17 मई से फैंस को एक बार फिर वही धूम धड़ाका देखने को मिलेगा, चौथी टीम के लिए होगी असली जंग

नई दिल्ली एक हफ्ते के अंतराल के बाद IPL बहाल होने जा रहा है। 17 मई से फैंस को एक बार फिर वही धूम धड़ाका देखने को मिलेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को देखते हुए BCCI ने लीग को एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया था। अब बोर्ड ने सीजन-18 के बचे मैचों का नया शेड्यूल जारी कर दिया है। तय कार्यक्रम के अनुसार 25 मई को फाइनल होना था, मगर अब खिताबी मुकाबला 3 जून को खेला जाएगा। हालांकि प्लेऑफ की दौड़ में अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है। CSK, RR और SRH टूर्नामेंट से बाहर हो गई है, वहीं 7 टीमों के बीच अभी भी टॉप-4 में जगह बनाने की जंग जारी है। आईए एक नजर डालते हैं सभी टीमों के प्लेऑफ समीकरण पर- गुजरात टाइटंस- शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात टाइटंस ने अभी तक खेले 11 में से 8 मैच जीते हैं, वहीं तीन में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। गुजरात के खाते में फिलहाल 16 अंक है। टीम को प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के लिए बचे 3 में से कम से कम एक और मैच जीतना होगा। हालांकि जीटी की नजरें प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के साथ-साथ टॉप-2 में बने रहने पर होगी। टीम अगर दो मैच जीतती है तो उनकी जगह टॉप-2 में भी पक्की हो सकती है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु- IPL बहाल होने के बाद आरसीबी अपना पहला मैच केकेआर के खिलाफ खेलेगी। उस मैच को जीतकर आरसीबी प्लेऑफ का टिकट हासिल करने वाली पहली टीम बन सकती है। टीम के खाते में 11 मैचों में 16 अंक है, कोलकाता को हराकर आरसीबी 18 पॉइंट्स तक पहुंच सकती है। पंजाब किंग्स- श्रेयस अय्यर की टीम के खाते में 11 मैचों में 7 जीत के साथ 15 अंक है, कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ उनका एक मैच बारिश की भेंट चढ़ा था। वहीं दिल्ली के खिलाफ रद्द हुआ उनका मैच रिशेड्यूल हो चुका है। पंजाब की टीम को यहां से तीन में से 2 मैच जीतने होंगे। अगर टीम एक जीत दर्ज करती है तो उन्हें प्लेऑफ का टिकट हासिल करने के लिए इंतजार करना होगा। मुंबई इंडियंस- एमआई के खाते में 12 मैचों में 14 पॉइंट्स है, हालांकि उनका नेट रन रेट (+1.156) अभी भी टूर्नामेंट में सबसे बेहतर है। मुंबई के अगले दो मुकाबले पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ है, जो करो या मरो साबित हो सकते हैं। मुंबई अगर यहां से एक भी मैच हारती है तो उनकी गाड़ी 16 पॉइंट्स पर अटक जाएगी ऐसे में दिल्ली कैपिटल्स के पास टॉप-4 में जगह बनाने का सुनहरा मौका होगा। दिल्ली कैपिटल्स- शानदार अंदाज में सीजन का आगाज करने वाली दिल्ली की टीम अब अपनी लय खो चुकी है। 11 मैचों में 6 जीत के साथ टीम पांचवें पायदान पर है। हालांकि डीसी के पास अभी भी सर्वाधिक 19 पॉइंट्स तक पहुंचने का मौका है, मगर इसके लिए उन्हें बचे सभी मैच जीतने होंगे। अगर टीम दो मैच जीतती है तो उन्हें दुआ करनी होगी कि मुंबई अपना एक मैच हार जाए। लखनऊ सुपर जाएंट्स- ऋषभ पंत की टीम अभी भी टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है क्योंकि उनके पास अभी भी सर्वाधिक 16 अंकों तक पहुंचने का मौका है, मगर एक हार अब उनका टूर्नामेंट में सफर समाप्त कर सकती है। एलएसजी के खाते में फिलहाल 11 मैचों में 10 पॉइंट्स है। उन्हें अगले तीन मैच आरसीबी, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलने हैं। इसके अलावा उन्हें एमआई, डीसी और केकेआर के रिजल्ट पर निर्भर रहना होगा। recent visitors 35

बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के वक्त विराट कोहली को टेस्ट कप्तानी का इशारा किया था लेकिन बाद में उसके सुर बदल गए

नई दिल्ली दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली का टेस्ट से अचानक संन्यास चर्चा में है। जो खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद और आईपीएल शुरू होने से पहले रणजी ट्रॉफी में खुशी से खेला, ऐसा आखिर क्या हुआ जो उसने इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले टेस्ट को अलविदा कह दिया? विराट कोहली के संन्यास के संभावित कारणों को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के वक्त विराट कोहली को फिर टेस्ट कप्तानी का इशारा किया था लेकिन बाद में उसके सुर बदल गए। विराट कोहली ने 12 मई को एक इंस्टा पोस्ट में टेस्ट क्रिकेट से अपने संन्यास का ऐलान किया। उनके इस ऐलान की टाइमिंग काफी अहम थी। 5 दिन पहले ही कप्तान रोहित शर्मा ने टेस्ट से संन्यास का ऐलान किया था। कुछ ही दिन में इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया के चयन के लिए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की बैठक होनी थी। भारत को जून में इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैच की सीरीज खेलनी है। स्पोर्ट्स तक के एक वीडियो रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिसंबर-जनवरी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान विराट कोहली को इशारा दिया गया था कि उन्हें फिर से टेस्ट टीम की कमान दी जा सकती है। यह तब हुआ था जब रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया एडिलेड में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में हार गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 'कम से कम उनके (विराट कोहली) जो करीबी लोग हैं उनका तो यही कहना है कि एडिलेड टेस्ट के बाद उन्हें फिर से कप्तानी सौंपे जाने का इशारा किया गया था। बाद में चीजें बदल गईं।' रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब भारत को सीरीज में हार का सामना करना पड़ा तब टीम मैनेजमेंट का रुख बदल गया। अब वह किसी युवा को कप्तान बनाना चाहते थे। उस वीडियो रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि उसके बाद भी विराट कोहली कप्तानी मिलने को लेकर उम्मीद लगाए हुए थे और उन्होंने फरवरी में दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी का एक मैच भी खेला। लेकिन अप्रैल में उन्हें दो टूक कह दिया गया कि सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर ही उनकी भूमिका पर विचार किया जाएगा। इसी के बाद विराट कोहली ने रिटायरमेंट का मन बना लिया। कुछ रिपोर्ट्स में ऐसे भी दावे किए गए हैं कि बीसीसीआई और कुछ दूसरे बड़े नामों ने कोहली को इंग्लैड दौरे पर खिलाड़ी के तौर पर खेलने के लिए मनाने की खूब कोशिशें की, लेकिन वह नहीं माने। पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता और दिल्ली के कोच सरनदीप सिंह ने भी दावा किया था कि कोहली तो इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रहे थे। कुछ ऐसी ही बात पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ भी कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि विराट कोहली इंग्लैंड में खेलना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने रणजी का भी मैच खेला। कैफ ने कहा कि कोहली को बीसीसीआई और चयनकर्ताओं का सपोर्ट नहीं मिला। पूर्व क्रिकेटर ने तो यहां तक कहा कि हो सकता है कि अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति ने कोहली से यह कहा हो कि अब आपका टेस्ट करियर पूरा हो गया, जिसके बाद उन्होंने संन्यास का ऐलान किया हो। recent visitors 47

विक्रम विश्वविद्यालय में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र के साथ की मारपीट, जांच के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सौंपा मामला

उज्जैन  विक्रम विश्वविद्यालय के छात्रावास में मंगलवार रात को सीनियर छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। रात करीब डेढ़ बजे हॉस्टल के कमरे से एक जूनियर छात्र को बाहर निकालकर उसके कपड़े फाड़े और जमकर पीट दिया। मामले में माधवनगर पुलिस को शिकायत की गई है। छात्र का आरोप है कि रैगिंग को लेकर उसके साथ मारपीट की गई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। कमरे में पढ़ाई कर रहा था पुलिस ने बताया कि सचिन पुत्र प्रवीण उम्र 20 वर्ष निवासी आगर बीटेक का छात्र है। सचिन विक्रम विश्वविद्यालय के शालिगराम तोमर छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा है। वह मंगलवार रात को करीब डेढ़ बजे छात्रावास के कमरे में बैठकर पढ़ाई कर रहा था। उसी दौरान उसके कमरे का दरवाजा किसी ने काफी जोर से खटखटाया था। दरवाजा खोला तो बाहर उसके सीनियर छात्र मुकुल उपाध्याय व कृष्णा खड़े हुए थे। दोनों उसे जबरन कमरे से बाहर खींचकर ले गए और उसके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद दोनों ने उसे जमकर पीट दिया। सीनियर्स ने हॉस्टल में जमकर उत्पात मचाया बताया जा रहा है कि पूर्व में भी सीनियर छात्रों ने हॉस्टल में जमकर उत्पात मचाया था। बुधवार शाम को पीड़ित छात्र ने माधवनगर पुलिस को शिकायत की थी। इस पर पुलिस ने युवक का मेडिकल करवाकर आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने बताया कि मामले को प्रॉक्टोरियल बोर्ड को भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 28

यह माओवाद पर निर्णायक प्रहार है- मुख्यमंत्री साय

रायपुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादी गढ़ माने जाने वाले करेगुट्टालू पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा संयुक्त रूप से 21 अप्रैल से 11 मई 2025 तक चलाए गए 21 दिवसीय व्यापक नक्सल विरोधी अभियान में कुल 31 वर्दीधारी माओवादी मारे गए, जिनमें 16 महिलाएं शामिल हैं। अभियान के दौरान माओवादियों के 216 ठिकानों और बंकरों को ध्वस्त किया गया तथा भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। यह अभियान छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य माओवादियों की सशस्त्र क्षमता को समाप्त कर राज्य के विकास को गति देना है। करेगुट्टालू पहाड़ी, जो छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना के मुलुगू जिले की सीमा पर स्थित है, को माओवादी संगठन वर्षों से अपनी सुरक्षित शरणस्थली के रूप में उपयोग कर रहे थे। इस 60 किलोमीटर लंबे और अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में पीएलजीए बटालियन की टेक्निकल यूनिट सहित लगभग 300-350 माओवादी सक्रिय थे। यहां से देसी हथियार, आईईडी और बीजीएल शेल तैयार किए जा रहे थे। अभियान के दौरान माओवादियों की 4 तकनीकी इकाइयों को भी नष्ट किया गया, जहाँ से 4 लेथ मशीनें, 450 नग आईईडी, 818 बीजीएल शेल, 899 बंडल कार्डेक्स, डेटोनेटर और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। इसके अतिरिक्त राशन, दवाइयां और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद हुईं। लगातार 21 दिनों तक चले इस अभियान में कुल 21 मुठभेड़ें हुईं। 3 शव 24 अप्रैल, 1 शव 5 मई, 22 शव 7 मई और 5 शव 8 मई को बरामद किए गए। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों के 18 जवान आईईडी विस्फोटों में घायल हुए। हालांकि सभी जवान खतरे से बाहर हैं और उन्हें बेहतर इलाज प्रदान किया जा रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बावजूद जवानों ने साहस और धैर्य के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सफलता पर कहा कि बीजापुर जिले की करेगुट्टालू की पहाड़ी पर हमारे जवानों ने जिस शौर्य और साहस का प्रदर्शन किया है, वह माओवाद पर निर्णायक प्रहार है। यह केवल ऑपरेशन नहीं, बल्कि भारत के तिरंगे की विजय यात्रा है। मैं सभी वीर सुरक्षाकर्मियों को हृदय से बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में यह लड़ाई माओवाद की जड़ों तक पहुँच चुकी है और हम मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त करने में सफल होंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2025 के शुरुआती चार महीनों में राज्य में कुल 174 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। सुरक्षा बलों की मजबूत पकड़ के चलते माओवादी संगठन बिखर रहे हैं और छोटे-छोटे समूहों में विभाजित हो रहे हैं। बीजापुर के नेशनल पार्क क्षेत्र और नारायणपुर के माड़ क्षेत्र में भी ऑपरेशन तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य शासन का उद्देश्य माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में आमजनों का विश्वास अर्जित करते हुए समावेशी विकास सुनिश्चित करना और समयबद्ध रूप से माओवाद का समूल उन्मूलन करना है। recent visitors 29

जैसीनगर में 600 से अधिक नव दंपति जोड़े बंधे मंगल परिणय सूत्र में

जैसीनगर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द्र सिंह राजपूत ने कहा जाता है कि एक बेटी का कन्यादान अगर कोई कर दे तो उसे यज्ञ का पुण्य मिलता है। जैसीनगर में बुधवार को आयोजित कन्यादान योजना में 600 से अधिक बेटियां हैं, जिनका कन्यादान हम ले रहे हैं, जो कि महायज्ञ के समान है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंताएं दूर हुई हैं, इस योजना ने बेटियों के पिता के माथे का पसीना पोंछने का काम किया है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना एवं शादी समारोह एक महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री राजपूत ने यह बात सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह में व्यक्त किये।  मंत्री राजपूत ने कहा कि जैसीनगर में यह शादी समारोह एक महापर्व की तरह मनाया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि पहले बेटियां बोझ समझी जाती थीं, लेकिन राज्य सरकार अब बेटियों के जन्म से लेकर शादी तक पूरा खर्च वहन करती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के महिला सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे लगातार प्रयासों से हमारी बेटियां वरदान बन गई हैं। मंत्री ने विवाह समारोह में सपत्नीक किया नृत्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा मंच पर सभी अतिथियों ने वैवाहिक जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर मंगलकामनाओं के साथ उन्हें विवाह की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनकी पत्नी श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने नृत्य किया एवं वर-वधू को आशीर्वाद दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत एवं आकाश सिंह राजपूत ने भी बुंदेली गीतों पर जमकर नृत्य किया।      सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेटियों बहनों  को अनेक योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि पहले जहां एक बेटी का कन्यादान करने में परिवार कई परेशानियों से गुजरता था।  आज सरकार के माध्यम से एक साथ  इतनी बेटियों का कन्यादान करने का हम सब को सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। मंत्री राजपूत द्वारा अपने क्षेत्र के लिए किये जाने वाले कार्य हमेशा से ही सुर्खियों में रहे हैं। इस कन्यादान में उनके द्वारा की गई व्यवस्थाएं प्रशंसनीय हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के माध्यम से जहां सभी वर्गों का कन्यादान किया जाकर परिजनों की चिंताएं भी दूर की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा बेटियों की शादी में 49000 की राशि उनके खाते में हस्तांतरित कर रही है। इससे वह अपना जीवन सुख में व्यतीत कर सकेंगी। उन्होंने सभी नव दंपतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने कहा कि आज मेरा सौभाग्य है कि मुझे सुरखी विधानसभा क्षेत्र में दो दिन में एक हजार से अधिक बेटियों का कन्यादान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने बुंदेली बन्ना मांगलिक गीत की प्रस्तुत दी। इस अवसर पर मंत्री राजपूत के आमंत्रण पर बुंदेलखंड की गायिका सुकविता शर्मा ने बुंदेली मांगलिक गीतों की प्रस्तुत दी।  इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में वर वधू के परिजन मौजूद थे।   recent visitors 37

मैहर जिले में टेक्निकल एरर के कारण किसानों का 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान अटका

सतना कुछ समय पूर्व ही अस्तित्व में आए मैहर जिले में टेक्निकल एरर के कारण किसानों का 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान अटक गया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के एवज में मिलने वाली इस रकम का कुछ हिस्सा जारी हो चुका है, लेकिन तकनीकी खामी के कारण वह पैसा किसानों के खाते में नहीं जा पा रहा है। मैहर में इस सत्र में 8600 किसानों ने 150.12 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का 5.77 लाख ङ्क्षक्वटल गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा था। डिजिटल हस्ताक्षर करते ही भुगतान फेल हो गया किसानों को देने के लिए राज्य शासन से 5 से 12 मई के बीच 3.73 करोड़, 99 लाख और 55.22 करोड़ रुपए के ईपीओ नागरिक आपूर्ति निगम कार्यालय मैहर को प्राप्त भी हुए। लेकिन जेआईटी पोर्टल में तकनीकी खामियों के कारण डिजिटल हस्ताक्षर करते ही भुगतान फेल हो गया। मैहर के उलट सतना में 184 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। यहां 25667 किसानों से 523.33 करोड़ रुपए मूल्य के 20.12 लाख ङ्क्षक्वटल गेहूं की खरीदी की गई थी। शेष भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। इन्हें भुगतान का इंतजार अमरपाटन ब्लॉक के ग्राम लालपुर निवासी किसान नारायण प्रसाद चौरसिया को 189 ङ्क्षक्वटल गेहूं के भुगतान का इंतजार है। किसान ने 11 अप्रेल को यह गेहूं बेचा था। इसी तरह 13 अप्रेल को 75 ङ्क्षक्वटल गेहूं का विक्रय करने वाले जरियरी गांव निवासी भगवती पाण्डेय को भी भुगतान की प्रतीक्षा है। 15 अप्रेल को 240 ङ्क्षक्वटल गेहूं देने वाले मैहर के घनश्याम प्रसाद त्रिपाठी भी 6 लाख 24 हजार रुपए की अपनी राशि मिलने की बाट जोह रहे हैं। 24 अप्रेल को 19 ङ्क्षक्वटल गेहूं का विक्रय करने वाले मैहर के ग्राम देवरा निवासी रामदयाल कुशवाहा को भी 49 हजार 400 रुपए के बकाया में से एक पाई का भुगतान भी नहीं हुआ है। जेआईटी पोर्टल में तकनीकी समस्या आने से नहीं हो रहा भुगतान जेआईटी पोर्टल में तकनीकी समस्या के कारण अभी किसानों को भुगतान नही हो रहा। लगभग डेढ़ सौ करोड़ का भुगतान लंबित है। प्रबंधक संचालक को चिठ्ठी भेजकर अवगत कराया गया है। इसके साथ ही 12 मई को एनआईसी भोपाल को भी पत्र से जानकारी भेज दी गई है। राजीव पाण्डेय, प्रभारी डीएसओ, मैहर recent visitors 20

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किए आदेश, जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य पर मिलेगा पुरस्‍कार

भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, कर्मियों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार दो श्रेणी में प्रदान किये जायेंगे। इस संबंध में म.प्र. राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्‍त श्री अवि प्रसाद ने बताया कि एक पुरस्कार जल गंगा संवर्धन अभियान में समग्र रूप से उत्कष्ट कार्य पर और दूसरा मनरेगा अन्‍तर्गत खेत-तालाब निर्माण में श्रेष्ठ कार्य करने पर दिया जाएगा। अभियान में समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने पर पुरस्कार प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में दिया जाएगा। विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को निर्देश पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। अभियान में समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिले के कलेक्टर को क्रमश: 1 लाख 50 हजार रुपये, 1 लाख 25 लाख रुपये और 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। इसी प्रकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्‍कार क्रमश: 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप राशि प्रदान की जाएगी। जबकि, जिले के अमले के लिए क्रमश: 6 लाख, 4 लाख 50 हजार और 3 लाख रुपये की पुरस्कार स्वरूप राशि प्रदान की जाएगी। जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों को पुरस्कार देने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय समिति द्वारा चयन किया जाएगा। इसके साथ ही यदि अभियान के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिला, जनपद, पंचायत में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों, कर्मियों का स्थानांतरण हो जाता है तो उन्हें पदस्थापना की कार्य अवधि के समानुपात में पुरस्कार की राशि प्रदान की जाएगी। जिन नवगठित जिलों में जिला पंचायत गठित नहीं है उन जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त रूप से उनकी जनपदों के प्रदर्शन के आधार पर समानुपातिक रूप से पुरस्कार दी जाएगी। राज्य स्तर पर किया जाएगा सत्यापन जल गंगा संवर्धन अभियान की अवधि पूर्ण होने पर मनरेगा डेशबोर्ड/ पोर्टल/JGSA dashboard पर निर्धारित मापदंडों के अनुसार जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों की रैंक के आधार पर उपरोक्त श्रेणियों का चयन किया जाएगा। इसका सत्यापन राज्य स्तर पर किया जाएगा। खेत-तालाब में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले व विकासखंड को भी मिलेगा पुरस्कार जल गंगा संवर्धन अभियान में खेत-तालाब के निर्माण में उत्कृष्ट कार्य वाले जिले व विकासखंड को पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार दो श्रेणियों में दिया जाएगा। जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए "ए" व "बी" दो श्रेणी होगी। "ए" श्रेणी में 4 या उससे कम जनपदों को शामिल किया जाएगा। है। इसी तरह से बी श्रेणी में 5 या उससे अधिक जनपदों को शामिल किया जाएगा। विकासखंड स्तरीय पुरस्कार के लिए भी ए व बी श्रेणी निर्धारित की गई। ए श्रेणी में 70 या उससे कम ग्राम पंचायतों वाली जनपद पंचायतों को शामिल किया गया, जबकि "बी" श्रेणी के लिए 71 या उससे अधिक ग्राम पंचायत वाली जनपदों को शामिल किया गया है। पूरे प्रदेश में जिला स्तर व विकासखंड स्तर की दोनों श्रेणियों के लिए 1-1 पुरस्कार दिया जाएगा। जिला स्तरीय पुरस्कार "ए" व "बी" श्रेणी में आने वाले कलेक्टर को 1 लाख रुपये, मुख्य कार्यपालन अधिकारी को 75 हजार रुपये, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को 50 हजार रुपये और जिले के अमले के लिए 2 लाख 75 हजार रुपये की राशि पुरस्कार के तौर पर दी जाएगी। विकासखंड स्तर पर भी "ए" व "बी" श्रेणी में आने वाले जनपद पंचायत सीईओ को 50 हजार रुपये, सहायक यंत्री जनपद पंचायत को 30 हजार रुपये और जनपद अमले को 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि पुरस्कार के रूप में प्रदान की जाएगी।   recent visitors 31