2000 रुपये के नोट वापस लेने के 2 साल बाद भी 6,266 करोड़ रुपये मूल्य के नोट चलन में: RBI डेटा

नई दिल्ली भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा दो साल पहले नोटबंदी के बाद, 6,266 करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 रुपये के उच्च मूल्य के नोट अभी भी चलन में हैं, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार। 2,000 के नोट कानूनी रूप से मान्य हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 19 मई को घोषणा की थी कि वह 2,000 रुपये के नोट को वापस लेगा। RBI ने कहा कि कंपनी का कुल मूल्य 19 मई, 2023 को कारोबार की समाप्ति पर 3.56 लाख करोड़ रुपये से घटकर 30 अप्रैल, 2025 को कारोबार की समाप्ति पर 6,266 करोड़ रुपये रह गया। केंद्रीय बैंक ने कहा, "इस प्रकार, 19 मई, 2023 तक चलन में 2000 रुपये के बैंकनोटों का 98.24 प्रतिशत वापस आ गया है।" ऐसे नोट जमा करने और/या बदलने की सुविधा 7 अक्टूबर, 2023 तक बैंक की सभी शाखाओं में उपलब्ध है। हालाँकि, यह सुविधा अभी भी रिज़र्व बैंक के 19 निर्गम कार्यालयों में उपलब्ध है। 9 अक्टूबर, 2023 से, RBI द्वारा जारी किए गए कार्यालय व्यक्तियों और संस्थानों से उनके बैंक खातों में जमा करने के लिए 2,000 रुपये के नोट भी स्वीकार कर रहे हैं। इसके अलावा, लोग देश के किसी भी डाकघर से भारतीय डाक के माध्यम से 2,000 रुपये के नोट RBI द्वारा जारी किसी भी कार्यालय को अपने बैंक खातों में जमा करने के लिए भेज सकते हैं। (PTI से इनपुट्स के साथ)   recent visitors 42

हजारों वर्ष पुराने मुड़िया बौद्ध मठ के रास्ते से अतिक्रमण हटाने के HC ने कलेक्टर को दिए निर्देश

जबलपुर जबलपुर के गोपालपुर के पास स्थित मौर्यकालीन प्राचीन बौद्ध मठ के पहुंच मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए हाईकोर्ट ने जबलपुर कलेक्टर को अंतरिम आदेश जारी किए हैं। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने यह आदेश उस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए, जिसमें मठ से जुड़े रास्ते पर अतिक्रमण कर आवाजाही बंद करने की शिकायत की गई थी। याचिका बौद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के रीजनल हेड सुखलाल वर्मा और अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दादा बैजनाथ कुशवाहा की ओर से दायर की गई थी। इसमें कहा गया है कि लम्हेटा घाट स्थित मुड़िया बौद्ध मठ हजारों वर्ष पुराना मौर्यकालीन बौद्ध स्थल है। इसके पास की 32 एकड़ शासकीय भूमि पर कथित रूप से भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया है और मठ तक पहुंचने का मार्ग अवरुद्ध कर दिया है। याचिका में उल्लेख किया गया कि 27 जनवरी 2021 को तत्कालीन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने मप्र टूरिज्म बोर्ड को पत्र भेजकर मठ के विकास के लिए बजट स्वीकृति का अनुरोध किया था। इससे पहले 15 जून 2012 को म.प्र. शासन के पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग ने इस स्थल को प्राचीन स्मारक घोषित करने की अधिसूचना जारी की थी। 1 अप्रैल 2015 को इस स्थल को अंतिम रूप से संरक्षित स्मारक घोषित करने का अनुरोध भी संस्कृति विभाग को भेजा गया, लेकिन अब तक शासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अतिक्रमण के खिलाफ स्थानीय स्तर पर पत्राचार और धरना-प्रदर्शन भी हुए, लेकिन जब कार्रवाई नहीं हुई, तो यह याचिका दाखिल की गई। याचिका में मप्र शासन के प्रमुख सचिव (राजस्व), प्रमुख सचिव (पुरातत्व), प्रमुख सचिव (धार्मिक न्यास), सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग), कलेक्टर जबलपुर, एसडीओ (राजस्व), तहसीलदार, नगर निगम अधिकारी भेड़ाघाट और निजी पक्षों रीता सेंगर, गुंजन नंदा, सोनिया नारंग व आरडीएम केयर इंडिया प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर अंगददीप सिंह नारंग को अनावेदक बनाया गया है।   recent visitors 46

अचलपुरा में एक प्रेमी जोड़े ने की आत्महत्या, गाँव में मचा हड़कंप

राजगढ़ भोजपुर थाना के अंतर्गत अचलपुरा में एक प्रेमी जोड़े ने आत्महत्या कर ली। दोनों के शव साड़ी के फंदे पर मोहवा पेड़ लटके मिले। जानकारी के मुताबिक अचलपुरा गांव के मोहन लाल जब सुबह शौच के लिए खेत पर गया तो देखा कि एक प्रेमी जोड़े ने आत्महत्या कर ली। दोनों के शव मोहवा के पेड़ पर लटक देख वह गांव की ओर भागा और गांव वालो को सूचना दी। इसके बाद गांव के सैकड़ो लोग एकत्रित हो गए और पुलिस को सूचना दी। भोजपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनो के शव को पेड़ से उतार कर खिलचीपुर शासकीय अस्पताल लेकर आए। जहां पर डाॅक्टर द्वारा पीएम कर शव परिजनों को सौप दिया। दोपहर को परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार किया। लड़के की पहचान राधेश्याम पिता देवीलाल तंवर 21 व लड़की की पहचान मंजूबाई पिता भंवरलाल तंवर 19 के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार राधेश्याम तवर उम्र 21 वर्ष और लड़की 19 वर्ष दोनों ने सुबह के समय मोहवाँ के पेड़ पर लटककर आत्महत्या कर ली। लड़की तीन दिन पहले ससुराल से मायके आई थी। लड़के के पिताजी द्वारा बताया की लड़के की शादी डोडिया खेड़ी सीताराम की लड़की से को गई थी, लेकिन 2 साल से लड़की के पिताजी द्वारा कोर्ड केस कर रखा था और लड़की भेजने को मना किया गया था। लड़के को गांव की लड़की के साथ कोई प्रेम हुआ इसकी जानकारी मुझे नहीं थी। लेकिन लड़का उसके ससुराल वालों से परेशान था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया होगा। लड़की के पिताजी भंवरलाल तंवर ने बताया की लड़की की शादी दुर्जन पूरा के हरिओम से 3 साल पहले कर दी गई थी। वह ससुराल में ही 1 साल से रहती थी. हाल ही में 3 दिन पूर्व अपने मायके गांव आई थी. आज सुबह लड़की घर से पांच बजे निकली और 9 बजे हमे गांव से सूचना मिली की एक लड़का लड़की ने आत्महत्या कर ली. हम मौके पर पहुंचे तो मेरी लड़की गांव के लड़के के साथ आत्महत्या कर ली । कैलाश चंद्र दांगी, एसआई भोजपुर थाना ने बताया- गांव से सुबह के समय सूचना मिली थी की अचलपुरा गांव के एक प्रेमी जोड़े में आत्महत्या कर ली. हम मौके पर पहुंचकर कर दोनो के शव खिलचीपुर अस्पताल में आए जहा पर दोनो के शव का पीएम करवाकर परिजनों को सौप दिया और जांच की जा रही है।   recent visitors 132

बलूचिस्तान में न्यायेतर हत्याएं पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड का सबसे काला अध्याय : हिमंत बिस्वा सरमा

गुवाहाटी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि बलूचिस्तान में वर्षों से हो रही न्यायेतर हत्याएं पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड का सबसे काला अध्याय बनी हुई हैं। सीएम सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "बलूचिस्तान में व्यवस्थित न्यायेतर हत्याएं, जिन्हें आमतौर पर 'मारो और फेंको नीति' के रूप में जाना जाता है, पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड में सबसे काले अध्यायों में से एक है। वर्षों से, बलूचों ने जबरन गायब किए जाने के क्रूर अभियान को झेला है, जहां छात्रों, कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और बुद्धिजीवियों का राज्य एजेंसियां अपहरण कर लेती हैं, उन्हें यातना दी जाती है और बाद में वे दूरदराज के खड्डों में मृत पाए जाते हैं या उन्हें सुनसान सड़कों पर फेंक दिया जाता है।" मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बलूचिस्तान के लोगों का समर्थन करते हैं और उन्होंने याद दिलाया कि भारत उनके लिए खड़ा रहेगा। उन्होंने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री मोदी की आवाज ने दुनिया का ध्यान बलूचिस्तान के संकट की ओर खींचा, जिसे पाकिस्तान ने लंबे समय तक दबाए रखा था। सीएम सरमा ने पोस्ट में उल्लेख किया, "यह अमानवीय प्रथा बलूचिस्तान में राज्य प्रायोजित आतंक का चेहरा बन गई है, जहां परिवारों को उम्मीद की जगह अपने प्रियजनों के क्षत-विक्षत शव मिलते हैं। इसी गंभीर पृष्ठभूमि में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 2016 के स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के दौरान, वैश्विक समुदाय के लंबे समय से धारण मौन को तोड़ा। बलूचिस्तान से बहने वाली 'लाल नदियों' का जिक्र करते हुए, उन्होंने न्याय और सम्मान से वंचित लोगों को आवाज़ दी, यह इस बात की पुष्टि थी कि भारत उत्पीड़ित और चुप कराए गए लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। उनके शब्दों में न केवल नैतिक स्पष्टता थी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वजन भी था, जिससे एक ऐसे संकट की तरफ ध्यान गया जिससे पाकिस्तान ने लंबे समय तक छुपाने की कोशिश की।" सीएम सरमा ने आगे कहा, "वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स (वीबीएमपी) जैसे संगठनों का अनुमान है कि 20,000 से अधिक बलूच व्यक्ति गायब हो गए हैं, सैकड़ों शव संदिग्ध और क्रूर परिस्थितियों में बरामद किए गए हैं। कई लोगों पर गंभीर यातना के निशान हैं, जो भय और हिंसा के माध्यम से असहमति को दबाने की एक व्यवस्थित नीति की ओर इशारा करते हैं। यह अब कोई क्षेत्रीय या राजनीतिक मुद्दा नहीं है – यह एक मानवीय आपातकाल है।" recent visitors 70

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- कांग्रेस, सपा और राजद मचा रहे जाति जनगणना का श्रेय लेने का झूठमूठ का हल्ला

लखनऊ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य ने जाति जनगणना का झूठा श्रेय लेने के लिए कांग्रेस, सपा और राजद की आलोचना की। केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए लिखा, "परिवादी तिकड़ी में जकड़ी कांग्रेस, सपा और राजद तीनों जाति जनगणना का श्रेय लेने का झूठमूठ का हल्ला मचा रहे हैं। दस साल पहले यूपीए शासनकाल में राजद नेता लालू प्रसाद यादव और सपा नेता मुलायम सिंह यादव यानी दो यादव परिवार कांग्रेस के शाही परिवार की मजबूत बैसाखी बनकर केंद्र की सत्ता में अपना हिसाब-किताब साफ कर रहे थे। कांग्रेस दोनों को जांच एजेंसियों का ख़ौफ़ दिखा रही थी। आय से अधिक संपत्ति के संगीन मामले थे। अमेरिका से परमाणु समझौता कराने में भी सपा की कथित भूमिका थी। जाति जनगणना की पैरोकारी तब केवल छलावा भर थी। अब जाति जनगणना का झूठा श्रेय लेकर ख़ुशी में पटाखा फोड़कर अपनी जग हंसाई करा रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा कि इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की कमान संभालने के बाद दबी-कुचली जातियों को एक नई चेतना मिली है। जाति जनगणना से उनको सबको हर स्तर पर अपना हक मिलेगा और देश भी मजबूत बनेगा। पिछले कुछ सालों से जाति जनगणना भारतीय राजनीति के प्रमुख मुद्दों में एक रही है। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने जाति जनगणना को लोकसभा के चुनाव में भी प्रमुख मुद्दे की तरह पेश किया था। अब केंद्र सरकार ने भी जातिगत जनगणना कराने की घोषणा कर दी है। बुधवार को राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने इस बारे में घोषणा दी है। इसके साथ ही यह पहली बार होगा जब आजाद भारत में जातिगत जनगणना कराई जाएगी। इससे पहले जाति सर्वेक्षण कराए गए हैं। बिहार समेत कुछ राज्यों ने भी जाति सर्वेक्षण कराए हैं। केंद्र सरकार द्वारा जाति जनगणना कराने के फैसले के लिए भारतीय राजनीति में यह मामला एक बार फिर सतह पर आ गया है और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों इसका श्रेय लेने में जुट गए हैं। recent visitors 73

रचनात्मक सृजनशीलता और कला-कौशल गतिविधियों में भाग ले रहे हैं विद्यार्थी

भोपाल मध्यप्रदेश के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी इन दिनों कला एवं अभिव्यक्ति, नाट्य अभिनय, फोटोग्राफी, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, पारंपरिक नृत्य, क्षेत्रीय संगीत, हस्तकला एवं लोक कलाएँ, पारंपरिक खेलों, वित्तीय साक्षरता, व्यवसाय, मॉडल, डिज़ाइन, थिंकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी के साथ ही कविता और कहानियों की रचना जैसी अपनी अभिरूचियों के विकास में व्यस्त हैं। दरअसल प्रदेश के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के अपर संचालक श्री राजीव तोमर ने बताया कि एक मई से प्रारंभ हुए ये समर कैम्प 20 मई 2025 तक संचालित होंगे। शासकीय विद्यालयों में अकादमिक गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों में रचनात्मक-सृजनशीलता, कला-कौशल के विकास के लिए इन समर कैम्प्स का आयोजन प्रदेश के समस्त सांदीपनी विद्यालयों, पीएमश्री विद्यालयों, उत्कृष्ट विद्यालयों और मॉडल विद्यालयों के साथ 500 से अधिक नामांकन वाले एकीकृत हायर सेकेंडरी विद्यालयों में किया जा रहा है। समर कैम्प का उद्देश्य विद्यार्थियों में 21वीं सदी के विभिन्न कौशलों जैसे आपसी सहयोग, टीमवर्क, समस्या समाधान, आपसी सामंजस्य, तार्किकता और नेतृत्व जैसे जीवन कौशल विकसित करने के लिए अवसर प्रदान करने के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक जागरूकता, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा बोलने की क्षमता का विकास आदि हैं। समर कैम्प के आयोजन की अवधि सांदीपनी विद्यालयों में समर कैम्प का आयोजन सामान्यतः एक मई से 20 मई 2025 की अवधि में प्रातः 8 से 11 बजे तक किया जा रहा है। वहीं पीएमश्री उत्कृष्ट एवं मॉडल विद्यालयों में विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा बोलने की क्षमता विकसित करने के लिये कक्षा-3 से 8 और कक्षा-9 से 12 के विद्यार्थियों के लिये समर कैम्प आयोजित किये जा रहे हैं। कैम्प के संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों को भेजी गयी है। प्रदेश में 20 मई से अधिक अवधि तक समर कैम्प संचालन के संबंध में विद्यालय अपने स्तर पर निर्णय ले सकेंगे।   recent visitors 69

रामबन में अचानक हुए भूस्खलन के चलते एनएच-44 पर दोनों ओर से यातायात बाधित

ऊधमपुर रामबन जिले के सेरी चंबा क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर बादल फटने से भारी तबाही हुई है। अचानक हुए भूस्खलन के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर दोनों ओर से यातायात को पूरी तरह रोक दिया गया। मूसलधार वर्षा के बाद हुए इस भूस्खलन से राजमार्ग पर भारी मलबा आ गया, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। सैकड़ों की संख्या में वाहन हाईवे पर दोनों तरफ फंसे हैं। टीसीयू रामबन के अनुसार, शुक्रवार दोपहर को अचानक हुई तेज वर्षा के कारण सेरी चंबा में भारी भूस्खलन होने से काफी मलबा और कीचड़ हाईवे पर आ गया। जिस वजह से दोनों ओर का यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। हाईवे बंद होने के कुछ ही देर के बाद एनएचएआई के लिए काम करने वाली सीपीपीएल कंस्ट्रक्शन कंपनी की आधा दर्जन मशीनें मौके पर पहुंच कर मलबा हटाने में जुट गई। नहीं हुआ रास्ता साफ, हाईवे अभी भी बंद दोपहर बाद से ही मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। समाचार लिखे जाने तक रास्ता साफ नहीं हो पाया था और हाईवे पूरी तरह बंद था। पीसीआर रामबन के अनुसार अभी हाईवे खुलने में दो से तीन घंटों या इसके भी कुछ अधिक समय लग सकता है। वहीं यातायात पुलिस और जिला पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे राजमार्ग पर यात्रा न करें और जब तक मार्ग पूरी तरह साफ न होने तक हाईवे पर सफर से बचने को कहा है। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वह सफर शुरू करने से पूर्व ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक ट्विटर और फेसबुक से अपडेट या टीसीयू से संपर्क कर हाईवे की स्थिति की जानकारी प्राप्त जरूर करें। recent visitors 65