योग गुरु बाबा रामदेव ने सीएम डॉ मोहन यादव से की मुलाकात, योग गुरु ने सिंहस्थ 2028 के लिए दिया आशीर्वाद

उज्जैन  योग गुरु बाबा रामदेव ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के संबंध में उत्साहवर्धन किया और सफलता की कामना की। इस पर राज्य के मुखिया सीएम डॉ मोहन यादव ने बाबा रामदेव का आभार व्यक्त किया। योग गुरु बाबा रामदेव आज यानी के बुधवार को उज्जैन पहुंचे। जहां बाबा ने महाकाल मंदिर पहुंचकर भस्म आरती में शामिल हुए। बता दें कि, इस दौरान रामदेव ने नंदी हॉल से भस्म आरती का दर्शन किया और पूरे समय ‘जय श्री महाकाल’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए भक्ति में लीन नजर आए। वहीं आरती के बाद योग गुरु ने मंदिर परिसर में पूजन-अर्चन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। बाबा रामदेव ने सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की इसके बाद योग गुरु बाबा रामदेव ने राज्य के सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। वहीं मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेवा का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साथ ही शाल, श्री फल और भगवान महाकाल की तस्वीर भी भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन के स्थानीय विधायक अनिल जैन भी मौजूद रहे। वहीं योग गुरु बाबा रामदेव ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के संबंध में उत्साहवर्धन किया और सफलता की कामना की। इस पर राज्य के मुखिया सीएम डॉ मोहन यादव ने बाबा रामदेव का आभार व्यक्त किया। recent visitors 64

MP के नाम हुई बड़ी उपलब्धि, UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय लिस्ट में शामिल हुईं ये तीन विरासत

भोपाल मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयासों को सफलता प्राप्त हुई है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल पर यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल आर्गेनाइजेशन (यूनेस्को) की नोडल एजेंसी संगीत नाटक अकादमी ने मध्य प्रदेश की तीन विरासतों को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय सूची में सम्मिलित किया है। इन विरासतों में भगोरिया आदिवासी नृत्य, गोंड आदिवासी चित्रकला और नर्मदा परिक्रमा हैं। प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि आगामी वर्षों में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की अंतर्राष्ट्रीय सूची में इन्हें सम्मिलित किया जा सकता है। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति और प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में हम मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासतों को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप यह उपलब्धि हासिल हुई है। यह प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। सूची में नामांकित होने से यह अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेंगे। अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में वे परंपराएं, प्रथाएं, ज्ञान और कौशल शामिल हैं, जो हमारे पूर्वजों से विरासत में मिले हैं और भविष्य की पीढ़ियों को दिए गए हैं। मूर्त विरासतों में स्मारक या भौतिक कलाकृतियां शामिल होती हैं, वहीं अमूर्त सांस्कृतिक विरासत एक संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्तियों को संदर्भित करती है। इसमें मौखिक परंपराएं, कलाएंं, सामाजिक अनुष्ठान, उत्सव के कार्यक्रम, प्रकृति के बारे में ज्ञान और पारंपरिक शिल्प शामिल होते हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने किया था आवेदन भारत के किसी भी हिस्से से किसी भी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की मान्यता के लिए आवेदन यूनेस्को की नोडल एजेंसी संगीत नाटक अकादमी को प्रस्तुत किए जाते हैं। यह एजेंसी राष्ट्रीय सूची को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होती है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय सूची में शामिल करने के लिए मध्य प्रदेश के भगोरिया आदिवासी नृत्य, नर्मदा परिक्रमा और गोंड आदिवासी चित्रकला इंटेजिबल कल्चरल हेरीटेज (आईसीएच) को नामांकित करने के लिए आवेदन विगत वर्ष 2024 में किया था। पाटनगढ़ की गोंड आदिवसी चित्रकला, कला का ऐसा रूप से जो स्थानीय गोंड जनजाति द्वारा 1400 वर्षों से अधिक समय से सहेजी गई है। यह कला प्रकृति और संस्कृति के बीच गहरे संबंधों को दर्शाती है। दीवार के भित्त चित्र हों या जीवन शैली के उत्पाद, इन सभी को जीवंत रंगों, जटिल रचनाओं और मनमोहक अभिव्यक्ति के माध्यम से तैयार किया जाता है। चूंकि यह समुदाय प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है, इसलिए उनसे प्रेरणा लेकर वे इसे चित्रकला में प्रदर्शित भी करते हैं। परंपरागत रूप से यह कला एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुंचती हैं। इन चित्रकलाओं में जहां पेड़–पौधों को कैनवास पर उकेरा जाता है वहीं पशुओं के साथ–साथ आकाश, सूर्य, चंद्रमा आदि का भी सुंदर चित्रण देखने को मिलता है। आकार और प्रयोग में लाई गई जटिलताओं के आधार पर इन्हें बनाने में 2 दिन से लेकर 2 महीने तक का समय लगता है। कई बार बड़ी कलाकृतियों को समूहों में तैयार किया जाता है। नर्मदा परिक्रमा यह एक पवित्र आध्यात्मिक तीर्थयात्रा है, जिसमें देवी के रूप में पूजनीय मां नर्मदा नदी के चारों ओर 3500 किलोमीटर नंगे पैर परिक्रमा की जाती है। यह यात्रा भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाती है। यह ऐतिहासिक घाटों, मंदिरों और पवित्र शहरों से होकर गुजरती है। नर्मदा परिक्रमा की यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जिसका वर्णन महाकाव्यों और प्राचीन पवित्र ग्रंथों में मिलता है। यह परिक्रमा छह से आठ महीनों की अवधि में की जाती है। नर्मदा का तट ध्यान और तपस्या की भूमि भी रहा है, जिसे सांस्कृतिक रूप से कई महान ऋषियों और संतों की तपोभूमि के रूप में जाना जाता है। श्रद्धालु चलते समय लगातार मां नर्मदा की स्तुति करते हुए “नर्मदे हर!” का जाप करते हैं। यात्रा अमरकंटक स्थित मां नर्मदा के उद्गम से शुरू होकर पुन: उस बिंदु पर वापस आने के बाद पूरी मानी जाती है। तीर्थयात्रा पूरी होने के बाद, भक्तों को ओंकारेश्वर मंदिर जाना होता है जो भगवान शिव को समर्पित है और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। भगोरिया आदिवासी नृत्य भगोरिया आदिवासी नृत्य और महोत्सव भील जनजाति के बीच खुशी, एकता और परंपरा का एक जीवंत उत्सव है। भगोरिया आदिवासी नृत्य भील समुदाय के भगोरिया त्यौहार का एक अभिन्न अंग है, जो होली के त्यौहार से सात दिन पहले मनाया जाता है। यह त्यौहार पूरे समुदाय व रिश्तेदारों से मिलने के साथ–साथ आनंद से सराबोर होने का अवसर होता है। यह त्यौहार फसल कटाई के मौसम का भी प्रतीक है। भील समुदाय के साथ-साथ भीलाला और पटेलिया जैसे स्थानीय आदिवासी समुदाय भी यह त्यौहार मनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह त्यौहार भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने की परंपरा के रूप में शुरू हुआ था। गांव भगोर में भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित एक मंदिर भी मौजूद है (ऐसा माना जाता है कि यह नाम शिव और पार्वती के लिए एक और नाम भाव-गौरी से लिया गया है)। इस दौरान सभी गांवों के निवासी अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर पैदल आते हैं। पुरुष धोती और सिर पर साफा पहनते हैं। वे अपने पारंपरिक हथियार और कमर में घंटी की बेल्ट भी पहनते हैं। महिलाएं दुपट्टे के साथ घाघरा और पोल्की पहनती हैं। जनजातीय पुरुष और महिलाएं चांदी के पारंपरिक आभूषण पहनते हैं। समूह पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्रों जैसे मांदर, कुंडी, पीतल की थाली और बांसुरी का वादन करते हुए समूह नृत्य करते हैं। recent visitors 43

मध्य प्रदेश में कहीं भीषण गर्मी का कहर जारी, 40 जिलों में 2 और 3 मई को बारिश हो सकती

भोपाल मध्यप्रदेश के लगभग 40 जिलों में 2 और 3 मई को बारिश हो सकती है। जिन जिलों में मौसम का बदलाव देखने को मिलेगा, उनमें भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर भी शामिल हैं। इसका कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का एक्टिव होना है। हालांकि, इससे पहले 30 अप्रैल और 1 मई को प्रदेश में तेज गर्मी का असर रहेगा। खासकर उज्जैन संभाग में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। इधर, नर्मदापुरम जिले के डोलरिया में मंगलवार शाम को आई तेज आंधी से राजपूत समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए लगाया गया टेंट गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को रतलाम, नीमच-मंदसौर में लू का अलर्ट है। वहीं, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से पिछले दो-तीन दिन से बारिश हो रही है। पूर्वी हिस्से में मंगलवार को भी बारिश हुई। बुधवार से कुछ जिलों में ही असर देखने को मिलेगा। वहीं, राजस्थान और गुजरात से जुड़े जिलों में हीट वेव यानी, लू चल सकती है। 2 मई को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर अगले 3 दिन तक रह सकता है। पिछले 24 घंटे कैसा रहा मौसम? पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के जबलपुर और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, वहीं बाकी हिस्सों में मौसम साफ और गर्म रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 3 दिनों में भी तापमान में खास बदलाव की उम्मीद नहीं है, हालांकि पारा 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है। धूप ने तोड़े 5 साल के रिकॉर्ड, गर्मी से सड़कों पर पसरा सन्नाटा  इंदौर में मंगलवार को अप्रैल महीने की अब तक की सबसे भीषण गर्मी दर्ज की गई। दिन का तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। तेज धूप और तपन के चलते दोपहर में सड़कों पर आवाजाही कम हो गई थी। लोग घरों में दुबके रहे क्योंकि धूप में एक मिनट भी खड़ा रह पाना मुश्किल हो रहा था। यह दिन न केवल अप्रैल का, बल्कि पिछले पांच सालों का भी सबसे गर्म दिन बन गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ऐसी ही भीषण गर्मी बने रहने की संभावना जताई है। बुधवार को भी सुबह से ही तेज धूप है। गर्म हवाओं के थपेड़े चल रहे हैं और 11 बजे बाद सड़कें सूनी हो गई हैं। पिछले दस वर्षों में केवल चार बार पार हुआ 42 डिग्री का आंकड़ा   पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 29 अप्रैल 2019 को इंदौर में अब तक का सबसे अधिक तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बीते दशक में केवल चार बार तापमान 42 डिग्री के पार गया है। पिछले पांच वर्षों में भी इस बार का तापमान सबसे ज्यादा रहा। 18 अप्रैल 2024 को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री था, जबकि मंगलवार को यह रिकॉर्ड टूट गया। मंगलवार की रात का तापमान भी सामान्य से 3 डिग्री अधिक, यानी 26.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान: लू का खतरा बरकरार मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश के कुछ इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ के कारण बारिश हो रही है। हालांकि इंदौर संभाग पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। यहां गर्मी का दौर जारी है और अगले दो दिन भी हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि राजस्थान और गुजरात से सटे जिलों में हीट वेव यानी लू चलने के आसार हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। कई जिलों में मौसम बदला, बारिश भी हुई इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में मौसम बदला रहा। सिवनी, दमोह, सिंगरौली, अनूपपुर और पन्ना तेज आंधी चली। वहीं, रीवा, कटनी, शहडोल, नरसिंहपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सतना, सीधी, मंडला, रायसेन, भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, मैहर, उमरिया, जबलपुर, डिंडौरी, पांढुर्णा और सागर में भी मौसम बदला रहा। मंडला में ओले भी गिरे। दूसरी ओर, 8 शहर ऐसे हैं, जहां तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से ऐसा मौसम है। भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे। हालांकि, गर्मी का असर बरकरार रहा। यहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री, इंदौर में 42.6 डिग्री, ग्वालियर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 43 डिग्री और जबलपुर में 40 डिग्री दर्ज किया गया। कहीं लू तो कहीं बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार, 30 अप्रैल को मध्य प्रदेश के रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, सीधी और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है. वहीं रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में गर्मी का असर रहेगा. मंगलवार को दमोह, सिवनी, सिंगरौली, अनूपपुर और पन्ना तेज आंधी चली, जबकि मंडला में ओले गिरे. वहीं भोपाल, सीहोर, रीवा, सतना, शहडोल, कटनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सीधी, बैतूल, मैहर, उमरिया, जबलपुर, डिंडौरी, पांढुर्णा और सागर में मौसम का मिजाज बदला रहा. मौसम विभाग के अनुसार,  2 और 3 मई को मध्य प्रदेश के 40 जिलों में बारिश होने के आसार हैं. बीते दिन  शाजापुर में तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. गुना में 43.5 डिग्री सेल्सियस, खजुराहो में  तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस, धार-रायसेन-नरसिंहपुर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा सागर और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री सेल्सियस, खंडवा और दमोह में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस, खरगोन में पारा 42.4 डिग्री सेल्सियस रहा. इसके अलावा भोपाल में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 42.6 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर में 40 … Read more

भारत को Sweden से मिला Anti-armour हथियार, पाकिस्तान के लिए बनेगा काल

नई दिल्ली/ स्टॉकहोम  पहलगाम आतंकी हमले के बीच आशंका है कि भारत और पाकिस्तान युद्ध में फंस सकते हैं। इन सबके बीच स्वीडिश कंपनी SAAB ने भारतीय सशस्त्र बलों को AT4 Anti-Armor वीपन सिस्टम की डिलीवरी की घोषणा की है। साब इंडिया ने कहा है कि उसने कामयाबी के साथ भारतीय सुरक्षा बलों को AT4 Anti-Armor सिस्टम सौंप दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में SAAB इंडिया ने कहा है कि "हमें भारतीय सशस्त्र बलों को हमारे AT4 Anti-Armor हथियार प्रणाली की सफल डिलीवरी की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है। AT4 कम दूरी की लड़ाई के लिए एक भरोसेमंद सिंगल-शॉट समाधान के रूप में भारत के शस्त्रागार में शामिल हो गया है। भारत ने AT4CS AST वैरिएंट खरीदा है, जिसमें इमारतों, दुश्मनों के बंकरों और शहरी लड़ाई में इस्तेमाल किया जाता है।" भारतीय सेना AT4 Anti-Armor से शहरी युद्ध के अलावा पहाड़ी इलाकों में बंकर बनाकर छिपे दुश्मनों पर सिंगल शॉट हमला कर सकती है। इसके अलावा इसे काफी कम स्थान से दागा जा सकता है। कई बार जवानों के पास हथियार चलाने के लिए काफी कम स्थान होता है या फिर इमारतों में छिपकर भी इसे फायर किया जा सकता है। भारत ने खास तौर पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए इसे स्वीडिश कंपनी साब से खरीदा है और इस वक्त, जब पाकिस्तान के साथ तनाव बना हुआ है, AT4 Anti-Armor भारतीय सेना की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाएगा। AT4 Anti-Armor सिस्टम की खासियत AT4 Anti-Armor को जवान कंधे पर रखकर फायर कर सकते हैं। ये एक मानव-पोर्टेबल हथियार है, जिसका वजन सिर्फ 7.5 किलो होता है। ये एक ही शॉट के बाद डिस्पोजेबल हो जाते होते हैं। ये एक रिकॉइललेस हथियार है, जिसे एक ही सैनिक ऑपरेट कर सकते हैं। इसकी लंबाई सिर्फ एक मीटर होती है और इससे 300 मीटर की दूरी से दुश्मन पर सटीक हमला किया जा सकता है। एक बार दागने के बाद इसे फेंक दिया जाता है। इसमें प्री लोडेड हीट वारहेड होता है, जो टैंक, बख्तरबंद वाहन, बंकर या दीवार को भेदने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे पैदल सेना के लिए डिजाइन किया गया है। यानि एक सैनिक छिपकर आराम से किसी टैंक को उड़ा सकता है। इसका इस्तेमाल काफी आसान होता है और फायर करने के लिए इसे कुछ ही सेकंड्स में तैयार किया जा सकता है। बख्तरबंद गाड़ियों, फोर्टिफाइड पोजिशन्स, और लो-फ्लाईंग हेलीकॉप्टरों के खिलाफ ये काफी असरदार है। भारत के अलावा इसका इस्तेमाल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, जर्मनी और फ्रांसीसी सैनिक करते हैं। यूक्रेनी सैनिकों ने इससे रूसी टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को काफी नुकसान पहुंचाया है। रूसी टैंकों को उड़ाने के लिए इसका जमकर इस्तेमाल किया गया है। हालांकि भारत इसका नया ग्राहक है, लेकिन भारतीय सेना लंबे समय से साब द्वारा डिजाइन किए गए कार्ल-गुस्ताफ शोल्डर-फायर हथियार सिस्टम का इस्तेमाल करती आ रही है। इसका उत्पादन भारत में भारत डायनेमिक्स करती है। AT4 में कार्ल-गुस्ताफ वाली सारी खूबियां हैं। AT4-CS एक हल्का, पोर्टेबल, पूरी तरह से डिस्पोजेबल एंटी-टैंक हथियार है जिसे भारतीय सेना और वायुसेना ने 2022 में प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के तहत चुना था। पता चला है कि करीब 2,000 यूनिट का ऑर्डर दिया गया था। इसका वजन करीब 9 किलोग्राम है और इसकी प्रभावी रेंज 200 मीटर है। कार्ल गुस्ताफ़ का इस्तेमाल भारतीय सेना द्वारा 1976 से किया जा रहा है और यह कंधे से दागा जाने वाला मुख्य हथियार रहा है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना कार्ल गुस्ताफ़ के लगभग सात अलग-अलग प्रकारों का इस्तेमाल कर रही है। कार्ल गुस्ताफ़ के गोला-बारूद की रेंज अलग-अलग है, जिसकी अधिकतम रेंज 1,500 मीटर तक है। एंटी-टैंक गोला-बारूद की रेंज 500 मीटर है। कार्ल गुस्ताफ़ के पुराने संस्करण और पुराने गोला-बारूद का निर्माण भारत में ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड और अब नए बने रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा किया जाता है। recent visitors 37

भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान में खौफ, पाक सेना ने रडार सिस्टम को सियालकोट पर तैनात किया

 नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले को सात दिन हो गए हैं. इस हमले के बाद भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के अंदेशे के बीच पाकिस्तान खौफ में है. ऐसे में पाकिस्तानी सेना भारत के किसी भी तरह के संभावित हमले से बचने के लिए कई कदम उठा रहा है. जानकारी के मुताबिक, इंडियन एयरस्ट्राइक को डिटेक्ट करने के लिए पाकिस्तानी सेना अपने रडार सिस्टम को सियालकोट सेक्टर में फॉरवर्ड लोकेशन पर तैनात कर रही है. फिरोजपुर से सटे हुए इलाकों में भारत की मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए पाकिस्तानी फौज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर को भी फॉरवर्ड लोकेशंस पर तैनात कर रहा है. हाल ही में पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 58 किलोमीटर की दूरी पर चोर कंटोनमेंट में TPS-77 रडार को तैनात किया था. वहीं, पाकिस्तान ने लगातार पांचवें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया और एलओसी पर फायरिंग की. पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के कुपवाड़ा, बारामूला और अखनूर सेक्टर्स में फायरिंग शुरू की. भारतीय सेना ने पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दिया. बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी जबकि 17 घायल हुए थे. यह हमला पहलगाम की बैसारन घाटी में किया गया था, जिसमें आतंकियों ने चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाया गया था. पहलगाम अटैक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था. यह पहली बार है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई. भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बड़ी जंग हो चुकी है लेकिन पहले कभी भी इस संधि को स्थगित नहीं किया गया. कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया था कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई. यह रोक तब तक रहेगी, जब तक पाकिस्तान क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म को अपना समर्थन देना बंद नहीं करता.   recent visitors 41

आज बुधवार 30 अप्रैल 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष: आज खुश रहने के लिए लव लाइफ से जुड़े सभी मुद्दों को सुलझा लें। व्यावसायिक रूप से आप अच्छे और भाग्यशाली रहेंगे। छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं रहेंगी जबकि आपका धन-धान्य बना रहेगा। ऑफिस में भी आज आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। वृषभ: आज कार्यालय में आपका प्रदर्शन बेहतरीन रहने वाला है। वित्त और स्वास्थ्य दोनों दिन भर अच्छे रहेंगे, जिससे खुशी के पल आप महसूस करेंगे। वहीं, एक खुशहाल रिश्ते को व्यावसायिक सफलता का भी सहारा मिलता है। पैसों को सोच-समझकर खर्च करें। मिथुन: आज अपनी क्षमता साबित करने के लिए दफ्तर में हर मुद्दे को सुलझाएं। निवेश के लिए आज का दिन अच्छा है लेकिन एक्सपर्ट से बात करना जरूरी है। स्वास्थ्य भी आज अच्छा रहने वाला है। वहीं, प्रेम जीवन भी शानदार रहेगा। कर्क: रिश्ते में छोटी-मोटी नोकझोंक के बावजूद आपकी लव लाइफ अच्छी रहेगी। करियर में सफल होने के लिए हर आने वाली चुनौती को पूरी शिद्दत से हल करें। अच्छे श्रोता बनें और अपने साथी के साथ समय बिताएं। सिंह: हर आकर्षक व्यक्ति पर लेफ्ट स्वाइप करने से आप तुरंत उसके प्यार में नहीं पड़ सकते। आपको खुद को समय देना होगा। गलत फैसला लेने से बचें। कोई मित्र आपकी सहायता कर सकता है। परिवार किसी फंक्शन में आपके साथ शामिल हों सकता है। कन्या: काम पर समझौता करने में जल्दबाजी न करें। आज अपने बिजी कार्यक्रम के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। बहस की उम्मीद की जा सकती है लेकिन आखिर में आप आसानी से विवाद को सुलझा लेंगे। तुला: आज धन-वृद्धि के योग बन रहे हैं। काम पर एनर्जी थोड़ी लो हो सकती है। सिंगल लोगों को कई निराशाजनक प्रयासों के बाद प्यार खोजने से थोड़ा ब्रेक लेना चाहिए। यह ब्रेक उन्हें यह जानने में मदद करेगा कि उन्हें वास्तव में एक साथी से क्या चाहिए। वृश्चिक: आज काम के सिलसिले में किसी यात्रा की योजना बना सकते हैं क्योंकि पूरी संभावना है कि सब कुछ आपके पक्ष में होगा। प्यार से जुड़ी उम्मीदें आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती हैं। आप गलत जगह पर प्यार की तलाश कर रहे हैं। जो आपका है, वह खुद ही आपके पास आएगा। धनु: पैसों की समस्या दरार पैदा कर सकती है। बहस करने से बचें। खुद को यह याद दिलाना चाहिए कि आप और आपका पार्टनर एक साथ क्यों हैं। संघर्ष से निपटें और फिर पैसों की स्थिति को सुलझाने की दिशा में काम करें। मकर: आज आपको अपना पूरा फोकस काम पर रखना चाहिए। शादीशुदा जोड़ों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर मनमुटाव हो सकता है। बात-चीत करने और एक-दूसरे के लिए समय निकालने की सलाह दी जाती है। आपको अपने परिवार को छोटे-मोटे झगड़ों में शामिल होने से बचाना चाहिए। कुंभ: आज खर्चों को कंट्रोल करें। सेहत पर ध्यान दें। अच्छे ह्यूमर वाला कोई आकर्षक व्यक्ति आपसे संपर्क कर सकता है। बिना आपको एहसास हुए ही आप दोनों के बीच चीजें तेजी से बदल जाएंगी। आपके सितारे आने वाले दिनों में आपके लिए खुशहाल रिश्ते की भविष्यवाणी करते हैं। मीन: आपका दोस्त आज आपको किसी ऐसे स्पेशल व्यक्ति से मिलवा सकता है, जो आपको अच्छा फील करवाएगा। उनकी उपस्थिति में आपको खुशी महसूस होगी, जिससे आप उनसे दोबारा मिलने की इच्छा करेंगे। आज आपके लव सितारे आपका साथ देंगे। इसलिए धैर्य बनाए रखें। recent visitors 65

मार्च 2026 तक पूरा प्रदेश नक्सल मुक्त होगा, सरकार और जवान नक्सलियों के सामने शक्ति से कार्रवाई कर रहे : मंत्री तोखन साहू

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा एंटी नक्सल ऑपरेशन 8 वें दिन भी जारी है। नक्सलियों के बड़े लीडरों को जवानों ने कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में घेर रखा है। इस मुठभेड़ में फ़ोर्स को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है। इस बीच नक्सलवाद के खात्मे को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खात्मे की ओर है, लेकिन कुछ नेता और दल माओवाद को सपोर्ट करने में लगे हैं। तेलंगाना की एक पार्टी ऑपरेशन रोकने की अपील कर रही है। लेकिन केंद्रीय अमित शाह ने टारगेट तय कर दिया ऑपरेशन रुकेगा नहीं। मार्च 2026 तक पूरा प्रदेश नक्सल मुक्त होगा। सरकार और जवान नक्सलियों के सामने शक्ति से कार्रवाई कर रहे हैं। कांग्रेस के संविधान बचाओ रैली पर बोला केंद्रीय राज्य मंत्री का हमला केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस के संविधान बचाओ रैली पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने संविधान की हत्या की है। भाई भतीजा वाद करने वाले संविधान की बात क्या करेंगे। प्रदेश में प्रदर्शन करने भ्रमित करने कांग्रेस पार्टी आती है। कांग्रेस के सिर्फ नेताओं की सक्रियता सिर्फ प्रदर्शन करने के लिए दिखती है। कांग्रेस के मन में सेवा भाव नहीं है। बता दें कि तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों ने बड़ी संख्या में जवानों ने डेरा डाला हुआ है। हेलीकॉप्टर से इलाके की निगरानी रखी जा रही है। यहां नक्सलियों के बड़े लीडरों के होने की आशंका है। जिसके मद्देनजर फ़ोर्स ने भी पूरी तैयारी के साथ घेराबंदी कर ली है। फिलहाल तीन महिला नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जिन पर 8-8 लाख का इनाम घोषित था।  recent visitors 44