सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आतिशबाजी की स्थिति में शिकायत निवारण बनाना होगा, भंडारण और बिक्री पर भी प्रतिबंध

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पटाखे जलाने के कारण होने वाले वायु प्रदूषण के मामले पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में पटाखों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब एनसीआर में शामिल अन्य राज्यों को एक महीने के भीतर प्रतिबंध लगाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आतिशबाजी की स्थिति में शिकायत निवारण और शिकायत तंत्र बनाना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (ईपीए) की धारा पांच के तहत यह निर्देश जारी किए हैं, ताकि जुर्माना लगाया जा सके और अन्य राज्यों को भी इसका पालन करना चाहिए। जस्टिस अभय एस. ओक की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि हमने दिल्ली तथा एनसीआर में पटाखों के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध के मामले में सुनवाई के दौरान तीन अप्रैल को आदेश जारी कर निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा आदेश के अनुपालन का हलफनामा दाखिल कर बताया गया कि पटाखों का निर्माण, भंडारण आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि इस आधार पर हम एनसीआर के क्षेत्रों में राजस्थान, यूपी और हरियाणा को ईपीए की धारा 5 के तहत इसी तरह के निर्देश जारी करने का निर्देश देते हैं और इसे एक महीने के भीतर जारी किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने बीते 3 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को सही ठहराया था। अदालत ने कहा था कि जब तक यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं हो जाता कि ग्रीन पटाखों से जीरो प्रदूषण होता है, तब तक प्रतिबंध के पुराने आदेश में बदलाव करने का कोई औचित्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा था कि स्वच्छ वातावरण में जीना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरों को देखते हुए पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि हर व्यक्ति एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता और सड़कों-गलियों में काम करने वाले लोगों पर प्रदूषण का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। recent visitors 78

भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान, 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी: मूडीज

नई दिल्ली मूडीज रेटिंग्स ने मंगलवार को 2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है और उम्मीद जताई है कि 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और यह 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करेगी। मूडीज का पूर्वानुमान आईएमएफ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो भारत को 2025 में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज करने वाली दुनिया की एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में देखता है। मूडीज ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई अपडेट में कहा, "वैश्विक आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता का असर उपभोक्ता, व्यवसाय और वित्तीय गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है।" रेटिंग एजेंसी ने पहले भारत के लिए 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। मूडीज ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ को लेकर कटौती के बावजूद भी नीति अनिश्चितता और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव वैश्विक व्यापार और निवेश को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर जी-20 देशों पर भी पड़ सकता है। व्यापार अनिश्चितताओं के अलावा, बढ़ते तनाव से विकास पर असर पड़ने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव बेसलाइन पूर्वानुमानों के लिए एक और संभावित नकारात्मक जोखिम है। हाल के दिनों में, दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान और दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव बढ़ गया है। मूडीज ने कहा कि ये देश भी अब रूस और यूक्रेन में अनसुलझे युद्धों की तरह आपसी तनाव में उलझ गए हैं। इसमें कहा गया है, "निवेशकों और व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना है।" मूडीज को उम्मीद है कि भारत की मुद्रास्फीति दर 2025 में 4 प्रतिशत और 2026 में 4.3 प्रतिशत रहेगी, जिससे देश के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल को मजबूती मिलेगी और आरबीआई के पास विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करने के लिए अधिक गुंजाइश होगी। मूडीज ने कहा, "उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों के लिए फेड की नीति का मार्ग उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना पिछले साल इस समय था। दूसरे उभरते देशों में, हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए दरों को और कम करेगा।" आरबीआई ने अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के मद्देनजर वैश्विक व्यापार और नीति अनिश्चितताओं के बीच 2025-26 में भारत के लिए 6.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने हाल ही में कहा, "सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनिश्चितता अपने आप में व्यवसायों और परिवारों के निवेश और खर्च के निर्णयों को प्रभावित कर विकास को धीमा कर देती है। दूसरा, ट्रेड फ्रिक्शन के कारण वैश्विक विकास पर पड़ने वाला असर घरेलू विकास को बाधित करेगा। तीसरा, उच्च टैरिफ का शुद्ध निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।" आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि अब 6.5 प्रतिशत अनुमानित है। recent visitors 60

पीएम मोदी ने अपने मित्र एंथनी अल्बानीज से बात की और उन्हें उनकी पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर व्यक्तिगत रूप से बधाई दी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से टेलीफोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इसकी जानकारी दी। साथ ही उन्हें ऑस्ट्रेलिया के 32वें प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक पुनर्निर्वाचन पर बधाई दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एंथनी अल्बानीज को टैग करते हुए लिखा, ''अपने मित्र एंथनी अल्बानीज से बात की और उन्हें उनकी पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। हम भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज करने के लिए नए जोश के साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।'' इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि अपने पांच वर्षों में सीएसपी ने विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत सहयोग विकसित होते देखा है। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में भारतीय मूल के प्रवासियों की भूमिका पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और एक स्वतंत्र, खुले, स्थिर, नियम-आधारित और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री अल्बानीज को वार्षिक शिखर सम्मेलन और इस वर्ष के अंत में भारत में आयोजित होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन सहित यहां आने का निमंत्रण दिया। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई। इससे पहले पीएम मोदी ने एंथनी अल्बानीज को ऑस्ट्रेलिया का प्रधानमंत्री निर्वाचित होने पर बधाई दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा था, ''एंथनी अल्बानीज ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के रूप में आपकी शानदार जीत और पुनः निर्वाचित होने पर बधाई। यह जोरदार जनादेश आपके नेतृत्व में ऑस्ट्रेलियाई लोगों के स्थायी विश्वास को दर्शाता है। मैं भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हमारे साझा विजन को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हूं।'' recent visitors 66

पति से प्रताड़ित होकर महिला ने अपने दोनों बच्चों के साथ एसपी ऑफिस में चल रही जनसुनवाई के दौरान खाया जहर

जबलपुर एसपी ऑफिस में चल रही जनसुनवाई में उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। महिला को तत्काल पुलिस की डायल 100 में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां महिला की हालत नाजुक बताई जा रही है। दरअसल जहर खाकर आत्महत्या करने वाली द्रोपती विश्वकर्मा अपने दो छोटे छोटे बच्चों के साथ जबलपुर के अधारताल थाना अंतर्गत पन्नी मोहल्ले में रहती है और अपने पति से परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाया है। 12 साल पहले हुई थी शादी महिला का कहना है कि उसका पति उसे 3 महीने पहले छोड़कर गोटेगांव चला गया है, जो उसे ना खाना खर्च दे रहे हैं ना ही उसे औरत मानने को तैयार है। महिला की शादी रमेश विश्वकर्मा से 12 साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही आरोपी पति महिला के साथ दारू पीकर मारपीट कर रहा है। बीते 30 मार्च को भी उसने महिला के साथ जमकर मारपीट की और उसे छोड़कर चला गया। उसके बाद आज तक न तो उससे मिलने आया ना अपने बच्चों को देखने आया और ना ही उनका खाना खर्चा भेज रहा है। महिला के पति का कहना है कि वह दूसरी शादी करेगा उसे जो करना कर ले। इसी बात से परेशान होकर महिला ने जहर खा लिया। recent visitors 49

प्रदेश के हर जरूरतमंद परिवार को मिलेगा अपना पक्का मकान: मुख्यमंत्री साय

रायपुर : मोर अब्बड़ भाग हे, मुख्यमंत्री मोर घर आए हे: श्रीमती अमरौतीन साहू पीएम आवास योजना की हितग्राही अमरौतीन साहू के अतिथि बने मुख्यमंत्री प्रदेश के हर जरूरतमंद परिवार को मिलेगा अपना पक्का मकान: मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़िया अंदाज में परिवारजनों ने अपने मुखिया का किया स्वागत रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण में योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानने प्रदेशभर का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत सहसपुर में पीएम आवास योजना की लाभार्थी श्रीमती अमरौतीन साहू के घर अतिथि बनकर पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन से उत्साहित अमरौतीन साहू ने कहा ’’मोर अब्बड़ भाग हे, मुख्यमंत्री मोर घर आए हे।’’ छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार परिवार के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और हर गरीब के पक्के मकान का सपना साकार हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप सभी का जीवन स्तर अच्छा और गरिमापूर्ण हो, इसके लिए हमारे प्रधानमंत्री ने सभी गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का बड़ा संकल्प लिया है और पूरे प्रदेश में इस पर तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने परिवारजनों और बच्चों के साथ बड़ी आत्मीयता के साथ बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी तरीके से किया जाए। श्रीमती अमरौतीन साहू ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत उन्हें पक्का घर मिला है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। recent visitors 62

RIL, टाटा की LIC के 15 लाख करोड़ रुपए के पोर्टफोलियो में एंट्री, ICICI Bank और आईटी स्टॉक बाहर

मुंबई भारतीय शेयर बाजार में मार्च तिमाही के दौरान जहां भारी उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों द्वारा जबरदस्‍त बिकवाली देखने को मिली. वहीं दूसरी ओर, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने कुछ शेयरों में जबरदस्‍त खरीदारी की है. LIC ने मार्च तिमाही के दौरान 47,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे, जिसे भारतीय बाजार को काफी सहारा मिला है. भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पोर्टफोलियो में फिलहाल कुल 351 शेयर शामिल हैं. मार्च तिमाही में एलआईसी ने 105 शेयरों में अपनी हिस्‍सेदारी बढ़ाई, जिनमें 13 नए स्‍टॉक शामिल हैं. वहीं कंपनी ने 86 शेयरों में हिस्‍सेदारी घटाई और 15 कंपनियों से पूरी तरह से या 1 फीसदी से कम हिस्‍सेदारी के कारण उसे अपने लिस्‍ट से हटा दिया है. रिलायंस और हीरोमोटोकॉर्प में बड़ा निवेश भारतीय जीवन बीमा ने हीरो मोटोकॉर्प में सबसे ज्‍यादा निवेश किया है. बीमा कंपनी ने मार्च तिमाही में हीरो मोटोकॉर्प में 4,968 करोड़ रुपये का निवेश करते हुए अपनी हिस्‍सेदारी को 5.53 फीसदी से बढ़ाकर 11.84 फीसदी कर दी है. वहीं रिलायंस इंडस्‍ट्रीज में उसने मार्च तिमाही के दौरान 3675 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे कंपनी में उसकी हिस्‍सेदारी 6.52 फीसदी से बढ़कर 6.74 प्रतिशत पर पहुंच गई. इन शेयरों में भी एलआईसी का दांव रिलायंस के अलावा, एलआईसी ने लॉर्सन एंड टुब्रो (L&T) में 2,975 करोड़ रुपये, एशियन पेंट्स में 2,466 करोड़ रुपये, हिंदुस्‍तान यूनिलीवर में 2,361 करोड़ रुपये, मारुति सुजुकी में 1,493 करोड़ रुपये, SBI में 1652 करोड़ रुपये, पतंजलि फूड्स में 1,638 करोड़ रुपये, TATA Motors में 1578 करोड़ रुपये, बजाज ऑटो में 1983 करोड़ रुपये, HCL टेक में 1441 करोड़ रुपये और इंद्रप्रस्‍त गैस में 1333 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसके अलावा, इसने भारत इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, नेस्‍ले इंडिया, LTI माइंडट्री, ब्रिटानिया इंडस्‍ट्रीज और आईटीसी में अपनी हिस्‍सेदारी 1000 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ाई. मार्च तिमाही में कंपनी ने 13 नए शेयरों में भी निवेश किया. इसमें सबसे ज्‍यादा निवेश IRFC में किया गया, जिसमें बीमा कंपनी ने 1815 करोड़ रुपये में 1.05 प्रतिशत हिस्‍सेदारी खरीदी. इसके बाद जिंदल स्‍टेनलेस और KPIT Tech का स्‍थान है, जिनमें उसने करीब 640 करोड़ रुपये और 485 करोड़ रपये का निवेश किया. इन नए शेयरों में भी लगाया दांव बाकी नए शेयरों में पंजाब एंड सिंध बैंक, BLS इंटरनेशनल सर्विसेज, JTL इंडस्ट्रीज, एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स, क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स, एवलॉन टेक्नोलॉजीज, जय कॉर्प, बॉम्बे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग और प्रवेग शामिल हैं. आईटीसी लिमिटेड से अलग होने के बाद बीमा कंपनी को आईटीसी होटल्स के 3,325 करोड़ रुपये के एक्‍स्‍ट्रा शेयर खरीदे हैं. कितना है LIC का कुल पोर्टफोलियो मार्च तिमाही के अंत में LIC का कुल पोर्टफोलियो 15.18 लाख करोड़ रुपये का रहा, जो पिछली तिमाही के 15.88 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम है.   recent visitors 64

गृह मंत्रालय ने कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद सुरक्षा प्राप्त कर रहे 19 पूर्व राज्य मंत्रियों की वापस ली सुरक्षा

नई दिल्ली गृह मंत्रालय (एमएचए) ने दिल्ली पुलिस को 19 पूर्व राज्य मंत्रियों (एमओएस) से सुरक्षा वापस लेने का निर्देश दिया है, जो कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद इसे प्राप्त कर रहे हैं. हालांकि, केंद्र ने यह भी निर्देश दिया है कि भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की सुरक्षा छह महीने के लिए बढ़ा दी जाए. दिल्ली पुलिस ने पूर्व राज्य मंत्रियों और सांसदों की एक सूची के साथ गृह मंत्रालय से संपर्क किया था, जिन्हें अपने कार्यकाल/कार्यकाल पूरा होने के बाद भी सुरक्षा कवर मिला हुआ है. यह पिछले साल दिल्ली पुलिस की सुरक्षा इकाई द्वारा किए गए ऑडिट के बाद किया गया था. अधिकारी ने कहा, “ऑडिट से पता चला है कि कई वरिष्ठ राजनेता अपने कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी सुरक्षा कवर का लाभ उठा रहे थे. कई मामलों में, लंबे समय से सुरक्षा समीक्षा नहीं की गई थी.” ऑडिट के बाद, कई व्यक्तियों के लिए सुरक्षा कवर वापस ले लिया गया. हालांकि, समीक्षा में पाया गया कि कई पूर्व राज्य मंत्रियों को अब पद पर नहीं रहने के बावजूद सुरक्षा मिल रही है. अधिकारी ने बताया कि ऐसे लोगों की सूची गृह मंत्रालय को भेजी गई है. संचार में जिन लोगों के नाम हैं, उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, उनमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में पूर्व राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, पूर्व पंचायती राज मंत्री बीरेंद्र सिंह, संचार मंत्रालय में पूर्व राज्य मंत्री देवुसिंह जेसिंगभाई चौहान, जनजातीय मामलों के पूर्व राज्य मंत्री जसवंतसिंह सुमनभाई भाभोर और विदेश मामलों के पूर्व राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह शामिल हैं. अधिकारी ने बताया कि राज्य मंत्रियों के अलावा गृह मंत्रालय की सूची में कुछ संसद सदस्यों और वरिष्ठ न्यायाधीशों के नाम भी शामिल हैं. हालांकि, कुछ न्यायाधीशों को दी गई सुरक्षा बरकरार रखी गई है. मौजूदा नियमों के तहत, पद या खतरे के आधार पर दी गई सुरक्षा की समीक्षा किसी व्यक्ति के कार्यकाल पूरा होने पर की जाती है. अधिकारी ने कहा, “यह पाया गया कि ये समीक्षाएं लंबे समय से नहीं की गई थीं. मूल्यांकन पूरा करने के बाद, दिल्ली पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में गृह मंत्रालय को अपनी सिफारिशें भेजीं. गृह मंत्रालय की ओर से अंतिम निर्णय कुछ सप्ताह पहले आया.” अधिकारी ने आगे कहा कि नियमों के अनुसार, पूर्व राज्य मंत्रियों के आवास पर अभी भी तीन निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) और चार पुलिसकर्मी तैनात हैं. अधिकारी ने कहा, “पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह और राज्य मंत्री अजय भट्ट के नाम भी गृह मंत्रालय को भेजे गए थे, लेकिन उनकी सुरक्षा बरकरार रखी गई है. इसके अलावा, गृह मंत्रालय ने स्मृति ईरानी की सुरक्षा को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया है.” किसी भी व्यक्ति को दी जाने वाली सुरक्षा का स्तर खुफिया एजेंसियों, जैसे कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (आर एंड एडब्ल्यू) से प्राप्त इनपुट के आधार पर गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित किया जाता है. कुछ व्यक्ति सरकार में अपने पदों के आधार पर सुरक्षा कवर के हकदार होते हैं. recent visitors 45