भारत ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे 26/11 के मुंबई हमलों से भी खराब करार दिया..

न्यूयॉर्क  भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक खास मौके पर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे को उठाया. घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे 26/11 के मुंबई हमलों से भी खराब करार दिया. संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद पीड़ित संघ नेटवर्क (वोटन) के शुभारंभ के अवसर पर भारत का पक्ष रखते देश की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने कहा, 'पहलगाम आतंकवादी हमला 2008 में हुए 26/11 मुंबई हमलों के बाद सबसे क्रुर हमला है. उन्होंने कहा कि दशकों से सीमापार आतंकवाद का शिकार होने के कारण भारत इस बात को अच्छी तरह समझता है कि ऐसे कृत्यों का पीड़ितों, उनके परिवारों और समाज पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत, जिसका सीमापार आतंकवाद का सामना करने का इतिहास रहा है, यह समझता है कि ऐसे कृत्य समय के साथ समाज पर गहरा प्रभाव डालते हैं. राजदूत पटेल ने पहलगाम हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा दिखाए गए मजबूत और स्पष्ट समर्थन की भी सराहना की. उन्होंने कहा, 'जम्मू- कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर दुनिया भर के नेताओं और सरकारों द्वारा दिए गए मजबूत, स्पष्ट समर्थन और एकजुटता की गहराई से सराहना करता है और उसे महत्व देता है. यह आतंकवाद के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शून्य सहिष्णुता का प्रमाण है.' उन्होंने कहा कि सामूहिक निंदा और एकजुटता इस बढ़ती वैश्विक सहमति को प्रतिबिंबित करती है कि आतंकवाद का सामना दृढ़ संकल्प और एकता के साथ किया जाना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय दायित्वों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए पटेल ने आतंकवाद विरोधी प्रयासों में जवाबदेही के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, 'जैसा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अपने बयान में कहा है, आतंकवाद के निंदनीय कृत्यों के अपराधियों, आयोजकों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए.' आतंकवाद के परिणामों की सार्वभौमिकता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, 'आतंकवादी कृत्य आपराधिक और अनुचित हैं, चाहे उनका उद्देश्य कुछ भी हो, वे कहीं भी, कभी भी और किसी के द्वारा भी किए गए हों.' पटेल ने भारत के इस दृढ़ रुख को दोहराया कि किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता तथा न्याय एवं निवारण के लिए व्यापक जवाबदेही आवश्यक है. पीड़ित-केंद्रित पहलों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, पटेल ने आतंकवाद के पीड़ितों के लिए एसोसिएशन की स्थापना का स्वागत किया. कहा कि यह पीड़ितों की सुनवाई और समर्थन के लिए एक संरचित, सुरक्षित स्थान बनाएगा. वैश्विक आतंकवाद-रोधी रणनीतियों के केंद्र में पीड़ितों को रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, 'भारत का मानना ​​है कि आतंकवाद के प्रति वैश्विक प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए वोटान जैसी पहल आवश्यक है. साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित हमारे सामूहिक प्रयासों के केंद्र में रहें.' recent visitors 52

राइट टू एजुकेशन के तहत गुजरात के प्राइवेट स्कूलों में पहले चरण में 86 हजार बच्चों को मिला प्रवेश, प्रक्रिया हुई पूरी

अहमदाबाद गुजरात में शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए राइट टू एजुकेशन (RTE) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने की प्रक्रिया के पहले चरण में 86,274 बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला मिला है. यह दाखिले राज्य की कुल 9,741 प्राइवेट स्कूलों में आरक्षित 93,860 सीटों में से हुए हैं. RTE कानून के अनुसार, राज्य की मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को अपनी पहली कक्षा की कुल सीटों में से 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) और वंचित वर्गों (DG) के बच्चों के लिए आरक्षित रखनी होती हैं. गुजरात सरकार इस आरक्षण के तहत चयनित बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करती है. 2.38 लाख से अधिक छात्रों ने किए थे आवेदन इस वर्ष राज्य भर से RTE के तहत 2,38,916 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे. दस्तावेजों की जांच के बाद 1,75,685 आवेदन स्वीकृत किए गए.  13,761 आवेदन गलत या अधूरे दस्तावेजों के कारण रद्द कर दिए गए हैं. वहीं, 49,470 आवेदन अभिभावकों ने स्वयं रद्द कर दिए. नियमों के मुताबिक, अभिभावकों को आवेदन के समय अपने घर से 6 किलोमीटर की परिधि में स्थित स्कूलों को ही प्राथमिकता देनी होती है. इसी आधार पर पहले राउंड में सीटों का आवंटन किया गया है. पहले चरण में खाली रहीं 7,586 सीटें पहले चरण में कुल 86,274 बच्चों को प्रवेश मिला, लेकिन 7,586 सीटें अभिभावकों द्वारा पसंद नहीं की जाने के कारण खाली रह गईं. इन खाली सीटों को अगले चरण में भरा जाएगा. प्रवेश की पुष्टि की अंतिम तिथि 8 मई पहले चरण में चयनित बच्चों के अभिभावकों को SMS के माध्यम से जानकारी भेजी गई है. उन्हें 8 मई, गुरुवार तक संबंधित स्कूल में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित करना होगा. पहले राउंड की प्रक्रिया के बाद, बची हुई सीटों के लिए दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, जिसकी जानकारी RTE गुजरात की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से दी जाएगी. गुजरात के 9,741 निजी स्कूलों में विभिन्न भाषाओं में शिक्षा दी जाती है, जिनमें शामिल हैं:   – गुजराती माध्यम की स्कूलें: 5,725   – अंग्रेजी माध्यम: 3,553   – हिंदी माध्यम: 408   – मराठी: 35   – उड़िया: 13   – उर्दू: 7 इस वर्ष RTE के पहले चरण में जिन बच्चों को प्राथमिकता दी गई, वे निम्नलिखित श्रेणियों से थे:   – सरकारी आंगनवाड़ी में पढ़ने वाले बच्चे (32,267 विद्यार्थी)   – अनाथ एवं संरक्षण की जरूरत वाले बच्चे   – प्रवासी मज़दूरों के बच्चे   – शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चे   – शहीद जवानों के बच्चे   – एकमात्र बेटी वाली संतान   – BPL, SC/ST, SEBC, OBC और सामान्य वर्ग के पात्र बच्चे   recent visitors 27

फिजिकल हेल्थ: गर्मी और दिल की बीमारियां – क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा और कैसे करें बचाव

Physical Health: Heat and heart diseases – why the risk of heart attack is increasing and how to prevent it हेल्थ डेस्क: Physical Health of heart attack जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, दिल की बीमारियों का खतरा भी उसी रफ्तार से बढ़ रहा है। हीटवेव और पॉल्यूशन अब सिर्फ पर्यावरण की समस्या नहीं, बल्कि दिल की सेहत के लिए सीधा खतरा बन गए हैं। खासकर बुजुर्ग, हृदय रोगी और खुले में काम करने वाले लोग इस खतरे के दायरे में सबसे पहले आते हैं। गर्मी में क्यों बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क? Physical Health of heart attack गर्मी के मौसम में शरीर खुद को ठंडा बनाए रखने के लिए लगातार पसीना बहाता है। इस प्रक्रिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाना पड़ता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव भी दिल को कमजोर बना सकते हैं। Read more: आंगनबाड़ियों में मशीन के सामने चेहरा दिखाने पर ही उपस्थिति मान्य होगी, पोषण आहार का वितरण किया जाएगा सबसे ज्यादा खतरे में कौन? हार्ट अटैक से बचाव के आसान उपाय: Declaration : बढ़ती गर्मी ने दिल की सेहत को नई चुनौती दी है। ऐसे में सही जानकारी और सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का पालन करें, क्योंकि मौसम अब सिर्फ बाहरी नहीं, आंतरिक स्वास्थ्य का भी मामला बन चुका है। recent visitors 114

मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक बारिश का अलर्ट, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर में 41 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है पारा

भोपाल  मध्य प्रदेश के आसमान पर छाए बादलों की वजह से कहीं पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई तो कहीं पर धूप-छांव का सिलसिला चल रहा है। हालांकि मंगलवार के बाद इन गतिविधियां में कमी आएगी और फिर से तीखी धूप सताने लगेगी। सोमवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, नर्मदापुरम, बैतूल, शहडोल, उमरिया, जबलपुर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। कहीं-कहीं तेज आंधी-तूफान के साथ ओले भी गिरे। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसमान पर छाए बादलों की वजह से धूप-छांव का खेल शाम तक चलता रहा। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया इन गतिविधियों का असर प्रदेश के तापमान पर साफ नजर आ रहा है। इससे रात के तापमान में जहां कमी आई है, वहीं सोमवार को दिन के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों के कई जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं पूर्वी क्षेत्रों के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे हैं। इधर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में गर्मी का असर तेज रह सकता है। भोपाल, इंदौर संभाग के शहरों में भी पारा 42 डिग्री के आसपास ही रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। वहीं, दो टर्फ एक्टिव है। इस वजह से सोमवार को कई जिलों में बारिश का दौर रहा। ऐसा ही मौसम मंगलवार को भी बना रहेगा। यहां गरज-चमक के साथ तेज आंधी भी चल सकती है। 1-2 मई को भी नए सिस्टम की वजह से बारिश होने के आसार है। भोपाल-इंदौर समेत 17 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार आंधी और बारिश के बीच सोमवार को मध्यप्रदेश में गर्मी का असर भी तेज रहा। ग्वालियर में पारा 44 डिग्री के पार पहुंच गया। एक ही दिन में 3.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन के साथ प्रदेश के 17 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार रहा। मौसम विभाग के अनुसार, धार में 42.9 डिग्री, नरसिंहपुर में 42.2 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री, खरगोन-गुना में 42 डिग्री, शाजापुर में 41.4 डिग्री, सागर-नौगांव में 41.1 डिग्री, दमोह, रायसेन-खजुराहो में 41 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.6 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 42 डिग्री, भोपाल में 41.2 डिग्री, इंदौर में 41.4 डिग्री, ग्वालियर में 41.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश और तेज हवा चलने के आसार मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि राजस्थान में हवा के ऊपरी हवा में चक्रवात बना हुआ है। दूसरा सिस्टम राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक एक द्रोणिका के रूप में है। इस वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने के आसार हैं। मंगलवार से प्रदेश में दिन के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।   ऐसा रहेगा अप्रैल का आखिरी सप्ताह     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक, यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। अप्रैल में ऐसा रहा अब तक का मौसम अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा। तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा रहा। कई जिलों में लू भी चली। recent visitors 41

पहलगाम हमले के बाद 48 पर्यटक स्थल किए गए बंद, सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट के बाद सरकार का फैसला

श्रीनगर पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में कई पर्यटक स्थलों को मौजूदा वक्त के लिए बंद कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश पर ये फैसला लिया है. आतंकवादी हमलों की संभावना के बारे में खुफिया चेतावनी के कारण कश्मीर में 87 में से 48 पर्यटक स्थलों को बंद किया है. सूत्रों के मुताबिक, पहलगाम हमले के बाद घाटी में कुछ स्लीपर सेल एक्टिव हो गए हैं, उन्हें गतिविधि शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. पहलगाम हमले के बाद घाटी में सक्रिय आतंकवादियों के घरों को उड़ाने का बदला लेने के लिए टीआरटी द्वारा कुछ टार्गेटेड हत्याओं के साथ-साथ बड़े हमले को अंजाम देने की कोशिश के बारे में लगातार खुफिया चेतावनी भी मिल रही है. सुरक्षा बलों ने गुलमर्ग, सोनमर्ग और लेक इलाकों सहित कई संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर पुलिस के विशेष ऑप्स समूह से एंटी फिदायीन दस्तों को तैनात किया है. घाटी में आतंकी घटना होने के बाद सामान्य तौर पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. हमले से इन सेक्‍टर्स पर होगा गहरा असर! इस हमले का असर कश्‍मीर के सभी सेक्‍टर्स पर पड़ सकता है. खासकर पर्यटन पर ज्‍यादा प्रभाव दिखाई दे सकता है. वहां पर होटल, कंपनी खोलने और फल का व्‍यापार करने का इरादा रखने वाले निवेशकों का विश्‍वास हिल सकता है. इससे सालों की मेहनत के बाद वापस स्थिर हुई कश्‍मीर की आर्थिक प्रगति पटरी से उतर सकती है. इतना ही नहीं, कश्‍मीर के लोगों की इनकम पर भी गहरा असर दिखाई पड़ सकता है. अभी तक मजबूत रही है कश्‍मीर की इकोनॉमी जम्मू और कश्मीर की आर्थिक प्रगति मजबूत रही है. 2024-25 के लिए इसकी रीयल GSDP 7.06% की दर से बढ़ने का अनुमान है, जबकि नॉमिनल GSDP ₹2.65 लाख करोड़ होने का अनुमान है, जो निरंतर तरक्‍की का संकेत है. 2019 और 2025 के बीच, केंद्र शासित प्रदेश ने 4.89% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की, जबकि प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) वित्त वर्ष 25 में ₹1,54,703 तक पहुंचने की उम्मीद थी, जो साल-दर-साल 10.6% अधिक है. यह शानदार तरक्‍की ऐसे ही नहीं है, बल्कि 2018 में आतंकवादी घटनाओं की संख्या 228 से घटकर 2023 में सिर्फ 46 रह गई थी, जो 99% की गिरावट है. यह अभी तक शांति का ही फायदा था, जिसने निवेश, पर्यटन का ध्‍यान कश्‍मीर की ओर खींचा.   recent visitors 43

CM साय ने कहा मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करना हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में हम हर संभव प्रयास कर रहे

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  मंत्रालय स्थित अपने कार्यालय में छत्तीसगढ में  नक्सल उन्मूलन अभियान  की समीक्षा की। बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम, विशेष डीजी नक्सल ऑपरेशंस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक का मुख्य फोकस प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा स्थिति और नक्सल उन्मूलन अभियानों की प्रगति रहा। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने के संकल्प के साथ दृढ़ता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करना हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के अधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी के कारण आज प्रदेश के कई क्षेत्र नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने सुरक्षा बलों के मनोबल को और ऊंचा बनाए रखने के लिए उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अंतिम सफलता अब बहुत निकट है। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से यह निर्देश दिया कि नक्सल विरोधी अभियानों में आपसी समन्वय और सूचना संकलन तंत्र को मजबूत किया करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के भविष्य को सुरक्षित करने का मिशन है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में सुरक्षा और विकास दोनों को साथ लेकर चलना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय समुदायों का विश्वास जीतने के लिए संवाद बढ़ाया जाए और क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज गति से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार उनके लिए समर्पित है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती है। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, सजगता और प्रतिबद्धता के साथ इस ऐतिहासिक लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी भूमिका निभाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त और विकासोन्मुख प्रदेश के रूप में पूरे देश में एक नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी सुरक्षा बल, प्रशासनिक अमला और प्रदेशवासी एकजुट होकर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेंगे और  'विकसित छत्तीसगढ़' के सपने को साकार करेंगे। recent visitors 21

नई दिल्ली में 8-9 मई को होगी उच्च स्तरीय कॉन्फ्रेंस, जिसमें आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की जाएगी

जयपुर हर साल मानसून में देश के किसी न किसी हिस्से में बाढ़, जल भराव, बांध या नहरें टूटने की घटनाएं होती हैं। यदि समय रहते तैयारियां कर ली जाए तो ये घटनाएं काफी हद तक कम हो जाती है तथा ऐसी घटनाएं होने के बावजूद मानव व अन्य संसाधनों का नुकसान सीमित रखा जा सकता है। इसी बिन्दु को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय का आपदा प्रबंधन डिविजन आगामी 8 व 9 मई को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में वार्षिक सम्मेलन आयोजित कर रहा है जिसमें सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। राज्य के आपदा प्रबंधन, राहत और नागरिक सुरक्षा विभाग ने इसकी तैयारियों के लिए सभी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों की शीघ्र बैठक आयोजित कर आईडीआरएन पोर्टल पर डेटा अपडेट करने तथा जिला आपदा प्रबंधन प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। आईडीआरएन (इंडिया डिजास्टर रेस्पोंस नेटवर्क) पोर्टल ऐसा मंच है जो किसी भी आपदा से निपटने के लिए कुशल मानवीय संसाधन और उपकरणों की उपलब्धता, उन्हें प्राप्त करने के तरीके तथा हर प्रकार के कॉंटेक्ट नम्बर उपलब्ध करवाता है। जैसे किसी जिले में बाढ़ आने पर उस जिले या समीपवर्ती जिले में नाव, नाविक, मिट्टी के कट्टे, ट्रैक्टर, अन्य वाहन, रसद सामग्री, शुद्ध पेयजल, किस स्थान से किस से सम्पर्क करने पर प्राप्त होगी। recent visitors 42