इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं कुलदीप यादव

नई दिल्ली कुलदीप यादव एक ऐसे मैच विजेता खिलाड़ी हैं जो इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर होने वाली टेस्ट श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कलाई के इस स्पिनर को बल्लेबाजी ऑलराउंडरों पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यह मानना है भारत के पूर्व चयनकर्ताओं और कोचों का। उन्होंने कहाकि कुलदीप में एक्स फैक्टर है। उनका मानना ​​है कि रवींद्र जडेजा अपने बेहतर बल्लेबाजी कौशल के कारण पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए पहली पसंद होंगे। लेकिन कुलदीप के टीम में शामिल होने से भारत का स्पिन विभाग और मजबूत हो जाएगा। आईपीएल प्लेऑफ का इंतजार राष्ट्रीय चयन समिति आईपीएल के प्लेऑफ में पहुंचने वाली टीमों की स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद इंग्लैंड दौरे के लिए भारत और ए टीम की घोषणा कर सकती है। प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाने वाली अन्य छह टीमों में शामिल लाल गेंद के विशेषज्ञ खिलाड़ी जल्दी इंग्लैंड के दौरे पर चले जाएंगे जैसा कि पहले भी होता रहा है। इससे उन्हें वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया में वाशिंगटन सुंदर ने पहली पसंद के स्पिनर के रूप में शुरुआत की। वजह, न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर खराब प्रदर्शन के बाद जडेजा और रविचंद्रन अश्विन दोनों को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया था। अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में ही संन्यास ले लिया था, जबकि वॉशिंगटन तीन टेस्ट मैच में केवल तीन विकेट हासिल कर पाए थे। कुलदीप की इंग्लैंड में पड़ेगी जरूरत चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष एमएसके प्रसाद, उनकी चयन समिति के सहयोगी देवांग गांधी और भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और प्रसिद्ध कोच डब्ल्यूवी रमन सभी को लगता है कि कुलदीप के पास वह ‘एक्स फैक्टर’ है जिसकी भारत को इंग्लैंड में जरूरत पड़ेगी। खेल के सबसे चतुर विश्लेषकों में से एक रमन ने कहाकि कुलदीप यादव एक आक्रामक विकल्प हैं और उन्हें इंग्लैंड में भारतीय टीम में होना चाहिए। उन्होंने अब तक 12 टेस्ट खेले हैं और अगर हम उनके स्ट्राइक रेट पर गौर करें तो वह हर छह ओवर में एक विकेट (37.3 गेंद प्रति विकेट) है। इसलिए जडेजा के साथ कुलदीप को टीम में रखना मेरे लिए सबसे आसान काम होगा। अलग-अलग मौसम में असरदार प्रसाद को भी लगता है कि वह वॉशिंगटन की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकते हैं। प्रसाद ने कहाकि हालांकि आप अब भी वॉशिंगटन को टीम में रख सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि आपको कुलदीप जैसे उचित मैच विजेता स्पिनर की जरूरत है। उन्होंने कहाकि कुलदीप एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर मैच जीतने की क्षमता रखते हैं। इंग्लैंड में कई ऐसी जगह है जहां स्पिनर को मदद मिलती है और वहां की परिस्थितियों में कलाई का स्पिनर होने के कारण कुलदीप बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। प्रसाद ने तीन स्थानों का हवाला दिया जहां गर्मी और नमी होने पर विकेट वास्तव में स्पिनरों को मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहाकि इंग्लैंड में मौसम भी अपनी भूमिका निभाता है। लंदन में अगस्त गर्म हो सकता है और इसलिए कुलदीप ओवल में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अगर नमी है तो वह बर्मिंघम और ओल्ड ट्रैफर्ड में भी अंतर पैदा कर सकते हैं। बताया क्यों कुलदीप को मिलेंगे विकेट प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति के सदस्य गांधी को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के विपरीत इंग्लैंड की पिचों पर ज्यादा उछाल नहीं होगा। इसलिए कुलदीप की गेंदबाजी की शैली भारत की रणनीति के अनुरूप हो सकती है। गांधी ने कहाकि जहां तक कुलदीप का सवाल है तो इंग्लैंड के बल्लेबाज उन पर स्वीप करना चाहेंगे, लेकिन इससे उन्हें विकेट लेने का मौका भी मिलेगा। कलाई के स्पिनरों में कुछ गुण होते हैं जिनमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि वे पिच को समीकरण से बाहर कर सकते हैं। recent visitors 52

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास मिसाइल से हमला के बाद इजरायल पीएम ने कहा- एक नहीं, बल्कि कई धमाके होंगे

तेल अवीव इजरायल के तेल अवीव एयरपोर्ट के पास हुए मिसाइल हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यमन के हूतियों को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि एक नहीं, बल्कि कई धमाके होंगे।  यमन के ईरान समर्थित विद्रोहियों ने इजरायल के मुख्य अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास मिसाइल से हमला कर दिया था, जिससे कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही प्रभावित रही। इस हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यमन के हूतियों के खिलाफ बहु-चरणीय हमलों का वादा किया। नेतन्याहू ने टेलीग्राम मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो में कहा, "हमने अतीत में उनके खिलाफ कार्रवाई की है और हम भविष्य में भी कार्रवाई करेंगे, लेकिन मैं विस्तार से नहीं बता सकता। यह एक धमाके में नहीं होगा, बल्कि कई धमाके होंगे।" विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइल के बाद तेल अवीव एयरपोर्ट के पास एक गहरा गड्ढा बन गया। मिसाइल गिरते ही तुरंत चारों ओर धुएं का गुबार उठने लगा, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। गाजा में युद्ध के दौरान फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हूती पूरे इजरायल पर हमला कर रहे हैं। बेन-गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला इज़रायली कैबिनेट मंत्रियों द्वारा गाजा पट्टी में सैन्य अभियान तेज करने के बारे में मतदान करने से कुछ घंटे पहले हुआ। अधिकारियों ने कहा कि सेना ने व्यापक अभियान में हजारों रिजर्व सैनिकों को बुलाना शुरू कर दिया है। हमले के बाद इजरायली सेना ने कहा कि यमन से लॉन्च की गई मिसाइल को रोकने के कई प्रयास किए गए, लेकिन यह एक दुर्लभ हूती हमला था जिसने इजराइल की हवाई सुरक्षा को भेद दिया। एक अधिकारी ने 'एएफपी' को बताया कि देश की सुरक्षा कैबिनेट शाम को बैठक करेगी। पुलिस के एक वीडियो में अधिकारियों को जमीन में एक गहरे गड्ढे के किनारे खड़े दिखाया गया है, जिसके पीछे नियंत्रण टॉवर दिखाई दे रहा है। एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। recent visitors 54

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने जारी किये निर्देश, 31 दिसम्बर के पूर्व फायर प्लॉन प्रस्तुत करें

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश में निश्चित ऊँचाई से बड़े भवनों में अग्नि दुर्घटना से बचाव के इंतजामों का निरीक्षण करने और नियमों की अनदेखी करने वाले भवनों को चिन्हित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से इस कार्य को प्राथमिकता दिये जाने के लिये कहा है। प्रदेश में फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र प्राप्त किये जाने के संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं। जारी निर्देश के अनुसार भवन स्वामी अब 31 दिसम्बर, 2025 तक फायर प्लॉन प्रस्तुत कर संबंधित अग्निशमन प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर सकेंगे। नियत तिथि के बाद फायर प्लॉन प्रस्तुत नहीं करने वाले भवन स्वामियों के विरुद्ध दण्ड के अधिरोपण की कार्रवाई नियत नियम के अनुसार की जायेगी। निर्देशों में कहा गया है कि फायर सेफ्टी प्लॉन के कण्डिका क्रमांक-2 में उल्लेखित भवन, जो कि पूर्व से निर्मित हैं, उन्हें 2 माह के भीतर एनबीसी से निर्धारित मानक अनुसार फायर प्लॉन तैयार कर अनुमोदन के लिये अग्निशमन प्राधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। निर्देश में यह भी बताया गया है कि अग्निशमन अधिकारी द्वारा आवेदन प्राप्ति के एक माह के भीतर फायर प्लॉन का अनुमोदन किया जायेगा। कण्डिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2 माह की समयावधि के भीतर यदि भवन स्वामी फायर प्लॉन तैयार कर अग्निशमन प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं करता है, तो विलंब शुल्क के साथ 500 रुपये प्रतिदिन की दर से और एक वर्ष के बाद एक हजार रुपये प्रतिदिन की दर पर दण्ड शुल्क देय होगा। राज्य शासन ने नगर निगमों के लिये आयुक्त नगरपालिक निगम, नगरपालिका परिषद और नगर परिषद के लिये संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले प्रकरणों के लिये जिला कलेक्टर और छावनी परिषद क्षेत्र जबलपुर, महू, मुरार, पचमढ़ी और सागर के लिये अधिशासी अधिकारी को अग्निशमन प्राधिकारी घोषित किया है। भवनों में अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रावधान नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जिन भवनों के लिये फायर सेफ्टी प्लॉन के प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है, उनमें 15 मीटर से ऊँचे समस्त भवन, एक तल पर 500 M2 से अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले समस्त भवन (आवासीय एवं धार्मिक और सामुदायिक भवनों को छोड़कर) शामिल किये गये हैं। कोई भी होटल और अस्पताल, जिसमें 50 से अधिक पलंग और बिस्तर हों, उन्हें भी शामिल किया गया है। नियमों में 50 से कम पलंग वाले होटल, 50 बिस्तरीय अस्पताल पंजीकृत फायर इंजीनियर का प्रमाणीकरण प्रस्तुत करेंगे। फायर सेफ्टी प्लॉन के संबंध में दिशा-निर्देश संबंधित क्षेत्र के नगरीय निकायों के कार्यालयों से प्राप्त किये जा सकते हैं।   recent visitors 53

आज भारत और जापान एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा करने जा रहे हैं

नई दिल्ली भारत और जापान एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा करने जा रहे हैं। इस चर्चा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच होने वाली चर्चा काफी महत्वपूर्ण है। इस चर्चा में भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान की ओर से वहां के रक्षा मंत्री शामिल होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों पक्ष वर्तमान क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। भारत और जापान के बीच दीर्घकालिक मित्रता है। 2014 में इस सहयोग को विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में शामिल करने के बाद दोनों देशों की इस मित्रता ने गुणात्मक गति प्राप्त की है। रक्षा और सुरक्षा दोनों देशों के बीच संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। रणनीतिक मामलों पर बढ़ते समन्वय के कारण हाल के वर्षों में भारत और जापान के बीच रक्षा आदान-प्रदान को बल मिला है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और स्थिरता के मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण से इसका महत्व बढ़ रहा है। नवंबर 2024 में लाओ पीडीआर में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के मौके पर दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत हुई थी। उस बातचीत के बाद छह महीने के भीतर दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच यह दूसरी बैठक होगी। इससे पहले भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान जापान के राजदूत ने जम्मू कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की थी। उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले समेत आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की। इस दौरान दोनों पक्षों ने जापान और भारत के बीच चल रहे रक्षा सहयोग की समीक्षा की थी। भारत और जापान अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही दोनों देश अपने रिश्तों को और बेहतर एवं विस्तारित करने के नए अवसरों पर काम कर रहे हैं। recent visitors 69

हिंदू लड़कियों को मुस्लिम समुदाय के लड़कों ने पहचान छुपाकर बरगलाया, लव जिहाद रोकने का कानून पर पुलिसिंग फेल

भोपाल लव जिहाद रोकने के लिए सरकार ने कानून तो बनाया पर कमजोर पुलिसिंग के कारण उसका प्रभाव नहीं दिख रहा। भोपाल में ही निजी कॉलेज की हिंदू लड़कियों को मुस्लिम समुदाय के लड़कों ने पहचान छुपाकर बरगलाया। दैहिक शोषण किया। यह कोई एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि संगठित अपराध था। इसमें कई लोग शामिल थे। इसके बाद भी पुलिस को कोई भनक नहीं लगी। दरअसल, ऐसे मामलों में कमजोर कड़ी पुलिस व्यवस्था ही है।   पुलिसकर्मियों के साथ ही अभद्रता की न तो उनका खुफिया तंत्र ठीक से काम कर रहा है और न ही सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर के तौर-तरीकों से ही पुलिसकर्मी वाकिफ हैं। पुलिस का खौफ इस कदर कम हो चुका है कि मात्र मार्च-अप्रैल में ही आठ मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों के साथ ही अभद्रता की गई। दरअसल राजधानी भोपाल में युवतियों के दैहिक शोषण और ब्लैकमेल करने जैसी घटनाओं को कुछ लोग संगठित रूप से अंजाम देते रहे और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में भी आरोपितों के विरुद्ध धार्मिक स्वातंत्र्य कानून 2021 के अंतर्गत धारा तीन और धारा पांच के अंतर्गत भी प्रकरण कायम किया है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में अब तक पांच पीड़िताएं सामने आई हैं। पांच आरोपित गिरफ्तार हुए हैं। बुरका पहनने का दबाव बनाया घटनाक्रम से साफ लग रहा है कि आरोपितों ने पीड़िताओं को योजनाबद्ध तरीके से फंसाया और दुष्कर्म किया, पर ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं कि वे उनका धर्म परिवर्तन भी कराना चाहते थे। उन्होंने लड़कियों को मांस खिलाया। बुरका पहनने के लिए दबाव बनाया। इसी कारण यह मामला लव जिहाद से जोड़ा जा रहा है। आरोपित अलग-अलग राज्यों के हैं। इस कारण यह भी आशंका है कि इनके पीछे दूसरे राज्यों के कुछ और लोग हो सकते हैं जो आरोपितों की मदद कर रहे हों। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। 200 से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं इसी वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक कार्यक्रम में नाबालिग बेटियों को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने वालों के लिए फांसी की सजा का प्रविधान करने की बात कही थी। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कड़ी कार्रवाई की बात कह चुके हैं। धार्मिक स्वातंत्र्य काननू के अंतर्गत प्रदेश में अभी तक 200 से अधिक प्रकरण कायम किए जा चुके हैं, पर अपराधियों में काननू का डर नहीं दिख रहा। recent visitors 62

मध्यप्रदेश में चार दिन रहेगा मौसम का कहर: बारिश, ओले और 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी आंधियाँ

Weather havoc will prevail in Madhya Pradesh for four days: Rain, hail and storms will blow at the speed of 60 km/hour भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है। अगले चार दिन यानी 8 मई तक पूरे प्रदेश में आंधी, बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को इंदौर में पौने 3 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल, उज्जैन, देवास और खंडवा समेत कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। कहाँ-कहाँ होगा असर? मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश के मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। वहीं ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर और शिवपुरी में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राज्यभर में बदला मौसम भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रतलाम, खरगोन, देवास, खंडवा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, रीवा, सतना, सीधी जैसे लगभग सभी जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश का दौर जारी रहेगा। कई जगह ओले गिरने की भी आशंका है। क्यों बदला मौसम? सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन के कारण यह मौसमी बदलाव आया है। रविवार को जो हालात बने, वैसा ही मौसम सोमवार और अगले तीन दिन भी बना रहेगा। गर्मी से राहत, लेकिन ज्यादा दिन नहीं रविवार को इंदौर में 70 मिमी बारिश हुई। भोपाल में भी ओले गिरे। इस बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 3-4 डिग्री तक की गिरावट आई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि मई का महीना प्रदेश में सबसे गर्म रहता है और आने वाले दिनों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। किन जिलों में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी? ग्वालियर, छतरपुर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खंडवा, बड़वानी, मुरैना, शिवपुरी और विदिशा जैसे जिलों में भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान है। खजुराहो और पृथ्वीपुर जैसे इलाकों में पारा 48 डिग्री तक पहुंच सकता है। सावधानी जरूरी आगामी दिनों में खराब मौसम को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। किसान भी ओलावृष्टि और तेज हवाओं से अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं। recent visitors 135

कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने राजनांदगांव जिले में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए

रायपुर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने राजनांदगांव जिले में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। आज उन्होंने मिशन जल रक्षा एवं मोर गांव मोर पानी अभियान के अंतर्गत ग्राम बरगा, टप्पा और गिधवा में विभिन्न जल संरचनाओं एवं निर्माणाधीन इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुसुरूचि सिंह भी साथ रहीं। ग्राम बरगा में परकोलेशन टैंक, इंजेक्शन वेल और बोरवेल रिचार्ज सॉफ्ट फिल्टर जैसे नवाचारों का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने जिले में 1000 इंजेक्शन वेल निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए नवीन तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाना चाहिए। यहां यह उल्लेखनीय है कि इंजेक्शन वेल एक गहराई तक खोदा गया कुआं या बोर होता है जिसमें साफ किया गया वर्षा जल या अपशिष्ट जल डाला जाता है। यह जल फिल्टर से गुजरते हुए सीधे परतों के माध्यम से भूजल भंडार में प्रवेश करता है। यह विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों, स्कूलों, सरकारी भवनों, औद्योगिक क्षेत्रों और कम परमीय मिट्टी वाले क्षेत्रों में उपयोगी होता है। जहाँ जल का भराव अधिक हो और जमीन की मिट्टी रिचार्ज के अनुकूल हो, वहां पीव्हीसी पाइप या आरसीसी रिंग डालकर इंजेक्शन वेल का निर्माण किया जाता है। कलेक्टर ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का भी निरीक्षण किया और महिला स्वच्छता दीदियों से चर्चा की। दीदियों द्वारा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और यूजर चार्ज संग्रह की जानकारी प्राप्त कर उनके कार्य की सराहना की। इसके अलावा ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि इससे नालियों का जल शुद्ध होकर तालाबों में प्रवाहित होगा, जिससे जलजनित बीमारियों से सुरक्षा और जल स्रोतों का संरक्षण संभव होगा। ग्राम टप्पा में उड़ारबांध जलाशय का निरीक्षण कर स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया। ग्रामीणों ने इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने का सुझाव दिया। ग्राम गिधवा में स्टैगर्ड ट्रेंच एवं पर्काेलेशन टैंक जैसी संरचनाओं का निरीक्षण कर उन्होंने जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता से जारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत बनाए जा रहे आवासों का भी जायजा लिया और हितग्राहियों से निर्माण कार्य की जानकारी ली। जिला पंचायत सीईओ सुसिंह ने कलेक्टर को जिले में जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर वन विभाग, जल संसाधन विभाग एवं संबंधित जनपदों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। recent visitors 60