सनराइजर्स वर्सेस दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल 2025 का 55वां मैच बारिश के कारण हुआ रद्द, बारिश में डूबे SRH के अरमान

नई दिल्ली सनराइजर्स वर्सेस दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल 2025 का 55वां मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। डीसी ने हैदराबाद का राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में 20 ओवर में 133/7 का स्कोर बनाया। वहीं, खराब मौसम की वजह से एसएरआच की पारी शुरू ही नहीं हो सकी। दोनों टीमों के बीच एक-एक बांटा गया। ना सिर्फ मैच बारिश की भेंट चढ़ा बल्कि एसआरएच के प्लेऑफ के अरमान भी डूब गए। पैट कमिंस की अगुवाई वाली एसआरएच प्लेऑफ की रेस से बाहर वाली तीसरी टीम बन गई है। हैदराबाद आईपीएल 2024 की उपविजेता थी लेकिन मौजूदा सीजन में उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। कमिंस ब्रिगेड ने अब तक 11 मैचों से सिर्फ तीन जीते हैं और सात अंकों के साथ पाइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर है। एसआरएच बनाम डीसी मैच रद्द होने के साथ ही पाइंट्स टेबल में खलबली मच गई। प्लेऑफ की रेस और भी रोमांचक हो गई है। अक्षर पटेल की कप्तानी वाली दिल्ली कैपिटल्स पांचवें नंबर पर बरकरार है लेकिन उसकी टेंशन बढ़ गई है। डीसी के खाते में फिलहाल 11 मैचों में 13 अंक हैं। डीसी अगर अगले तीन मैचों से एक हारी और एक रद्द हुआ तो उसकी प्लेऑफ की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगेगा। बता दें कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) 16 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर काबिज हैं। हालांकि, आरसीबी ने इतने अंक होने के बावजूद आधिकारिक रूप से प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं किया है। पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) दूसरे पायदान पर हैं। उसके 15 अंक हैं। मुंबई इंडियंस (एमआई) और गुजरात टाइटंस (जीटी) भी मजबूत दावेदार हैं। दोनों के 14-14 अंक हैं। हैदराबाद से पहले प्लेऑफ की रेस से चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) का पत्ता कटा था। मैच की बात करें तो कमिंस की धारदार गेंदबाजी के सामने दिल्ली ने 29 रन तक पांच विकेट गंवा दिए थे लेकिन ट्रिस्टन स्टब्स (नाबाद 41, 36 गेंद, चार चौके) और आशुतोष शर्मा (41 रन, 26 गेंद, तीन छक्के, दो चौके) ने डीसी का बंटाधार होने से बचा लिया। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 66 रन की साझेदारी की और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। जयदेव उनादकट ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 13 रन देकर एक विकेट चटकाया। ईशान मलिंगा (28 रन पर एक विकेट) और हर्षल पटेल (36 रन पर एक विकेट) ने भी एक-एक विकेट हासिल किया। कमिंस ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था। recent visitors 48

एमपी 12वीं बोर्ड रिजल्ट आज होगा घोषित: सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे जारी, जानिए कैसे और कहाँ देखें अपना रिजल्ट

MP 12th Board Result declared today: CM Dr. Mohan Yadav will release it, know how and where to see your result भोपाल। आज का दिन लाखों छात्रों के लिए बेहद अहम रहा। मध्यप्रदेश बोर्ड (MPBSE) की 12वीं की परीक्षा का परिणाम आज सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन से औपचारिक रूप से घोषित किया। इस साल कुल 7 लाख 6 हजार छात्रों ने 12वीं की परीक्षा दी थी। रिजल्ट देखने के लिए ये विकल्प हैं: [mpbse.mponline.gov.in](https://mpbse.mponline.gov.in) Digi Locker App MPBSE Mobile App MP Mobile App एप्लिकेशन या वेबसाइट में जाकर “Know Your Result” पर क्लिक करें, फिर रोल नंबर और एप्लिकेशन नंबर डालकर रिजल्ट पाएं। MP Board Result Button with Icon MP बोर्ड रिजल्ट 2025 देखें सीएम ने छात्रों को दी शुभकामनाएं:रिजल्ट जारी करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने छात्रों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि “यह सिर्फ एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। मेहनत और हौसला ही सफलता की असली कुंजी है।”कम अंक आए हैं? घबराएं नहीं:गांधी मेडिकल कॉलेज की मनोचिकित्सक डॉ. रुचि सोनी ने कहा कि बोर्ड के नतीजे अहम होते हैं, लेकिन यह जीवन का आखिरी निर्णय नहीं। कम अंक आने पर निराश न हों, खुद पर विश्वास रखें और अपने सपनों का रास्ता खुद तय करें। recent visitors 259

आतंकियों का ठिकाना दिखाने ले जा रहे युवक ने क्यों लगाई नाले में छलांग? हुई मौत

श्रीनगर जम्मू- कश्मीर में पहलगाम हमले के बाद सुरक्षाबल एक्शन में हैं। इसी बीच नदी के किनारे एक युवक की लाश मिले। इस लेकर सियासत शुरू हो गई। सुरक्षाबलों पर आरोप लगे, क्योंकि युवक को पूछताछ के लिए उठाया गया था। मामले में एक वीडियो सामने आया है, जिसने आरोपों को पलटकर रख दिया। इस वीडियो में दिख रहा है कि युवक खुद सुरक्षाबलों से बचकर भाग रहा है। वह नदी में छलांग लगा देता है और बह जाता है। युवक पर आतंकियों को शरण देने और उनकी मदद करने का आरोप था। फिलहाल मामले में न्यायिक जांच के आदेश हुए हैं। युवक की उम्र 23 साल थी और उसका नाम इम्तियाज अहमद मगरे थे। युवक को सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के बाद शुरू की गई थी। उस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। तगंमार्ग का रहने वाला था इम्तियाज इम्तियाज अहमद मगरे नाम का यह युवक कुलगाम जिले के दमहाल हांजीपोरा इलाके के तंगमार्ग का रहने वाला था। वह दिहाड़ी मजदूर था। उसका शव रविवार की सुबह एक नदी में मिला। पुलिस का कहना है कि वह एक आतंकवादी ठिकाने का पता लगाने के दौरान भागने की कोशिश कर रहा था, तभी डूब गया। वीडियो में क्या एक ऊंची जगह से बनाए गए वीडियो में 23 वर्षीय व्यक्ति इम्तियाज अहमद मगरे को वन क्षेत्र से कुछ समय के लिए बाहर निकलने के बाद अचानक चट्टानी नदी में कूदते हुए दिखाया गया है। इम्तियाज को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया था। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान, उसने पुलिस को बताया कि उसने कुलगाम में तंगमार्ग के जंगल में छिपे आतंकवादियों को खाना और शेल्टर दिया था। आतंकियों के ठिकाने की थी इम्तियाज को जानकारी जम्मू- कश्मीर पुलिस का दावा है कि इम्तियाज मगरे को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया था। उसने दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों के बारे में जानकारी दी थी। पुलिस ने कहा कि सुबह जब CASO (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) शुरू किया गया, तो वह ड्रोन वीडियोग्राफी के माध्यम से कड़ी निगरानी में नदी के पास ठिकाने वाली जगह पर गया। इसके बाद, उसने विशव नाला में छलांग लगा दी। शायद उसने नदी के रास्ते भागने की कोशिश की। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है इन कारणों से वो कूदा होगा पहला- सुरक्षाबलों ने बचकर भागा कि कहीं वे ज्यादा सख्त पूछताछ ना करें. दूसरा- आतंकियों का ठिकाना दिखाने से उसका आतंक फैलाने का मकसद पूरा नहीं हो पाता तीसरा- आतंकियों का ठिकाना दिखाने के बाद आतंकियों से भी वह खतरा महसूस करता जंगल में आतंकियों का ठिकाना बताने जा रहा था मागरे पूछताछ के दौरान उसने बताया था कि कुलगाम में ही एक जंगल में आतंकियों के छिपने का ठिकान है और 4 मई को सेना उसे हाइडआउट का रास्ता बताने के लिए अपने साथ ले जा रही थी. इसी बीच इम्तियाज ने नाले में कूदकर अपनी जान दे दी और ये पूरी घटना कैमरा में कैप्चर हो गई क्योंकि सेना के जवान ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रहे थे. इस मामले को लेकर इम्तियाज के घरवाले सेना और पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं लेकिन फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि वो किस तरह से कूदा और उसकी मौत हो गई.  पुलिस का दावा X पर लीक हुए एक 38 सेकंड के वीडियो में मगरे को नदी के किनारे की ओर बढ़ते हुए, फिर दौड़ते हुए और तेज बहते पानी में कूदते हुए दिखाया गया है। पुलिस ने कहा कि इम्तियाज को 23 अप्रैल को तंगमार्ग जंगल में सुरक्षा बलों के ध्वस्त किए गए एक पुराने ठिकाने के बारे में भी पता था। जम्मू-कश्मीर में सियासत हालांकि इम्तियाज की मौत के मामले में सियासत गरमा गई है। पॉपुलर डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता और पूर्व मंत्रियों की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इम्तियाज अहमद मगरे की मौत की साजिश का आरोप लगाया। सामाजिक कल्याण मंत्री सकीना इटू ने युवक के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने उपराज्यपाल से न्यायिक जांच कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मगरे बहुत गरीब परिवार से था। उसकी मौत सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में हुई। ये एजेंसियां सीधे केंद्र सरकार को रिपोर्ट करती हैं। recent visitors 45

बुंदेलखंड में विकास कार्यों से नौगांव शहर व वार्डो की बदली तस्वीर.!!

The picture of Naugaon city and wards has changed due to development work in Bundelkhand.!! छतरपुर ! बुंदेलखंड में विकास कार्यों से शहरों में प्रगति हो रही है । मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की नगर पालिका परिषद नौगांव विकास की ओर अग्रसर है, उपयंत्री आलोक जायसवाल शहर के विकास में महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं । इतना ही नहीं सड़कों और नलियों की सफाई, जल आपूर्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास में भी योगदान दे रहे हैं । नगर पालिका परिषद नौगांव में उपयंत्री आलोक जायसवाल सड़कों और अन्य बुनियादी कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण करवाते हैं। नगरवासियों को राज्य व केंद्र की प्रत्येक योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है । नगर में चारो और निर्माण कार्य अनवरत जारी है। सरकार की प्रत्येक योजनाओं का पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है। उपयंत्री आलोक जायसवाल द्वारा कार्य योजना में करोड़ों के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। शहर के वार्डों में पहुंचकर जन समस्याओं का निराकरण भी किया जा रहा है । नगर पालिका परिषद नौगांव के उपयंत्री आलोक जायसवाल ने बताया कि शासन के माध्यम से बड़े प्रोजेक्ट नगर में प्रस्तावित किए जाने की संभावना है । केंद्र एवं राज्य सरकार के शासकीय प्रोजेक्ट से नगर पालिका परिषद नौगांव में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे । नवीन कार्यों का कायाकल्प किया जा रहा हैं। शहर में साफ सफाई स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों व जन शिकायतों का भी तत्काल निराकरण किया जा रहा है । आज नगर में कोई भी शिकायत पेंडिंग नहीं है l जनता को शासन की जनकल्याणकारी योजना का लाभ मिल रहा है, शहर में विकास कार्य प्रगति पर है ! recent visitors 229

नागरिकता विवाद में राहुल गांधी को राहत: हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, केंद्र पर उठाए सवाल

Relief to Rahul Gandhi in citizenship dispute: High Court dismisses petition, raises questions on Centre लखनऊ। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका को लखनऊ हाईकोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से अस्पष्ट जवाब दिए जाने पर नाराजगी जताई और कहा कि जब तक केंद्र कोई स्पष्ट स्थिति नहीं रखता, तब तक याचिका को लंबित रखने का कोई औचित्य नहीं है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को अन्य कानूनी रास्ते अपनाने की स्वतंत्रता दी है। Relief to Rahul Gandhi in citizenship dispute यह मामला पिछले कुछ वर्षों से सुर्खियों में बना हुआ था, जिसमें राहुल गांधी पर ब्रिटेन की एक कंपनी के डायरेक्टर पद पर रहते हुए खुद को “ब्रिटिश नागरिक” बताने का आरोप लगाया गया था। याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर, जो कर्नाटक के निवासी और भाजपा से जुड़े हैं, ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया कि यदि राहुल गांधी ने स्वयं को ब्रिटिश नागरिक बताया है, तो भारतीय नागरिकता कानून 1955 के अनुसार उनकी नागरिकता रद्द की जानी चाहिए और वे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किए जाएं। हाईकोर्ट की टिप्पणी और केंद्र की भूमिका कोर्ट की खंडपीठ जिसमें न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति राजीव सिंह शामिल थे, ने कहा कि केंद्र सरकार याचिकाकर्ता की शिकायत के निपटारे के लिए कोई समयसीमा नहीं दे पा रही है। ऐसे में याचिका पर विचार जारी रखना व्यर्थ होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में अन्य वैकल्पिक विधिक उपायों के लिए स्वतंत्र है। Read more : शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय :शिक्षकों की घोर लापरवाही से 93 छात्र विद्यालय से बाहर निकलने हुए मजबूर इससे पहले 21 अप्रैल को हुई सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है, और इसमें देरी नहीं की जा सकती। कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि क्या राहुल गांधी भारतीय नागरिक हैं या नहीं—और 10 दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। लेकिन 10 दिन की समयसीमा बीतने के बाद भी सरकार की ओर से ठोस जवाब नहीं आया। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सूर्यभान पांडेय ने कोर्ट में केंद्र की ओर से स्थिति रिपोर्ट पेश की थी, जिसे कोर्ट ने अपर्याप्त” बताया था। इसके बाद कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ही मामले की गंभीरता को नहीं समझ रही, तो कोर्ट के पास याचिका खारिज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। याचिकाकर्ता के आरोप क्या थे? याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दावा किया था कि राहुल गांधी ने वर्ष 2005-2006 में ब्रिटेन की एक कंपनी, ‘BackOps Limited’ में डायरेक्टर के रूप में खुद को “British citizen” बताया था। उन्होंने ब्रिटिश सरकार के 2022 के एक गोपनीय मेल का भी हवाला दिया और कहा कि राहुल गांधी की नागरिकता संदिग्ध है। याचिका में यह भी कहा गया कि यदि राहुल गांधी वास्तव में ब्रिटिश नागरिक रहे हैं या दोहरी नागरिकता रखते हैं, तो भारतीय कानून के अनुसार उन्हें संसद सदस्य बने रहने और चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं है। भारतीय नागरिकता अधिनियम की धारा 9(2) के तहत याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी की नागरिकता को समाप्त करने की मांग की थी। पिछली सुनवाइयों का विवरण मामले की सुनवाई कई चरणों में हुई। 24 मार्च को कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था, लेकिन सरकार ने आठ सप्ताह का समय मांगा। 19 दिसंबर 2024 को जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने केंद्र सरकार को यूके सरकार से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने ब्रिटिश सरकार को पत्र लिखा है और जांच जारी है। राहुल गांधी की ओर से चुप्पी Relief to Rahul Gandhi in citizenship dispute इस पूरे मामले के दौरान कोर्ट में राहुल गांधी की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ, जिससे कई सवाल खड़े हुए। हालांकि, कांग्रेस पार्टी या राहुल गांधी की ओर से सार्वजनिक रूप से इस याचिका पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इससे मामले की संवेदनशीलता और राजनीतिक प्रकृति और भी गहरी हो जाती है। क्या आगे की कार्रवाई होगी? हालांकि हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है, लेकिन यह मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि याचिकाकर्ता अन्य वैधानिक विकल्पों के लिए स्वतंत्र हैं। इसका अर्थ यह है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट या किसी अन्य मंच पर चुनौती के रूप में फिर से उठाया जा सकता है। राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर उठे सवाल और कोर्ट की टिप्पणी दोनों ही भारतीय राजनीति में संवेदनशील और अहम हैं। हाईकोर्ट ने फिलहाल याचिका खारिज कर एक स्पष्ट संकेत दिया है कि जब तक केंद्र खुद ठोस जानकारी नहीं देता, तब तक न्यायपालिका इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दे सकती। अब देखना होगा कि क्या याचिकाकर्ता इस मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाते हैं या केंद्र सरकार इस पर कोई नई स्थिति स्पष्ट करती है। recent visitors 102

शासकीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय :शिक्षकों की घोर लापरवाही से 93 छात्र विद्यालय से बाहर निकलने हुए मजबूर

Government Gyanodaya Residential School: Due to gross negligence of teachers, 93 students were forced to leave the school जबलपुर । Government Gyanodaya Residential School शारदा नगर रांझी जबलपुर में मध्य प्रदेश शासन के अनुसूचित जाति विभाग द्वारा संचालित संभाग स्तर का विशेष विद्यालय है जिसमें शैक्षणिक एवं व्यवस्था हेतु केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का बजट आवंटित किया जाता है परंतु हाल ही में जारी हुए सत्र 2024 – 25 के विद्यालय के परीक्षा परिणाम पर नजर डालेंगे तो पाएंगे कि पूरे विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था चौपट हो चुकी है और सीबीएसई पाठ्यक्रम से संचालित इस विद्यालय में A1 और A2 में पांच प्रतिशत बच्चे भी नहीं हैं । जबकि C1 C2 , D तथा E में 40% से ज्यादा छात्र आए हैं जिससे पता चलता है कि विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति अत्यंत जर्जर है ।कक्षा छठवीं ब में 39 छात्रों में से 22 छात्रों को विद्यालय से निकाला जा रहा है। ज्ञानोदय विद्यालय को प्राप्त है विशेष विद्यालय का दर्जाअनुसूचित जाति विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति एवं अन्य वर्ग के बीपीएल कार्ड धारक छात्र-छात्राओं के लिए यह संभाग स्तर का विशेष आवासीय विद्यालय है, इस विद्यालय में करोड़ों का बजट आवंटित होता है छात्रों के लिए रहने , खाने एवं पढ़ने की उच्च स्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश हैं एवं प्रत्येक छात्र का प्रवेश कठिन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है , प्रवेश उपरांत छात्रों को निशुल्क रहने, खाने एवं पढ़ने की व्यवस्था शासन द्वारा सुनिश्चित की जाती है इस कारण से इस विद्यालय में प्रदेश के विभिन्न जिलों से उत्कृष्ट छात्र प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर इस विद्यालय में आते हैं, एवं प्रतिवर्ष न्यूनतम 60% परीक्षा परिणाम लाना होता है, 60% परीक्षा परिणाम न आने पर छात्रों को विद्यालय से बाहर निकाल दिया जाता है।सवाल यह है कि शिक्षकों के द्वारा पढ़ने में की गई घोर लापरवाही की सजा नन्हे मुन्ने छात्र-छात्राओं को भुगतान पड़ती है एवं इसका विपरीत परिणाम उनके भविष्य पर पड़ता है, Read More: मध्यप्रदेश में चार दिन रहेगा मौसम का कहर: बारिश, ओले और 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी आंधियाँ कक्षा नौवीं में 60% से कम प्राप्तांक से उत्तीर्ण वाले छात्रों को कहीं भी नहीं मिलता प्रवेश , हो जाते हैं शाला त्यागीइस विद्यालय में विगत कई वर्षों से कक्षा नौवीं में प्रवेशित एवं 33% से लेकर 59.9% तक उत्तीर्ण छात्राओं को विद्यालय से बाहर करने के नियम हैं , इस नियम के कारण 60% से कम प्राप्तांक से उत्तीर्ण कक्षा 9 के छात्रों को अन्य विद्यालयों में कक्षा दसवीं से सीधे प्रवेश नहीं दिया जाता जिससे हजारों छात्रों का भविष्य चौपट हो चुका है एवं वे शाला त्यागी होकर शिक्षा छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं । शिक्षकों के कार्यों का नहीं होता मूल्यांकनइस विशेष विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों के कार्यों का कोई मूल्यांकन नहीं होता एवं वरिष्ठ कार्यालय के द्वारा खराब परिणाम वाले शिक्षकों पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं करने से साल दर साल विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। विद्यालय में नहीं होती कभी पालक शिक्षक संघ की बैठक छात्र की शैक्षणिक स्थिति से पालकों को नहीं कराया जाता अवगतमध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग एवं अनुसूचित जाति व जनजाति विभाग द्वारा संचालित समस्त विद्यालयों में नियमित रूप से पालक शिक्षक संघ की बैठक आयोजित करने एवं बालकों को छात्रों की उपस्थित, शैक्षणिक योग्यता व कार्य व्यवहार से अवगत कराए जाने के निर्देश हैं परंतु इस विद्यालय में कभी भी पालक शिक्षक संघ की बैठक आयोजित नहीं की जाती जिससे पालकों को अपने बच्चों की शैक्षणिक स्थिति का पता नहीं चलता है । दूर दराज के जिलों से पढ़ने आते हैं वंचित एवं कमजोर वर्ग के छात्रGovernment Gyanodaya Residential School में सिवनी, बालाघाट , छिंदवाड़ा, मंडला , डिंडोरी, उमरिया , कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर ,दमोह सहित आसपास के अनेक जिलों से छात्र पढ़ने आते हैं । विद्यालय में पूर्व में चार छात्रों की हो चुकी है मौतज्ञानोदय आवासीय विद्यालय में छात्रों को उचित गुणवत्ता युक्त भोजन न कराने , उनका ठीक से देखभाल न करने , स्वास्थ्य परीक्षण न करने एवं लापरवाही पूर्वक रखने के कारण चार छात्रों की विगत वर्षों में मौत हो चुकी है इसके बाद भी विद्यालय प्रबंधन एवं विभाग को किसी प्रकार का कोई फर्क नहीं पड़ा। शिक्षकों के कार्य की गलत जानकारी प्रेषित कर वरिष्ठ कार्यालय को किया जाता है गुमराहGovernment Gyanodaya Residential School द्वारा प्रतिवर्ष परीक्षा परिणाम का शिक्षकवार गोसवारा तैयार करते समय कुल उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत बताया जाता है जबकि यह जानकारी छुपा ली जाती है कि इस कक्षा से 60% से कम परिणाम आने के कारण इतने छात्रों को विद्यालय से निष्कासित किया जा रहा है । सालों से एक ही स्थान पर जमे हैं कई शिक्षक , पढ़ाने में नहीं लेते हैं बिल्कुल भी रुचिइस विद्यालय में पदस्थ अनेक शिक्षक विगत कई वर्षों से यहां पदस्थ हैं और प्रतिवर्ष खराब परिणाम देने के बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है सवाल यह है कि ऐसे लापरवाह शिक्षकों को क्यों बचाया जा रहा है एवं इनका स्थानांतरण दूर दराज के स्कूलों में क्यों नहीं किया गया ? आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ अबाक्स के प्रदेश अध्यक्ष देवेश चौधरी ने कहा कि संभाग के एक मात्र अनुसूचित जाति के विशेष विद्यालय में ऐसी घोर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए ।अनुसूचित जाति जनजाति छात्र संघ ने अत्यंत खराब परीक्षा परिणाम एवं बदतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की है, संघ के प्रदेश अध्यक्ष शुभम चौधरी ने बताया कि इस विद्यालय से लापरवाही की शिकायतें लगातार प्राप्त होती रहती हैं फिर भी विद्यालय प्रबंधन एवं वरिष्ठ कार्यालय इन्हें बचाता है। इनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए। सवाल यह है कि recent visitors 134

टीआईटी कॉलेज लव जिहाद और रेपकांड की जांच के लिए SIT का गठन.. देहात आईजी अभय सिंह संभालेंगे कमान

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर के बाद अलग-अलग जिलों से लव जिहाद के मामले सामने आ रहे हैं। दमोह में भी लव जिहाद से जुड़ा एक मामला सामने आया है। प्रदेश में लव जिहाद से जुड़े सभी मामलों की जांच के लिए पुलिस मुख्यालय ने राज्य स्तरीय विशेष जांच टीम (स्टेट एसआईटी) गठित की है। टीम की कमान भोपाल देहात के आईजी अभय सिंह को सौंपी गई है। उनके सहयोगी के रूप में भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज श्रीवास्तव और पुलिस मुख्यालय के 3 वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे। एसआईटी लव जिहाद, दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों की निगरानी और समन्वय करेगी। आज क्लब 90 का निरीक्षण करेगी राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम भोपाल के लव जिहाद मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर की अध्यक्षता वाली टीम भोपाल में है।  सोमवार को टीम क्लब 90 का निरीक्षण करेगी। मानवाधिकार आयोग ने भोपाल पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्रथम दृष्टया शिकायत दर्ज करने में देरी मानते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। सदस्य प्रियंक कानूनगो के अनुसार, अब तक 7 पिडिताएं सामने आ चुकी हैं और संख्या बढ़ने की आशंका है। रविवार को एक पीड़िता आयोग के सामने पेश हुई। पूछताछ के बाद आयोग ने एफआईआर में संगठित अपराध की धाराएं जोड़ने की सिफारिश की है। हिंदू नाम से बुक कराया कैमरा मध्य प्रदेश दमोह के लॉज में फर्जी आधार कार्ड से युवती के साथ रुका युवक इजराइल खान अब एटीएस की जांच में है। उसने खुद को शिवा शर्मा बताकर कमरा बुक कराया था। उसके मोबाइल से 3 युवतियों से संबंधों के सबूत और 12 से ज्यादा से चैटिंग मिली है। एटीएस को शक है कि यह मामला लव जिहाद से जुड़ा हो सकता है। आरोपी ने कबूला कि वह फोटो कॉपी की दुकान से छात्राओं के नाम-नंबर लेता था और उन्हें जाल में फंसाता था। सीएसपी अभिषेक तिवारी ने कहा कि अभी युवतियों की ओर से कोई शिकायत नहीं आई है। अगर आती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। दमोह पुलिस ने फर्जी दस्तावेज का केस दर्ज किया है। यह था मामला दरअसल जिस तरह से पहलगाम में धर्म देखकर गोली मारी गई उसी तरह भोपाल में धर्म पूछकर कर रेप जिहाद की वारदात को अंजाम दिया गया। धर्म देखकर की दोस्ती फिर तीन युवतियों से रेप किया गया। फरहान खान, साहिल खान और अली खान ने पहले नाम बदलकर दोस्ती की थी। मामले में सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ में रोज रोज नए खुलासे हो रहे हैं। क्या है टीआईटी कॉलेज का मामला? बता दें कि इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों-फरहान खान, साहिल, साद, अली खान, और एक अन्य को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार, 2 मई 2025 को अली की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे अशोका गार्डन पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 6 मई तक के लिए दोबारा रिमांड पर भेज दिया। अली की निशानदेही पर पुलिस उन स्थानों का सत्यापन कर रही है, जहां पीड़िताओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। इसके साथ ही पुलिस ने कई अहम साक्ष्य भी जब्त किए हैं।  पुलिस ने फरहान को हाल ही में इंदौर ले जाकर एक अन्य पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म के स्थान की शिनाख्त कराई। इंदौर में फरहान ने पीड़िता के घर के बाहर हंगामा किया था, जिसके बाद पीड़िता ने डायल 100 पर शिकायत की थी। हालांकि, उस समय इंदौर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। अब भोपाल पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि हो चुकी है, और इंदौर से भी अहम सबूत जमा किए गए हैं।   recent visitors 62