मां नर्मदा के दर्शन भी होंगे आसान, अब जल्द तैयार होंगे रोप वे, मंत्री गडकरी ने दी सैद्धांतिक स्वीकृति

जबलपुर एम्पायर टॉकीज से गौरीघाट तक 760 करोड़ रुपए की लागत से रोप-वे का निर्माण किया जाएगा। रोपवे के निर्माण को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। मां नर्मदा के दर्शन करने लोग केवल सड़क मार्ग से ही ना जाएं, उन्हें विकल्प उपलब्ध हो इसके लिए रोप-वे के निर्माण का निर्णय लिया गया है। ये बात लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विकास कार्यों के भूमिपूजन के दौरान कही। यहां बनेगा पहला रोप वे पहला रोपवे एम्पायर टॉकीज से सदर, गोरखपुर, गौरीघाट में नर्मदा के उस पार जाने के लिए तैयार होगा। इस रोप-वे की डीपीआर को अनुमति मिल गई है। दूसरा रोप वे भी होगा तैयार मंत्री सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसके लिए सैद्धांतिक स्वीकृति भी दे दी है। इसी प्रकार दूसरा रोप-वे सिविक सेंटर से बल्देवबाग दमोहनाका होते हुए अधारताल तक बनाया जाएगा। दोनों रोप-वे में जगह-जगह स्टेशन भी बनाए जाएंगे। नागरिकों को जिस स्टेशन तक यात्रा करनी हो उस स्टेशन तक इन रोप-वे के माध्यम से पहुंच सकेंगे। दो-तीन साल में बदला नजर आएगा जबलपुर बता दें कि पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सवा पांच करोड़ की लागत से बनाने वानी सीसी सड़कों का मंत्री सिंह ने भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आने वाले दो-तीन वर्षों में जबलपुर का स्वरूप बदला दिखाई देगा। recent visitors 43

‘ऑपरेशन सिंदूर’: इंडिया गेट पर दिखा भारत का दम, वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा

नई दिल्ली भारत का पाकिस्तान में रह रहे आतंकवादियों के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया। जिसकी सफलता के बाद देशभर में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में इस ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले हमारे देश के वीर सैनिकों के सम्मान में दिल्ली सरकार ने कर्तव्य पथ पर मंगलवार को तिरंगा यात्रा निकाला। इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत उनकी कैबिनेट के कई मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त सांसद और विधायक भी शामिल हुए। बड़ी संख्या में आए लोगों ने बढ़ चढ़कर इसमें भाग लिया। भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 'सेना के सम्मान में, देश का हर नागरिक मैदान में'। इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने आज पंजाब के जालंधर स्थित आदमपुर एयरबेस पर देश के जवानों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने भारत माता की जय उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा, "इस जयघोष की ताकत अभी-अभी दुनिया ने देखी है। भारत माता की जय, ये सिर्फ उद्घोष नहीं है। ये देश के हर उस सैनिक की शपथ है जो मां भारती की मान-मर्यादा के लिए जान की बाजी लगा देता है।" पीएम मोदी बोले, "ये देश के हर उस नागरिक की आवाज है, जो देश के लिए जीना चाहता है, कुछ कर गुजरना चाहता है। भारत माता की जय, मैदान में भी गूंजती है और मिशन में भी।" recent visitors 70

यूपी में बर्ड फ्लू की दस्तक, मुख्‍यमंत्री बोले- स्वास्थ्य विभाग एवियन इंफ्लुएंजा के मानवों पर प्रभावों की करे गहन समीक्षा

लखनऊ प्रदेश सरकार ने गोरखपुर में स्थित शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में मृत बाघिन में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद लखनऊ, कानपुर व गोरखपुर चिड़ियाघर के साथ ही इटावा लायन सफारी को अगले सात दिनों के लिए बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव अनुराधा वेमूरी ने मंगलवार को इसके आदेश जारी कर दिए। इस दौरान प्राणि उद्यान के सभी वन्य जीवों की सघन निगरानी की जाएगी और लक्षणों के आधार पर समुचित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। चिड़ियाघर के आस-पास वन्य जीव या बर्ड फ्लू से संबंधित पक्षी या फिर जीवों की असामान्य मृत्यु पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने आवास पांच कालिदास मार्ग में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्राणि उद्यानों, पक्षी विहारों, नेशनल पार्कों, वेटलैंड क्षेत्रों और गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित पशु-पक्षियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक कदम तत्परता से उठाए जाएं। प्राणि उद्यान परिसरों को नियमित रूप से सैनेटाइज किया जाए। सभी वन्य जीवों एवं पक्षियों की जांच की जाए और उनके आहार की गहन जांच के बाद ही उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी कर्मचारियों को एवियन इंफ्लुएंजा से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाए तथा उन्हें पीपीई किट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। बाड़ों में नियुक्त कर्मचारियों की ड्यूटी जोखिम के स्तर को ध्यान में रखते हुए तय की जाए। प्रदेश के सभी पोल्ट्री फार्मों की मानकों के अनुरूप विशेष निगरानी की जाए और पोल्ट्री उत्पादों के आवागमन पर सतत नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि एवियन इंफ्लुएंजा एच-5 के मनुष्यों पर पड़ने वाले प्रभावों का भी स्वास्थ्य विभाग गहन समीक्षा करे ताकि संक्रमण की कोई भी कड़ी मानव समाज तक न पहुंच पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय, मत्स्यपालन एवं डेयरी विभाग, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली आदि से नियमित संपर्क बनाकर सुझाव लिए जाएं और उनका पालन भी किया जाए। जिला प्रशासन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के बीच समन्वय को सशक्त बनाया जाए ताकि सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो सके। recent visitors 60

रिपोर्ट: विराट कोहली 7 मई को लेना चाहते थे संन्‍यास, BCCI ने ऑपरेशन सिंदूर के कारण इंतजार करने को कहा

नई दिल्‍ली विराट कोहली का टेस्‍ट करियर 12 मई 2025 को समाप्‍त हुआ। पूर्व भारतीय कप्‍तान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्‍स पर एक इमोशनल पोस्‍ट के साथ टेस्‍ट क्रिकेट से विदाई ली। कोहली ने 123 टेस्‍ट में 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए। याद दिला दें कि विराट कोहली ने 2024 में टी20 वर्ल्‍ड कप खिताब जीतने के बाद टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्‍यास लिया था। अब वो केवल वनडे प्रारूप में खेलते हुए नजर आएंगे। पता हो कि 7 मई को रोहित शर्मा ने टेस्‍ट प्रारूप से संन्‍यास की घोषणा की थी। रिपोर्ट के मुताबिक कोहली भी इसी दिन संन्‍यास की घोषणा करना चाहिते थे। हालांकि, रिपोर्ट में आगे बताया गया कि कोहली को अपना फैसला सार्वजनिक करने से पहले इंतजार करने की सलाह दी गई थी क्‍योंकि ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्‍तान के साथ सेना विवाद छाया हुआ था। भारत और पाकिस्‍तान के बीच 10 मई को सीजफायर की घोषणा हुई।   कोहली को क्‍यों रोका गया रिपोर्ट में बताया गया कि कोहली ने बीसीसीआई और चयनकर्ताओं से कहा था कि वो जल्‍द ही अपना फैसला सार्वजनिक करना चाहते हैं और सोमवार को टेस्‍ट संन्‍यास की घोषणा की। रिपोर्ट की मानें तो कोहली अपने परिवार के साथ ज्‍यादा समय बिताना चाहते हैं, जो उनके फैसले की प्रमुख वजह है। पिछले एक साल में कोहली को अधिकांश अपनी पत्‍नी और बॉलीवुड एक्‍ट्रेस अनुष्‍का शर्मा व बच्‍चों के साथ इंग्‍लैड में समय बिताया है। BGT गंवाने के बाद बीसीसीआई ने निर्देश दिए कि परिवार के सदस्‍य खिलाड़‍ियों के साथ सीमित समय तक रुक सकते हैं। कोहली शायद इस फैसले से संतुष्‍ट नहीं थे। विराट कोहली ने क्‍या कहा कोहली ने आईपीएल 2025 के दौरान एक इवेंट में कहा था, 'लोगों को यह बता पाना मुश्किल है कि परिवार की भूमिका क्‍या है। यह बता पाना मुश्किल है कि जब बाहर कुछ बहुत बड़ा घटा हो और उसमें काफी ऊर्जा खर्च हुई हो, तब परिवार के पास लौटकर आने में क्‍या महसूस होता है।' उन्‍होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि लोगों में समझ है कि परिवार के रहने से क्‍या वैल्‍यू आती है। मैं अपने कमरे में अकेले बैठे नहीं रहना चाहता। मैं भी आम लोगों की तरह रहना चाहता हूं। अगर ऐसा नहीं हो पाता तो फिर आप अपने खेल को जिम्‍मेदारी समझकर खेलने लगते हो। कुछ बुरा तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन सच्‍चाई है कि आप अपना काम खत्‍म करके घर लौटना चाहते हो ताकि परिवार के साथ रहे और आम जिंदगी चलती रहे।' recent visitors 63

अपनी पत्नी को गंभीरावस्था में आईसीयू में छोड़कर वापस सीमा पर लौटे जवान की पत्नी ने ICU में तोड़ा दम

ब्रजराजनगर लखनपुर ब्लॉक के तेंगनामाल गांव का युवा सैनिक देवराज गोंड अपनी गर्भवती पत्नी की देखभाल के लिए एक माह की छुट्टी पर आया था, लेकिन पाकिस्तान के साथ युद्ध की स्थिति उत्पन्न होने के बाद उसे वापस सीमा पर लौटने का आदेश आया। इसके बाद उसे अपनी पत्नी को गंभीरावस्था में आईसीयू में छोड़कर वापस सीमा पर लौटना पड़ा। हालांकि, इस बीच उसकी पत्नी लिपि ने 28 अप्रैल को एक शिशु कन्या को झारसुगुड़ा अस्पताल में जन्म दिया और वह स्वस्थ भी थी, लेकिन बाद में प्रसूता की हालत बिगड़ गई। बुरला के मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती लिपि को बेहतर इलाज के लिए बुरला के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। 29 अप्रैल को उसे बुरला अस्पताल में लाया गया था। परिस्थिति गंभीर होने पर उसे आईस यू में भर्ती कराना पड़ा। इस दौरान उसका पति सेना का जवान देवराज गोंड भी बुरला में ही था और अपनी नन्ही बच्ची को खूब लाड प्यार करता रहा। 10 मई को मिली सीमा पर लौटने का आदेश तभी पाकिस्तान के साथ तनाव उत्पन्न होने के बाद 10 मई को उसे वापस ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश मिला और वो देश सेवा को सर्वोपरि मानते हुए अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को आईसीयू में छोड़कर अगले ही दिन (11 मई) रविवार को वापस ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए लौट गया। 12 मई को जवान की पत्नी ने तोड़ा दम अगले ही दिन सोमवार यानी 12 मई की देर रात में लिपि ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। जिला प्रशासन, राज्य सरकार तथा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा उसे बचाने के सारे प्रयास विफल हो गए। उसकी मौत की खबर सुनकर तथा उसके शव के गांव तेंगनामाल पहुंचने के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर व्याप्त हो गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि जनप्रतिनिधियों तथा इलाके के लोगों ने उसे श्रद्धांजलि दी। स्थानीय विधायक सह राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी, झारसुगुड़ा विधायक टंकधर त्रिपाठी, ब्रजराजनगर की पूर्व विधायक अलका महंती, झारसुगुड़ा की पूर्व विधायक दीपाली दास समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने गहरी संवेदना प्रकट की है। उम्मीद की जा रही है कि आज मंगलवार शाम को उसके पति देवराज गोंड के गांव पहुंचने के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। recent visitors 66

मंत्री सारंग ने दिए निर्देश, प्रदेश में सीपीपीपी मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये सीपीपीपी विंग की स्थापना

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रदेश में सीपीपीपी मॉडल के अंतर्गत इन्वेस्टर्स समिट में हुए एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन और सुनियोजित मॉनिटरिंग के लिये एक विशेष “सीपीपीपी विंग” की स्थापना के निर्देश दिये। यह सीपीपीपी विंग निजी निवेशकों, सहकारी समितियों और किसानों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से सभी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा। मंत्री श्री सारंग ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के निर्देशों के परिपालन में मंगलवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये है कि इस विंग के लिए पृथक कार्यालय स्थापित किया जाए तथा इसके माध्यम से एमओयू की प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। बैठक में सीपीपीपी मॉडल के सफल एवं धरातलीय क्रियान्वयन तथा सहकारी क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रबंध संचालक विपणन संघ श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सिंगल विंडो सुविधा से सहकारी समितियों, निवेशकों और किसानों को मिलेगा त्वरित समाधान मंत्री श्री सारंग ने कहा कि “सीपीपीपी विंग” किसानों, सहकारी समितियों तथा निजी निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिये सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। यह प्लेटफॉर्म निवेश संबंधी आवश्यक अनुमतियों, प्रक्रियाओं एवं मार्गदर्शन के लिए एक एकीकृत व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। इसके अंतर्गत सहकारी बैंकों, समितियों, किसानों व निजी उद्यमियों के मध्य एमओयू की प्रक्रिया को सुलभ और पारदर्शी बनाया जाएगा। सीपीपीपी विंग भारतीय उद्योग परिसंघ व एमपीआईडीसी के साथ करेगा समन्वय मंत्री श्री सारंग ने कहा कि “सीपीपीपी विंग” की कार्य प्रणाली में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के साथ समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह विंग केन्द्र एवं राज्य सरकार की सहकारी योजनाओं के साथ जुड़कर किसानों, नव उद्यमियों और सहकारी संस्थाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएगा। कच्चा माल उत्पादक किसानों के लिये प्रशिक्षण कार्यशालाओं और वृहद सेमिनार मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सहकारी क्षेत्र में कच्चे माल का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए। इसका उद्देश्य उत्पादन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और किसानों को तकनीकी ज्ञान से सशक्त बनाना होगा। साथ ही प्रदेश में एक वृहद सेमिनार का आयोजन भी किया जाए, जिसमें सफल सहकारी उद्यमियों, संस्थाओं और श्रेष्ठ कार्य करने वाले किसानों को आमंत्रित किया जाएगा। इससे सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों और अनुभवों का आदान-प्रदान होगा। प्रदेश की सहकारी समितियों की परफॉर्मेंस आधारित ग्रेडिंग होगी मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश की सभी सहकारी समितियों की ग्रेडिंग की जाए। यह ग्रेडिंग समितियों की वित्तीय स्थिति, प्रबंधन की पारदर्शिता, सेवाओं की गुणवत्ता, लाभांश वितरण और कृषकों तथा सदस्यों को दी जा रही सुविधाओं के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस ग्रेडिंग प्रणाली के माध्यम से समितियों की कार्य प्रणाली, पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, सदस्य संतुष्टि और नवाचार की क्षमताओं का मूल्यांकन किया जा सकेगा।   recent visitors 66

मातृ मृत्युदर और शिशु मृत्युदर में सुधार के लिए समाज और सरकार दोनों के साझा प्रयासों की आवश्यकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मातृ मृत्युदर और शिशु मृत्युदर में सुधार के लिए समाज और सरकार दोनों के साझा प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार पर्याप्त नहीं है, स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक चेतना को संस्कार के रूप में विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिये जन-सामान्य को प्रेरित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ किशोरी ही भविष्य में स्वस्थ माँ बनती है। किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य की नियमित जाँच, गर्भावस्था से पूर्व की तैयारियाँ, गर्भकालीन निगरानी और प्रसव पश्चात देखरेख अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने यूनिसेफ भोपाल कार्यालय में प्रदेश में स्वास्थ्य एवं पोषण विषयक पहलों की समीक्षा की और सुझाव प्राप्त किए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक सुधार तभी संभव है जब जनमानस में स्वास्थ्य के प्रति चेतना जागे और यह सामाजिक संस्कृति का रूप ले। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल 50 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हो रहा है और लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं नियमित एएनसी (एंटी-नेटल केयर) सेवाएं ले रही हैं। यह आँकड़े चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत पंजीकरण और देखरेख को हम सामाजिक आदत और उत्तरदायित्व के रूप में विकसित करना चाहते हैं। इसके लिए हमें यह एक जन-संस्कृति बनानी होगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस दिशा में राज्य सरकार ने ‘मातृ-शिशु संजीवन मिशन’ और ‘अनमोल 2.0 पोर्टल’ पहल प्रारंभ की हैं, जो सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण और निगरानी सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, आशा, एएनएम, मैदानी स्वास्थ्य कर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। यूनिसेफ विशेषज्ञों ने बताया कि गंभीर कुपोषण (एसएएम) के प्रभावी समाधान से 6 माह से 5 वर्ष तक की आयु में होने वाली 68 प्रतिशत मृत्यु को रोका जा सकता है। नवजात देखरेख को सुदृढ़ करने से 70 प्रतिशत शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण आवश्यक है, इससे हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान और उपचार समय पर किया जा सके। इन सुझावों पर सहमति व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय कर एकीकृत अंतर्विभागीय रणनीति के माध्यम से कुपोषण, मातृ और शिशु मृत्यु दर की चुनौती का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि समर्पित प्रयासों से मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में संसाधनों की कमी नहीं है। स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें केवल सुविधाएं नहीं देनी हैं, बल्कि उपयोग के प्रति नागरिकों को प्रेरित भी करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर एक संगठित और समर्पित रणनीति पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें जन-भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित रहे। यूनिसेफ के ऑफिस इंचार्ज डॉ. अनिल गुलाटी एवं हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. प्रशांत कुमार ने राज्य में स्वास्थ्य सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।   recent visitors 50