पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरि​जा व्यास का निधन, एक महीने से अहमदाबाद में चल रहा था इलाज

अहमदाबाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजस्थान कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं डॉ गिरिजा व्यास का गुरुवार (1 मई) को निधन हो गया. आग लगने की घटना में बुरी तरह झुलस गई थीं और उनका इलाज चल रहा था. उनके निधन से राजस्थान में शोक की लहर है. सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. अशोक गहलोत ने उनके निधन पर कहा कि उनका असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. हम सभी के लिए बड़ा आघात- अशोक गहलोत अशोक गहलोत ने कहा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ गिरिजा व्यास का निधन हम सबके लिए एक अपूरणीय क्षति है. डॉ गिरिजा व्यास ने शिक्षा, राजनीति एवं समाज सेवा के क्षेत्र में बड़ा योगदान था. उनका इस तरह एक हादसे का शिकार होकर असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. मैं ईश्वर से उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूं." परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना- अशोक चांदना कांग्रेस नेता अशोक चांदना ने एक्स पर लिखा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. परिवारजनों एवं समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. मैं ईश्वर से प्रार्थना हैं की दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिवारजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें." राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया- बेनीवाल हनुमान बेनीवाल ने कहा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. वे न केवल एक प्रखर वक्ता और कुशल प्रशासक थीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा. राजस्थान और देश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव और सक्रिय सहभागिता सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी. राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया . मैं परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें. सादर श्रद्धांजलि." उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा- डोटासरा गोविंद सिंह डोटासरा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "केंद्रीय मंत्री रहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व पीसीसी अध्यक्ष डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. गिरिजा जी का निधन कांग्रेस परिवार के अपूरणीय क्षति है, कांग्रेस पार्टी और प्रदेश की प्रगति में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा. गिरिजा जी के परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिवारजनों को संबल प्रदान करें." नाथद्वारा में जन्मी थीं गिरिजा राजसमंद जिले के नाथद्वारा में जन्मी गिरिजा के पिता स्वतंत्रता सेनानी थे। मां शिक्षिका थीं। उन्होंने उदयपुर में आकर उदयपुर यूनिवर्सिटी (वर्तमान में मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी) से स्नातक और स्नातकोत्तर किया था। बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। उन्होंने उदयपुर के सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के दर्शनशास्त्र विभाग में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया था। ईश्वर दिवंगत आत्म को शांति दें- राजस्थान बीजेपी चीफ राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने एक्स पर लिखा, "पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत शोकजनक है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति." महिलाओं के लिए काफी काम गिरिजा व्यास केंद्र और राज्य में मंत्री रहीं। वे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी रहीं। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रहते हुए महिलाओं के कल्याण को लेकर कई काम किए। गिरिजा व्यास ने 2018 में आखिरी विधानसभा चुनाव उदयपुर शहर सीट से लड़ा था। उनको बीजेपी के गुलाबचंद कटारिया ने हराया था। गिरिजा व्यास राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के भी बहुत नजदीक रहीं। 31 मार्च को घर पर झुलसी थीं डॉ. गिरिजा व्यास 31 मार्च को उदयपुर के देत्यमगरी स्थित आवास पर गणगौर का पूजन कर रही थीं। दीपक के कारण उनकी चुन्नी में आग लग गई। घर में ही काम करने वाले एक व्यक्ति ने उनको संभाला। उदयपुर में निजी हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहां से उनको अहमदाबाद रेफर किया गया था।   recent visitors 45

नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश के लिए अच्‍छी खबर आई है. अप्रैल महीने के दौरान GST Collection में शानदार बढ़ोतरी हुई

नई दिल्ली नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश के लिए अच्‍छी खबर आई है. अप्रैल महीने के दौरान GST Collection में शानदार बढ़ोतरी हुई है. इस बढ़ोतरी के साथ जीएसटी कलेक्‍शन रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्‍शन साल-दर-साल 12.6 प्रतिशत बढ़कर 2.37 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया. इससे पहले सबसे ज्‍यादा जीएसटी कलेक्शन अप्रैल 2024 में हुआ था, जो 2.10 लाख करोड़ रुपये था. हालांकि अब ये रिकॉर्ड भी टूट चुका है. मार्च 2025 में यह कलेक्‍शन 1.96 लाख करोड़ रुपये था. घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 10.7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 20.8 प्रतिशत बढ़कर 46,913 करोड़ रुपये हो गया है. जनवरी से मार्च तक कितना रहा जीएसटी कलेक्‍शन सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में यह कलेक्‍शन 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.9% की ग्रोथ है. फरवरी में जीएसटी कलेक्‍शन 1.83 लाख करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 9.1% की ग्रोथ रही. वहीं जनवरी में भी 1.96 लाख करोड़ रुपये जीएसटी कलेक्‍शन रहा, जो 12.3% की ग्रोथ को दिखाता है. जीएसटी कलेक्‍शन में हर महीने बढ़ोतरी की बड़ी वजह देश में घरेलू मांग की बढ़ोतरी रही है. इन जगहों पर ज्‍यादा हुआ जीएसटी कलेक्‍शन लक्षद्वीप में जीएसटी कलेक्‍शन में 287% की ग्रोथ हुई है. राज्यों में, अरुणाचल प्रदेश ने 66% की ग्रोथ दर्ज की है, जबकि मेघालय और नागालैंड में क्रमशः 50% और 42% की वृद्धि हुई है. हरियाणा, बिहार और गुजरात जैसे बड़े राज्यों ने भी दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की है. इसके विपरीत, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम में गिरावट देखी गई, जिसमें मिजोरम में 28% की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. कब लागू हुआ था जीएसटी? बता दें, देश में  1 जुलाई 2017 को GST लागू हुआ था. वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत में वस्तुओं और सेवाओं के निर्माण, बिक्री और उपभोग पर अप्रत्यक्ष कर है. जीएसटी के 4 प्रकार हैं, जिसमें सीजीएसटी, एसजीएसटी, यूटीजीएसटी और आईजीएसटी शामिल हैं. कभी-कभी उपकर भी लगाया जाता है. भारत में विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के लिए GST की दरें 4 स्लैब में विभाजित किया गया है, 5% जीएसटी, 12% जीएसटी, 18% जीएसटी और 28% जीएसटी. देश में GST लागू होने के बाद जीएसटी परिषद ने कई बार विभिन्न उत्पादों के लिए जीएसटी दरों में संशोधन किया है.   recent visitors 73

आगर मालवा में बेमौसम बारिश ने व्यापारियों की मेहनत और अनाज दोनों पर पानी फेर दिया

आगर मालवा मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में बेमौसम बारिश ने व्यापारियों की मेहनत और अनाज दोनों पर पानी फेर दिया. जिले की मुख्य अनाज मंडी में खुले में रखा गया हजारों क्विंटल गेहूं मंगलवार और बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश में पूरी तरह भीग गया. अचानक बदले मौसम के कारण हुई तेज बारिश से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. बुधवार को तेज धूप और करीब 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच दोपहर में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई. इससे पहले मंगलवार को भी इसी तरह की बेमौसम बारिश ने अनाज मंडी में रखे गेहूं को नुकसान पहुंचाया था. व्यापारियों ने उम्मीद की थी कि मंगलवार के बाद मौसम साफ रहेगा और वे गेहूं को समेट सकेंगे, लेकिन बुधवार को हुई बारिश ने उनकी बाकी उम्मीदें भी तोड़ दीं. मंडी के व्यापारी संजय बंसल, विजय कोठारी और बंटी ने कहा कि लगातार दो दिनों से हुई बारिश ने अनाज को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. खुले में रखा गया गेहूं पूरी तरह पानी में भीग चुका है और आशंका है कि इतनी नमी के बाद गेहूं सड़ सकता है, जिससे यह किसी काम का नहीं रहेगा. व्यापारियों ने प्रशासन से इस नुकसान का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की है. व्यापारियों का कहना है कि अनाज मंडी में पर्याप्त गोदामों की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें गेहूं खुले में रखना पड़ा था. अब जब मौसम ने इस तरह धोखा दिया है, तो लाखों रुपये का माल खराब हो गया है. फिलहाल व्यापारी नुकसान के आकलन में जुटे हुए हैं. बेमौसम बारिश ने जहां किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है, वहीं मंडी में खुले में रखा गया अनाज भी इसकी चपेट में आ गया है.   recent visitors 51

उप मुख्यमंत्री अरुण साव सामूहिक विवाह में भी हुए शामिल, 20 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजनांदगांव के घुमका में विकास कार्यों के भूमिपूजन और मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने घुमका नगर पंचायत में एक करोड़ 49 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में घुमका में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। इनमें विद्युतीकरण के लिए नौ लाख 85 हजार रुपए, सड़क में बोर्ड लगाने के लिए नौ लाख 83 हजार रुपए तथा तीन द्वारों के लिए दस-दस लाख रुपए शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा घुमका में आयोजित सामूहिक विवाह में 20 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। साव ने सभी जोड़ों को आशीष प्रदान करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दीं। सांसद संतोष पाण्डेय और विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल भी दोनों कार्यक्रमों में शामिल हुईं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत यहां 20 जोड़ों का विवाह हो रहा है, 40 परिवारों में खुशियां आ रही हैं। आज का दिन ऐतिहासिक है, सामूहिक विवाह के साथ ही एक करोड़ 49 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार हर व्यक्ति के विकास के लिए कार्य कर रही है। राज्य और केंद्र सरकार हर परिवार के आवास और इलाज की व्यवस्था के साथ ही सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से बेटे-बेटियों के विवाह की चिंता भी दूर कर रही है। छत्तीसगढ़ में विष्णु का सुशासन कल्याणकारी है। सांसद संतोष पाण्डेय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज बड़ी खुशी का दिन है, सामूहिक विवाह में 20 दम्पति परिणय सूत्र में बंधे हैं, उनके जीवन में कृपा और समृद्धि आए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव घुमका नगर पंचायत की सोच के अनुरूप सुंदर शहर की परिकल्पना से समग्र विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल ने भी सभी नवदम्पत्तियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह शासन की महत्वपूर्ण योजना है। इससे गरीब एवं जरूरतमंदों को मदद मिल रही है। राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, राजनांदगांव जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव और समाज सेवी कोमल सिंह राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे। recent visitors 34

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया

नैनीताल उत्तराखंड के नैनीताल में बुधवार रात सांप्रदायिक बवाल हो गया। मल्लीताल क्षेत्र में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया। घटना से नाराज स्थानीय लोगों और संगठनों ने देर रात तक कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ के साथ मस्जिद में पथराव किया। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर उस्मान नाम के आरोपी को हिरासत में ले लिया था। मल्लीताल और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस की भी तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात समुदाय विशेष के एक व्यक्ति पर किशोरी से दुष्कर्म का आरोप लगा। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान उग्र भीड़ ने कुछ दुकानों में तोड़फोड़ शुरू कर लोगों से मारपीट कर दी। मल्लीताल क्षेत्र की मस्जिद पर कुछ अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया। आरोपी को पुलिस पकड़कर कोतवाली ले आई। ऐसे में उग्र लोगों ओर कई संगठनों ने देर रात कोतवाली पहुंचकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। नैनीताल में तनावपूर्ण माहौल के बीच देररात तक पुलिस और भीड़ के बीच आरोपी को लेकर खींचतान चलती रही। हंगामे के दौरान इलाके में अफरा तफरी और दहशत का माहौल फैल गया। लोग घबराकर अपने घरों में दुबक गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। घटना के बाद मल्लीताल और आसपास के क्षेत्रों में भारी तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने का निर्णय लिया। पुलिस लाइन से तुरंत बल मंगाया गया और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और गश्त बढ़ा दी। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर रखने को निगरानी टीमों को भी सक्रिय किया। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला। पुलिस बल की मौजूदगी से स्थानीय लोगों को कुछ हद तक राहत मिली। प्रशासन किसी भी तरह की हिंसा या अफवाह को रोकने के लिए तत्पर है। सैकड़ों की भीड़ कोतवाली में जमा रही घटना के बाद से ही बड़ी संख्या में लोग कोतवाली में इकट्ठा हो गए। लोग रात 12:30 बजे के बाद तक वहां मौजूद रहे और पुलिस अधिकारियों से किशोरी से छेड़छाड़ के आरोपी को सख्त सजा देने की मांग करते रहे। भीड़ में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा सभी वर्गों के लोग शामिल थे। सभी लोगों का एक ही सवाल था बेटियां कब सुरक्षित होंगी? कोतवाली परिसर में भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। पुलिस अधिकारियों ने बार-बार लोगों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं लोगों ने कहा, ऐसी घटनाओं को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जनता, प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है। कार्रवाई की मांग को लेकर शहर में निकाला जुलूस नैनीताल में सामने आई दुष्कर्म की घटना के विरोध में कई स्थानीय सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने एकजुट होकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इसके लिए शहर में रात को जुलूस निकालकर नारेबाजी की और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। कहा, यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन होगा। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। संगठनों ने प्रशासन को चेताया कि किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। युवाओं और महिलाओं की बड़ी भागीदारी इस विरोध में देखी गई। संगठनों का कहना था कि बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कोतवाली पहुंचा। पुलिस के साथ भी धक्का-मुक्की हुई घटना के विरोध में एकत्र हुई भीड़ जब कोतवाली पहुंची, तो पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आईं। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। स्थिति कुछ देर के लिए पूरी तरह तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने संयम बरतते हुए हालात को बिगड़ने से रोका। कुछ युवकों ने पुलिस बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की, जिसे समय रहते नियंत्रण में लिया गया। कुछ स्थानों पर हंगामा और नारेबाजी भी हुई। कोतवाली में तैनात अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया। महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया, ताकि भीड़ को शांतिपूर्वक नियंत्रित किया जा सके। पुलिस ने किसी भी प्रकार की हिंसा से निपटने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। एसपी क्राइम नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्रा ने कहा कि मल्लीताल क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी उस्मान को हिरासत में ले लिया गया है। बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। आगे की वैधानिक कार्रवाई पुलिस कर रही है। लोग देर रात तक प्रदर्शन करते रहे। सभी से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। रेस्टोरेंट के कई कर्मचारियों के साथ मारपीट जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने रेस्टोरेंट के कई कर्मचारियों के साथ मारपीट की। उनके साथ गाली-गलौच की गई। रेस्टोरेंट के शीशे और काउंटर तक लाठी-डंडों से तोड़ दिए गए। सामान सड़क पर फेंक दिया गया। गाड़ीपड़ाव क्षेत्र में मारपीट के दौरान एकमात्र पुलिसकर्मी पिट रहे समुदाय विशेष के युवक को बचाने आया। लेकिन उसे भी प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। युवक के सिर पर लोहे की बेंच आदि से हमला किया गया। recent visitors 47

पाकिस्तान के लिए भारत का एयरस्पेस 30 अप्रैल से 23 मई तक के लिए बंद रहेगा

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों को रसातल तक धकेल दिया है. इस बीच भारत की ओर से होने वाली संभावित सैन्य कार्रवाई से पाकिस्तान अलर्ट पर है. ऐसे में भारत ने पाकिस्तान के नैविगेशन सिस्टम पर बड़ी चोट की है. सूत्रों का कहना है कि भारत ने पाकिस्तानी सेना के विमानों द्वारा इस्तेमाल में लाए जा रहे ग्लोबल नैविगेशन सैटेलाइट सिस्टम के सिग्नल को बाधित करने के लिए एडवांस्ड जैमिंग सिस्टम की तैनाती की है. इन्हें पश्चिमी सीमा पर तैनात किया गया है. भारत के जैमिंग सिस्टम से जीपीएस, GLONASS और बैदू सहित सैटेलाइट आधारित नैविगेशन प्लेटफॉर्म बाधित होंगे. इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पाकिस्तानी सेना के विमानों द्वारा किया जा रहा है. इससे पहले भारत ने पाकिस्तान के विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद करने का फैसला किया. पाकिस्तान के लिए भारत का एयरस्पेस 30 अप्रैल से 23 मई तक के लिए बंद रहेगा. बता दें कि जैमिंग सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का हिस्सा है, जिसे रेडियो फ्रीक्वेंसी सिगनलों को बाधित करने के लिए डिजाइन किया जाता है. इससे कई बार गलत सिग्नल भेजकर दुश्मनों के उपकरणों को भ्रमित भी किया जाता है. भारत द्वारा तैनात किए गए ये सिस्टम हाई फ्रीक्वेंसी जैमिंग सिस्टम हैं, जो विशेष रूप से सैन्य अभियानों में उपयोग होने वाले GNSS सिग्नलों को लक्षित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं. पाकिस्तान द्वारा किए गए सीजफायर उल्लंघन के बाद LOC के कई सेक्टरों में गतिविधियां तेज हो गई हैं. भारतीय सेना ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में ऑपरेशनल अलर्ट जारी कर दिया गया है. दरअसल, पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार एक्शन मोड में है और पाकिस्तान पर सख्त फैसले ले रही है. इस बीच, नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान पिछले सात दिन से लगातार सीजफायर तोड़ रहा है और हल्के हथियारों से रातभर फायरिंग कर रहा है. लेकिन बुधवार को पाकिस्तान ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है. उसने अब जम्मू के परागवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फायरिंग की है. रक्षा सूत्रों का कहना है कि मंगलवार सुबह तक पाकिस्तानी सेना सिर्फ नियंत्रण रेखा पर ही संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही थी, लेकिन अब उसने बुधवार रात जम्मू के परागवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की है, जिसके बाद पाकिस्तान ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है.   recent visitors 43

झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है, कांग्रेस का विजन समाज का विभाजन रहा : शिवराज सिंह चौहान

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को किया संबोधित —————————————————- -जातिगत जनगणना सबका साथ, सबका विकास और सबके कल्याण के लिए -राहुल गांधी को संविधान पढ़ने के लिए ट्यूशन लगानी चाहिए -झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है -कांग्रेस का विजन समाज का विभाजन रहा है -कांग्रेस का नकली चेहरा सामने आता है, असली सूरत छिपी रहती है -सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह ने जातिगत जनगणना क्यों नहीं करवाई -शिवराज सिंह चौहान भोपाल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जातिगत जनगणना के फैसले को लेकर कहा कि, ये सबका साथ, सबका विकास और सबके कल्याण के लिए की जाएगी। मैं जातिगत जनगणना कराने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद देता हूं। ये जाति की राजनीति नहीं है, सुशासन की आधारभूत नींव है, समाज के हर वर्ग को न्याय देने का प्रयास है, जो पूरे पारदर्शी तरीके से जमीन पर उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि, राष्ट्र और समाज के व्यापक हित में जातिगत जनगणना का उपयोग किया जाएगा। वहीं इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, कांग्रेस जब सत्ता में रहती है तो काम नहीं करती है, और जब विपक्ष में आती है तो जातिगत जनगणना जैसी मांग करती है। हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और हैं।   झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, आज कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं में श्रेय लेने की होड़ लगी हुई है। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूँ कि, वर्षों तक देश में कांग्रेस की सरकारें रही, इतने सालों तक जातिगत जनगणना क्यों नहीं हुई..? उनके पहले प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में कहा था कि, वह जाति के आधार पर आरक्षण के भी विरोधी हैं। पत्र रिकार्ड में मौजूद हैं, उन्होंने हमेशा जाति और जातिगत जनगणना का विरोध किया। काका कालेलकर की रिपोर्ट किसने दबाई थी। कांग्रेस ने हमेशा जातिगत जनगणना का विरोध किया। झूठ बोलना और भ्रम फैलाना कांग्रेस के डीएनए में है। कर्जा माफ करेंगे, बिजली बिल माफ करेंगे और बेरोजगारी भत्ता ऐसे कई झूठ कांग्रेस ने हमेशा से बोले हैं।    राहुल गांधी को संविधान पढ़ने की ट्यूशन लेनी चाहिए केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि, आज वो कह रहे हैं कि, तेलंगाना में हुआ है। मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि, तेलंगाना में जातिगत जनगणना नहीं हुई है, सर्वे हुआ है। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी जी को संविधान पढ़ने के लिए ट्यूशन लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस आज विज़न की बात करती हैं, कांग्रेस का विजन समाज का विभाजन रहा है। विभाजनकारी नीतियाँ रहीं हैं, समाज को तोड़ने का रहा है, लेकिन हम सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास इसको मूल मंत्र मानकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है। आज ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में राजनीतिक विषयों की कैबिनेट समिति ने यह फैसला किया है कि अब जनगणना के साथ, जातियों की गणना भी होगी। यह फैसला ऐतिहासिक है, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। जातिगत जनगणना पूरी पारदर्शिता के साथ होगी। समाज के सभी वर्गों के आर्थिक और सामाजिक हितों को ध्यान में रखते हुए देश के हित में होगी। इंदिरा गांधी ने जातिगत जनगणना का विरोध किया केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 1980 के दशक में जब मण्डल कमीशन आया तब इंदिरा गांधी ने ही विरोध किया था। वीपी मण्डल की जातिगत जनगणना की मांग को तत्कालीन गृहमंत्री ज्ञानी ज़ेल सिंह ने खारिज किया था। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राहुल गांधी मैं आपको याद दिलाना चाहता हूँ, स्वर्गीय राजीव गांधी का रुख क्या था, उस समय जातिगत जनगणना क्यों नहीं हुई..? फिर श्रीमती सोनिया गांधी पॉवर में आईं, दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उनकी सरकार आई, तब उन्होंने पार्लियामेंट में आश्वस्त किया था कि, वो जातिगत जनगणना पर कैबिनेट में विचार करेंगे। मंत्रीमण्डल का एक समूह बना “ग्रुप ऑफ मिनिस्टर“ तब भी जातिगत जनगणना नहीं हुई बस एक सर्वे ही हुआ। मैं पूछना चाहता हूं कि, क्यों श्रीमती सोनिया गांधी ने, क्यों स्वर्गीय मनमोहन सिंह ने जातिगत जनगणना नहीं कारवाई और उस समय सर्वे के एसईसीसी के जो आँकड़े थे, उसमें भी हजारों त्रुटियाँ थीं। वो लगभग अस्वीकार कर दिया गया था, तब कांग्रेस कहाँ थी। पत्रकार वार्ता के पूर्व पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा के दुखद निधन पर शोक व्यक्त किया गया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल उपस्थित रहे। recent visitors 42