छिंदवाड़ा जिले में दूल्हे ने अपनी दुल्हन की विदाई ट्रक से कराई, शादी में ऐसी विदाई हुई कि लोग हैरान रह गए

छिंदवाड़ा आपने शादी को यादगार बनाने के लिए हेलीकॉप्टर और बैलगाड़ी से विदाई करते हुआ देखा होगा. लेकिन मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में शादी में ऐसी विदाई हुई कि लोग हैरान रह गए. दूल्हे ने अपनी दुल्हन की विदाई ट्रक से कराई. दरअसल, चौरई ब्लॉक के पलटवाड़ा निवासी सोनू वर्मा का सपना था कि वह दुल्हन को अपनी गाड़ी में विदा कर घर लाए. सोनू की शादी सिवनी जिले के केवलारी में सोनम के साथ तय होने के बाद उसने होने वाली पत्नी से अपनी इच्छा जाहिर की थी. लेकिन उसके पास उस समय कोई गाड़ी नहीं थी. बाद में उसने मेहनत कर एक ट्रक अपने नाम फाइनेंस कराया और उसको अपनी कमाई का साधन बनाया. जब शादी का समय आया, तब उसने अपने ट्रक पर ही दुल्हन की विदाई का अनुरोध किया. जिसे दुल्हन और उसके परिवारजनों ने भी स्वीकार किया और ट्रक से दुल्हन की विदाई हुई. इधर, दूल्हा ट्रक चलाता रहा, जबकि दुल्हन गीतों का आनंद लेती रही. वहीं अब यह अनोखी विदाई शहर में चर्चा का विषय बन गई है. recent visitors 24

जल सर्वधन के लिए जितना हमारी सरकार ने काम किया है और पीएम मोदी ने भी कार्यक्रम में आकर शोभा बढ़ाई: मुख्यमंत्री

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर में पहुंचे. जहां वो विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मीडिया से रूबरू होते हुए सीएम ने कहा कि जल गंगा सर्वधन के तहत जो किया जा रहा है, उसके लिए मध्य प्रदेश पूरे देश में पहचाना जाता है. हमने जल पर बहुत काम किए हैं. पहले नदी जोड़ो अभियान, केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान, चंबल योजना. सीएम डॉ. मोहन ने कहा कि बीते दिन महाराष्ट्र सरकार के साथ तापी नदी के पानी संग्रहण को लेकर एक बड़ी योजना बनाई है. जिसके माध्यम से सवा लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होगी और महाराष्ट्र को भी इसका फायदा मिलेगा. जल सर्वधन के लिए जितना हमारी सरकार ने काम किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कार्यक्रम में आकर शोभा बढ़ाई है. तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना बता दें कि शनिवार को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र ने ‘तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना’ पर एमओयू साइन साइन किया. दोनों सरकारों के बीच ये एमओयू महाराष्ट्र अंतरराज्यीय नियंत्रण मंडल की 28वीं बैठक के बाद हुआ. तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड रिचार्ज परियोजना है. इस परियोजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की जाएगी. 31.13 टीएमसी पानी का होगा उपयोग इस मेगा रिचार्ज योजना में 31.13 टीएमसी पानी का उपयोग होगा. इसमें से 11.76 टीएमसी मध्य प्रदेश को और 19.36 टीएमसी पानी महाराष्ट्र के हिस्से में आएगा. इस प्रोजेक्ट से मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हैक्टेयर और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी. इससे प्रदेश के बुरहानपुर-खंडवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार और खालवा की 4 तहसीलें लाभान्वित होंगी. recent visitors 27

भारत माला परियोजना में आरोपी एसडीएम-तहसीलदार, आरआई, पटवारी समेत 8 अब तक ईओडब्ल्यू की पकड़ से बाहर

रायपुर अभनपुर तहसील क्षेत्र के तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू, तहसीलदार शशिकांत कर्रे, राजस्व निरीक्षक रोशनलाल वर्मा, पटवारी दिनेश पटेल के अलावा गोबरानवापारा के तत्कालीन नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण, पटवारी नायकबांधा जीतेंद्र लहरे, पटवारी बसंती घृतलहरे, लेखराम पटेल ऐसे नाम हैं, जिनके खिलाफ छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले में ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज किया है. लेकिन इन लोगों के फरार होने की वजह से घोटाले की जांच अटकी हुई है. इस घोटाले में ईओडब्ल्यू ने अब तक हरमीत सलूजा, उमा तिवारी, केदार तिवारी और विजय जैन को गिरफ्तार किया है. इन चारों को रिमांड पर लेकर ईओडब्ल्यू पूछताछ कर चुकी है. लेकिन ईओडब्ल्यू अब तक घोटाला की जड़ तक पहुंच नहीं पाया है. घोटाला की शुरुआत कैसे और कहां से हुई, यह सबसे बड़ा सवाल है, जिसका खुलासा तभी हो पाएगा, जब सभी फरार निलंबित अधिकारी-कर्मचारी ईओडब्ल्यू की गिरफ्त में आएंगे. NHAI अफसर भी शंक के दायरे में इस प्रोजेक्ट का नक्शा एनएचएआई द्वारा तैयार किया गया था. इस नक्शा के आधार पर प्रभावित किसानों की जमीनों का अधिग्रहण कर उन्हें मुआवजा बांटा गया है. इस तरह अधिसूचना जारी होने से पहले अगर प्रोजेक्ट का नक्शा लीक हुआ है, तो यह संभावना जताना भी गलत नहीं होगा कि नक्शा एनएचएआई से लीक हुआ है. सवाल यह है कि नक्शा लीक हुआ है या फिर कराया गया. अगर कराया गया है, तो इस घोटाले में एनएचएआई के कुछ अफसरों के भी शामिल होने की भी संभावना है. क्या लीक हुआ था नक्शा जानकार बताते हैं कि भारत माला परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद बैक डेट पर प्रभावित किसानों की जमीनों को छोटे-छोटे टुकड़े में बांटकर उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर चढ़ा दिया गया, जिससे जमीन अधिग्रहण के रूप में कई गुना ज्यादा मुआवजा राशि का वितरण किया जा सके. जांच रिपोर्ट में बैक डेट पर किसानों की जमीन को टुकड़ों में बांटने का उल्लेख किया गया है, लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि अधिसूचना जारी होने के पहले ही जमीनों का बटांकन कर दिया गया हो. अगर ऐसा हुआ है तो इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि अधिसूचना जारी होने से पहले ही प्रोजेक्ट का नक्शा लीक हुआ होगा, जिसका फायदा निलंबित हुए अधिकारी-कर्मचारियों के साथ भू-माफिया ने उठाया. किसानों की भी मिलीभगत भारत माला प्रोजेक्ट घोटाला में अब तक यह बातें सामने आई है कि प्रभावित किसानों की जमीनों को टुकड़ों में बांटकर उन्हें कई गुना अधिक मुआवजा दिलाया गया है. मुआवजा की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंची भी है, लेकिन उसके बाद से सभी के खातों के ऊपर के मिले लाखों-करोड़ों रुपए निकाल लिए गए हैं. ये रुपए किसने निकाले, कैसे निकाले, इसकी भी जांच की जा रही है. 14 नए संदिग्धों से होगी पूछताछ भारतमाला परियोजन में भूअर्जन के नाम पर 48 करोड़ रुपए घोटाला किए जाने के आरोप में ईओडब्ल्यू एसीबी की टीम ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, उनसे पूछताछ में घोटाले से जुड़े 14 और संदिग्धों के नाम मिले हैं. इनमें जमीन दलाल से लेकर राजस्व विभाग के कर्मचारी और अफसर शामिल हैं. ईओडब्लू, एसीबी इन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब कर सकती है. इन संदिग्धों में ज्यादातर जगदलपुर, गरियाबंद तथा धमतरी जिले के रहवासी हैं. बढ़ सकती है घोटाले की रकम भारतमाला परियोजना के लिए भू-अर्जन के नाम पर घोटाले की रकम 48 करोड़ रुपए है. ऐसे में गरियाबंद, जगदलपुर सहित धमतरी में भारतमाला परियोजना के नाम पर घोटाला किया गया होगा तो घोटाले की रकम कई गुना और बढ़ सकती है. ऐसे में जांच का दायरा और बढ़ जाएगा. एक ही पैटर्न की आशंका भारतमाला परियोजना के लिए किन इलाकों का भू-अर्जन किया जाना है, इसकी जानकारी लीक होने के बाद जमीन दलाल के साथ जमीन कारोबारी भी सक्रिय हो गए. इसके बाद जमीन दलाल और जमीन कारोबारियों ने राजस्व विभाग के अफसर, पटवारी, आरआई से साठगांठ कर किसानों से कम दर पर जमीन खरीदी और उसे टुकड़ों में बांटकर मोटी कमाई की. रायपुर के बाद जिन और नई जगहों पर किए गए भू-अर्जन में रायपुर पैटर्न में ही गड़बड़ी किए जाने की आशंका है. recent visitors 31

प्रदेशभर में खोज के लिए चलेगा विशेष अभियान, अभियान के तहत सभी जिलों में STF का गठन किया जाएगा

रायपुर छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत सभी जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया जाएगा, जो संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच करेगी। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स का होगा गठन : डिप्टी सीएम शर्मा गृह मंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य में अवैध रूप से निवास कर रहे अप्रवासियों और बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे व्यक्तियों की पहचान के लिए अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जो जो संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच कर उनकी पहचान सुनिश्चित करेगी। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है। भारत सरकार और वरिष्ठ कार्यालयों द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इन निर्देशों के तहत बांग्लादेशी नागरिकों सहित अन्य अवैध अप्रवासियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। घुसपैठियों को शरण देने वालों पर भी होगी कार्रवाई : उपमुख्यमंत्री साव उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए राज्यभर में विशेष तलाशी अभियान चलेगा। उन्होंने कहा कि संदिग्धों के पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की पूरी जांच की जाएगी और अगर कोई व्यक्ति अवैध अप्रवासियों को शरण देता पाया गया, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में बांग्लादेशी नागरिकों सहित अन्य अवैध अप्रवासियों की पहचान एवं वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करे। recent visitors 31

अंबिकापुर के गंगापुर में स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से छह अपचारी बालक फरार

अंबिकापुर अंबिकापुर के गंगापुर में स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से छह अपचारी बालक फरार हो गए। अपचारी बालकों ने सुरक्षा गार्ड की आंखों में मिर्ची पाउडर फेंका और भाग निकले। जानकारी मिलते ही अधीक्षक एवं अन्य कर्मचारियों ने आसपास बालकों की तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चला। देर शाम घटना की जानकारी गांधीनगर थाने को दी गई। पुलिस द्वारा फरार अपचारी बालकों की तलाश की जा रही है। फरार अपचारी बालकों में चार सूरजपुर जिले के हैं। एक-एक अपचारी बालक सरगुजा व जांजगीर – चांपा जिले के रहने वाले हैं। बाल संप्रेक्षण गृह से बच्चों के फरार होने की यह तीन माह में दूसरी घटना है। इसके पहले तीन अपचारी बालक यहां से भाग निकले थे। बाद में एक को स्वजन ने पहुंचा दिया था तथा दो अपचारी बालकों को पुलिस ने पकड़ा था। सरगुजा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों ने बताया कि अपचारी बालकों की तलाश में पुलिस जुटी है। अभी तक फरार अपचारी बालकों का पता नहीं चल सका है।   recent visitors 31

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर दीं बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 में आज के ही दिन पोखरण-II का सफल परीक्षण किया गया था। इस गौरवशाली अवसर पर देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों का स्मरण करते हुए उन विभूतियों को बारम्बार प्रणाम। उनके संकल्प व समर्पण से हमारा राष्ट्र, प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयामों में नित नए अध्याय जोड़ रहा है।   recent visitors 31

यूपी में 529 लेखपालों की पदोन्नति की गई है, अब वो इस पदोन्नति के साथ ही राजस्व निरीक्षक बन गए

लखनऊ यूपी में 529 लेखपालों की पदोन्नति की गई है. अब वो इस पदोन्नति के साथ ही राजस्व निरीक्षक बन गए है. उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने उत्तर प्रदेश के 529 लेखपालो को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नत करने का फैसला किया है. जिसके फेवर में आदेश भी निर्गत कर दिया गया है. राजस्व परिषद की कमिश्नर और सचिव आईएएस मनीषा त्रिघाटिया ने 529 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति का आदेश जारी किया है. UP के सभी जिला कलेक्टरों को भेजे गये आदेश में पदोन्नति पाने वाले राजस्व निरीक्षकों को नई तैनाती के लिए तत्काल कार्यमुक्त कर पद पर ज्वाइनिंग का आदेश दिया है. recent visitors 44