एकात्म पर्व का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना

आचार्य शंकर प्रकटोत्सव – एकात्म पर्व ओंकारेश्वर में सोमवार से : राज्य मंत्री लोधी मुख्यमंत्री डॉ. यादव और देशभर के प्रमुख साधु- संत वैश्विक एकात्मता का महायज्ञ में होंगे शामिल एकात्म पर्व का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना ओंकारेश्वर में 28 अप्रैल से 2 मई तक “एकात्म पर्व” का आयोजन भोपाल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के जन्मोत्सव पर "आचार्य शंकर प्रकटोत्सव – एकात्म पर्व" का भव्य आयोजन 28 अप्रैल से 2 मई 2025 तक पवित्र तीर्थ ओंकारेश्वर एकात्म धाम परिसर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में "एकात्म पर्व" को एक दिव्य, सांस्कृतिक और बौद्धिक महाकुंभ के रूप में आयोजित किया जा रहा है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने जानकारी देते हुए बताया कि  "एकात्म पर्व" का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना तथा विश्वबंधुत्व एवं एकात्मता की भावना को पुनः जागृत करना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, साधकों और संस्कृति प्रेमियों को इस अद्वितीय पर्व में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया हैं। एकात्म पर्व का शुभारंम 28 अप्रैल सोमवार को सुबह 7 बजे महर्षि सांदीपनि वेद विद्यापीठ एवं आर्ट ऑफ लिविंग गुरुकुल के आचार्यों द्वारा वैदिक अनुष्ठान से होगा। इसके बाद शोभा यात्रा नर्मदा के अभय घाट से निकलकर नगर भ्रमण करते हुए पुनः अभय घाट पर संपन्न होगी। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित पावन पर्व के दौरान ओंकारेश्वर में विविध प्रकार के आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों का गायन, वैदिक अनुष्ठान, शोभायात्रा, अद्वैत शारदा पुस्तकालय, अद्वैत लोक प्रदर्शनी और वेदांत-विज्ञान विषयक परिचर्चाएँ प्रमुख रहेंगी। आयोजन में अनेक संत-संन्यासियों की उपस्थिति होगी। इसमें जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, इस्कॉन के गौरांग दास प्रभु, अखण्ड परम धाम के स्वामी परमानंद गिरि, स्वामी विदितात्मानंद सरस्वती, स्वामी मिथलेश नंदनी शरण, स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी, और माँ पूर्णप्रज्ञा सम्मिलित हैं। एकात्म धाम ओंकारेश्वर में विभिन्न सत्रों में चिंतक मुकुल कानिटकर, लेखक नीलेश नीलकंठ ओक, प्रो. गौरी माहुलिकर, प्रो. पंकज जोशी, प्रो. रामनाथ झा, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी, मृत्युंजय गुहा मजूमदार और विशाल चौरसिया जैसे प्रमुख वक्ता भाग लेंगे। 1 मई को विशेष सत्र “रील टू रियल: अवेकनिंग वननेस थ्रू स्टोरी टेलिंग” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गौरांग दास प्रभु, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी और विशाल चौरसिया संवाद करेंगे। प्रकटोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ.यादव होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकटोत्सव में शामिल होंगे। पर्व के अंतिम दिन 2 मई को आचार्य शंकर प्रकटोत्सव के अवसर पर 500 शंकरदूतों का दीक्षा संस्कार अभय घाट पर संतों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा। समापन दिवस पर प्रातःकाल विद्वानों का अलंकरण किया जाएगा। सायं 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा नर्मदा टट पर 10,000 दीपों का प्रज्ज्वलित कर नर्मदा आरती की जाएगी। ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास एवं संस्कृति विभाग, म.प्र. शासन द्वारा एकात्म धाम प्रकल्प के अंतर्गत 108 फीट ऊँची “एकात्मता की मूर्ति” का निर्माण किया जा चुका है तथा अद्वैत लोक संग्रहालय एवं अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान का निर्माण कार्य प्रगति पर है। आकर्षण का केन्द्र बनेगा गायन एवं नृत्य पाँच दिवसीय एकात्म पर्व के अंतर्गत “शंकर संगीत” नामक सांगीतिक प्रस्तुति श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों व अद्वैत वेदांत पर आधारित रचनाएँ प्रस्तुत की जाएँगी। इस श्रृंखला में माधवी मधुकर झा, जयतीर्थ मेवुंडी, लोकमाता विद्याशंकर, और सुधा रघुरामन जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियाँ होंगी। 1 मई को शंकरदूतों द्वारा आचार्य शंकर विरचित स्तोत्रों का सामूहिक गायन किया जाएगा। 2 मई को प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना लता मुंशी द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। अद्वैतामृतम् से लाभान्वित होंगे श्रोता एकात्म पर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 8:30 से प्रात: 10:30 व सायं 5:30 से 7:30 तक “अद्वैतामृतम” नामक विशेष वैदांतिक संवाद सत्रों का आयोजन किया जाएगा। 28 और 29 अप्रैल को माँ पूर्णप्रज्ञा “ओंकार” विषय पर उद्बोधन देंगी। 28 अप्रैल से 1 मई तक स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी आचार्य शंकर के जीवन एवं दर्शन पर विशेष सत्र संचालित करेंगे। 29 और 30 अप्रैल को प्रो. गौरी माहुलिकर अपना उद्बोधन देंगी और मुकुल कानिटकर “अद्वैत वेदांत: प्राणमय कोष” विषय पर व्याख्यान देंगे।   recent visitors 37

तामिया-पातालकोट में आदिवासियों ने राजकुमारी की 22 लाख की अंगूठी लौटाई, इनाम के 5 लाख रुपए लेने से किए मना

 छिंदवाड़ा सात समंदर पार से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा पहुंची चेक गणराज्य की राजकुमारी जित्का क्लेट की खोई हुई शादी की अंगूठी को पातालकोट के आदिवासियों ने खोजकर ईमानदारी की अनोखी मिसाल पेश की है. इस अंगूठी की कीमत करीब 22 लाख रुपए थी और इसे खोजने के लिए राजकुमारी ने 5 लाख रुपए के इनाम का ऐलान किया था. लेकिन आदिवासियों ने इसे अपनी मेहमान और बहन मानते हुए केवल 41 हजार रुपए ही स्वीकार किए. यह घटना देश-विदेश में चर्चा का विषय बन गई है. यह पूरा मामला छिंदवाड़ा के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य प्रकाश इंडियन टाटा से जुड़ा है, जो पातालकोट की जड़ी-बूटियों से रोगियों का इलाज करते हैं. प्रकाश टाटा ने बताया कि 6 महीने पहले वे यूरोप के दौरे पर थे, जहां मैक्स इन द वर्ल्ड कंपनी ने उन्हें छह देशों में आयुर्वेद और योग के शिविर लगाने के लिए आमंत्रित किया था. इस दौरान उनकी मुलाकात चेक गणराज्य की प्राग निवासी राजकुमारी और फैशन डिजाइनर जित्का क्लेट से हुई. जित्का स्पाइन की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं, जिसका इलाज वैज्ञानिक चिकित्सा में संभव नहीं था. प्रकाश टाटा ने आयुर्वेदिक दवाओं से उनका इलाज शुरू किया, और छह महीने में उन्हें काफी राहत मिली. जित्का ने प्रकाश टाटा से पातालकोट की अनमोल जड़ी-बूटियों के बारे में सुना था और इसे देखने की इच्छा जताई. इसके बाद 16 अप्रैल 2025 को वे दिल्ली से नागपुर और फिर छिंदवाड़ा पहुंचीं. प्रकाश टाटा ने उन्हें अपने घर पर ठहराया और अगले दिन 17 अप्रैल को जिले के पर्यटन स्थलों की सैर कराई. छोटा महादेव पर नींबू पानी बेचने वाले मनोज ने संभाली कमान घटना के बाद छोटा महादेव पर नींबू पानी की दुकान चलाने वाले मनोज विश्वकर्मा ने यह जिम्मा उठाया कि राजकुमारी की अंगूठी ढूंढकर वापस की जाएगी। मनोज ने आसपास के गांवों से एक दर्जन से ज्यादा आदिवासी युवकों को बुलाया। युवाओं ने तय किया कि जब तक अंगूठी नहीं मिलती, कोशिश जारी रहेगी। फिर शुरू हुआ संघर्ष — झरने के ठंडे पानी में उतरकर घंटों रेत निकालना, पत्ते हटाना और उसे छानना। दिन-रात की मेहनत रंग लाई और दो दिन बाद रेत के बीच से वह कीमती अंगूठी मिल गई। राजकुमारी ने कहा- पांच लाख दूंगी, आदिवासियों ने मना कर दिया अंगूठी मिलने की खबर जब राजकुमारी तक पहुंची तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने आदिवासियों को 5 लाख रुपए देने की पेशकश की। लेकिन युवाओं ने पैसा लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'आप हमारी मेहमान हैं। हम आपके दर्द की कीमत नहीं लगा सकते।' आदिवासियों ने बस अपनी मेहनत की मजदूरी के रूप में 41 हजार रुपए लिए। भावुक होकर राजकुमारी बोलीं- भारतीय संस्कृति को सलाम राजकुमारी ने इस घटना के बाद कहा, 'भारत ने एक बार फिर दिल जीत लिया। यहां के लोग सिर्फ जमीन से नहीं, दिल से भी जुड़े हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि वह इस अनुभव को कभी नहीं भूलेंगी। इलाज के लिए आई थीं, लेकिन यहां के लोगों की ईमानदारी ने उनके दिल का भी इलाज कर दिया। क्यों आईं थीं छिंदवाड़ा? दरअसल, राजकुमारी इटका क्लेट अपने स्पाइन के आयुर्वेदिक इलाज के लिए छिंदवाड़ा पहुंची थीं। सोशल मीडिया के जरिए उन्हें डॉ. टाटा के आयुर्वेदिक उपचार की जानकारी मिली थी। इलाज के दौरान ही उन्होंने तामिया और पातालकोट घूमने की इच्छा जताई थी। यहीं घूमने के दौरान छोटा महादेव झरने पर यह वाकया हुआ, जिसने भारत की मेहमाननवाजी और आदिवासियों की ईमानदारी को दुनिया के सामने एक मिसाल के रूप में खड़ा कर दिया। छोटा महादेव में खोई अंगूठी प्रकाश टाटा ने जित्का को पातालकोट, तमिया और छोटा महादेव जैसे मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल दिखाए. छोटा महादेव में एक प्राकृतिक झरना है, जो पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है. जित्का वहां झरने में मस्ती करने लगीं और पानी व रेत उछालने लगीं. इसी दौरान उनकी शादी की हीरे जड़ी अंगूठी कहीं गिर गई, जिसकी कीमत 22 लाख रुपए थी. अंगूठी गुम होने पर जित्का की आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने और वहां मौजूद पर्यटकों ने करीब आठ घंटे तक अंगूठी खोजने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली. प्रकाश टाटा ने जित्का को सांत्वना दी और कहा, "चिंता मत करो, भोलेनाथ की कृपा से अंगूठी मिल जाएगी." इसके बाद जित्का ने अंगूठी खोजने वाले को 5 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की और छिंदवाड़ा वापस आ गईं. उस रात चिंता के कारण वे देर रात 2 बजे तक सो नहीं पाईं. आदिवासियों की मेहनत और ईमानदारी अगले दिन 18 अप्रैल को छोटा महादेव में छोटी-छोटी दुकानें लगाने वाले स्थानीय आदिवासियों ने अंगूठी की खोज शुरू की. उन्होंने पहले पेड़ों के पत्तों को हटाकर और झाड़ू लगाकर मैदान को साफ किया, लेकिन अंगूठी नहीं मिली. फिर उन्होंने झरने के पास रेत में खोज शुरू की, जहां जित्का मस्ती कर रही थीं. काफी मेहनत के बाद आखिरकार उन्हें वह हीरे की अंगूठी मिल गई. आदिवासी युवकों ने तुरंत इसकी जानकारी प्रकाश टाटा को दी. प्रकाश टाटा ने जित्का को फोन कर बताया कि उनकी अंगूठी मिल गई है. जित्का को पहले विश्वास नहीं हुआ. उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए अंगूठी देखने की इच्छा जताई. मनोज विश्वकर्मा नाम के व्यक्ति ने वीडियो कॉल पर अंगूठी दिखाई, जिसे देखकर जित्का की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. उन्होंने कहा, "दुनिया में इतने ईमानदार लोग कहीं नहीं देखे. 22 लाख की अंगूठी मिलने के बाद भी इन्होंने हमें बताया." 5 लाख के इनाम को ठुकराकर लिए ₹41 हजार जित्का तुरंत प्रकाश टाटा के साथ छोटा महादेव पहुंचीं. वहां अंगूठी देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने आदिवासियों को 5 लाख रुपए देने की कोशिश की, लेकिन आदिवासियों ने यह राशि लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, "आप हमारी मेहमान हैं, हमारी बहन हैं. हम आपसे इतना पैसा नहीं लेंगे." जित्का के आग्रह पर उन्होंने सिर्फ 41 हजार रुपए स्वीकार किए. इस दौरान जित्का ने आदिवासियों के साथ सेल्फी भी ली और वादा किया कि अगली बार छिंदवाड़ा आने पर वे उनके लिए गिफ्ट लाएंगी.जित्का 19 अप्रैल को छिंदवाड़ा से अपने देश चेक गणराज्य के लिए रवाना हो गईं.         recent visitors 39

खोजनखेड़ा में 6 अर्थियां एक साथ उठीं , पिपलिया और सुरजना गांव से एक-एक शवयात्रा निकाली

रतलाम/मंदसौर मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में रविवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया था। दर्शन के लिए जा रही एक ईको वैन बाइक से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने कुएं में जा गिरी। हादसे में कुल 12 लोगों की जान चली गई और 4 लोग घायल हो गए। घायलों में दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों में 8 लोग रतलाम जिले के, 2 उज्जैन के और 2 मंदसौर जिले के निवासी थे। रतलाम के खोजनखेड़ा गांव से एक साथ 6 अर्थियां उठीं, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। एमपी के मंदसौर में रविवार दोपहर ईको वैन बाइक से टकराकर कुएं में गिर गई। हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि दो बच्चों समेत 4 लोग घायल हैं। मरने वालों में 8 लोग रतलाम जिले जबकि 2-2 लोग उज्जैन और मंदसौर जिले के रहने वाले थे। रतलाम जिले के खोजनखेड़ा में 6 अर्थियां एक साथ उठीं तो पिपलिया और सुरजना गांव से एक-एक शवयात्रा निकाली गई। वहीं, 4 अन्य लोगों के अंतिम संस्कार उज्जैन और मंदसौर में किए गए। घरों से अर्थियां निकलते ही परिजन बिलखने लगे। ये देखकर मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो उठीं। आंतरी माता के दर्शन के लिए जा रहे थे हादसा रविवार दोपहर करीब एक बजे जिले के नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में बूढ़ा-टकरावद फंटे के पास हुआ। वैन सवार करीब 14 लोग उज्जैन जिले के उन्हेल से नीमच जिले के मनासा क्षेत्र के आंतरी माता मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। तभी वैन की एक बाइक से टक्कर हो गई। टक्कर लगते ही वैन बेकाबू हो गई और कुएं में जा गिरी। इस हादसे में वैन में सवार 14 में से 10 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा एक बाइक सवार और एक शख्स, जो बचाव कार्य के लिए कुएं में उतरा था, उसकी भी मौत हो गई। घायल बच्चा बोला- बाइक वाला ठीक सामने आ गया घायल देवेंद्र गहलोत ने बताया- हम हराखेड़ी, उज्जैन में रहते हैं। मेरे साथ कार में मम्मी, नानी और मामा थे। हम आंतरी माता के दर्शन करने जा रहे थे। बाइक वाला हमारे ठीक सामने आ गया। हम भिड़े तो कुएं में गिर गए। मैं निकलने की कोशिश कर रहा था तो पीछे से एक व्यक्ति आया और मुझे निकालकर खाट पर ले गया। हमको फिर लोगों ने ऊपर खींच लिया तो हम हॉस्पिटल आ गए। उसके बाद कुछ नहीं पता। रेस्क्यू के दौरान मौके पर मौजूद रहे डिप्टी सीएम देवड़ा हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अपने स्तर पर रेस्क्यू शुरू किया। थोड़ी ही देर में पुलिस और प्रशासन की टीम भी पहुंची। एसडीईआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। टीम रस्सियों के सहारे कुएं में उतरी और रेस्क्यू ऑपरेशन किया। मौके पर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा भी पहुंचे थे। वे पूरे समय मौके पर ही रहे। कलेक्टर अदिति गर्ग, एसपी अभिषेक आनंद, एडिशनल एसपी गौतम सोलंकी, एसडीओपी नरेंद्र सोलंकी भी मौके पर मौजूद रहे। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बताया कि इस हादसे में कुल 16 लोग शामिल थे, जिनमें दो बच्चे भी थे। पहले बच्चों को निकालकर अस्पताल भेजा गया। गाड़ी बड़ी मुश्किल से बाहर लाई गई है। कुएं में जहरीली गैस के कारण बचाने गए मनोहर सिंह की भी मौत हुई है। उन्होंने 2-3 लोगों को बाहर निकाला था। मुझे जैसे ही घटना के बारे में पता चला, मैं सीधा यहीं आ गया। क्रेन की मदद से निकाली शवों से लदी वैन मौके पर क्रेन भी बुलाई गई। क्रेन की मदद से वैन को कुएं से बाहर निकाला गया। वैन में शव लदे थे। आगे की ओर एक महिला का शव लटकता दिखा। इस तस्वीर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। कुछ शव कुएं में थे। जिसके बाद मोटर लगाकर कुएं का पानी निकाला। फिर बाकी के शवों को बाहर निकाला गया। यह साफ नहीं हो पाया है कि ईको वैन सीएनजी थी या एलपीजी। एसडीईआरएफ के जवानों ने बताया कि कुएं की गहराई लगभग 80 फीट है। इतनी गहराई में सांस लेने में समस्या होती ही है। इसके अलावा यह वाहन गैस का था, जिसके चलते कुएं के अंदर अभी तक गैस जमा है। मनोहर ने मौत से पहले 4 लोगों को निकाला मृतकों में वैन सवारों को बचाने के लिए कुएं में उतरे ग्रामीण मनोहर सिंह भी शामिल हैं। वे लोगों को बचाने कुएं में उतर गए थे। इन्होंने 4 लोगों को कुएं से बाहर भी निकाला। लेकिन इस दौरान कुएं में बनी जहरीली गैस से इनकी मौत हो गई। मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए मुआवजा की घोषणा मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। इसमें से 2-2 लाख रुपए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से तो 2-2 लाख रुपए मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से दिए जाएंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवार को 2-2 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए और सामान्य रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश दिए।   recent visitors 54

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, 855 अंक चढ़कर खुला सेंसेक्स …

मुंबई फ्लैट शुरुआत के बाद बाजार में  तेजी की रफ्तार बढ़ी है। RIL और दिग्गज बैंकों के दम पर निफ्टी डेढ़ सौ प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24200 के करीब पहुंचा है।  बैंक निफ्टी भी 858  प्वाइंट उछला आया।  मिडकैप और स्मॉल कैप में भी रौनक देखने को मिल रही है। इस बीच सरकारी बैंकों में आज जोरदार खरीदारी नजर आ रही है।  निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स डेढ़ परसेंट चढ़ा है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स डेढ़ परसेंट चढ़ा है। फार्मा और रियल्टी में भी रौनक देखने को मिल रही है, लेकिन IT शेयरों में आज मुनाफावसूली दिख रही है। Reliance Industries पर जेफरीज की राय Jefferies ने Reliance Industries पर ₹1,660 का प्राइस टारगेट रखते हुए "BUY" रेटिंग बनाए रखा है, जिसमें जियो के फ्री कैश फ्लो प्रोफाइल और होम ब्रॉडबैंड में ग्रोथ को पॉजिटिव रहा। कारोबारी साल 2026 में रिटेल में आगे की ग्रोथ, टैरिफ ग्रोथ और जियो की संभावित लिस्टिंग रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए प्रमुख ट्रिगर्स हो सकते हैं। . ओपन होते ही पकड़ ली रफ्तार बीएसई के सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 79,212.53 की तुलना में सोमवार को उछलकर 79,343.63 पर कारोबार की शुरुआत की और कुछ ही देर में ये लंबी छलांग लगाते हुए 79,668.58 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी ने भी शुरुआत से ही तेजी पकड़े रखी. एनएसई का ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,039.35 के स्तर से उछलकर 24,070.25 पर खुला और फिर कुछ ही देर में ये भी 24,152.20 के लेवल पर कारोबार करता दिखाई दिया. यही नहीं महज आधे घंटे के कारोबार के दौरान ही Sensex 650 अंक चढ़कर 79,932 के लेवल पर कारोबार करने लगा. Nifty भी 155 अंक चढ़कर 24,200 के आस-पास कारोबार करता नजर आया.   1321 शेयरों ने की तेज शुरुआत बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर 1321 कंपनियों के स्टॉक्स ने तेजी के साथ ग्रीन जोन में ट्रेडिंग शुरू की थी, तो वहीं 1213 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जो अपने पिछले बंद की तुलना में गिरावट के साथ लाल निशान पर खुले थे. वहीं 174 शेयरों की स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला था. शुरुआती कारोबार में Reliance Industries, Dr Reddy's Labs, M&M, Bharat Electrinics, Trent के शेयरों में तेजी, जबकि  Shriram Finance, HCL Tech, Maruti Suzuki, Hero MotoCorp और Nestle के स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई थी. Mukesh Ambani का शेयर सरपट भागा शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (India's Richest Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस का शेयर (RIL Stock) खुलने के साथ ही करीब 3 फीसदी तक उछल गया. खबर लिखे जाने तक ये 1339.10 रुपये पर कारोबार कर रहा था. शेयर में तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी उछलकर 18.13 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. अन्य शेयरों की बात करें, तो M&M Share (1.80%), ICICI Bank Share (1.50%), SBI Share (1.40%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में Mazgaon Dock Share (5.08%), Kalyan Jewellers Share (3.75%),Ajanta Pharma Share (2.90%) और Lupin Share (2.70%) चढ़कर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल Barbeque Share 9.37% और DCB Bank Share 7.10% की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. शुक्रवार को गिरावट में रहा था बाजार बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भले ही शेयर मार्केट के दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए हों, लेकिन बीते पूरे सप्ताह ये फायदे में रहे. पिछले शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला BSE Sensex 588.90 अंक गिरकर 79,212.53 के लेवल पर क्लोज हुआ था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) 207.35 अंक टूटकर 24,039.35 के लेवल पर बंद हुआ था. एशियाई बाजारों से मिले थे ये संकेत   बात ग्लोबल संकेतों की करें, तो एशियाई बाजारों में मिला जुला असर देखने को मिल रहा है. एक ओर जहां Gift Nifty बढ़त के साथ ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा है और खुलने के साथ ही 80 अंक के आस-पास उछल गया था. तो वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स (Japan Nikkei) भी 233 अंकों की तेजी लेकर कारोबार करता नजर आ रहा है. वहीं दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग (Hang Seng) मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. recent visitors 80

विकसित भारत का सपना लोगों के स्वस्थ होने पर ही साकार होगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि रीवा मेडिकल हब बनने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। बाहर जाने वाले लगभग पचास प्रतिशत जटिल रोगी अब रीवा में ही इलाज करा रहे हैं। विकसित भारत का सपना लोगों के स्वस्थ होने पर ही साकार होगा। चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार अनुसंधान से नई तकनीकों से अधिक कारगर उपचार सुविधाएं विकसित हो रही हैं। इस तरह के आयोजनों से चिकित्सकों को आपस में संवाद करने और अपने ज्ञान को बेहतर करने का अवसर मिलता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रविवार को रीवा में तीसरी डायबीटिक फुट कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खान-पान की आदतों और जीवनशैली के कारण डायबिटीज का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण पैरों में कई तरह की जटिलता आती हैं और कई बार पैर काटने पड़ते हैं। यह कार्यशाला लोगों को जागरूक करने और रीवा में डायबीटिक फुट की प्रभावी उपचार व्यवस्था बनाने में सहायक सिद्ध होगी। कार्यशाला में चिकित्सकों ने समर्पण के भाव से जो संवाद किया है उसके सुखद परिणाम निकलेंगे। रीवा में चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। शीघ्र ही रीवा में दो सौ बेड का कैंसर अस्पताल शुरू हो रहा है। इसमें कैंसर के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिकतम मशीनें रहेंगी। सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल की सुविधाओं को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड योजना से उपचार कराने में भी रीवा प्रदेश में सबसे आगे हैं। कार्यशाला में इंडियन कोडायट्री एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ए.पी. सूरी ने कहा कि 2009 में संस्था का गठन किया गया। डायबिटीज के कारण पैरों में कई तरह की समस्याएं आती हैं। इनका समय पर इलाज न होने पर पैर काटने तक की नौबत आ जाती है। संस्था का मुख्य उद्देश्य डायबिटिक फुट के उपचार की सुविधाएं मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिला स्तर पर उपलब्ध कराने की है। हम दो साल तक यदि जागरूकता अभियान चलाएं तो मध्यप्रदेश को पाँच साल में डायबिटिक फुट के रोग से मुक्त कर देंगे।   recent visitors 50

मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए गुरू की भूमिका निभाई और देश की आजादी को अमर, अखंड और अक्षुण्ण रखने का आधार बनाया। एक हजार साल की गुलामी के दौर से गुजरे देश में, गुलामी के कारणों को खोजने और उन कारणों का प्रभावी समाधान देने में बाबा साहेब का महत्वपूर्ण योगदान है। आरक्षण की व्यवस्था को संवैधानिक आधार प्रदान कर डॉ अंबेडकर ने देश में समानता के भाव का विस्तार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डॉ. अंबेडकर यूथ कॉन्क्लेव में श्यामला हिल्स स्थित राज्य संग्रहालय में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर सांसद वी.डी. शर्मा, सांसद देवास महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक भगवानदास सबनानी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को डिक्की के मध्यप्रदेश चैप्टर प्रमुख अनिल सरवैया ने सोशल जस्टिस पत्र की प्रति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मुदित शैजवार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा स्थापित व्यवस्था के परिणामस्वरूप ही देश में सभी वर्गों को प्रगति के समान अवसर मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर सहित अन्य कठिन और संर्घषपूर्ण परिस्थिति में रह रहे परिवारों से आए व्यक्तियों को देश का नेतृत्व करने सहित महत्वपूर्ण पदों से व्यवस्था संचालन के अवसर प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों की महत्ता को स्वीकारते हुए उनकी जन्म स्थली महू पर विश्वविद्यालय स्थापित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर नई शिक्षा नीति में डॉ. अंबेडकर को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है और उनके विचारों पर शोध को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य बाबा साहेब अंबेडकर ने किया। प्रधानमंत्री मोदी उनके विकसित भारत के संकल्प का क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देने का आव्हान किया।   recent visitors 57

केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता

शासकीय सेवकों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी करेंगे शीघ्र कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शासकीय सेवकों को पांच प्रतिशत महंगाई भत्ते किस्त की घोषणा केंद्र के समान हुआ राज्य सरकार के शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांतीय सम्मेलन में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को एक जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के समान ही 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि के फलस्वरुप एरियर राशि का भुगतान 5 समान किस्तों में जून 2025 से अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणा मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ भोपाल के नार्मदीय भवन में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वृहद पुष्पाहार, शॉल, श्रीफल तथा स्मृति चिन्ह भेंट स्वागत किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय सेवकों के परिश्रम और समर्पण ने प्रदेश को बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाया है। कर्मचारियों का जीवन खुशहाल और भविष्य सुरक्षित हो यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार की व्यवस्थाओं और जनहित की योजनाओं को हितग्राही तक पहुंचाकर लाभान्वित करने में राजपत्रित अधिकारी ग्रोथ इंजन का कार्य करते हैं। इनकी कर्मठता, निष्ठा और संवेदनशीलता ही प्रदेश के सुशासन का आधार है। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से शासन की लोकहित व लोककल्याण की मंशा को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में शासकीय योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार इनके भविष्य और कार्य सुविधा के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लक्ष्य के प्रति शासन-प्रशासन सभी मिलकर निरंतर समर्पित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2016 से अवरूद्ध पदोन्नति के मामले में समाधान के लिए भी राज्य सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों की अन्य अपेक्षाओं और समस्याओं के संबंध में भी शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। सभी विभागों में जो पद रिक्त है उनकी त्वरित पदपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन बड़ी उपलब्धि थी। भोपाल में सम्पूर्ण प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक मिले, राजधानी प्रदेश की समृद्धशाली विरासत को समेटे हुए दिखाई दे, इस दिशा में राज्य सरकार प्रयास कर रही है। राजधानी में प्रवेश कर रहे सभी मुख्य मार्गों पर महापुरूषों को समर्पित द्वारों का निर्माण होगा, इस क्रम में शीघ्र ही राजा भोज को समर्पित द्वार का भूमि-पूजन किया जाएगा। सम्राट विक्रमादित्य सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण थे, राजधानी से अवंतिका की ओर जाने वाले मार्ग पर बनने वाला द्वार उनको समर्पित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहलगाम में हुई आतंकी वारदात पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश इस हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को कठोरतम जवाब देगा।   recent visitors 58