जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी ने भी तुर्की से तोड़ा नाता, बहिष्कार करने की मांग और सभी तरह के रिश्ते तोड़ने की बात कही

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के दौरान पड़ोसी देश का साथ देने वाले तुर्की के खिलाफ फिलहाल देश में भावनाएं चरम पर हैं। लोग उसका बहिष्कार करने की मांग करते हुए उससे सभी तरह के रिश्ते तोड़ने की बात कह रहे हैं। इसी बीच जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विवि) के बाद अब दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने भी तुर्की सरकार के साथ हुए किसी भी तरह के समझौते को फिलहाल निलंबित करने की घोषणा की है। इस बारे में नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्व विद्यालय ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया ने राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों के चलते तुर्की गणराज्य की सरकार से संबद्ध किसी भी संस्थान के साथ हुए किसी भी समझौता ज्ञापन (MoU) को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। जामिया मिलिया इस्लामिया राष्ट्र के साथ मजबूती से खड़ा है।’ इस बारे में जानकारी देते हुए जामिया मिलिया इस्लामिया की जनसंपर्क अधिकारी प्रोफेसर साइमा सईद ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘जामिया ने तुर्की के किसी भी शैक्षणिक संस्थान और प्रतिष्ठान के साथ सहयोग को निलंबित कर दिया है। हम सरकार और देश के साथ खड़े हैं और अगली सूचना तक सब कुछ निलंबित है।’ इससे एक दिन पहले नई दिल्ली स्थित जेएनयू ने भी तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को निलंबित कर दिया था। जेएनयू और इनोनू विश्वविद्यालय के बीच तीन वर्ष की अवधि के लिए तीन फरवरी को MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें अन्य शैक्षणिक सहयोगों के अलावा संकाय और स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रमों की योजनाएं भी शामिल थीं। एमओयू को स्थगित करने का फैसला भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में लिया गया है। चार दिन तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान ने 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी। बता दें कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच एक सैन्य संघर्ष भी हुआ, जिसके दौरान मुस्लिम देश तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए उसे सैन्य मदद प्रदान की थी। recent visitors 70

भारत का तुर्किए पर कड़ा प्रहार: अब Celebi Airport सर्विसेज का सिक्योरिटी क्लियरेंस किया रद

नई दिल्ली भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान की मदद करने वाले तुर्किए के खिलाफ मोदी सरकार लगातार एक्शन ले रही है। शुक्रवार को नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो ने सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की सुरक्षा मंजूरी  तत्काल प्रभाव से रद कर दी है। सरकार ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में यह फैसला लिया गया है। सेलेबी एक तुर्किए की कंपनी है जो भारत में ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं देती है. यह कंपनी मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद सहित कई प्रमुख हवाई अड्डों पर बैगेज हैंडलिंग, रैंप सर्विस, कार्गो हैंडलिंग जैसी सेवाएं देती रही है। एयरपोर्ट पर कई अहम जिम्मेदारी संभालते हैं सेलिबी के कर्मचारी सेलिबी एविएशन भारतीय एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग, कार्गो प्रबंधन और एयरसाइड ऑपरेशन्स से जुड़े काम करती है। इस कंपनी से जुड़े कर्मचारी एयरसाइड जोन में काम करते हैं, जो एयरपोर्ट्स के हाई सिक्योरिटी वाले क्षेत्र हैं, जो विमाने से सीधे संपर्क में आते हैं। सेलिबी के कर्मचारी एयरपोर्ट पर कार्गो लॉजिस्टिक्स और पैसेंजर्स बैगेज भी संभालते हैं। भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने दागे थे तुर्किए के बने ड्रोन भारतीय सेना ने जानकारी दी है कि तुर्किए ने पाकिस्तान को सैन्य ड्रोन मुहैय्या कराया है, जिसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया गया था। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत पर ड्रोन हमले करने में तुर्की के सलाहकारों ने पाकिस्तानी सेना की मदद की थी। recent visitors 53

जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म नहीं करता है, तब तक सिंधु जल संधि पर रोक जारी रहेगी: जयशंकर

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक रहे तनाव पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि इस दौरान हमें काफी अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला। भारत के पास यूएनएससी का प्रस्ताव था कि अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए से जवाबदेह ठहराया भी गया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के आतंकियों के खिलाफ चलाया गया था और इस दौरान पाकिस्तानी आर्मी के पास एक विकल्प था कि वह अलग खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे। विदेश मंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म नहीं करता है, तब तक सिंधु जल संधि पर रोक जारी रहेगी। तनाव में कुछ नरमी आने के बाद पाकिस्तान ने बीते दिन भारत को पत्र लिखकर जल संधि पर फिर से विचार करने की अपील की थी। होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि हमारे लिए यह बहुत अच्छी बात है कि हमारे पास होंडुरास का नया दूतावास है। वे उन देशों में से एक हैं जिन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले के समय मजबूत एकजुटता व्यक्त की थी। विदेश मंत्री ने साफ किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध पूरी तरह से द्विपक्षीय ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह सालों से राष्ट्रीय सहमति है और इसमें बिल्कुल भी बदलाव नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल आतंकवाद पर होगी। पाकिस्तान के पास आतंकवादियों की एक लिस्ट है, जिसे सौंपे जाने की जरूरत है, और उन्हें आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को बंद करना होगा। वे जानते हैं कि क्या करना है। हम उनके साथ आतंकवाद के बारे में चर्चा करने के लिए तैयार हैं। ये वे बातचीत हैं, जो संभव हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद करने पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, "हमने आतंकवादी ढांचे को नष्ट करके जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, उन्हें हासिल कर लिया है। चूंकि प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिए गए थे, इसलिए मुझे लगता है कि हमने उचित रूप से यह रुख अपनाया, क्योंकि ऑपरेशन की शुरुआत में ही हमने पाकिस्तान को यह संदेश भेज दिया था कि हम आतंकवादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं, न कि सेना पर और पाकिस्तानी सेना के पास यह विकल्प था कि वह अलग खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे। उन्होंने इस अच्छी सलाह को न मानने का फैसला किया। एक बार 10 मई की सुबह उन्हें बुरी तरह से नुकसान पहुंचा। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि हमने कितना नुकसान किया और उन्होंने कितना कम नुकसान किया। यह स्पष्ट है कि गोलीबारी बंद करना कौन चाहता था।'' सिंधु जल संधि पर अभी जारी रहेगी रोक पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सिंधु जल संधि को रोकने समेत कई अहम फैसले किए थे। जयशंकर ने साफ किया है कि सिंधु जल संधि स्थगित है और यह तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को विश्वसनीय तरीके से रोकता नहीं है। उन्होंने कहा, ''कश्मीर पर चर्चा के लिए केवल एक ही बात बची है, वह है पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना, हम इस चर्चा के लिए तैयार हैं।'' उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए से लिया था। पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक में जैश और लश्कर जैसे आतंकी संगठनों के 100 से ज्यादा आतंकवादी ढेर हो गए थे। recent visitors 64

भाजपा नेता गुलफाम सिंह हत्याकांड में संभल प्रशासन की कार्रवाई, आरोपियों के अवैध कब्जों पर चलाया बुलडोज

संभल उत्तर प्रदेश के संभल में जिला प्रशासन ने भाजपा नेता गुलफाम सिंह हत्या मामले में गुरुवार को आरोपियों द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया। गुलफाम सिंह हत्याकांड में नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, अब प्रशासन आरोपियों के अवैध कब्जों पर कार्रवाई कर रहा है। इस मामले में मुख्य आरोपी धर्मवीर ने बदायूं कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ शिकंजा और कस दिया है। मुख्य आरोपी के सरेंडर करने के बाद पुलिस ने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई तेज कर दी है। हत्या के इस मामले में ब्लॉक प्रमुख रवि और उसके पिता ग्राम प्रधान महेश को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया था। उनके गांव मैढोली में तालाब पर किए गए अतिक्रमण सहित एक अन्य गांव में अवैध कब्जे को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है। प्रशासन ने बताया कि इन दोनों पर जमीन कब्जाने के छह मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा, कोतवाली गुन्नौर क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव में भी पुलिस ने बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माणों को नेस्तनाबूद किया है। उल्लेखनीय है कि मार्च में संभल जिले में भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जांच में पता चला था कि जहरीला इंजेक्शन लगाकर उनकी हत्या की गई थी। पुलिस ने हत्या की साजिश के आरोप में ब्लॉक प्रमुख रवि यादव और उसके पिता ग्राम प्रधान महेश यादव को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। बाद में हत्यारोपी ने बुर्का पहनकर बदायूं कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले, गुलफाम सिंह यादव के बेटे दिव्य प्रकाश यादव ने दावा किया था कि उनके पिता की हत्या पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई थी। उनका यह भी कहना था कि यदि पहले ही साजिश के बारे में जानकारी मिल गई होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था। recent visitors 65

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में तबाह किए गए लश्कर-ए-तैयबा के अड्डों को अब दोबारा बसाने की जिम्मेदारी पाक सरकार ने ली

इस्लामाबाद पाकिस्तान ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी असली सोच का खुला सबूत दे दिया है। भारत द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' में तबाह किए गए आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा के अड्डों को अब दोबारा बसाने की जिम्मेदारी खुद पाकिस्तान सरकार ने ले ली है। ये एलान खुद शहबाज शरीफ के मंत्री राणा तनवीर हुसैन ने किया है। राणा तनवीर ने वहां सरेआम कहा कि सरकार इन ठिकानों को अपने खर्चे पर फिर से बनाएगी। इतना ही नहीं, उन्होंने ये भी बताया कि खुद प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और पाकिस्तानी फौज के प्रमुख असीम मुनीर इन निर्माण कार्यों में व्यक्तिगत आर्थिक मदद देंगे। पाकिस्तान के मीडिया ने भी इस बयान को प्रमुखता से छापा है। ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए थे लश्कर के ठिकाने गौरतलब है कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर के 9 अहम ठिकानों पर धावा बोलकर लश्कर-ए-तैयबा के कई अड्डों को तबाह कर दिया था। इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस अभियान के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव काफी बढ़ गया था, लेकिन बाद में युद्धविराम पर सहमति बनी। दी जाती थी आतंकियों को ट्रेनिंग दरअसल मुरीदके लाहौर से करीब 33 किलोमीटर दूर है, वहां लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय मरकज-ए-तैयबा नाम से स्थित है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 200 एकड़ में फैले इस परिसर में आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी, उनकी भर्ती की जाती थी और वहीं से भारत पर हमलों की साजिशें रची जाती थीं। यही वह जगह है जहां से 1980 में पाकिस्तान की आईएसआई की मदद से हाफिज सईद ने लश्कर-ए-तैयबा की नींव रखी थी। अब जब पाकिस्तान खुद इन तबाह हुए अड्डों को दोबारा खड़ा करने की बात कर रहा है, तो इससे साफ हो जाता है कि वो आतंक के खिलाफ लड़ाई का केवल नाटक करता है, असल में वह उसे पाल-पोस रहा है। recent visitors 61

प्रदेश के हर गांव में उपलब्ध कराएंगे सिंचाई की सुविधा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ये मध्यप्रदेश के विकास का दौर है। विकास के प्रकाश से प्रदेश का कोई कोना वंचित नहीं रहेगा। विकास के कामों में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश में जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ सिंचाई सुविधाओं का विकास भी हमारी सरकार कर रही है। प्रदेश के हर गांव में हमारी सरकार सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध कराएगी। नदी जोड़ो अभियान में हम इसी दिशा में बढ़ रहे हैं। दो बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम प्रारंभ हो चुका है। तीसरी नदी जोड़ो परियोजना के लिए हम महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रीवा जिले की सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के दिव्यगवां में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन तथा जल गंगा संवर्धन अभियान में जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यगवां में शासकीय बिरसा मुंडा महाविद्यालय (लागत करीब 6 करोड़ रुपये) सहित कुल 50.73 करोड़ रुपये की लागत वाले 5 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 2 कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान में रीवा जिले में करीब 7 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 501 नए खेत तालाबों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विकास यज्ञ है, रुकेगा नहीं, थमेगा नहीं। उन्होंने क्षेत्रीय ग्रामीणों से अपील की कि वे सभी विकास के कामों में सरकार का सहयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैकुंठपुर में नया कॉलेज भवन बनाने, चौखंडी में सांदीपनी विद्यालय बनाने, जनपद पंचायत जवां को नगर परिषद बनाए जाने, सिंचाई योजना के अंतर्गत जनपद पंचायत जवां के कुछ चयनित ग्राम समूहों को आपस में नहरों से जोड़ने और यहां स्टॉप डेम निर्माण के लिए राशि मंजूर करने की घोषणा के अलावा इसी जनपद क्षेत्र के प्रस्तावित 3 ग्राम समूहों की एक पृथक ग्राम पंचायत बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने उस कॉलेज का किया‍लोकार्पण जिसे उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में किया था स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा को और बेहतर एवं गुणवत्तापरक बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी ताकत से काम कर रही है। उन्होंने हर्ष जताते हुए बताया कि उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने दिव्यगवां में कॉलेज मंजूर किया था और आज उसी कॉलेज का वे बतौर मुख्यमंत्री लोकार्पण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉलेज में 3 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिसमें 80 प्रतिशत बेटियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। इनकी पढ़ाई-लिखाई के लिए जितनी जरूरत, उतने विद्यालय और महाविद्यालय खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई लिखाई, कॉपी किताबें, गणवेश, साईकल, लैपटॉप, स्कूटी देने के अलावा हमारी सरकार विद्यार्थियों की बेहतर कोचिंग की व्यवस्था भी कर रही है। 501 नए खेत तालाबों से रीवा जिले का बढ़ेगा सिंचाई रकबा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है, जहां तीन बड़ी नदी परियोजना पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी), केन-बेतवा लिंक और तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना पर काम हो रहा है। वर्षा जल के संरक्षण के लिए प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विकास कार्य हो रहे हैं। इसी अभियान में रीवा में लोकार्पित किये गये 501 नए खेत तालाबों से जिले का सिंचाई रकबा बढ़ेगा और फसलों की पैदावार बढ़ेगी। प्रदेश सरकार विकास के सभी संकल्पों को अक्षरश: पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने लिए हमारी सरकार गौपालन को बढ़ावा दे रही है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना हम गौ पालकों को अनुदान देंगे। पशुपालकों को प्रोत्साहन देने के लिए अब गाय का दूध सरकार खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कामधेनु योजना में किसान 25 गाय से लेकर अधिकतम 200 गाय तक पाल सकते हैं। इसके लिए पात्र हितग्राहियों को 25 प्रतिशत तक का अनुदान भी सरकार देगी। राम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय विकसित कर बनायेंगे तीर्थ क्षेत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में जहाँ-जहाँ भगवान श्रीराम के चरण पड़े हैं, वहाँ-वहाँ सरकार श्रीराम वन गमन पथ विकसित कर इन्हें तीर्थ क्षेत्र बनाएगी। इसी प्रकार जहाँ-जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुईं, वहाँ-वहाँ श्रीकृष्ण पाथेय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट का भी विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमूह को विकास के लिए संकल्प दिलाते हुए कहा कि देश ने बीते दिनों में भारतीय सेनाओं का जो शौर्य और पराक्रम देखा है उससे पूरे देशवासी बेहद गौरवान्वित हैं। हमें हमारी सेनाओं और जवानों पर नाज है।   recent visitors 50

एक बार फिर यूपी में जिम्मेदार अधिकारियों का तबादला, आईएएस शशांक चौधरी को बड़ी जिम्मेदारी मिली

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में तबादलों का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आईएएस से लेकर आईपीएस अधिकारियों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारी सौंप रहे हैं। इसी क्रम में एक बार फिर यूपी में जिम्मेदार अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। मिल रही जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को तीन आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। आईएएस देवयानी को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। तबादलों के क्रम में आईएएस शशांक चौधरी को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। आईएएस शशांक चौधरी को इन्वेस्ट यूपी का अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। आईएएस शशांक मौजूदा समय में मथुरा में नगर आयुक्त के पद पर तैनात थे। इसी तरह आईएएस जग प्रवेश का भी तबादला कर दिया गया है। आईएएस जग प्रवेश को मथुरा जिले का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। आईएएस जग प्रवेश मौजूदा समय में बरेली जिले में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात थे। इसके अलावा महिला आईएएस देवयानी को बरेली जिले का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। आईएएस देवयानी अभी तक झांसी जिले में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। बता दें कि यूपी की योगी सरकार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। साथ ही ईमानदार और सरकार की मंशा के अनुरूप काम करने वाले अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। पिछले समय में भी यूपी में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया जा चुका है। recent visitors 73