कूल कूल गर्मी : मई के पहले पखवाड़े में मात्र तीन दिन 40 से ऊपर गया पारा, 25 साल बाद इतना

भोपाल मई माह का पहला पखवाड़ा बीत गया है। आमतौर पर मई का पहला पखवाड़ा काफी तपिश भरा होता है, लेकिन इस बार लगातार बादल, तेज हवा, बारिश के चलते मई में गर्मी से राहत मिल रही है। तापमान लगातार सामान्य से नीचे बने हुए हैं। पिछले 25 सालों बाद मई के पहले पखवाड़े में अधिकतम तापमान लगातार 40 डिग्री से नीचे बना हुआ है। इसके पहले वर्ष 2000 में भी मई के पूरे माह में बारिश हुई थी और तब पूरे मई माह में 23 दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री से कम थे।  एमपी के भोपाल शहर में बीते दिन धूप खिली रही। इस दौरान शहर का अधिकतम तापमान 37.3 और न्यूनतम 25.6 डिग्री दर्ज किया गया। बुधवार के मुकाबले अधिकतम तापमान आधा डिग्री की गिरावट आई। मई में 25 सालों बाद पहले पखवाड़े में ऐसी स्थिति बनी है। इसके पहले वर्ष 2000 में भी मई में ऐसी स्थिति बनी थी। इसके बाद 2023 में भी अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन पहले पखवाड़े में 8 दिन तापमान 40 डिग्री से कम थे। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2000 से लेकर अब तक 25 साल में यह सबसे कम है। इन 25 वर्षों में कभी ऐसा नहीं हुआ। 15 दिन में से सिर्फ तीन दिन ही दिन का तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। पिछले 12 दिन में एक भी बार पारा 40 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा। इस दौरान आंधी चलने का भी नया रिकॉर्ड बना। मई के शुरुआती 15 दिनों में से 11 दिन आंधी चली। 25 साल में आंधी के दिनों की संख्या भी यह सबसे ज्यादा है। महीने की शुरुआती 3 दिन ही थोड़े-बहुत तपे। 4 तारीख से मौसम बदल गया। तबसे चल रहा बादल, आंधी, बारिश का दौर अब तक जारी है। मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला बताते हैं कि मौसम को प्रभावित करने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय इन दिनों सक्रिय रहा। प्रदेश में और उसके आसपास के राज्यों में चक्रवात बने। इनके कारण अरब सागर से नमी लाकर बारिश करवाने वाली रेखा (ट्रफ लाइन) भी मध्य प्रदेश या उसके आसपास से गुजरी। इस कारण कभी ऊंचाई के कभी मध्य और कभी निम्न स्तर के बादल छाए रहे। इस दौरान तपिश नहीं बढ़ सकी। तापमान भी 36 से 38 डिग्री के आसपास बना रहा। ऐसे मौसम का यह असर हुआ कि मई के शुरुआती 9 दिन में ही मई की बारिश का कोटा 14.2 मिमी पूरा हो गया। जानिए क्या कहते है एक्सपर्ट मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि इस बार लगातार पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात के कारण बादल, बारिश की स्थिति लगातार बन रही है, जिससे तापमान ज्यादा नहीं बढ़े हैं। इस सीजन में अब तक एक बार भी लू नहीं चली है। अभी मानसून ऑनसेट होने में लगभग एक माह का समय है। दूसरी ओर आने वाले दिनों में तापमानों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस बार लोगों के लिए खुशखबरी की बात ये है कि मानसून सामान्य या उससे अधिक रहने की संभावना है। एसी, कूलर की बिक्री कम मौसम के बदले मिजाज के कारण तापमान सामान्य से कम बने हुए हैं। ऐसे में एसी, कूलर का भी इस बार बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो रहा है जिससे इसकी बिक्री पर भी फर्क पड़ा है। बावड़िया में कूलर मेला लगाने वाले अरुण जैन का कहना है कि मार्च से जून तक सबसे अधिक बिक्री मई में होती है, लेकिन इस बार मई में कम हुई है। हर साल मई में 800 से एक हजार कूलर बिकते थे, जबकि अब तक 200 कूलर बिक पाए हैं। recent visitors 37

सीएम डॉ मोहन यादव ने अस्पताल में पहुंच कर मॉकड्रिल के दौरान ग्रेनेट फटने से घायल जवानों का जाना हाल-चाल

भोपाल  सीएम डॉ मोहन यादव ने अस्पताल में पहुंच कर मॉकड्रिल के दौरान ग्रेनेट फटने से घायल जवानों का जाना हाल-चाल। इस दौरान उनके साथ पुलिस के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। सीएम डॉ मोहन ने कहा कि मॉकड्रिल के दौरान घायल जवानों से मिलने आया था। उनके बेहतर इलाज के लिए निर्देश दिए हैं। उनके परिजनों से मुलाकात की है। भोपाल में एक घटना में घायल एक व्यक्ति के बच्चे ने भी मुझसे उनके पिता से मिलने का आग्रह किया था उनसे भी मिला हूं। एक जवान को आंख में गंभीर चोट लगी है, मैंने जांच के आदेश भी दिए हैं। मॉकड्रिल के दौरान इस तरह की घटना क्यों हुई, जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है,जवानों के साथ पूरी सरकार खड़ी है। इंदिरा के खिलाफ फैसला दिया तो आपातकाल लगवा दिया विजय शाह और कांग्रेस के राजभवन के बाहर धरने पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा- कांग्रेस कितने भी नाटक कर ले कांग्रेस को भी पता है कि मामला न्यायालय में है न्यायालय से बढ़कर तो कोई नहीं है। नेता प्रतिपक्ष पर भी मुकदमा था। क्या कांग्रेस उनका इस्तीफा मांगेगी। न्यायालय का जहां भी अपमान करने का मौका होता है वहां कांग्रेस बाज नहीं आती है। इलाहाबाद कोर्ट ने जब इंदिरा गांधी के खिलाफ फैसला दिया तो उन्होंने आपातकाल लगवा दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को लेकर जो निर्णय दिया उसे कानून को बदलने का काम भी कांग्रेस ने किया। न्यायालय के आदेश पर क्या सिद्धारमैया को हटा दिया पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में माननीय न्यायालय के हर आदेश का पालन किया है। ट्रिपल तलाक को लेकर भी आए और न्यायालय के निर्णय के बाद राम मंदिर भी बनवाया। हम न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं, जो न्यायालय आदेश देती है वह हम पालन करते हैं। न्यायालय के आदेश का मखौल उड़ाने का काम हमेशा कांग्रेस करती है। सिद्धारमैया के खिलाफ कोर्ट ने आदेश दिया उसका क्या किया। न्यायालय के आदेश पर क्या सिद्धारमैया को हटा दिया। केजरीवाल सीएम रहते जेल में गए तब कांग्रेस ने क्यों मांग नहीं की। न्यायालय जो निर्णय करेगी सरकार उसके साथ है। recent visitors 24

IPL के लिए विदेशी खिलाड़ियों के लौटने पर खुश नहीं ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज जॉनसन, पैसे से ज्यादा सुरक्षा अहम, मैं होता तो…

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन ने इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सत्र के बाकी हिस्से के लिए विदेशी खिलाड़ियों की वापसी पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि विदेशी खिलाड़ियों का भारत लौटने का फैसला विवेकपूर्ण नहीं है। उन्हें मौजूदा परिस्थितियों में वेतन से ज्यादा सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष और सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया था। इस वजह से दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग को 9 मई को निलंबित कर दिया गया था। इसके निलंबन के एक दिन बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा की गई। इससे शनिवार से आईपीएल के फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया। जॉनसन का हालांकि मानना है कि विदेशी खिलाड़ियों के लिए बाकी बचे मैचों में भाग न लेना समझदारी होगी। उन्होंने ‘वेस्ट ऑस्ट्रेलिया’ के लिए अपने कॉलम में लिखा, ‘क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने हालांकि खिलाड़ियों को अपने निर्णय लेने का अधिकार दिया है, लेकिन उनके लिए विकल्पों का चयन करना मुश्किल हो सकता है।’ बायें हाथ के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, ‘क्रिकेट में इन दिनों बहुत ज्यादा पैसे खर्च हो रहे हैं, लेकिन यह अब भी एक खेल ही है और इस सप्ताह इंडियन प्रीमियर लीग के बंद होने के बाद इस बात पर काफी ध्यान गया है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे अगर यह फैसला करना पड़े कि भारत वापस लौटकर टूर्नामेंट खत्म करूं या नहीं, तो यह एक आसान फैसला होगा। मैं इसका जवाब नहीं में देना पसंद करूंगा। जिंदगी और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण चीज है, वेतन नहीं।’ भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोमवार को कहा कि उसने व्यापक विचार-विमर्श करने और सरकार से आवश्यक मंजूरी हासिल करने के बाद लीग को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। इसका फाइनल पहले से तय 25 मई की जगह अब 3 जून को खेला जायेगा। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक प्लेऑफ में भाग लेने वाले ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों को 11 जून से लॉर्ड्स में शुरू होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल की तैयारी के लिए काफी कम समय मिलेगा। जॉनसन ने कहा, ‘यह एक व्यक्तिगत फैसला है। किसी को भी वापस जाने के लिए मजबूर या दबाव महसूस नहीं करना चाहिये। भले ही आईपीएल और पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) इसके लिए कड़ी मेहनत करें। दोनों टूर्नामेंटों को अभी समाप्त कर देना चाहिए या स्थानांतरित करने पर विचार करना चाहिए।’ उन्होंने डब्ल्यूटीसी फाइनल का जिक्र करते हुए कहा, ‘यह मत भूलिए कि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के कुछ खिलाड़ियों को आगामी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए तैयारी करने की जरूरत होगी। आईपीएल फाइनल अब 3 जून तक टाल दिया गया है, जो लॉर्ड्स में डब्ल्यूटीसी फाइनल शुरू होने से ठीक एक सप्ताह पहले है। टेस्ट क्रिकेट के सबसे अहम मैच में से एक के लिए खिलाड़ियों की तैयारी प्रभावित होना भी एक बड़ा मुद्दा है।’ recent visitors 43

सुशासन का एक ही उद्देश्य है अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचाना….विधायक रेणुका सिंह

कंजिया में सुशासन तिहार के तहत विशेष शिविर सम्पन्न, जनप्रतिनिधियों का हुआ सम्मान शिविर में कुल 1348 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से 1183 आवेदनों का निराकरण किया गया सुशासन का एक ही उद्देश्य है अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचाना….विधायक रेणुका सिंह एमसीबी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ज़िले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम कंजिया में सुशासन तिहार 2025 के तीसरे चरण के तहत आज विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन 08 अप्रैल से 11 अप्रैल तक चल रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा रहा। शिविर की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें समस्त जनप्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के लिये आमंत्रित किया गया। तत्पश्चात  कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जनप्रतिनिधियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे वातावरण सम्मान और सहभागिता से परिपूर्ण रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों को दी गई। जिसमें बताया गया  कि सुशासन तिहार तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है और यह शिविर वर्तमान में चल रहे तीसरे चरण का हिस्सा है। ग्रामीणों को अवगत कराया गया कि इस शिविर के माध्यम से न केवल शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, बल्कि विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों की स्थिति  जैसे- कि निराकरण, लंबित मामले और शिकायतें – की जानकारी भी साझा की जा रही है। शिविर में कंजिया सहित पतवाही, चाटी, डोगरीटोला, जमथान, घटई, मलकडोल, और  मन्नौढ़ ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी की। इस शिविर ने ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं और शिकायत निवारण प्रणाली से सीधे जुड़ने का अवसर दिया, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को बल मिला। शिविर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत ग्राम जल जागरूकता अभियान पर विशेष चर्चा आयोजित की गई। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व और घरेलू जल आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। साथ ही, लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण और जल उपयोग में सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से 'पानी बचाओ' की शपथ ली और अपने गांव में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। तत्पश्चात शिविर में उपस्थित सभी विभागों द्वारा अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं, सेवाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। जिसमें क्रमवार रूप से विभिन्न अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं, उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया, पात्रता एवं प्राप्त आवेदनों की स्थिति पर प्रकाश डाला। जो इस प्रकार है शिविर में कुल 1348 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से 1183 आवेदनों का निराकरण किया गया जबकि 165 आवेदन लंबित हैं। क्रेडा विभाग में 21 आवेदन आये थे, जिसमें सभी का निराकरण किया गया। वही कृषि विभाग के 32 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें पात्र 15 में 9 निरस्त और 8 का निराकरण किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी 62 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 51 का निराकरण किया गया। और 11 जिसका काम अभी प्रोसेस में है, इसके साथ ही मत्स्य विभाग में 02 आवेदन प्राप्त हुए और दोनों आवेदनों का निराकरण किया गया। ,लोक निर्माण विभाग 02 आवेदन प्राप्त हुए, और प्राप्त दोनों आवेदनों का निराकरण किया गया। शिक्षा विभाग से 10 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें सभी का निराकरण किया गया। शिविर में वन विभाग के 06 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें सभी का निराकरण किया गया। छ.ग.रा विद्युत मण्डल 18 आवेदन प्राप्त हुए , जिसमें सभी का निराकरण किया गया। पशुपालन विभाग 15 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें सभी का निराकरण किया गया। इसके साथ ही शिविर में राजस्व विभाग को 132 आवेदन प्राप्त हुए ,जिसमें 130 का निराकरण किया गया और 02 लंबित है। खाद विभाग को 53 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 38 का निराकरण किया गया, और 15 लंबित है। आवास योजना के 173 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 02 शिकायत प्राप्त हुए जिसमें सभी का निराकरण किया गया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि शेष लंबित आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी ताकि जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि उनके द्वारा किए गए आवेदन कैसे प्रक्रिया में लिए जाते हैं, उनका निराकरण कितने समय में होता है, और किन योजनाओं का लाभ वे आसानी से ले सकते हैं। साथ ही लंबित आवेदनों की स्थिति और आगामी समाधान की प्रक्रिया की भी जानकारी साझा की गई। तत्पश्चात कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व केबिनेट मंत्री भरतपुर सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह का शुभ आगमन हुआ। मंच पर पहुंचते ही रेणुका जी का पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अधिकारी कर्मचारी की कमी होने के कारण सीधा योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं होने की बात कही, इसके साथ ही वन नेशन वन इलेक्शन की और हैंडपंप के खराब होने की बात कहीं साथ ही उसे जल्दी सुधार करने की बात कहीं, इसके साथ ही उन्होंने अपने संबोधन में जाति जनगणना और महिला आरक्षण की बात कहते हुए आदिवासी बहुल क्षेत्र में रोड निर्माण की बात कहीं, और 10वीं एवं 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देने की बात कहीं साथ ही स्कूल के शिक्षकों को 11 हजार और विधायक निधि से 5 लाख रुपये स्कूल में आवश्यक सामग्री एवं स्टैंड निर्माण हेतु देने की बात कहीं इसके साथ ही मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना जिन ग्रामीण क्षेत्रों में टावर नहीं है इन योजनाओं को शीघ्र लाने की बात कहीं तत्पश्चात विधायक महोदया द्वारा 10 पात्र लाभार्थियों को जिसमें दिल कुमारी, बासमती सिंह, राजा राम पाण्डो, कुसुम पाण्डो, सेमवती, दुवसिया, मीना देवी,सुभद्रा पाण्डो, मुन्नी पाण्डो एवं पार्वती को नवीन राशन कार्ड वितरित किए गए। एवं 03 आवास हितग्राही को आवास की चाबी वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा की यह शिविर जनकल्याणकारी शासन की भावना का प्रमाण है। जो इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। विधायक महोदया जी ने शिविर की सफलता के लिए ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद देते हुए जय हिंद, जय भारत, जय छत्तीसगढ़ के उद्घोष के साथ … Read more

सीहोर के जिला परिवहन अधिकारी रीतेश तिवारी को भोपाल आरटीओ का अतिरिक्त प्रभार, आदेश जारी किये

भोपाल स्कूल बस हादसे में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा को निलंबित किये जाने के बाद अब परिवहन विभाग ने सीहोर के जिला परिवहन अधिकारी रीतेश तिवारी को उनकी जगह जिम्मेदारी सौंपी है, उन्हें भोपाल आरटीओ की जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। मध्य प्रदेश में इन दिनों तबादलों का दौर चल रहा है इस बीच विभाग प्रशासकीय दृष्टि से भी अधिकारियों की पदस्थापनाएं कर रहे हैं, परिवहन विभाग ने आज दो अधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से अलग अलग जिलों में पदस्थ किया है उन्हें ये जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। सीहोर जिला परिवहन अधिकारी को भोपाल का अतिरिक्त प्रभार परिवहन विभाग ने आज गुरुवार 15 मई को आदेश जारी करते हुए खाली पड़े भोपाल आरटीओ पद को अतिरिक्त प्रभार देकर भर दिया है, विभाग ने सीहोर के जिला परिवहन अधिकारी रीतेश तिवारी को भोपाल का नया आरटीओ पदस्थ किया है। इस महिला अधिकारी को नरसिंहपुर जिले की जिम्मेदारी   इसी तरह कार्यालय संभागीय उप परिवहन आयुक्त जबलपुर में पदस्थ सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रमा दुबे को नरसिंहपुर के जिला परिवहन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है, आदेश में कहा गया है ये अतिरिक्त प्रभार प्रशासकीय द्रष्टि स एकिये जा रहे हैं इसलिए दोनों अधिकारी तत्काल कार्यभार ग्रहण करें। recent visitors 37

इंदौर में आज शाम 4 बजे सिविल डिफेंस अभियान के अंतर्गत बड़ा गणपति चौराहे से राजबाड़ा तक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी

 इंदौर इंदौर में आज शाम 4 बजे सिविल डिफेंस अभियान के अंतर्गत बड़ा गणपति चौराहे से राजबाड़ा तक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा का आयोजन भारतीय जनता पार्टी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी भाग लेंगे। यात्रा का प्रारंभ बड़ा गणपति चौराहे से होगा और समापन राजबाड़ा पर किया जाएगा। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी इस यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था आठ विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 16 मई को आयोजित इस यात्रा की तैयारी हेतु मार्ग को देशभक्ति के रंगों से सजाया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्रवार सजावट की जिम्मेदारी, कार्यकर्ता जुटे तैयारी में तिरंगा यात्रा के मार्ग को सजाने की जिम्मेदारी भाजपा के आठों विधानसभा क्षेत्रों की टीमों को दी गई है। सभी कार्यकर्ता आज बड़ा गणपति चौराहा पर एकत्रित होंगे, जहां से यात्रा आरंभ होगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को उनके हिस्से के मार्ग की सजावट का कार्य सौंपा गया है। इसके लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग समय पर बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें संबंधित क्षेत्र के विधायक, प्रमुख नेता और अधिकृत पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मंडल, वार्ड और बूथ स्तर के कार्यकर्ता भी शामिल हुए और जिम्मेदारियां तय की गईं। 200 से अधिक मंचों की तैयारी, समाजों का मिला समर्थन तिरंगा यात्रा के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग को पूरी तरह देशभक्ति की भावना से सजाया गया है और यह लगभग तैयार हो चुका है। दोपहर तक शेष कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। मार्ग में यात्रा का स्वागत करने के लिए विभिन्न संगठनों द्वारा 200 से अधिक मंचों की तैयारी की जा रही है। भाजपा ने अपने नेताओं से मंच न लगाने का आग्रह किया है। पार्टी द्वारा गठित विशेष टीमें अनाज मंडी, सब्जी मंडी, लोहा मंडी और मजदूर चौक जैसे स्थानों पर जाकर लोगों से संपर्क कर रही हैं। इस यात्रा के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। महू में 18 मई को ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा, ऑपरेशन सिंदूर पर फोकस महू में 18 मई को सुबह 10 बजे एक और ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय सैनिकों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें सम्मान देना है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा किए गए कायराना हमले से देश में आक्रोश फैला था, जिसका माकूल जवाब भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दिया। सेना ने आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दुनिया को भारत की शक्ति का परिचय कराया। इस यात्रा में भाग लेने वाले नागरिक ऑपरेशन सिंदूर के प्रतीक चिन्ह वाली तख्तियां लेकर चलेंगे, जिन पर पाकिस्तान विरोधी नारे और भारत माता व भारतीय सेना के जयकारे लिखे होंगे। यात्रा में 90 सामाजिक संगठनों ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है।   recent visitors 21

NEET UG के रिजल्ट पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लगाई रोक, NTA को दिए ये निर्देश

इंदौर NEET-UG 2025 परीक्षा के दिन मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के करीब 11 परीक्षा केंद्रों पर बिजली गुल हो गई थी। इस समस्या ने न सिर्फ परीक्षार्थियों को प्रभावित किया, बल्कि परीक्षा केंद्रों की गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर दिया। नीट अभ्यर्थियों को अंधेरे में परीक्षा देना पड़ा। ऐसे में कई कैंडिडेट्स को दिक्कत हुई। इस मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगले आदेश तक रिजल्ट न घोषित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अगले आदेश तक लगाई रिजल्ट पर रोक     गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें परीक्षा के दौरान अव्यवस्था और उम्मीदवारों के साथ अन्याय का मुद्दा उठाया गया था। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की जिम्मेदारी है कि वह परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। अब हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक परीक्षा के परिणामों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक परिणाम घोषित नहीं किए जाएं। यह फैसला उन छात्रों के लिए राहत भरा है जिन्होंने परीक्षा में अव्यवस्था का सामना किया था। NTA को HC का निर्देश हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह माना कि जिन केंद्रों पर परीक्षा के समय बिजली नहीं थी, वहां छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। परीक्षा में बिजली गुल हो जाना केवल एक तकनीकी चूक नहीं बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डालने वाला मसला है। कोर्ट ने NTA से यह भी पूछा कि ऐसी स्थिति में उसकी क्या तैयारी थी और कौन जिम्मेदार है? इंदौर खंडपीठ का रुख सख्त MP हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, NEET UG 2025 का रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को आशा की किरण मिली है, जिनका परीक्षा अनुभव तकनीकी कारणों से प्रभावित हुआ। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की अव्यवस्था ने एक बार फिर भारत के परीक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली जैसे मूलभूत संसाधन की अनुपलब्धता दर्शाती है कि परीक्षा केंद्रों की तैयारियों में भारी खामी रही। 11 केंद्रों की बिजली चली गई, अंधेरा छा गया इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और करीब 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ठप कर दी। इसके चलते करीब 11 सेंटरों की बिजली चली गई और परीक्षा केंद्रों में अंधेरा छा गया। पेपर तक नहीं पढ़ पा रहे थे, मोमबत्ती जलाई बिजली गुल होने की वजह से कई छात्रों को मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पेपर देना पड़ा। घना अंधेरा होने के कारण बहुत से छात्र प्रश्नपत्र तक ठीक से पढ़ नहीं पाए। परीक्षा के बाद कई छात्र रोते हुए बाहर निकले। प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना है कि, उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन खराब व्यवस्था ने उनका भविष्य संकट में डाल दिया। जानकारी के मुताबिक इंदौर के जिन 11 सेंटरों में बिजली गुल हुई, वहां करीब 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हुई। यह पहला मौका था जब NTA ने शहर के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए थे। यहां पावर बैकअप का कोई इंतजाम नहीं था। कुछ केंद्रों पर हो चुकी दो बार परीक्षा एक्सपर्ट का कहना है कि ओडिशा में चक्रवात के दौरान 2016 में एनटीए ने प्रभावित बच्चों के लिए दोबारा एग्जाम कराया था। नियमों की गफलत से 2022 में होशंगाबाद सहित कुछ अन्य केंद्रों पर भी ऐसा हो चुका है। recent visitors 54