रचनात्मक सृजनशीलता और कला-कौशल गतिविधियों में भाग ले रहे हैं विद्यार्थी

भोपाल मध्यप्रदेश के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी इन दिनों कला एवं अभिव्यक्ति, नाट्य अभिनय, फोटोग्राफी, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, पारंपरिक नृत्य, क्षेत्रीय संगीत, हस्तकला एवं लोक कलाएँ, पारंपरिक खेलों, वित्तीय साक्षरता, व्यवसाय, मॉडल, डिज़ाइन, थिंकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी के साथ ही कविता और कहानियों की रचना जैसी अपनी अभिरूचियों के विकास में व्यस्त हैं। दरअसल प्रदेश के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के अपर संचालक श्री राजीव तोमर ने बताया कि एक मई से प्रारंभ हुए ये समर कैम्प 20 मई 2025 तक संचालित होंगे। शासकीय विद्यालयों में अकादमिक गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों में रचनात्मक-सृजनशीलता, कला-कौशल के विकास के लिए इन समर कैम्प्स का आयोजन प्रदेश के समस्त सांदीपनी विद्यालयों, पीएमश्री विद्यालयों, उत्कृष्ट विद्यालयों और मॉडल विद्यालयों के साथ 500 से अधिक नामांकन वाले एकीकृत हायर सेकेंडरी विद्यालयों में किया जा रहा है। समर कैम्प का उद्देश्य विद्यार्थियों में 21वीं सदी के विभिन्न कौशलों जैसे आपसी सहयोग, टीमवर्क, समस्या समाधान, आपसी सामंजस्य, तार्किकता और नेतृत्व जैसे जीवन कौशल विकसित करने के लिए अवसर प्रदान करने के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक जागरूकता, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा बोलने की क्षमता का विकास आदि हैं। समर कैम्प के आयोजन की अवधि सांदीपनी विद्यालयों में समर कैम्प का आयोजन सामान्यतः एक मई से 20 मई 2025 की अवधि में प्रातः 8 से 11 बजे तक किया जा रहा है। वहीं पीएमश्री उत्कृष्ट एवं मॉडल विद्यालयों में विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा बोलने की क्षमता विकसित करने के लिये कक्षा-3 से 8 और कक्षा-9 से 12 के विद्यार्थियों के लिये समर कैम्प आयोजित किये जा रहे हैं। कैम्प के संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों को भेजी गयी है। प्रदेश में 20 मई से अधिक अवधि तक समर कैम्प संचालन के संबंध में विद्यालय अपने स्तर पर निर्णय ले सकेंगे।   recent visitors 64

रामबन में अचानक हुए भूस्खलन के चलते एनएच-44 पर दोनों ओर से यातायात बाधित

ऊधमपुर रामबन जिले के सेरी चंबा क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर बादल फटने से भारी तबाही हुई है। अचानक हुए भूस्खलन के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर दोनों ओर से यातायात को पूरी तरह रोक दिया गया। मूसलधार वर्षा के बाद हुए इस भूस्खलन से राजमार्ग पर भारी मलबा आ गया, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। सैकड़ों की संख्या में वाहन हाईवे पर दोनों तरफ फंसे हैं। टीसीयू रामबन के अनुसार, शुक्रवार दोपहर को अचानक हुई तेज वर्षा के कारण सेरी चंबा में भारी भूस्खलन होने से काफी मलबा और कीचड़ हाईवे पर आ गया। जिस वजह से दोनों ओर का यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। हाईवे बंद होने के कुछ ही देर के बाद एनएचएआई के लिए काम करने वाली सीपीपीएल कंस्ट्रक्शन कंपनी की आधा दर्जन मशीनें मौके पर पहुंच कर मलबा हटाने में जुट गई। नहीं हुआ रास्ता साफ, हाईवे अभी भी बंद दोपहर बाद से ही मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। समाचार लिखे जाने तक रास्ता साफ नहीं हो पाया था और हाईवे पूरी तरह बंद था। पीसीआर रामबन के अनुसार अभी हाईवे खुलने में दो से तीन घंटों या इसके भी कुछ अधिक समय लग सकता है। वहीं यातायात पुलिस और जिला पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे राजमार्ग पर यात्रा न करें और जब तक मार्ग पूरी तरह साफ न होने तक हाईवे पर सफर से बचने को कहा है। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वह सफर शुरू करने से पूर्व ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक ट्विटर और फेसबुक से अपडेट या टीसीयू से संपर्क कर हाईवे की स्थिति की जानकारी प्राप्त जरूर करें। recent visitors 59

भारतीय हमलो का पीओके में 1000 से अधिक मदरसों पर दिखा खौफ, किया बंद

नई दिल्ली पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं। स्थानीय अधिकारियों ने शुक्रवार को यह घोषणा की। विश्वसनीय सूत्रों ने मीडिया को बताया कि भारत की तरफ से हमले के डर की वजह से पीओके में स्थित मदरसों को बंद कर दिया गया। भारत यह दावा करता रहा है कि इन संस्थानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के छिपने के ठिकाने के रूप में किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि भारत पाकिस्तान के साथ पूर्ण पैमाने पर युद्ध शुरू नहीं करेगा, लेकिन नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ पीओके क्षेत्रों में कुछ हमले जरूर करेगा। 29 सितंबर 2016 को, भारतीय सेना के कमांडो की टीमों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में प्रवेश कर आतंकी ठिकानों में छिपे बैठे आतंकवादियों को खत्म किया था। यह कार्रवाई 18 सितंबर 2016 को जम्मू और कश्मीर के उरी में एक भारतीय सेना की चौकी पर हमला करने के दस दिन बाद हुई थी। हमले में 19 सैनिकों की मौत हो गई थी। एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "सरकार के निर्देशानुसार 1000 से अधिक मदरसे बंद कर दिए गए हैं। उन्हें कम से कम 10 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है और छात्रों के लिए छुट्टियों की घोषणा कर दी गई है।" इससे पहले पाकिस्तान ने बुधवार को गिलगित और स्कार्दू के लिए सभी घरेलू उड़ानें रद्द करने की घोषणा की। विदेशी उड़ानों की भी कड़ी निगरानी शुरू की गई। जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) को सभी आने वाले विदेशी विमानों की जांच करने का निर्देश दिया गया। इस बीच पाकिस्तान ने भारत से लौटने वाले अपने नागरिकों के लिए वाघा सीमा को खुला रखने की घोषणा की। पहलगामा आतंकी हमले के बाद नई दिल्ली ने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए थे। पाकिस्तान विदेश कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, "हालांकि भारत से पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी की अंतिम तिथि 30 अप्रैल थी, लेकिन यदि भारतीय अधिकारी उन्हें अपनी ओर से सीमा पार करने की अनुमति देते हैं तो लाहौर में वाघा बॉर्डर हमारे नागरिकों के लिए खुला रहेगा।" बयान में कहा गया, "वाघा सीमा भविष्य में भी पाकिस्तानी नागरिकों के लिए खुली रहेगी।" बता दें आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल – पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों (ज्यादातर पर्यटक) पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं। हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। प्रतिबंधित आतंकवादी समूह 'लश्कर-ए-तैयबा' से जुड़े 'टीआरएफ' ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, शामिल हैं। भारत के इन फैसलों के बाद पाकिस्तान ने शिमला समझौते को स्थगित करने और भारतीय उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने, भारतीय नागरिकों के वीजा रद्दे करने जैसे कदम उठाए। recent visitors 60

याचिकाकर्ता का दावा है कि वे भारतीय हैं, सुप्रीम कोर्ट ने छह कथित पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने पर रोक लगा दी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को छह कथित पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता का दावा है कि वे भारतीय हैं। उनके पास भारतीय नागरिकता को प्रमाणित करने वाले कई दस्तावेज मौजूद हैं, जिनमें भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड शामिल है। याचिकाकर्ता के वकील नंदकिशोर इस प्रकरण के बारे में जानकारी देते हुए बताते हैं कि यह बहुत ही हैरान करने वाली बात है। एक व्यक्ति मूल रूप से हिंदुस्तानी है, उसके पास खुद को हिंदुस्तानी साबित करने के लिए अनेकों दस्तावेज हैं। इसके बावजूद, उसे पाकिस्तान जाने के लिए कह दिया जाता है। नोटिस भेज दिया गया। याचिकाकर्ता ने अपने वकील के माध्यम से बताया कि हमारे परिवार में कुल छह सदस्य हैं। इनमें से दो बेटे बेंगलुरु में काम करते हैं। इसके अलावा, परिवार में माता, पिता, भाई और बहन हैं। याचिकाकर्ता ने बताया कि जब हमें पाकिस्तान के लिए नोटिस आया, तो हम हतप्रभ हो गए। यही नहीं, हमें गाड़ी में बैठाकर अटारी बॉर्डर तक ले जाया गया और कहा गया कि हम देश छोड़ दें, जबकि हम हिंदुस्तानी हैं। वकील और याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने सरकारी अधिकारियों को भारतीय नागरिकता की वैधता के बारे में दस्तावेजों की जांच करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा है कि जब तक सरकारी अधिकारी उचित निर्णय नहीं लेते, तब तक परिवार के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही याचिकाकर्ता को न्यायालय ने निर्देश दिया कि जब तक सरकारी अधिकारी उचित निर्णय नहीं करते, तब तक परिवार के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए। इसमें सिंधु जल समझौते को निलंबित करना, पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश देना और राजनयिक संबंधों में कटौती करना शामिल है। recent visitors 48

मणिपुर में तीन मई 2023 से जातीय संघर्ष भड़क उठे थे, इसे देखते हुए फिर बढ़ा दी गई सुरक्षा, बड़े पैमाने पर तैनाती

इंफाल मणिपुर में जातीय संघर्ष की दूसरी बरसी से पहले एहतियात के तौर पर पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मणिपुर में तीन मई 2023 से जातीय संघर्ष भड़क उठे थे। पुलिस ने असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए इंफाल, चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिला मुख्यालयों में प्रमुख स्थानों पर तलाशी और वाहनों की जांच तेज कर दी है। इंफाल के खुमान लांपक और उसके आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहां ‘मणिपुर पीपुल्स कन्वेंशन’ होने वाला है। अधिकारियों ने बताया कि कंगला गेट के सामने केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने बताया, ‘राज्य में असामाजिक तत्वों की किसी भी अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया है, खासकर शनिवार को।’ मेइती समुदाय के संगठन ‘मणिपुर अखंडता समन्वय समिति’ (सीओसीओएमआई) ने जनता से तीन मई को सभी गतिविधियां स्थगित कर सम्मेलन में भाग लेने का आह्वान किया है। स्वयंसेवकों ने सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों का उपयोग कर नागरिकों को पिछले दो वर्षों में हुई हिंसा की याद दिलाई तथा राज्य की क्षेत्रीय और प्रशासनिक अखंडता के प्रति कथित खतरे को उजागर किया। कुकी छात्र संगठन (केएसओ) और ज़ोमी छात्र संघ (जेडएसएफ) ने भी तीन मई को सभी कुकी बहुल क्षेत्रों में बंद का आह्वान किया है। एक संयुक्त बयान में छात्र संगठनों ने कहा, ‘तीन मई को जातीय हिंसा शुरू होने के दो वर्ष पूरे हो गए हैं। इस दिन सभी शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखा जाए।’ उन्होंने लोगों से शोक स्वरूप अपने घरों पर काले झंडे फहराने का भी आह्वान किया। मई 2023 से मेइती और आसपास के पहाड़ों पर रहने वाले कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। एक अलग घटनाक्रम में पुलिस अभियान में प्रतिबंधित संगठन ‘यूएनएलएफ’ (कोइरेंग गुट) के दो सक्रिय सदस्यों को इंफाल पश्चिम जिले के उत्तरी एओसी से गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान हुइड्रोम पिशाक (35) और हंगलेम थोइबा मेइती के रूप में की गई है। उनके पास से दो कारतूसों से भरी 9 एमएम की पिस्तौल बरामद की गई है। recent visitors 46

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा- आने वाले वर्षों में पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि आने वाले वर्षों में पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जो पंचायतें अच्छा कार्य करेंगी, उन्हें विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। पंचायतों में सुविधा संपन्न पंचायत भवन बनाने के लिए राज्य सरकार 37.5 लाख और 48.5 लाख रुपये की राशि प्रदान करेगी। इनमें एक भवन क्लस्टर स्तर पर होगा जिसमें सब इंजीनियर का कार्यालय भी बनाया जाएगा । यह बात मंत्री श्री पटेल ने दमोह जिले के जरारूधाम गौ-अभ्यारण में पंच-सरपंच सम्मेलन एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम एवं जल गंगा संवर्धन अभियान कार्यक्रम में कही। संबल योजना में पारदर्शिता और त्वरित सहायता मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत 600 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से जारी की गई है। उन्होंने कहा कि अब कोई भी दुर्घटना होने पर अब 24 से 48 घंटे के भीतर पीड़ित श्रमिक परिवार को सहायता राशि घर पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रमिकों के लिए बड़ा सहारा साबित हो रही है। कार्यक्रम में जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति और आगामी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जरारूधाम क्षेत्र में पथरीले स्थान पर हरियाली लाने के लिए 10 हजार से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जो पर्यावरण संतुलन में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि पौधरोपण वहीं किया जाएगा जहाँ पौधों को जीवित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। जल स्त्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए हम सभी को प्रयास करना चाहिए। विशेष रूप से नदियों के उदगम स्थलों को संरक्षित करने की दिशा में कार्य करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के समीप स्थित पंचायतों के लिए कार्य योजना भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार की जाएगी। गांवों की विकास योजनाओं के लिए मंथन का अवसर संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी ने कहा कि पंच-सरपंच सम्मेलन को ग्रामीण विकास के लिए विभिन्न पहलुओं पर मंथन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है । उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान से गांवों की रचना और विकास योजना को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि हैंडपम्प और अन्य जल स्रोतों के सूखने की समस्या को जल रिचार्जिंग के माध्यम से हल किया जाएगा। पंच-सरपंच सरकार की योजनाओं को ज़मीन पर उतारने की कड़ी राज्यमंत्री श्री लखन पटेल ने कहा कि पंच-सरपंच सरकार की योजनाओं को ज़मीन पर उतारने की सबसे निचली लेकिन सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि हर वर्ष जल स्तर 50-100 फीट नीचे जा रहा है, इसलिए पुराने कुएं, बावड़ियों का संरक्षण आवश्यक है। गांवों को मिलेगा सिंचाई और पीने के पानी का स्थायी समाधान सांसद श्री राहुल सिंह लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बुंदेलखंड की एक-एक इंच ज़मीन को पानी से सींचने का संकल्प लिया गया है। केन-बेतवा लिंक परियोजना और छोटे बांधों से क्षेत्र में जल संकट का स्थायी समाधान किया जाएगा।   recent visitors 50

अब भारत ने एक और डिजिटल स्ट्राइक करते हुए पाक पीएम शरीफ के यूट्यूब अकाउंट को सस्पेंड कर दिया

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। भारत पड़ोसी देश के खिलाफ लगातार कड़े ऐक्शन ले रहा है। अब भारत ने एक और डिजिटल स्ट्राइक करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के यूट्यूब अकाउंट को सस्पेंड कर दिया है। इससे पहले भी भारत ने पाकिस्तान के क्रिकेटर्स, मीडिया संस्थानों समेत कई के यूट्यूब और ट्विटर अकाउंट्स को बंद कर दिया था। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने गोलीबारी करते हुए 26 लोगों की जान ले ली थी। इसके बाद देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है। हमले के पीछे पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के मुखौटा टीआरएफ का हाथ बताया गया था। आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी भी ली थी। भारत ने पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार करते हुए अटारी बॉर्डर बंद करने के साथ-साथ पांच बड़े फैसले लिए थे। सिंधु जल संधि को भी रोक दिया गया। केंद्र सरकार की ओर से सेना को कड़ी कार्रवाई की खुली छूट दी गई है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ कभी भी अन्य सख्त ऐक्शन लिए जा सकते हैं। हमले के बाद से ही पाकिस्तान के यूट्यूब और सोशल मीडिया हैंडल्स लगातार भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। वे झूठी बातें सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं, जिसके चलते सरकार ने अकाउंट्स को बंद करने का फैसला लिया है। इससे पहले प्रतिबंधित किए गए यूट्यूब चैनलों में न्यूज आउटलेट डॉन, समा टीवी, एआरवाई न्यूज, बोल न्यूज, रफ्तार, जियो न्यूज और सुनो न्यूज के यूट्यूब चैनल शामिल थे। पत्रकार इरशाद भट्टी, अस्मा शिराजी, उमर चीमा और मुनीब फारूक के यूट्यूब चैनल भी प्रतिबंधित किए गए हैं। प्रतिबंधित किए गए अन्य हैंडल में द पाकिस्तान रेफरेंस, समा स्पोर्ट्स, उजैर क्रिकेट और रजी नामा शामिल हैं। यह कदम गृह मंत्रालय की सिफारिशों के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान के ये यूट्यूब चैनल भारत, उसकी सेना और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील सामग्री, झूठे एवं भ्रामक बयान के साथ गलत सूचना प्रसारित कर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान के ओलंपिक चैम्पियन भालाफेंक खिलाड़ी अरशद नदीम का इंस्टाग्राम अकाउंट भी पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद एक कानूनी अनुरोध के कारण भारत में ब्लॉक कर दिया गया है। भारत में नदीम का इंस्टाग्राम अकाउंट खोलने की कोशिश करने वालों का यह संदेश मिल रहा है ,''भारत में यह अकाउंट उपलब्ध नहीं है। कानूनी अनुरोध के बाद यह फैसला लिया गया।'' recent visitors 38