पीएम मोदी ने कहा- देश के वैज्ञानिकों के प्रति गर्व और आभार व्यक्त किया, 1998 के पोखरण परीक्षणों को याद किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'नेशनल टेक्नोलॉजी डे' (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस) के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश के वैज्ञानिकों के प्रति गर्व और आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही 1998 के पोखरण परीक्षणों को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर शुभकामनाएं। यह हमारे वैज्ञानिकों के प्रति गर्व और आभार व्यक्त करने तथा 1998 के पोखरण परीक्षणों को याद करने का दिन है। सभी हमारे राष्ट्र के विकास पथ में विशेष रूप से आत्मनिर्भरता की दिशा में हमारी खोज में एक ऐतिहासिक घटना थे।" उन्होंने आगे लिखा, "हमारे लोगों द्वारा संचालित भारत प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं में एक वैश्विक लीडर के रूप में उभर रहा है, चाहे वह अंतरिक्ष हो, एआई हो, डिजिटल नवाचार हो, हरित प्रौद्योगिकी हो या और भी बहुत कुछ। हम विज्ञान और अनुसंधान के माध्यम से भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। प्रौद्योगिकी मानवता का उत्थान करे, हमारे राष्ट्र को सुरक्षित करे और भविष्य के विकास को गति दे।" इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर भारत उन वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीशियनों को सलाम करता है, जो हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नई तकनीक विकसित करके योगदान देते हैं। हम अपने वैज्ञानिकों के असाधारण प्रयासों को गर्व से याद करते हैं, जिसके कारण 1998 में पोखरण में सफल परीक्षण हुए। यह भारत के इतिहास में एक निर्णायक क्षण था।" बता दें कि राजस्थान के पोखरण में हुए परमाणु परीक्षणों की याद में भारत हर साल 11 मई को 'नेशनल टेक्नोलॉजी डे' मनाता है। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति करने में मदद करने वाले वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और अन्य लोगों को सलाम करना है। पहली बार 'नेशनल टेक्नोलॉजी डे' 11 मई 1999 को मनाया गया था। recent visitors 104

मुख्यमंत्री ने किया भूमि-पूजन: इंदौर को मिलेगा नया सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में इंदौर के सिरपुर स्थित देवी अहिल्या सरोवर उद्यान में स्वामी विवेकानंद की विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा स्थापना के लिए भूमि-पूजन किया। महापुरुषों के जीवन दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से यह एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। यह भव्य प्रतिमा स्वामी जी की शिक्षाओं और दर्शन को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में संत परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है और उनमें से स्वामी विवेकानंद विलक्षण संत थे। उन्होंने निराकार ईश्वर के उपासक के रूप में मानवता की सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि "मैं देखूंगा तो ही मानूंगा"  जो उनके तर्कशील और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शरीर के माध्यम से जीवन सेवा का मंत्र दिया और आत्मनिर्भरता का आशीर्वाद प्राप्त कर मृत्यु पर विजय प्राप्त की। उन्होंने दुर्बलता और हीनता को जीवन का हिस्सा मानने से इनकार करते हुए इसे मृत्यु के समान बताया। उनका विश्वास था कि साहस, सामर्थ्य और आत्मबल के सहारे व्यक्ति सभी कमजोरियों को पार कर सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन त्याग, सेवा और आत्मबोध का प्रतीक था। शिकागो धर्म संसद में दिया गया उनका ऐतिहासिक भाषण ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना का जीवंत उदाहरण है, जिसने विश्व पटल पर भारत की संस्कृति और अध्यात्म का ध्वज लहराया। उन्होंने जीवन को अंदर से बाहर की ओर विकसित करने का मंत्र दिया और कर्म को ही साधना बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आह्वान किया कि स्वामी विवेकानंदजी के सिद्धांत और विचार आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना चाहिए, ताकि समाज का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। यह मूर्ति स्थापना इस दिशा में एक बड़ा प्रयास है। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित करने के साथ ही यहां पर लाइब्रेरी की भी स्थापना की जाए, जिसमें स्वामी विवेकानंद से संबंधित साहित्य हो। इससे युवाओं को जीवन में सफलता के लिये मार्गदर्शन मिलेगा और जीने की नई राह मिलेगी। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यह प्रतिमा न केवल युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से अवगत कराएगी, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए भी प्रेरित करेगी। स्वामी जी के आदर्श आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं और यह स्मारक उनके विचारों को स्थायी रूप देगा। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी,  महापौर श्री पुष्पमित्र भार्गव, विधायकगण श्रीमती मालिनी गौड़, श्री रमेश मेंदोला तथा श्री राकेश शुक्ला, पूर्व विधायक श्री जीतू जिराती और श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री सुमित मिश्रा सहित प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। निर्माण और विकास कार्य प्रतिमा का निर्माण देश के ख्यातिप्राप्त मूर्तिकार श्री नरेश कुमावत द्वारा किया जाएगा, जिन्होंने देशभर में कई प्रतिष्ठित मूर्तियाँ निर्मित की हैं। प्रतिमा स्थल पर स्वामी विवेकानंद जी के जीवन और विचारों पर आधारित एक विशेष गैलरी भी स्थापित की जाएगी, जहाँ चित्रों, दस्तावेज़ों और डिजिटल माध्यमों से युवाओं को प्रेरित किया जाएगा। यह स्थान इंदौर के लिए एक नई पहचान, सांस्कृतिक गौरव और पर्यटन विकास का केंद्र बनेगा। निर्मित होने वाली प्रतिमा की संरचनात्मक आधार सहित कुल ऊँचाई लगभग 52 फीट होगी। इसके निर्माण में लगभग 14 टन विभिन्न धातुओं के मिश्रण का उपयोग किया जाएगा, जो जलवायु प्रतिरोधी और दीर्घकालिक स्थायित्व के लिए उपयुक्त होगा।   recent visitors 45

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में किया माँ अहिल्या बावड़ी के जीर्णोद्धार के बाद नये स्वरूप का लोकार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवा इंदौर में कनाडिया में स्थित 200 वर्ष पुरानी माँ अहिल्या बावड़ी के जीर्णोद्धार के बाद नये स्वरूप का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कार्य पर प्रसन्नता जतायी और कहा कि देवी अहिल्या के परोपकारी कार्य हमें आज भी प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहाँ शिव मंदिर में पूजन किया और मां अहिल्या की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। जल गंगा संवर्द्धन अभियान के अंतर्गत इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से इसका जीर्णोद्धार कराया गया है। जल संसाधन मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि होलकर क़ालीन इस बावड़ी का निर्माण लगभग 200 साल पहले देवी अहिल्याबाई द्वारा कराया गया था। यह बावड़ी वर्तमान में अत्यंत जीर्णशीर्ण दशा में थी, जिसे जीर्णोद्धार उपरांत नया स्वरूप प्रदान किया गया है। नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।   संभागायुक्त एवं इंदौर विकास प्राधिकरण के प्रशासक श्री दीपक सिंह ने बताया कि जल गंगा संवर्द्धन अभियान अंतर्गत 60 मीटर लम्बाई, 21 मीटर चौड़ाई एवं 15 मीटर गहराई लिए हुए माँ अहिल्या बावड़ी का जीर्णोद्धार किया गया। इस बावड़ी की क्षमता 1.68 एमएलडी (लगभग 16 लाख 80 हजार लीटर) जल के संधारण की है। बावड़ी के जीर्णोद्धार के साथ ही प्राचीन शिव मंदिर को मूल स्वरूप में रखते हुए नवीनीकरण किया गया है। बावड़ी के आस-पास बाउंड्री वाल एवं सघन पौधरोपण भी किया गया है। मालवा की मूल कला, माँड़ना से बावड़ी पर सुंदर कलाकृति बनाई गई है, जो बावड़ी को विशेष आकर्षण प्रदान कर रही है। recent visitors 38

ऑपरेशन सिंदूर पर राजनाथ- सेना की धमक रावलपिंडी तक पहुंची, भारत ने पाक में घुसकर मारा

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान में घुसकर हमला किया है। उन्होंने कहा, 'जिन भारत विरोधी और आतंकी संगठनों ने भारत माता के मस्तक पर हमला करके कई परिवारों के सिंदूर मिटाए थे, उन्हें भारतीय सेना ने ‘आपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से इंसाफ दिलाने का काम किया है। इसके लिए आज सारा देश भारतीय सेनाओं का अभिनंदन कर रहा है।'' उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई भर नहीं है, बल्कि भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सामरिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है। यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छा शक्ति का और सैन्य शक्ति की क्षमता और संकल्प शक्ति का भी प्रदर्शन है। हमने दिखाया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जब भी कोई कार्रवाई करेगा तो आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए सरहद पार की जमीन भी सुरक्षित नहीं रहेगी।'' रक्षा मंत्री ने कहा, ''भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचा ढहाने के उद्देश्य से लॉन्च किया था। हमने उनके आम नागरिकों को कभी निशाना नहीं बनाया था। मगर पाकिस्तान ने न केवल भारत के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया बल्कि मंदिर, गुरुद्वारा और गिरिजाघर पर भी हमले करने का प्रयास किया। भारतीय सेना ने शौर्य और पराक्रम के साथ-साथ संयम का भी परिचय देते हुए पाकिस्तान के अनेक सैन्य ठिकानों पर प्रहार करके करारा जवाब दिया है। हमने केवल सीमा से सटे सैन्य ठिकानों पर ही नहीं कार्रवाई की बल्कि भारत की सेनाओं की धमक उस रावलपिंडी तक सुनी गई जहां पाकिस्तानी फौज का हेडक्वार्टर मौजूद है।'' उन्होंने कहा, ''भारत में आतंकवादी घटनाएं करने और कराने का क्या अंजाम होता है, यह पूरे विश्व ने उरी की घटना के बाद देखा जब हमारी सेना ने पाकिस्तान में घुस कर सर्जिकल स्ट्राइक की, पुलवामा के बाद देखा जब बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की गईं और अब पहलगाम की घटना के बाद दुनिया देख रही है जब भारत ने पाकिस्तान के भीतर घुस कर मल्टीपल स्ट्राइक्स की हैं।'' उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह नया भारत है जो आतंकवाद के खिलाफ सरहद के इस पार और उस पार दोनों तरफ प्रभावी कार्रवाई करेगा।   recent visitors 111

मध्यप्रदेश शासन के सीनियर पायलट विश्वास राय एवं उनकी टेक्निकल टीम ने रतलाम हवाई पट्टी निरीक्षण किया

रतलाम भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा में तनाव और युद्ध की संभावना को देखते हुए एविएशन मंत्रालय ने रतलाम बंजली हवाई पट्टी का निरीक्षण किया। किसी भी आपातकालीन स्थिति में सेना का विमान उतारने के लिए निरीक्षण किया। हवाई पट्टी का रखरखाव एवं देखरेख PWD करता है। इसमें सुधार की बहुत आवश्यकता दरअसल मध्यप्रदेश शासन के सीनियर पायलट विश्वास राय एवं उनकी टेक्निकल टीम ने रतलाम हवाई पट्टी निरीक्षण किया। एक हवाई जहाज रनवे पर उतारने के बाद ही जहाज आड़ा तिरछा हुआ। टीम ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया और असंतोष जाहिर की। ना रोड, ना हवाई पट्टी में बाउंड्री वाल थी। टीम को रेस्ट रूम में बात के लिए ले जाने लगे तो सीनियर पायलट बोले कि क्या इस सुलभ कांप्लेक्स में बैठकर बात करोगे। कहा- इस पुरानी हवाई पट्टी के साथ-साथ इसमें सुधार की बहुत आवश्यकता है। अगले साल से विमान उतरना शुरू सेना के विमान उतरने के लिए निरीक्षण युद्ध के मद्देनजर किया गया था लेकिन अधिकारी खुलकर नहीं बोल पाए क्योंकि हवाई पट्टी उस लायक ही नहीं थी जिसपर मुख्यमंत्री समेत तमाम VIP के विमान और हेलीकॉप्टर लैंड करते हैं। उनका कहना था कि शासन के निर्देश पर इसका परीक्षण किया एवं अगले साल से इस हवाई पट्टी पर छोटे बड़े सभी विमान उतरना शुरू हो जाएंगे। recent visitors 50

छिंदवाड़ा जिले में दूल्हे ने अपनी दुल्हन की विदाई ट्रक से कराई, शादी में ऐसी विदाई हुई कि लोग हैरान रह गए

छिंदवाड़ा आपने शादी को यादगार बनाने के लिए हेलीकॉप्टर और बैलगाड़ी से विदाई करते हुआ देखा होगा. लेकिन मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में शादी में ऐसी विदाई हुई कि लोग हैरान रह गए. दूल्हे ने अपनी दुल्हन की विदाई ट्रक से कराई. दरअसल, चौरई ब्लॉक के पलटवाड़ा निवासी सोनू वर्मा का सपना था कि वह दुल्हन को अपनी गाड़ी में विदा कर घर लाए. सोनू की शादी सिवनी जिले के केवलारी में सोनम के साथ तय होने के बाद उसने होने वाली पत्नी से अपनी इच्छा जाहिर की थी. लेकिन उसके पास उस समय कोई गाड़ी नहीं थी. बाद में उसने मेहनत कर एक ट्रक अपने नाम फाइनेंस कराया और उसको अपनी कमाई का साधन बनाया. जब शादी का समय आया, तब उसने अपने ट्रक पर ही दुल्हन की विदाई का अनुरोध किया. जिसे दुल्हन और उसके परिवारजनों ने भी स्वीकार किया और ट्रक से दुल्हन की विदाई हुई. इधर, दूल्हा ट्रक चलाता रहा, जबकि दुल्हन गीतों का आनंद लेती रही. वहीं अब यह अनोखी विदाई शहर में चर्चा का विषय बन गई है. recent visitors 32

जल सर्वधन के लिए जितना हमारी सरकार ने काम किया है और पीएम मोदी ने भी कार्यक्रम में आकर शोभा बढ़ाई: मुख्यमंत्री

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर में पहुंचे. जहां वो विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मीडिया से रूबरू होते हुए सीएम ने कहा कि जल गंगा सर्वधन के तहत जो किया जा रहा है, उसके लिए मध्य प्रदेश पूरे देश में पहचाना जाता है. हमने जल पर बहुत काम किए हैं. पहले नदी जोड़ो अभियान, केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान, चंबल योजना. सीएम डॉ. मोहन ने कहा कि बीते दिन महाराष्ट्र सरकार के साथ तापी नदी के पानी संग्रहण को लेकर एक बड़ी योजना बनाई है. जिसके माध्यम से सवा लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होगी और महाराष्ट्र को भी इसका फायदा मिलेगा. जल सर्वधन के लिए जितना हमारी सरकार ने काम किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कार्यक्रम में आकर शोभा बढ़ाई है. तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना बता दें कि शनिवार को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र ने ‘तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना’ पर एमओयू साइन साइन किया. दोनों सरकारों के बीच ये एमओयू महाराष्ट्र अंतरराज्यीय नियंत्रण मंडल की 28वीं बैठक के बाद हुआ. तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड रिचार्ज परियोजना है. इस परियोजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की जाएगी. 31.13 टीएमसी पानी का होगा उपयोग इस मेगा रिचार्ज योजना में 31.13 टीएमसी पानी का उपयोग होगा. इसमें से 11.76 टीएमसी मध्य प्रदेश को और 19.36 टीएमसी पानी महाराष्ट्र के हिस्से में आएगा. इस प्रोजेक्ट से मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हैक्टेयर और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी. इससे प्रदेश के बुरहानपुर-खंडवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार और खालवा की 4 तहसीलें लाभान्वित होंगी. recent visitors 33