10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, कमाडों की पत्नी को सरकारी नौकरी,पहलगाम के पीड़ितों के लिए ममता का एलान

कोलकाता बंगाल सरकार जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हाल में हुए आतंकी हमले में मारे गए राज्य के तीन पर्यटकों के परिवार को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को इसकी घोषणा की। ममता ने कहा कि पीड़ित परिवार की ओर से मांग करने पर राज्य सरकार आश्रित को नौकरी भी देगी। कमांडो की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की घोषणा ममता ने इसके साथ जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में गुरुवार को आतंकियों के साथ मुठभेड़ में बलिदान हुए बंगाल के नदिया जिला निवासी भारतीय सेना में पैरा कमांडो हवलदार झंटू अली शेख के परिवार को भी 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पत्नी को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। बितान के माता-पिता को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन ममता ने पहलगाम आतंकी हमले के मृतकों में शामिल कोलकाता के बितान अधिकारी के बुजुर्ग माता-पिता को मासिक 10 हजार रुपये पेंशन देने की भी घोषणा की। साथ ही उनके खराब स्वास्थ्य को देखते हुए राज्य सरकार उन्हें स्वास्थ्य साथी कार्ड भी मुहैया कराएगी। ममता ने कहा कि 10 लाख की आर्थिक सहायता में से पांच लाख बितान के माता-पिता जबकि पांच लाख रुपये उसकी पत्नी को दी जाएगी। ममता ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में मृतकों के स्वजनों के साथ हैं। आतंकियों ने 26 पर्यटकों की हत्या की थी मालूम हो कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी। मरने वालों में तीन लोग बंगाल से हैं। बंगाल के मृतकों की शिनाख्त कोलकाता के वैष्णवघाटा पाटुली निवासी बितान अधिकारी, बेहला साखेर बाजार के समीर गुहा और पुरुलिया जिले के झालदा निवासी मनीष रंजन मिश्रा के रूप में हुई। बितान अधिकारी अमेरिका में आइटी पेशेवर थे। समीर गुहा केंद्रीय कर्मचारी थे जबकि मनीष रंजन खुफिया विभाग (आइबी) के अधिकारी थे। recent visitors 56

मीडिया संस्थानों से डिफेंस ऑपरेशंस और सुरक्षा बलों की लाइव कवरेज को दिखाने से बचने की दी सलाह: सरकार

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। सरकार ने शनिवार को मीडिया संस्थानों से डिफेंस ऑपरेशंस और सुरक्षा बलों की आवाजाही की लाइव कवरेज को दिखाने से बचने के लिए कहा है। इस एडवाइजरी के पीछे सरकार का तर्क है कि इस तरह की रिपोर्टिंग से अनजाने में शत्रुतापूर्ण तत्वों को मदद मिल सकती है। यह सलाह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद रक्षा मामलों पर रिपोर्टिंग के मद्देनजर दी गई है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे। सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी की गई सलाह में कहा गया है, “राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, सभी मीडिया प्लेटफॉर्म, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे रक्षा और अन्य सुरक्षा-संबंधी अभियानों से संबंधित मामलों पर रिपोर्टिंग करते समय अत्यधिक जिम्मेदारी का प्रयोग करें और मौजूदा कानूनों और नियमों का सख्ती से पालन करें।” इसमें कहा गया है, "विशेष रूप से: रक्षा संचालन से संबंधित कोई भी रियल टाइम कवरेज, दृश्यों का प्रसार या सोर्स-आधारित' जानकारी के आधार पर रिपोर्टिंग नहीं की जानी चाहिए।" सलाह में यह भी कहा गया है कि संवेदनशील जानकारी का समय से पहले खुलासा अनजाने में शत्रुतापूर्ण तत्वों की सहायता कर सकता है और परिचालन पर प्रभाव और कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। सलाह में कारगिल युद्ध, 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों और कंधार अपहरण जैसी पिछली घटनाओं का हवाला दिया गया, जब कवरेज ने राष्ट्रीय हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले थे।   recent visitors 47

भोपाल में शुरू हुआ पहला राष्ट्रीय मनोरोग सम्मेलन: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 में विकसित भारत के लिये जो विजन तैयार किया है, उसे प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ रखकर ही पूरा किया जा सकता है। इसके लिये हमें विभिन्न रोगों के साथ-साथ मनोरोग से भी छुटकारा पाना होगा। इस कार्य में मनोचिकित्सकों की अहम भूमिका रहेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल आज भोपाल में मध्य भारत के पहले राष्ट्रीय मनोरोग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भोपाल में हो रहे 2 दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 45 प्रमुख वक्ता शामिल हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जीवन का पहला सुख निरोगी काया को माना गया है। आज के वैश्विक दौर में युवाओं में मानसिक तनाव मुख्य रूप से देखने को मिल रहा है। इसकी प्रमुख वजहव्यावहारिक जीवन में भारी चिंता, असीमित प्रतिस्पर्धा, असफल होने का डर और अत्यधिक मोबाइल समेत अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना प्रमुख है। ऐसे माहौल में मनोचिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि दुनिया में हर वर्ष करीब 10 लाख लोगों की आत्महत्या के प्रकरण चिंता का विषय हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि इन सब का उपाय भारत की प्राचीन परांपरा में समाहित है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अनेक संस्थाएँ ध्यान और योग की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। इन सबके और विस्तार की संभावनाएँ है। मनोरोग के उपचार में राज्य सरकार के प्रयास उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक जिला अस्पताल में मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के उपचार और सलाह के लिये विशेष कक्ष में सेवाएँ शुरू की है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के साथ-साथ मनोरोगी के साथ लगातार संवाद भी जरूरी है। समाज में फोबिया, युवाओं में मानसिक बीमारियाँ, चिंता रोग, सिजोफ्रेनिया और ऑब्सेसिव-कम्पल्सिव डिसऑर्डर के रोगी सामने आ रहे है। इन सबसे निपटने में मनोचिकित्सक समर्पण भाव को प्रदर्शित करे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन म.प्र. की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में मानसिक रोग के उपचार को विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि मनोरोगी के उपचार के पहले उसके परिवेश को समझा जाये तो समस्या का बेहतर तरीके से निदान किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टेली-मानस हेल्पलाइन पर 24X7 पर नि:शुल्क परामर्श दिये जाने की व्यवस्था की गई है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि इस हेल्पलाइन पर 3 लाख कॉल पर परामर्श दिया गया। कार्यक्रम को भोपाल गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह, इंडिया एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट साइकियाट्री (आईएपीपी) के पदाधिकारी डॉ. आर.एन. साहू, डॉ. मृगेश वैष्णव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. समीक्षा साहू ने किया। रैली का आयोजन राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरूआत में गांधी मेडिकल कॉलेज से इकबाल मैदान तक रैली निकाल कर मनोरोग के प्रति जन-जागरूकता और इससे सावधान रहने का संदेश दिया गया। रैली में मनो चिकित्सक और गांधी मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी शामिल थे।   recent visitors 53

अगर भारत ने सिंधु का पानी रोका तो पाकिस्‍तान करेगा परमाणु बम का इस्‍तेमाल!, जुलाई में तबाही के संकेत

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा कदम उठाया है, जिसकी गूंज सिर्फ कश्मीर घाटी में नहीं बल्कि इस्लामाबाद की सत्ता तक सुनाई दी है। भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इसे "स्थगित" कर दिया है। यह वही समझौता है, जो 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुआ था और दशकों तक इसे दोनों देशों ने निभाया, चाहे हालात युद्ध जैसे क्यों न रहे हों। भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के निर्णय ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया है। पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत ने सिंधु नदी के पानी को रोकने या मोड़ने की कोशिश की, तो पाकिस्तान अपनी पूरी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल कर सकता है, जिसमें परमाणु हथियारों का उपयोग भी शामिल हो सकता है। इस कदम को पाकिस्तान ने 'युद्ध की कार्रवाई' करार दिया है और चेतावनी दी है कि अगर जल आपूर्ति पर कोई भी खतरा मंडराया, तो इस्लामाबाद तुरंत प्रतिक्रिया देगा। जुलाई से इस संकट का असर दिख सकता है, और यह कदम पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था और पानी की आपूर्ति के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। पाकिस्तान में खाद्य संकट के हालात भी पैदा हो सकते इस फैसले ने पाकिस्तान की चिंता को चरम पर पहुंचा दिया है। सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब जैसी पश्चिमी नदियों से अधिकतर पानी मिलता है। यही पानी पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था की रीढ़ है। भारत के इस फैसले से उसे डर है कि अब उसकी खेतों को सींचने वाली धाराएं सूख सकती हैं। पाकिस्तान का एक बड़ा हिस्सा, खासकर पंजाब और सिंध प्रांत, इन नदियों पर पूरी तरह निर्भर है। यदि भारत जल प्रवाह को सीमित करता है या मोड़ता है, तो पाकिस्तान में खाद्य संकट के हालात भी पैदा हो सकते हैं। पाकिस्तान ने 'युद्ध की कार्रवाई' करार दिया भारत के इस फैसले को पाकिस्तान ने 'युद्ध की कार्रवाई' करार दिया है। पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को बयान जारी कर साफ कर दिया कि वह भारत की किसी भी जल-सम्बंधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। इस बयान में 'संपूर्ण युद्ध शक्ति' और 'हर विकल्प खुले हैं' जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे तनाव और अधिक बढ़ गया है। पाकिस्तानी मीडिया और रक्षा विशेषज्ञों ने यहां तक कह दिया कि अगर भारत ने डैम बनाना शुरू किया या जल को रोकने की कोई कोशिश की, तो पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई कर सकता है। कुछ विश्लेषकों ने तो यहां तक चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर परमाणु हथियारों के विकल्प भी खुले रहेंगे। हालात और बदतर हो सकते भारत के इस कदम से पाकिस्तान में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका भी जताई जा रही है। भारत हर साल मानसून से पहले पाकिस्तान को बाढ़ संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराता रहा है। अगर भारत यह डेटा शेयर करना बंद करता है, तो पाकिस्तान बिना किसी पूर्व चेतावनी के प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ सकता है। तीन साल पहले आई भीषण बाढ़ में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले ही बुरी तरह लड़खड़ा चुकी है। अब यदि भविष्य में बाढ़ की जानकारी समय पर नहीं मिली, तो हालात और बदतर हो सकते हैं। भारत के इस निर्णय को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह बात सामने आ रही है कि यह फैसला सिर्फ एक जल समझौते को लेकर नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ भारत की नई नीति का प्रतीक है। पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादी संगठनों को शरण देने के आरोपों से घिरा रहा है और बार-बार चेतावनी के बावजूद आतंकी हमलों में शामिल रहा है। अब भारत ने सीधे उसकी जीवनरेखा – पानी – को निशाना बना दिया है। भारत एकतरफा इस संधि को रद्द नहीं कर सकता पाकिस्तान के पूर्व सिंधु जल आयुक्त जमात अली शाह ने एक पाकिस्तानी अखबार को दिए बयान में कहा है कि भारत एकतरफा इस संधि को रद्द नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक स्थायी समझौता है और इसके लिए दोनों देशों की सहमति आवश्यक है। हालांकि भारतीय अधिकारियों का तर्क है कि भारत ने इसे पूरी तरह रद्द नहीं किया, बल्कि "स्थगित" किया है — यानी जब तक पाकिस्तान अपनी आतंक-समर्थन की नीति नहीं बदलता, तब तक सहयोग की कोई गुंजाइश नहीं है। भारत ने संकेत दिए हैं कि यह स्थगन पश्चिमी नदियों पर चल रही भारत की जल परियोजनाओं को तेज़ी देने के लिए भी रास्ता खोलता है। पाकल दुल, रतले, किरू और सावलकोट जैसे डैम और पनबिजली प्रोजेक्ट्स अब प्राथमिकता के साथ पूरे किए जा सकते हैं, जिससे पाकिस्तान को भविष्य में पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। recent visitors 28

वेंकटेश अय्यर बड़े प्राइस टैग को सही ठहराने की वजह से वह परफॉर्म नहीं कर पा रहे: आरपी सिंह

नई दिल्ली कोलकाता नाइट राइडर्स के बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर आईपीएल 2025 में क्यों लगातार फेल हो रहे हैं? इसका कारण पूर्व क्रिकेटर आरपी सिंह ने बताया है। आरपी सिंह ने दावा किया है कि बड़े प्राइस टैग को सही ठहराने की वजह से वह परफॉर्म नहीं कर पा रहे। केकेआर ने उनको आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में 23.75 करोड़ रुपये में खरीदा था। वे टीम के उपकप्तान हैं, लेकिन 8 मैचों में सिर्फ 135 रन बना सके हैं। उनका औसत 22.5 का है और स्ट्राइक रेट 140 से ज्यादा का है। एक ही पारी उन्होंने अच्छी खेली है। आरपी सिंह का मानना ​​है कि इस समय वेंकटेश अय्यर के दिमाग में प्राइस टैग का मुद्दा चल रहा है और वह शायद इस बात को लेकर जरूरत से ज्यादा सोच रहे हैं कि उन्हें अपने दम पर अपनी टीम को चैंपियन बनाना है। इंडिया टुडे से बात करते हुए आरपी सिंह ने कहा, "यह थोड़ा मुश्किल सवाल है, क्योंकि जब किसी खिलाड़ी को नीलामी में इतनी बड़ी कीमत पर चुना जाता है, तो कहीं न कहीं आपके दिमाग में यह बात आती है कि वह या तो आपका मुख्य खिलाड़ी है या फिर कप्तानी के लिए उपयुक्त खिलाड़ी, लेकिन यहां तो वह दोनों में से कोई भी नहीं निकला। इसलिए मुझे लगता है कि नीलामी के दौरान और चयन के दौरान केकेआर की ओर से थोड़ी सी चूक हुई है।" उन्होंने आगे कहा, "आपने अपने सबसे बेहतरीन कप्तान को जाने दिया और अब वह दूसरी टीम की कप्तानी में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि इस खिलाड़ी को अभी बाहर करना एक बढ़िया विकल्प है, क्योंकि आपने उसे पहले ही कई मैच दे दिए हैं। फॉर्म की समस्या किसी भी खिलाड़ी के साथ हो सकती है, लेकिन आमतौर पर, आप जितने ज़्यादा मैच खेलते हैं, आपकी फॉर्म उतनी ही बेहतर होती जाती है। उसे बाहर करना वास्तव में कोई समाधान नहीं है।" आरपी सिंह ने आगे प्राइस टैग को लेकर बात की। उन्होंने कहा, "हो सकता है कि जिस रकम में उसे खरीदा गया है, वह उसके दिमाग में चल रही हो। शायद वह सोच रहा हो कि मुझे इतनी बड़ी रकम में खरीदा गया है, मुझे अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए और अपनी टीम को खिताब तक ले जाना चाहिए। यह अति-अपेक्षा शायद दबाव पैदा कर रही हो।" पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा कमेंटेटर ने ये भी कहा है कि वेंकटेश अय्यर को ओपनिंग पर लाकर समस्या सॉल्व हो सकती है। recent visitors 38

पटाखों की चिंगारी बनी काल, सहारनपुर में फैक्ट्री धमाके ने मचाया मौत का तांडव

सहारनपुर  उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाके में तीन लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार, सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में शनिवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया। इस घटना में कई मजदूरों के चिथड़े उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई अन्य के घायल होने की आशंका है। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के गांव भी दहल उठे और आसमान में ऊंचाई तक धुआं फैल गया। सहारनपुर के देवबंद-मुजफ्फरनगर मार्ग के पास ग्राम जड़ौदा जट के जंगल में स्थित एक पुरानी पटाखा फैक्ट्री में यह हादसा हुआ। सुबह लगभग छह बजे हुए धमाके के बाद गांव वाले दौड़कर मौके पर पहुंचे। वहां का मंजर बेहद भयावह था। चारों ओर फैली लाशों के टुकड़े और फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने सभी को स्तब्ध कर दिया। हादसे के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने साजिश के तहत धमाका कराए जाने का आरोप लगाया और मुख्य राज्यमार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि फैक्ट्री में कुछ बाहरी लोग भी काम करते थे, जो सुरक्षित हैं, जबकि स्थानीय मजदूरों की जान चली गई। ग्रामीणों ने तीन संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। डीएम-एसपी मौके पर पहुंचे सूचना मिलने पर जिलाधिकारी मनीष बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवाण भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नाराज ग्रामीणों ने उनका भी घेराव कर लिया। आरोपियों को तुरंत सजा देने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि अगर प्रशासन आरोपियों को गोली नहीं मारेगा तो वे खुद कानून अपने हाथ में ले लेंगे। डीएम ने घटना की जानकारी देते हुए कहा कि सुबह की घटना है। कारणों की जांच चल रही है। लोगों को समझाया जा रहा है। तीन लोगों की घटना में मौत हुई है। तीन लोगों के मौत की पुष्टि प्रशासन की ओर से पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। इस मामले में अन्य की पहचान और विस्फोट के कारणों की जांच जारी है। डीएम और एसएसपी मौके पर रहकर लोगों को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच, क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन घटना को लेकर अलर्ट पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद से पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जांच तेज कर दी गई है। वहीं, इस घटना को लेकर जानकारी सामने आई है। लोगों का कहना है कि करीब दो किलोमीटर तक इस विस्फोट की आवाज सुनी गई। हादसे के वक्त अंदर 9 मजदूरों काम करने की जानकारी सामने आ रही है। विस्फोट इतना भीषण था कि कुछ के शव पहचानना मुश्किल हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री के टुकड़े दूर-दूर तक जा गिरे। विस्फोट की आवाज से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मौके पर एसपी देहात सागर जैन और थाना देवबंद प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद हैं। वहीं, डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे हैं। प्रशासनिक अधिकारी राहत बचाव के साथ साथ स्थिति का जायजा ले रहे हैं। मृतकों की संख्या में इजाफा होने की भी बात कही जा रही है।   recent visitors 33

नितेश राणे ने दिया बड़ा बयान, ‘दुकानदार से धर्म पूछें और हनुमान चालीसा पढ़ने को कहें, फिर खरीदें सामान’

मुंबई महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने शुक्रवार (25 अप्रैल) को कहा कि हिंदुओं को दुकानदारों से कुछ भी खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए. नितेश राणे की यह विवादास्पद टिप्पणी पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद आई है. रत्नागिरि जिले के दापोली शहर में एक सभा को संबोधित करते हुए राणे ने कहा, ‘‘उन्होंने मारने से पहले हमारा धर्म पूछा. इसलिए हिंदुओं को भी कुछ खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए." इतना ही नहीं, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने आगे कहा, "अगर वे आपका धर्म पूछ रहे हैं और आपको मार रहे हैं, तो आपको भी कुछ खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए. हिंदू संगठनों को ऐसी मांग उठानी चाहिए." बीजेपी नेता ने कहा कि ऐसा भी हो सकता है कि कुछ दुकानदार अपना धर्म नहीं बताएं या अपनी आस्था के बारे में झूठ बोलें. 'हनुमान चालीसा न पढ़ पाएं तो उनसे कुछ मत खरीदें'- नितेश राणे नितेश राणे ने विवादास्पद टिप्पणी को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘‘ जब भी आप खरीदारी के लिए जाएं, तो उनका धर्म पूछें. अगर वे कहते हैं कि वे हिंदू हैं तो उन्हें हनुमान चालीसा सुनाने के लिए कहें. अगर उन्हें हनुमान चालीसा नहीं आती तो उनसे कुछ भी न खरीदें.’’ पहलगाम में धर्म पूछ-पूछ कर मारी गोली मालूम हो, दक्षिण कश्मीर के पहगाम में बैसरन घाटी में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने 26 पर्टकों को मार दिया. ये वो निर्दोष लोग थे जो अपने परिवार के साथ कुछ यादगार पल बिताने के लिए कश्मीर घूमने आए थे. आतंकियों ने पहले टूरिस्ट स्पॉट पर मौजूद आदमियों से धर्म के आधार पर अलग-अलग हो जाने को कहा. फिर धर्म पूछा, कलमा पढ़ाया और जो कलमा नहीं पढ़ पाया, उसे गोली मार दी. दुकान में आप भी पूछो-आपका धर्म क्या है अगर वो धर्म पूछ कर गोलियां चला रहें है तो कम से कम आप धर्म पूछकर सामान खरीदें और ये मांग हिंदू समाज को करनी चाहिए। दुकान में जाने के बाद आप भी पूछो कि आपका धर्म क्या है, वो झूठ भी बोल सकतें है क्योंकि वो नालायक हैं। इसलिए खरीदारी करने के पहले आप धर्म पूछिए। अगर वो खुद को हिंदू कहता है तो उसे बोलो कि हनुमान चालीसा बोलकर कर दिखाए, फिर उसकी हवा निकाल जाएगी। इसके बाद उसे बोले कि मैं तेरे पास से सामान नहीं खरीदूंगा और फिर किसी हिंदू के दुकान में चले जाओ.. ये फैसला आपको करना चाहिए। जिन्हें हम दूध पिलाएंगे, वो हमें ही काटेंगे अगर वो अपने धर्म को लेकर इतने कट्टर हैं तो हम क्यों उन्हे अमीर बना रहें है। अगर वो धर्म के लिए जिहाद कर रहें है तो हम क्यों उन्हे भाई चारा की बात करतें है। इस धर्म सभा से एक शपथ लेकर आप निकलिए इसके आगे हम सिर्फ हिंदूओं से ही सामान खरीदेंगे, फिर देखिए वो कैसे थर थर कांपने लगेंगे..दूध हम पिलाएंगे और फिर हमें ही काटेंगे। उस औरंगजेब ने अपने बाप को मारा, परिवार को खत्म किया , सगे भाई और बाप को मारा। जो अपने सगों के नहीं हुए वो आपके क्या होंगे, इसका विचार आप करिए। recent visitors 40