मध्यप्रदेश के 21 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट, कल से लू चलेगी

भोपाल मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 17 मई से उत्तरी हिस्से के जिलों में हीट वेव यानी, गर्म हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश हो सकती है अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम विभाग की मानें तो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन की सक्रियता के चलते 19 मई तक राज्य में मौसम बिगड़ा रहेगा। खासतौर पर शुक्रवार से अगले चार दिन तक कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इस बीच कुछ क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि होगी, जबकि उत्तरी जिलों में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। कहीं बारिश तो कहीं लू का अलर्ट राज्य के 21 जिलों में शुक्रवार को बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 17 मई से उत्तर मध्यप्रदेश के जिलों में लू की स्थिति बन सकती है। खासकर निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है। हालांकि, भोपाल और ग्वालियर जैसे इलाकों में गर्मी का प्रभाव अभी बना रहेगा। 25 मई से शुरू होगा नौतपा इस साल 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा का असर पहले जैसा तीव्र नहीं रहेगा। हालांकि, इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। आमतौर पर नौतपा को साल की सबसे तपती अवधि माना जाता है, लेकिन इस बार इसका प्रभाव कुछ कम रहने वाला है। अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम     17 मई : शुक्रवार को बुंदेलखंड के निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। वहीं, प्रदेश के कई अन्य जिलों जैसे नीमच, मंदसौर, इंदौर, उज्जैन, बड़वानी, धार, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, मंडला और सिवनी में बारिश के आसार हैं।     18 मई : शनिवार को छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में एक बार फिर लू का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि इंदौर, देवास, उज्जैन, नर्मदापुरम, बड़वानी, बैतूल, डिंडौरी और अन्य जिलों में तेज आंधी और वर्षा की चेतावनी दी गई है।     19 मई : रविवार को प्रदेशभर में मौसम और अधिक सक्रिय रहेगा। भोपाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर सहित 30 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है। वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का असर बना रह सकता है। एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियां दक्षिणी गुजरात में ऊपरी हवा में चक्रवात, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश तक बनी द्रोणिका और अन्य मौसमी तंत्रों की सक्रियता के चलते पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। इन सबका संयुक्त प्रभाव आने वाले दिनों में प्रदेश में अस्थिर मौसम की स्थिति बनाए रखेगा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा बारिश, ग्वालियर-खजुराहो में गर्मी बढ़ी गुरुवार को भी प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गर्मी वाला मौसम रहा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिर गया। वहीं, इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। उज्जैन, टीकमगढ़, धार, मंडला में भी बारिश हुई। बैतूल, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, बालाघाट, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर जिलों में रात के समय मौसम बदला रहा। इधर, गुरुवार को कई शहरों में गर्मी का असर देखने को मिला। खजुराहो में 43.4 डिग्री, नौगांव में 42.7 डिग्री, शिवपुरी-रीवा में 42 डिग्री, सतना में 41.6 डिग्री, गुना में 41.3 डिग्री, सीधी में 41.2 डिग्री और उमरिया में पारा 40 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 37.3 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा। recent visitors 30

टेस्ट में कप्तानी के जसप्रीत बुमराह थे सबसे बड़े दावेदार, ऐसा क्या हुआ जो कट गया पत्ता?

नई दिल्ली जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी में रोहित शर्मा का स्वाभाविक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था। दिसंबर-जनवरी में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान 2 मैचों में उन्होंने कप्तानी भी की। रोहित शर्मा के संन्यास के बाद टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह का पत्ता आखिर क्यों कट गया? कप्तानी की रेस का फ्रंटरनर अचानक रेस से ही बाहर क्यों हो गया? औपचारिक ऐलान तो नहीं हुआ है लेकिन रिपोर्ट बता रहीं कि बीसीसीआई ने शुभमन गिल को रोहित शर्मा का उत्तराधिकारी चुन लिया है। वही गिल जिनकी टेस्ट के प्लेइंग इलेवन तक में पक्की जगह नहीं मानी जाती थी। कम से कम दिग्गज पूर्व क्रिकेटर श्रीकांत का तो यही मानना है। महान सुनील गावस्कर और अनिल कुंबले जैसे एक्सपर्ट भी जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी सौंपे जाने के पैरोकार थे। हाल ही तक उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने वाले दिग्गज ऑफ स्पिनर आर अश्विन भी उन्हें ही अगला कप्तान देख रहे थे। फिर बुमराह का पत्ता कैसे कटा? इसका कनेक्शन इसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट से है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए जसप्रीत बुमराह टीम के उपकप्तान चुने गए थे। पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में उन्होंने कप्तानी भी क्योंकि नियमित कप्तान रोहित शर्मा उस मैच को नहीं खेल पाए थे। वह दूसरी बार पिता बने थे। बुमराह की कप्तानी में टीम इंडिया ने पर्थ टेस्ट 295 रन के विशाल अंतर से जीता था। वहां जीत के लिए भारत का 47 साल का इंतजार खत्म हुआ था। बुमराह ने सिडनी में खेले गए आखिरी टेस्ट में भी कप्तानी की थी क्योंकि रोहित शर्मा ने खुद को ड्रॉप कर दिया था। मैच के दूसरे ही दिन 4 जनवरी को जसप्रीत बुमराह बैक इंजरी के शिकार हो गए और उसके बाद वह फील्ड पर नहीं लौटे। मैच भी तीन दिन में ही समाप्त हो गया और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से जीत हासिल कर ली। सीरीज में भारत की शर्मनाक हार हुई। तब बीसीसीआई ने नए कप्तान पर विचार शुरू कर दिया लेकिन बुमराह की बैक इंजरी उनकी दावेदारी के लिए बहुत बड़ा झटका साबित हुई। उसके बाद बुमराह 3 महीने तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहे। चैंपियंस ट्रॉफी में भी हिस्सा नहीं ले पाए। आईपीएल 2025 के शुरुआती मैचों में भी वह नहीं खेल पाए। फिटनेस और चोट की इन्हीं चुनौतियों की वजह से अगले टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह का पत्ता कट गया। वैसे यह कोई पहली बार नहीं था जब बुमराह इंजरी की वजह से लंबे समय तक क्रिकेट के मैदान से बाहर रहे और आईसीसी टूर्नामेंट तक मिस किया हो। यह वजह है कि चयनकर्ताओं ने कप्तानी के लिए बुमराह से इतर चेहरे को तलाशना शुरू किया। अब ये तलाश गिल के रूप में खत्म होती दिख रही है। उन्होंने आईपीएल में गुजरात टाइटंस के कप्तान के तौर पर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित भी की है। वनडे और टी-20 दोनों में वह टीम इंडिया के उपकप्तान हैं। recent visitors 41

मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी से मांगी माफी

भोपाल मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के विवादित बयान को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है. शाह के इस्तीफे की मांग पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि वह पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से इस्तीफा मांग ले. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में तिरंगा यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा, "न्यायपालिका ने जो आदेश दिया है, हमारी सरकार ने उसका यथायोग्य तरीके से पालन किया है और न्यायालय जो कहेगा, हम उसके हिसाब से चलते जाएंगे." उन्होंने विजय शाह के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने और एफआईआर दर्ज करने के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने कोर्ट के निर्देशों का पालन किया है. उधर, कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर मंत्री विजय शाह के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है. इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम यादव ने कहा, "कांग्रेस तो करती रहेगी, कांग्रेस सिद्धारमैया से इस्तीफा मांग ले. कांग्रेस के सभी मंत्रियों पर केस चल रहे हैं. कांग्रेस का आचरण देखा था जब चुनाव में केजरीवाल के साथ कदम से कदम मिलाकर चले थे, वो तो मुख्यमंत्री रहते जेल गए थे. कांग्रेस उस समय कहां थी? कांग्रेस को तो बोलने का अधिकार ही नहीं है. कांग्रेस ने जितनी बेशर्मी की हदें पार कीं, आज तक किसी ने नहीं की." दरअसल, विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी इस बयान के बाद कांग्रेस ने शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद इंदौर में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. वहीं, विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह दस बार माफी मांगने को तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं.    राजभवन के बाहर प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के लिए अपमानजनक टिप्पणियां करने वाले मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह के खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने भोपाल में राजभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. काले कपड़े पहने कांग्रेस विधायकों ने मंत्री विजय शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला. प्रदर्शन से पहले कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात की और विजय शाह के इस्तीफे की मांग वाला एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन सौंपने के बाद राजभवन के गेट पर विधायकों ने प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने 'विजय शाह इस्तीफा दो' और 'बीजेपी सरकार शर्म करो' जैसे नारे लगाए. नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव विजय शाह का इस्तीफा क्यों नहीं ले रहे हैं? विजय शाह ने हमारी वीर बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी की है, जो न केवल सेना का अपमान है, बल्कि देश की बेटियों का भी अपमान है. मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह और उनकी पूरी कैबिनेट शाह के बयान का समर्थन करती है. यदि नहीं, तो तत्काल उनका इस्तीफा लिया जाए." बता दें कि विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ इंदौर के मनपुर थाने में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. इसके बावजूद बीजेपी ने शाह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे कांग्रेस और आक्रामक हो गई है. विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी से मांगी माफी मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच, भोपाल मध्य के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश की जनता की ओर से माफी मांगी है. विधायक आरिफ मसूद ने अपने पत्र में लिखा, "आदरणीया कर्नल सोफिया कुरैशी जी, जैसा कि आपको विदित होगा, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में आपके प्रति अभद्र टिप्पणी की थी. यह टिप्पणी न केवल एक व्यक्ति विशेष के लिए थी, बल्कि संपूर्ण भारत में सेवारत सेना के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए थी. उनके इस शर्मनाक कृत्य से न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरा भारत शर्मिंदगी महसूस कर रहा है." पत्र में आगे कहा गया, "प्रतिक्रिया स्वरूप संपूर्ण भारत में भाजपा सरकार के मंत्री के खिलाफ धरना, प्रदर्शन और आंदोलन हो रहे हैं. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है. मुझे इस बात का दुख है कि जिस परिवार के पूर्वजों ने सेना में रहकर देश की सेवा की और देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई, उस परिवार की बेटी पर अभद्र भाषा का उपयोग करने वाले बेशर्म मंत्री से भले ही भाजपा सरकार ने त्यागपत्र नहीं लिया हो, परंतु मैं मध्य प्रदेश की देशभक्त जनता की तरफ से आपसे माफी मांगता हूँ." पत्र के अंत में उन्होंने लिखा, "जय हिंद, जय भारत." बता दें कि विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद कांग्रेस ने शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद इंदौर में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. वहीं, विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह दस बार माफी मांगने को तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं.       recent visitors 43

भारत का व्यापार घाटा अप्रैल में बढ़कर 26.42 अरब डॉलर हुआ, निर्यात में 9 प्रतिशत की उछाल

नई दिल्ली अप्रैल 2025 में भारत का निर्यात 12.7% बढ़कर 73.80 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि आयात 15.7% की वृद्धि के साथ 82.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि ने व्यापार घाटे को 50% बढ़ाकर 8.65 अरब डॉलर कर दिया। भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ आयात निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में भारत का कुल निर्यात 73.80 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुँच गया, जो पिछले साल इसी महीने के 65.48 बिलियन अमरीकी डॉलर से 12.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि आयात और भी तेज़ गति से बढ़ा है, अप्रैल 2025 में कुल आयात बढ़कर 82.45 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो अप्रैल 2024 में 71.25 बिलियन अमरीकी डॉलर से 15.7 प्रतिशत की वृद्धि है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि हम 2024-25 में 825 बिलियन अमरीकी डॉलर के निर्यात के आंकड़े तक पहुँच गए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा निर्यात है। इससे पता चलता है कि भारतीय निर्यात और निर्यातकों ने अब अपने व्यवसाय में वह लचीलापन हासिल कर लिया है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, निर्यात और आयात में अंतर के कारण, भारत का कुल व्यापार घाटा चालू वर्ष में बढ़कर 8.65 अरब डॉलर हो गया। यह एक साल पहले के 5.77 अरब डॉलर से 50 फीसदी की जबरदस्त तेजी है। बता दें कि मार्च में व्यापार घाटा बढ़कर 21.54 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो फरवरी में तीन साल के निचले स्तर 14.05 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक था। भारत के सभी निर्यात (माल और सेवाएँ) ने भी मार्च 2025 में स्थिर वृद्धि दर्ज की है, जिसमें निर्यात और आयात दोनों में साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक डेटा के अनुसार कुल निर्यात मार्च 2024 में बढ़कर 73.61 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो मार्च 2024 में 71.71 बिलियन अमरीकी डॉलर था। आयात बढ़ने से बढ़ा व्यापार घाटा इलेक्ट्रॉोनिक का निर्यात 39.52 प्रतिशत से बढ़कर 3.69 हो गया. इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 11.28 प्रतिशत 9.51 अरब डॉलर का हो चुका है. इसी तरह क्रूड ऑयल में अप्रैल के महीने में आयात 25.6 प्रतिशत इजाफे के साथ 20.7 अरब डॉलर हो गया है. तो वहीं सोने का आयात 4.86 प्रतिशत और बढ़कर 3.09 अरब डॉलर का हो चुका है. आंकड़ों के मुताबिक, सेवा निर्यात का मूल्य अप्रैल के महीने में में 35.31 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने के दौरान 30.18 अरब डॉलर था. जबकि सेवाओं के आयात का अनुमानित मूल्य अप्रैल 2025 में 17.54 अरब डॉलर था, जबकि पिछले साल अप्रैल में ये 16.76 अरब डॉलर था. और बढ़ सकता है एक्सपोर्ट कॉमर्स सेक्रेटरी सुनील बर्थवाल का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि भारत अपने एक्सपोर्ट की रफ्तार इसी तरह से बनाकर रखेगा और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद ये एक अच्छा साल साबित होगा. उन्होंने कहा कि बीस देशों और 6 वस्तुओं पर ध्यान फोकस करने की रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं. इसके साथ ही, वाणिज्य मंत्रालय इस पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जल्दी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने जा रहे हैं. recent visitors 52

विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह के खिलाफ आज SC में सुनवाई, कोर्ट के रुख पर BJP की निगाहें

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह (Vijay Shah Controversial Remark) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने के बाद से वो कानूनी चंगुल में फंस गए हैं। आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनावई होनी है। विजय शाह ने कर्नल सोफिया (Colonel Sophia Qureshi) पर विवादित टिप्पणी की तो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया। विजय शाह ने जब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, तो सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसपर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार बीते दिन सीजेआई बीआर गवई ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। साथ ही उन्होंने मंत्री कुवंर विजय सिंह को भी जमकर फटकार लगाई। मंत्री विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट से अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी, जिसे ठुकराते हुए आज (16 मई) की तारीख दे दी गई थी। विजय शाह को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था-     राज्य के कैबिनेट मंत्री जैसे संवैधानिक पद पक बैठे व्यक्ति को बहुत सोच समझकर बोलना चाहिए। आपसे इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती है। आप मंत्री होकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या यह आपको शोभा देता है? जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद एमपी सरकार में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया को 'आतंकवादियों की बहन' कहा था। उनके इस बयान पर सख्त रुख अपनाते हुए एमपी हाईकोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196 (1)(b) और 197(1)(c) के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया था। विजय शाह ने मांगी माफी मामला गंभीराने के बाद मंत्री विजय शाह ने अपने बयान पर माफी भी मांगी थी। उनका कहना था कि मैं सपने में भी कर्नल सोफिया के बारे में गलत नहीं सोच सकता। सोफिया ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर देश की सेवा की है। मैं उन्हें सलाम करता हूं। अगर जोश में मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया हो तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं। इस्तीफे का बन रहा है दबाव विजय शाह का यह बयान सियासी गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। एमपी सरकार पर विजय शाह को मंत्री पद से हटाने का दबाव बन रहा है। खबरों की मानें तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विजय शाह से मुलाकात की थी। मगर, उन्होंने इस्तीफा देने से साफ मना कर दिया है। अब सबकी नजर आ सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है। recent visitors 38

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिले में भू-जल स्तर और पेयजल के स्रोतों की उपलब्धता की समीक्षा की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सतत निगरानी एवं समन्वय बनाए रखें। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने बीजापुर जिले में  भू-जल स्तर और पेयजल के स्रोतों की उपलब्धता की समीक्षा की। कलेक्टर बीजापुर ने बताया कि मांग के अनुरूप नलकूपों की खुदाई करवाई गई है। मुख्यमंत्री साय ने पेयजल की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि समर कैंप और 'बाल शिक्षा मित्र' जैसे नवाचारों से बच्चों की शिक्षा में रुचि बढ़ी है। मुख्यमंत्री साय ने इन प्रयासों को और अधिक संगठित एवं परिणामोन्मुखी बनाने पर बल दिया। मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने इस सम्बन्ध में बीजापुर और दंतेवाड़ा के कलेक्टरों को रूट चिन्हांकन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए आवास, पुनर्वास और कौशल प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने एनएमडीसी व निजी क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं हेतु प्लेसमेंट कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के तीसरे चरण में स्वयं भागीदारी करते हुए जमीनी सच्चाई का मूल्यांकन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे किए गए हैं और बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय समुदाय की आर्थिक समृद्धि के लिए उन्हें  उनकी प्रकृति के अनुरूप कार्यों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ अनेक पंचायतों में हो चुका है, जिससे अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएँ उनके ही गांवों में सुलभ होंगी। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम भावना से काम करने से ही प्रशासनिक और विकासात्मक लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे इसी भावना से कार्य करते हुए जनता के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध रहें। बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 27

मंत्री बागरी ने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये कलेक्टर एवं वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए

डिंडोरी नगरीय विकास एवं आवास तथा डिंडोरी जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने 14 और 15 मई को डिंडोरी जिले का दौरा किया। प्रभारी मंत्री का दो दिवसीय दौरा जिले में विकास की प्रगति के मूल्यांकन और जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर केन्द्रित रहा। इस दौरान उन्होंने अनेक शासकीय कार्यक्रमों में भाग लिया, विभागीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की और विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने डिंडोरी में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को कार्य में पारदर्शिता व गति लाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर सुश्री नेहा मरव्या, पुलिस अधीक्षक श्री वह्नि सिंह, स्थानीय विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते, जिलाध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़ी आदिवासी महिलाओं से भेंट की और उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये कलेक्टर एवं वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने अमरपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के कार्यक्रम में सम्मिलित होकर 256 नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर प्रति जोड़े 49 हजार रूपये के चेक वितरित किए। इस अवसर पर सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, कलेक्टर, एसपी सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने दूसरे दिन नर्मदा मंदिर डैम घाट से वीर शहीदों की स्मृति में तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में पहलगाम की घटना का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की वीरगाथा सुनाई और कर्नल सोफिया कुरैशी एवं विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसे सैन्य अधिकारियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने नगर परिषद डिंडोरी में अमृत 2.0, कायाकल्प 2.0 और मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना (तृतीय चरण) के अंतर्गत चार विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया जिसमें पार्क सौंदर्यीकरण, सीसी रोड निर्माण जैसे लगभग 8.15 करोड़ रूपये की लागत के कार्य शामिल हैं। उन्होंने ग्राम शहपुर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना कार्यक्रम में सम्मिलित होकर 188 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद एवं 49 हजार रूपये के चेक वितरित किए गए। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसमस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता दें और सभी विकास कार्यों को समय-सीमा एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें। उन्होंने आमजन से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं की स्थिति जानी और त्वरित समाधान के लिए प्रशासन को सक्रिय रहने के निर्देश दिए।   recent visitors 33