CSK को हराकर भी आज नहीं मिलेगा प्लेऑफ का टिकट, RCB के लिए 16 पॉइंट्स भी काफी नहीं

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस चेन्नई सुपर किंग्स IPL 2025 का 52वां मैच आज यानी शनिवार, 3 मई को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है। टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी सीएसके के पास अब गंवाने के लिए कुछ नहीं है, ऐसे में उनकी नजरें बचे मैचों में बाकी टीमों का समीकरण खराब करने पर होगी। इस लिस्ट में आरसीबी उनकी पहली शिकार बन सकती है। वहीं बेंगलुरु की नजरें चेन्नई सुपर किंग्स को मात देकर 16 पॉइंट्स तक पहुंचने पर होगी, हालांकि 16 अंक हासिल करने के बाद भी आरसीबी को आज प्लेऑफ का टिकट नहीं मिलेगा। जी हां, आईए जानते हैं इसके पीछे का कारण- RCB को 16 अंकों के बावजूद क्यों नहीं मिलेगा प्लेऑफ का टिकट? रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम फिलहाल 10 मैचों में 7 जीत के साथ पॉइंट्स टेबल में तीसरे पायदान पर है। आगर आज आरसीबी सीएसके को हराती है तो वह पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 बन जाएगी और उनके खाते में 16 अंक हो जाएंगे। 16 अंकों के बावजूद आरसीबी को प्लेऑफ का टिकट इसलिए नहीं मिलेगा क्योंकि अभी भी उनके अलावा 6 टीमें ऐसी हैं जो 16 या उससे अधिक अंक हासिल कर सकती है। यही वजह है आरसीबी को 16 पॉइंट्स होने के बावजूद आज प्लेऑफ का टिकट नहीं मिलेगा। किसी भी टीम के आगे क्वालीफाई का मार्क तब तक नहीं लगेगा जब तक एक तय अंक तक लीग स्टेज में शामिल 10 में से ज्यादा से ज्यादा 4 टीमें ना पहुंच पाए। उदहारण के लिए- लीग स्टेज में फिलहाल 7 टीमें ऐसी हैं जो 17 या उससे अधिक अंक हासिल कर सकती है। वहीं 5 टीमें ऐसी है जो 20 या उससे अधिक अंक हासिल कर सकती है। जो टीम 20 पॉइंट्स तक सबसे पहले पहुंचेगी और उनका नेट रन रेट बाकी चार टीमों से बेहतर होगा तो उसे प्लेऑफ का टिकट मिल जाएगा। recent visitors 44

आतंकी हमले में मारे गए हिंदूओं की आत्मा की शांति हेतु तर्पण, मुंडन और सामूहिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

ओंकारेश्वर  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मृत श्रद्धालुओं को हिंदू महासभा ने ओंकारेश्वर गौमुख घाट पर तर्पण, मुंडन करवाकर सामूहिक श्रद्धांजलि दी। हिन्दू परंपरा अनुसार शोक व्यक्त कर समाज में जागरूकता और राष्ट्ररक्षा का संकल्प भी लिया गया। आयोजन हिन्दू समाज के आत्मबोध का प्रतीक आयोजन संत सौमित्रदास त्यागी बापू (प्रदेश पदाधिकारी, संत महासभा) के सानिध्य में हुआ। नर्मदा जल से तर्पण और शास्त्र विधि से मुंडन कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में हिन्दू महासभा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। त्यागी बापू ने कहा, “कश्मीर में हुई घटना केवल पीड़ा ही नहीं, चेतना का संदेश भी है। जब तक हिन्दू समाज एकजुट होकर आत्मरक्षा के लिए सजग नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेगी। यह आयोजन हिन्दू समाज के आत्मबोध का प्रतीक है। राष्ट्ररक्षा और सामाजिक संकल्प प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक प्रदीप सिंह ठाकुर ने कहा, देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ अब समय है कि समाज के भीतर फैले आतंकवाद के विरुद्ध भी सजग रहा जाए। हिन्दू महासभा समाज के प्रत्येक वर्ग की सुरक्षा व अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है। जिला संगठन मंत्री पं. जीतू दुबे ने कहा, यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि हिन्दू समाज को एकजुट कर इस्लामिक कट्टरवाद के विरुद्ध चेतना जगाने का माध्यम है। हम सरकार से भी अपेक्षा करते हैं कि देश में रह रहे अवैध घुसपैठियों पर त्वरित कार्यवाही हो। अंत में सभी उपस्थितजनों ने नर्मदा तट पर राष्ट्र और धर्म की रक्षा हेतु कार्यरत रहने का संकल्प लिया। recent visitors 32

जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने रद्द की छुट्टियां, वापस बुलाए सभी कर्मचारी, गोला-बारूद बनाने का आया है बड़ा ऑर्डर

जबलपुर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद देश में तनाव बढ़ गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश के जबलपुर की आयुध निर्माण फैक्ट्री खमरिया ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। यह फैसला तुरंत लागू हो गया है। फैक्ट्री ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि इस साल का उत्पादन लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके। फैक्ट्री को डर है कि अगर छुट्टियां दी गईं तो सेना के लिए गोला-बारूद बनाने का काम पिछड़ जाएगा। गोला बारूद बनाने का मिला बड़ा टारगेट दरअसल, OFK को इस साल गोला-बारूद बनाने का एक बड़ा टारगेट मिला है लेकिन, अप्रैल के महीने में फैक्ट्री उतना काम नहीं कर पाई जितना उसने सोचा था। इसलिए, फैक्ट्री के बड़े अधिकारियों ने यह फैसला लिया है कि सभी कर्मचारियों को बिना छुट्टी के काम करना होगा। इससे फैक्ट्री ज्यादा गोला-बारूद बना पाएगी और सेना को समय पर गोला-बारूद मिल जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी ने दी जानकारी आयुध भंडार के जनसंपर्क अधिकारी अविनाश शंकर ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'अधिकारियों और कर्मचारियों की दो दिन से अधिक की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द की गई हैं ताकि हम इस वित्तीय वर्ष का निर्धारित उत्पादन लक्ष्य हासिल कर सकें। 4000 कर्मचारी करते हैं काम खमरिया आयुध निर्माण फैक्ट्री भारतीय सेना के लिए गोला-बारूद बनाती है। इस फैक्ट्री में लगभग 4,000 कर्मचारी काम करते हैं। यह फैक्ट्री देश की सुरक्षा के लिए बहुत ही जरूरी है। यहां बनने वाला गोला-बारूद सेना को दुश्मनों से लड़ने में मदद करता है। पहलगाम हमले के बाद सरकार और सेना सावधान यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब देश की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार और सेना दोनों ही सावधान हैं। ऐसे में, गोला-बारूद की फैक्ट्री में उत्पादन बढ़ाना जरूरी है ताकि सेना को किसी भी हालत से निपटने के लिए तैयार रखा जा सके। recent visitors 39

गावस्कर का मानना है कि पाकिस्तान का एशिया कप में भी हुक्का-पानी बंद होगा, खतरे में ACC, भारत का कड़ा प्रहार

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में गम और गुस्सा है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं। वहीं, भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने एक बड़ी भविष्यवाणी की है। गावस्कर का मानना है कि पाकिस्तान का एशिया कप में भी हुक्का-पानी बंद होगा। उन्होंने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एससीसी) के भविष्य को भी खतरे में करार दिया। उन्होंने कहा कि ना सिर्फ पाकिस्तान को एशिया कप से बाहर किया जा सकता है बल्कि एससीसी को भी भंग किया जा सकता है। बता दें कि एशिया कप 2025 की मेजबानी भारत के पास है, जिसका आयोजन टी20 फॉर्मेट में होना है। 'बीसीसीआई का रुख वही रहा…' गावस्कर ने स्पोर्ट्स टुडे से कहा, "भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) का रुख हमेशा से वही रहा है, जो भारत सरकार उन्हें करने के लिए कहती है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि एशिया कप के मामले में इसमें कोई बदलाव होगा। एशिया कप के इस संस्करण के लिए भारत और श्रीलंका मेजबान हैं, इसलिए यह इस बात पर निर्भर करता है कि क्या चीजें बिल्कुल बदली हैं? लेकिन अगर चीजें नहीं बदली हैं तो मैं पाकिस्तान को अब एशिया कप का हिस्सा बनते नहीं देखता, जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका करने जा रहे हैं।" शिया कप का आयोजन सितंबर 2025 में प्रस्तावित है। 'केवल तीन-चार देशों का टूर्नामेंट' उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि यह कैसे होगा। हो सकता है कि एशियन क्रिकेट काउंसिल को भंग कर दिया जाए और केवल तीन देशों या चार देशों का टूर्नामेंट हो सकता है, जिसमें हांगकांग या यूएई को आमंत्रित किया जा सकता है। एसीसी को भंग किया जा सकता है। लेकिन मुझे लगता है कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि अगले कुछ महीनों में क्या होता है।" इस साल की शुरुआत में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान का दौरा नहीं किया था और अपने सभी मैच दुबई में खेले थे, जिसमें फाइनल भी शामिल था। भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था। 'अगर दो देश लड़ रहे हैं तो…' पूर्व कप्तान ने कहा, "ऐसा हो सकता है कि भारत एसीसी से बाहर निकलने का फैसला ले ले। हम कह सकते हैं कि हम बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान में 4 देशों का टूर्नामेंट या 5 देशों का टूर्नामेंट आयोजित करने जा रहे हैं। ऐसा हो सकता है टूर्नामेंट बांग्लादेश या श्रीलंका में आयोजित जाए लेकिन जाहिर है कि भारत भारत इसकी मेजबानी करेगा।" उन्होंने कहा, "जो कुछ हो रहा है, उसके मद्देनजर मुझे बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं होगा अगर एसीसी को भंग कर दिया जाए। मेरा मतलब है कि अगर दो देश एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं तो एक-दूसरे के साथ खेल खेलना थोड़ा मुश्किल है।" recent visitors 46

विवादों में घिरीं डॉ. अरुणा कुमार बनी डीएमई, जूडा ने सीएम यादव को पत्र लिखकर नियुक्ति आदेश निरस्त करने की मांग

 भोपाल  डॉ. अरुणा कुमार को डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन (DME) बनाए जाने के फैसले ने एक बार फिर नया विवाद खड़ा कर दिया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) और मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमटीए) ने इस नियुक्ति का विरोध करते हुए सरकार को 24 घंटे में आदेश निरस्त करने की चेतावनी दी है। दोनों संगठनों ने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी है। साथ ही सीएम डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर उनकी नियुक्ति आदेश निरस्त करने की मांग की है। डॉ. अरुणा पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने औऱ गाली गलौज करने आरोप लगे हैं। डॉ अरुणा कुमार का विवादों से पुराना नाता रहा है , दो बार उन्हें गांधी मेडिकल कॉलेज के गायनी डिपार्टमेंट के HOD पद से हटना भी पड़ा था। वहीं एक बार उन्हें डीन पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। डॉ अरुणा कुमार को हटवाने के लिए मेडिकल टीचर्स डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला से भी मुलाकात कर चुके हैं। बीते सालों डॉ. अरुणा कुमार के कार्यकाल में एक महिला जूनियर डॉक्टर ने आत्महत्या की थी और आरोप लगाया था कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आज डॉ अरुणा कुमार को पदस्थ करने के विरोध में गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के सभी चिकित्सक, जूनियर डॉक्टर्स आज दोपहर हमीदिया अस्पताल मर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस वजह से हटी थी डॉ अरुणा 31 जुलाई 2023 को गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की थर्ड ईयर पीजी स्टूडेंट बाला सरस्वती ने आत्महत्या कर ली थी। 27 वर्षीय मेडिकल स्टूडेंट ने एनेस्थीसिया इंजेक्शन का ओवरडोज लेकर जान दी थी। घटना के बाद जीएमसी परिसर में हड़कंप मच गया था। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) ने इस आत्महत्या के लिए डॉ. अरुणा कुमार को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हड़ताल पर चले गए थे। संगठन ने आरोप लगाया था कि छात्रा को थीसिस सबमिशन को लेकर लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। जिसके बाद डॉ. अरुणा कुमार को जीएमसी से हटाकर डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) में स्थानांतरित कर दिया था, जहां से वे अब तक कार्यरत थीं। अब उसी डायरेक्टोरेट में उन्हें डायरेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है, जिससे एक बार फिर विरोध हो रहा है। recent visitors 41

पिपरिया के 15 किसानों ने खेतों में नरवाई जलाई, प्रशासन ने सख्त,लगाया जुर्माना, दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू

उमरिया जिले के मानपुर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिपरिया के 15 किसानों द्वारा खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जुर्माना लगाने के साथ ही अब दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रकरण में जिला कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को पहले ही आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया था, जिसके बाद अब प्रशासन एफआईआर की कार्रवाई की ओर बढ़ गया है। शुक्रवार को तहसीलदार बरबसपुर सर्किल ने कोतवाली थाना उमरिया को पत्र सौंपते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 2023 की 223 के अंतर्गत दोषी किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई करने का आवेदन प्रस्तुत किया। जारी पत्र में सभी 15 किसानों के नाम स्पष्ट रूप से उल्लिखित हैं, जिनके विरुद्ध यह कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। बताया जा रहा है कि यह कदम किसानों को भविष्य में इस प्रकार के पर्यावरण विरोधी कृत्य से रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि खेतों में नरवाई जलाने से वातावरण में अत्यधिक प्रदूषण फैलता है, जिससे न केवल हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। इसके साथ ही भूमि की उर्वरता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। शासन द्वारा लगातार नरवाई न जलाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, बावजूद इसके कई क्षेत्रों में किसान इस निर्देश की अनदेखी कर रहे हैं। इस बीच, बांधवगढ़ तहसील के ग्राम महरोई में भी नरवाई जलाने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तीन किसानों पर कुल साढ़े सात हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन द्वारा शुक्रवार की शाम जारी आदेश के अनुसार इन किसानों में केशरी पिता जग्गू लोहार, टीकाराम पिता कामता विश्वकर्मा और पुरुषोत्तम पिता उदयभान राठौर शामिल हैं। सभी पर ₹2500-₹2500 का आर्थिक दंड लगाया गया है। प्रशासन की इस सख्ती से क्षेत्र के अन्य किसानों में भी हड़कंप की स्थिति है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि यह कार्रवाई आगे चलकर एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी, जिससे अन्य किसान पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे। जिला प्रशासन ने एक बार फिर अपील की है कि किसान नरवाई जलाने से बचें और वैकल्पिक उपायों को अपनाएं, जिससे खेत की उपजाऊ क्षमता बनी रहे और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।   recent visitors 26

गोवा : लइराई देवी मंदिर में मची भगदड़, 7 की मौत, 40 से ज्यादा घायल, CM प्रमोद सावंत ने लिया हालात का जायजा

पणजी  गोवा के प्रसिद्ध लइराई देवी मंदिर में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब पारंपरिक ‘शिरगांव जात्रा’ के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई। भगदड़ में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। इस घटना में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। नॉर्थ गोवा के पुलिस अधीक्षक अक्षत कौशल ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि भगदड़ के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि हर साल की तरह इस बार भी भारी संख्या में श्रद्धालु ‘शिरगांव जात्रा’ में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत खुद मौके पर पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। बता दें कि गोवा के श्रीगांव को लेकर कई कहनियां प्रचलित हैं। लइराई देवी का मंदिर होने की वजह से यहां पर शराब और अंडा तक प्रतिबंधित है। कोई किसी जानवर की हत्या नहीं कर सकता। इस गांव में घोड़े भी प्रवेश नहीं कर सकते। बड़ी संख्या में लोग लइराई देवी के दर्शन करने पहुंचते हैं। लइराई देवी की पूजा मुख्य रूप से गोवा में की जाती है। यहां हर साल आयोजित होने वाले जात्रा को को शिरगांव जात्रा के नाम से भी जाना जाता है। यह जात्रा चैत्र मास में कई दिनों तक चलती है। इसमें लोग दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं। भक्त एक पवित्र झील में स्नान करते हैं। इससे पहले लोग व्रत और पूजा करते हैं। मंदिर से देवी की भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है। शिरगांव और लइराई देवी की मान्यता – लइराई देवी का मंदिर गोवा के श्रीगांव में स्थित है, जो अपनी पवित्रता और धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां शराब, अंडा और किसी भी जानवर की हत्या पर सख्त प्रतिबंध है। यहां तक कि घोड़ों का प्रवेश भी निषिद्ध है। ‘शिरगांव जात्रा’ चैत्र मास में आयोजित होती है और यह कई दिनों तक चलती है। इस आयोजन में श्रद्धालु दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं और एक पवित्र झील में स्नान करते हैं। इस दौरान व्रत, पूजा और देवी की भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाती है। recent visitors 25