संजय दीक्षित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सीतापुर MP राकेश राठौर ने मल्लिकार्जुन खरगे को कड़ी चिट्ठी लिखी

सीतापुर उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नया बवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस से 2018 में छह साल का निष्कासन झेल चुके संजय दीक्षित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सीतापुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को कड़ी चिट्ठी लिखी है। राठौर पहले सीतापुर सदर सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक थे जिनका टिकट 2022 में काटकर इन्हीं के हमनाम एक मैकेनिक को लड़ाया और जीतने के बाद मंत्री भी बनाया। खरगे को लिखी चिट्ठी में राकेश राठौर ने कांग्रेस में आने की वजह का जिक्र करते हुए कहा है कि विधायक रहते वो भाजपा की सवर्णवादी मानसिकता के विरोध में राहुल गांधी के साथ आए थे। राठौर ने पत्र के जरिए खरगे के सामने पार्टी में पिछड़े, दलित और मुसलमानों के सम्मान का सवाल उठाया है। राकेश राठौर इस बात से नाराज हैं कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के बुलाने पर उनके साथ एक कार्यक्रम में गए थे लेकिन संजय दीक्षित ने उन्हें धक्का देकर रोक दिया। राठौर ने बताया है कि 6 जुलाई को वो प्रदेश कांग्रेस दफ्तर गए थे जहां अजय राय ने उन्हें एक कार्यक्रम में चलने कहा। राठौर का आरोप है कि संजय दीक्षित ने उन्हें धक्का देकर कार्यक्रम में रोक दिया। राठौर ने खरगे को याद दिलाया है कि बसपा से कांग्रेस में आए नसीमुद्दीन सिद्दिकी के खिलाफ बयानबाजी के कारण पार्टी ने संजय दीक्षित को 2018 में छह साल के लिए निष्साकित कर दिया था। लेकिन दीक्षित को अब प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने कांग्रेस वॉर रूम में तैनात कर रखा है। सांसद राकेश राठौर ने खरगे को लिखा है- “मैं अति पिछड़ी जाति से आता हूं और अपने समाज के प्रति भाजपा द्वारा सवर्णवादी मानसिकता प्रदर्शित करने के कारण ही भाजपा से मौजूदा विधायक होते हुए मैंने भाजपा छोड़ दी थी। आप द्वारा और राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा सामाजिक न्याय के मुद्दों को उठाने से प्रभावित होकर ही मैंने कांग्रेस की सदस्यता ली थी। कमजोर तबकों के अधिकतर लोग राजनीति में सिर्फ इस वजह से आते हैं कि वो अपने समाज को सम्मान दिला सकें। मैं चुना हुआ सांसद हूं। मेरे साथ ऐसा व्यवहार हुआ है तो अंदाजा लगा सकते हैं कि दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज के कार्यकर्ताओं के साथ किस तरह का व्यवहार होता होगा। ” recent visitors 149

इंदौर मालवा मिल की जमीन के एक हिस्से में सिटी फारेस्ट विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है

इंदौर इंदौर शहरी क्षेत्र में बंद मिलों की जमीनों का उपयोग शहर हित में किया जाना है। मालवा मिल की जमीन के एक हिस्से में सिटी फारेस्ट विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। नगर वन विकास करने की योजना के तहत इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा इंदौर और जबलपुर शहरी क्षेत्र में नगर वन (सिटी फारेस्ट) विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिये विभाग द्वारा योजनाबद्ध तरीके से तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 की कार्य योजना में नगर वन विकसित करने संबंधी प्रस्ताव रखा गया है। लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा नेशनल टेक्सटाईल कॉर्पोरेशन से इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं बुरहानपुर जिले की बंद मिलों की भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। इसके विरुद्ध नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन ने इंदौर, उज्जैन एवं भोपाल की भूमि के संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से समन्वय स्थापित कर विभाग द्वारा इन भूमि प्रकरणों के जल्द से जल्द निराकरण की कार्यवाही की जा रही है। कल्याण मिल का भी होगा प्रबंध इंदौर जिले में स्थित यूनाइटेड मालवा मिल का एक प्रमुख भाग प्रबंधन की मंशा से नगर वन (सिटी फारेस्ट) के रूप में विकसित करने के लिये बेहद उपयुक्त पाया गया है। इस विकास प्रस्ताव पर विभागीय योजना बनाकर कार्यवाही की जा रही है एवं कल्याण मिल का उचित रूप से प्रबंधन किया जा रहा है। यहां भी बन रही योजना उज्जैन की विनोद मिल के शेष पार्सलों पर व्यवसायिक गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिये विभागीय योजना तैयार की जा रही है। उज्जैन की हीरा मिल का समुचित प्रबंधन भी विभागीय तौर पर किया जा रहा है। लोक परिसम्पत्ति विभाग द्वारा जबलपुर शहरी क्षेत्र में बीएसएनएल द्वारा अधिग्रहित भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। अब यहाँ 'सिटी फारेस्ट के लिए जरूरी विकास के मद्देनजर समुचित प्रबंधन एवं व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। 16 जिलों के विकास प्रस्ताव तैयार 'लोक परिसंपत्ति प्रबंधन जिला प्रोत्साहन योजना' के अंतर्गत विभाग द्वारा जिलों में मौजूद आधारभूत संरचनाओं को और अधिक सुदृढ़ कर इन्हें नई आवश्यकतानुसार विकसित करने के लिये गत वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में 20 जिलों को उनसे प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार कुल 126 करोड़ 79 लाख रूपये वितरित किये गये। जारी वित्त वर्ष 2024-25 में इस योजना में 16 जिलों से पात्रतानुसार 65 करोड़ 49 लाख रूपये के विकास प्रस्ताव प्राप्त करने के लिये भी विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। recent visitors 77

छात्र के परिजनों ने इंग्लिश टीचर और उसकी मां द्वारा ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया, टीचर ने छात्र पर दुष्कर्म का आरोप लगाया

इंदौर इंदौर शहर के बाणगंगा इलाके में बीफार्मा के छात्र गौरव हाड़ा द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। छात्र के परिजनों ने इंग्लिश टीचर और उसकी मां द्वारा ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। छात्र गौरव के पिता राजू ने बताया कि महिला ने थाने में उसके खिलाफ दुष्कर्म की झूठी शिकायत भी की थी। परिजनों ने शवगृह के बाहर जमकर हंगामा कर पुलिसकर्मियों पर रुपये मांगने का आरोप लगाया। छात्र के पिता ने आरोप लगाया कि 45 हजार रुपये ब्याज पर लाकर पुलिस को दिए, तब उन्होंने बेटे को छोड़ा।उन्होंने महिला थाना प्रभारी कौशल्या चौहान और एएसआई गौरी तिवारी को निलंबित करने की मांग की। घर आने के बाद वो रो रहा था और दुखी था। इसके बाद उसने फांसी लगा ली। छोटी बहन ने उसे पंखे से लटका देखा था। बाणगंगा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टीचर गौरव से पांच लाख रुपये मांग रही थी।   धीरे-धीरे रुपये ऐंठने लगी थी जानकारी के मुताबिक बीफार्मा के छात्र ने 11 महीने पहले इंग्लिश कोचिंग शुरू की थी। इंग्लिश पढ़ाने वाली टीचर उससे दो-तीन वर्ष बड़ी थी। दोनों के बीच नजदीकी बढ़ गई, इसके बाद टीचर उससे धीरे-धीरे करके रुपये ऐंठने लगी। दूसरी लड़‍कियों से बात करने से भी मना करने लगी। महिला पुलिस ने भी छात्र को धमकाया इसके बाद टीचर बार-बार गौरव को धमकाने लगी और उसने थाने में जाकर दुष्कर्म की शिकायत भी दर्ज करवा दी। पिता का कहना है कि इस मामले में महिला पुलिस ने गौरव को धमकाया, जब हमने टीचर के धमकीभरे चैट पुलिस को दिखाने की कोशिश की, तो पुलिस ने वो नहीं देखें। recent visitors 98

PCB ने दिया ये ऑफर, BCB के जवाब का इंतजार, बांग्लादेश टीम के पाकिस्तान दौरे पर लटकी तलवार

कराची बांग्लादेश की सीनियर पुरुष टीम की पाकिस्तान के खिलाफ 21 अगस्त से रावलपिंडी में शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज पर संदेह के बादल छाए हैं। बांग्लादेश में मौजूदा नागरिक अशांति के कारण पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देने और देश छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा है। बांग्लादेश की सीनियर टीम को रावलपिंडी (21-25 अगस्त) और कराची (30 अगस्त-3 सितंबर) में दो टेस्ट खेलने हैं लेकिन मौजूदा परिदृश्य में राष्ट्रीय टीम के लिए यात्रा करना मुश्किल हो सकता है। यहां तक ​​कि बांग्लादेश ‘ए’ टीम का पाकिस्तान दौरा भी संदिग्ध है। पीसीबी ने खिलाड़ियों के लिए पेशकश पूर्व टेस्ट कप्तान मोमिनुल हक को पाकिस्तान शाहीन (ए) के खिलाफ होने वाली सीरीज में बांग्लादेश ‘ए’ के लिए खेलना था। घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक सूत्र ने बताया कि पीसीबी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को यह प्रस्ताव भी दिया है कि उनकी टेस्ट टीम को जल्द से जल्द रावलपिंडी लाया जाए जिससे कि सीरीज का आयोजन सुनिश्चित हो। सूत्र ने कहा, ''पीसीबी ने उनके खिलाड़ियों की अतिरिक्त दिनों के लिए मेजबानी करने और टेस्ट मैचों से पहले रावलपिंडी में उन्हें सभी प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करने की पेशकश की है लेकिन उन्होंने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।'' महिला टी20 विश्व कप पर भी संशय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की आंतरिक सुरक्षा टीम बांग्लादेश में फैली अराजकता पर नजर बनाये हुए है क्योंकि इस देश में अक्टूबर में महिला टी20 विश्व कप का आयोजन होना है। आईसीसी इस मुद्दे पर अभी इंतजार करने की नीति अपना रहा है। आईसीसी बोर्ड के एक सदस्य ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ''आईसीसी के पास अपने सभी सदस्य देशों में एक स्वतंत्र सुरक्षा निगरानी प्रणाली है। स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने में सात सप्ताह बाकी हैं। ऐसे में इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी कि टूर्नामेंट को बांग्लादेश से स्थानांतरित किया जाएगा या नहीं।''   recent visitors 112

ओलंपिक में इतिहास रचने वाली मनु भाकर का स्वदेश वापसी पर भव्य स्वागत

नई दिल्ली स्टार पिस्टल निशानेबाज मनु भाकर किसी एक ओलंपिक में दो पदक जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के बाद बुधवार को जब स्वदेश पहुंची तो लगातार हो रही बूंदाबांदी के बावजूद सैकड़ों समर्थकों और उनके परिजनों ने यहां उनका भव्य स्वागत किया। मनु को पेरिस से दिल्ली लाने वाली एयर इंडिया की उड़ान (एआई 142) एक घंटे की देरी से सुबह करीब नौ बजकर 20 मिनट पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची। शहर में सुबह से हो रही बूंदाबांदी के बावजूद उनके आगमन से काफी पहले से हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे सैकड़ों लोगों ने उनका और उनके कोच जसपाल राणा का जोरदार स्वागत किया। इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य और फिर सरबजोत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भी कांस्य पदक जीता। वह स्वतंत्रता के बाद किसी एक ओलंपिक खेल में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी है। उनसे पहले, केवल ब्रिटिश मूल के भारतीय एथलीट नॉर्मन प्रिचार्ड ने 1900 ओलंपिक में 200 मीटर स्प्रिंट और 200 मीटर बाधा दौड़ में रजत पदक जीतकर यह उपलब्धि हासिल की थी। मनु ने भारत रवाना होने से पहले कहा था कि वह भव्य स्वागत की उम्मीद कर रही हैं और बुधवार को उन्हें कोई निराशा नहीं हुई। यह युवा खिलाड़ी जैसे ही हवाई अड्डे से बाहर निकली उनका गुलदस्ताें, मालाओं और ढोल बजाकर स्वागत किया गया। मनु और उनके कोच जसपाल राणा के बाहर निकलने पर उन पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गई। मनु और राणा को इसके बाद लोगों ने अपने कंधों पर उठा दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था। विश्व कप में कई बार स्वर्ण पदक जीत चुकी मनु मुस्कुरा कर लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रही थी तथा पूरे गर्व के साथ पेरिस ओलंपिक में जीते गए अपने दोनों पदक लोगों को दिखा रही थी। मनु का स्वागत करने के लिए उनके माता-पिता राम किशन और सुमेधा तथा उनके गृह राज्य हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के खेल प्रेमी और अधिकारी भी पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर जसपाल के पिता नारायण सिंह राणा की उपस्थित थे। उत्तराखंड के पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत की एक बेटी ओलंपिक में दो पदक जीतकर इतिहास रचकर वापस आ रही है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। वह केवल 22 साल की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ वह अपने कोच जसपाल राणा के साथ आ रही हैं। वह मेरा बेटा है। उसने निशानेबाजी में भारत के लिए खेलकर गौरव बढ़ाया। इसकी शुरुआत जसपाल राणा और अभिनव बिंद्रा ने की थी।’’ मनु के प्रशंसक उनके आगमन से बहुत पहले हवाईअड्डे पर एकत्र हो गए थे। उन्होंने मनु और राणा की तस्वीरों वाले बैनर लेकर गीत और नृत्य के साथ उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया। मनु दोपहर में खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात करेंगी। वह रविवार को होने वाले समापन समारोह में भाग लेने के लिए शनिवार को पेरिस वापस जाएंगी जहां वह भारत के ध्वजवाहकों में से एक होंगी।   recent visitors 119

राहुल, अखिलेश, शिवराज के गढ़ किसके साथ-साल के अंत तक देश की 50 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, सियासी हलचल तेज

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव खत्म हुए अभी कुछ महीने ही बीते हैं कि अब उपचुनाव का दौर शुरू होने वाला है। इस साल के अंत तक देश की 50 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इनमें कई सीटें लोकसभा की हैं तो ज्यादातर विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। ये सीटें उन विधायकों के इस्तीफे से खाली हुई हैं, जो अब सांसद बन चुके हैं या फिर दो जगहों से लड़ने के चलते एक लोकसभा सीट खाली की है। माना जा रहा है कि इन सीटों पर हरियाणा, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और झारखंड जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव के साथ ही वोटिंग कराई जा सकती है। उत्तर प्रदेश में ही 10 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है, जिनमें से एक सीट अखिलेश यादव के इस्तीफे से खाली मैनपुरी की करहल है। इसके अलावा अयोध्या के सांसद बने अवधेश प्रसाद की सीट मिल्कीपुर भी है। वह अब तक यहीं से विधायक थे। गाजियाबाद, कुंदरकी जैसी सीटों पर भी चुनाव होना है। वहीं मध्य प्रदेश में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की विधानसभा सीट बुधनी में भी चुनाव होगा। अब वह विदिशा सीट से सांसद बन चुके हैं। वहीं कर्नाटक में बसवराज बोम्मई, एचडी कुमार स्वामी, बिहार में जीतन राम मांझी और सिक्किम में सीएम प्रेम सिंह तमांग की छोड़ी हुई सीटों पर भी मतदान होगा। बंगाल की भी 6 सीटों पर उपचुनाव, बिहार और पंजाब में 4-4 उपचुनाव में सबसे ज्यादा यूपी की सीटें हैं तो दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है। यहां 6 सीटों पर उपचुनाव होगा। इसेक अलावा असम और राजस्थान में 5-5 सीटों पर वोटिंग होगी। बिहार और पंजाब में 4-4 सीटों पर उपचुनाव होना है। बता दें कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी रायबरेली और वायनाड सीट से लड़े थे। उन्होंने चुनाव के बाद रायबरेली से सांसद बने रहने का फैसला लिया और वायनाड से इस्तीफा दे दिया। अब वायनाड से उनकी बहन प्रियंका गांधी चुनाव लड़ रही हैं। नियम के अनुसार किसी भी सीट को 6 महीने से ज्यादा खाली नहीं रका जा सकता। ऐसे में ज्यादातर सीटों पर नवंबर तक मतदान करा लिया जाएगा। यूपी में 10 सीटों पर कांग्रेस और सपा दिखाना चाहेंगे ताकत इसी साल महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में असेंबली इलेक्शन का प्लान है। संभावना है कि अलग-अलग समय पर राज्यों के साथ ही विधानसभा और लोकसभा के उपचुनाव भी करा लिए जाएं। कई राज्यों में तो उपचुनाव को भी सरकार के लिए जनादेश के तौर पर माना जा रहा है। यूपी में भाजपा को लोकसभा चुनाव में झटका लगा था। ऐस में अब 10 विधानसभा सीटों पर जीत के जरिए वह ताकत दिखाना चाहेगी। वहीं सपा और कांग्रेस एक बार फिर अपनी ताकत को दिखाना चाहेंगे। recent visitors 116

केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड के अधिकारों पर एक विधेयक लाने की तैयारी पूरी, वक्फ बोर्ड विधेयक में क्या-क्या

नई दिल्ली केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड के अधिकारों पर एक विधेयक लाने की अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। इसके माध्यम से केंद्रीय पोर्टल और डेटाबेस के माध्यम से वक्फ संपत्ति का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके अलावा, बोहराओं के अधिकारों की रक्षा और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वक्फ विधेयक में व्यवस्था की जाएगी। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन करने के लिए संसद में किसी भी दिन बिल पेश कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसका उद्देश्य वक्फ बोर्ड की शक्तियों को सीमित करना है। आपको बता दें कि रेलवे और रक्षा विभाग की सरकारी संपत्तियों के बाद वक्फ बोर्ड के पास सबसे अधिक संपत्ति है। हालांकि इन जमीनों का मूल्य और इससे मिलने वाले राजस्व मेल नहीं खाते हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा है कि करोड़ों की कीमत वाली संपत्तियों से सालाना सिर्फ 200 करोड़ रुपये के राजस्व सरकार को मिलते हैं। सच्चर समिति ने अपनी सिफारिशों में राजस्व के साथ-साथ संपत्तियों का मानचित्रण करने की आवश्यकता के बारे में भी बात की है। आइए जानते हैं क्या-क्या सिफारिश की गई है। नए कानून में वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम 1995 करने का प्रस्ताव है। वक्फ शब्द को कम से कम पांच वर्षों से इस्लाम का पालन करने वाले और ऐसी संपत्ति के स्वामित्व वाले व्यक्ति द्वारा स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा। वक्फ संपत्ति उत्तराधिकार में महिलाओं को भी ऐसी संपत्तियों का उत्तराधिकारी बनाने की बात कही जा रही है। वक्फ संपत्तियों के सर्वेक्षण के लिए कलेक्टर के सर्वेक्षण आयुक्त या डिप्टी कलेक्टर के पद से नीचे का कोई अन्य अधिकारी कलेक्टर द्वारा विधिवत त किया जाएगा। केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्ड मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेंगे। बोहरा और अघाखानियों के लिए एक अलग औकाफ बोर्ड की स्थापना की जाएगी। बोर्ड में मुस्लिम समुदायों में शिया, सुन्नी, बोहरा, अघाखानी और अन्य पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व होगा। वक्फ संपत्ति का पंजीकरण एक केंद्रीय पोर्टल और डेटाबेस के माध्यम से होना चाहिए। नए विधेयक में प्रावधान है कि बोर्ड अब यह तय करने का एकमात्र प्राधिकारी नहीं होगा कि कोई संपत्ति वास्तव में वक्फ संपत्ति है या नहीं। recent visitors 117