हिंदू युवतियों के साथ रेप और ब्लैकमेलिंग मामले के मुख्य आरोपी फरहान पर पुलिस ने अब हत्या के प्रयास का मामला किया दर्ज

भोपाल भोपाल में हिंदू युवतियों के साथ रेप और ब्लैकमेलिंग के मुख्य आरोपी फरहान पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज किया है. शुक्रवार रात पुलिस टीम ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन फरहान ने सब-इंस्पेक्टर से रिवॉल्वर छीन ली, जिसके बाद गोली चलने से वह घायल हो गया. उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों के साथ रेप और ब्लैकमेलिंग मामले के मुख्य आरोपी फरहान पर पुलिस ने अब हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज कर लिया है. शुक्रवार रात को हुए घटनाक्रम के कारण फरहान पर हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी गई है. मीडिया से बात करते हुए डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि कल रात को जब पुलिस टीम फरहान को लेकर अबरार के बिलकिसगंज स्थित संभावित ठिकाने पर जा रही थी तभी रातीबड़ थाना क्षेत्र के सरवर गांव के पास फरहान ने सब-इंस्पेक्टर की रिवॉल्वर छीनकर भागने की कोशिश की थी. इसी दौरान गोली चलने से फरहान घायल हो गया था, जिसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. सब-इंस्पेक्टर ने खुद पर हमला होने की एफआईआर दर्ज कराई वहीं अब मौके पर मौजूद सब-इंस्पेक्टर ने खुद पर हमला होने की एफआईआर दर्ज कराई है, क्योंकि आरोपी फरहान ने ऑन ड्यूटी सब इंस्पेक्टर से रिवॉल्वर छीनी थी और इस दौरान फायर भी हुआ था. वहीं सब-इंस्पेक्टर को भी चोट आई है जिसके बाद रातीबड़ थाने में फरहान के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है. बता दें कि दुष्कर्म कर ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने अब तक 5 एफआईआर दर्ज की है और सभी में फरहान का नाम शामिल है. फिलहाल फरहान का हमीदिया अस्पताल में इलाज चल रहा है. फरहान ने कहा, किए का कोई पछतावा नहीं, सवाब का काम किया बता दें कि गिरोह के मास्टरमाइंड फरहान ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला बयान दिया है. उसने कहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है, बल्कि उसने 'सवाब' का काम किया है. भोपाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आजतक से बातचीत में बताया कि इस मामले में अब तक 5 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और हर केस में फरहान का नाम सामने आया है. अधिकारी के मुताबिक, हिंदू युवतियों को गिरोह बनाकर शिकार बनाने वाले इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड फरहान ही है. फरहान के बयान से पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए.   recent visitors 43

आबकारी विभाग में वसूली करने वाला अधिकारी बना ‘अपराधी ,ईडी की जांच में हुआ खुलासा

The excise department’s recovery officer became a ‘criminal’, revealed in ED investigation भोपाल ! मध्य प्रदेश के आबकारी विभाग में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में पता चला है कि जिस अधिकारी ने 2015 के 38 करोड़ रुपये के फर्जी चालान घोटाले में से 23 करोड़ रुपये की वसूली विभाग को कराई थी, उसी को विभाग ने ‘अपराधी’ घोषित कर दिया है। वहीं, पिछले 10 सालों में विभाग का कोई अन्य अधिकारी 23 रुपये भी वसूल नहीं कर सका है.साल 2015 में उजागर हुए फर्जी चालान घोटाले में शराब ठेकेदार बैंक और ट्रेजरी के साथ-साथ विभाग को 10 हजार रुपये का चालान जमा करते थे, लेकिन उसमें दो-तीन शून्य बढ़ाकर लाखों रुपये दिखाते थे। इस गोरखधंधे में बैंककर्मी, आबकारी विभाग के बाबू और ट्रेजरी अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई थी.तत्कालीन आबकारी अधिकारी संजीव दुबे ने इस घोटाले का खुलासा करते हुए 11 ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी और उनसे 23 करोड़ रुपये की वसूली कर सरकारी खजाने में जमा कराए थे। लेकिन अब उसी अधिकारी को विभाग ने दोषी ठहराते हुए इंदौर से हटाकर मुख्यालय में अटैच कर दिया है। जबकि इस दौरान पदस्थ रहे अन्य अकाउंटेंट, एडीओ सहित कई अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई है.ईडी की हालिया छापेमारी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी को बड़ी संख्या में शराब ठेकेदारों द्वारा नकद रकम जमा कराने के सबूत मिले हैं। इस पूरे मामले में कई आबकारी अधिकारियों और शराब ठेकेदारों की संदिग्ध भूमिका भी सामने आई है। दिलचस्प बात यह है कि जिस संजीव दुबे को विभाग ने दोषी माना, उसके खिलाफ ईडी को कोई भी सबूत नहीं मिला, क्योंकि उन्होंने तो घोटाले का पता चलने पर तुरंत वसूली कर विभाग के खाते में जमा कराई थी। वहीं, इंदौर में लंबे समय तक पदस्थ रहे अन्य कई अधिकारी विभाग के खाते में एक रुपया भी जमा नहीं करा सके, जिससे शराब ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच सांठगांठ की आशंका गहरा गई है. recent visitors 87

19 साल की मॉडल का सुखप्रीत कौर का शव कमरे में लटका हुआ मिला

अहमदाबाद/सूरत गुजरात की डायमंड सिटी सूरत में दुखद घटना सामने आई है। शनिवार को 19 साल की मॉडल का सुखप्रीत कौर का शव कमरे में लटका हुआ मिला। यह मॉडल चार दिन पहले ही सूरत पहुंची थी। मध्य प्रदेश की रहने वाली मॉडल अपनी तीन सहेलियों के साथ एक कमरे में रह रही थी। ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है शुक्रवार को जब वह रूम में अकेली थी, तो उसने पंखे से दुपट्टा बांधकर सुसाइड कर लिया। पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसके चलते मॉडल ने आत्महत्या का कदम क्यों उठाया इसका खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने मॉडल के मोबाइल को कब्जे में लिया है। इसके अलावा साथ में रहने वाली लड़कियों से भी पूछताछ की है। कमरे में लटकी मिली मॉडल पुलिस के अनुसार मध्य प्रदेश की रहने वाली सुखप्रीत लखविंदर सिंह कौर तीन अन्य लड़कियों के साथ सरोली कुंभारिया गांव स्थित सारथी रेजीडेंसी में रहती थी। वह मॉडलिंग का काम करने के लिए चार दिन पहले ही सूरत पहुंची थी। शनिवार को मॉडल का शव कमरे में लटका मिला। घटना का खुलासा तब हुआ साथ में रहने वाली लड़की कमरे पर पहुंची। उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इसके बाद सारोली पुलिस ने मृतक शव को पोस्टमार्टम के लिए स्मीमेर अस्पताल भेजा है। पुलिस को अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने परिवार को सूचना दी है। हर समस्या का है हलमन में सुसाइड का ख्याल आए तो मनोचिकित्सक से बात करके आप अपनी समस्या का हल खोज सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 है, जहां आप 24X7 संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा और भी कई हेल्पलाइन नंबर्स हैं जहां आप संपर्क कर सकते हैं। सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन- 1800-599-0019 (13 भाषाओं में है) इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यमून बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज-9868396824, 9868396841, 011-22574820 हितगुज हेल्पलाइन, मुंबई- 022- 24131212 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस-080 – 26995000 recent visitors 19

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए नामांकन प्रस्ताव 31जुलाई तक

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) 2025 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। नामांकन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 18 वर्ष से कम आयु (31 जुलाई 2025 तक) के उन युवाओं को सम्मानित करता है, जिन्होंने निम्नलिखित 6 श्रेणियों में उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है, जैसे-बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला और संस्कृति, तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, सभी नामांकन आधिकारिक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन प्रस्तुत किए जाने हैं। नामांकन 5 से 18 वर्ष (31 जुलाई 2025 तक) की आयु के बच्चों के लिए खुला है। कोई भी व्यक्ति या संस्था असाधारण उपलब्धियों वाले बच्चों को पीएमआरबीपी के लिए नामांकित कर सकती है। बच्चे स्व-नामांकन के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं । अधिक जानकारी और नामांकन के लिए पोर्टल (https://awards.gov.in) को विजिट करें। आवेदन करने के लिए, आवेदकों को पहले अपना नाम, अंतिम नाम, जन्म तिथि, आवेदक का प्रकार (व्यक्तिगत/संगठन), मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आधार नंबर आदि जैसे विवरण और कैप्चा सत्यापन करके पोर्टल पर पंजीकरण या लॉग इन करना होगा। पंजीकरण के पश्चात्, उन्हें चल रहे नामांकन अनुभाग के अंतर्गत “प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025” का चयन करना चाहिए और “नामांकन/अभी आवेदन करें” पर क्लिक करना चाहिए। इसके पश्चात् आवेदकों को संबंधित पुरस्कार श्रेणी चुननी चाहिए और यह इंगित करना चाहिए कि नामांकन उनके लिए है या किसी और के लिए। आपको बता दें, आवेदन पत्र में नामिति का विवरण, उपलब्धि और उसके प्रभाव का वर्णन करने वाला एक संक्षिप्त विवरण (अधिकतम 500 शब्द) और सहायक दस्तावेज (पीडीएफ प्रारूप, अधिकतम 10 अनुलग्नक) और एक हालिया फोटो (जेपीजी/जेपीईजी/पीएनजी प्रारूप में) अपलोड करना है। आवेदनों को ड्राफ्ट के रूप में सहेजा जा सकता है और अंतिम रूप से प्रस्तुत करने से पहले संपादित किया जा सकता है। समीक्षा और प्रस्तुत करने के बाद, आवेदन की एक डाउनलोड करने योग्य प्रति संदर्भ के लिए उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में भारत के युवाओं की उपलब्धियों की सराहना करना और उन्हें बढ़ावा देना, वास्तविक जीवन के आदर्शों को प्रदर्शित करके देश भर के साथियों को प्रेरित करना और बच्चों के समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देना है।   recent visitors 27

भारत ने आज पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए, सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं पर लगाई रोक

नई दिल्ली भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पाकिस्तान से आने वाली सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं के आदान-प्रदान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निर्णय हवाई और जमीनी दोनों मार्गों के लिए लागू होगा। भारत ने आज पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए हैं जिनमें सभी प्रकार के आयात पर पूर्ण रोक और पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों का भारतीय बंदरगाहों पर प्रवेश बैन कर दिया गया है। अब डाक विभाग द्वारा जारी एक सार्वजनिक नोटिस में कहा गया है, "भारत सरकार ने हवाई और जमीनी मार्गों के माध्यम से पाकिस्तान से आने वाले सभी श्रेणियों के मेल और पार्सल के आदान-प्रदान को निलंबित करने का फैसला लिया है।" पाकिस्तान के साथ डाक सेवाओं का इतिहास भारत और पाकिस्तान के बीच डाक सेवाओं का आदान-प्रदान लंबे समय से सीमित स्तर पर जारी था। हालांकि, अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने कुछ समय के लिए डाक सेवाओं को निलंबित कर दिया था, जो बाद में तीन महीने बाद बहाल हो गई थीं। लेकिन अब, भारत सरकार ने मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सभी डाक और पार्सल सेवाओं को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है। प्रभाव और संभावित परिणाम इस निलंबन से दोनों देशों के बीच पत्राचार, व्यापारिक डाक, और व्यक्तिगत पार्सलों का आदान-प्रदान पूरी तरह से ठप हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे अधिक प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जो दोनों देशों के बीच पारिवारिक या व्यापारिक पत्राचार पर निर्भर हैं। इसके अलावा, यह कदम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि भारत से आयात होने वाले कुछ सामानों का परिवहन डाक सेवाओं के माध्यम से होता था। भारत ने पाकिस्तान से प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष आयात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया इससे पहले आज ही भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। एक सरकारी आदेश में यह जानकारी दी गई। इस निर्णय से पाकिस्तान से भारत में माल की सभी आवक पूरी तरह से रुक जाएगी। भारत का पाकिस्तान को पिछले साल अप्रैल से इस साल जनवरी तक निर्यात 44.76 करोड़ डॉलर था, जबकि आयात मात्र 4.2 लाख डॉलर था। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने दो मई को एक अधिसूचना में कहा कि “इस संबंध में विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 में एक प्रावधान जोड़ा गया है, जिसके तहत अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान में बने या वहां से निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन पर रोक लगाई जाएगी।” इसमें कहा गया कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है। आदेश में कहा गया कि इस प्रतिबंध के किसी भी अपवाद के लिए भारत सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होगी। एफटीपी में ‘पाकिस्तान से आयात पर प्रतिबंध’ शीर्षक के तहत प्रावधान डालते हुए इसमें कहा गया है, “पाकिस्तान से आयात या निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हो या अन्यथा अनुमति प्राप्त हो, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा।” अप्रैल-जनवरी 2024-25 के दौरान पड़ोसी देश से मुख्य आयात में फल और मेवे (80 हजार डॉलर), कुछ तिलहन और औषधीय पौधे (2.6 लाख डॉलर) और जैविक रसायन शामिल थे। यह निर्णय 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद लिया गया है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। पाकिस्तान के ध्वज वाले जहाजों के बंदरगाह में प्रवेश पर रोक भारत ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान के ध्वज वाले जहाजों को भारत में किसी भी बंदरगाह में प्रवेश पर रोक लगाने के निर्णय की घोषणा की। यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार की ओर से शनिवार को जारी एक आधिकारिक निर्देश के अनुसार, पाकिस्तान के झंडे वाले किसी भी जहाज को भारतीय बंदरगाहों पर जाने से रोक दिया गया है, जबकि भारतीय झंडे वाले जहाजों को भी पाकिस्तान के बंदरगाहों पर ठहरने से रोक दिया गया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि यह आदेश ‘सार्वजनिक हित में और भारतीय जहाजरानी के हित में भारतीय संपत्तियों, कार्गो और संबंधित बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए’ लागू किया गया है। यह निर्देश तुरंत प्रभावी हो गया है और अगली सूचना तक लागू रहेगा। पाकिस्तान पर भारत का ताबड़तोड़ ऐक्शन आतंकी हमले के बाद भारत ने कई कदम उठाए, जिसमें अटारी सीमा चौकी को तत्काल बंद करना शामिल है, जिसका इस्तेमाल कुछ खास तरह के सामानों की आवाजाही के लिए किया जाता है। इसके अलावा भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करने और 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की है।इसके कारण भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार पहले ही पूरी तरह से ठप्प हो चुका है। साल 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों पक्षों द्वारा उठाए गए कदमों के बाद दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापार नगण्य हो गया था।   recent visitors 37

देश के सरकारी बैंक में है खाता तो ध्यान दें! फिर हुई FD Interest रेट में कटौती, जानें अब कितना मिलेगा ब्याज

नई दिल्ली  पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने फिर से अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बदलाव किया है। यह बदलाव 3 करोड़ रुपये से कम की एफडी पर किया गया है। बैंक ने अप्रैल 2025 में भी ऐसा ही बदलाव किया था। इस बार, बैंक ने कुछ खास समय वाली एफडी पर ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट्स तक घटा दिया है। नई दरें 1 मई, 2025 से लागू हो गई हैं। ब्याज दरों में बदलाव के बाद पंजाब नेशनल बैंक आम नागरिकों को 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की एफडी पर 3.50% से 7.10% तक ब्याज दे रहा है। सबसे ज्यादा ब्याज दर 390 दिनों की एफडी पर मिल रही है। यह 7.10% है। किसके लिए कितनी दर? पीएनबी ने आम नागरिकों के लिए 3 करोड़ रुपये से कम की जमा पर ब्याज दरें कम की गई हैं। 180 से 270 दिनों की एफडी पर ब्याज दर 6.25% से घटाकर 6% कर दी गई है। इसी तरह, 271 से 299 दिनों की एफडी पर ब्याज दर 6.5% से घटाकर 6.25% कर दी गई है। 303 दिनों की FD पर ब्याज दर 6.4% से घटाकर 6.15% कर दी गई है। 304 दिनों से लेकर 1 साल से कम की FD पर ब्याज दर अब 6.5% की जगह 6.25% होगी। 1 साल की FD पर ब्याज दर 6.8% से घटाकर 6.7% कर दी गई है। सीनियर सिटिजंस के दर 60 साल से ऊपर और 80 साल से कम उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल तक की एफडी पर 50 बेसिस पॉइंट्स ज्यादा ब्याज मिलेगा। 5 साल से ज्यादा की एफडी पर उन्हें 80 बेसिस पॉइंट ज्यादा ब्याज मिलेगा। यह नियम 3 करोड़ रुपये से कम की जमा पर लागू होगा। वरिष्ठ नागरिकों को अब 4.00% से 7.60% तक ब्याज मिलेगा। वहीं 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के सुपर सीनियर नागरिकों को सभी तरह की एफडी पर 80 बेसिस पॉइंट ज्यादा ब्याज मिलेगा। बदलाव के बाद, सुपर सीनियर नागरिकों को 4.30% से 7.90% तक ब्याज मिलेगा। इस बैंक ने भी किया बदलाव बंधन बैंक ने भी 3 करोड़ रुपये से कम की FD पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। अब यह बैंक आम नागरिकों को 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की FD पर 3% से 7.75% तक ब्याज देगा। वरिष्ठ नागरिकों को 3.75% से 8.25% तक ब्याज मिलेगा। सबसे ज्यादा ब्याज दर, जो कि 7.75% और 8.25% है, 1 साल की एफडी पर मिल रही है। नई दरें 1 मई, 2025 से लागू हो गई हैं। recent visitors 32

सूअरों से फलस की रक्षा के लिए खेत में गया था किसान, बाघ का बना शिकार

बालाघाट  वन परिक्षेत्र कटंगी के गोरेघाट सर्किल में एक किसान अपने खेत में बनी झोपडी में बैठा था। इसी दौरान शनिवार की अलसुबह साढ़े चार से पांच बजे के बीच बाघ ने किसान को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद से किसानों और पूरे गांव में दहशत बनी है। जानकारी के अनुसार, गांव गोरेघाट जंगल से लगा है। इस गांव के किसानों ने खेतों में रबी की फसल लगाई है। फसल को खाने जंगली सूअर रोजाना खेत में आ जाते हैं। इस वजह से किसान उन्हें भागने के लिए फटाखे फोड़ते है। पटाखे फोड़कर झोपड़ी में जाकर बैठ गया था ग्राम गोरेघाट निवासी किसान प्रकाश पिता तुकाराम पाने (58 वर्ष) ने रात तीन बजे जंगली सूअर को भागने के लिए पटाखे फोड़े और खेत की झोपड़ी में जाकर बैठ गया। सुबह होने पर वो घर नहीं पहुंचा, तो उसका पुत्र खेत में झोपडी तरफ जाकर देखा, लेकिन नहीं दिखाई दिया। आवाज लगाई, पर पता नहीं चलने पर झोपडी के आगे एक बंधी में बाघ उसके पिता को खाते दिखा। बाघ को देख वो उल्टे पर गांव में लौट आया और परिजन सहित आसपास में जानकारी दी। तभी सभी लोग मौके पर गए और बाघ को भगाने के लिए शोर मचाने लगे। बाघ ने किसान के शरीर के आधे पैर को खा लिया। जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई, लेकिन वन विभाग 11 बजे तक मौके पर नहीं पहुंच पाया। 15 दिन से बाघ का मूवमेंट किसानों में बताया कि गोरेघाट से समीप में जंगल लगा है। बाघ 15 दिनों से खेत में विचरण कर रहा है। इसके एक सप्ताह पहले भी खेत में बैठे एक किसान ने इस बाघ को नजदीक से देखा था। उस समय गनीमत रही कि बाघ सोया था, नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी। बताया गया कि इतने दिनों में ग्राम गोरेघाट में बाघ ने पांच बकरियों का शिकार किया है। वन विभाग को मिली सूचना     गोरेघाट में एक किसान का बाघ ने शिकार किया है। इसकी सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हमारा दल मौके पर पहुंच रहा है। मौके पहुंचने के बाद आगे की जांच की जाएगी। – बाबूलाल चढ़ार, वन परिक्षेत्र अधिकारी कटंगी।   recent visitors 54