पाक ने युद्ध के नियमों को ताक पर रखकर नागरिक विमानों की आड़ में सैन्य विमानों की उड़ानें संचालित कीं : सोफिया कुरैशी

नई दिल्ली/जम्मू भारत-पाक तनाव के बीच पाकिस्तान की सेना ने पश्चिमी सीमा पर लगातार सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी ने  प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि  पाकिस्तान ने युद्ध के नियमों को ताक पर रखकर नागरिक विमानों की आड़ में सैन्य विमानों की उड़ानें संचालित कीं और भारतीय सीमा में मेडिकल केंद्रों और स्कूल परिसरों को जानबूझकर निशाना बनाया। भारत ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का घोर उल्लंघन करार दिया है। केंद्र सरकार ने एक विशेष प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि बीती रात पाकिस्तान ने भारत के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें जम्मू-कश्मीर और पंजाब के प्रमुख केंद्र जैसे उधमपुर, पठानकोट और बठिंडा शामिल हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री, थल सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। विदेश सचिव ने बताया कि पाकिस्तान की सेना द्वारा की गई यह कार्रवाई उकसावे की श्रेणी में आती है, लेकिन भारत ने संयमित और संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी प्रकार की तनाववृद्धि नहीं चाहता, जब तक पाकिस्तान भी संयम दिखाए। सरकार के अनुसार, पाकिस्तान ने पश्चिमी सीमा पर ड्रोन और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया और कुल 26 शहरों को निशाना बनाया गया। अधिकांश हमलों को भारत ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। सेना की अधिकारी कर्नल कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान ने न केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, बल्कि श्रीनगर, अवंतीपुरा और उधमपुर में स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों पर भी हमले किए। कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान की सेना ने पूरी पश्चिमी सीमा पर सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसी बीच शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात भारत ने पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों पर जवाबी कार्रवाई की। शनिवार सुबह भारत सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि फतेह-1 मिसाइल हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने सटीक और निर्णायक स्ट्राइक की, जिससे पाकिस्तान की सैन्य संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा।   सोफिया कुरैशी ने जानकारी दी कि पाकिस्तान की उकसाने वाली कार्रवाई पर भारत ने तत्काल और प्रभावी प्रतिक्रिया दी। भारतीय वायुसेना ने रफीकी, मुरीद, चकलाला और रहीमयार खान सहित पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य केंद्रों पर लक्षित हमले किए। उन्होंने बताया कि इन जवाबी कार्रवाइयों में भारत ने विशेष रूप से ध्यान रखा कि आम नागरिकों और संरचनाओं को न्यूनतम नुकसान पहुंचे। ऑपरेशन के दौरान सटीक हथियारों और आधुनिक लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया, जिससे केवल सैन्य ठिकानों को ही लक्ष्य बनाया गया। कर्नल कुरैशी ने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय उड्डयन नियमों की अनदेखी करते हुए अपने सैन्य विमानों को नागरिक एयर रूट्स की आड़ में उड़ाया, जो एक गंभीर उल्लंघन है। इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "मैंने पहले भी कई मौकों पर कहा है कि पाकिस्तान की कार्रवाइयां उकसावे और तनाव बढ़ाने वाली हैं। जवाब में भारत ने पाकिस्तान की ओर से की गई इन उकसावे और तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाइयों का जिम्मेदाराना और संतुलित तरीके से बचाव किया है और प्रतिक्रिया दी है…"   recent visitors 55

ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई में मारे गए 5 शीर्ष आतंकवादियों की हुई पहचान

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना द्वारा की गई निर्णायक कार्रवाई में मारे गए 5 शीर्ष आतंकवादियों की पहचान हो गई है। ये सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से जुड़े थे और भारत के खिलाफ साजिशों में सक्रिय थे। पाकिस्तान से मिली खुफिया जानकारी और सूत्रों के अनुसार, इन आतंकियों को मरने के बाद सम्मान मिलना एक वैश्विक मंच पर उसकी दोहरी नीति को उजागर करता है। इन आतंकियों के बारे में जानकारी नीचे दी गई है। 1. मुदस्सर खादियान (लश्कर-ए-तैयबा) मुरीदके स्थित मरकज तैयबा का प्रभारी मुदस्सर खादियान ऑपरेशन की रात में वहीं मौजूद था। वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ढांचे का अहम हिस्सा था। पाकिस्तान में मिली जानकारी के अनुसार, आतंकवादी अबू जुंदाल के अंतिम संस्कार में मुदस्सर भी शामिल था, जहां पाकिस्तानी सेना ने जुंदाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस मौके पर पाक सेना प्रमुख, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज और एक सेवारत लेफ्टिनेंट जनरल सहित पंजाब पुलिस के आईजी ने श्रद्धांजलि दी। 2. हाफिज़ मुहम्मद जमील (जैश-ए-मोहम्मद) जमील, जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर का सबसे बड़ा बहनोई था। ऑपरेशन वाले दिन वह बहावलपुर स्थित अपने घर में सो रहा था। वह मरकज सुभानअल्लाह का प्रभारी था और आतंकवादी विचारधारा फैलाने, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने तथा जैश के लिए फंडिंग इकट्ठा करने में शामिल था। 3. मोहम्मद यूसुफ अजहर (जैश-ए-मोहम्मद) मसूद अजहर का साला और "उस्ताद" के नाम से कुख्यात, यूसुफ जैश के हथियार ट्रेनिंग कार्यक्रमों का नेतृत्व करता था। वह जम्मू के कई आतंकी हमलों और आईसी-814 विमान अपहरण जैसे मामलों में वांछित था। यह आतंकवादी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। 4. खालिद उर्फ अबू आकाश (लश्कर-ए-तैयबा) अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी करने वाला खालिद, जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल था। ऑपरेशन के समय वह घर में था और वहीं मारा गया। उसका अंतिम संस्कार फैसलाबाद में हुआ, जहां पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के लोग मौजूद थे। 5. मोहम्मद हसन खान (जैश-ए-मोहम्मद) PoK में जैश के ऑपरेशनल कमांडर मुफ़्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा हसन, जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के समन्वय में प्रमुख भूमिका निभा चुका था। उसे जैश की रणनीति और जमीनी ऑपरेशनों का अहम व्यक्ति माना जाता था। recent visitors 60

भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए जबरदस्त जवाबी हमलों के बाद चीन की यह ‘नरम भाषा’ कई सवाल खड़े कर रही

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर चीन ने एक बार फिर ‘शांति’ और ‘संयम’ की घिसी-पिटी अपील दोहराई है। हालांकि, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले और उसके बाद भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए जबरदस्त जवाबी हमलों के बाद चीन की यह 'नरम भाषा' कई सवाल खड़े कर रही है। चीनी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा,“हम भारत और पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वे क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखें और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचें जिससे तनाव बढ़े।” लेकिन इस अपील के पीछे का सच यह है कि चीन पाकिस्तान का घनिष्ठ सहयोगी रहा है और इन तनावों में उसकी भूमिका 'मूक समर्थक' की तरह रही है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने पीओके और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, वहीं पाकिस्तान ने दो रात लगातार 26 ड्रोन हमले भारत के सैन्य ठिकानों पर किए, जिन्हें भारतीय वायुसेना ने नाकाम कर दिया। बावजूद इसके, चीन ने पाकिस्तान की तरफ झुकाव वाला रवैया अपनाया। इस बीच बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने चीन के सरकारी अखबार को कड़ी चेतावनी दी कि वे पाकिस्तानी दावों पर आधारित फर्जी खबरें फैलाने से बाज़ आएं। भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर कहा“ऐसी भ्रामक पोस्ट करने से पहले फैक्ट चेक करें। पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा शेयर की जा रही पुरानी तस्वीरों से सावधान रहें” । recent visitors 43

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन विहार में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के प्रयासों का निरीक्षण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गत दिवस भोपाल स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन्य जीवों के संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान वन विहार राष्ट्रीय उद्यान से सटे भोज ताल के जल क्षेत्र में कुछ नन्हे कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कछुओं की प्रजातियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वन विहार के अन्य प्राणियों के रखरखाव और पर्यटन विकास के लिए किए गए प्रयासों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी एवं वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वन्य प्राणियों के रखरखाव और देखभाल में संलग्न स्टॉफ उपस्थित था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैटरी चलित वाहन से वन विहार क्षेत्र का निरीक्षण भी किया।       recent visitors 38

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 मई 1857 की क्रांति के वीर सपूतों को किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 मई 1857 की ऐतिहासिक क्रांति दिवस पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूतों और देशभक्तों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है, जब मां भारती की स्वतंत्रता का बिगुल पहली बार फूंका गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि आज उन सभी विभूतियों, सेनानियों और पराक्रमी शूरवीरों को कोटि-कोटि नमन, जिन्होंने मातृभूमि को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 मई 1857 के दिन को भारतीय जनमानस की स्वतंत्रता की चेतना का जागरण दिवस बताते हुए कहा कि अंग्रेजी शासन की षड्यंत्रकारी नीतियों और राज्य हड़पने की साजिशों के खिलाफ 10 मई 1857 को सशस्त्र क्रांति की ज्वाला धधक उठी थी। recent visitors 51

भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन भारत और पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि भारत और पाक तुरंत युद्धविराम के लिए तैयार हो गए हैं। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, "अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात तक चली बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों को कॉमन सेंस और महान बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने के लिए बधाई।" हालांकि, भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर बातचीत हुई। आज दोपहर पाक डीजीएमओ ने बातचीत की पहल की, जिसके बाद चर्चा हुई और सहमति बनी। किसी अन्य मुद्दे पर किसी अन्य स्थान पर बातचीत करने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि पिछले 48 घंटों में, उप-राष्ट्रपति वेंस और मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर, सेना प्रमुख असीम मुनीर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और असीम मलिक सहित वरिष्ठ भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बातचीत की है। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान की सरकारें तत्काल युद्धविराम और तटस्थ स्थल पर व्यापक मुद्दों पर बातचीत शुरू करने पर सहमत हो गई हैं। हम शांति का मार्ग चुनने में प्रधानमंत्री मोदी और शरीफ की बुद्धिमत्ता, विवेक की सराहना करते हैं। ट्रंप के अलावा, पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी भारत और पाक के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने का दावा किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ''पाकिस्तान और भारत ने तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम पर सहमति जताई है। पाकिस्तान ने हमेशा संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए बिना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास किया है।'' recent visitors 47

MP हाइकोर्ट ने INC और एमपी नर्सिंग काउंसिल के अफसरों को किया तलब

 जबलपुर नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में हुए फर्जीवाड़े मामले में लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका के साथ सभी अन्य नर्सिंग मामलों की सुनवाई हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच में  जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल के समक्ष हुई, जिसमें इंडियन नर्सिंग काउंसिल की सचिव और एमपी नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार व चेयरमैन को हाई कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने आवेदन पेश कर कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट के तीन बार आदेश देने के बावजूद इण्डियन नर्सिंग काउंसिल और एमपी नर्सिंग काउंसिल के ज़िम्मेदार अधिकारी मान्यता से जुड़े पूरे रिकॉर्ड पेश नहीं कर रहे हैं, आरोप लगाया गया कि वे दोषियों को बचाने के उद्देश्य से हाई कोर्ट के आदेश की लगातार अवहेलना कर रहे हैं जिस कारण से उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाये। काउंसिल के ज़िम्मेदार अधिकारियों को अगली सुनवाई में हाजिर होने के निर्देश हाई कोर्ट ने इस मामले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करना और रिकॉर्ड पेश नहीं कर दोषियों को बचाने का एक प्रयास करना, न्यायिक कार्यवाही में हस्तक्षेप करने के समान है इसलिए काउंसिल के ज़िम्मेदार अधिकारियों को अगली सुनवाई में हाई कोर्ट के समक्ष पेश होकर इस मामले में स्पष्टीकरण देना होगा कि आख़िर हाई कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया? HC के निर्देश पर गठित कमेटी की भूमिका पर सवाल   याचिकाकर्ता ने एक अन्य आवेदन पेश कर हाई कोर्ट को बताया कि नर्सिंग मामलों हेतु हाई कोर्ट द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी के द्वारा 30 अपात्र कॉलेजों के छात्रों को दूसरे कॉलेजों में ट्रांसफ़र कर दिया गया है और इसके लिए कोई पारदर्शी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है और ना ही छात्रों को मनपसंद कॉलेजों को चुनने का विकल्प दिया गया । 31 मई तक अंतिम कार्यवाही का प्रतिवेदन हाई कोर्ट में सौंपने के आदेश इस मामले में हाई कोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल को आदेश दिया है कि सभी अनसुटेबल कॉलेजों के छात्रों को पारदर्शीपूर्ण तरीक़े से छात्रों को विकल्प चुनने का अवसर देते हुए सुटेबल कॉलेजों में ट्रांसफ़र किया जाए साथ ही इस पूरी प्रक्रिया से नोडल अधिकारी को दूर रखा जाये। हाई कोर्ट ने यह भी आदेश दिए हैं कि चूँकि कमेटी को हाई कोर्ट के द्वारा सौंपे गये कार्य संपन्न हो चुके हैं इसलिए अब कमेटी को 31 मई तक अंतिम कार्यवाही का प्रतिवेदन हाई कोर्ट में सौंपना होगा। recent visitors 60