जस्टिस बीआर गवई ने खुद बताया- सुप्रीम कोर्ट के अगले CJI के पास है इतनी संपत्ति

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के 20 से ज्यादा न्यायाधीश संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक कर चुके हैं। इनमें शीर्ष न्यायालय के अगले CJI यानी मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई का नाम भी शामिल है। उनके पास महाराष्ट्र और नई दिल्ली में कई फ्लैट हैं। इसके अलावा लाखों रुपये बैंक में हैं। वह भारत के 52वें सीजेआई बनने जा रहे हैं। उनके अलावा मौजूदा सीजेआई संजीव खन्ना भी संपत्ति का ब्योरा दे चुके हैं। अगले सीजेआई के पास है कितनी संपत्ति जस्टिस गवई के पास महाराष्ट्र के अमरावती में एक घर, दो कृषि भूमि हैं। वहीं, मुंबई के बांद्रा में एक अपार्टमेंट, नागपुर के कटोल में कृषि भूमि और नई दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में एक अपार्टमेंट है। निवेश के मामले में जस्टिस गवई के पास पीपीएफ के तहत 6 लाख 59 हजार 692 रुपये, जीपीएफ के तह 35 लाख 86 हजार 736 रुपये, अन्य 31 हजार 315 रुपये हैं। उनके पास 5 लाख 25 हजार 859 रुपये सोने के आभूषण हैं। साथ 61 हजार 320 रुपये कैश, बैंक बैलेंस 19 लाख 63 हजार 584 रुपये और अन्य एडवांस 54 लाख 86 हजार 841 रुपये हैं। दायित्व के तहत मुंबई फ्लैट का सिक्योरिटी डिपॉजिट 7 लाख रुपये, दिल्ली के फ्लैट का एडवांस किराया 17 लाख 32 हजार 500 रुपये है। 52वें सीजेआई जस्टिस गवई को मंगलवार को भारत का अगला CJI नियुक्त किया गया। न्यायमूर्ति गवई 14 मई को सीजेआई का पदभार संभालेंगे। मौजूदा सीजेआई न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है। 16 अप्रैल को प्रधान न्यायाधीश खन्ना ने न्यायमूर्ति गवई के नाम की अनुशंसा केंद्र सरकार को की थी। न्यायमूर्ति गवई का कार्यकाल छह महीने का होगा। वह 24 मई 2019 को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश बनाए गए थे। 23 नवंबर को 65 वर्ष की आयु होने पर न्यायमूर्ति गवई का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। अमरावती में 24 नवंबर 1960 को जन्मे न्यायमूर्ति गवई को 14 नवंबर 2003 को बंबई उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। वह 12 नवंबर 2005 को उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश बने। न्यायमूर्ति गवई उच्चतम न्यायालय में कई संविधान पीठों का हिस्सा रहे हैं, जिन्होंने महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं। वह पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ का हिस्सा थे, जिसने दिसंबर 2023 में सर्वसम्मति से पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को बरकरार रखा था। वह 16 मार्च 1985 को बार में शामिल हुए थे और नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के स्थायी वकील थे। न्यायमूर्ति गवई को अगस्त 1992 से जुलाई 1993 तक बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ में सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त सरकारी अभियोजक नियुक्त किया गया था। उन्हें 17 जनवरी 2000 को नागपुर पीठ के लिए सरकारी वकील नियुक्त किया गया। recent visitors 46

पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ और दुनिया के अन्य देशों से मदद की गुहार लगा रहा, UNSC में हुई फजीहत

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य तैयारियों को देखकर पाकिस्तान को हर पल हमले का खौफ सता रहा है. इसी वजह से पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ और दुनिया के अन्य देशों से मदद की गुहार लगा रहा है. पाकिस्तान ने इसी वजह से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में इस मुद्दे पर एक क्लोज डोर मीटिंग बुलाई थी ताकि अपना दुखड़ा रोकर बाकी देशों की सहानुभूति बंटोर सके, लेकिन वहां भी पड़ोसी देश की जमकर फजीहत हो गई है. मीटिंग के बाद खुली PAK की पोल संयुक्त राष्ट्र में इस क्लोज डोर मीटिंग के बाद पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने झूठ फैलाते हुए कहा कि इस बैठक से जो हासिल करने का मकसद था वह पूरा हो गया है. उन्होंन यह भी दावा किया कि इस मीटिंग में जम्मू कश्मीर के मुद्दे को सुलझाने पर भी चर्चा हुई है. लेकिन जैसे-जैसे तस्वीर पूरी तरह साफ हुई तो पाकिस्तान की पोल खुलने लगी.   इस क्लोज डोर मीटिंग में पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान से तीखे सवाल पूछे गए थे. यहां तक कि पहलगाम हमले के पीछे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की भूमिका को लेकर भी पाकिस्तान को फटकार लगाई गई है. क्लोज डोर मीटिंग के दौरान UNSC के सदस्य देशों ने भारत को लेकर पाकिस्तान की ओर से फैलाए जा रहे False Flag नैरेटिव को भी पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसके जरिए पाकिस्तान खुद को विक्टिम दिखाकर भारत पर निशाना साध रहा है. चीन का भी नहीं मिला साथ सबसे हैरानी की बात यह रही कि UNSC के स्थाई सदस्य अमेरिका, फ्रांस, रूस और ब्रिटेन ने पाकिस्तान से तीखे सवाल किए, साथ ही पाकिस्तान के 'दोस्त' चीन ने भी उसका साथ नहीं दिया, जिसके भरोसे पड़ोसी मुल्क उछल रहा था. पाकिस्तान UNSC का अस्थाई सदस्य है और इसी हैसियत से उसने क्लोज डोर मीटिंग बुलाने का आग्रह किया था.   सूत्रों के मुताबिक बैठक में सदस्य देशों की ओर से न सिर्फ पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई, बल्कि धर्म पूछकर पर्यटकों को निशाना बनाने का मुद्दा भी उठाया गया. कुछ देशों ने पाकिस्तान की ओर से किए गए मिसाइल टेस्ट और परमाणु हथियारों की धमकी पर भी सवाल उठाए और इसे उकसावे की कार्रवाई बताया है. पाकिस्तान इस मुद्दे पर किसी तीसरे की दखल के अपने पुराने ढर्रे पर चलना चाहता था. लेकिन सदस्यों देशों ने इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताते हुए किसी तरह की दखल से इनकार कर दिया. न कोई प्रस्ताव आया, न बयान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इस क्लोज डोर मीटिंग का कुछ भी नतीजा नहीं निकला बल्कि इससे पाकिस्तान की थू-थू जरूर हो गई. इस बैठक के बाद किसी भी देश की ओर से न तो कोई प्रस्ताव लाया गया और न ही किसी ने इस पर कोई बयान दिया है. सिर्फ पाकिस्तान ही है जो दुनिया के सामने झूठ परोसने की विफल कोशिशों में जुटा है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बीते दिनों दोनों पक्षों से बात कर तनाव कम करने की अपील की थी और इसी के बाद यह क्लोज डोर मीटिंग बुलाई गई थी. दरअसल पाकिस्तान को किसी भी वक्त भारत की ओर से जवाबी हमले के डर सता रहा है. इसी खौफ में सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए पाकिस्तान ने  आनन-फानन में UNSC की मीटिंग बुलाने की अपील की थी. उसकी कोशिश थी कि क्लोज डोर मीटिंग के जरिए बाकी देश भारत से संयम बरतने के लिए कहेंगे. पाकिस्तान ने साउथ एशिया में पैदा हो रहे तनाव को कम करने का हवाला देकर यह बैठक बुलाई थी.   recent visitors 39

प्रज्ञा जयसवाल बनी राज्य की टॉपर, सिंगरौली जिले के नगरी ग्राम की रहने वाली है छात्रा

सिंगरौली 100% अंक मध्य प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा प्रज्ञा जायसवाल पिता श्री विनय जायसवाल (उच्च माध्यमिक शिक्षक) कक्षा 10 ग्लोरियस ‌पब्लिक स्कूल निवास जिला सिंगरौली की रहने वाली छात्रा है प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र और समाज का गौरव बढ़ाया है शुभचिंतकों ने दी बधाई ! recent visitors 44

युवती ने शिवालिक शर्मा पर रेप आरोप लगाया है, वह शिवालिक शर्मा की दोस्त थी, दुष्कर्म के एक मामले में भेजा जेल

नई दिल्ली राजस्थान के जोधपुर के कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड पुलिस ने पूर्व इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल क्रिकेटर शिवालिक शर्मा को दुष्कर्म के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जिस युवती ने शिवालिक शर्मा पर रेप आरोप लगाया है, वह शिवालिक शर्मा की दोस्त थी। दोनों ने प्यार हुआ और तथाकथित तौर पर दोनों की सगाई भी हुई, लेकिन इसके बाद शिवालिक शर्मा पर धोखा देने का आरोप है। शिवालिक शर्मा मुंबई इंडियंस का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इस समय किसी भी आईपीएल टीम में शामिल नहीं हैं। वे बड़ौदा की टीम में हार्दिक पांड्या और क्रुणाल पांड्या के साथ भी खेले हैं। वे बड़ौदा के लिए घरेलू क्रिकेट में 50 से ज्यादा मुकाबले अब तक खेल चुके हैं। थानाधिकारी हमीर सिंह भाटी ने सोमवार को बताया कि एक युवती की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट के बाद पुलिस ने शिवालिक शर्मा को गुजरात में वडोदरा के अटलादरा थाना क्षेत्र से शनिवार को गिरफ्तार किया और जोधपुर अदालत में पेश किया। जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। शिवालिक शर्मा वडोदरा के रहने वाले हैं और मुंबई इंडियंस की टीम में आईपीएल 2024 के दौरान शामिल थे। हालांकि, उनको एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिल पाया था। उनको 20 लाख रुपये में आईपीएल ऑक्शन से एमआई ने पिक किया था। रिपोर्ट में पीड़िता ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उसकी शिवालिक से दोस्ती हुई जो बाद में नजदीकियों में तब्दील हो गई। इसके बाद कई बार शिवालिक जोधपुर भी आया और उसने पीड़िता को शादी का झांसा दिया तथा शारीरिक संबंध बनाए। ऐसा बताया जा रहा है कि शिवालिक ने युवती के साथ सगाई भी की थी। बाद में शिवालिक के परिवार ने इसे तोड़ दिया और वे नया रिश्ता खोजने लगे। इससे तंग आकर युवती ने स्पिनर शिवालिक शर्मा पर रेप का आरोप लगा दिया। अब शिवालिक शर्मा को सलाखों के पीछे जाना पड़ा है। recent visitors 47

अभिभावक भी बच्चों से उम्मीद करें, लेकिन दबाव नहीं बनाएं, एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं रिजल्ट से बोर्ड की पेरेंट्स को सलाह

भोपाल मप्र बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा का परिणाम मंगलवार को जारी कर दिया गया है। परिणाम कैसा भी रहे, उसे सहज स्वीकार करें। अभिभावक भी बच्चों से उम्मीद करें, लेकिन दबाव नहीं बनाएं। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की हेल्पलाइन में काउंसलर ने अभिभावकों, विद्यार्थियों की काउंसलिंग की। रिजल्ट को लेकर हेल्पलाइन में फोन की संख्या दो से तीन गुना रही। हालांकि सोमवार को परिणाम घोषित होने को लेकर मंडल का एक फर्जी आदेश इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने से एक दिन में हेल्पलाइन में 1476 विद्यार्थियों के फोन आए। सभी का एक ही सवाल था कि कितने बजे परिणाम आएगा, कौन से वेबसाइट पर परिणाम देख सकते हैं। साथ ही 90 फीसदी से अधिक विद्यार्थी ने परिणाम को लेकर तनाव से संबंधित सवाल पूछे। बच्चों ने पूछे इस तरह के प्रश्न     12वीं के विद्यार्थी ने पूछा कि अगर वह द्वितीय श्रेणी से पास होगा तो अभिभावक नाराज होंगे। आगे क्या विकल्प होगा। इस पर जवाब मिला- चाहे प्रथम या द्वितीय श्रेणी से पास हो। इससे फर्क नहीं पड़ता है। आगे करियर में आपके पास बहुत विकल्प हैं।     10वीं के विद्यार्थी ने पूछा कि मेरा एक पेपर बिगड़ गया था, तो डर लग रहा है। कहीं परिणाम खराब ना हो जाए। जवाब मिला- आप बिल्कुल नहीं घबराएं, परिणाम अच्छा ही आएगा। आप द्वितीय परीक्षा देकर अच्छे अंक ला सकते हैं।     12वीं के विद्यार्थी ने पूछा- अगर अच्छे श्रेणी से पास नहीं हो पाया तो आगे क्या करूंगा। एक्सपर्ट ने जवाब दिया- अब सीखने पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। हर जगह नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा हो रही है, इसलिए श्रेणी से कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा।     12वीं के विद्यार्थी ने पूछा- कुछ पेपर ठीक नहीं गए हैं। लगता है परिणाम बेहतर नहीं होगा। द्वितीय परीक्षा के बारे में बताइए। जवाब मिला- अगर श्रेणी सुधार करना है तो जुलाई में पूरक के बदले द्वितीय परीक्षा होगी। उसमें शामिल हो सकते हैं।     10वीं के विद्यार्थी ने पूछा- अगर परिणाम बेहतर नहीं आएगा तो क्या विकल्प है। जवाब मिला- जैसा भी परिणाम आए उसे स्वीकार करें और आगे की तैयारी करें। इसके अलावा द्वितीय परीक्षा दे सकते हैं।   recent visitors 48

ऊर्जा मंत्री तोमर ने उपभोक्ताओं से की लंबित प्रकरणों का निराकरण कराने की अपील, 10 मई को लोक अदालत

भोपाल प्रदेश में 10 मई 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत आयोजित होगी। इसमें बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को समझौते के माध्यम से निराकृत किया जाएगा। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिये निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को ही प्रकरणों में छूट दी जाएगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। प्री-लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्‍येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।   लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। लोक अदालत में छूट शर्तों के तहत दी जाएगी     आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा।     उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा।     आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा।     नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे।     सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।     नेशनल लोक अदालत में उपरोक्‍तानुसार दी जा रही छूट आकलित सिविल दायित्‍व राशि दस लाख रुपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी।     यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 10 मई 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।   recent visitors 79

मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2025 सहित अन्य नीतियाँ लाँच, और अधिक आकर्षक: प्रमुख सचिव शुक्ला

भोपाल  वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) 2025 में मध्यप्रदेश अपनी रचनात्मकता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं के साथ वैश्विक मंच पर एक नई पहचान बनाई। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता आमिर खान मध्यप्रदेश द्वारा तैयार किए गए "अतुलनीय मध्यप्रदेश" पेवेलियन पहुंचे। मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव आईटी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे और प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने वेव्स में उनका स्वागत किया। आमिर खान ने कहा कि मध्यप्रदेश के लोग सिनेमा फ्रेंडली हैं, जिससे कलाकारों के साथ–साथ फिल्म निर्माण में जुटी पूरी टीम को काम करने में सहजता और सरलता का अनुभव होता है। इसके अलावा मध्यप्रदेश में वेरायटी ऑफ लोकेशन्स हैं, खूबसूरती है, जिसकी वजह से फिल्म निर्माण के अलग–अलग दृश्यों को शूट करने में आसानी होती है। यह न केवल फिल्म के निर्माण की अवधि को कम करता है बल्कि बजट में भी कमी आती है। मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2025 की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के ग्रामीण परिवेश में बन रही फिल्में सिनेमा जगत में कमाल कर रही हैं। उन्होंने आगामी भविष्य में फिल्में प्रदेश में शूट करने की इच्छा जाहिर की। वे मध्यप्रदेश की नई एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी-2025 की विशेषताओं को जाना और सहभागिता करने के लिये उत्सुक नजर आए। प्रदेश में शूट हुई फिल्म लापता लेडीज को भारत की तरफ से आधिकारिक रूप से ऑस्कर पुरस्कार के भेजा गया था। नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (NMACC) में “डिजिटल सपनों और सिनेमाई दृष्टिकोण के साथ: मध्यप्रदेश—अगला रचनात्मक केंद्र” विषय पर पैनल डिस्कशन हुआ। प्रमुख सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और निर्देशिका सुश्री एकता कपूर, फिक्की एवीजीसी फोरम व एमसीसीआईए एनिमेशन एंड गेमिंग कमेटी के चेयरमैन श्री आशीष एस. कुलकर्णी, अगस्त मीडिया ग्रुप के फाउंडर एवं सीईओ श्री ज्योर्तिमय सहा, क्रिएटिव लैंड स्टूडियोज़ की सीईओ सुश्री शोभा सेंट, सुप्रसिद्ध लेखक और पत्रकार श्री नमन रामचंद्रन, अभिनेता श्री अमित सियाल और श्री शरद केलकर की मौजूदगी में मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति 2025 और मध्यप्रदेश एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी AVGC-XR नीति 2025 को लॉन्च किया गया। प्रदेश के फिल्म फैसिलिटेशन पोर्टल के सेकंड फेस को भी लॉन्च किया गया। सुश्री एकता कपूर ने म.प्र. को बताया पहली पसंद प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और निर्देशिका सुश्री एकता कपूर ने कहा कि फिल्म निर्माण के लिए मुख्य रूप से वित्तीय सहायता, छूट, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, मनभावन लोकेशन और ईज ऑफ शूट को ध्यान में रखा जाता है। इन सभी चीजों के साथ मध्यप्रदेश में समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत आज भी अपने मूल रूप में है। स्पेन ने अपनी पॉलिसी के द्वारा अधिकांश अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं को आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी स्पेन की तरह ही फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनेगा।  नई पॉलिसी और अधिक आकर्षक- प्रमुख सचिव श्री शुक्ला प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि फिल्म निर्माताओं के लिए मनभावन शूटिंग स्थलों के साथ, शूटिंग फ्रेंडली स्थानीय नागरिक, फिल्म सहयोगी ईको सिस्टम, समृद्ध स्थानीय संस्कृति के साथ मध्यप्रदेश विशेष रूप से ईज ऑफ शूटिंग डेस्टिनेशन बन गया है। फिल्म टूरिज्म पॉलिसी की विशेषताओं को बताते हुए प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में फिल्म और वेब सीरीज की श्रृंखला को शूट करने पर इन्क्रीमेंटल इनसेंटिव्स का प्रावधान है। पहली बार शूट करने पर अधिकतम 1.5 करोड़ रुपये, दूसरी बार शूट करने पर 1.75 करोड़ रुपये और इसी तरफ तीसरी बार शूट करने पर 2 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही स्थानीय भाषा में फिल्म बनाने और स्थानीय कलाकारों को काम देने पर अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जाती है। अपनी विशेष सहायता राशि, सिंगल विंडो फिल्म शूटिंग अनुमति, स्थानीय टैलेंट के साथ मध्यप्रदेश अब शूटिंग के हब मुंबई को रन फॉर मनी देने के लिए तैयार है। “अमृतस्य मध्यप्रदेश” ने बिखेरी अतुलनीय मध्यप्रदेश की अनुपम छटा वेव्स की सांस्कृतिक संध्या में "अमृतस्य मध्यप्रदेश" समवेत नृत्य नाटिका ने अपनी अद्भुत और ओजपूर्ण प्रस्तुति से "अतुलनीय मध्यप्रदेश" की अनुपम छटा बिखेरी। इस नृत्य नाटिका के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, समृद्ध पर्यटन, इतिहास, कला और परंपराओं को दर्शाया गया। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्री पहाड़ी के निर्देशन में इस नृत्य नाटिका में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, मणिपुरी, मोहिनी अट्टम, कुचिपुड़ी के साथ ही मध्यप्रदेश के बधाई, बरेदी, मटकी, गोंड, जैसे लोक नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति दी। इसके अलावा नृत्य नाटिका में श्री मुमताज खान के निर्देशन में मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल जैसे महेश्वरी, चंदेरी, बाग के वैभव को दर्शाता एक विशेष वॉक हुआ। अतुलनीय मध्यप्रदेश पेवेलियन बना आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र वेव्स में एमपी टूरिज्म का "अतुलनीय मध्यप्रदेश" पेवेलियन, प्रदेश के पर्यटन स्थलों और संस्कृति के अनूठे और रोचक प्रस्तुतीकरण के कारण आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र रहा। प्रदेश के वन्य संपदा और ऐतिहासिक धरोहरों की रोमांचक यात्रा कराने के लिए पेवेलियन में आधुनिक तकनीक से बनी एनामॉर्फिक स्क्रीन लगाई गई, जहां पर्यटन स्थलों, वन्य क्षेत्रों और वन्य जीवों को थ्रीडी तकनीक से प्रदर्शित किया गया। मध्यप्रदेश टूरिज्म पॉलिसी और मध्यप्रदेश recent visitors 55