युद्ध के हालात के चलते पूरे ग्वालियर जिले में हाई अलर्ट, प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी

ग्वालियर भारत पाकिस्तान के बीच बने युद्ध के हालात के चलते पूरे देश में अलर्ट है, शहर के कई हवाई अड्डे बंद कर दिए गये हैं उड़ानें रद्द कर दी गई है, गृह मंत्रालय के निर्देश पर मॉकड्रिल और ब्लैकआउट का अभ्यास किया जा चुका है, इन सबके बीच बीती रात पाकिस्तानी हरकत के बाद जिस तरह भारत ने मुंह तोड़ जवाब दिया है उसने तनाव को और बढ़ा दिया है, इसी को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी है ग्वालियर जिला कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह ने 7 मई को हुए मॉकड्रिल और ब्लैकआउट की 8 मई को दिन में समीक्षा की थी और उसमें आये फीड बैक के आधार पर उसमें सुधार के निर्देश अधिकारियों को दिए थे, लेकिन कल 8 मई की रात जो घटनाक्रम हुआ उसको देखते हुए दोनों अधिकारी देर रात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंच गए और रात को अधिकारियों को बुलाकर मीटिंग की कलेक्टर और एसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर परिस्थिति के लिए तैयार रहें, केंद्र सरकार से मिल रहे निर्देशों के तहत तैयार रहें कलेक्टर ने कहा हमें ब्लैकआउट में जो फीडबैक मिला है उसके हिसाब से पूरे जिले में सायरन लगवाये जा रहे हैं, एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि आपातकालीन स्थिति में हमें जिन जिन रिसोर्सेस की जरुरत पड़ सकती है उसकी लिस्ट बने और उसकी व्यवस्था करें। कंट्रोल रूम स्थापित, आपात स्थिति में कर सकते हैं कॉल हालात को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने मोती महल स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर में कंट्रोल रूम बनाया है, इस कंट्रोल रूम में शहर के नागरिक किसी भी आपातकालीन स्थिति में संपर्क कर जानकारी दे सकते हैं। कंट्रोल रूम का नंबर 0751 -2646606 है। कंट्रोल रूम ने 24 घंटे कर्मचारी मौजूद रहेंगे और वरिष्ठ अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। इसके साथ ही शहर में पानी की समस्या के निराकरण के लिए नगर निगम द्वारा गर्मी के मौसम में शहर में पेयजल व्यवस्था ठीक बनी रहे, इसके लिए नगर निगम ग्वालियर द्वारा 24 घंटे 7 दिन शिकायत दर्ज करने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिसमें शहर के नागरिक अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। कंट्रोल रूम का नम्बर 0751-2438355 है। सोशल मीडिया के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कलेक्टर रुचिका चौहान ने हालत को देखते हुए सोशल मीडिया के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किये हैं इसके तहत सोशल मीडिया यूजर ऑपरेशन सिंदूर या फिर देश की सेनाओं या फिर राष्ट्रहित से जुड़ी कोई भी भ्रामक सूचना ना तो पोस्ट करेगा और ना ही शेयर करेगा, उन्होंने कहा है जब तक कोई भी सूचना पुष्ट ना हो उसे सर्कुलेट न करें, संकटकाल में राष्ट्र का साथ दें। शहर में सायरन लगना शुरू, टेस्टिंग भी कलेक्टर के आदेश के बाद आज ग्वालियर जिले में अलग अलग स्थानों पर सायरन स्थापित होना शुरू हो गए हैं,इसी के साथ उसकी टेस्टिंग भी की जा रही है, सायरन की आवाज जनता तक पहुंचे इसके लिए साउंड सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है माइक लगाये जा आरहे हैं कलेक्ट्रेट पर इसकी टेस्टिंग भी की गई। recent visitors 32

इंदौर से बड़ी संख्या में हाई टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन बॉर्डर के लिए रवाना , ये ड्रोन पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा

इंदौर  जब मध्य प्रदेश के इंदौर का नाम आता है तो यहां का पोहा याद आ जाता है. मगर, इस बार पोहा नहीं बल्कि इंदौरी ड्रोन खूब सुर्खियां बंटोर रहा है. भारत की तरफ से शुरू ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन लिया जा रहा है. भारत ने पाकिस्‍तान के हमलों का ऐसा जवाब दिया है कि वहां लोग अब तक खौफ में हैं. पाकिस्‍तान के हर वार की काट भारत के पास मौजूद है. पाकिस्‍तान के लड़ाकू विमान जब हमले करने के लिए भारत की ओर बढ़े, तो हमारे बॉर्डर पर तैनात मिसाइलों ने उन्‍हें ढेर कर दिया. इस बीच, इंदौर से बड़ी संख्या में हाई टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन बॉर्डर के लिए रवाना किए गए हैं. ये ड्रोन पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा. हालांकि, पहले से ही इंदौर में बने ड्रोन का भारत-पाकिस्तान वॉर में देश की सेना इस्तेमाल कर रही है. यहां के 2 युवा इंजीनियरों की टीम दिन रात युद्ध स्तर पर ड्रोन बनाने में जुटी हुई है. बता दें, 1971 युद्ध के 54 साल बाद युद्ध में सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा हैं. सबसे ज्यादा हमले ड्रोन से किए जा रहे हैं. ऐसे में देशभर के युवा अपनी सेना के लिए ड्रोन तैयार करने में जुटे हुए हैं. ऐसे ही एक युवा इंजीनियरों अभिषेक शर्मा और रोशनी शुक्ला की टीम ने नभ रक्षक 1.O , नभ रक्षक 2.O थर्मल ड्रोन और नभ रक्षक 5.O ड्रोन तैयार किए हैं. अगर इनकी खासियत के बारे में बात करें तो एक हजार फीट की ऊंचाई से भी घने अंधेरे में भी ये ड्रोन दुश्मनों को ढूंढ लेने में कारगर हैं. 5 किलो वजन उठाकर ये ड्रोन 120 किलो मीटर की रफ्तार से 10 किलो मीटर का सफर बड़ी आसानी से कर सकती हैं. इन ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत है, रडार भी इन्हें नहीं पकड़ पाती हैं. जम्मू कश्मीर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के बॉर्डर पर सर्विलांस के लिए इन ड्रोनों का आर्मी इस्तेमाल कर रही है. recent visitors 31

केंद्र सरकार का फैसला, सेना प्रमुख को अगले तीन वर्षों तक प्रादेशिक सेना को सहयोग के लिए जुटाने का अधिकार दिया

नई दिल्ली भारत सरकार देश की सुरक्षा और पाकिस्तान को माकूल जवाब देने के लिए कई बड़े फैसले ले रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने सेना प्रमुख को बड़ा अधिकार दिया है। जिसके तहत उन्हें अगले तीन वर्षों तक प्रादेशिक सेना को सहयोग के लिए जुटाने का अधिकार दिया गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे सैन्य तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब सेना प्रमुख को अधिकार दिया गया है कि वे प्रादेशिक सेना के हर अफसर और सैनिक को तैनात कर सकते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर नियमित सेना की मदद की जा सके या उसकी ताकत बढ़ाई जा सके। तीन साल तक लागू रहेगा आदेश रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग ने 6 मई को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि यह आदेश 10 फरवरी 2025 से प्रभावी होगा और 9 फरवरी 2028 तक लागू रहेगा। इसका मतलब है कि अगले तीन सालों तक सेना प्रमुख के पास टीए को किसी भी जरूरी मिशन के लिए तैनात करने का पूरा अधिकार रहेगा। प्रादेशिक सेना: 75 सालों की सेवा प्रादेशिक सेना, जिसे 9 अक्तूबर 1949 को स्थापित किया गया था, ने पिछले साल अपनी 75वीं वर्षगांठ मनाई थी। यह बल न सिर्फ युद्ध के समय देश की सेवा करता है, बल्कि आपदा राहत, पर्यावरण सुरक्षा और मानवीय मदद में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। टीए पूरी तरह से नियमित सेना के साथ जुड़ा हुआ है और इसके जवानों को उनकी बहादुरी और सेवा के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। देश में 14 बटालियन होंगी तैनात सरकार की अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा 32 टीए इन्फैंट्री बटालियनों में से 14 को तैनात करने का आदेश दिया गया है। इन्हें देश के कई सैन्य कमानों में भेजा जाएगा।     साउथर्न कमांड     ईस्टर्न कमांड     वेस्टर्न कमांड     सेंट्रल कमांड     नॉर्दर्न कमांड     साउथ वेस्टर्न कमांड     अंडमान और निकोबार कमांड     आर्मी ट्रेनिंग कमांड (एआरटीआरएसी) बजट की उपलब्धता पर निर्भर होगी तैनाती अधिसूचना में यह भी साफ किया गया है कि इन बटालियनों की तैनाती तभी होगी जब बजट में इसके लिए पैसे उपलब्ध होंगे या फिर आंतरिक बचत से पैसे की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, जिन यूनिट्स को रक्षा मंत्रालय के अलावा किसी अन्य मंत्रालय की मांग पर तैनात किया जाएगा, उसका खर्च संबंधित मंत्रालय ही उठाएगा। recent visitors 62

रूसी राष्ट्रपति पुतिन से भारत के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने की मुलाकात, समर्थन के लिए जताया आभार

रांची/नई दिल्ली द्वितीय विश्व युद्ध में विजय की 80वीं वर्षगांठ पर रूस में आयोजित समारोह में भारत की ओर से भाग ले रहे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही लड़ाई में रूस के समर्थन के लिए आभार जताया। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पुतिन से मुलाकात और विजय दिवस समारोह की तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, "अपनी रूस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। 80वें विजय दिवस की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित भोज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में रूस के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।" रक्षा राज्य मंत्री सेठ, जो कि रांची से भाजपा के सांसद भी हैं, गुरुवार को रूस की राजधानी मास्को पहुंचे थे। भारत के राजदूत विनय कुमार और रूस रक्षा मंत्रालय के मेजर जनरल ओलेग मोलेसेव ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह रूसी उप रक्षा मंत्री कर्नल जनरल अलेक्जेंडर फोमिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में शामिल हुए। सेठ की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में बहुआयामी सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हमने मौजूदा संस्थागत तंत्र के ढांचे के भीतर इन संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई। भारत और रूस भविष्य में भी नियमित परामर्श जारी रखेंगे और बदलती स्थिति में आपसी सहयोग बढ़ाएंगे। इसके पहले संजय सेठ द्वितीय विश्व युद्ध के बलिदानी सैनिकों की समाधि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भी शामिल हुए। मास्को में आयोजित विजय दिवस परेड में पहले भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भाग लेने वाले थे। माना जा रहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को देखते हुए उन्होंने अपनी यात्रा स्थगित की। recent visitors 38

पाकिस्तान की हवाइसेना ने अपने F-16 ब्लॉक 52+ लड़ाकू विमानों में से आधे विमानों को ग्वादर के पास किया स्थानांतरित

इस्लामाबाद भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की  हवाइसेना ने अपने F-16 ब्लॉक 52+ लड़ाकू विमानों  में से आधे विमानों को अरब सागर तट पर स्थित ग्वादर के पास पासनाई एयरफील्ड में स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम पाकिस्तान की ओर से उठाया गया एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के S-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस सिस्टम  द्वारा इन विमानों की पहचान और नष्ट होने से बचना है।   पाकिस्तान का कदम और भारत का रिएक्शन पाकिस्तान की हवाइसेना  ने अपनी उन्नत F-16 विमानों की तैनाती को बदलते हुए उन्हें  ग्वादर के पास ब लोचिस्तान के पासनी एयरफील्ड में स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम  भारत के S-400 सिस्टम से बचने के लिए एक सुरक्षा उपाय  के तौर पर देखा जा रहा है। S-400 को बेहद प्रभावशाली एयर डिफेंस सिस्टम  माना जाता है, जो दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को दूरी से ही नष्ट करने  में सक्षम है। पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत के पास S-400  जैसे सिस्टम हैं, तो इन विमानों को  भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा आसानी से टारगेट  किया जा सकता है। S-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस सिस्टम भारत के पास हाल ही में आया है और यह दुनिया के सबसे बेहद शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम में से एक माना जाता है। इसके माध्यम से भारत अपनी सीमाओं में आने वाले विमानों, मिसाइलों और अन्य खतरे को दूर से ही नष्ट कर सकता है। ऐसे में, पाकिस्तान ने अपनी  F-16 लड़ाकू विमानों  को  पाकिस्तान के अन्य सुरक्षित स्थानों पर  शिफ्ट कर दिया है ताकि इन विमानों को भारतीय  S-400 सिस्टम के दायरे से बाहर  रखा जा सके।   पाकिस्तान की सुरक्षा रणनीति ग्वादर  के पास स्थित पासनाई एयरफील्ड पाकिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य एयरबेस  है। यह तटवर्ती क्षेत्र में स्थित है, जो पाकिस्तान को समुद्र के रास्ते से अपने विमानों की सुरक्षा का एक बेहतर विकल्प प्रदान करता है। इसके अलावा, यह पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF)  के  F-16 विमानों को  सुरक्षित स्थान पर  स्थित करके संभावित खतरे से बचने का एक कुशल तरीका  प्रदान करता है। पाकिस्तान द्वारा F-16 विमानों की तैनाती को बदलने के पीछे  रणनीतिक उद्देश्य है । इन महंगे और शक्तिशाली विमानों की सुरक्षा करना। पाकिस्तान का यह कदम  S-400 प्रणाली के खतरे से बचने  के लिए किया गया है, जिससे यह सिद्ध होता है कि पाकिस्तान  भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को गंभीरता से ले रहा है।  चीन की चिंता और प्रतिक्रिया इस बीच चीन  ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर  चिंता जताई है और दोनों देशों से शांति बनाए रखने की  अपील की है । चीन ने कहा है कि दोनों देशों को अपने सैन्य गतविधियों में संयम  बरतना चाहिए, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति और अधिक बिगड़ने से बच सके। पाकिस्तान का यह कदम यह दर्शाता है कि भारत की सैन्य ताकत और  S-400 सिस्टम से पाकिस्तान  भयभीत है।     recent visitors 48

सभी राज्यों को भेजी स्पेशल चिट्ठी, पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत पूरी तरह तैयार है

नई दिल्ली पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत पूरी तरह तैयार है। भारतीय सेना ने आज सुबह तड़के पाकिस्तान द्वारा भेजे गए कई ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, पाकिस्तान बॉर्डर से लगे कई चेक पोस्टों पर भीषण गोलीबारी का सिलसिला जारी है, जिसका भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया है। इस माहौल को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष चिट्ठी भेजी है, जिसमें उन्हें हर स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा भेजी गई चिट्ठी में कहा गया है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को पूरी तरह तैयार रहने की सलाह दी गई है। चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि सभी प्रशासन को नागरिक सुरक्षा नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करना होगा ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, मंत्रालय ने युद्ध के दौरान जरूरी सामग्री जैसे रसद आदि की खरीदारी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि जब जरूरत पड़े, ये सामग्रियां सभी को उपलब्ध कराई जा सकें। पाकिस्तान ने बीती रात भारत के कई शहरों पर मिसाइल, ड्रोन और फाइटर जेट से हमला किया था, लेकिन भारतीय सेना ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के तीन फाइटर जेट्स और दर्जनों मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया, जिससे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा। इसके बाद, भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान के कई शहरों में जवाबी कार्रवाई की और वहां भारी तबाही मचाई। इस समय, दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद भारतीय सेना ने अपनी ताकत और तैयारियों का प्रदर्शन किया है, और गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों को दिए गए निर्देश देशभर में सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। recent visitors 41

विराट कोहली ने इस मुश्किल समय में भारतीय सेना का साथ दिया है, उन्होंने सेना के जवानों की बहादुरी की तारीफ की है

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच, भारत के क्रिकेट आइकन विराट कोहली ने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए समर्थन का एक मजबूत संदेश दिया है। सीमा पर मिसाइल हमलों, हवाई हमले की चेतावनी और बढ़ी हुई सैन्य गतिविधियों के कारण सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। इसका असर आईपीएल 2025 पर भी पड़ा है। आईपीएल को शुक्रवार को सस्पेंड कर दिया गया। विराट कोहली के पोस्ट ने जीता दिल विराट कोहली ने भारतीय सेना के समर्थन में एक इंस्टा पोस्ट किया है। विराट कोहली ने एक इंस्टा पोस्ट में लिखा, 'हम अपने सशस्त्र बलों के साथ एकजुटता से खड़े हैं, जो इन कठिन समय में हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं। हम अपने नायकों की अटूट बहादुरी और हमारे महान राष्ट्र के लिए उनके और उनके परिवारों द्वारा किए गए बलिदानों के लिए हमेशा ऋणी रहेंगे।' पाकिस्तान ने जम्मू, पठानकोट, पंजाब और राजस्थान के कई शहरों पर हमला किया। इसके बाद कोहली का यह पोस्ट आया है। हालांकि, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के हमलों को पूरी तरह से नाकाम कर दिया। सुरक्षा कारणों से आईपीएल 2025 को भी एक हफ्ते के लिए निलंबित कर दिया गया है। आईपीएल को किया गया सस्पेंड भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इसका असर क्रिकेट पर भी पड़ा है। आईपीएल 2025 को बीच में ही रोकना पड़ा। विराट कोहली ने इस मुश्किल समय में भारतीय सेना का साथ दिया है। उन्होंने सेना के जवानों की बहादुरी की तारीफ की है। पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों पर हमला किया। इसमें जम्मू, पठानकोट, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं। भारतीय सेना ने इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया। इससे पहले, पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच धर्मशाला में खेला जा रहा मैच बीच में ही रोक दिया गया। खिलाड़ियों को मैदान से बाहर निकाला गया। क्योंकि जम्मू और पठानकोट में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई थी। आईपीएल पर कोई अपडेट नहीं बीसीसीआई सरकार के अधिकारियों से बात कर रही है। अभी भी कई लीग मैच और नॉकआउट मुकाबले बाकी हैं। आईपीएल को एक हफ्ते के लिए निलंबित करने से कई लोग सोच रहे हैं कि क्या बाकी मैच दोबारा होंगे या किसी सुरक्षित जगह पर खेले जाएंगे। यह सब हालात ठीक होने पर ही पता चलेगा। विराट कोहली के साथ-साथ रोहित शर्मा ने भी भारतीय सेना की तारीफ की है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और देश का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमें भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना पर गर्व है। recent visitors 46