भारत यात्रा रद्द करने के लिए मजबूर हुए एक दर्जन नासा वैज्ञानिक, वजह है चौंकाने वाली

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण सम्मेलन (GLEX) में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने सबका ध्यान खींचा है। नासा के कम-से-कम एक दर्जन अंतरिक्ष यात्रियों और वैज्ञानिकों को इस सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें अपनी भागीदारी रद्द करनी पड़ी। सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पैसों की कमी के चलते नासा के प्रतिनिधि भारत नहीं आ पाए। 35 देशों के प्रतिनिधि, चीन, जापान, कनाडा और यूरोप की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी, 1700 से अधिक प्रतिनिधि और दस अंतरिक्ष यात्री इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बने। लेकिन इस भव्य सम्मेलन में दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी से कोई नहीं आया। आयोजन समिति के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नासा का प्रतिनिधित्व इस बार इसलिए नहीं हो सका क्योंकि उन्हें यात्रा और भागीदारी के लिए फंड उपलब्ध नहीं कराए गए। यह सम्मेलन अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति और सहयोग पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया था। इसे वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। ट्रंप सरकार की नई नीतियां बनी बाधा बताया जा रहा है कि इस साल की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में वापसी के बाद उनकी सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के बजट में बड़े पैमाने पर कटौती की है। इसके चलते नासा के कई मिशन रद्द या स्थगित कर दिए गए हैं, जिनमें मंगल ग्रह से सैंपल लेकर आने वाला मिशन भी शामिल है। इन कटौतियों का असर नासा के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी पर भी पड़ा है। भारत के लिए गौरव का क्षण भारत ने पहली बार GLEX की मेजबानी की है और इस वर्ष इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इतिहास की सबसे अधिक भागीदारी देखने को मिली है। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री संघ और ISRO द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कद को भी दर्शाता है। एक IAF सदस्य ने बताया कि नासा इस समय अंदरूनी बदलाव के दौर से गुजर रहा है और प्रमुख विभागों के प्रमुख भी अभी स्थायी रूप से नियुक्त नहीं हुए हैं, जिससे इसकी उपस्थिति और भी मुश्किल हो गई। नासा की अनुपस्थिति के बावजूद सम्मेलन सफल भले ही नासा की अनुपस्थिति ने कुछ सवाल खड़े किए हों, लेकिन सम्मेलन में अन्य देशों की सक्रिय भागीदारी और रिकॉर्ड संख्या में प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे एक ऐतिहासिक अवसर बना दिया है। सम्मेलन में अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य, चंद्र और मंगल मिशनों, और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन में अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसरो के वैज्ञानिकों ने भारत के गगनयान मिशन और आगामी चंद्रयान-4 मिशन के बारे में जानकारी शेयर की। इसके अलावा, निजी अंतरिक्ष कंपनियों, जैसे कि स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन, के प्रतिनिधियों ने भी अपनी योजनाओं को प्रस्तुत किया। recent visitors 36

अभी ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ, केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही

नई दिल्ली केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि अभी ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस एयरस्ट्राइक में कम से कम 100 आतंकी मारे गए हैं। सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस बात की पुष्टि की है। बुधवार रात भारतीय सेना की एयरस्ट्राइक में पाकिस्तान और पीओके में कम से कम 9 आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूत हो गए थे। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि आतंकियों के कम से कम 12 ऐसे ही ठिकाने अभी बचे हुए हैं। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, संकट के समय में हम सरकार के साथ हैं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर पाकिस्तान हमला करेगा तो भारत जवाबी हमला करेगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन की ज्यादा तकनीकी जानकारी नहीं दी जा सकती है। सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि राजनीतिक नेताओं ने सशस्त्र बलों को उनकी कार्रवाई के लिए बधाई दी । सर्वदलीय बैठक में क्या बोले राहुल गांधी खरगे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में कहा कि सरकार ने सभी राजनीतिक दलों को पहलगाम हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ ठिकाने पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा है कि वह कुछ गोपनीय जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं कर सकती। श्री खरगे ने कहा कि इस तरह की संकट की घड़ी में हम सरकार पर इसके लिए दबाव नहीं डाल रहे हैं और राष्ट्र हित में सरकार के साथ खड़े हैं। गांधी ने कहा कि हमने सरकार को पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि जैसा कि खरगे जी ने कहा है सरकार ने कहा है कि वह कुछ बातों पर चर्चा नहीं करना चाहती। संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजु ने कहा कि राजनीतिक दल जनता की आवाज होते हैं और सभी नेता एक स्वर में बोल रहे हैं और यह सरकार की सफलता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार घटनाक्रम हो रहा है इसीलिए अधिकारियों को बैठक में नहीं बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ आगे की कार्रवाई पर भी चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इसके अलावा इसमें सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, जगत प्रकाश नड्डा, विदेश मंत्री एस जयशंकर , वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण , समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव , द्रमुक के टी आर बालू , एआईएमआईएम के असद्दुदीन ओवैसी , तृणमुल कांग्रेस के सुदीप्त बंदोपाध्याय , शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह , मार्क्सवादी पार्टी के जॉन ब्रिटास , लोकजन शक्ति पार्टी के चिराग पासवान, बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा और द्रमुक के तिरूचि शिवा ने बैठक में हिस्सा लिया। recent visitors 37

बिलासपुर में वारंट तामीली में लापरवाही एसएसपी सख्त, एक महिला आरक्षक समेत चार निलंबित

बिलासपुर पुलिस विभाग में वारंट तामीली में लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है. एसएसपी रजनेश सिंह ने थाना तोरवा से जुड़े एक आपराधिक मामले में साक्षियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए तीन आरक्षकों और एक महिला आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जानकारी के अनुसार, थाना तोरवा में विचाराधीन एक आपराधिक प्रकरण में गवाहों की कोर्ट में उपस्थिति नहीं हो पाई, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हुई. इस मामले की जांच एसएसपी द्वारा कराई गई, जिसमें संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई. निलंबित किए गए पुलिसकर्मी:     आरक्षक राजू सिन्हा (थाना तोरवा)     आरक्षक मनोज कुलमित्र (थाना तोरवा)     आरक्षक रोहित पाटले (थाना तोरवा)     महिला आरक्षक शोभा तिर्की (जिला पुलिस कार्यालय में नियुक्त) इन चारों पर प्रारंभिक जांच के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है. एसएसपी रजनेश सिंह ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को समंस और वारंटों की समय पर तामीली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. recent visitors 21

US की नौकरी ठुकराई, अब DCP सुनीति को संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनियुक्ति, गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी

लखनऊ उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईपीएस अधिकारी सुनीति को संयुक्त राष्ट्र (UN) में प्रतिनियुक्ति की मंजूरी मिल गई है। गृह मंत्रालय (MHA) से स्वीकृति मिलने के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार आगामी चार दिनों में उन्हें कार्यमुक्त कर देगी। फिलहाल सुनीति नोएडा कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त (DCP) के पद पर तैनात हैं। कौन हैं आईपीएस सुनीति? मूल रूप से चंडीगढ़ की रहने वाली सुनीति का प्रशासनिक सफर अनुशासन, सेवा भाव और प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद इंजीनियर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन जल्द ही उन्होंने तकनीकी क्षेत्र को छोड़कर सिविल सेवा का रास्ता चुना और भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुईं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने गौतम बुद्ध नगर में एएसपी (ग्रामीण) और एसपी (साइबर क्राइम) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। खासकर साइबर अपराध की रोकथाम और तकनीकी जांच में उनकी दक्षता के लिए उन्हें विभाग में एक अलग पहचान मिली। उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गर्व का क्षण संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्था में प्रतिनियुक्ति किसी भी अधिकारी के लिए बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान का अवसर होती है। सुनीति की यह नियुक्ति न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश पुलिस बल के लिए भी गर्व का विषय है। चंडीगढ़ की रहने वाली हैं सुनीति तेज तर्रार आईपीएस सुनीति का जन्म चंडीगढ़ में 18 नवंबर, 1986 को हुआ। वह एक मिडिल क्लास में पली-बढ़ी हैं। उनके पिता सुरेश कुमार इंजीनियर और मां अनिला गृहिणी हैं। सुनीति ने अपनी शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूल से शुरू की। पांचवीं क्लास के बाद साइकिल से स्कूल जाना उनके जीवन में एक जरूरी बदलाव लेकर आया। माता-पिता ने सुनीति को हमेशा खुलकर जीने की आजादी दी। उन्होंने वर्ष 2002 में सीबीएसई बोर्ड से दसवीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन में उत्तीर्ण की। 2013 में तीसरे प्रयास में क्रैक किया यूपीएससी एक्‍जाम सुनिति ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से कम्प्यूटर साइंस से बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद नोएडा की एक कंपनी में जॉब भी की है। तब उनका सालाना पैकेज 10 लाख रुपये था। सुनीति के लिए नौकरी तो थी, लेकिन सुकून नहीं था। उनके अंदर देश सेवा करने का जुनून सवार हुआ। सुनीति ने कंपनी के अमेरिका भेजे जाने के ऑफर को ठुकराते हुए यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और परीक्षा क्रैक कर अपने सपने को साकार कर आईपीएस बन गईं। यूपीएसएसी की परीक्षा में दो बार सुनीति को विफलता हाथ लगी। लेकिन इसके बाद वह अपनी मेहनत और लगन से तीसरे प्रयास में 2013 में सफल हो गईं। पहली पोस्टिंग मथुरा में आईपीएस बनने के बाद सुनीति की पहली पोस्टिंग 2015 में यूपी के मथुरा जिले में हुई। फिर सहारनपुर में एसीपी और और सीओ सिटी के पद पर जिम्मेदारी दी गई। इस बीच उन्होंने बतौर सीओ सिटी सहारनपुर में हत्या व लूट के कई संगीन मामलों को सॉल्व किया। उनके कामों को देखते हुए शासन ने सुनीति को नोएडा में एसपीआरए का पद सौंपा। आईपीएस सुनीति ने अपने निडर अंदाज से 50-50 हजार रुपये के दो कुख्यात इनामी अपराधियों को एनकाउंटर में गिरफ्तार किया। जरायम की दुनिया में कुख्यात भाटी गैंग के कई शूटरों को पकड़कर उन्होंने सलाखों के पीछे पहुंचाया। नोएडा के अपराधों पर लगाया लगाम गौतमबुद्ध नगर में क्राइम की स्थितियां अन्य जिलों से अलग थीं। यहां गुटों के बीच आपसी संघर्ष और संगठित अपराध के नेटवर्क का बोलबाला था। सुनीति ने क्राइम के नेटवर्क को तोड़ने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। उनकी निपुणता और सफल कार्रवाई के बाद वर्ष 2019 में उनको औरैया एसपी के रूप में जिले की कमान सौंपी गई। आईपीएस सुनीति के लिए उनके जीवन में यह पहला अवसर था जब उन्हें पूरे जिले की कमान उनके हाथ में थी। कानून व्यवस्था के लिए यह एक बड़ी चुनौती भी थी, जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक निभाया। वकील हत्‍याकांड में एमएलसी को करवाया अरेस्‍ट इस दौरान आईपीएस सुनीति के जीवन में अहम मोड़ आया। मार्च 2020 में नारायणपुर क्षेत्र में एक अधिवक्ता और उनकी बहन की हत्या हो गई। इस घटना ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी। सुनीति ने क्राइम स्थल पर पहुंचकर जब मामले की गहराई से जांच पड़ताल की, तो पता चला कि जमीन विवाद के चलते एमएलसी कमलेश पाठक पीछे से इस घटना को अंजाम दिया था। आईपीएस सुनिति ने घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए और एमएलसी को गिरफ्तार किया। औरैया में हेल्‍पलाइन नंबर जारी करवाया महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आईपीएस अधिकारी ने जनपद में एक हेल्पलाइन भी जारी की। इसके अतिरिक्त, महिला आईपीएस अधिकारी ने औरैया में एक पांच वर्ष की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने महज 24 घंटे के भीतर दोषी को अरेस्ट कर 30 दिन के अंदर सजा दिलवा दी। यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार इतनी तेजी से सुलझाया गया था। यह उनके काम के प्रति समर्पण का परिचायक था। 2016 में साथी इंजीनियर के साथ किया प्रेम विवाह महिला आईपीएस सुनीति को कठिन मेहनत और देश सेवा के लिए डीजीपी के सिल्वर और गोल्ड मेडल से नवाजा जा चुका है। अपने कार्यकाल के दौरान 2013 बैच की आईपीएस सुनीति ने औरैया के बाद एसपी अमरोहा, एसपी कानपुर देहात, एसपी एडमिन और डीसीपी गौतमबुद्ध नगर जैसे अन्य पद भी संभाले हैं। आईपीएस सुनीति ने अपने साथी इंजीनियर के साथ वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया। इस निर्णय में परिवार ने उनका साथ दिया। उनके पति एक आईटी कंपनी में प्राइवेट जॉब करते है। recent visitors 49

बलूचिस्तान में बलूच बागियों ने उड़ा दिए 12 पाकिस्तानी सैनिक, वीडियो देख दहल जाएंगे जनरल मुनीर

बोलन घाटी पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत का रुख पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक है। भारत ने मंगलवार और बुधवार की रात को जोरदार एयर स्ट्राइक पीओके के अलावा पाकिस्तान तक के अंदर घुसकर की हैं। इन हवाई हमलों में करीब 90 आतंकियों के मारे जाने की खबर है। यही नहीं मुरीदके से लेकर बहावलपुर तक लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने ध्वस्त किए गए हैं। इस बीच पाकिस्तान को आंतरिक स्तर पर भी करारा झटका लगा है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के विद्रोहियों ने बोलन घाटी में पाकिस्तानी सैनिकों से भरे एक वाहन को रिमोट बम से उड़ा दिया। इस धमाके में वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी 12 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। इसके अलावा बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तान के बम निरोधी दस्ते को टारगेट करते हुए एक आईईडी ब्लास्ट भी किया, जिसमें दो सैनिक मारे गए हैं। इस तरह बलूचों के हमले में एक दिन के अंदर 14 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है। भारत से सीमा पर पैदा हुए तनाव और एयरस्ट्राइक के बीच पाक को यह करारा झटका लगा है। पहला हमला बलोच लिबरेशन आर्मी ने बोलन घाटी के शोरकंड इलाके में किया। इस अटैक में 12 सैनिकों की मौत हो गई,जो एक मिशन पर गाड़ी में सवार होकर जा रहे थे। इनका नेतृत्व स्पेशल ऑपरेशंस कमांडर तारिक इमरान कर रहे थे। इसके अलावा सूबेदार उमर फारूक भी इस हमले में मारे गए हैं। दूसरे बम धमाके में पाक के दो सैनिकों की मौत बीएलए की ओर से किया गया रिमोट बम धमाका इतना ताकतवर था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। दूसरा हमला बीएलए ने कच्छ के कुलाग तिगरान में किया। यहां भी बीएलए विद्रोहियों ने आईईडी ब्लास्ट किया। यह बुधवार को दोपहर करीब पौने तीन बजे किया गया। इस हमले में बम निरोधक दस्ते के दो जवान मारे गए हैं, जो पाकिस्तानी सेना से ही जुड़े थे। इस तरह पाकिस्तान की सेना को एक दिन के अंदर अपने 14 सैनिक बीएलए से लड़ाई में खोने पड़े हैं। BLA के प्रवक्ता बोले- सेना नहीं, ये चीन के रक्षक हैं इन हमलों के बाद बलोच लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता जियांद बलोच का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि आप देख सकते हैं कि कैसे पाकिस्तान की सेना बस चीन के बनाए प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा में लगी रहती है। यह पाकिस्तान की सेना नहीं है बल्कि एक बिजनेस ग्रुप है। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान की सेना के खिलाफ अपनी जंग जारी रखेंगे। recent visitors 28

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से बौखलाए पाकिस्तान ने की भीषण गोलीबारी, अब तक 13 नागरिकों की मौत

श्रीनगर पाकिस्तान अपने आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) से बुरी तरह बौखलाया हुआ है. वह बिना किसी उकसावे के एलओसी के पास लगातार गोलीबारी कर रहा है. गुरुवार को उसने लगातार 14वें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया है.  ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च होने के बाद भी पाक ने कुपवाड़ा, बारामुल्ला, उरी और अखनूर इलाके में गोलीबारी (Pakistan Ceasefire) की और मोर्टार गोले दागे थे. इस घटना में चार बच्चों और एक सैनिक समेत  कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 57 अन्य घायल हुए हैं. ये जानकारी अधिकारियों के हवाले से सामने आई है. पाकिस्तानी सेना ने यह गोलाबारी भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए जाने के बाद की. यह पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान की ओर से की गई भारी गोलाबारी में से एक है. बॉर्डर पर पाकिस्तान की बौखलाहट पाकिस्तान की अंधाधुंध गोलाबारी की वजह से सैकड़ों लोगों को भूमिगत बंकरों में शरण लेने या सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा. ऐसा इसलिए क्योंकि इस गोलाबारी में मकान, वाहन और एक गुरुद्वारा समेत विभिन्न इमारतें नष्ट हो गईं. इससे सबसे अधिक प्रभावित पुंछ जिले और राजौरी तथा उत्तरी कश्मीर के बारामूला और कुपवाड़ा में सीमावर्ती निवासियों में दहशत उत्पन्न हो गई. अधिकारियों ने कहा कि भारतीय सेना गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रही है, जिसके परिणामस्वरूप दुश्मन पक्ष के कई लोग हताहत हुए हैं, क्योंकि गोलीबारी में शामिल उनकी कई चौकियां नष्ट कर दी गई हैं. दोनों देशों के बीच 25 फरवरी, 2021 को संघर्षविराम समझौते के नवीनीकरण के बाद यह पहली बार है कि इतनी भारी गोलाबारी देखी गई है. पुंछ में 13 लोगों की मौत, मकान-वाहनों को नुकसान अधिकारियों ने बताया कि सभी 13 लोगों की मौत पुंछ जिले में हुई, जबकि 42 लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई गई है.  पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास बालाकोट, मेंढर, मनकोट, कृष्णा घाटी, गुलपुर, केरनी और यहां तक ​​कि पुंछ जिला मुख्यालय से भी गोलाबारी की सूचना है, जिसके परिणामस्वरूप दर्जनों आवासीय मकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है. गोलाबारी में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने में हुई मुश्किल  सीमा पार से गोलाबारी बुधवार दोपहर तक तेज रही और बाद में रुक-रुक कर जारी रही, जो अगले कुछ घंटे तक ज़्यादातर पुंछ सेक्टर तक ही सीमित रही. अधिकारियों ने बताया कि भारी गोलाबारी के कारण स्थानीय लोगों को पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. गोलाबारी में पुंछ बस स्टैंड भी क्षतिग्रस्त हो गया और कई बसें क्षतिग्रस्त हो गईं. पुंछ नगर में एक गुरुद्वारा और आस-पास के मकानों पर तोप का गोला गिरने से तीन सिखों की मौत हो गई. पंजाब की कई पार्टियों ने इस घटना की निंदा की है. बारामूला जिले के उरी सेक्टर में सीमा पार से हुई गोलाबारी में पांच बच्चों समेत 10 लोग घायल हो गए जबकि राजौरी जिले में तीन अन्य घायल हो गए. उन्होंने बताया कि कुपवाड़ा जिले के करनाह सेक्टर में गोलाबारी के कारण कई घरों में आग लग गई.   recent visitors 31

पंजाब किंग्स वर्सेस दिल्ली कैपिटल्स आज धर्मशाला में खेला जायेगा, प्लेऑफ की रेस पर क्या पड़ेगा असर?

नई दिल्ली पंजाब किंग्स वर्सेस दिल्ली कैपिटल्स IPL 2025 का 58वां मैच आज धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाना है। मौजूदा पॉइंट्स टेबल और प्लेऑफ की रोमांचक रेस को देखते हुए यह मुकाबला काफी अहम रहने वाला है। इस मैच के बाद या तो गुजरात टाइटंस से नंबर-1 का ताज छीन जाएगा और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को भी नुकसान होगा या फिर मुंबई इंडियंस टॉप-4 से बाहर हो जाएगी। जी हां, पंजाब वर्सेस दिल्ली मुकाबले का असर GT, RCB और MI पर पड़ने वाला है। ऐसे में इस मुकाबले पर हर किसी की निगाहे होंगी। पंजाब किंग्स जीती तो क्या होगा? श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली पंजाब किंग्स अगर दिल्ली कैपिटल्स को इस मैच में धूल चटाने में कामयाब रहती है तो वह आरसीबी और जीटी को पछाड़ते हुए पॉइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल कर लेगी। पंजाब के खाते में फिलहाल 11 मैचों में 15 अंक है, दिल्ली पर जीत दर्ज करते ही उनके खाते में 12 मैचों में 17 अंक हो जाएंगे। इसी के साथ उन्हें प्लेऑफ का भी टिकट मिल सकता है। पंजाब की जीत से गुजरात टाइटंस दूसरे तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु तीसरे पायदान पर खिसक जाएगी। दिल्ली कैपिटल्स जीती तो क्या होगा? अगर अक्षर पटेल की अगुवाई वाली दिल्ली कैपिटल्स इस मैच में जीत दर्ज करने में कामयाब रहती है तो वह मुंबई इंडियंस को पछाड़ टॉप-4 में अपनी जगह बना लेंगे। दिल्ली के नाम फिलहाल 11 मैचों में 13 अंक है, अगर वह पंजाब को हराते हैं तो उनके नाम 12 मैचों में 15 पॉइंट्स हो जाएंगे और वह प्लेऑफ के काफी नजदीक पहुंच जाएंगे। PBKS vs DC मैच धुला तो क्या होगा? धर्मशाला में होने वाला PBKS vs DC मैच अगर बारिश की भेंट चढ़ता है तो दोनों टीमों में 1-1 अंक बांट दिया जाएगा। इस स्थिति में पंजाब किंग्स 16 पॉइंट्स के साथ तीसरे पायदान पर बनी रहेगी। पंजाब के अलावा गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के भी इतने ही अंक होंगे, मगर बेहतर नेट रन रेट के चलते जीटी और आरसीबी टॉप-2 में बनी रहेगी। वहीं दिल्ली कैपिटल्स भी मैच धुलने के बाद पांचवें स्थान पर रहेगी, उनका नेट रन रेट भी मुंबई इंडियंस से अच्छा नहीं है। recent visitors 40