सेकंड ईयर के पेपर में पूछ लिए फर्स्ट ईयर के सवाल, रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी का एक और लापरवाही सामने आई

जबलपुर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में बुधवार को एक बार फिर परीक्षा में लापरवाही सामने आई। विश्वविद्यालय ने द्वितीय वर्ष की परीक्षा में सवाल पहले वर्ष के पूछ डाले। परीक्षा के दौरान जब परीक्षार्थियों ने गौर से पेपर के प्रश्न पढ़े तो उन्हें गड़बड़ी लगी। इसके बाद केंद्रों से धड़ाधड़ परीक्षा विभाग के पास फोन पहुंचने लगे। प्रशासन ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाही करने का दावा किया है। क्या है मामला- बुधवार की सुबह सात बजे से बीए द्वितीय वर्ष इतिहास का पेपर होना था। केंद्रों में परीक्षा समय पर प्रारंभ हुई पेपर बांटे गए। पेपर जब छात्रों के हाथों में आया तो उन्होंने प्रश्नों को लेकर आपत्ति की। विशेषज्ञों ने जांचा तो पाया कि पेपर तो द्वितीय वर्ष का है, लेकिन सवाल प्रथम वर्ष के पूछे गए हैं। जानकीरमण कॉलेज, बरगी, कुंडम, कटंगी समेत कई कॉलेजों से इस संबंध में शिकायत पहुंची है। मॉडरेशन नहीं करवाने का नतीजा गोपनीय विभाग से प्रश्न पत्र तैयार करवाए जाते हैं। पेपर बनाने वाले के अलावा छपने से पहले इसकी जांच पड़ताल होनी चाहिए। विषय के विशेषज्ञ शिक्षक मॉडरेशन करते हैं, यह प्रक्रिया नई शिक्षा नीति के बाद से प्रशासन ने बंद कर दी है। जिस वजह से पेपर परीक्षा से पूर्व जांचे नहीं जा रहे हैं। इस वजह से लगातार परीक्षा के दौरान पेपर में गड़बड़ी होने की शिकायत मिल रही है। कभी पेपर में हिंदी के अलावा अंग्रेजी अनुवाद नहीं होता है तो कभी कोई शाब्दिक त्रुटि होती है, जिस वजह से विद्यार्थियों को परीक्षा देने में परेशानी होती है। लगातार इसकी शिकायत भी की जा रही है। हमारे पास आई शिकायत परीक्षा नियंत्रक डॉ. रश्मि मिश्रा ने कहा कि हमारे पास सेंटर से प्रश्न पत्र को लेकर शिकायत मिली है हम इसकी जांच करवा रहे हैं और जिम्मेदारों को नोटिस भी दिया जाएगा। छात्र हित में ही फैसला लिया जाएगा। अयोग्य प्रशासक है वजह एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष सचिन रजक ने इस मामले में सीधे विश्वविद्यालय प्रशासन को घेरा है। सचिन ने आरोप लगाया कि जिस संस्थान का मुखिया ही गलत तरीके से नियुक्त होकर कुर्सी पर बैठा हो वहां इस तरह की समस्या निरंतर आएगी। सचिन ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाही की मांग की है। recent visitors 65

आज का दिन भारत के लिए गर्व और शौर्य का है, भारत की तीनों सेनाओं को मेरा नमन है: देवकीनंदन ठाकुर

मथुरा कथावाचक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने कहा कि माताओं और बेटियों के सिंदूर का बदला पांच पांडवों ने लिया है। उन्‍होंने कहा कि ये पांच पांडव हैं भारत की तीनों सेनाएं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह। देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कहा कि आज का दिन भारत के लिए गर्व और शौर्य का है। भारत की तीनों सेनाओं को मेरा नमन है। सेना ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेकर भारत का सम्‍मान बढ़ाया है। देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने कहा कि पाकिस्तानी सिंदूर की कीमत नहीं जानेंगे। पाकिस्तानियों को सिंदूर के महत्व की जानकारी नहीं है। सिंदूर भारत में सनातनियों का मान-सम्मान है। बहन-बेटियों की आन-बान-शान है। जिस सिंदूर का कर्ज पूरे भारत पर था, उस कर्ज को पांच पांडवों ने मिलकर चुका दिया है। देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने सिंदूर को लेकर महाभारत का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि द्रौपदी को जुआ में हारने के बाद दुशासन ने उनके बालों को पकड़कर भरी सभा में बेइज्जती की थी। इसके बाद द्रौपदी ने दुशासन के रक्त से अपने खुले बालों को धोने का प्रण लिया और पांच पांडवों को इस पर धिक्कार लगाई थी। देवकीनंदन ने बताया कि सिंदूर की लाज के लिए भीम ने दुशासन को मारकर द्रौपदी को रक्त दिया था। उन्होंने कहा, "यह होता है सनातन में सिंदूर का महत्व।" बता दें कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले में आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट ने कश्मीर के पर्यटन स्थल में 26 लोगों के नरसंहार की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। भारत ने पाकिस्तान पर कई तरह की पाबंदी लगा दी थी। पहलगाम हमले के ठीक 15 दिन बाद पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। हमले का बदला भारत ने पाकिस्तान और पीओके में एयर स्ट्राइक से लिया है। भारतीय सेना ने नौ आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर को सफलता पूर्वक अंजाम दिया है। हमले के लिए जिम्मेदार समूहों से जुड़े आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर ऑपरेशन सिंदूर सटीकता के साथ किया गया। भारत सरकार ने पुष्टि की है कि सभी नौ ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया गया। इस दौरान पाकिस्तान में कोई भी नागरिक या सैन्य ढांचा प्रभावित नहीं हुआ। recent visitors 54

दिल्ली और पटना से लेकर आंध्र प्रदेश तक कई जगहों पर ब्लैकआउट, PAK से टेंशन के बीच देशभर में मॉक ड्रिल

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बुधवार को देश के कई राज्यों में मॉक ड्रिल की शुरुआत हो गई है। दिल्ली और पटना से लेकर आंध्र प्रदेश तक कई जगहों पर ब्लैकआउट की स्थिति बनाई गई है। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर देश में 244 जिलों में इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इसे ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन अभ्यास’ नाम दिया गया है। मॉक ड्रिल के दौरान कई इलाकों में सायरन की तेज आवाज भी सुनी गई है। सरकार के आदेशों का पालन करते हुए दिल्ली, झारखंड, हरियाणा, बिहार, आंध्र प्रदेश जैसे कई राज्यों में अभ्यास किए गए हैं। इन राज्यों के अलावा असम में सभी 14 जिलों, उड़ीसा के सभी 12 जिलों, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और मिजोरम के आइजोल में मॉक ड्रिल की गई और आपात स्थिति में किसी भी हालात से निपटने में आने वाली चुनौतियों के लिए अभ्यास किया गया। इस दौरान हवाई हमलों, आग लगने की आपात स्थितियों और खोज एवं बचाव कार्यों जैसे कई प्रतिकूल परिदृश्यों का अनुकरण किया गया। अधिकारियों ने बताया है कि हरियाणा के सभी 11 जिलों में ‘ऑपरेशन अभ्यास’ के तहत ‘मॉक ड्रिल’ की गई। राज्य के गुरुग्राम, पंचकूला, अंबाला और रोहतक में व्यस्त शॉपिंग मॉल, बाजारों और अन्य प्रतिष्ठानों में अभ्यास किया गया। महाराष्ट्र के मुंबई में छत्रपति शिवाजा महाराज टर्मिनल और दक्षिण मुंबई के क्रॉस मैदान में ‘मॉक ड्रिल’ की गयी। बता दें कि छत्रपति शिवाजा महाराज टर्मिनल पर 26 नवंबर 2008 को आतंकियों ने हमला किया था। टर्मिनल पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कर्मियों ने अलग-अलग और संयुक्त सुरक्षा अभ्यास भी किया। मुंबई पुलिस ने बताया कि जीआरपी और रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) ने विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर रूट मार्च, गश्त और जांच की। यह अभ्यास अपराह्न करीब तीन बजे शुरू हुआ और करीब एक घंटे तक जारी रहा। वहीं दक्षिण मुंबई के क्रॉस मैदान में शाम चार बजे सायरन बजा, जिसके बाद ‘मॉक ड्रिल’ के हिस्से के रूप में हवाई हमले के दौरान नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन दल और चिकित्सकों की टीम ‘घायलों’ को बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। अभ्यास की शुरुआत एक नकली विस्फोट के बाद आग लगने से हुई। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने सबसे पहले प्रतिक्रिया दी और तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी। जल्द ही, आग बुझाने के लिए दमकल कर्मी पहुंचे और उसके बाद चिकित्सा कर्मियों ने ‘घायलों’ को देखभाल के लिए पास के अस्पतालों में पहुंचाया। कर्नाटक के बेंगलुरु में विभिन्न स्थानों पर ‘ऑपरेशन अभ्यास’ के तहत बड़े पैमाने पर ‘मॉक ड्रिल’ की गयी। अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर दोपहर तीन बजकर 48 मिनट पर सायरन बजने के तुरंत बाद नागरिक सुरक्षा कर्मी, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवा कर्मी हरकत में आ गए। ‘ड्रिल’ में आग लगने की स्थिति में बचाव अभियान, मलबे के नीचे से लोगों को निकालना, ऊंची इमारतों से लोगों को निकालना और चिकित्सा आपातकालीन सेवाएं शामिल थीं। अभ्यास करीब आधे घंटे तक जारी रहा। तेलंगाना के हैदराबाद में चार स्थानों पर पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपदा प्रतिक्रिया बलों की भागीदारी में ‘मॉक ड्रिल’ की गयी। यह अभ्यास सिकंदराबाद, गोलकुंडा, कंचन बाग और नचाराम एनएफसी क्षेत्र में किया गया। अभ्यास की शुरुआत का संकेत देने के लिए आउटर रिंग रोड (ओआरआर) पर शाम चार बजे सायरन बजाए गए। नागरिकों को घर के अंदर रहने, आश्रय लेने और छिपने का निर्देश दिया गया था। बचाव कर्मियों ने रस्सियों का उपयोग करके इमारतों से लोगों को निकाला, चिकित्सा सहायता प्रदान की और ऑपरेशन के दौरान ‘घायलों’ को स्थानांतरित किया। शाम साढ़े चार बजे फिर से सायरन बजे और ‘मॉक ड्रिल’ समाप्त हुई। वहीं तमिलनाडु के दो प्रमुख प्रतिष्ठानों में ‘मॉक ड्रिल’ की गयी ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपात स्थितियों से निपटने का अभ्यास किया जा सके। कलपक्कम में मद्रास परमाणु ऊर्जा केंद्र और चेन्नई बंदरगाह के परिसर में अभ्यास किया गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर और घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए जल्दी से जल्दी ले जाने का अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने पहले ही बताया था कि इन दो महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए गतिविधियां की जाएंगी। recent visitors 56

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा- अंतर्राज्यीय ट्रांसमिशन लाइन में टॉवरों का मॉडिफिकेशन और शिफ्टिंग कार्य पूर्ण

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि वर्ष 2021 में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित श्योपुर जिले के सीप नदी क्षेत्र में अंतर्राज्यीय 132 केवी श्योपुर–सबलगढ़ टेप–खंदार (राजस्थान) डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन में टॉवरों के संशोधन एवं स्थानांतरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह कार्य विद्युत पारेषण व्यवस्था को बाढ़ जैसी आपदाओं में भी सुदृढ़ और सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया। इसके तहत पुराने टॉवरों के फाउंडेशन को विशेष आधुनिक तकनीक से पुनर्निर्मित किया गया तथा कुछ टॉवरों को नदी के समीप सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर नये टॉवर लगाये हैं। इस कार्य में 79 लाख रुपये की लागत आई है। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा बनाए गए छह नए टॉवर विशेष डिज़ाइन के फाउंडेशन पर आधारित हैं, जो भविष्य में बाढ़ जैसी आपदाओं का प्रभाव सहन करने में सक्षम होंगे। श्री तोमर ने कहा कि यह परियोजना न केवल राज्य की विद्युत प्रणाली को सशक्त बनाएगी, बल्कि आपदा प्रबंधन और आधारभूत ढांचे की मजबूती का भी प्रमाण है। उन्होंने एमपी ट्रांसको के प्रयासों की सराहना की। ऊँचाई में वृद्धि और विशेष तकनीक का उपयोग एमपी ट्रांसको, ग्वालियर के अधीक्षण अभियंता श्री अरविंद शर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 में बाढ़ और डैम ओवरफ्लो के कारण 132 केवी शिवपुरी–सबलगढ़ टेप–खंदार ट्रांसमिशन लाइन के छह टॉवर क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हुई थी। साथ ही अंतर्राज्यीय विद्युत का आदान-प्रदान भी प्रभावित हुआ था। एम. पी. ट्रांसको द्वारा भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचाव के लिये स्पेशल ओपन कास्ट फाउंडेशन तकनीक का उपयोग करते हुए टावरों का पुनर्निर्माण, संशोधन और स्थानांतरण किया गया है। श्री शर्मा ने यह भी बताया कि सीप नदी के जलभराव की आशंका को देखते हुए तहसील मानपुर के ग्राम कोटरा क्षेत्र में टॉवरों की ऊँचाई बढ़ाई गई है। साथ ही नदी के कटाव से सुरक्षा के लिए कुछ टॉवरों को नए स्थानों पर स्थापित किया गया है। इससे ट्रांसमिशन लाइन की स्थिरता और विद्युत आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित हो सकेगी।   recent visitors 41

S-400 चार तरह की मिसाइलों से लैस है, ये महज 5 मिनट में तैयार हो जाता है, भारत का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा पाक

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए अपना बदला पूरा कर लिया लिया है। भारतीय सेना ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर सटीक मिसाइल हमले किए हैं। जानकारी के मुताबिक इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने 70 से ज्यादा आतंकवादियों को जहन्नुम पहुंचा दिया है। रातों-रात हुई इस कार्रवाई से पस्त पाकिस्तान अब गीदड़भभकी का सहारा ले रहा है। पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत के इन हमलों का जवाब देगा। हालांकि पाकिस्तान की किसी भी नापाक हरकत के लिए भारत पूरी तरह तैयार है। आशंका है कि पाकिस्तान चीनी मिसाइलें भेज कर भारत की शांति को भंग करने की कोशिश कर सकता है। ऐसी किसी भी स्थिति के लिए भारत विश्व के सबसे बेहतरीन वायु रक्षा प्रणाली S-400 के साथ तैयार है। भारत के प्रमुख रक्षा सहयोगी रूस द्वारा निर्मित S-400 दुनिया की सबसे धांसू वायु रक्षा प्रणालियों में से एक है जो दुश्मन के किसी भी हमले को मात देने के लिए महज पांच मिनट में तैयार हो सकता है। भारत के पास कितने S-400 ट्रायम्फ? S-400 ट्रायम्फ सर्फेस टू एयर मोबाइल डिफेंस सिस्टम है। इसे रूस ने सबसे पहले 2007 में तैयार किया था। भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ ऐसे 5 S-400 ट्रायम्फ मिसाइल सिस्टम रेजिमेंट का कॉन्ट्रैक्ट किया था। इस सौदे की अनुमानित कीमत लगभग 5.43 बिलियन डॉलर है। बता दों कि इनमें से 3 रेजिमेंट भारत के पास पहुंच गए हैं और बाकी 2 रेजिमेंट अगस्त 2026 तक भारत में तैनात कर दिए जाएंगे। क्यों खास है S-400? S-400 चार तरह की मिसाइलों से लैस है। इनमें 40N6E (400 किमी रेंज), 48N6E3 (250 किमी), 9M96E2 (120 किमी) और 9M96E (40 किमी) मिसाइल शामिल हैं। S-400 मिसाइल सिस्टम 400 किलोमीटर की दूरी और 30 किलोमीटर की ऊंचाई तक किसी भी विमान, ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल जैसे लक्ष्यों को सटीकता से ट्रैक कर उसे हवा में ही ध्वस्त कर सकता है। इतना ही नहीं यह करीब 300 टारगेट्स को एक साथ ट्रैक कर सकता है। recent visitors 55

मंत्री संपतिया उइके ने ‘जल दर्पण पोर्टल’ तथा फीडबैक एवं शिकायत निवारण प्रणाली कॉल-सेंटर का किया शुभारंभ

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने 'जल दर्पण पोर्टल' तथा फीडबैक एवं शिकायत निवारण प्रणाली कॉल-सेंटर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश में पेयजल योजनाओं की निगरानी और हितग्राहियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि यह पोर्टल और कॉल-सेंटर हितग्राहियों को अपनी समस्याएं सीधे विभाग तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेंगे। इससे न केवल शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा, बल्कि योजनाओं की जमीनी हकीकत से भी विभाग अवगत होगा। इससे कार्यों में पारदर्शिता आयेगी, जबावदेही और सेवा गुणवत्ता में वृद्धि होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विकसित यह पोर्टल जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल-जल योजनाओं की कव्हरेज और कार्यशीलता की वास्तविक समय में निगरानी करने, हितग्राहियों से प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त करने, सेवा वितरण की गुणवत्ता मापने, समस्याओं की पहचान करने और तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। राज्य स्तर पर स्थापित कॉल-सेंटर नल से जल आपूर्ति की नियमितता, मात्रा और गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण सेवा मापदंडों का मूल्यांकन करेगा। यह सिस्टम अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए ग्रामीण जल संरचना को मजबूत करेगा और नागरिक संतुष्टि को प्राथमिकता देगा। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहाँ जल जीवन मिशन की पूर्ण योजनाओं की गतिविधियों का स्वतः फीडबैक लेने की व्यवस्था लागू की गई है। इससे अब प्रदेश में जल आपूर्ति योजनाओं की अद्यतन स्थिति का डाटा सुलभ होगा, जिससे बंद पड़ी योजनाओं की पहचान कर समय पर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। प्रदेश में जल जीवन मिशन में अब तक 111.77 लाख ग्रामीण परिवारों में से 77.12 लाख परिवारों (69 प्रतिशत) को नल से जल प्रदाय सुनिश्चित किया जा चुका है। देश का पहला 'हर घर जल' जिला बनने का गौरव बुरहानपुर को प्राप्त हुआ है। निवाड़ी जिले के सभी ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध करा कर ‘हर घर जल’ जिला घोषित किया जा चुका है। इंदौर जिले के समस्त ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने का कार्य अंतिम चरण में है और शीघ्र ही इंदौर को भी ‘हर घर जल’ जिला घोषित किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अति महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन को राज्य सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में एकल ग्राम नल-जल योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने और सुशासन आधारित सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। 'जल दर्पण पोर्टल' और शिकायत निवारण प्रणाली इसी दिशा में उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम है, जो जल-जीवन मिशन को नई ऊर्जा और पारदर्शिता के साथ गति प्रदान करेगा। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि, जल निगम के प्रबंध निदेशक श्री के. व्ही.एस. चौधरी, प्रमुख अभियंता श्री के. के. सोनगरिया सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 49

मुशीर खान, आयुष म्हात्रे , सूर्यांश शेडगे और अंगकृष रघुवंशी को टी20 मुंबई लीग नीलामी में अच्छे दाम मिले

नई दिल्ली टी-20 मुंबई लीग के लिए बुधवार को हुई नीलामी में कुछ युवा क्रिकेटरों को अच्छी कीमत मिली है। मुशीर खान, आयुष म्हात्रे , सूर्यांश शेडगे और अंगकृष रघुवंशी को टी20 मुंबई लीग के तीसरे सत्र के लिए शुरुआती दौर की नीलामी में अच्छे दाम मिले हैं। यह लीग 26 मई से 8 जून तक खेली जाएगी। इंडियन प्रीमियर लीग में पंजाब किंग्स के लिए खेल रहे 20 वर्ष के मुशीर को आर्क्स अंधेरी ने 15 लाख रुपये में खरीदा। मुंबई के लिए इस साल रणजी क्रिकेट में डेब्यू करने वाले म्हात्रे ने आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए डेब्यू किया। उसे ट्रायंफ नाइट्स मुंबई नॉर्थईस्ट ने 14 . 75 लाख रुपये में खरीदा। शेडगे को भी इसी टीम ने 13 . 75 लाख रूपये में खरीदा । केकेआर के लिए खेलने वाले रघुवंशी को सोबो मुंबई फाल्कंस ने 14 लाख रुपये में खरीदा। वहीं तनुष कोटियान को नॉर्थ मुंबई पैंथर्स ने 10 लाख रुपये में खरीदा। टी20 मुंबई लीग के लिए टीमों ने पहले ही अपने-अपने आइकन प्लेयर चुन लिए हैं। इनमें सूर्यकुमार यादव (ट्रायम्फ नाइट्स मुंबई नॉर्थ ईस्ट), अजिंक्य रहाणे (बांद्रा ब्लास्टर्स), श्रेयस अय्यर (सोबो मुंबई फाल्कन्स), पृथ्वी साव (नॉर्थ मुंबई पैंथर्स), शिवम दुबे (एआरसीएस अंधेरी), शार्दुल ठाकुर (ईगल ठाणे स्ट्राइकर्स), सरफराज खान (आकाश टाइगर्स मुंबई वेस्टर्न सबर्ब्स) और तुषार देशपांडे (मुंबई साउथ सेंट्रल मराठा रॉयल्स) शामिल हैं। recent visitors 61