श्रावण मास में रूद्रसागर पर बनाया गया नया पुल भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायवर्ट का मुख्य विकल्प होगा

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास में भक्तों को सम्राट अशोक सेतु के रास्ते मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। रूद्रसागर पर बनाया गया नया पुल भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायवर्ट का मुख्य विकल्प होगा। मंदिर प्रशासन द्वारा बनाए जा रहे दर्शन प्लान में इस विषय पर प्रमुखता से विचार किया जा रहा है। महाकाल मंदिर के रूद्रसागर पर उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा 200 मीटर लंबा व 9 मीटर चौड़ा अत्याधुनिक पुल का निर्माण किया है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने पुल का उद्घाटन कर इसे सम्राट अशोक सेतु नाम दिया है। हालांकि वर्तमान दर्शन व्यवस्था पूर्व निर्धारित मार्गों से सुचारू रूप से संचालित होने के कारण फिलहाल इस पुल का उपयोग नहीं किया जा रहा है। श्रावण मास में भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायवर्ट करने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। चलित भस्म आरती व्यवस्था श्रावण मास में चलित भस्म आरती व्यवस्था में सम्राट अशोक सेतु मुख्य भूमिका निभा सकता है। क्योंकि श्रावण मास में सामान्य दिनों में रात 3 बजे तथा प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे, पश्चात भस्म आरती होगी। रात्रि के समय श्रद्धालु चारधाम पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते इस पुल से सीधे मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। यह रास्ता वर्तमान मार्ग से करीब डेढ़ किलो मीटर छोटा भी है। इससे होकर दर्शनार्थी शीघ्र मंदिर में दर्शन कर बाहर निकल सकते हैं। अभी इस मार्ग से मिल रहा मंदिर में प्रवेश वर्तमान में सामान्य दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। यहां से श्रद्धालु महालोक में भ्रमण करते हुए श्री मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर से टनल के रास्ते मंदिर परिसर में होते हुए गणेश व कार्तिकेय मंडपम् से भगवान महाकाल के दर्शन कर पा रहे हैं। साढ़े 22 करोड़ की लागत से बना नया पुल सम्राट अशोक सेतु के निर्माण पर स्मार्ट सिटी कंपनी ने करीब साढ़े 22 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस पुल का मध्य भाग काफी चौड़ा है। यहां खड़े होकर श्रद्धालु रूद्रसागर का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। पुल पर आकर्षक लाइट लगाई गई है। रात्रि के समय इस पुल से गुजरना एक अलग ही आनंददायक अनुभव रहेगा। डायवर्ट रूट के रूप में होगा उपयोग     सम्राट अशोक सेतु महाकाल मंदिर में प्रवेश का नया मार्ग है। यह वर्तमान मार्ग से छोटा रास्ता है, भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायर्वट में इसका उपयोग होगा। श्रावण के दर्शन प्लान में इस पर विचार चल रहा है। – एसएन सोनी, उप प्रशासक महाकाल मंदिर   recent visitors 63

हर मोहल्ले में विकास समिति बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जरूरतों को चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करेगी

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार अब शहरी विकास को जनभागीदारी के माध्यम से गति देने की तैयारी कर रही है। 'जलगंगा अभियान' की तर्ज पर नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संस्थाओं को एकजुट कर स्वच्छता, पर्यावरण, पौधरोपण और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों में विकास कार्यों के प्रति स्वामित्व और जिम्मेदारी का भाव जागृत करना है। जनशक्ति से जीवित हुए जलस्रोत भिंड जिले के लहरौली गांव में काली पोखर का पुनर्जीवन एक मिसाल बन चुका है, जिसे ग्रामीणों और पोरवाल परिवार के सहयोग से जलगंगा अभियान के अंतर्गत फिर से पीने योग्य बनाया गया। इसी तरह इंदौर नगर निगम ने नागरिक सहभागिता से 411 कुओं, बावड़ियों और 15 तालाबों का पुनरुद्धार किया है। अब सरकार इसी मॉडल को शहरी क्षेत्रों में लागू करने की योजना बना रही है। विकास कार्यों में साझा निवेश सरकार की योजना के अनुसार, विकास कार्यों में न सिर्फ स्थानीय लोग श्रमदान करेंगे, बल्कि आर्थिक सहयोग भी करेंगे। यह त्रिस्तरीय सहभागिता सांसद, विधायक और पार्षद निधि से भी समर्थित होगी। साथ ही स्थानीय कारोबारी और औद्योगिक इकाइयों को भी इस मुहिम में जोड़ा जाएगा। मोहल्ला समितियों को मिलेगा अधिकार हर मोहल्ले में विकास समिति बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जरूरतों को चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करेगी। यह प्रस्ताव इंजीनियरों और पार्षदों की मदद से निगम अथवा जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया से विकास की योजना अधिक लोकतांत्रिक और पारदर्शी बनेगी।   विकास निधियों की राशि सांसद निधि: 5 करोड़ रुपये विधायक निधि: 3.25 करोड़ रुपये महापौर निधि: 5 करोड़ रुपये नगर निगम अध्यक्ष निधि: 2 करोड़ रुपये पार्षद निधि: 25 लाख रुपये   recent visitors 40

एक वर्ष में स्टार्ट-अप में 30 और महिला स्टार्ट-अप में 34 प्रतिशत की वृद्धि – नई स्टार्टअप नीति हुई लागू

भोपाल मध्यप्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। स्टार्ट-अप्स की संख्या, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों में वृद्धि और राज्य में नवाचार को प्रोत्साहन देने वाली विभिन्न पहलों के चलते पिछला वर्ष अत्यंत सफल रहा है। स्टार्ट-अप्स में हुआ इज़ाफ़ा पिछले एक वर्ष में राज्य में मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स की संख्या 4012 से बढ़कर 5230 हो गई, जिसमें 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। महिलाओं द्वारा संचालित स्टार्ट-अप्स में 34 फीसदी की वृद्धि हुई है। इनकी संख्या 1864 से बढ़कर 2490 तक पहुँच गई हैं। इन प्रयासों से यह स्पष्ट है कि महिला उद्यमिता को विशेष बल दिया जा रहा है। आज प्रदेश में स्टार्ट-अप्स की संख्या 5300 से अधिक हो चुकी है। निवेश को मिली नई दिशा गत एक वर्ष में राज्य सरकार ने स्टार्ट-अप्स के लिए फंडिंग सुनिश्चित करने हेतु SEBI-अनुमोदित वैकल्पिक निवेश निधियों (AIFs) से साझेदारी की। 5 AIFs का चयन हुआ, जिनमें से 3 Silver Needle, Equanimity Ventures और Unicorn India Ventures Fund ने कुल ₹10.90 करोड़ का निवेश किया। सरकार ने ₹3.03 करोड़ का अंशदान किया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुआ नीति का शुभारंभ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई "मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं क्रियान्वयन योजना 2025" का शुभारंभ किया गया। इस दौरान 2500 से अधिक स्टार्ट-अप्स ने भाग लिया और “फ्यूचर फ्रंटियर्स: स्टार्ट-अप पिचिंग सेशन” में 20 स्टार्ट-अप्स को निवेशकों के समक्ष पिच करने का मौका मिला, जिसमें से 19 को निवेशकों द्वारा रुचि पत्र प्राप्त हुए। महिलाओं और कृषि स्टार्ट-अप्स को मिला मंच महिला उद्यमियों को योजनाओं से जोड़ने के लिये 13 अगस्त 2024 को “प्रदेश महिला उद्यमी सम्मेलन” का हुआ। जिसमें 40 से अधिक महिला स्टार्ट-अप्स ने भाग लिया। कृषि क्षेत्र के लिए GAP फंड के माध्यम से फंडिंग की सुविधा दी गई और कृषि आधारित स्टार्ट-अप्स को विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी का अवसर मिला। राज्यभर में हुआ स्टार्ट-अप जागरूकता का प्रसार मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने पूरे वर्ष में 50 से अधिक कार्यक्रमों में भाग लिया तथा आयोजन किया, जिनमें 20 से अधिक शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक संगठनों, सरकारी विभागों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों तक की सहभागिता शामिल रही। साथ ही, प्रदेश में आयोजित रीजनल इंडस्ट्रीज़ कोंक्लेव तथा RAMP योजना जैसी पहलों के माध्यम से स्टार्ट-अप्स को जागरूक किया गया। नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु आयोजित “स्टार्ट-अप क्लीनिक”, “स्टार्ट-अप मार्गदर्शन सत्र” और “इनक्यूबेटर आउटरीच वर्कशॉप” जैसे आयोजनों से प्रदेश में स्टार्ट-अप संस्कृति को मजबूत आधार मिला है। मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने राज्य में नवाचार और उद्यमिता का वातावरण तैयार किया है साथ ही निवेश, जागरूकता और सहभागिता के नए आयाम भी स्थापित किए हैं।   recent visitors 44

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पीआईयू द्वारा किए जा रहे स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि निर्माण एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करें और अंतर्विभागीय समन्वय से संबंधित विषयों को तत्काल रेखांकित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थलों पर निर्माण एजेंसियों को भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है अथवा अन्य कोई प्रशासनिक विभागीय अवरोध या असमंजस की स्थिति है, उसकी स्थिति उच्च अधिकारियों को तुरंत अवगत कराई जाए, ताकि उनका प्राथमिकता से निराकरण कार्य को गति दी जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सामंजस्य एवं विभागीय सक्रियता की कमी से कार्यों में विलंब पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को समय से पूर्ण करना स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) द्वारा किए जा रहे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। भुगतान में विलंब विभागीय उदासीनता उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किए गए कार्यों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। भुगतान में विलंब से कार्य की गति प्रभावित होती है और यह विभागीय उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारी स्वयं मैदानी निरीक्षण कर कार्यों की सघन मॉनिटरिंग करें तथा 15वें वित्त आयोग और पीएम-अभीम योजना के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, अंडर ग्रेजुएट/पोस्ट ग्रेजुएट सीट अपग्रेडेशन, सीसीबी सहित सभी अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की एवं स्पष्ट निर्देश दिए कि बजट का योजनाबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, और उपकरण एवं फर्नीचर की खरीदी का कार्य समानांतर रूप से किया जाए। जिससे निर्माण कार्य पूर्ण होने और सेवा प्रदाय में विलम्ब न हो। बैठक में बताया गया कि सिवनी, नीमच और मंदसौर में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और ये संस्थान सेवा में आ चुके हैं। वहीं छतरपुर, दमोह, राजगढ़ और सीआईएमएस छिंदवाड़ा में कार्य प्रगतिरत हैं। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में यूजी सीट्स अपग्रेडेशन के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में मेडिकल कॉलेज में कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सागर में कार्य प्रगतिरत है। पीजी सीट्स के अपग्रेडेशन के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा में निर्माण एवं संसाधन उन्नयन कार्य प्रगतिरत हैं। बैठक में यह जानकारी दी गई कि पीआईयू द्वारा राज्य में वर्तमान में 217 कार्य प्रगतिरत हैं, जिनके लिए 1054 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 24 कार्यों के लिए 283 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, परंतु वे अभी प्रारंभ नहीं हो पाए हैं। 5 कार्य विभिन्न कारणों से अवरुद्ध हैं। कुल 246 कार्यों के लिए 1027 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी जानी शेष है। नर्सिंग कॉलेज मंदसौर में बाउंड्री वॉल निर्माण, छिंदवाड़ा में होस्टल और कॉलेज भवन का कार्य, सतना एवं राजगढ़ में लैंड डेवलपमेंट कार्य प्रगतिरत है। नीमच में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज के लिए टेंडर की स्वीकृति शासन स्तर पर लंबित है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 352.5 करोड़ रुपए की मांग प्रस्तुत की गई थी, जिसके विरुद्ध अब तक 40.5 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से ₹12.81 करोड़ रुपए का व्यय किया गया है, 52.32 करोड़ रुपए के बिल लंबित हैं। राजगढ़ और छिंदवाड़ा के लिए 22.13 करोड़ एवं 14 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। दमोह, छतरपुर में आंशिक राशि व्यय की गई है, जबकि जबलपुर को पूरी मांग के अनुरूप राशि प्राप्त हुई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मांग अनुसार बजट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, संचालक प्रोजेक्ट नीरज कुमार सिंह, एमडी एनएचएम डॉ सलोनी सिडाना, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, पीआईयू के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। recent visitors 53

केंद्रीय मंत्री ने 13 साल पहले स्वीकृत की गई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना को अपने जनसेवा काल की सबसे सिर दर्द योजना बताया

शिवपुरी  क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक ली. बैठक में शिवपुरी के विकास की दिशा में ढाई घंटे मंथन के बाद बैठक की जानकारी दी. केंद्रीय मंत्री ने 13 साल पहले स्वीकृत कराई गई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना को लेकर कहा कि, ''यह योजना उनके जनसेवा काल की सबसे सिर दर्द योजना रही है.'' बकौल सिंधिया इस योजना को लेकर पीएचई विभाग का दावा है कि सीवर लाइन का 45 प्रतिशत फ्लो टेस्ट हो चुका है, वह पूर्णत: पास है. ठेकेदार को भुगतान की भी बात आई है. सिंधिया के अनुसार, इस दावे की जमीनी हकीकत को जांचने के लिए हमने निर्देश दिए हैं कि विधायक, कलेक्टर, नपाध्यक्ष, सीएमओ व पीएचई विभाग पांचों मिलकर सर्वे करेंगे. अगर 45 प्रतिशत सीवर लाइन का फ्लो टेस्ट पास हाेता है तो ठेकेदार को भुगतान के लिए हम राज्य सरकार से राशि की मांग करेंगे. यह राशि कांट्रेक्टर को दी जाएगी, ताकि वह शेष रहे 55 प्रतिशत भाग के काम को समाप्त कर सके. इसके बाद उक्त भाग का फ्लो टेस्ट किया जाएगा, फिर शेष राशि उसे दी जाएगी, ताकि सीवर की समस्या हल हो सके. भू-माफियाओं पर होगी कठोर कार्रवाई केंद्रीय मंत्री एवं गुना-शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित दिशा समिति की बैठक में भाग लेकर जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की. बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत में उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. 26 मई तक सुलझेगा, जमीन के मालिकाना हक का विवाद केंद्रीय मंत्री का कहना था कि, "शिवपुरी एयरपोर्ट के लिए हमें जमीन अधिग्रहण का कार्य करना है, जिसमें तीन हिस्सों में जमीन अधिग्रहण की जानी है. 58 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण जिला प्रशासन से होना है, परंतु अभी इसमें यह तय नहीं हो सका है कि वह जमीन रेवेन्यू की है अथवा फारेस्ट विभाग की.'' केंद्रीय मंत्री के अनुसार बैठक में उन्हें कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि 26 मई तक यह तय हो जाएगा कि जमीन किसकी है, उसके बाद जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. 38 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए फारेस्ट व वाइल्ड क्लीयरेंस सुप्रीम कोर्ट तक देना पड़ेगा. 28 हेक्टेयर प्रायवेट लैंड का अधिग्रहण किया जाएगा. 30 प्रतिशत जनता को पानी के लिए करना होगा इंतजार शहर की जनता को पेयजल उपलब्ध कराने वाली मड़ीखेड़ा जलावर्धन योजना पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री का कहना था कि, ''शहर के 70 प्रतिशत हिस्से में पांच करोड़ की लागत से पाइप लाइन बिछाने का काम जारी है जिसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा. इसके अलावा शहर के 30 प्रतिशत हिस्से में 128 किमी की डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन बिछाने के लिए अमृत-3 का इंतजार करना होगा.'' नल-जल की खराब लाइन को पीएचई करेगी सही दिशा की बैठक में ग्रामीण अंचल में नल-जल योजना की पाइप लाइन बिछाने में अनियमितता बरतने की बात सामने आई. जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की कि नियमानुसार पाइप लाइन एक मीटर की गहराई में डाली जानी थी, परंतु कहीं आधा फीट की गहराई में तो कहीं जमीन के ऊपर लाइन बिछाई गई है. इस पर यह तय हुआ कि जनप्रतिनिधि व कलेक्टर का प्रतिनिधि जाकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कामों की फोटो, वीडियो बनाएंगे, ताकि पीएचई से उक्त लाइन को सही करवाया जा सके. इसके अलावा जहां पर पीएचई ने अभी काम शुरू नहीं किया है, वहां पर जलजीवन मिशन चाहे तो काम को अपने हैंडओवर लेकर खुद पूरा कर सकता है. जो काम पीएचई ने शुरू कर दिया है, वह काम उसे ही पूरा करना होगा. ये भी बोले सिंधिया -फोरलेन पर सड़क के किनारे जो ग्रीन रेलिंग लगाई गई थी, वह ध्वस्त हो गई है, उसे जल्द दुरूस्त करें. -हाईवे के अंडर पास की सफाई एनएचएआई से कराई जाएगी, क्योंकि वहां से टाइगर गुजरते हैं. -टाइगर रिजर्व के साउथ रेंज कारिडोर में 75 परिवारों के विस्थापन की दिशा में काम करेंगे. -145 करोड़ की लागत से स्वीकृत सनघटा सिंचाई परियोजना एक साल में पूरी होगी, 25 गांव पंजाब की तरह बनेंगे. -चांदपाठा बांध का रिसाव रोकने के लिए 71 करोड़ की याेजना है, जिसे जल्द स्वीकृत करवाया जाएगा. -बारिश में जलकुंभी माधव लेक में न पहुंचे इसके लिए बारिश पूर्व करबला के पास जाली लगवाई जाएगी. -निर्माणाधीन ट्रांसपोर्ट नगर की झांसी रोड से कनेक्टिविटी के लिए 10 करोड़ की लागत से बनेगी 7.5 किमी की रोड. recent visitors 46

डिंडौरी में सहायक यंत्री ने सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर महिला से कार में किया रेप, गिरफ्तार

 डिंडौरी जबलपुर में सरकारी नौकरी का लालच देकर एक महिला के साथ दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. गढ़ा थाना क्षेत्र की 35 वर्षीय महिला ने पंचायत विभाग में पदस्थ सहायक यंत्री पंकज सिंह परिहार पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए कुंडम थाने में मामला दर्ज कराया है. आरोपी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला को डिंडौरी बुलाया और अमरकंटक ले जाकर अधिकारियों से मुलाकात का बहाना बनाकर जंगल में कार के अंदर बलात्कार किया. जानकारी के अनुसार, जबलपुर का रहने बाला आरोपी पंकज सिंह परिहार डिंडौरी जिले के समनापुर जनपद में पंचायत विभाग में सहायक यंत्री के पद पर कार्यरत है. कुछ समय पहले उसकी गढ़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला से दोस्ती हुई थी. दोनों के बीच अक्सर फोन पर बातचीत होने लगी. बातचीत के दौरान महिला ने कहा कि वह अकेली रहने के कारण बोर हो जाती है इसलिए वह नौकरी की तलाश में है और इसके लिए कई जगह आवेदन दिए हुए हैं. बातचीत के दौरान आरोपी ने महिला को पंचायत विभाग में रिक्त पदों में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया. पंचायत विभाग में रिक्त पदों का दिया हवाला महिला की शिकायत के मुताबिक कुछ समय पहले ही पंकज सिंह से उसकी दोस्ती हुई थी। इसके बाद से दोनों के बीच अक्सर फोन पर बात होने लगी। आरोपी ने महिला को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया और डिंडौरी जिले में पंचायत विभाग के रिक्त पदों का हवाला देते हुए मिलने के लिए बुलाया। शनिवार की सुबह महिला एक्टिवा से दीनदयाल बस स्टैंड पहुंची, जहां से वह डिंडौरी रवाना हुई। डिंडौरी से अमरकंटक ले गया आरोपी डिंडौरी पहुंचने पर आरोपी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी अमरकंटक गए हैं, वहीं चलकर मिलना होगा। इसके बाद वह महिला को अपनी कार (MP 04 CW 8866) में बैठाकर अमरकंटक ले गया, लेकिन वहां भी किसी अधिकारी से नहीं मिलवाया। शाम करीब 6 बजे आरोपी ने महिला से कहा कि वह जबलपुर जा रहा है और उसे छोड़ देगा। रास्ते में आरोपी ने शराब पी और कुंडम के पास कार में ही महिला से जबरन दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी की कार की जब्त कुंडम थाना प्रभारी अनूप नामदेव ने बताया कि- शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की गई। आरोपी को परिवार सहित जबलपुर छोड़ने से पहले गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की कार भी जब्त कर ली है। उस पर पहले भी छेड़खानी के मामले दर्ज हैं। इसकी भी जांच की जा रही हैं। जंगल में रेप का आरोप आरोपी ने महिला को नौकरी की प्रक्रिया के सिलसिले में डिंडौरी बुलाया और उसे अमरकंटक ले जाने की बात कही, जहां वह अधिकारियों से मिलवाने का दावा कर रहा था. वापसी के दौरान आरोपी ने रास्ते में शराब पी और कुंडम के जंगल क्षेत्र में कार रोककर महिला से दुष्कर्म किया. पीड़िता किसी तरह जबलपुर पहुंची और तत्काल गढ़ा थाना पहुंचकर घटना की जानकारी दी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कुंडम थाने में अपराध दर्ज कर कार्रवाई प्रारंभ की. कुंडम पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी पंकज सिंह परिहार को जबलपुर छोड़ने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया. जानकारी मिली है कि आरोपी अपने परिवार सहित फरार होने की फिराक में था. पुलिस ने आरोपी की कार को भी जब्त कर लिया है, जिसमें घटना को अंजाम दिया गया था. पहले से दर्ज हैं छेड़खानी के आरोप एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा के अनुसार, आरोपी पर पहले भी छेड़खानी के मामले दर्ज हैं. करंजिया जनपद में पदस्थ रहते हुए भी उस पर गंभीर आरोप लगे थे. वर्तमान में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है. यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि कैसे नौकरी का सपना दिखाकर शातिर अपराधी महिलाओं को शिकार बना रहे हैं. लेकिन ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और कठोर सजा की आवश्यकता महसूस की जा रही है.   recent visitors 32

मध्यप्रदेश में दो दिन पड़ेगी तेज गर्मी, इंदौर-भोपाल समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 21-22 मई से बदलेगा मौसम

भोपाल  मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल और सागर क्षेत्र में अगले 2 दिन बहुत गर्मी पड़ेगी। यहां के 8 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, चार सिस्टम के कारण भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 21 और 22 मई को पूरे प्रदेश में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से आंधी चलने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल में चलेगी लू, इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, बैतूल, नर्मदापुरम, सीहोर, हरदा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में आंधी और बारिश का मौसम रहेगा। ग्वालियर, गुना-खजुराहो में टेम्प्रेचर 43 डिग्री के पार मध्यप्रदेश में आंधी और बारिश के साथ-साथ गर्मी भी महसूस की जा रही है। रविवार को राजगढ़, विदिशा, अशोकनगर और कई अन्य जिलों में मौसम में बदलाव आया। वहीं, ग्वालियर, गुना, खजुराहो, सीधी, शिवपुरी और टीकमगढ़ में तापमान 43 डिग्री या उससे ज्यादा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो में 43.8 डिग्री, ग्वालियर-गुना में 43.7 डिग्री, सीधी में 43.4 डिग्री, और शिवपुरी-टीकमगढ़ में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, सागर, रायसेन, रतलाम, खंडवा में तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। बड़े शहरों में इंदौर में 37.4 डिग्री, भोपाल में 39.1 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री और जबलपुर में 39.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग क्या कह रहा ? मौसम विभाग के मुताबिक इस समय चार साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ एक्टिव है। इस कारण प्रदेश का मौसम बदल गया है। 20 मई से इसका ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। 21 और 22 मई को अधिकांश जिलों के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आंधी-बारिश के बीच तेज गर्मी…ग्वालियर, गुना-खजुराहो में 43 डिग्री के पार मध्यप्रदेश में आंधी और बारिश के बीच तेज गर्मी का असर भी है। रविवार को राजगढ़, विदिशा, अशोकनगर समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा। वहीं, ग्वालियर, गुना, खजुराहो, सीधी, शिवपुरी और टीकमगढ़ में पारा 43 डिग्री या इससे अधिक रहा। मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो में 43.8 डिग्री, ग्वालियर-गुना में 43.7 डिग्री, सीधी में 43.4 डिग्री, शिवपुरी-टीकमगढ़ में पारा 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, सागर, रायसेन, रतलाम, खंडवा में पारा 40 डिग्री से अधिक रहा। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 37.4 डिग्री, भोपाल में 39.1 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री और जबलपुर में 39.9 डिग्री सेल्सियस रहा। कल से असर ज्यादा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि वर्तमान में चार साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। कल यानी, 20 मई से ज्यादा असर देखने को मिलेगा। 21 और 22 मई को ज्यादातर जिलों के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जानें, अगले 4 कैसा रहेगा मौसम 19 मई: इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट में आंधी और बारिश की उम्मीद है। वहीं, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर में लू चलने की संभावना है। 20 मई: इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर और दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, उमरिया, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और सिंगरौली में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां आंधी की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। 21 मई : भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर नर्मदापुरम, ग्वालियर संभाग में बारिश और आंधी का अलर्ट है। शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, गुना, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच में मौसम साफ रह सकता है। 22 मई: निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर को छोड़कर बाकी प्रदेश में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है। यहां तेज आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। साथ ही गरज-चमक भी हो सकती है। recent visitors 33