यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा एक साल पहले उज्जैन और इंदौर भी आई थी, जांच एजेंसी

 इंदौर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार की गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा करीब एक साल पहले मध्य प्रदेश के उज्जैन और इंदौर आई थी। उसके यूट्यूब चैनल 'ट्रेवल विथ जो' पर इससे जुड़े वीडियो भी मौजूद हैं। पहला वीडियो 23 मार्च 2024 को हिसार से उज्जैन तक की ट्रेन यात्रा का है, जबकि दूसरा वीडियो 26 मार्च 2024 को इंदौर से दिल्ली तक की बस यात्रा का है। आश्चर्यजनक बात यह है कि इन दोनों शहरों में कई प्रमुख पर्यटन स्थल होने के बावजूद ज्योति ने केवल इन शहरों में आने और जाने के वीडियो ही डाले हैं, लेकिन वहां घूमने की कोई जानकारी उसने साझा नहीं की है। पाकिस्तान से संबंध और ऑपरेशन सिंदूर में खुलासा जांच में सामने आया है कि हरियाणा के हिसार की रहने वाली ज्योति मल्होत्रा की दोस्ती पाकिस्तान हाई कमिशन में कार्यरत दानिश नाम के व्यक्ति से थी। उसी के माध्यम से वह कई बार पाकिस्तान भी जा चुकी थी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह खुलासा हुआ कि ज्योति का संपर्क सीधे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से था। उसकी लग्जरी लाइफस्टाइल और पाकिस्तानी एवं चीनी वीजा तुरंत मिल जाने के कारण वह जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई थी। इतना ही नहीं, उसने अपने यूट्यूब चैनल पर मरियम नवाज के साथ भी एक वीडियो साझा किया था, जिससे एजेंसियों को यह शक हुआ कि एक आम भारतीय यूट्यूबर पाकिस्तान की शीर्ष राजनीतिक शख्सियत तक कैसे पहुंची। बाली यात्रा और महंगी लाइफस्टाइल भी जांच के घेरे में ज्योति मल्होत्रा हाल ही में इंडोनेशिया के लोकप्रिय पर्यटन स्थल बाली की यात्रा पर भी गई थी। वहां से उसने अपने चैनल पर कई लग्जरी लाइफस्टाइल से जुड़े वीडियो शेयर किए हैं। उसकी महंगी जीवनशैली और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को देखते हुए जांच एजेंसियों को इस बात की आशंका है कि उसे किसी स्रोत से आर्थिक सहायता मिल रही थी। फिलहाल इस फंडिंग के स्रोत की जांच की जा रही है और उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को खंगाला जा रहा है। एजेंसियां जांच में जुटीं, कई और खुलासों की संभावना जांच एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं और ज्योति के सभी डिजिटल फुटप्रिंट, बैंकिंग डिटेल्स, सोशल मीडिया संपर्क और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की जांच कर रही हैं। उसके यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध वीडियो, खासकर विदेशों में की गई यात्राओं और पाकिस्तान से जुड़ी गतिविधियों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में इस केस से कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। recent visitors 45

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विजय शाह का विवादित बयान, सुप्रीम कोर्ट और HC में आज मामले की सुनवाई, जानें अब तक क्या हुआ?

भोपाल मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए बयान पर आज सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होना है। मंत्री विजय शाह ने महू के मानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान दिया था। इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद मानपुर पुलिस ने मंत्री के खिलाफ केस दर्ज किया था। इधर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एफआईआर के आदेश पर रोक लगाने के लिए विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन वहां से भी उन्हें फटकार मिली। अब इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होना है। इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद मानपुर पुलिस ने मंत्री के खिलाफ केस दर्ज किया था। इधर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एफआईआर के आदेश पर रोक लगाने के लिए विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन वहां से भी उन्हें फटकार मिली। अब इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होना है। पुलिस सार्वजनिक नहीं करेगी जानकारी शाह ने हाई कोर्ट के एफआईआर के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने अभी तक सिर्फ छापरिया के सरपंच और सचिव को बयान देने के लिए बुलाया है। पुलिस का कहना है कि मामला कोर्ट से जुड़ा है, इसलिए जांच की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। पुलिस के अनुसार, वे मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं। कर्नल पर दिए बयान के बाद हुई आलोचना मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर एक विवादित बयान दिया था। इस बयान के बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी। हाई कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। शाह ने हाई कोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। पुलिस ने वीडियो तो जब्त कर लिया है, लेकिन उसे अभी तक फॉरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है भाजपा की निगाहें विजय शाह द्वारा दिए गए बयान के बाद कांग्रेस लगातार उन्हें मंत्री पद से हटाने का दबाव बना रही है। उधर इस मामले में भाजपा की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर है। पाकिस्तान ने बना लिया दुष्प्रचार का टूल मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए बयान को पाकिस्तानी मीडिया ने दुष्प्रचार का टूल बना लिया है। वहां के मीडिया चैनल इस बयान के जरिए भारत को मुस्लिम विरोधी बता रहे हैं। विजय शाह ने दिया था विवादित बयान दरअसल, 11 मई को इंदौर के महू में आयोजित एक कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्यमंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान दिया था. जो एक दिन बाद 12 मई को वायरल हुआ था. मामले ने तूल पकड़ा तो विजय शाह ने माफी भी मांगी, लेकिन 14 मई को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रदेश के डीजीपी को तत्काल मंत्री विजय शाह पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे, हाईकोर्ट में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की बैंच ने उनकी इस भाषा को गटर जैसा बताया था, जिसके बाद मामले में एफआईआर भी हुई है. लेकिन विजय शाह ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. आज हो सकता है अहम फैसला विजय शाह के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में कोई अहम फैसला हो सकता है. क्योंकि हाईकोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को केवल खानापूर्ति बताया था. हाईकोर्ट ने सख्ती से इस मामले में पुलिस जांच की बात कही थी. जिसके बाद मामले में तेजी देखी जा रही है. वहीं सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई पर ही विजय शाह का भविष्य तय करेगा. एक तरफ कांग्रेस लगातार प्रदेश में उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी पर भी दवाब देखा जा रहा है. क्योंकि यह कोई पहला मौका नहीं है जब विजय शाह ने इस तरह का विवादित बयान दिया हो, वह इससे पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं. खास बात यह है कि विजय शाह की फिलहाल 16 मई के बाद से कोई लोकेशन नहीं मिल रही है, उनके भोपाल निवास पर कोई नहीं है, जबकि खंडवा और इंदौर में भी उनकी कोई जानकारी नहीं मिली है. फिलहाल वह कहा है कि इसकी जानकारी किसी को नहीं है, लेकिन विजय शाह के मामले में प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है, जबकि कांग्रेस लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रही है.  बयान पर कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति महू के पास एक कार्यक्रम में शाह ने कहा कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को उनकी ही बहन के जरिए सबक सिखाया। कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि शाह का इशारा कर्नल कुरैशी की तरफ था। शाह ने बाद में सफाई दी कि उनके भाषण को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। बीजेपी के एक महत्वपूर्ण आदिवासी नेता और अक्सर विवादों में रहने वाले शाह की इस टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। कौन हैं कुंवर विजय शाह कुंवर विजय शाह बीजेपी के एक महत्वपूर्ण नेता हैं। वे आदिवासी समुदाय से आते हैं और अक्सर विवादों में रहते हैं। कुंवर विजय शाह हरसूद सीट से लगातार आठ बार चुनाव जीत चुके हैं। यह सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है। वे वर्तमान में जनजातीय कार्य, सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन और भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास मंत्री हैं। खंडवा के जंगलों से निकल भोपाल पहुंचे शाह खंडवा के जंगलों से निकलकर मध्य प्रदेश की राजनीति में ऊंचे पद तक पहुंचे हैं। लेकिन विवादों में रहने की उनकी आदत अक्सर उनकी तरक्की में बाधा बनती रही है। 2013 में शाह को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान … Read more

राज्य सरकार के प्रयासों से दूरस्थ अंचल में बैंकिंग सुविधाओं का हो रहा प्रसार: मुख्यमंत्री

लंबे समय से नक्सल समस्या से प्रभावित रहे जगरगुंडा में खुली इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा, CM ने किया वर्चुअल शुभारंभ डबल इंजन की सरकार में बस्तर में शांति स्थापित करने में मिल रही कामयाबी: मुख्यमंत्री राज्य सरकार के प्रयासों से दूरस्थ अंचल में बैंकिंग सुविधाओं का हो रहा प्रसार: मुख्यमंत्री 12 गांव के लगभग 14 हजार लोगों को मिलेगा बैंक का लाभ   रायपुर लंबे समय से नक्सल समस्या से प्रभावित रहे छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र के लोगों को भी अब बैंकिंग सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास से सुकमा के जगरगुंडा में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया। बैंक की इस शाखा से आसपास के 12 गांव के लगभग 14 हजार ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने शुभारंभ कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन इस क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक है। लंबे समय से यह क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित रहा है।  पिछले डेढ़ वर्षों में हमारी डबल इंजन की सरकार में हम बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने में कामयाब हुए हैं। यही कारण है कि आज यहां बैंक की नई शाखा खुली है। लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की सुरक्षा, विकास और विश्वास की रणनीति, सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और केंद्र और राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प से बस्तर अंचल के गांव तेजी से नक्सल समस्या से उबर कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी में सभी ग्राम पंचायत में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की गारंटी दी गई है,  जिस पर अमल करते हुए 24 अप्रैल राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर प्रत्येक विकासखंड की 10 – 10 ग्राम पंचायतों में 1460 अटल पंचायत डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। जहां ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों में इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को सुशासन तिहार की भी विस्तार से जानकारी दी। श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान उन्होंने स्वयं डिजिटल सेवा केंद्रों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। ग्रामीण यहां बैंकिंग सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जब वे दंतेवाड़ा में कलेक्टर थे, तब यह इलाका घोर नक्सल प्रभावित था। अंदरूनी इलाके में जाने के पहले सोचना पड़ता था। वर्ष 2001 में इस भवन में ग्रामीण बैंक की शाखा थी, जिसे नक्सलियों द्वारा लूटने का प्रयास किया गया था। आज इसी भवन में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा खुल रही है। यहां से ग्रामीणों को तेंदूपत्ता बोनस, किसान सम्मान निधि जैसी अनेक योजनाओं की राशि गांव में ही मिलेगी। वित्तमंत्री श्री चौधरी ने बैंक परिसर में कैश काउंटर और शाखा प्रबंधक कार्यालय का निरीक्षण करते हुए बैंक में अपना भी खाता खुलवाया। उनके साथ महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने भी बैंक में अपना खाता खुलवाया। उल्लेखनीय है कि बैंक के साथ ही एटीएम की सुविधा भी ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराई गई है। शुभारम्भ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव वर्चुअली जुड़े थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, कलेक्टर सुकमा  श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता जैन और बैंक के रीजनल मैनेजर श्री गौरीशंकर नायक जगरगुण्डा में उपस्थित थे। recent visitors 44

मौसम विभाग ने 37 जिलों में बारिश के साथ तेज आंधी की संभावना जताई, अगले हफ्ते दिखेगा लू का असर

भोपाल मध्यप्रदेश में बारिश-आंधी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी भोपाल में गर्मी का असर देखने को मिला। वहीं मंदसौर, राजगढ़ और विदिशा में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने 37 जिलों में बारिश के साथ तेज आंधी की संभावना जताई है।   एमपी में गरज चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि बताया कि इन दिनों प्रदेश में तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। जिसके कारण प्रदेश में आंधी-बारिश हो रही है। अगले हफ्ते के शुरुआती दिनों में बारिश के साथ आंधी और लू का असर देखने को मिल सकता है। इन 37 जिलों में बारिश के साथ दिखेगा आंधी का असर मौसम विभाग की रिपोर्ट की मानें तो भोपाल, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा जिलों में बारिश के तेज 50-60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मैहर जिलों में 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटे हवाएं चलने की संभावना है। 20 मई को कैसा रहेगा मौसम भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, बैतूल, धार, खरगोन, राजगढ़, शाजापुर, रीवा, मऊगंज, सीधी, देवास, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और सिंगरौली में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती है। वहीं, 21 मई को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर संभाग में बारिश और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। recent visitors 47

400 पदों पर भर्ती के लिए कर्मचारी चयन मंडल को भेजा प्रस्ताव, इस साल पुलिस मुख्यालय में लिपिकीय संवर्ग में होगी भर्ती

भोपाल पुलिस मुख्यालय में लिपिकीय संवर्ग में सात वर्ष बाद 400 पदों पर भर्ती होने जा रही है। अभी इन रिक्त पदों पर जिला पुलिस बल के जनरल ड्यूटी वाले पुलिसकर्मियों को पदस्थ कर काम लिया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए कर्मचारी चयन मंडल को प्रस्ताव भेजा गया है। इसके पहले वर्ष 2018 में इन पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। कर्मचारी चयन मंडल इसी वर्ष इन पदों पर नियुक्तियां करेगा। इसका बड़ा लाभ यह होगा कि लिपिकीय कार्यों के लिए दक्ष कर्मचारी मिल सकेंगे। इन्हें कंप्यूटर का ज्ञान भी रहेगा। इनकी पदस्थापना होने के बाद जिला पुलिस बल के जिन पुलिसकर्मियों को पुलिस मुख्यालय में लगाया गया है, उन्हें वापस जिलों में भेज दिया जाएगा, जिससे जिलों में पुलिस बल की कमी पूरी की जा सकेगी। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यालय की हर शाखा में आवश्यकता के अनुसार इन्हें पदस्थ किया जाएगा। प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वह अपना काम पूरी दक्षता के साथ कर सकें। बता दें कि इस संवर्ग में आरक्षक पद से भर्ती होने के बाद जिला पुलिस बल की तरह पदोन्नति दी जाती है। recent visitors 33

भारत बना जन्मभूमि, चीन को छोड़ा पीछे, दुनिया का सबसे ज्यादा बच्चे पैदा करने वाला देश बना भारत

नई दिल्ली दुनिया की आबादी तेजी से बढ़ रही है और 2025 तक यह 8.23 अरब के पार पहुंच गई है। जनसंख्या के मामले में भारत, चीन जैसे देश टॉप पर हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि किस देश में सबसे ज्यादा बच्चे पैदा होते हैं? एक नई रिपोर्ट में इस दिलचस्प सवाल का जवाब दिया गया है। भारत बना जन्मभूमि, चीन को छोड़ा पीछे विजुअल कैपिटलिस्ट के आंकड़ों के अनुसार भारत दुनिया का वह देश है जहां हर घंटे सबसे ज्यादा बच्चे जन्म लेते हैं। 2023 के आंकड़ों पर गौर करें तो भारत में हर घंटे औसतन 2,651 बच्चे पैदा हो रहे थे। यह आंकड़ा हमारे पड़ोसी देश चीन से काफी आगे है जहां इसी अवधि में हर घंटे 1,016 बच्चे जन्म ले रहे थे। भारत और चीन के बाद सबसे ज्यादा बच्चे पैदा होने वाले देशों की सूची में नाइजीरिया तीसरे स्थान पर है जहां हर घंटे 857 बच्चे पैदा हुए। चौथे स्थान पर हमारा दूसरा पड़ोसी देश पाकिस्तान रहा जहां 2023 में हर घंटे 786 बच्चे जन्म ले रहे थे। इसके बाद इंडोनेशिया (512 बच्चे प्रति घंटा), कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) (499 बच्चे प्रति घंटा), इथोपिया (469 बच्चे प्रति घंटा), संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) (418 बच्चे प्रति घंटा) और बांग्लादेश (398 बच्चे प्रति घंटा) का स्थान आता है। इन आंकड़ों से साफ है कि बच्चों के जन्म के मामले में भारत दुनिया में पहले नंबर पर है। रिपोर्टों के अनुसार अकेले 2023 में भारत में 2 करोड़ 32 लाख 19 हजार 489 बच्चों का जन्म हुआ था। फर्टिलिटी रेट में कौन है आगे? भारत नहीं है नंबर वन हालांकि अगर प्रति महिला बच्चे पैदा करने की औसत दर यानी फर्टिलिटी रेट की बात करें तो भारत इस मामले में पहले स्थान पर नहीं है। स्टेटिस्टा (statista) की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा फर्टिलिटी रेट अफ्रीकी देश चाड में है। दक्षिण अफ्रीका का यह देश प्रति महिला औसतन 5.94 बच्चे पैदा करने की दर के साथ पहले स्थान पर है। चाड के बाद सोमालिया का नंबर आता है जहां महिलाएं औसतन 5.91 बच्चों को जन्म देती हैं। इसके बाद कांगो का स्थान है जहां महिलाएं औसतन 5.9 बच्चे पैदा करती हैं। सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक और नाइजर भी उच्च फर्टिलिटी रेट वाले देशों में शामिल हैं। इस तरह बच्चों के कुल जन्म की संख्या के मामले में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है जबकि प्रति महिला बच्चे पैदा करने की औसत दर के मामले में अफ्रीकी देश आगे हैं। यह आंकड़े दुनिया की जनसंख्या गतिशीलता और भविष्य की जनसांख्यिकी को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।   recent visitors 77

जबलपुर का खुड़ावल गांव जहा र दूसरे घर से निकलता है देश का रखवाला, अब तक तीन सपूत बलिदान दे चुके

जबलपुर जबलपुर के मझौली ब्लाक का खुड़ावल गांव देशभक्ति की अनूठी मिसाल पेश करता है। इस गांव की मिट्टी में देशप्रेम इस कदर रचा-बसा है कि यहां लगभग हर दूसरे घर से एक युवा देश की रक्षा में प्रण-प्राण से जुटा है। 2019 में पुलवामा हमले में वीरगति को प्राप्त हुए सीआरपीएफ के जवान अश्विनी कुमार काछी भी इसी गांव के थे। जवान का बलिदान आज भी युवाओं को प्रेरित करता है। अश्विनी का परिवार उनके बलिदान को यादकर रोजाना पूजता है। सेवानिवृत्त सैनिक युवाओं को देशभक्ति की प्रेरणा देते हैं और उन्हें राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार भी करते हैं।   गांव के तीन सपूत देश की रक्षा के लिए दे चुके हैं बलिदान जिला मुख्यालय से 53 किलोमीटर दूर इस गांव के लोगों की रगों में देशभक्ति का जुनून इस कदर समाया है कि भारतीय सेना में होने वाली हर भर्ती में यहां का युवा अवश्य शामिल होता है। अब तक इस गांव के तीन सपूत देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं। आज भी यहां के युवा सुबह-शाम सैन्य भर्ती के लिए गांव में पसीना बहाते देखे जा सकते हैं।   यहां की बेटियों में भी जज्बा कम नहीं लगभग तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में आज भी सेवानिवृत्त सैनिक युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण देकर देश सेवा के लिए तैयार करते हैं। वर्तमान में इस गांव के लगभग 50-55 युवा भारतीय सेना, सीआरपीएफ और अन्य सशस्त्र बलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इतने ही सेवानिवृत्त वीर सपूत इस गांव में हैं। अब तो यहां की बेटियां भी देश की रक्षा के लिए आगे आने को आतुर हैं। ऐसी ही यहां कि बेटी पूजा पटैल है का हाल ही में सीआरपीएफ में चयन हुआ है। पहलगाम बाद देश में उमड़े आक्रोश ने खुड़ावल के हर व्यक्ति के मन में नया जोश भर दिया है। खुड़ावल वीर जवानों का गांव कहलाता है। उनकी याद में गांव में बलिदानी स्मारक भी बनवाया गया है। recent visitors 39