यूपी के आगरा में बदमाश का हुआ एनकाउंटर, ज्वेलर्स के कातिल ने दरोगा की पिस्टल छीनकर चलाई गोली

आगरा आगरा के बालाजी ज्वेलर्स में लूट और दुकान के मालिक योगेश चौधरी की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी अमन को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। इस आरोपी ने 4 दिन पहले बालाजी ज्वैलर्स में अपने साथियों के साथ धावा बोला था और लूट के दौरान शोरूम मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।   पुलिस को 72 घंटे का मिला था अल्टीमेटम सिकंदरा में दो मई को बाइक सवार दो बदमाशों ने बालाजी ज्वेलर्स में दिनदहाड़े लूटपाट की थी। बदमाशों ने 22 लाख रुपये से ज्यादा के जेवरात लूटे थे।बदमाशों ने भागते समय शोरूम मालिक योगेश चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद कारोबारियों में आक्रोश फैल गया था। उन्होंने पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। ऐसे लगा आरोपियों का सुराग वारदात के खुलासे में लगी टीम ने 500 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले। इस दौरान पुलिस को बदमाशों की पुख्ता जानकारी मिली।पुलिस ने लुटेरों की बाइक के नंबर के आधार पर एक युवक को पकड़ा। उसी ने तीनों आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। बदमाश ने दरोगा की पिस्टल छीनकर की फायरिंग पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह आरोपी को लेकर पुलिस लूट की ज्वेलरी बरामद करने जा रही थी। तभी आरोपी अमन ने दरोगा की पिस्टल छीनकर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अमन को गोली लग गई। उसे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। एनकाउंटर सिकंदरा के अंसल API में बन रहे फ्लैट के पास हुआ। पुलिस ने अमन के भाई सुमित को भी गिरफ्तार किया है। ये जगदीशपुरा थाना के बिचपुरी के मघटई के रहने वाले हैं। एक अन्य आरोपी फारुख भी इसी गांव का है, जो अभी फरार है। गिरवी घर छुड़ाने के लिए 2 भाइयों अमन और सुमित ने फारूख के साथ मिलकर 20 लाख रुपए की ज्वेलरी लूटी थी। recent visitors 53

भारत-पाक तनाव के बीच पाकिस्तान से व्यापार खत्म, व्यापार के साथ ही दोनों देशों ने अपने बॉर्डर भी बंद कर दिए

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार खत्म होने के साथ सूखे मेवों के दामों में उछाल आया है। व्यापार के साथ ही दोनों देशों ने अपने बॉर्डर भी बंद कर दिए हैं। इसके चलते अफगानिस्तान से पाकिस्तान होकर आने वाले सूखे मेवे (कागजी बादाम, मुनक्का, पिस्ता) के दाम बढ़ने लगे हैं। कारोबारी विवेक जैन और विपुल वाधवानी ने बताया कि दो दिनों में ही ड्राय फ्रूट्स के दामों में 50-100 रुपए तक तेजी देखने को मिली है। पाक से 3 मिलियन डॉलर का आयात पुलवामा हमले के बाद भारत-पाक ने व्यापार पर कई बैन लगाए थे, लेकिन कुछ आवश्यक वस्तुओं का लेन-देन ज्यादातर तीसरे देशों जैसे दुबई या सिंगापुर के रास्ते होता रहा। साल 2023-24 में भारत ने पाकिस्तान से 3 मिलियन डॉलर का आयात किया था, जबकि 1.2 अरब डॉलर का निर्यात किया था। ड्रॉयफ्रूट्स के थोक दाम मेवा- पहले – अब गुड़बंदी बादाम – 1060 – 1080 अफगानी कागजी बादाम 1350 1400 मुनक्का 880 1000 बारीक पिशोरी पिस्ता 2650 2700 छुआरे 300 350 (नोट: सभी दाम रुपए प्रति किलो में) पुलवामा हमले के बाद फिर सेंधा नमक भी महंगा गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से लाहौरी (सेंधा) नमक की आवक पाकिस्तान से होती है। फिलहाल ये आवक पूरी तरह बंद है। सेंधा नमक के थोक कारोबारी पारस जैन ने बताया, सेंधा नमक का स्टॉक है, लेकिन जल्द कोई हल नहीं निकला तो दाम 50 से बढ़कर 100 रुपए किलो हो सकते हैं। इससे पहले 2019 के पुलवामा हमले के बाद भी व्यापारिक संबंध बिगड़ने पर सेंधा नमक के दाम 90 रुपए किलो तक पहुंचे थे। recent visitors 52

कार पर दुल्हे का स्टंट, सोशल मीडिया पर वायरल होने के चक्कर में एक दूल्हा-दुल्हन ने ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाईं

ग्वालियर मौजूदा वक्त में युवाओं में रील बनाने का ऐसा नशा छाया है कि वे वायरल होने की कोशिश में नियम कानूनों को भी तोड़ने से नहीं हिचक रहे हैं। ग्वालियर में एक ऐसी ही घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल होने के चक्कर में एक दूल्हा-दुल्हन ने ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाईं। कार पर खतरनाक स्टंट करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना तानसेन ओवरब्रिज की बताई जा रही है। अब कार पर खतरनाक स्टंट करते हुए दूल्हा दुल्हन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि दुल्हन कार के बोनट पर बैठी डांस कर रही है। दूसरी ओर दूल्हा कार की छत पर खड़ा होकर तलवार लहरा रहा है। यह घटना हाल में हुई एक शादी के बाद की बताई जा रही है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं कर रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जाता है कि सोमवार को यह वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और पुलिस के पास पहुंचा तब पुलिस अधिकारी एक्टिव हुए। अब पुलिस इस दूल्हा दुल्हन और शादी समारोह की जानकारी जुटा रही है। पुलिस पता कर रही है कि ये दूल्हा दुल्हन कहां के रहने वाले हैं और इनकी शादी कहां पर हुई है। एडिशनल एसपी कृष्णा लालचंदानी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। कार की नंबर प्लेट के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। वीडियो शूट करने वाले व्यक्ति के बयान भी लिए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में तथ्य सामने आने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 41

जाति जनगणना के संबंध में विचार करने के लिए तीन बिंदु सुझाए हैं, जनगणना से पहले ही PM मोदी से कांग्रेस की तीन मांगें

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने जाति जनगणना के संबंध में विचार करने के लिए तीन बिंदु सुझाए हैं। इनमें एक प्रमुख मांग यह है कि आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को खत्म किया जाए। खरगे ने लिखा, 'मैंने 16 अप्रैल 2023 को आपको चिट्ठी लिखी थी और जाति जनगणना कराने की कांग्रेस की मांग आपके सामने रखी थी। दुर्भाग्य से, मुझे उसका कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद, आपकी पार्टी के नेताओं और आपने खुद इस जायज मांग को उठाने के लिए लगातार कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। मगर, अब आप खुद स्वीकार कर रहे हैं कि यह मांग सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के हित में है।' मल्लिकार्जुन खरगे ने अपील की है कि जातिगत जनगणना के विषय पर सभी राजनीतिक दलों से जल्द बातचीत की जाए और इस मामले में तेलंगाना मॉडल का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्यों की ओर से पारित आरक्षण को तमिलनाडु की तर्ज पर संविधान की 9वीं अनुसूची में डाला जाए, आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को खत्म किया जाए और निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की व्यवस्था लागू हो। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने खरगे का प5 मई की तिथि वाला यह पत्र अपने एक्स हैंडल पर साझा किया। रमेश ने कहा, 'कांग्रेस कार्यसमिति की 2 मई को हुई बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने सोमवार रात प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। देश पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले को लेकर आक्रोश और पीड़ा से गुजर रहा था। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने जातिगत जनगणना पर अचानक और हताशाजनक यूटर्न लिया। खरगे जी ने अपने पत्र में तीन बेहद महत्वपूर्ण और स्पष्ट सुझाव दिए हैं।' तेलंगाना मॉडल को अपनाए जाने की मांग पत्र में खरगे ने कहा, 'केंद्र सरकार ने बिना किसी स्पष्ट विवरण के यह घोषणा की है कि अगली जनगणना (जो वास्तव में 2021 में होनी थी) में जाति को भी एक अलग श्रेणी के रूप में शामिल किया जाएगा।' खरगे ने कांग्रेस शासित तेलंगाना में हुए जातिगत सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा, 'जनगणना से सम्बंधित प्रश्नावली का डिजाइन अत्यंत महत्वपूर्ण है। जाति संबंधी जानकारी केवल गिनती के लिए नहीं बल्कि व्यापक सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एकत्र की जानी चाहिए। गृह मंत्रालय को जनगणना में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए तेलंगाना मॉडल का उपयोग करना चाहिए। प्रक्रिया के अंत में होने वाली रिपोर्ट में कुछ भी छिपाया नहीं जाना चाहिए ताकि प्रत्येक जाति के पूर्ण सामाजिक-आर्थिक आंकडे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हों, जिससे एक जनगणना से दूसरी जनगणना तक उनकी सामाजिक-आर्थिक प्रगति को मापा जा सके और उन्हें संवैधानिक अधिकार दिए जा सकें।' कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है, 'जाति जनगणना के जो भी नतीजे आएं, यह स्पष्ट है कि अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गो के लिए आरक्षण पर मनमाने ढंग से लगाई गई 50 प्रतिशत की अधिकतम सीमा को संविधान संशोधन के माध्यम से हटाना होगा।' पत्र में खरगे ने कहा, 'अनुच्छेद 15(5) को भारतीय संविधान में 20 जनवरी 2006 से लागू किया गया था। इसके बाद इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई। लंबे विचार-विमर्श के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2014 को इसे बरकरार रखा। यह फैसला 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले आया।' उनके मुताबिक, यह निजी शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रावधान करता है। खरगे ने कहा कि संसद की एक स्थायी समिति ने गत 25 मार्च को उच्च शिक्षा विभाग के लिए अनुदान की मांग पर अपनी 364वीं रिपोर्ट में भी अनुच्छेद 15 (5) को लागू करने के लिए नया कानून बनाने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा, 'जाति जनगणना जैसी किसी भी प्रक्रिया को किसी भी रूप में विभाजनकारी नहीं माना जाना चाहिए। सामाजिक और आर्थिक न्याय तथा स्थिति और अवसर की समानता सुनिश्चित करने के लिए इसे उपरोक्त सुझाए गए समग्र तरीके से कराना अत्यंत आवश्यक है।’ recent visitors 60

IPL 2025 के प्लेऑफ्स की रेस में 7 टीमों में से 2 टीमें ऐसी हैं, जिन पर प्लेऑफ्स की रेस से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है

नई दिल्ली IPL 2025 के प्लेऑफ्स की रेस से अब तक तीन टीमें बाहर हो चुकी हैं, जिनमें राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बाद सनराइजर्स हैदराबाद का नाम शामिल हो गया है। मौजूदा समय में 7 टीमें चार पायदानों के लिए लड़ाई लड़ रही हैं, लेकिन इन 7 टीमों में से 2 टीमें ऐसी हैं, जिन पर प्लेऑफ्स की रेस से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। वैसे तो तीन टीमों को इनमें से बाहर होना पड़ेगा, क्योंकि टॉप 4 टीमों को ही क्वॉलिफायर्स और एलिमिनेटर मैच खेलने का मौका मिलता है। जिन टीमों पर इस समय प्लेऑफ्स की रेस से बाहर होने का सबसे ज्यादा खतरा है, उनमें लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का नाम शामिल है। एलएसजी 16 और केकेआर 17 अंकों तक पहुंच सकती है, लेकिन ये अंक इस सीजन कम भी पड़ सकते हैं, क्योंकि इस समय टॉप 5 टीमें 19 या इससे ज्यादा अंक हासिल कर सकती हैं। अगर उन टीमों ने 18 या इससे ज्यादा अंक हासिल किए तो फिर लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का पत्ता कटना तय है। दिल्ली कैपिटल्स के लिए भी आगे की राह बहुत ज्यादा कठिन है। भले ही 11 मैचों के बाद दिल्ली कैपिटल्स के खाते में 13 अंक हैं, लेकिन अगले तीन मैच दिल्ली को टॉप की 4 टीमों के खिलाफ खेलने हैं, जिनमें एक मैच पंजाब किंग्स, एक मैच गुजरात टाइटन्स और एक मैच मुंबई इंडियंस के खिलाफ है। दिल्ली कैपिटल्स एक भी मैच हारती है तो फिर प्लेऑफ्स में पहुंचना कठिन हो जाएगा, क्योंकि एक मैच हारने पर टीम 17 अंकों तक ही पहुंच पाएगी। वहीं, अगर बात उन टीमों की करें जो प्लेऑफ्स में सबसे पहले पहुंच सकती हैं तो उनमें आरसीबी का नाम सबसे ऊपर जाएगा, जो एक मैच जीतकर प्लेऑफ्स में पहुंच जाएगी। उसके खाते में इस समय 16 अंक हैं। पंजाब किंग्स को भी एक मैच जीतने के बाद प्लेऑफ्स का टिकट मिल सकता है, क्योंकि पंजाब के खाते में इस समय 15 अंक हैं। recent visitors 52

जस्टिस बीआर गवई ने खुद बताया- सुप्रीम कोर्ट के अगले CJI के पास है इतनी संपत्ति

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के 20 से ज्यादा न्यायाधीश संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक कर चुके हैं। इनमें शीर्ष न्यायालय के अगले CJI यानी मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई का नाम भी शामिल है। उनके पास महाराष्ट्र और नई दिल्ली में कई फ्लैट हैं। इसके अलावा लाखों रुपये बैंक में हैं। वह भारत के 52वें सीजेआई बनने जा रहे हैं। उनके अलावा मौजूदा सीजेआई संजीव खन्ना भी संपत्ति का ब्योरा दे चुके हैं। अगले सीजेआई के पास है कितनी संपत्ति जस्टिस गवई के पास महाराष्ट्र के अमरावती में एक घर, दो कृषि भूमि हैं। वहीं, मुंबई के बांद्रा में एक अपार्टमेंट, नागपुर के कटोल में कृषि भूमि और नई दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में एक अपार्टमेंट है। निवेश के मामले में जस्टिस गवई के पास पीपीएफ के तहत 6 लाख 59 हजार 692 रुपये, जीपीएफ के तह 35 लाख 86 हजार 736 रुपये, अन्य 31 हजार 315 रुपये हैं। उनके पास 5 लाख 25 हजार 859 रुपये सोने के आभूषण हैं। साथ 61 हजार 320 रुपये कैश, बैंक बैलेंस 19 लाख 63 हजार 584 रुपये और अन्य एडवांस 54 लाख 86 हजार 841 रुपये हैं। दायित्व के तहत मुंबई फ्लैट का सिक्योरिटी डिपॉजिट 7 लाख रुपये, दिल्ली के फ्लैट का एडवांस किराया 17 लाख 32 हजार 500 रुपये है। 52वें सीजेआई जस्टिस गवई को मंगलवार को भारत का अगला CJI नियुक्त किया गया। न्यायमूर्ति गवई 14 मई को सीजेआई का पदभार संभालेंगे। मौजूदा सीजेआई न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है। 16 अप्रैल को प्रधान न्यायाधीश खन्ना ने न्यायमूर्ति गवई के नाम की अनुशंसा केंद्र सरकार को की थी। न्यायमूर्ति गवई का कार्यकाल छह महीने का होगा। वह 24 मई 2019 को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश बनाए गए थे। 23 नवंबर को 65 वर्ष की आयु होने पर न्यायमूर्ति गवई का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। अमरावती में 24 नवंबर 1960 को जन्मे न्यायमूर्ति गवई को 14 नवंबर 2003 को बंबई उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। वह 12 नवंबर 2005 को उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश बने। न्यायमूर्ति गवई उच्चतम न्यायालय में कई संविधान पीठों का हिस्सा रहे हैं, जिन्होंने महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं। वह पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ का हिस्सा थे, जिसने दिसंबर 2023 में सर्वसम्मति से पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को बरकरार रखा था। वह 16 मार्च 1985 को बार में शामिल हुए थे और नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के स्थायी वकील थे। न्यायमूर्ति गवई को अगस्त 1992 से जुलाई 1993 तक बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ में सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त सरकारी अभियोजक नियुक्त किया गया था। उन्हें 17 जनवरी 2000 को नागपुर पीठ के लिए सरकारी वकील नियुक्त किया गया। recent visitors 52

पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ और दुनिया के अन्य देशों से मदद की गुहार लगा रहा, UNSC में हुई फजीहत

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य तैयारियों को देखकर पाकिस्तान को हर पल हमले का खौफ सता रहा है. इसी वजह से पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ और दुनिया के अन्य देशों से मदद की गुहार लगा रहा है. पाकिस्तान ने इसी वजह से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में इस मुद्दे पर एक क्लोज डोर मीटिंग बुलाई थी ताकि अपना दुखड़ा रोकर बाकी देशों की सहानुभूति बंटोर सके, लेकिन वहां भी पड़ोसी देश की जमकर फजीहत हो गई है. मीटिंग के बाद खुली PAK की पोल संयुक्त राष्ट्र में इस क्लोज डोर मीटिंग के बाद पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने झूठ फैलाते हुए कहा कि इस बैठक से जो हासिल करने का मकसद था वह पूरा हो गया है. उन्होंन यह भी दावा किया कि इस मीटिंग में जम्मू कश्मीर के मुद्दे को सुलझाने पर भी चर्चा हुई है. लेकिन जैसे-जैसे तस्वीर पूरी तरह साफ हुई तो पाकिस्तान की पोल खुलने लगी.   इस क्लोज डोर मीटिंग में पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान से तीखे सवाल पूछे गए थे. यहां तक कि पहलगाम हमले के पीछे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की भूमिका को लेकर भी पाकिस्तान को फटकार लगाई गई है. क्लोज डोर मीटिंग के दौरान UNSC के सदस्य देशों ने भारत को लेकर पाकिस्तान की ओर से फैलाए जा रहे False Flag नैरेटिव को भी पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसके जरिए पाकिस्तान खुद को विक्टिम दिखाकर भारत पर निशाना साध रहा है. चीन का भी नहीं मिला साथ सबसे हैरानी की बात यह रही कि UNSC के स्थाई सदस्य अमेरिका, फ्रांस, रूस और ब्रिटेन ने पाकिस्तान से तीखे सवाल किए, साथ ही पाकिस्तान के 'दोस्त' चीन ने भी उसका साथ नहीं दिया, जिसके भरोसे पड़ोसी मुल्क उछल रहा था. पाकिस्तान UNSC का अस्थाई सदस्य है और इसी हैसियत से उसने क्लोज डोर मीटिंग बुलाने का आग्रह किया था.   सूत्रों के मुताबिक बैठक में सदस्य देशों की ओर से न सिर्फ पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई, बल्कि धर्म पूछकर पर्यटकों को निशाना बनाने का मुद्दा भी उठाया गया. कुछ देशों ने पाकिस्तान की ओर से किए गए मिसाइल टेस्ट और परमाणु हथियारों की धमकी पर भी सवाल उठाए और इसे उकसावे की कार्रवाई बताया है. पाकिस्तान इस मुद्दे पर किसी तीसरे की दखल के अपने पुराने ढर्रे पर चलना चाहता था. लेकिन सदस्यों देशों ने इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताते हुए किसी तरह की दखल से इनकार कर दिया. न कोई प्रस्ताव आया, न बयान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इस क्लोज डोर मीटिंग का कुछ भी नतीजा नहीं निकला बल्कि इससे पाकिस्तान की थू-थू जरूर हो गई. इस बैठक के बाद किसी भी देश की ओर से न तो कोई प्रस्ताव लाया गया और न ही किसी ने इस पर कोई बयान दिया है. सिर्फ पाकिस्तान ही है जो दुनिया के सामने झूठ परोसने की विफल कोशिशों में जुटा है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बीते दिनों दोनों पक्षों से बात कर तनाव कम करने की अपील की थी और इसी के बाद यह क्लोज डोर मीटिंग बुलाई गई थी. दरअसल पाकिस्तान को किसी भी वक्त भारत की ओर से जवाबी हमले के डर सता रहा है. इसी खौफ में सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए पाकिस्तान ने  आनन-फानन में UNSC की मीटिंग बुलाने की अपील की थी. उसकी कोशिश थी कि क्लोज डोर मीटिंग के जरिए बाकी देश भारत से संयम बरतने के लिए कहेंगे. पाकिस्तान ने साउथ एशिया में पैदा हो रहे तनाव को कम करने का हवाला देकर यह बैठक बुलाई थी.   recent visitors 44