पाकिस्तान के खिलाफ एक और ऐक्शन, सरकार ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध के माध्यम से चिनाब नदी का पानी रोक दिया

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत सरकार ने सिंधु जल संधि रद्द करने का ऐलान कर दिया था। अब इस फैसले को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया गया है। पीटीआई के हवाले से खबर मिली है कि सरकार ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध के माध्यम से चिनाब नदी का पानी रोक दिया है। अब झेलम नदी के ऊपर बने किशन गंगा बांध के माध्यम से ऐसा ही एक और उपाय करने की योजना बनाई जा रही है। जम्मू के रामबन में स्थित बगलिहार बांध और उत्तरी कश्मीर में स्थित किशन गंगा बांध इन नदियों पर भारत को पाकिस्तान से बेहतर स्थिति में रखते हैं। भारत सरकार इन बांधों के जरिए विद्युत उत्पादन करती है और इसके साथ ही यही बांध भारत को इन नदियों में पानी रोकने और छोड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। आपको बता दें कि बगलीहार बांध भारत और पाकिस्तान के बीच में लंबे समय तक विवाद का कारण रहा है। पाकिस्तान ने इस बांध के निर्माण के समय विश्व बैंक से मध्यस्थता की मांग की थी। इसके अलावा पाकिस्तान को किशनगंगा बांध को लेकर भी खासकर झेलम की सहायक नदी नीलम पर इसके प्रभाव के कारण आपत्ति है। भारत से पाकिस्तान की तरफ बहनें वाली यह नदियां दोनों देशों की जीवन रेखाएँ मानी जाती हैं क्योंकि इनके मैदानों में रहने वाले लोग खेती के लिए पूरी तरह से इन नदियों पर ही निर्भर हैं। भारत भी शुरुआत से ही इस बात को समझकर पाकिस्तान को ज्यादा मात्रा में ही पानी उपलब्ध करवाता रहा है। सिंधु जल संधि में भी नदियों पर ज्यादा नियंत्रण होने के बाद भी भारत ने पाकिस्तान को पानी देने की बात मानी। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार के सब्र का बांध टूट गया और सरकार ने सिंधु जल संधि को निरस्त कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से कई नेताओं ने उल्टी-सीधी बयानबाजी करना शुरू कर दिया है। हालांकि भारत की तरफ से किसी नेता ने ऐसा बयान नहीं दिया। पहलगाम हमले के बाद भारत की तरफ से तीखी और कूटनीतिक स्ट्राइक ने पाकिस्तान को परेशान कर दिया। पूरा पाकिस्तान इस खौफ में है कि भारत कभी भी हमला कर सकता है। पीएम मोदी ने पिछले महीने ही घोषणा कर दी थी कि पहलगाम में निर्दोष लोगों का नरसंहार करने वाले आतंकवादियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। recent visitors 44

ट्रेन में बिना टिकट: जानें जुर्माना, शिकायत और बचाव के तरीके

Travelling without ticket in train: Know the fines, complaints and prevention methods Travelling without ticket in train हम में से अधिकतर लोग कभी न कभी ट्रेन से यात्रा करते हैं। कई बार किसी कारणवश टिकट न बन पाने की स्थिति में हम घबरा जाते हैं — खासतौर पर जब TTE (ट्रेन टिकट एग्जामिनर) टिकट चेक करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना टिकट यात्रा करना कानूनन गलत ज़रूर है, लेकिन इसके बावजूद भी TTE आपको गिरफ्तार नहीं कर सकता? दरअसल, हम में से बहुत कम लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी होती है, जिसके कारण हम TTE या RPF (रेलवे सुरक्षा बल) द्वारा कही गई हर बात को सही मान लेते हैं। इसी भ्रम को दूर करने के लिए हम आज “जानिए अपने अधिकार” कॉलम में आपके सवालों के जवाब दे रहे हैं: सवाल-जवाब: क्या करें अगर आप ट्रेन में बिना टिकट पकड़े जाएं? Travelling without ticket in train सवाल 1: अगर मैं बिना टिकट यात्रा कर रहा हूं और TTE पकड़ ले, तो क्या वह मुझे गिरफ्तार कर सकता है?जवाब: नहीं, TTE आपको गिरफ्तार नहीं कर सकता। वह केवल जुर्माना वसूल सकता है। सवाल 2: क्या TTE मनमाना जुर्माना वसूल सकता है?जवाब: नहीं। जुर्माना निर्धारित नियमों के अनुसार तय होता है, जिसमें आपकी यात्रा की दूरी, क्लास और ट्रेन का प्रकार शामिल होता है। सवाल 3: अगर TTE ने अनुचित जुर्माना वसूला, तो क्या मैं शिकायत कर सकता हूं?जवाब: हां, आप 155210 पर SMS या 139 पर कॉल करके शिकायत कर सकते हैं। Read More: मध्यप्रदेश में मंजूरी के 4 दिन बाद तबादला नीति जारी: आधी रात के बाद आदेश; जिनकी परफॉर्मेंस खराब, उनको पहले बदलेंगे सवाल 4: अगर मैं जुर्माना देने से मना कर दूं तो क्या होगा?जवाब: आपको अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतारा जा सकता है और मामला रेलवे कोर्ट में जा सकता है। आपको 1 माह की जेल या ₹500 जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। सवाल 5: क्या TTE मुझे सीधे रेलवे पुलिस को सौंप सकता है?जवाब: अगर आप सहयोग नहीं करते या जुर्माना नहीं भरते हैं, तभी TTE आपको रेलवे पुलिस (RPF) को सौंप सकता है। सवाल 6: क्या बिना टिकट यात्रा करने पर जेल हो सकती है?जवाब: सामान्य तौर पर यह सिविल अपराध है। अगर आप जुर्माना भर देते हैं, तो जेल नहीं होगी। सवाल 7: क्या मुझे ट्रेन से उतारा जा सकता है?जवाब: सामान्यतः नहीं, लेकिन विशेष परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है। सवाल 8: क्या यह सिविल अपराध है या आपराधिक?जवाब: यह सिविल अपराध है। लेकिन पुलिस से मारपीट, उत्पात या कोर्ट का उल्लंघन करने पर यह आपराधिक बन सकता है। सवाल 9: क्या मुझे वकील की ज़रूरत हो सकती है?जवाब: सामान्य मामलों में नहीं। लेकिन अगर मामला कोर्ट तक पहुंच जाए या आप कानूनी सलाह लेना चाहें, तो वकील की मदद ले सकते हैं। यह जानकारी दूसरों के साथ भी साझा करें, ताकि वे भी अपने अधिकारों को जान सकें। recent visitors 196

शंकराचार्य अविमुक्‍तेश्वरानंद ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्‍कृत करने का किया एलान

नई दिल्ली ज्‍योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्‍तेश्वरानंद ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्‍कृत करने का एलान किया है। शंकराचार्य ने कहा कि आज से राहुल गांधी को हिंदू धर्म का न माना जाए। दरअसल, राहुल गांधी ने संसद में मनुस्‍मृति को लेकर बयान दिया था। इस पर शंकराचार्य ने राहुल गांधी से स्‍पष्‍टीकरण मांगा था। इस संबंध में उन्‍हें पत्र भी भेजा गया था लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी राहुल गांधी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। अब शंकराचार्य अविमुक्‍तेश्वरानंद ने उन्‍हें हिंदू धर्म से ब‍हिष्‍कृत करने की सार्वजनिक घोषणा की है। उन्‍होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में हिंदू धर्म का अपमान किया है। उन्‍होंने कहा है कि आपकी मनुस्‍मृति को मैं नहीं मानता। मैं संविधान को मानता हूं। जबकि वास्‍तविकता यह है कि हर हिंदू और सनातन धर्मी मनुस्‍मृति से संबंधित है। शंकराचार्य ने बताया कि उन्‍हें रिमाइंडर भी भेजा गया था। अब तीन महीने बीत गए हैं। बहुत से लोग यह भी कह रहे हैं कि उन्‍हें हिंदू धर्म से क्‍या बहिष्‍कृत करेंगे, वह तो हिंदू हैं ही नहीं। तीन महीने की अवधि में उन्‍होंने अपनी ओर से इस बारे में स्थिति स्‍पष्‍ट करने के लिए कुछ भी नहीं किया। तब हम लोगों ने यह निष्‍कर्ष निकाला कि राहुल गांधी मनुस्‍मृति में अश्रद्धा रखते हैं। वह मनुस्‍मृति के बारे में संसद में खड़े होकर गलतबयानी कर रहे हैं। जबकि मनुस्‍मृति में बलात्‍कारी को संरक्षित करने की बात नहीं लिखी है। यह बात आप मनु स्‍मृति को बदमान करने के लिए कह रहे हैं। हर हिंदू चाहे वाहे सहमत हो या नहीं हो वो मनु स्‍मृति को अपना धर्मग्रंथ तो मानता ही है। आप मनु स्‍मृति को अपना ग्रंथ नहीं कह रह रहे हो इसका मतलब आप हिंदू नहीं हो। शंकराचार्य अविमुक्‍तेश्वरानंद ने कहा कि तय हो गया है कि राहुल गांधी हिंदू धर्म के विरुद्ध काम कर रहे हैं। जनता के सामने यह स्‍पष्‍ट किया जाता है कि संभवत: वह हिंदू नहीं हैं। इसलिए आज से उन्‍हें हिंदू न माना जाए। हिंदू पुरोहित पंडित हिंदू विधि से उनकी पूजा न कराएं। हिंदू मंदिरों में उनके प्रवेश को प्रतिबंध‍ित किया जाए। सभी हिंदू सनातनी धार्मिक कार्यों से उनको वंचित किया जाए। शंकराचार्य ने कहा कि तीन महीने का समय बीतने पर भी राहुल गांधी ने अपने वक्‍तव्‍य के बारे में न तो क्षमा मांगी और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया, इसलिए राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की सार्वजनिक घोषणा करते हैं और उन्हें हिन्दू न मानने की घोषणा करते हैं, कोई भी उनकी पूजा न कराए। शंकराचार्य ने कहा कि सभी धर्मों में, यहां तक कि कानून में भी जो अपराधी होता है उसको किसी क्षेत्र विशेष से बाहर करने का नियम है। अपने उसी अधिकार का प्रयोग करते हुए धर्म रक्षा की दृष्टि से राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्‍कृत किया जाता है। recent visitors 52

पीएम मोदी के दौरे के आसपास श्रीनगर में हो सकता था हमला, आतंकियों की थी नजर, क्यों बदलना पड़ गया प्लान?

नई दिल्ली पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। वहीं पाकिस्तान का आतंकी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया। कश्मीर में चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती और हाई लेवल इंटेलिजेंस के बावजूद आतंकियों ने 26 मासूम पर्यटकों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य एजेंसियों ने स्थानीय सुरक्षाअधिकारियों को आतंकी हमले को लेकर पहले ही अलर्ट किया था। मामले के जानकार लोगों का कहना है कि खुफिया एजेंसियों ने बताया था कि 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के आसपास श्रीनगर में हमला हो सकता है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद श्रीनगर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। आसपास के पर्यटन स्थलों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इसमें दाचीगाम नेशनल पार्ट भी शामिल था। इसकी दूरी श्रीनगर से करीब 22 किलोमीटर है। हालांकि बाद में खराब मौसम की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा कैंसल हो गया। इसके बाद ही 22 अप्रैल को श्रीनगर से मात्र 90 किलोमीटर दूर आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया। उन्होंने धार्मिक पहचान पूछने के बाद लोगों की हत्या कर दी। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, खुफिया जानकारियों के बाद लोकेशन का पता लगाना सबसे कठिन काम होता है। आर्मी और सिविलियन सिक्योरिटी अधिकारियों को अलर्ट किया गया था। वहीं यह बात भी बताई गई थी कि आतंकी पर्यटकों को निशआना बना सकते हैं। खुफिया एजेंसियों ने कहा था कि श्रीनगर के आसपास पर्यटन स्थल पर आतंकी हमला कर सकते हैं। खुफिया जानकारी के बाद डीजीपी नलिन प्रभात चार दिनों तक श्रीनगर में ही रुके रहे। वह श्रीनगर के आसपास के इलाकों की पूरी खबर ले रहे थे। 22 अप्रैल को प्रभात जम्मू पहुंचे ही थे कि उधर पहलगाम में आतंकियों ने हमला कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी खुफिया रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया था कि पहलगाम में आतंकी हमला कर सकते हैं। यह बात स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा कैंसल होने के बाद आतंकी दूसरे मौके की तलाश में थे। वे लंबे समय तक इंतजार भी नहीं करना चाहते थे। पहलगाम का बैसरन पर्यटकों के लिए हमेशा ही खुला रहता है। यह केवल अमरनाथ यात्रा के दौरान बंद किया जाता था। हालांकि किसी इनपुट में बैसरन को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई और ना ही आशंका जताई गई। एक अधिकारी ने बताया कि आतंकियों में एक स्थानीय शख्स भी था जो कि पर्यटकों को लेकर एक तरफ गया। इसके बाद विदेशी आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की। इस स्थान की एंट्री एक ही जगह से थी। वहीं टिकट के जरिए एंट्री दी जाती थी। इस बात का पूरा अंदेशा था कि इस इलाके में आतंकी छिपे हुए हैं। इसके बाद भी स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों से चूक हूई।  recent visitors 60

प्रकाश पर्व के अवसर पर दो दिवस रक्तदान शिविर का आयोजन

Two day blood donation camp organized on the occasion of Prakash Parv भोपाल,ब्यूरो रिपोर्ट ! राजधानी स्थित एम्स रोड साकेत नगर गुरुद्वारे में प्रकाश पर्व के अवसर पर दो दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें सिख समाज एवं अन्य समाज के लोगों ने रक्तदान किया,वहीं गुरुद्वारा श्री गुरु तेगबहादुर साहिब के प्रमुख सेवादार हरदीप सिंह सैनी ने हमें बताया कि,प्रकाश पर्व के अवसर पर पंजाब से आए रागि ने सुबह से ही गुरुद्वारे में अरदास,कीर्तन किया,जिसमें भारी संख्या में समाज के लोग उपस्थित हुए,वहीं उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा श्री गुरु तेगबहादुर साहिब एवं मानस ब्लड एण्ड कम्पोनेंट सेन्टर के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय रक्तदान शिविर लगाया गया,जिसमें सिख समाज के युवाओं ने पर चढ़कर हिस्सा लिया,समय समय पर रक्तदान शिविर लगाकर,एम्स हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को रक्त देकर निशुल्क सेवा करते हैं,वहीं एम्स हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिवारों को गुरुद्वारे में लगातार लंगर की सेवा दी जा रही हैं recent visitors 84

चिरोला गांव में नरवाई की आग से मचा तांडव: 12 घर खाक, महिला की दर्दनाक मौत, विधायक ने किया दौरा

Fire caused havoc in Chirola village due to stubble fire: 12 houses destroyed, woman died a painful death, MLA visited छतरपुर ! जिले की घुवारा तहसील के ग्राम पंचायत रामटौरिया से लगे चिरोला और छुल्ला गांव में शनिवार को नरवाई की आग ने भीषण तबाही मचाई। तेज़ आंधी के साथ खेतों में लगी आग ने देखते ही देखते रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। चिरोला गांव में आग से 12 घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए, वहीं एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई और कई लोग झुलसकर घायल हो गए। https://www.facebook.com/100095277861256/posts/691908000661789/?mibextid=rS40aB7S9Ucbxw6v ग्रामीणों के अनुसार, उनके घरों में रखी पूरी गृहस्थी – गेहूं, भूसा, कपड़े, पैसे, अनाज और अन्य जरूरी सामग्री – सब कुछ जलकर राख हो गया। कुछ मवेशी भी इस आग की चपेट में आकर मारे गए। गांव का दृश्य किसी लंका-दहन से कम नहीं रहा। जैसे ही क्षेत्रीय विधायक सुश्री रामसिया भारती को घटना की जानकारी मिली, वे तत्काल मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की, शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी और अधिकारियों से बात कर जरूरी मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। विधायक ने प्रशासन से त्वरित राहत पहुंचाने की भी मांग की। पीड़ितों की पीड़ा बयान करते हुए एक ग्रामीण ने कहा, “साहब, मैं कुछ नहीं कर पाया। सब कुछ मेरी आंखों के सामने जलता रहा।” यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि हर साल नरवाई जलाने से होने वाली इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम कब उठाए जाएंगे। recent visitors 288

देवास के नामनपुर गांव में तालाब का गहरीकरण, जल गंगा संवर्धन अभियान हुआ लोकव्यापी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आहवान पर 30 मार्च से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। इसके लिए जन सहभागिता आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने एवं लोकव्यापीकरण के लिये समाज के सहयोग से उपलब्ध जल संरचनाओं जैसे तालाब, पुराने कुंआ, और नदियों में श्रमदान के द्वारा स्वच्छता कार्य किये जा रहे हैं। झाबुआ में मंत्री सुश्री भूरिया ने किया उदयपुरिया तालाब के जीर्णोद्धार का शुभारंभ झाबुआ का उदयपुरिया तालाब का निर्माण वर्ष 1987 हुआ था। इसकी ऊंचाई 10 मी एवं क्षमता 0.29 एमसीएम है। इस तालाब से वर्तमान में लगभग 45 हैक्क्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत उद‌यपुरिया तालाब के गहरीकरण एवं कैचमेण्ट क्षेत्र की साफ-सफाई के काम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जोर्णोद्धार कार्य का भूमि-पूजन किया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में यह हमारा दायित्व है कि प्रकृति संरक्षण के सामुदायिक प्रयास किये जाएं। जल संरक्षण के इस पुनीत कार्य में शासन-प्रशासन के साथ जन‌भागीदारी आवश्य‌क है। कलेक्टर नेहा मीणा ने बताया कि विगत वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किये गये कार्यों से जिले में सिंचाई के लिये पानी की उपलब्धता बनी रही, जिससे इस वर्ष गेहूँ का रकबा 86 हजार हेक्टेयर से 1.04 लाख हैक्टेयर से अधिक हो गया। देवास के नामनपुर गांव में तालाब का गहरीकरण देवास जिले में ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य कराए जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। देवास के नामनपुर गांव में जनसहयोग से तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। गहरीकरण से बारिश के दिनों में पानी का संग्रहित होगा तथा वाटर लेवल भी बढ़ेगा, जिससे पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पानी मिल सकेगा। जिले में ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान जन अभियान बन रहा है। अभियान के अंतर्गत जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। नदी, नालों, कुएं, बावड़ियों एवं कुंड की साफ-सफाई की जा रही है। इनमें से गदंगी और गाद बाहर निकाली जा रही है। देवास के सिरोंज गांव में क्षिप्रा नदी और घाटों की सफाई की जा रही है। अभियान के लिए श्रमदान कर रहे ग्रामीणों ने क्षिप्रा नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प दोहराया। बुरहानपुर में पीपलपानी के देवल बैराज से निकाली गई गाद जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्राम पीपलपानी के देवल बैराज से गाद निकालने का कार्य किया जा रहा है। जन सहयोग से हो बैराज के गहरीकरण से आने-वाले दिनों में क्षेत्र को लाभ मिलेगा। बुरहानपुर के देवल बैराज का निर्माण वर्ष 2020 में किया गया। इसकी कुल जल ग्रहण क्षमता 2.70 एमसीएस है और  इससे 190 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। बैराज से गाद की सफाई हो जाने पर उसमें वर्षा के जल का भराव होगा और इससे क्षेत्र में भूजल समृद्धि आयेगी। अलीराजपुर में बन रहे अमृत सरोवर, मंत्री श्री चौहान ने किया भूमि-पूजन जिले के कट्ठीवाड़ा जनपद के ग्राम अकोला में 22 लाख 67 हजार रुपये से निर्मित होने वाले अमृत सरोवर का भूमि-पूजन मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने किया।  मंत्री श्री चौहान ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए संचालित ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान के अंतर्गत अकोला में अमृत सरोवर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में लगभग 18 अमृत सरोवर बनाए जाएंगे। अभियान के अंतर्गत 840 खेत तालाबों का निर्माण एवं प्राचीन कुओं बावड़ियों और जलाशयों का पुनरुद्धार किया जाएगा। इससे हमारे क्षेत्र में भू-जल स्तर में सुधार होगा और पानी से संबंधित समस्याओं से निजात मिलेगी। खेती के लिए भी पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। जबलपुर में प्राचीन गढ़ा बावड़ी का हो रहा पुनरुद्धार जबलपुर में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जन सहभागिता आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने एवं लोकव्यापीकरण के लिये सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से समाज को इन कामों में जोड़ा जा रहा है। जन सहयोग से पानी सहेजने के लिए नदियों में बोरी बंधान और हैंडपंपों के पास सोक-पिट्स का निर्माण भी किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नवांकुर संस्था और रचना बाल कल्याण समिति के संयोजन से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद निर्देशन में गढ़ा बावली के पुनरुद्धार का कार्य भी किया जा रहा है। recent visitors 42