भारत का व्यापार घाटा अप्रैल में बढ़कर 26.42 अरब डॉलर हुआ, निर्यात में 9 प्रतिशत की उछाल

नई दिल्ली अप्रैल 2025 में भारत का निर्यात 12.7% बढ़कर 73.80 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि आयात 15.7% की वृद्धि के साथ 82.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि ने व्यापार घाटे को 50% बढ़ाकर 8.65 अरब डॉलर कर दिया। भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ आयात निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में भारत का कुल निर्यात 73.80 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुँच गया, जो पिछले साल इसी महीने के 65.48 बिलियन अमरीकी डॉलर से 12.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि आयात और भी तेज़ गति से बढ़ा है, अप्रैल 2025 में कुल आयात बढ़कर 82.45 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो अप्रैल 2024 में 71.25 बिलियन अमरीकी डॉलर से 15.7 प्रतिशत की वृद्धि है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि हम 2024-25 में 825 बिलियन अमरीकी डॉलर के निर्यात के आंकड़े तक पहुँच गए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा निर्यात है। इससे पता चलता है कि भारतीय निर्यात और निर्यातकों ने अब अपने व्यवसाय में वह लचीलापन हासिल कर लिया है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, निर्यात और आयात में अंतर के कारण, भारत का कुल व्यापार घाटा चालू वर्ष में बढ़कर 8.65 अरब डॉलर हो गया। यह एक साल पहले के 5.77 अरब डॉलर से 50 फीसदी की जबरदस्त तेजी है। बता दें कि मार्च में व्यापार घाटा बढ़कर 21.54 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो फरवरी में तीन साल के निचले स्तर 14.05 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक था। भारत के सभी निर्यात (माल और सेवाएँ) ने भी मार्च 2025 में स्थिर वृद्धि दर्ज की है, जिसमें निर्यात और आयात दोनों में साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक डेटा के अनुसार कुल निर्यात मार्च 2024 में बढ़कर 73.61 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो मार्च 2024 में 71.71 बिलियन अमरीकी डॉलर था। आयात बढ़ने से बढ़ा व्यापार घाटा इलेक्ट्रॉोनिक का निर्यात 39.52 प्रतिशत से बढ़कर 3.69 हो गया. इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 11.28 प्रतिशत 9.51 अरब डॉलर का हो चुका है. इसी तरह क्रूड ऑयल में अप्रैल के महीने में आयात 25.6 प्रतिशत इजाफे के साथ 20.7 अरब डॉलर हो गया है. तो वहीं सोने का आयात 4.86 प्रतिशत और बढ़कर 3.09 अरब डॉलर का हो चुका है. आंकड़ों के मुताबिक, सेवा निर्यात का मूल्य अप्रैल के महीने में में 35.31 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने के दौरान 30.18 अरब डॉलर था. जबकि सेवाओं के आयात का अनुमानित मूल्य अप्रैल 2025 में 17.54 अरब डॉलर था, जबकि पिछले साल अप्रैल में ये 16.76 अरब डॉलर था. और बढ़ सकता है एक्सपोर्ट कॉमर्स सेक्रेटरी सुनील बर्थवाल का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि भारत अपने एक्सपोर्ट की रफ्तार इसी तरह से बनाकर रखेगा और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद ये एक अच्छा साल साबित होगा. उन्होंने कहा कि बीस देशों और 6 वस्तुओं पर ध्यान फोकस करने की रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं. इसके साथ ही, वाणिज्य मंत्रालय इस पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जल्दी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने जा रहे हैं. recent visitors 67

विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह के खिलाफ आज SC में सुनवाई, कोर्ट के रुख पर BJP की निगाहें

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह (Vijay Shah Controversial Remark) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने के बाद से वो कानूनी चंगुल में फंस गए हैं। आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनावई होनी है। विजय शाह ने कर्नल सोफिया (Colonel Sophia Qureshi) पर विवादित टिप्पणी की तो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया। विजय शाह ने जब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, तो सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसपर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार बीते दिन सीजेआई बीआर गवई ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। साथ ही उन्होंने मंत्री कुवंर विजय सिंह को भी जमकर फटकार लगाई। मंत्री विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट से अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी, जिसे ठुकराते हुए आज (16 मई) की तारीख दे दी गई थी। विजय शाह को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था-     राज्य के कैबिनेट मंत्री जैसे संवैधानिक पद पक बैठे व्यक्ति को बहुत सोच समझकर बोलना चाहिए। आपसे इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती है। आप मंत्री होकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या यह आपको शोभा देता है? जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद एमपी सरकार में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया को 'आतंकवादियों की बहन' कहा था। उनके इस बयान पर सख्त रुख अपनाते हुए एमपी हाईकोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196 (1)(b) और 197(1)(c) के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया था। विजय शाह ने मांगी माफी मामला गंभीराने के बाद मंत्री विजय शाह ने अपने बयान पर माफी भी मांगी थी। उनका कहना था कि मैं सपने में भी कर्नल सोफिया के बारे में गलत नहीं सोच सकता। सोफिया ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर देश की सेवा की है। मैं उन्हें सलाम करता हूं। अगर जोश में मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया हो तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं। इस्तीफे का बन रहा है दबाव विजय शाह का यह बयान सियासी गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। एमपी सरकार पर विजय शाह को मंत्री पद से हटाने का दबाव बन रहा है। खबरों की मानें तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विजय शाह से मुलाकात की थी। मगर, उन्होंने इस्तीफा देने से साफ मना कर दिया है। अब सबकी नजर आ सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है। recent visitors 51

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिले में भू-जल स्तर और पेयजल के स्रोतों की उपलब्धता की समीक्षा की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सतत निगरानी एवं समन्वय बनाए रखें। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने बीजापुर जिले में  भू-जल स्तर और पेयजल के स्रोतों की उपलब्धता की समीक्षा की। कलेक्टर बीजापुर ने बताया कि मांग के अनुरूप नलकूपों की खुदाई करवाई गई है। मुख्यमंत्री साय ने पेयजल की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि समर कैंप और 'बाल शिक्षा मित्र' जैसे नवाचारों से बच्चों की शिक्षा में रुचि बढ़ी है। मुख्यमंत्री साय ने इन प्रयासों को और अधिक संगठित एवं परिणामोन्मुखी बनाने पर बल दिया। मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने इस सम्बन्ध में बीजापुर और दंतेवाड़ा के कलेक्टरों को रूट चिन्हांकन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए आवास, पुनर्वास और कौशल प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने एनएमडीसी व निजी क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं हेतु प्लेसमेंट कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के तीसरे चरण में स्वयं भागीदारी करते हुए जमीनी सच्चाई का मूल्यांकन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे किए गए हैं और बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय समुदाय की आर्थिक समृद्धि के लिए उन्हें  उनकी प्रकृति के अनुरूप कार्यों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ अनेक पंचायतों में हो चुका है, जिससे अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएँ उनके ही गांवों में सुलभ होंगी। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम भावना से काम करने से ही प्रशासनिक और विकासात्मक लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे इसी भावना से कार्य करते हुए जनता के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध रहें। बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 38

मंत्री बागरी ने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये कलेक्टर एवं वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए

डिंडोरी नगरीय विकास एवं आवास तथा डिंडोरी जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने 14 और 15 मई को डिंडोरी जिले का दौरा किया। प्रभारी मंत्री का दो दिवसीय दौरा जिले में विकास की प्रगति के मूल्यांकन और जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर केन्द्रित रहा। इस दौरान उन्होंने अनेक शासकीय कार्यक्रमों में भाग लिया, विभागीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की और विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने डिंडोरी में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को कार्य में पारदर्शिता व गति लाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर सुश्री नेहा मरव्या, पुलिस अधीक्षक श्री वह्नि सिंह, स्थानीय विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते, जिलाध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़ी आदिवासी महिलाओं से भेंट की और उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये कलेक्टर एवं वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने अमरपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के कार्यक्रम में सम्मिलित होकर 256 नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर प्रति जोड़े 49 हजार रूपये के चेक वितरित किए। इस अवसर पर सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, कलेक्टर, एसपी सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने दूसरे दिन नर्मदा मंदिर डैम घाट से वीर शहीदों की स्मृति में तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में पहलगाम की घटना का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की वीरगाथा सुनाई और कर्नल सोफिया कुरैशी एवं विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसे सैन्य अधिकारियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने नगर परिषद डिंडोरी में अमृत 2.0, कायाकल्प 2.0 और मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना (तृतीय चरण) के अंतर्गत चार विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया जिसमें पार्क सौंदर्यीकरण, सीसी रोड निर्माण जैसे लगभग 8.15 करोड़ रूपये की लागत के कार्य शामिल हैं। उन्होंने ग्राम शहपुर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना कार्यक्रम में सम्मिलित होकर 188 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद एवं 49 हजार रूपये के चेक वितरित किए गए। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसमस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता दें और सभी विकास कार्यों को समय-सीमा एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें। उन्होंने आमजन से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं की स्थिति जानी और त्वरित समाधान के लिए प्रशासन को सक्रिय रहने के निर्देश दिए।   recent visitors 47

डीजी दलजीत सिंह चौधरी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ कर्मियों के अमूल्य योगदान को लेकर उनकी सराहना की

जम्मू  आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की फायरिंग के दौरान शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज़ और कांस्टेबल दीपक चिंगखम की शहादत को अमर करने के लिए अब उन पोस्टों के नाम इन्हीं जवानों के नाम पर रखे जाएंगे. इस बात की घोषणा बीएसएफ के महानिदेशक (डीजी) दलजीत सिंह चौधरी ने जम्मू दौरे के दौरान की. बीएसएफ के डीजी दलजीत सिंह चौधरी ने  जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ कर्मियों के अमूल्य योगदान को लेकर उनकी सराहना की. वीरगति को प्राप्त जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए महानिदेशक ने पलौरा स्थित बीएसएफ मुख्यालय में अमर प्रहरी स्मारक पर शहीद उपनिरीक्षक मोहम्मद इम्तियाज और आरक्षी दीपक चिंगाखम की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित किया. दोनों जवानों ने इस ‘ऑपरेशन’ के दौरान अपनी सीमा चौकी की रक्षा में दुश्मन की भीषण गोलीबारी और गोलाबारी का सामना करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया. बीएसएफ ने ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्र की सेवा में उनके सर्वोच्च बलिदान को शत-शत नमन.” बीएसएफ जम्मू के जवानों को संबोधित करते हुए महानिदेशक ने सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा में बल की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया. उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर सात मई को शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ जवानों के अटूट साहस, बहादुरी, दृढ़ समर्पण और अमूल्य योगदान की सराहना की.   recent visitors 60

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज का ऑडिट करने की बात कही

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि कुछ जज जरूरत से ज्यादा ब्रेक लेते हैं। कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज का ऑडिट करने की बात कही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि उन्हें हाई कोर्ट के जजों के खिलाफ कई शिकायतें मिल रही हैं। अब यह देखने का समय है कि उन पर कितना खर्च हो रहा है और वे कितना काम कर रहे हैं। 'हाई कोर्ट के जज ले रहे बहुत ब्रेक' सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज पर टिप्पणी की। जस्टिस कांत ने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'कुछ जज बहुत मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ जज बेवजह कॉफी ब्रेक लेते हैं, कभी यह ब्रेक तो कभी वह ब्रेक। हम हाई कोर्ट के जजों के बारे में बहुत सारी शिकायतें सुन रहे हैं। यह एक बड़ा मुद्दा है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। हाई कोर्ट के जजों का प्रदर्शन कैसा है? हम कितना खर्च कर रहे हैं और आउटपुट क्या है? यह उच्च समय है कि हम एक प्रदर्शन ऑडिट करें।' झारखंड हाई कोर्ट से जुड़ा है मामला यह टिप्पणी चार लोगों की याचिका पर आई। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि झारखंड हाई कोर्ट ने 2022 में एक आपराधिक अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह अपील सजा और आजीवन कारावास के खिलाफ थी, लेकिन फैसला नहीं सुनाया गया। उनके वकील फौजिया शकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कहने के बाद हाई कोर्ट ने 5 और 6 मई को फैसला सुनाया। फैसले में चार में से तीन लोगों को बरी कर दिया गया। आखिरी मामले में अलग-अलग फैसला आया और इसे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेज दिया गया। याचिकाकर्ता को जमानत मिल गई। शकील ने कहा कि फैसले के बाद भी बरी किए गए लोगों को जेल से रिहा नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने फैसले में यह नहीं बताया कि आदेश कब सुरक्षित रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई और झारखंड सरकार के वकील को दोपहर के भोजन के ब्रेक से पहले उन्हें तुरंत रिहा करने के लिए कहा। कोर्ट ने मामले को दोपहर 2 बजे के बाद पोस्ट कर दिया। वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दोषियों को रिहा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट से रिहाई के आदेश नहीं मिलने के कारण देरी हुई। 'फैसले सुनाने की समयसीमा का पालन करना होगा' बेंच ने कहा कि इस अदालत द्वारा पहले निर्धारित फैसले सुनाने की समयसीमा का पालन करना होगा। इसके साथ ही, इस अदालत द्वारा प्रस्तावित तंत्र का भी पालन करना होगा। बेंच ने रजिस्ट्री को हाई कोर्ट से डेटा एकत्र करने और मामले को जुलाई में पोस्ट करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पहले जो समय तय किया गया था, फैसले सुनाने के लिए, उसका पालन करना होगा। कोर्ट एक तरीका भी बताएगा जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके। कोर्ट ने रजिस्ट्री को कहा कि वह सभी हाई कोर्ट से जानकारी जुटाए और मामले को जुलाई में फिर से सुनेगा।   recent visitors 57

आज फिर एक धमकी भरा मेल सामने आया, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जान से मारने की धमकी, फैली सनसनी

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बार फिर सनसनी फैल गई है। खेल विभाग और एसएमएस स्टेडियम को लगातार मिल रही धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार 15 मई को फिर एक धमकी भरा मेल सामने आया है, जिसमें सीधे तौर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और खेल परिषद के सचिव नीरज के पवन को जान से मारने की धमकी दी गई है। इस बार मेल का अंदाज और भी ज्यादा खौफनाक और चौंकाने वाला है। धमकी देने वालों ने मेल में लिखा है कि वे नीरज के पवन की बेरहमी से हत्या कर देंगे और उसके टुकड़े करके सूटकेस में बंद कर फेंक देंगे। यही नहीं, मेल में यह भी दावा किया गया है कि अगर वे पकड़े जाते हैं तो अपनी मानसिक स्थिति खराब होने का बहाना बनाकर बच निकलेंगे। उनका कहना है कि उन्होंने पहले से ही मानसिक स्थिति का फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करवा लिया है। मेल में पुलिस को भी चुनौती दी गई है कि वह चाह कर भी उन्हें नहीं पकड़ सकती, क्योंकि वे "मासूम चेहरा" बनाकर सिस्टम को गुमराह कर देंगे। इस मेल के सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस अब मेल के आईपी एड्रेस को खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मेल कहां से भेजा गया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इससे पहले जो मेल भेजे गए थे, उनकी लोकेशन कर्नाटक की पाई गई थी। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में लगातार धमकियों का सिलसिला जारी है। 8 मई को पहली धमकी एसएमएस स्टेडियम को उड़ाने को लेकर आई थी। फिर 12 मई, 13 मई और 14 मई को भी धमकी भरे मेल सामने आए। 14 मई को तो एक ही दिन में दो मेल आए। अब 15 मई को ताजा धमकी के साथ पूरे राज्य में चिंता और खौफ का माहौल है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और साइबर टीम लगातार मेल भेजने वाले का सुराग लगाने में जुटी है। मुख्यमंत्री और सचिव स्तर के अधिकारियों को धमकी मिलना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। recent visitors 76