दमोह के सुभाष कॉलोनी में दूसरी बार एसडीआरएफ की टीम को नाव चलानी पड़ी

दमोह दमोह जिले में शनिवार रात हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव के हालात निर्मित हो गए हैं। शहर की सुभाष कॉलोनी में दूसरी बार नाव चलाकर 7 लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा है। यहां कमर से ऊपर तक पानी भर चुका था। जिसके बाद रात में ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। बता दें जिले भर में शनिवार शाम से शुरु हुआ बारिश का दौर रातभर  चलता रहा। जिससे नदी नाले पर उफान पर आ गए। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में जल भराव के हालात निर्मित हो गए। शहर की सुभाष कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड, वसुंधरा नगर के अलावा अन्य कॉलोनी में पानी भर गया जो लोगों के घरों के अंदर भी घुस गया। शहर के सुभाष कॉलोनी में दूसरी बार एसडीआरएफ की टीम को नाव चलानी पड़ी। होमगार्ड जिला कमांडेंट हर्ष कुमार जैन ने बताया कि शनिवार रात करीब 12 बजे सुभाष कॉलोनी में लोगों के घरों के अंदर पानी भरने की सूचना प्राप्त हुई थी। जिसके बाद उन्होंने टीम को मौके पर भेजा और पानी में फंसे लोगों को नाव के सहारे रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। हालांकि, इस बार पानी कुछ कम था, लेकिन कमर के ऊपर तक पानी लोगों के घरों के अंदर भरा हुआ था। इसलिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजना आवश्यक था। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है, सभी को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया है। बता दें कि अभी तक दमोह जिले में 631 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, 24 घंटे में दो इंच बारिश हुई है। भीलामपुर गांव में तालाब का पानी ग्रामीणों के घरों में घुस गया है। जिसमें अधिक नुकसान हुआ है और किसानों का रखा अनाज भीग गया है।  गृहस्थी का सामान और खाने पीने की सामग्री भी खराब हो गई। recent visitors 146

सिवनी मेंट्रक और कमांडर वाहन की भिड़ंत, 2 महिलाओं की मौत, कई घायल

सिवनी  मध्यप्रदेश सहित सिवनी जिले में भी लगातार हो रही बारिश दुर्घटना का कारण बन गई है। बारिश के चलते ट्रक और कमांडर कार की सीधी भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में घटनास्थल पर ही 2 महिलाओं की मौत और 14 घायल हो गई। जिनको बरघाट में इलाज चल रहा है। दरअसल, सिवनी बालाघाट रोड पर रिमझिम बारिश के दौरान भीषण सड़क हादसा हो गया। जहां ट्रक और कमांडर के बीच सीधी भिडंत हो गई। इस दुर्घटना में घटनास्थल में जीरनबाई और केसरबाई की मौके पर ही मौत हो गई। एक्सीडेंट इतना भीषण था कि कमांडर में सवार अन्य 14 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। धान का रोपा लगाकर वापस आ रही थी महिलाएं जानकारी के मुताबिक कमांडर वाहन में सभी महिला मजदूर बैठी थी। जो खेत में धान का रोपा लगाकर लाटगांव से कमांडर में सवार होकर अपने घर वापस हो रही थी। इसी बीच बालाघाट सिवनी रोड पर बहरई गांव के पास बकरा नाला के समीप ट्रक के साथ कमांडर की जोरदार भिडंत हो गई। हाइवे पर लगा जाम भीषण सड़क हादसे के चलते सिवनी बालाघाट मार्ग पर जाम लग गया। भारी तादाद में लोगों की भीड़ और वाहनों की कतार लगी हुई थी। पुलिस द्वारा जाम की स्थिति खोलने का प्रयास शुरू किया गया। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को अलग किया गया। वहीं, घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां महिलाओं की हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, मृतकों के शव मॉर्चरी में रखवाए गए हैं। हादसे से सुरक्षा पर खड़े होते सवाल एमपी में बारिश में सड़क हादसे बढ़ते जा रहे है। इसके विपरीत सिवनी में हुए इस भीषण सड़क हादसे में नियम विरुद्ध संचालित होने वाले कमांडर वाहन के उपयोग पर सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े होते हैं। recent visitors 94

मुक्केबाज निशांत देव के साथ ओलंपिक में हुई बेइमानी, जानबूझकर हराने का लग रहा आरोप

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय बॉक्सर निशांत देव का मेडल जीतने का सपना टूट गया. निशांत देव मेन्स बॉक्सिंग के 71 किलो भारवर्ग में मेक्सिको के मार्को वेरडे से भिड़े, जहां उन्हें 1-4 से हार का सामना करना पड़ा. यदि निशांत क्वार्टर फाइनल जीतते तो उनका कम से कम ब्रॉन्ज मेडल जीतना पक्का हो जाता. लेकिन वह पहले राउंड में बढ़त बनाने के बाद भी हार गए. भारत ने पेरिस ओलंपिक में अब तक तीन ब्रॉन्ज जीते हैं, जो शूटिंग में आए हैं. निशांत की हार के बाद फैन्स का फूटा गुस्सा! निशांत ने शुरुआती राउंड में आसानी से जीत हासिल की. पहले राउंड में पांच में से चार जजों ने निशांत को बेहतर माना और 10-10 अंक दिए. फिर दूसरे राउंड में भी निशांत पूरी तरह से नियंत्रण में दिखे, जहां उन्होंने मैक्सिकन खिलाड़ी पर कई बड़े जैब हुक लगाए, फिर भी जजों ने आश्चर्यजनक रूप से उस राउंड में वेरडे का पक्ष लिया. दूसरे राउंड में केवल दो जजों ने निशांत के पक्ष में 10-10 अंक दिए. जबकि तीन जजों ने वेरेड के पक्ष में फैसला सुनाया. हालांकि तीसरे राउंड में निशांत देव मोमेंटम बरकरार नहीं रख पाए. तीसरे राउंड में पांचों जजों ने वेरेडे के पक्ष में फैसला सुनाया. जब तीसरा राउंड खत्म हुआ तो निशांत देव काफी कॉन्फिडेंट नजर आ रहे थे. उन्हें पूरा यकीन था कि वो मैच जीत चुके हैं, लेकिन जो फैसला आया वो हैरान करने वाला रहा. निशांत 1-4 से क्वार्टरफाइनल मुकाबला हार चुके थे. कमेंटेटर भी इस फैसले से हैरान से थे. भारत के लिए ओलंपिक में ब्रॉन्ज जीत चुके स्टार बॉक्सर विजेंदर सिंह भी इस मुकाबले में स्कोरिंग सिस्टम से हैरान थे. विजेंदर ने एक्स पर लिखा, 'मुझे नहीं पता कि स्कोरिंग सिस्टम क्या है, लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत करीबी मुकाबला था. उसने बहुत अच्छा खेला…कोई ना भाई.' सोशल मीडिया पर फैन्स के भी रिएक्शन सामने आए हैं. फैन्स मान रहे हैं कि निशांत को जानबूझकर हराया गया है जबकि वो जीत के हकदार थे. कुल मिलाकर यह एक करीबी मुकाबला था और स्कोरिंग ने यह साबित कर दिया.एक भी जज ने किसी भी मुक्केबाज को तीनों राउंड नहीं दिए. जर्मन जज, जिन्होंने वरेडे को शुरुआती राउंड दिया, उन्होंने दूसरे राउंड में भारत के पक्ष में फैसला दिया. शौकिया मुक्केबाजी में ज्यादातर स्कोरिंग पंच नजदीक से और शरीर पर निर्देशित होते हैं. निशांत देव के कुछ हुक या क्रॉस वर्डे के चेहरे पर लगे. कुछ दस्तानों से टकराए और वे स्कोरिंग पंच नहीं थे. उन्होंने पहले राउंड में वेरडे को जहां चाहा, वहां पहुंचाया. फिर दूसरे राउंड में निशांत का प्रदर्शन कुल मिलाकर अच्छा रहा. हालांकि आखिरी राउंड में वह उस दबाव को बरकरार नहीं रख सके. कौन हैं निशांत देव? निशांत देव का जन्म 23 दिसंबर 2000 को हरियाणा के करनाल में हुआ था. निशांत ने अपने चाचा से प्रभावित होकर साल 2012 में मुक्केबाजी शुरू की, जो एक पेशेवर मुक्केबाज थे. फिर क्या था निशांत कोच सुरेंदर चौहान के अंडर करनाल के कर्ण स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने लगे. बाद में निशांत कर्नाटक के विजयनगर शिफ्ट हो गए, जहां उन्होंने इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (ISS) में ट्रेनिंग की. 19 साल की उम्र में निशांत ने सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन क्वार्टर फाइनल में हार गए. हालांकि उनके खेल से भारतीय मुक्केबाजी के तत्कालीन हाई परफॉर्मेंस निदेशक सैंटियागो नीवा काफी प्रभावित हो थे. सैंटिंयागो उन्हें भारतीय कैम्प में ले गए, जहां उन्होंने अनुभवी बॉक्सर के साथ ट्रेनिंग शुरू की. निशांत ने राष्ट्रीय लेवल पर अपनी छाप छोड़ी. 2021 और 2022 में उन्होंने नेशनल चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कभी भी इंटरनेशनल लेवल पर जूनियर वर्ग में प्रतिस्पर्धा नहीं की है. निशांत देव की बॉक्सिंग जर्नी आसान नहीं रही है. साल 2010 में निशांत के साथ दुखद हादसा हुआ था, जब सीढ़ियों से गिरने के कारण उनका दाहिना कंधा खिसक गया. इसके चलते उनके कंधे में रॉड डाली गई. तब निशांत की उम्र 10 साल थी. साल 2022 की शुरुआत में उनकी पुरानी चोट फिर उभर आई. जिससे उनका बोन मैरो संक्रमित हो गया. इस चोट के पहले लक्षण दिखने के बावजूद उन्होंने टूर्नामेंट में भाग लेना जारी रखा था.मार्च 2022 में उनकी सर्जरी हुई और वे साल के अधिकांश समय रिहैब में रहे, जिसके कारण उन्हें उस साल बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर रहना पड़ा. निशांत देव ने जनवरी 2023 में हिसार में आयोजित राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के जरिए रिंग में वापसी की. मई 2023 में ताशकंद में आयोजित आईबीए पुरुष विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में निशांत ने कांस्य पदक जीता, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका पहला पदक था. निशांत ने इस साल बैंकाक में आयोजित दूसरे वर्ल्ड बॉक्सिंग क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के जरिए पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालिफाई किया था. निर्णायक मुकाबले में निशांत ने मेडागास्कर के बॉक्सर वासिले सेबोटारी को 5-0 से हराया था.   recent visitors 112

खरार्घाट गांव को 75 साल के बाद सीएम मोहन यादव ने दी पुल की सौगात

दमोह दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में पठाघाट और खर्राघाट दो पुल काफी नीचे थे, थोड़ी सी बारिश में दोनों पुल पानी में डूब जाते थे। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। शनिवार को खर्राघाट नदी पर बने नए पुल का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण कर दिया है। 75 साल के बाद खर्राघाट में लोगों को नए पुल की सुविधा मिली है। इस पुल के निर्माण से 18 गांवों के लोगों का आवागमन बारिश के दिनों में भी जारी रहेगा, जो पहले बंद हो जाता था। पुल निर्माण के बाद लोग पठाघाट पुल की बजाए इस नए पुल से आवागमन कर सकते हैं। खमरिया गांव निवासी नीलेश यादव ने बताया कि खमरिया, अजीतपुर, देवरी निजाम, खमखेड़ा, दलपतखेड़ा सहित अन्य गांवों के लोगों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए खर्राघाट के क्षतिग्रस्त पुल से होकर गुजरना पड़ता था। अब नए पुल के निर्माण के बाद यह समस्या समाप्त हो गई है। पुल काफी सुविधाजनक है और इसमें दोनों तरफ रैलिंग लगी हुई है, जिससे अगर कोई वाहन अनियंत्रित होता है तो रैलिंग के जरिए वह नीचे गिरने से बच सकता है।  खर्राघाट पर बने पुल का निर्माण कार्य चार साल में पूरा हुआ है। यह पुल ऊंचाई में काफी अधिक है, इससे बारिश के दिनों में पुल पर पानी नहीं आएगा और सुरक्षा के साथ आवागमन जारी रहेगा। पुल का निर्माण प्रधानमंत्री सड़क योजना द्वारा कराया गया है, यह मंत्री धर्मेंद्र सिंह के पिछले विधायकी कार्यकाल में मंजूर हुआ था। खर्राघाट पुल निर्माण का कार्य चार करोड़ पचास लाख की लागत से चार वर्षों में पूरा किया गया है। पुल 150 मीटर लंबा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिंडरई और अजीतपुर मार्ग पर बने उच्चस्तरीय पुल का जबेरा से वर्चुअल लोकार्पण किया। यह पुल 75 साल के बाद बना है, इसके एक ओर मुख्य मार्ग है, जबकि दूसरी ओर गांव बसे हैं। जहां, की आबादी लगभग बीस हजार है।   recent visitors 154

महंत Kanak Bihari Das Maharaj के खाते से 90 लाख रूपए लेकर भागी साध्वी !

छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा (Chhindwara) के लोनिबर्रा श्री राम जानकी मंदिर धाम के महंत स्व. कनक बिहारी दास के बैंक खाते से 90 लाख रुपये निकाल लिए गए. इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई है. पुलिस ने रीना रघुवंशी उर्फ साध्वी लक्ष्मी और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बता दें कि महंत कनक बिहारी दास ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए एक करोड़ रुपये दान में दिए थे. दरअसल, स्व. कनक बिहारी दास महाराज के उत्तराधिकारी श्याम बाबा ने चौरई पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि एसबीआई बैंक में स्व. कनक बिहारी दास का खाता था. उसमें 90 लाख रुपये जमा थे. अभी इसमें उत्तराधिकारी को लेकर केस न्यायालय में चल रहा है. शिकायत में आरोप लगाया गया कि भोपाल की रहने वाली रीना रघुवंशी ने अपने साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की और खाते में अपना मोबाइल नंबर दर्ज करवाकर नेट बैंकिंग के जरिए खाते से राशि निकाल ली. श्याम बाबा भी खुद को महंत कनक बिहारी दास का उत्तराधिकारी मान रहे हैं. वहीं साध्वी की ओर से एक कॉपी वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि महंत कनक बिहारी दास ने उनको उत्तराधिकारी बनाया है. बीते साल सड़क हादसे में हो गया था महंत कनक बिहारी दास का निधन फिलहाल पुलिस ने रीना रघुवंशी उर्फ साध्वी लक्ष्मी सहित अन्य लोगों पर धारा 420 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. स्व. महंत कनक बिहारी दास का 17 अप्रैल 2023 को सड़क हादसे में निधन हो गया था. उन्होंने अयोध्या मंदिर के लिए 1 करोड़ रुपये का दान दिया था. इस मामले में चौरई एसडीओपी का कहना है कि एक शिकायत मिली थी. इसमें कहा गया था कि स्व. कनक बिहारी दास के अकाउंट से पैसे निकाल लिए गए हैं. शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई. इसमें रीना रघुवंशी का नाम दर्ज है. पूरे मामले की विवेचना चल रही है. बताया जाता है कि रीना रघुवंशी 2022 में विदिशा में एक कार्यक्रम में कनक दास महाराज से जुड़ी थी। कनक बिहारी दास महाराज की 17 अप्रैल 2023 को सडक़ हादसे में मौत हो गई थी। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए चंदा दिया था। बम्हनीलाला के रहने वाले और श्रीराम जानकी मंदिर समिति के नए महंत श्याम दास महाराज और मंदिर से जुड़े चक्रपाल सिंह पटेल ने 15 दिन पहले चौरई थाने में शिकायत की थी। इसमें बताया था कि कनक बिहारी दास महाराज का खाता चौरई के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है। अकाउंट में 90 लाख रुपए जमा थे।   महाराज के निधन के बाद रीना ने कूटरचित दस्तावेजों की मदद से खुद को कनक दास महाराज का नॉमिनी बना लिया। दस्तावेजों की मदद से 28 दिसंबर 2023 को भोपाल से मोबाइल सिम भी अलॉट करवा ली। 31 दिसंबर 2023 को उसने महाराज के खाते से अपने खाते में एक रुपए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर चेक भी किया। सफल होने पर लगातार ट्रांजैक्शन करती रही। 19 जनवरी 2024 को 50 लाख रुपए कैश निकाले। 31 जनवरी को आखिरी बार 9 लाख 99 हजार 999 रुपए का ट्रांजैक्शन किया। एक महीने में ऑनलाइन और ऑफलाइन 89 लाख 80 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कराए। अब कनकदास महाराज के खाते में सिर्फ 20 हजार रुपए बचे हैं। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी रीना रघुवंशी पर मामला दर्ज किया है।   recent visitors 155

गाजा में स्कूल पर इजरायली हमले में 15 फिलिस्तीनियों की दर्दनाक मौत

गाजा  गाजा शहर में एक स्कूल पर इजरायली हवाई हमले में कम से कम 15 फिलिस्तीनी मारे गए हैं. दर्जनों अन्य घायल हो गए. फिलिस्तीनी सुरक्षा और चिकित्सा सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी गई है. फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने शनिवार को सिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया कि इजरायली जेट ने गाजा शहर के उत्तर में शेख रादवान में एक स्कूल पर मिसाइल से हमला किया. यहां विस्थापित लोग रह रहे थे. फिलिस्तीनी चिकित्सा सूत्रों के मुताबिक, बमबारी में 15 लोग मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हो गए, और पीड़ितों की संख्या बढ़ने की संभावना है. सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि इजरायल रक्षा बलों ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उसने हमास के कमांड और नियंत्रण परिसर को निशाना बनाया है, जिसका इस्तेमाल हथियार बनाने के लिए किया जा रहा था और जिसे पहले गाजा शहर में एक स्कूल के रूप में इस्तेमाल किया जाता था. बयान में कहा गया है कि परिसर का इस्तेमाल हमास आतंकवादियों के लिए छिपने की जगह के रूप में किया जा रहा था. इस परिसर के अंदर इजरायल के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाई गई थी. इसमें कहा गया है कि बुनियादी ढांचे के भीतर से काम करके, नागरिक आबादी और संस्थानों का अपने आतंकवादी गतिविधियों के लिए मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर हमास अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है. इसके अलावा, हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को एक प्रेस बयान में कहा कि 7 अक्टूबर, 2023 से गाजा पट्टी पर चल रहे इजरायली हमलों में फिलिस्तीनी मृतकों की संख्या बढ़कर 39,550 हो गई है, जबकि 91,280 अन्य घायल हुए हैं. बनाई जा रही थी इजरायल के खिलाफ हमले की योजना सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि इजरायल रक्षा बलों ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उसने हमास के कमांड और नियंत्रण परिसर को निशाना बनाया है, जिसका इस्तेमाल हथियार बनाने के लिए किया जा रहा था और जिसे पहले गाजा शहर में एक स्कूल के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। बयान में कहा गया है कि परिसर का इस्तेमाल हमास आतंकवादियों के लिए छिपने की जगह के रूप में किया जा रहा था, और इस परिसर के अंदर इजरायल के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाई गई थी। इसमें कहा गया है कि बुनियादी ढांचे के भीतर से काम करके, नागरिक आबादी और संस्थानों का अपने आतंकवादी गतिविधियों के लिए मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर हमास अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है। इसके अलावा, हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को एक प्रेस बयान में कहा कि 7 अक्टूबर, 2023 से गाजा पट्टी पर चल रहे इजरायली हमलों में फिलिस्तीनी मृतकों की संख्या बढ़कर 39550 हो गई है, जबकि 91280 अन्य घायल हुए हैं। recent visitors 98

अफगानिस्तान मेंदो वाहनों के बीच भीषण भिड़ंत, गाड़ी के उड़े परखच्चे, 9 की मौत

काबुल  अफगानिस्तान में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। उत्तरी अफगानिस्तान के फरयाब प्रांत में ये हादसा हुआ। एक स्थानीय अधिकारी ने हादसे की पुष्टि की है। प्रांतीय सूचना एवं संस्कृति निदेशक मावलवी शमसुद्दीन मोहम्मदी के अनुसार, सड़क हादसा शनिवार दोपहर को खान-ए-चारबाग जिले में हुआ। यहां दो वाहनों की आपस में जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, सड़क हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की वजह क्या है ये स्पष्ट नहीं हो पाई और इसे लेकर जांच चल रही है। बता दें कि अफगानिस्तान में आए दिन सड़क हादसे सामने आते रहते हैं। इससे पहले 29 जुलाई को अफगानिस्तान में सड़क दुर्घटना में सात की मौत हो गई थी। पश्चिमी हेरात प्रांत के एड्रास्कन जिले में एक कार की ट्रक से टक्कर हुई थी। बताया जाता है कि अफगानिस्तान में लापरवाह ड्राइविंग की वजह से ये हादसे होते हैं। recent visitors 105