शेयर मार्केट में भारी गिरावट, सेंसेक्स 708 अंक लुढ़का

मुंबई शेयर मार्केट में भारी गिरावट के बीच जहां एचडीएफसी बैंक, हिन्दुस्तान यूनीलीवर, एशियन पेंट्स, आईटीसी और कोटक बैंक हरे निशान पर हैं। वहीं, टाटा मोटर्स और मारुति सेंसेक्स टॉप लूजर हैं। इनमें क्रमश: 3.34 और 3.19 पर्सेंट की गिरावट है। इनके अलावा जेएसडब्ल्यू स्टील, अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। नुकसान वाले शेयरों में सन फार्मा, इन्फोसिस, टीसीएस, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड भी है। सेंसेक्स 800 से अधिक अंको का गोता लगाकर दिन के निचले स्तर 81084 पर आ गया था। आज सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 2 अगस्त को कमजोर ग्लोबल संकेतों की वजह से आज शेयर मार्केट भारी गिरावट के साथ खुला। बीएसई सेंसेक्स 708 अंकों का गोता लगाकर 81158 के लेवल पर खुला। जबकि, निफ्टी 221 अंक लुढ़क कर 24789 पर। प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स पर सभी स्टॉक्स लाल निशान पर थे। घरेलू शेयर मार्केट में गिरावट के प्रबल आसार हैं। क्योंकि, गिफ्ट निफ्टी 24,820 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 215 अंक नीचे है, जो भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। वहीं, एशियाई बाजारों में गिरावट का कारोबार हुआ, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी नुकसान के साथ बंद हुए। इससे पहले गुरुवार को भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स नए क्लोजिंग हाई पर बंद हुए। सेंसेक्स 126.21 अंक या 0.15 फीसद बढ़कर 81,867.55 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 59.75 अंक या 0.24 फीसद बढ़कर 25,010.90 पर बंद हुआ। सुबह के शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्‍स के टॉप 30 शेयरों में से 3 शेयरों में तेजी देखी जा रही है. बाकी के 27 शेयर लाल निशान  पर कारोबार कर रहे हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट टाटा मोटर्स में 3.30 प्रतिशत, टाटा स्‍टील में 3 फीसदी, मारुति सुजुकी में 2.85 प्रतिशत, JSW Steel में 2 फीसदी, एल एंड टी में करीब 2 प्रतिशत और ICICI बैंक में 1.38 प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है. कल क्‍यों गिरा अमेर‍िकी बाजार? शुक्रवार को सेंसेक्‍स, निफ्टी के अलावा, बैंक निफ्टी और अन्‍य सभी इंडेक्‍स लाला निशान पर थे. इसका सबसे बड़ा कारण कल अमेरिकी बाजार में आई बड़ी गिरावट माना जा रहा है. ग्‍लोबल मार्केट में गिरावट मंदी की आशंका के कारण हुआ है, क्‍योंकि अमेरिका में मैन्‍यूफैक्‍चरिंग PMI उम्‍मीद से ज्‍यादा गिरा है और बेरोजगारों की संख्‍या में भी भारी बढ़ोतरी हुई है. इन पांच शेयरों में भारी गिरावट Cummins India के शेयर 7 फीसदी टूटकर 3,571 रुपये पर है. आदित्‍य बिरला कैप में 3.74 प्रतिशत की गिरावट आई है. Tata Motors, वेदांता, टाटा स्‍टील, HAL और ONGC के शेयरों में 3 फीसदी से ज्‍यादा कमी आई है. 73 स्‍टॉक में लोअर सर्किट एनएसई पर 2,414 शेयरों में से सिर्फ 493 शेयर ही हरे निशान पर हैं, जबकि 1,874 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. इसके अलावा, 47 स्‍टॉक अनचेंज हैं. 78 स्टॉक 52 सप्‍ताह के हाई लेवल पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 28 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर पहुंच गए हैं. वहीं 49 स्‍टॉक अपर सर्किट और 73 स्‍टॉक में लोअर सर्किट लगा है. recent visitors 112

Gautam Adani मिर्जापुर में 14000 करोड़ का प्‍लांट लगा रहे, आसमान पर प्रॉपर्टी के रेट

मिर्जापुर अडानी की कंपनी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक बड़ा प्‍लांट बना रही है.  यह 1600 मेगावाट (2×800 मेगावाट) का ग्रीनफील्ड अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट है. कंपनी की रणनीति के तहत यह थर्मल पावर, उसकी क्षमता को 30 MW तक बढ़ा देगी. इस प्‍लांट के बन जाने के बाद बड़े स्‍तर पर पावर सप्‍लाई की संभावना होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इस यूनिट का निर्माण Adani Power की सहायक कंपनी मिर्जापुर थर्मल एनर्जी (UP) प्राइवेट लिमिटेड (MTEUPL) द्वारा किया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, गौतम अडानी की कंपनी अडानी पावर ( Adani Power ) 2030 तक अपने थर्मल पोर्टफोलियो को 15.25 गीगावाट से बढ़ाकर 30.67 गीगावाट करने की योजना बना रही है. अडानी पावर प्‍लांंट के लिए इतने करोड़ होंगे खर्च   रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी द्वारा इस प्रोजेक्‍ट पर लगभग 14,000 करोड़ रुपये खर्च किये जाने की उम्मीद है. इस बीच, अडानी पावर लिमिटेड के शेयर ( Adani Power Share ) आज गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. आखिरी बार जांच करने पर पता चला कि शेयर 2.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 718.75 रुपये पर था. हालांकि, साल-दर-साल (YTD) आधार पर इसमें 36.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. प्‍लांट के लिए मिर्जापुर में पर्याप्‍त जमीन अडानी पावर (Adani Power) ने  एक बयान में कहा कि MTEUPL के पास उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बड़े पैमाने पर थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने के लिए उपयुक्त भूमि है. कंपनी ने आगे कहा कि "सुपरक्रिटिकल, एनर्जी प्‍लांट की क्षमता बढ़ती रहेगी, संशोधित क्षमता बढ़ोतरी अनुमान 80 गीगावाट+ है. रायपुर में भी बन रहा 1600 मेगावाट का प्‍लांट अडानी पावर ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में 1600 मेगावाट (2X800 मेगावाट) की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर विस्तार परियोजना का विकास भी शुरू किया है, जहां 1,370 मेगावाट का प्‍लांट पहले से ही मौजूद है.       recent visitors 123

हेल्थ सही नहीं तो नाखूनों में लक्षण नजर आने लगते है, तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरूरत

वाशिंगटन नाखून से इंसान की सेहत का पता लगाया जा सकता है। डॉक्टर के अलावा आप भी अपने नाखून देखकर अपनी सेहत के बारे में जान सकते हैं। दरअसल, नाखून शरीर का अहम हिस्सा होते हैं जो सेहत का राज बताते हैं। जिसकी हेल्थ सही नहीं रहती, उसके नाखूनों में कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं। इसका मतलब है कि नाखून आपको संकेत दे रहे हैं कि आपके शरीर में कुछ तो गड़बढ़ है और तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है। नाखून विटामिन की कमी से लेकर कैंसर तक की जानकारी दे सकते हैं। अगर आपके नाखून में भी नीचे बताए हुए संकेत नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। नाखूनों का पीलापन बहुत लंबे समय तक नेल पॉलिश लगाने के कारण भी हो सकते हैं लेकिन नाखून के आसपास के अन्य बदलावों पर भी ध्यान देना काफी जरूरी है। यदि नाखूनों के आसपास की त्वचा पीली होती है तो वह थायरॉयड की निशानी भी हो सकते हैं। थायरॉइड के कारण नाखून मोटे, सूखे, टूटने वाले हो सकते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एसोसिएशन के मुताबिक, सूजी हुई उंगलियां, घुमावदार नाखून, नाखून के ऊपर की त्वचा का मोटा होना थायरॉयड की निशानी हो सकता है। नाखूनों पर लकीर : नाखूनों पर लकीर दिखना सबसे गंभीर लक्षणों में से एक है। नाखूनों पर दिखने वाली लकीर मेलेनोमा का संकेत हो सकता है जो कि नाखूनों के नीचे होने वाला एक प्रकार का स्किन कैंसर है। यह पैर और हाथों की उंगलियों में भी हो सकता है। लोग अक्सर नाखून पर दिखनी वाली लकीर को अनदेखा कर देते हैं लेकिन इसे अनदेखा करना गलत हो सकता है। नाखून में काले या भूरे रंग की लकीर दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। लकीरों के साथ नाखून से खून आ सकता है, नाखून में दरार आ सकती है और आसपास की त्वचा भी काली हो सकती है। मेलेनोमा, स्किन कैंसर का सबसे खतरनाक रूप है जो आमतौर पर यूवी किरणों के संपर्क में आने से होता है। इसे मेलानोनीचिया भी कहा जाता है जो अफ्रीकी, अमेरिकी, हिस्पैनिक, भारतीय, जापानी और अन्य गहरे रंग की स्किन वाले लोगों में हो सकता है।  कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार, कोई भी जानलेवा बीमारी वाले लगभग 35 प्रतिशत लोगों के नाखून नरम हो जाते हैं और नाखून के बगल की त्वाचा सामान्य से अधिक घुमावदार हो जाती है। साथ ही साथ उंगलियों के सिरे सामान्य से बड़े हो जाते हैं। इस स्थिति को नाखून या फिंगर क्लबिंग कहते हैं। फिंगर क्लबिंग कई गंभीर स्थितियों जैसे सिस्टिक फाइब्रोसिस, हार्ट डिसीज, कैंसर या अन्य आनुवांशिक बीमारियों के कारण हो सकता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि फेफड़े के कैंसर में लगभग 80 से 90 प्रतिशत मामलों में फिंगर क्लबिंग जिम्मेदार होता है। गुर्दे या थायरॉयड की समस्या होने पर होरिजोंटल लकीरें रेखाएं नाखून पर बन जाती हैं। साथ ही साथ यह तेज बुखार, कोविड, मम्बल, खसरा या निमोनिया के कारण भी हो सकती हैं। जो लोग डाइट में पर्याप्त प्रोटीन और जिंक का सेवन नहीं करते उनके नाखूनों में भी होरिजोंटल लकीरें दिखाई देती हैं। यह स्थिति एक्जिमा या सोरायसिस का साइड इफेक्ट भी हो सकता है। पीले और मोटे नाखून डायबिटीज का संकेत हैं। डायबिटीज वाले लोगों के नाखून पीले और मोटे हो जाते हैं। डायबिटीज वाले लोगों में काफी पहले से ये लक्षण नाखूनों पर नजर आने लगते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर किसी को सोरायसिस (त्वचा की स्थिति) की शिकायत होती है तो नाखून टूट सकते हैं। इस स्थिति के अन्य लक्षण कोहनी, घुटनों और खोपड़ी पर भी नजर आने लगते हैं। सोरायसिस वाले आधे से अधिक लोगों की हाथ और पैरों की उंगुलियों के नाखूनों में इसके लक्षण नजर आने लगते हैं। पिटिंग की स्थिति में आपके नाखूनों में गहरे छेद हो सकते हैं या वे अधिक नुकीले हो सकते हैं।     recent visitors 104

कंपनी उपभोक्ताओं को जनसंचार माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं के अलावा सोशल मीडिया से भी उपलब्ध कराई जा रही

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के अंतर्गत आने वाले बिजली उपभोक्ताओं को बिजली क्षेत्र से जुड़ी नवीनतम योजनाएं, तकनीकी जानकारी, विभिन्न प्रमाणिक सूचनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को अन्य जनसंचार माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं के अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से फेसबुक, एक्स एवं यूट्यूब चैनल से भी उपलब्ध कराई जा रही हैं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि कंपनी कार्य क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता कंपनी के अधिकृत सोशल मीडिया के फेसबुक पेज फॉलो करने लिए के लिए https://www.facebook.com/mpcz.bhopal तथा एक्स से जुड़ने के लिए https://x.com/mpczDiscom एवं यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने लिए www.youtube.com/@jansamparkMPCZ दिए गए लिंक पर क्लिक कर निरंतर विद्युत से जुड़ी तमाम योजनाएं, खबरों, शटडाउन आदि से अपडेट हो सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं को घर बैठे ही विद्युत संबंधी सभी जानकारियां अपने मोबाइल पर भी आसानी से मिल सकेंगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि कंपनी की विद्युत से जुड़ी तमाम जानकारियों से अपडेट रहने के लिए एवं सुझाव अथवा शिकायतों के निराकरण लिए कंपनी के सोशल मीडिया के फेसबुक, एक्स एवं यूट्यूब चैनल को लाइक और सब्सक्राइब करें एवं घर बैठे सूचनाएं प्राप्त करें।   recent visitors 103

शुगर कंट्रोल से बाहर हुई तो नसों को भी डैमेज करने लगती है – शोध

वाशिंगटन  यदि ब्लड शुगर कंट्रोल से बाहर हो गया तो यह शुगर शरीर की नसों को भी डैमेज करने लगता है। इस बीमारी को डायबेटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। इसमें मरीज के शरीर के किसी भी हिस्से में नर्व डैमेज होने लगती है। लगभग 50 प्रतिशत डायबिटीज के मरीजों को नर्व डैमेज होने की समस्या होती है। इसलिए समय पर डायबिटीज को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। जानकारी के मुताबिक चार तरह के डायबेटिक न्यूरोपैथी की बीमारी होती है जिनमें कमोबेश एक ही तरह के लक्षण दिखते हैं। डायबेटिक न्यूरोपैथी के लक्षण सबसे पहले हाथ और पैर की नसों में देखने को मिलता है। इस कारण हाथ और पैर पहले से सुन्न होने लगता है। सबसे पहले हाथ में सुन्नापन आता है। हाई ब्लड शुगर के कारण खून की छोटी-छोटी नलिकाओं की दीवाल कमजोर होने लगती है। इसलिए इसके कहीं भी रिसने का डर रहता है। जिससे ऑक्सीजन और अन्य पोषक तत्वों का अंगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। डायबिटीज से बचने के सिंपल सूत्र हैं फिजिकल एक्टिविटी, हेल्दी डाइट, पर्याप्त पानी पीना, वजन कम करें, सिगरेट-शराब से दूर रहे, स्ट्रैस मैनेजमेंट और पर्याप्त नींद ले। विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे पहले हर वयस्क इंसान को अपने जीवन में नियमित रूप से एक्सरसाइज को शामिल कर लेना चाहिए। एक्सरसाइज के लिए जिम जाने की जरूरत नहीं है बल्कि इसके लिए ब्रिस्क एक्सरसाइज ही काफी है। यानी तेजी के साथ वॉक, साइक्लिंग, स्विमिंग, डांस, रस्सी कूद, हाई जंप, लॉन्ग जंप जैसी गतिविधियां यदि आप आधे से पौन घंटे तक करते हैं तो डायबिटीज होने की आशंका बहुत कम हो जाएगी। इतना ही नहीं इससे कई और बीमारियां भी नहीं होंगी। हेल्दी डाइट से पहले यह समझ लें कि क्या न खाएं। पिज्जा, बर्गर, तली-भुनी चीजें, फास्ट फूड, जंक फूड, पैकेटबंद चीजें, प्रोसेस्ड फूड, रेड मीट, ज्यादा मीठी चीजें, ज्यादा नमकीन चीजें, शराब, सिगरेट का सेवन जितना कम करेंगे, उतना ही डायबिटीज को होने का खतरा कम होगा। इसके साथ ही हेल्दी भोजन करें। जिस भोजन को शुद्ध रूप से कुदरती तरीके से पकाया गया हो और इसमें तेल, नमक का कम इस्तेमाल किया गया हो। जितना हो सके, सीजनल हरी सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, एंटीऑक्सीडेंट्स वाले कलरफुल सब्जी और फ्रूट्स का सेवन करना चाहिए। रोजना पर्याप्त पानी पीना न सिर्फ आपको डायबिटीज से बचा सकता है बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी बचा सकता है। इसलिए रोजाना पर्याप्त पानी पीएं। हालांकि कितना पानी पीया जाए इसका कोई तय पैमाना नहीं है। लेकिन आप दिन भर में दो लीटर पानी पीएं। डायबिटीज न हो, इसके लिए हर हाल में वजन कम करें। क्योंकि मोटापा के कारण डायबिटीज भी हो सकता है। ज्यादा वजन कई बीमारियों की जड़ है। इसलिए हर हाल में वजन कम करें। अगर एक्सरसाइज, नियंत्रित खान पान से वजन कम नहीं हो रहा है तो एक्सपर्ट की सलाह लें। वजन कम करना न कोई मैजिक है और न ही यह एक-आध महीने में होने वाला है। इसके लिए एक साथ कई चीजों को मैनेज करना पड़ता है। सिगरेट, शराब न सिर्फ डायबिटीज बल्कि कई घातक बीमारियों को बढ़ाता है। इसलिए जितना संभव हो सके अल्कोहल का सेवन न करें। सिगरेट तो पीएं ही नहीं या किसी भी तरह के तंबाकू वाली चीजों का सेवन न करें। तनाव शरीर में 1600 से ज्यादा केमिकल रिएक्शन को प्रभावित करता है। जैसे ही तनाव वाला कॉर्टिसोल हार्मोन ज्यादा रिलीज होने लगता है तो यह मेटाबोलिज्म को बुरी तरह प्रभावित करता है। इसलिए तनाव को भगाने के लिए योगा, मेडिटेशन, वॉकिंग, रनिंग आदि का सहारा लें। हर तरह की बीमारी से बचने के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है। यदि रात में सुकून भरी नींद नहीं आएगी तो कई तरह की मुश्किलें होंगी। नींद कम आने के कारण डायबिटीज भी हो सकता है। एक्सपटर्स की माने तो डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें पैंक्रियाज से इंसुलिन हार्मोन कम बनता है या बनता ही नहीं है या इंसुलिन रेजिस्ट हो जाता है। चूंकि इंसुलिन ही शुगर को पचाता है और इससे एनर्जी बनती है। इसलिए जब इंसुलिन की कमी होती है तो खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। यह ऐसी बीमारी है जिसमें शुरुआत में बिल्कुल भी पता नहीं चलता।   recent visitors 113

हमें नुकसान पहुंचाने वालों से हम बदला लेंगे- बेंजामिन नेतन्याहू

तेल अवीव  हमास चीफ हानिया की मौत के बाद मुस्लिम देशों से मिली धमकी के बाद इजरायल ने साफ कह दिया कि हमे नुकसान पहुंचाया तो हम गर्दने उतारने में देर नहीं करेंगे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्ला नेता फुआद शुक्र की मौत का भी जिक्र किया और कहा कि हमें नुकसान पहुंचाने वालों से हम बदला लेंगे। दक्षिण बेरूत में शुक्र की मौत हो गई थी। वहीं, ईरान की राजधानी तेहरान में हुए हवाई हमले में हमास के शीर्ष कमांडर इस्माइल हनियेह भी मारा गया। इसके आरोप इजरायल पर लगाए जा रहे हैं। नेतन्याहू का कहना है कि इजरायल किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, इजरायल के नागरिकों, आने वाले दिन चुनौती भरे हैं। बेरूत में स्ट्राइक के बाद हर दिशा से धमकियां आ रही हैं। हम किसी भी हालात के लिए तैयार हैं और हम किसी भी धमकी के सामने एकजुट खड़े हैं। किसी भी क्षेत्र से हमारे खिलाफ आक्रमण हुआ, तो इजरायल उससे भारी कीमत वसूल करेगा। उन्होंने कहा, हमने नसरल्लाह के करीबी (हिजबुल्ला प्रमुख हसन) को मार दिया है, जो बच्चों के नरसंहार के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार था। एक स्ट्राइक में 12 बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके आरोप हिजबुल्ला पर लगाए गए थे। इजरायल के पीएम ने कहा, हमने मोहसिन से हमारा बदला ले लिया है और जो भी हमें नुकसान पहुंचाएगा, उससे हम बदला लेंगे। जो भी हमारे बच्चों को मारेगा, जो भी हमारे नागरिकों को मारे, जो भी हमारे देश को नुकसान पहुंचाएगा। उसकी कीमत उसका सर होगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध रोकने के दबाव को लेकर नेतन्याहू ने कहा, अगर हमने उन आवाजों को सुना होता, तो हम हमास के नेताओं और हजारों आतंकवादियों को खत्म नहीं कर पाते। हम आतंकियों को इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म नहीं कर पाते…। हम ऐसे हालात तैयार नहीं कर पाते, जिनकी वजह से हम ऐसे समझौते के करीब आ गए हैं जो हमारे सभी कैदियों की रिहाई और युद्ध के उद्देश्यों को पूरा करता है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने हनियेह की मौत का जिक्र नहीं किया। बुधवार को ही हमास और ईरान के रिवॉल्युशनरी गार्ड्स ने हनियेह की मौत की घोषणा की थी।     recent visitors 101

ट्रंप ने कमला हैरिस के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी करते हुए उनसे पूछा कि वह ‘‘भारतीय हैं या अश्वेत’’

वाशिंगटन  रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी करते हुए उनसे पूछा कि वह ‘‘भारतीय हैं या अश्वेत’’। इस पर डेमोक्रेटिक पार्टी की उनकी प्रतिद्वंद्वी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और पूर्व राष्ट्रपति की टिप्पणी को “विभाजनकारी” और “अनादर” का “वही पुराना राग अलापना” बताया। ट्रंप (78) ने झूठा दावा किया कि उपराष्ट्रपति हैरिस ने केवल अपनी एशियाई-अमेरिकी विरासत पर ही जोर दिया है जबकि उन्होंने दावा किया कि ‘‘वह एक अश्वेत हैं।’’ ट्रंप ने  शिकागो में ‘नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लैक जर्नलिस्ट्स’ सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं उन्हें लंबे समय से अप्रत्यक्ष रूप से जानता हूं। वह हमेशा से भारतीय मूल की बताती थीं और केवल भारतीय मूल को बढ़ावा दे रही थीं। कई साल पहले तक मुझे नहीं पता था कि वह अश्वेत हैं, अब वह अश्वेत के रूप में पहचान बनाना चाहती हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तो मुझे नहीं पता वह भारतीय हैं या वह अश्वेत हैं?’’ हैरिस की मां मूल रूप से भारत की हैं और उनके पिता जमैका से हैं। ह्यूस्टन में  अश्वेत समुदाय के एक कार्यक्रम में हैरिस ने कहा, ‘‘ट्रंप ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लैक जर्नलिस्ट्स की वार्षिक बैठक में भाषण दिया और वही पुराना विभाजनकारी और अनादर का राग अलापा। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि अमेरिकी लोग इससे बेहतर के हकदार हैं।’’   recent visitors 123