न और भूमि अधिग्रहण की नीतियों को बताया था. रामाफोसा ने इसका जवाब देते हुए ट्रंप से दक्षिण अफ्रीका के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने को कहा था. बता दें कि इस साल 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह दूसरा मौका है, जब उनकी व्हाइट हाउस में किसी देश के राष्ट्रपति के साथ बहस हुई. इससे पहले 28 फरवरी को ट्रंप की यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ यूक्रेन जंग पर व्हाइट हाउस में तीखी बहस हुई थी.   recent visitors 67

करमदा शिविर में 1786 हितग्राही योजनाओं से हुए लाभान्वित

लोगों की समस्या सुनने व निराकरण करने का माध्यम है समाधान शिविर – राजस्व मंत्री वर्मा राजस्व मंत्री वर्मा बोले लोगों की समस्या सुनने व निराकरण करने का माध्यम है समाधान शिविर करमदा शिविर में 1786 हितग्राही योजनाओं से हुए लाभान्वित रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गांव एवं शहरी क्षेत्रों में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है इसी क्रम में बलौदाबाजार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करमदा में बुधवार क़ो आयोजित समाधान शिविर में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 1786 हितग्राहियों क़ो लाभान्वित किया गया।  शिविर में 10 ग्राम पंचायतों के लोग शामिल हुए। कुल प्राप्त 2298 आवेदनों में 2276 मांग एवं 22 शिकायत से सम्बधित थे। राजस्व मंत्री वर्मा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार में आयोजित शिविर में मुख्यमंत्री सहित मंत्री, अधिकारी गांव में पहुंचकर लोगों की समस्या सुन रहे है और समाधान भी कर रहे हैं। शिविर में अधिकारी प्राप्त आवेदनों का  निराकरण कर जानकारी दे रहे हैं इसके साथ ही पात्रता अनुसार हितग्राहियों क़ो योजना से लाभान्वित भी किया जा रहा है।प्रदेश में  सरकार तेजी से विकास कार्य कर रही है, लोगों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत हमारी सरकार ने सभी वायदे पूरे किये है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान का सपना पूरा हो रहा है, महतारी वंदन योजना से नारी सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाया जा रहा है। जिले में खेल सुविधाओं व सड़क विस्तार में तेजी से काम किया जा रहा है। राजस्व मंत्री बलौदाबाजार नगरपालिका के नगर भवन में आयोजित समाधान शिविर में भी शामिल हुए और हितग्राहियों क़ो विभिन्न योजना के तहत सामग्री वितरित किया। विकास कार्याे का भूमिपूजन राजस्व मंत्री वर्मा ने नगरपालिका बलौदाबाजार अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड कालोनी में लगभग 66 लाख रुपये के विकास कार्याे का भूमि पूजन किया। इसमें नाली निर्माण, सी सी रोड निर्माण, स्ट्रीट लाईट व गार्डन विकास सम्मिलित हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर दीपक सोनी, अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। recent visitors 47

मंत्री पटेल ने कहा कि पौध-रोपण को प्राथमिकता देना होगा, पंच सरपंच सम्मेलन सम्पन्न

नदियों का मायका कहे जाने वाले प्रदेश में नदियों के उद्गम स्थलों का संरक्षण जरूरी: मंत्री पटेल संपर्कता अभियान के तहत पहले चरण में 806 द्वितीय चरण में 755 तक सड़क बनाए जाने का लक्ष्य पूर्ण किया जाएगा : मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने कहा कि पौध-रोपण को प्राथमिकता देना होगा, पंच सरपंच सम्मेलन सम्पन्न भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा हैं। अभियान में खेत तालाब, अमृत सरोवरों एवं अन्य जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण के साथ पुरानी संरचनाओं के जीर्णोद्धार, साफ सफाई का कार्य किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान दूरगामी और तत्वरित रूप से परिणाम देने के साथ ही मानसून के पूर्व जल संरचनाओं को तैयार किए जाने के लिये किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है। यह आवश्यक है कि नदियों के उद्गम का भ्रमण किया जाए और नदियों को में पानी को उपलब्धता बनी रहे इसके लिए परिणामदायी प्रयास किए जायें। इसी उद्देश्य से पिछले वर्ष से अब तक उन्होंने 63 और जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत विगत एक माह में 32 नदियों के उद्गम का भ्रमण किया हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी नदियों के संरक्षण के साथ छोटी नदियों का भी संरक्षण आवश्यक है। जिससे नदियों के स्त्रोत सूखने ना पाए, जल स्तर में हो रही कमी को दूर किया जा सके और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आज से प्रयास किए जाए। मंत्री पटेल इंजीनियरिंग कॉलेज झाबुआ में पंच सरपंच सम्मेलन में शामिल हुए। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने मंत्री पटेल का स्वागत जिले की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती झुलडी, साफा, तीर कमान और गुड़िया भेंट कर किया। मंत्री पटेल ने कहा कि पौध-रोपण को प्राथमिकता देना होगा। पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारे बूढ़े बुजुर्गों द्वारा विभिन्न पद्धतियों का उपयोग करते हुए प्रकृति का संरक्षण किया गया लेकिन आज बदलती जीवन शैली में हम उन परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। भविष्य की पीढ़ी के साथ न्याय हो इसलिए जरूरी है कि प्रकृति का संरक्षण धारणीय विकास की अवधारणा के आधार पर किया जाए। उन्होंने सरपंचों से आग्रह करते हुए कहा कि गांधी की ग्राम स्वराज की अवधारणा अनुसारपंचायत की आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की कार्ययोजना बनाए, जल संरक्षण के लिए प्रयास करे और क्षेत्र के विकास में अपना योगदान दें। ग्राम पंचायतों के विकास के लिए उन्होंने ग्राम पंचायत भवनों की नई डिजाइन के आधार पर 37.5 लाख लागत से 3 मंजिल तक निर्माण किए जाने, सरपंचों को 25 लाख रुपए तक वित्तीय अधिकार दिए जाने, 5वें वित्त और स्टांप मद में इस वित्तीय वर्ष में बजट बढ़ाए जाने के प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत एक वर्ष में 589 कार्य और संपर्कता अभियान के तहत पहले चरण में 806 फलियों और द्वितीय चरण में 755 फलियों तक सड़क बनाए जाने का लक्ष्य पूर्ण किया जायेगा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से पधारे सरपंचों से प्रधानमंत्री आवास योजना, जल गंगा संवर्धन अभियान, जिले में पेसा एक्ट के तहत की गई गतिविधियों और ग्रामीण विकास की अवधारणा के बारे में चर्चा की। सीड बॉल संबंधी डॉक्यूमेंट्री कार्यक्रम में विगत वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सीड बॉल्स बिखेरने सम्बंधी डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया जिसकी सफलता के प्रतिशत की जानकारी प्राप्त कर मंत्री पटेल ने प्रसन्नता व्यक्त की। उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों को प्रशस्ति पत्र कार्यक्रम में सरपंच ग्राम पंचायत तलावली, ढेकल छोटी, पतरा, मांण्डली, रामगढ़, रायपुरिया, बलोला, काकड़कुआ, सुरडिया, भौण्डली, उदयपुरिया और हरीनगर को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल, सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।   recent visitors 54

हिंदू धर्म में गंगा दशहरा पर्व का विशेष महत्व, गंगा दशहरा कब है? जानें इस दिन क्या दान करें और क्या नहीं

नई दिल्ली हिंदू धर्म में गंगा दशहरा पर्व का विशेष महत्व है। यह त्योहार हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल गंगा दशहरा 05 जून 2025 को है। गंगा दशहरा को गंगावतरण के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है गंगा का अवतरण। गंगा दशहरा का पर्व मां गंगा को समर्पित है। भक्त इस दिन मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन गंगा नदी में स्नान करना व दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। जानें गंगा दशहरा पर क्या दान करें और क्या नहीं- गंगा दशहरा पर क्या दान करें- गंगा दशहरा पर जूते,चप्पल, टोपी व छाता का दान अत्यंत शुभ माना गया है। ज्येष्ठ माह में गर्मी का प्रचंड रूप देखने को मिलता है। ऐसे में इस दिन सत्तू, पानी से भरपूर मौसमी फल, शरबत व जल का दान शुभ माना गया है। इस दिन गरीब ब्राह्मण को वस्त्र व भोजन का दान करना चाहिए और सामर्थ्यनुसार धन का दान भी करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। गंगा दशहरा पर इन चीजों का दान नहीं करें: गंगा दशहरा पर पुरानी या टूटी हुई वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। इस दिन धारदार चीजों का दान करना भी अशुभ माना गया है। गंगा दशहरा के दिन काले रंग के वस्त्र का दान नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। गंगा दशहरा पर जूठी या अशुद्ध वस्तुओं का दान पाप के समान माना गया है। इस दिन शुद्धता व पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। recent visitors 74

महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन से पीएम मोदी दतिया में 31 मई को आठवें एयरपोर्ट का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे

दतिया देश भर से मां पीतांबरा की नगरी दतिया आने वालों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। 31 मई को दतिया एयरपोर्ट का वर्चुअल लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भोपाल में ओयोजित महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन से करेंगे। लोकार्पण के साथ ही यहां से खुजराहो और भोपाल के लिए हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। यह प्रदेश का आठवां हवाई अड्डा होगा। जो सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध होगा। दो माह पहले ही नागर विमानन महानिदेशालय ने 118 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित दतिया हवाई अड्डे को पब्लिक एयरोड्रम के रूप में लाइसेंस प्रदान किया था। दतिया में उनाव रोड पर खैरी के पास बनी हवाई पट्टी का विस्तार कर वहां इस नए हवाई अड्डे को आकार दिया गया है। यहां रनवे को 19 सीटर एयर क्राफ्ट की क्षमता के लिहाज से विकसित किया गया है। साथ ही टू-वे के लिए प्रपिन निर्माण किया गया है ताकि एक रनवे पर विमान उड़ने के दौरान दूसरा विमान भी उतारा जा सके। यहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर भी बनाया गया है। अगस्त 2023 में यहां 21 करोड़ 18 लाख की लागत से दतिया हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में तब्दील करने की आधारशिला केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह ने रखी थी। recent visitors 46

प्रदेश स्तर रैंकिंग में जिले को अब तक 8.51 रैंकिंग अंक मिले , इस तरह अब तक राजगढ़ प्रदेश में अव्वल

जल गंगा संवर्धन अभियान भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के प्रदेश में सर्वाधिक निर्माण पूरा करने पर राजगढ़ जिले को अब तक 25 में से 8.51 अंक प्राप्त हुए हैं। जिला अब तक प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जल गंगा संवर्धन अभियान में राजगढ़ जिले में अमृत सरोवर लक्ष्य से अधिक और प्रदेश में सर्वाधिक कार्य प्रारंभ कराए गए हैं। इसी तरह जिला खेत तालाब भी लक्ष्य से अधिक प्रारंभ कराने में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इस तरह जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए My Bharat पोर्टल पर युवाओं का रजिस्ट्रेशन भी राजगढ़ ने लक्ष्य 5,400 से अधिक 10,186 से अधिक कार्य कराए हैं। प्रदेश स्तर रैंकिंग में जिले को अब तक 8.51 रैंकिंग अंक मिले हैं। इस तरह अब तक राजगढ़ प्रदेश में अव्वल है। । राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में जिले में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे जल संवर्धन के कार्यो में मनरेगा योजना में कुल 18 अमृत सरोवर तालाब निर्माण का लक्ष्य शासन से प्राप्त हुआ है। लक्ष्य अनुसार सभी 19 तालाबों के लिए स्थल चयन SIPRI ऐप से किया जाकर भारत सरकार के अमृत सरोवर पोर्टल पर उसकी प्रविष्टि कराई जा चुकी है। इन सभी अमृत सरोवरों का निर्माण प्रारंभ कर दिया गया है। मनरेगा योजनान्तर्गत जल संरक्षण के लिये कुल 1866 खेत तालाब के लक्ष्य से अधिक 1989 खेत तालाबों के स्थल चयन एसआईपीआरआई मोबाइल ऐप से फायनल कर निर्माण प्रारंभ किये जा चुके हैं। मनरेगा योजनान्तर्गत जल संरक्षण के लिये कुल 3,500 कूप रिचार्ज निर्माण के लक्ष्य से अधिक 3600 कूपों का चयन कर 3165 पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। अभियान अंतर्गत कूप रिचार्ज लक्ष्य 3500 के विरुद्ध 3165 कूप रिचार्ज के कार्य प्रारंभ करने पर प्रदेश स्तर पर हो रही रैंकिंग में 20 में से अब तक 18 अंक प्राप्त हुए हैं। जिला खेत तालाब कार्य प्रारंभ करने में प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। बोरी बंधान से 12 घंटे में मुड़ना नदी हुई लबालब शहडोल में सोहागपुर के जोधपुर गांव से बहने वाली मुड़ना नदी की जलधारा सूख सी गई थी। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्मशान घाट के पास पहले से निर्मित स्टॉप-डैम में जन-अभियान परिषद की जोधपुर समिति और ग्राम पंचायत ने इसी स्टॉप-डैम में बोरी बंधान का निर्माण किया। श्रमदानसे हुए बोरी बंधान से धीरे-धीरे मुड़ना नदी के बहाव क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने लगा। श्रमदान दिवस के बाद की सुबह नदी को लबालब देख गांव के पशु-पक्षियों तक में खुशी की लहर दौड़ गई। अब नदी में पेयजल के साथ ही सबके लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो गया है। देवास का मीठा तालाब हुआ साफ देवास जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने के लिए 30 जून 2025 तक ये अभियान जारी रहेगा। जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में नगर निगम देवास के राजोदा स्थित मीठा तालाब की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। तालाब के किनारे पौधारोपण भी किया गया। भंडारी नदी में बोरी बंधान से ग्रीष्म ऋतु में भी पर्याप्त जल भराव जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत उमरिया जिले की नगर परिषद मानपुर में भंडारी नदी में बोरी बंधान किया गया। बोरी बंधान से नदी में जल संग्रह की क्षमता बढ़ गई है और पर्याप्त मात्रा में पानी रुकने लगा है। बोरी बंधान से नदीं में सहरेजे गए पानी का उपयोग पशु पक्षियों के साथ आम जन भी कर सकेंगे।   recent visitors 64