आतंकवादियों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार देना, शायद पाकिस्तान में एक प्रथा है: विक्रम मिसरी

नई दिल्ली 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के बाद पाकिस्तान बौखला उठा है। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने बुधवार रात देश के 15 शहरों पर मिसाइल हमले की कोशिश की। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के सभी हमलों को नाकाम कर दिया। इसी बीच गुरुवार को विदेश मंत्रालय की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। पाकिस्तान के हमले को किया गया नाकाम: कर्नल सोफिया कुरैशी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, आज सुबह, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में कई स्थानों पर एयर डिफेंस रडार और सिस्टम को निशाना बनाया। भारतीय प्रतिक्रिया पाकिस्तान के समान ही तीव्रता के साथ उसी क्षेत्र में रही है। हमने सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया। हमने पहले ही पाकिस्तान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तानी हमलों को नाकाम किया। पाकिस्तान हमले में 16 निर्दोष लोगों की गई जान:  व्योमिका सिंह विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा  ने आगे जानकारी दी कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुल्ला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टर में मोर्टार और भारी कैलिबर तोपों का उपयोग करते हुए नियंत्रण रेखा पर अपनी अकारण गोलीबारी की तीव्रता बढ़ा दी है। पाकिस्तानी गोलीबारी के कारण 3 महिलाओं और 5 बच्चों सहित 16 निर्दोष लोगों की जान चली गई है। वहीं, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि लाहौर का एयर डिफेंस सिस्टम भारत ने ने नष्ट कर दिया है। पाकिस्तान ने UNSC में आतंकी संगठन TRF के समर्थन में बयान दिया था। टीआरएफ ने ही पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है। हम तनाव बढ़ाना नहीं चाहते हैं। विक्रम मिसरी ने कहा, "मुझे यह याद दिलाने की जरूरत नहीं है कि ओसामा बिन लादेन कहां पाया गया था और किसने उसे शहीद कहा था। पाकिस्तान बड़ी संख्या में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों और कई देशों द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों का भी घर है। आपने पिछले कुछ दिनों में देखा होगा कि उनके रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री ने ऐसे आतंकवादी समूहों के साथ अपने देश की संलिप्तता को स्वीकार किया है।" आतंकियों के जनाजे में क्या कर रही सेना: विदेश मंत्रालय विक्रम मिसरी ने कहा कि "जहां तक ऑपरेशन सिंदूर का सवाल है। ऑपरेशन सिंदूर में जिन ठिकानों पर हमले किए गए थे, वहां मारे गए लोग आतंकवादी थे। आतंकवादियों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार देना, शायद पाकिस्तान में एक प्रथा है।" विक्रम मिस्री ने कहा,"पाकिस्तान की ओर से कोई भी आगे की कार्रवाई, जिनमें से कुछ हम आज देख रहे हैं, कुछ और नहीं बल्कि पाकिस्तान द्वारा एक बार फिर से बढ़ाई गई कार्रवाई है, और इसका उचित तरीके से जवाब दिया जाएगा और दिया भी जा रहा है।" recent visitors 37

पाकिस्तान की अदालत में हाफिज सईद ने कई वर्षों से आतंकी फंडिंग के मामलों में उनकी दोषसिद्धि को रद किया जाए

लाहौर मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद ने पाकिस्तान की एक अदालत में याचिका दायर कर आतंकी फंडिंग के मामलों में अपनी दोषसिद्धि को चुनौती दी है। अदालत के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि सईद और जमात-उद-दावा के कुछ अन्य नेताओं ने लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आग्रह किया है कि कई वर्षों से आतंकी फंडिंग के मामलों में उनकी दोषसिद्धि को रद किया जाए। 1 करोड़ डॉलर का रखा है इनाम संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित सईद को आतंकी फंडिंग के मामलों में जुलाई, 2019 में गिरफ्तार किया गया था। अमेरिका ने उस पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा था। बताया जाता है कि सईद 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। हालांकि इस तरह की अपुष्ट खबरें हैं कि वह जेल में नहीं है और किसी सुरक्षित स्थान पर रह रहा है। recent visitors 35

सभी 75 जिलों के कमिश्नर और जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी, 25 लाख किसानों की बदलेगी तकदीर!

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 25 लाख नए किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जोड़ने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में प्रदेश के सभी 75 जिलों के कमिश्नर और जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पहले ही 71 लाख किसानों को मिला लाभ मिली जानकारी के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य सरकार ने 71 लाख से अधिक किसानों को केसीसी की सुविधा प्रदान की है। अब इस अभियान को और तेज कर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जा रहा है। बैंकों की मदद से हो रहा वितरण सहकारी और व्यावसायिक बैंकों की मदद से किसानों को यह कार्ड मुहैया कराया जा रहा है। भारत सरकार ने भी सभी पात्र किसानों को इस योजना का लाभ देने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि उन्हें फसली ऋण जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकें। किसानों के भविष्य को आर्थिक मजबूती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा खेती-किसानी को लाभकारी व्यवसाय में बदलने की है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना इसी नीति का हिस्सा है, जिससे किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिलती है और वे साहूकारों के चंगुल में फंसने से बचते हैं। फसली ऋण में तेजी, आय में बढ़ोतरी केसीसी योजना के तहत किसानों को कम ब्याज पर बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे बीज, खाद और अन्य जरूरी चीजें खरीद सकें। इससे पैदावार में बढ़ोतरी होती है और कृषि आय में सुधार देखने को मिलता है। जिला स्तर पर चलेगा विशेष अभियान आने वाले वर्ष में राज्य सरकार 25 लाख नए किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाने जा रही है। पात्र किसानों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।   recent visitors 44

भारत-पाक में तनाव के बीच सोने-चांदी के भाव में आज बड़ी गिरावट, 24 कैरेट सोना 1402 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता

मुंबई ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान में चल रहे तनाव के बीच एक गुड न्यूज है। खासतौर पर उन लोगों के लिए, जो सोने-चांदी के जेवर खरीदने की सोच रहे हैं। सोने-चांदी के भाव में आज बड़ी गिरावट है। 24 कैरेट सोना आज 8 मई को 1402 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर 96024 रुपये पर आज गया है। जबकि, चांदी 1174 रुपये सस्ती होकर 94600 रुपये प्रति किलो के भाव से खुली। बता दें सर्राफा बाजार के रेट इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने जारी किए हैं, जिनमें जीएसटी नहीं लगा है। हो सकता है आपके शहर में इससे 1000 से 2000 रुपये का अंतर आ रहा हो। आईबीजेए दिन में दो बार रेट जारी करता है। एक बार दोपहर 12 बजे के करीब दूसरा 5 बजे के आसपास। अभी यह रेट दोपहर वाला है। इस साल सोना 20384 रुपये चढ़ा 22 अप्रैल 2025 को सोना 99100 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर था। 31 दिसंबर 24 को सोना 76045 रुपये प्रति 10 के रेट से खुला था और चांदी 85680 रुपये प्रति किलो से। इस दिन सोना 75740 रुपये पर बंद हुआ। चांदी भी 86017 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। इस साल सोना करीब 20384 रुपये और चांदी 8920 रुपये महंगी हो चुकी है। बिना जीएसटी 18 कैरेट, 22 कैरेट और 23 कैरेट गोल्ड के भाव आईबीजेए रेट्स के मुताबिक 23 कैरेट गोल्ड भी आज 1396 रुपये सस्ता होकर 96374 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव से खुला। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड का औसत हाजिर भाव दोपहर को करीब 1284 रुपये टूटकर 87958 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर खुला। 18 कैरेट गोल्ड का भाव भी 1052 रुपये सस्ता होकर 72018 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। जबकि, 14 कैरेट गोल्ड की कीमत 820 रुपये कम होकर 56174 रुपये पर आ गई है। recent visitors 50

अमेरिका के एक सांसद ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, जवाब देने की गलती मत करना

वाशिंगटन आतंकियों के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। पाकिस्तान आतंकियों की मौत का बदला लेने की धमकी दे रहा है। इस बीच अमेरिका के एक सांसद ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे ऐसा सोचना भी नहीं चाहिए। अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को ‘तानाशाह’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत की जवाबी कार्रवाई पर कोई पलटवार करने की गलती न करे। भारत ने आतंकियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की- रो खन्ना भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में नौ अलग-अलग आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल से हमले किए। भारत ने आतंकियों के खिलाफ इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया है। CNN से बातचीत में रो खन्ना ने कहा, “दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं। सबसे जरूरी चीज इस समय तनाव को कम करना है। पहलगाम में एक आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें निर्दोष नागरिक मारे गए। भारत ने एक जवाबी कार्रवाई की जो कुछ आतंकवादी नेटवर्कों को समाप्त करने में सहायक रही। अब सबसे जरूरी है कि हालात शांत हों।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका को भारत-पाकिस्तान के बीच इस गंभीर स्थिति को समझने और कूटनीतिक रूप से सुलझाने में मदद करनी चाहिए। सांसद ने कहा, “अंग्रेजों ने विभाजन और हिंदू-मुस्लिमों के बीच धार्मिक विभाजनों को बढ़ावा दिया था। हमें इस क्षेत्र की जटिलताओं को समझते हुए एक ईमानदार मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए।” मुनीर पर सीधा हमला, इमरान खान की रिहाई की मांग रो खन्ना ने पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर को तानाशाह बताते हुए कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा, “असीम मुनीर एक तानाशाह हैं जिन्होंने कोई वैध चुनाव तक नहीं होने दिया। उन्होंने इमरान खान को जेल में डाल दिया है। वहां अब कोई ईमानदार आवाज बाकी नहीं बची है।” उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह पाकिस्तान पर दबाव बनाए। रो खन्ना ने कहा, “हम पाकिस्तान को IMF से कर्ज देते हैं, वे उस पर निर्भर हैं। हमें यह कहना चाहिए कि इमरान खान को रिहा किया जाए, कोई भी जवाबी हमला न किया जाए और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं।” न्याय के लिए भारत सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हैं: अमेरिकी सीनेटर जिम रिश ये पहली बार नहीं है जब किसी अमेरिकी सांसद ने भारत का खुलकर समर्थन किया है। इससे पहले अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष सीनेटर जिम रिश ने पहलगाम के हमलावरों को न्याय के कठघरे में लाने के भारत के प्रयासों का समर्थन किया है। हालांकि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। रिश ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव चिंताजनक है। मैं पहलगाम के हमलावरों के खिलाफ न्याय के लिए भारत सरकार के प्रयास का समर्थन करता हूं, लेकिन मैं दोनों पक्षों के नागरिकों के प्रति सावधानी बरतने और सम्मान का आग्रह करता हूं।’’ वहीं एक अन्य सांसद श्री थानेदार ने भारत के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि देश को अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मैं आतंकवादियों के नेटवर्क को खत्म करने के हमारे सहयोगी देश के प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता हूं।’’ थानेदार ने कहा कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है और इसका उचित जवाब देना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका को आतंकवाद के खिलाफ अपने सहयोगियों के साथ हमेशा खड़ा रहना चाहिए। यह साझा खतरों का सामना करने, निर्दोष लोगों की जान बचाने और लोकतंत्र, मानवाधिकारों एवं धार्मिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों की रक्षा करने के लिए अमेरिका-भारत के बीच गहन सहयोग का समय है।’’ भारत ने पाकिस्तान में घुसकर मारा जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के 15 दिन बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के गढ़ को निशाना बनाया था, जो भारतीय सीमा से 100 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे। recent visitors 48

भारत यात्रा रद्द करने के लिए मजबूर हुए एक दर्जन नासा वैज्ञानिक, वजह है चौंकाने वाली

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण सम्मेलन (GLEX) में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने सबका ध्यान खींचा है। नासा के कम-से-कम एक दर्जन अंतरिक्ष यात्रियों और वैज्ञानिकों को इस सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें अपनी भागीदारी रद्द करनी पड़ी। सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पैसों की कमी के चलते नासा के प्रतिनिधि भारत नहीं आ पाए। 35 देशों के प्रतिनिधि, चीन, जापान, कनाडा और यूरोप की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी, 1700 से अधिक प्रतिनिधि और दस अंतरिक्ष यात्री इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बने। लेकिन इस भव्य सम्मेलन में दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी से कोई नहीं आया। आयोजन समिति के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नासा का प्रतिनिधित्व इस बार इसलिए नहीं हो सका क्योंकि उन्हें यात्रा और भागीदारी के लिए फंड उपलब्ध नहीं कराए गए। यह सम्मेलन अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति और सहयोग पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया था। इसे वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। ट्रंप सरकार की नई नीतियां बनी बाधा बताया जा रहा है कि इस साल की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में वापसी के बाद उनकी सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के बजट में बड़े पैमाने पर कटौती की है। इसके चलते नासा के कई मिशन रद्द या स्थगित कर दिए गए हैं, जिनमें मंगल ग्रह से सैंपल लेकर आने वाला मिशन भी शामिल है। इन कटौतियों का असर नासा के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी पर भी पड़ा है। भारत के लिए गौरव का क्षण भारत ने पहली बार GLEX की मेजबानी की है और इस वर्ष इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इतिहास की सबसे अधिक भागीदारी देखने को मिली है। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री संघ और ISRO द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कद को भी दर्शाता है। एक IAF सदस्य ने बताया कि नासा इस समय अंदरूनी बदलाव के दौर से गुजर रहा है और प्रमुख विभागों के प्रमुख भी अभी स्थायी रूप से नियुक्त नहीं हुए हैं, जिससे इसकी उपस्थिति और भी मुश्किल हो गई। नासा की अनुपस्थिति के बावजूद सम्मेलन सफल भले ही नासा की अनुपस्थिति ने कुछ सवाल खड़े किए हों, लेकिन सम्मेलन में अन्य देशों की सक्रिय भागीदारी और रिकॉर्ड संख्या में प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे एक ऐतिहासिक अवसर बना दिया है। सम्मेलन में अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य, चंद्र और मंगल मिशनों, और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन में अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसरो के वैज्ञानिकों ने भारत के गगनयान मिशन और आगामी चंद्रयान-4 मिशन के बारे में जानकारी शेयर की। इसके अलावा, निजी अंतरिक्ष कंपनियों, जैसे कि स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन, के प्रतिनिधियों ने भी अपनी योजनाओं को प्रस्तुत किया। recent visitors 45

अभी ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ, केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही

नई दिल्ली केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि अभी ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस एयरस्ट्राइक में कम से कम 100 आतंकी मारे गए हैं। सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस बात की पुष्टि की है। बुधवार रात भारतीय सेना की एयरस्ट्राइक में पाकिस्तान और पीओके में कम से कम 9 आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूत हो गए थे। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि आतंकियों के कम से कम 12 ऐसे ही ठिकाने अभी बचे हुए हैं। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, संकट के समय में हम सरकार के साथ हैं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर पाकिस्तान हमला करेगा तो भारत जवाबी हमला करेगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन की ज्यादा तकनीकी जानकारी नहीं दी जा सकती है। सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि राजनीतिक नेताओं ने सशस्त्र बलों को उनकी कार्रवाई के लिए बधाई दी । सर्वदलीय बैठक में क्या बोले राहुल गांधी खरगे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में कहा कि सरकार ने सभी राजनीतिक दलों को पहलगाम हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ ठिकाने पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा है कि वह कुछ गोपनीय जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं कर सकती। श्री खरगे ने कहा कि इस तरह की संकट की घड़ी में हम सरकार पर इसके लिए दबाव नहीं डाल रहे हैं और राष्ट्र हित में सरकार के साथ खड़े हैं। गांधी ने कहा कि हमने सरकार को पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि जैसा कि खरगे जी ने कहा है सरकार ने कहा है कि वह कुछ बातों पर चर्चा नहीं करना चाहती। संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजु ने कहा कि राजनीतिक दल जनता की आवाज होते हैं और सभी नेता एक स्वर में बोल रहे हैं और यह सरकार की सफलता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार घटनाक्रम हो रहा है इसीलिए अधिकारियों को बैठक में नहीं बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ आगे की कार्रवाई पर भी चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इसके अलावा इसमें सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, जगत प्रकाश नड्डा, विदेश मंत्री एस जयशंकर , वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण , समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव , द्रमुक के टी आर बालू , एआईएमआईएम के असद्दुदीन ओवैसी , तृणमुल कांग्रेस के सुदीप्त बंदोपाध्याय , शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह , मार्क्सवादी पार्टी के जॉन ब्रिटास , लोकजन शक्ति पार्टी के चिराग पासवान, बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा और द्रमुक के तिरूचि शिवा ने बैठक में हिस्सा लिया। recent visitors 45