भारत और श्रीलंका करेगा बैठक, ‘हमारे मछुआरों को लेकर दो संघर्ष बिंदु हैं- एक गुजरात, और दूसरा तमिलनाडु: बीजेपी अध्यक्ष

चेन्नई तमिलनाडु में हाल ही में हुए मछुआरे की मौत के बाद अब बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, 'हमारे मछुआरों को लेकर दो संघर्ष बिंदु हैं- एक गुजरात, और दूसरा तमिलनाडु, कई बार पाकिस्तान हमारे मछुआरों को गुजरात से गिरफ्तार करता रहता है। पीएम नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद, 2019 में पहली बार, मत्स्य पालन मंत्रालय बनाया गया। विशेष रूप से DMK सरकार द्वारा कच्चाथीवू द्वीप को श्रीलंका को सौंपने के बाद तमिलनाडु दूसरा संघर्ष बिंदु है, 2014 तक, उच्च समुद्र में शूटिंग एक सामान्य मामला था हमारे मछुआरे भाइयों को श्रीलंकाई नौसेना ने मार डाला। 'मोदी जी के सत्ता संभालने के बाद, नहीं हुई गोलीबारी' बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई ने आगे ये भी कहा, मोदी जी के सत्ता संभालने के बाद, कोई गोलीबारी नहीं हुई… 2024 थोड़ा अलग साल बन गया जब 273 तमिल मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने गिरफ्तार कर लिया वापस लाया गया जबकि 69 लोग श्रीलंकाई जेल में हैं, 61 न्यायिक हिरासत में हैं, और 8 लोगों को सजा सुनाई गई है। यह पहला मुद्दा था जिसे हमने विदेश मंत्री के ध्यान में लाया था… हमें बहुत ही कम समय में आश्वासन दिया गया है। अब भारत और श्रीलंका के बीच 2+2 संयुक्त कार्य समूह बुलाया जाएगा जहां दोनों देशों के विदेश मंत्रालय और मत्स्य पालन मंत्रालय एक साथ बैठेंगे ताकि वे 170 तमिल मछुआरों की नौकाओं के बारे में बात कर सकें जो श्रीलंकाई नौसेना द्वारा जब्त की गई। साथ ही मछुआरों की चिंताओं को भारत सरकार ने भी सुना है recent visitors 107

छठी कक्षा के लिए एनसीईआरटी की नई पाठ्य पुस्तकें जारी की गई हैं, प्रस्तावना हटाने के आरोप पर धर्मेंद्र प्रधान ने दी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस ने एनसीईआरटी पर अपनी किताबों से संविधान की प्रस्तावना हटाने का आरोप लगाया है। इस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सदन में तथ्यों से परे बात की है। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि छठी कक्षा के लिए एनसीईआरटी की नई पाठ्य पुस्तकें जारी की गई हैं। इन सभी पुस्तकों में संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, राष्ट्रगान आदि विषयों को पहले से अधिक शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की हताशा के कारण जिन लोगों ने संविधान को तोड़ने-मरोड़ने का सबसे अधिक काम किया, वही लोग आज संविधान के बारे में झूठ और भ्रांतियां फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि विपक्ष के नेता पद पर बैठा व्यक्ति कम से कम सदन को गुमराह न करे। हम तथ्यों को समाज के सामने रखते हैं। पीएम मोदी की सरकार संविधान के प्रति प्रतिबद्ध है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कहा गया है कि संविधान के विभिन्न मूल तत्वों को सभी पाठ्यपुस्तकों में लाया जाएगा। और मैं कांग्रेस पार्टी के इस निराधार झूठ की निंदा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि राहुल गांधी इस झूठ के लिए देश से माफी मांगेंगे।" एनसीईआरटी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों से प्रस्तावना को हटाने के आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है। एनसीईआरटी पहली बार भारतीय संविधान के विभिन्न पहलुओं- प्रस्तावना, मौलिक कर्तव्य, मौलिक अधिकार और राष्ट्रगान को बहुत महत्व दे रहा है। इन सभी को विभिन्न चरणों की विभिन्न पाठ्य पुस्तकों में रखा जा रहा है।" एनसीईआरटी में पाठ्यक्रम अध्ययन और विकास विभाग की प्रमुख प्रोफेसर रंजना अरोड़ा ने कहा कि यह समझ कि केवल प्रस्तावना ही संविधान और संवैधानिक मूल्यों को दर्शाती है, त्रुटिपूर्ण और संकीर्ण है। बच्चों को प्रस्तावना के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों, मौलिक अधिकारों और राष्ट्रगान से संवैधानिक मूल्य क्यों नहीं सीखने चाहिए? हम एनईपी-2020 के विजन का पालन करते हुए बच्चों के समग्र विकास के लिए इन सभी को समान महत्व देते हैं। recent visitors 104

राजस्थान में हरियाली तीज के अवसर पर एक ही दिन में प्रदेशभर में 1 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। हम ईश्वर का वास मानकर वृक्षों, नदियों और पहाड़ों को पूजते हैं। राज्य सरकार द्वारा भी इसी सोच के साथ आज हरियाली तीज के अवसर पर एक ही दिन में प्रदेशभर में 1 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। इन पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पौधों की जियो टैगिंग भी की जाएगी। हम सभी को इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए, ताकि हरियालो राजस्थान का निर्माण हो सके। शर्मा बुधवार को हरियाली तीज के अवसर पर दूदू के गाडोता में आयोजित 75वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव में उपस्थित जनसमूह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान वह धरा है, जहां मां अमृता देवी सहित 363 लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने जीवन का बलिदान किया था। पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता का यह एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पेड़ों के संरक्षण की दिशा में वन महोत्सव एक आशा की किरण के रूप में उभरा है। मानसून का यह समय वृक्षारोपण के लिए सबसे उपयुक्त है, क्योंकि इस समय लगाए गए पौधे शीघ्र बढ़ते हैं। एक पेड़ मां के नाम बना अब जनअभियान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा पर्यावरण दिवस के दिन ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान शुरू किया गया। यह उनका प्रकृति की सेवा और मां के प्रति सम्मान का अनुकरणीय भाव है। उन्होंने कहा कि यह अब जनअभियान बन गया है। हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर मां और धरती मां को सम्मान दे रहा है। उन्होंने आमजन से ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ लगाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा स्थानीय समुदायों, एनजीओ, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय निकायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2020 में नगर वन योजना की भी शुरूआत की गई। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को गति देने के लिए कर रही निरंतर काम शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी की पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा से राज्य सरकार ने इस वर्ष ‘‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान’’ प्रारम्भ कर 7 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया है। सरकार इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत आगामी 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। लगाये गये पौधों को पेड़ बनाने के लिए पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों, गैर सरकारी संस्थाओं, ग्राम पंचायतों, शहरी निकायों एवं आमजन को पौध उपलब्ध कराकर तकनीकी सहायता भी दी जा रही है, ताकि वृक्षारोपण को गति मिल सके। प्रत्येक जिले में होगी ‘मातृ वन’ की स्थापना आमजन की सहभागिता से स्मृति वन की तर्ज पर प्रत्येक जिले में ‘‘मातृ वन’’ की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि ‘‘मातृ वन’’ में विभिन्न प्रजातियों जैसे बड़, पीपल, गूलर, पिलखन, नेती पीपल, माखन कटोरी इत्यादि पौधे लगाये जाएंगे। वृक्ष प्रेमियों को ‘‘राज जिओ ट्री एप’’ के माध्यम से 51 लाख प्रशस्ति पत्र वितरित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौधों की देखरेख के लिए 2 हजार ‘वन मित्र’ लगाए जा रहे हैं, जिसके तहत इच्छुक सेवानिवृत्त कर्मचारी को संरक्षक के रूप में जिम्मेदारी दी जायेगी। मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक यू. आर. साहू, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यावरण अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय शिखर अग्रवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरिजीत बनर्जी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, उच्चाधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनसमूह उपस्थित रहा। recent visitors 219

कर्नाटक के सीएम सिद्दारमैया ने पॉक्सो मामले में येदियुरप्पा को कोर्ट की दया पर जेल से बाहर रहने का आरोप लगाया

मैसूर कर्नाटक में एमयूडीए और एसटी फंड घोटाले के आरोप-प्रत्यारोप के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा पर निशाना साधा है। कर्नाटक के सीएम सिद्दारमैया ने पॉक्सो मामले में येदियुरप्पा को कोर्ट की दया पर जेल से बाहर रहने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा, “येदियुरप्पा पॉक्सो के आरोपों का सामना कर रहे हैं और आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। वह अदालत की दया पर बाहर हैं। आरोपी को इस (पॉक्सो) मामले में जमानत नहीं मिलेगी। येदियुरप्पा को क्या जेल से बाहर रहने का नैतिक अधिकार है? 82 साल की उम्र में उन पर पॉक्सो का आरोप लगा है। उन्हें सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेना चाहिए।” इसके आगे येदियुरप्पा पर चेक से पैसे लेने का आरोप लगाते हुए वह कहते हैं कि उन्होंने चेक के जरिए पैसे लिए और इसे अधिसूचित भी नहीं किया। क्या मेरी ओर से कोई पत्र, आदेश या वक्तव्य है? 2014 में जब मैं सीएम था तो मेरी पत्नी ने मुआवजे के लिए आवेदन किया था। मैंने एमयूडीए को सख्त निर्देश जारी किए थे कि जब तक मैं शीर्ष पर हूं तब तक उन्हें साइटें न दी जाएं। आपके मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के लिए साइटें हासिल करने के लिए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं किया है। बता दें, कर्नाटक में इन दिनों एमयूडीए घोटाले और एसटी फंड घोटाले को लेकर सरकार और विपक्ष में जबरदस्त उठापटक जारी है। विपक्षी भाजपा, कांग्रेस सरकार पर एमयूडीए में 4,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगा रही है। भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) ने मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) द्वारा भूमि खोने वाले लोगों को धोखाधड़ी से भूखंड आवंटित करके घोटाले का आरोप सरकार पर लगा रही है। इसके अलावा कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य में एसटी घोटाले की बात कबूल कर ली। मुख्यमंत्री ने सोमवार को सदन में स्वीकार कर लिया कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि एसटी विकास निगम में 89.6 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उधर राज्य की विपक्षी भाजपा ने इस निगम में 187 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा किया है। recent visitors 106

पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा- विनेश साहस और नैतिकता में स्वर्ण पदक विजेता हैं

नई दिल्ली टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया ने भारतीय पहलवान विनेश फोगाट की सराहना करते हुए उन्हें 'साहस और नैतिकता का स्वर्ण पदक विजेता' बताया है। विनेश को बुधवार सुबह पेरिस ओलंपिक में महिलाओं की 50 किलोग्राम स्पर्धा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था, क्योंकि उनका वजन तय वर्ग से 100 ग्राम अधिक था। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने बुधवार को एक बयान जारी कर विनेश के अधिक वजन के कारण खेलों से बाहर होने की बात साझा की और पहलवान की निजता का सम्मान करने की अपील की। पुनिया ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "विनेश, आप साहस और नैतिकता की स्वर्ण पदक विजेता हैं। आपने बहुत साहस के साथ लड़ाई लड़ी है। जब (कल) मंगलवार को ओलंपिक अधिकारियों ने खेलने से पहले आपका वजन लिया, तो आपका वजन बिल्कुल सही था। आज सुबह (बुधवार) जो हुआ, उस पर कोई भी विश्वास नहीं करना चाहता। 100 ग्राम। मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि आपके साथ ऐसा हुआ है। पूरा देश अपने आंसू नहीं रोक पा रहा है। एक तरफ सभी देशों के ओलंपिक पदक और दूसरी तरफ आपका पदक। "दुनिया का हर व्यक्ति आपके लिए प्रार्थना कर रहा था। दुनिया की हर महिला ने इस पदक को व्यक्तिगत पदक के रूप में महसूस किया। मैं चाहता हूं कि दुनिया की सभी महिलाओं की ये आवाजें सही जगह तक पहुंचे। मुझे उम्मीद है कि ओलंपिक में खेलने वाली दुनिया की सभी महिला पहलवान विनेश के साथ एकजुटता से खड़ी होंगी।" दो बार की ओलंपिक पदक विजेता दिग्गज शटलर पीवी सिंधु ने अयोग्य ठहराए जाने के बाद विनेश से हिम्मत बनाए रखने की बात कही और उन्हें 'चैंपियन खिलाड़ी' बताया। विनेश ऐतिहासिक स्वर्ण पदक के लिए यूएसए की सारा हिल्डेब्रांट के खिलाफ खेलने वाली थीं। उनके अयोग्य घोषित होने के बाद, उन्हें यूडब्ल्यूडब्ल्यू नियमों के अनुसार अंतिम स्थान दिया जाएगा। क्यूबा की पहलवान युस्नेलिस गुज़मैन लोपेज, जो सेमीफाइनल में विनेश से हार गईं, अब 50 किग्रा वर्ग के ओलंपिक फाइनल में उनकी जगह लेंगी।   recent visitors 103

युवती ने विधायकडोडियार पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी, बयान से पलटी महिला, न्यायालय ने दोषमुक्त किया

इंदौर रतलाम जिले के सैलाना से विधायक कमलेश्वर डोडियार को दुष्कर्म के आरोप से विशेष न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है। सैलाना की युवती ने डोडियार पर आरोप लगाते हुए 11 नवंबर 2022 को महिला थाना रतलाम में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने डोडियार पर कई बार दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शादी का झांसा देने का आरोप महिला का आरोप था कि पांच दिसंबर 2018 से एक जुलाई 2022 तक डोडियार ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार संबंध बनाए और शादी से इन्कार कर दिया। मामले की सुनवाई पहले रतलाम जिला न्यायालय में चल रही थी, लेकिन डोडियार के विधायक बनने के बाद मामले को सुनवाई के लिए इंदौर विशेष न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।   अपने बयान से पलटी महिला करीब दो साल चली सुनवाई के दौरान युवती पूर्व में दिए बयान से पलट गई। उसने कहा कि उसने गुस्से में आकर कमलेश्वर डोडियार के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी थी। पुलिस ने उससे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे। उसे नहीं पता कि उन कागजों पर बाद में पुलिस ने क्या लिख लिया था। इन बयानों के आधार पर विशेष न्यायालय ने कमलेश्वर डोडियार को आरोप से दोषमुक्त कर दिया। recent visitors 194

सांसद कंगना रनौत का इतने दिन बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र समेज पहुंचना मात्र एक औपचारिकता है: मंत्री नेगी

रिकांगपिओ प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते कई क्षेत्र पूरी तरह प्रभावित हुए, जिसमे कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी, ऐसे में जनप्रतिनिधियों का दायित्व बनता है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत दौरा करें ताकि राहत कार्य शुरू कर लोगों में आत्मविश्वास बनाया जा सके। मगर सांसद कंगना रनौत का उनके कुछ विधायक एवं अधिकारियों की ओर से दौरा करने के लिए मना किया जाने वाला बयान निराशाजनक है। यह बात प्रदेश के राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने रिकांगपिओ में कही। मंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जो जनप्रतिनिधि मौसम देखकर लोगों को राहत देने की बात कर रहे हैं उनसे क्या अपेक्षा की जा सकती है। केंद्र में भाजपा की सरकार है और सांसद कंगना को चाहिए था कि वह तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर केंद्र से राहत प्रदान करने का कार्य करतीं। सांसद का इतने दिन बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र समेज पहुंचना मात्र एक औपचारिकता है। केंद्र सरकार से नहीं मिली आर्थिक मदद मंत्री ने बताया कि समेज में 25 लोगों के मकान एक ही साथ बह गए और 34 जानें चली गईं। बागीपुल में 10 से ज्यादा मकान बह गए और 7 से ज्यादा जानें गईं जबकि मंडी के प्रभावित क्षेत्र में भी 7 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई और संपत्ति को भी भारी नुक्सान हुआ है, लेकिन ऐसे कठिन समय में केंद्र सरकार की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली, सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें होती रहीं। भाजपा के लोग आपदा के समय में भी राजनीति करने से पीछे नहीं मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा के समय राजनीति से ऊपर उठकर राहत एवं बचाव कार्य कर रही है। मैंने स्वयं तुरंत घटनास्थल का दौरा किया जहां राहत कार्यों में लगे सभी विभागों ने सराहनीय कार्य किया है। रैस्क्यू कार्य मे लगे आर्मी, एनडीआरएफ सहित सभी दलों की ओर से भी सराहनीय कार्य किया गया, लेकिन भाजपा के लोग इस आपदा के समय में भी राजनीति करने से पीछे नहीं हैं। कुर्पण खड्ड पर में वैली ब्रिज लगाने का काम जारी मंत्री ने कहा कि कुर्पण खड्ड पर रिकॉर्ड समय में झूला लगाया गया और अब वैली ब्रिज लगाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। हिमाचल प्रदेश में सारी भूमि वन विभाग की है, ऐसे में त्रासदी में अपना सब कुछ गंवा चुके लोगों को भूमि देने के लिए केंद्र सरकार से समय-समय पर गुहार लगाई गई है कि एफसीए में कुछ राहत दी जाए ताकि आपदा के समय लोगों को घर बनाने के लिए तुरंत भूमि मुहिया करवाई जा सके। recent visitors 121