शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने राज्यों में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों की सूची तैयार करें और इसे केंद्र को सौंपें

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश भर के सभी मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और अपने-अपने राज्यों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की तत्काल पहचान करने का निर्देश दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर उठाया गया है। शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे पाकिस्तानी नागरिकों की सूची केंद्र सरकार को भेजें ताकि उनके वीजा तुरंत रद्द किए जा सकें और उन्हें देश से बाहर निकाला जाए। पहलगाम हमले के बाद सख्त कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय पर्यटकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद कश्मीर घाटी में सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया है और इसके जवाब में कई कठोर कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित करना, अटारी-वाघा सीमा चौकी को बंद करना, पाकिस्तानी सैन्य सहायकों को नई दिल्ली से निष्कासित करना और सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है। वीजा रद्द करने की प्रक्रिया गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने राज्यों में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों की सूची तैयार करें और इसे केंद्र को सौंपें। सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि 27 अप्रैल 2025 से पाकिस्तानी नागरिकों के सभी मौजूदा वीजा रद्द कर दिए जाएंगे, जबकि मेडिकल वीजा 29 अप्रैल 2025 तक वैध रहेंगे। इसके अलावा, भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान से जल्द से जल्द वापस लौटने की सलाह दी गई है। राज्यों से त्वरित कार्रवाई की मांग शाह ने मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और अपने-अपने राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान और उनके वीजा रद्द करने की प्रक्रिया में कोई देरी न हो। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस मामले में राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि यह प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। पाकिस्तान के साथ राजनयिक तनाव पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को और कम कर दिया है। भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के सैन्य सलाहकारों को निष्कासित कर दिया और इस्लामाबाद में अपने उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 करने का फैसला किया है। जवाब में, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया और भारत के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियों को निलंबित कर दिया। पाकिस्तान ने भारत के सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के फैसले को "युद्ध की कार्रवाई" करार दिया है। प्रधानमंत्री मोदी का कड़ा रुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद कहा कि इस हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को "कल्पना से परे सजा" दी जाएगी। उन्होंने बिहार के मधुबनी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों को बख्शा नहीं जाएगा।" मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। विपक्ष का समर्थन कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और केंद्र सरकार के कदमों का समर्थन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ना होगा। पार्टी ने 25 अप्रैल 2025 को देश भर में कैंडललाइट मार्च का आयोजन किया ताकि हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जा सके और आतंकवाद के खिलाफ एकता का संदेश दिया जा सके। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पहलगाम हमले की कई देशों ने निंदा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस इस दुख की घड़ी में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर के लिए "यात्रा न करें" की सलाह जारी की है और भारत के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है। भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में कोई ढील नहीं बरतेगी। गृह मंत्री शाह की मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने का फैसला इस दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ जवाबी कार्रवाइयों में जुटे हैं। recent visitors 52

आरएसएस चीफ ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की बात पर बल देते हुए कहा- हमारे पास शक्ति है तो यह दिखानी होगी

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि मौजूदा संघर्ष धर्म और अधर्म के बीच है, न कि केवल किसी संप्रदाय या धर्म के नाम पर। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग धर्म पूछकर लोगों की हत्या करते हैं, वे कट्टरपंथी हैं, और ऐसा आचरण राक्षसी प्रवृत्ति का परिचायक है। आरएसएस चीफ ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की बात पर बल देते हुए कहा कि अगर हमारे पास शक्ति है तो यह दिखानी होगी। आरएसएस चीफ ने कहा, "यह लड़ाई संप्रदायों या धर्मों के बीच नहीं है। इसका आधार जरूर धर्म और संप्रदाय है, लेकिन यह वास्तव में धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई है।" उन्होंने आगे कहा, ''भारतीय सैनिकों या नागरिकों ने कभी किसी की धर्म पूछकर हत्या नहीं की। हिंदू कभी भी धर्म पूछकर हत्या नहीं करते। जो लोग धर्म पूछकर लोगों की हत्या करते हैं, वे कट्टरपंथी हैं, और ऐसा आचरण राक्षसी प्रवृत्ति का परिचायक है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे दिल में दर्द है। हम गुस्से में हैं लेकिन बुराई को नष्ट करने के लिए ताकत दिखानी होगी। रावण ने अपना इरादा नहीं बदला तो और कोई विकल्प नहीं था। राम ने उसे सुधारने का मौका दिया था और उसके बाद मारा था।’’ राम-रावण प्रसंग से दी मिसाल मोहन भागवत ने रावण के प्रसंग का उदाहरण देते हुए कहा, "रावण भगवान शिव का भक्त था, वेद जानता था, लेकिन उसका मन और बुद्धि परिवर्तन को तैयार नहीं थे। ऐसे राक्षस का अंत राम ने किया, क्योंकि परिवर्तन के लिए कभी-कभी विनाश आवश्यक होता है।" उन्होंने कहा कि राक्षसी प्रवृत्ति के लोगों का अंत ही देश और धर्म की रक्षा के लिए जरूरी है। मोहन भागवत ने कहा, "देश के हर नागरिक के मन में दुख और क्रोध होना स्वाभाविक है, क्योंकि राक्षसों के विनाश के लिए अपरिमित शक्ति की आवश्यकता होती है।" उन्होंने ने इस बात पर भी जोर दिया कि कुछ लोग चेतना और तर्क से परे होते हैं और ऐसे लोगों में कोई सुधार संभव नहीं होता, सिर्फ कठोर कार्रवाई ही उनका समाधान है। recent visitors 29

वीर सावरकर पर SC की राहुल गांधी को नसीहत, हमें आजादी दिलाई थी और आप ऐसा बर्ताव कर रहे हैं, दोबारा ऐसा ना हो

नई दिल्ली स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट ने नसीहत दी है। शुक्रवार को अदालत ने कांग्रेस नेता से कहा कि वीर सावरकर जैसे लोगों ने हमें आजादी दिलाई थी और आप उनके साथ इस तरह का बर्ताव कर रहे हैं। यही नहीं राहुल गांधी को नसीहत देते हुए अदालत ने कहा कि भविष्य में कभी ऐसी टिप्पणी मत करना, अन्यथा अदालत उसका स्वत: संज्ञान ले सकती है। वीर सावरकर पर राहुल गांधी की माफीवीर वाली टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का मजाक न उड़ाएं। बेंच ने राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि क्या राहुल गांधी को पता है कि महात्मा गांधी ने भी अंग्रेजों से संवाद में खुद के लिए 'आपका वफादार सेवक' शब्द का इस्तेमाल किया था। शीर्ष अदालत ने साफ कहा कि वीर सावरकर को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी गैरजिम्मेदाराना थी। उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए था। हालांकि अदालत ने इस मामले में उन्हें राहत भी दी है। बेंच ने सावरकर के खिलाफ टिप्पणी को लेकर मानहानि के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ जारी समन रद्द करने से इनकार करने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई है। इसके साथ ही इस मामले में यूपी सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। राहुल गांधी ने एक रैली के दौरान वीर सावरकर पर विवादित बयान दिया था। अदालत बोली- महात्मा गांधी ने भी खुद को बताया था ‘अंग्रेजों का वफादार नौकर’ दरअसल यह पूरा मामला 2022 में शुरू हुआ था। तब राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र के अकोला में एक रैली की थी। इसमें उन्होंने वीर सावरकर पर विवादित टिप्पणी कर दी थी। उन्होंने एक चिट्ठी दिखाते हुए कहा था कि सावरकर ने अंग्रेजों का नौकर बने रहने की बात कही थी। इसके साथ ही डरकर माफी भी मांगी थी। गांधी-नेहरू ने ऐसा नहीं किया, इसलिए वे सालों तक जेल में रहे। इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ एक अधिवक्ता ने केस कर दिया था। हालांकि अदालत ने केस की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को नसीहत दी और ऐतिहासिक तथ्य भी गिनाए। बेंच ने कहा कि क्या आपको पता है कि महात्मा गांधी ने भी अंग्रेजों के साथ संवाद में खुद को 'वफादार नौकर' बताया था। recent visitors 29

भोपाल में जुमे की नमाज में पहलगाम हमले में मारे गए लोंगो को श्रद्धांजलि, मुस्लिमों में काली पट्टी बांध पढ़ी नमाज

भोपाल जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश और शोक की लहर फैल गई है। इस हमले में कई निर्दोष पर्यटक मारे गए, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। पूरे देश ने इस हमले को इंसानियत पर हमला बताया है। इसको लेकर 25 अप्रैल 2025 को राजधानी भोपाल के इमामी गेट चौराहे पर दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच पहलगाम में हाल ही में हुई आतंकवादी घटना के विरोध में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया । इस दौरान प्रदर्शनकारी काली पट्टी बांधकर आतंकवाद का पुतला दहन हुआ । सोशल एक्टिविस्ट अनवर पठान एवं उनके साथियों ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर देशभक्ति का परिचय दें और आतंक के विरुद्ध एकजुटता दिखाएं। इसके अलावा, शहर के कई मुस्लिम युवक जुमे की नमाज़ के दौरान हाथों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएंगे। पहलगाम अटैक, उलेमा बोर्ड बोला-पाकिस्तान का बहिष्कार हो भोपाल स्थित मसाजिद कमेटी के अंतर्गत आने वाले दारुल क़ज़ा और दारुल इफ्ता ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह घटना पूरी मानवता को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने मुस्लिम समाज की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री से मांग की कि हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही स्थानीय नागरिकों से सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील भी की। पहलगाम आतंकवादी हमले के खिलाफ देश भर में भारी गुस्सा और आक्रोश है। लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शहरों में बाजार बंद कर विरोध जताया जा रहा है। इस बीच, ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन (AIIO) के प्रमुख डॉ इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज में आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। वहीं, ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिमों से काली पट्टी बांधकर जुमे की नमाज पढ़ने की अपील की है। आतंकवादी शैतान होता है-इलियासी इलियासी ने कहा, 'यह बहुत ही दुखद हमला है। इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। हम सबको एक होकर इसका मुकाबला करना होगा। हमने तमाम मस्जिदों से खास तौर पर जामा मस्जिदों से, मदरसों से गुजारिश कर दी है कि जुमे की नमाज में उन शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी जो लोग इस हमले में शहीद हो गए। उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ की जाएगी। तमाम इमाम आतंकवाद के खिलाफ खड़े होकर ऐलान करेंगे। आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता है। आतंकवादी शैतान होता है। पाकिस्तान भारत में जिस तरह आतंकवाद फैलाता है, उसे जवाब देने के लिए भारत तैयार है। जवाब जरूर दिया जाएगा। देश को एक होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना होगा।' recent visitors 29

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि लश्कर ए तैयबा के अतीत में पाकिस्तान के साथ कुछ लिंक मिले

कराची पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक हैरान करने वाला इकबालिया बयान दिया है. ब्रिटेन स्काई न्यूज के साथ बातचीत के दौरान ख्वाजा आसिफ ने माना है कि पाकिस्तान का आतंकवाद को सपोर्ट करने और टेरर फंडिंग करने का लंबा इतिहास रहा है. स्काई न्यूज के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हम लोग 30 साल से इस गंदे काम को अमेरिका के लिए करते आ रहे हैं. भारत के साथ ऑल आउट वार की बात करने वाले ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में लश्कर ए तैयबा खत्म हो चुका है. ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि लश्कर ए तैयबा का अतीत में पाकिस्तान के साथ कुछ लिंक मिले हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि अब ये आतंकी संगठन खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ लश्कर का लिंक मिलने का ये मतलब नहीं है कि हम इसको मदद करते हैं. जब ख्वाजा आसिफ से पूछा गया है कि लश्कर से निकले एक दहशतगर्दी संगठन ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है. तो उन्होंने कहा कि जब मूल संगठन ही नहीं रहा तो ऑफशूट संगठन कहां से आता है. बता दें कि लश्कर से निकले TRF नाम के आतंकी संगठन ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है, जहां 22 अप्रैल को 26 बेगुनाह सैलानियों की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी. स्काई न्यूज के साथ बातचीत के दौरान जब रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से पूछा गया कि क्या आप मानते हैं कि पाकिस्तान का इन आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और वित्तपोषण देने का एक लंबा इतिहास रहा है? इस प्रश्न का उत्तर देते हुए ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान आतंकवादियों को समर्थन देता रहा है. उन्होंने कहा, "हम तीन दशकों से संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए यह गंदा काम कर रहे हैं, ब्रिटेन के लिए भी.” ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ये हमारी गलती थी और इससे हमें नुकसान हुआ. इसके पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने ये कहकर अपने मुल्क की गलती को सही साबित करने की कोशिश की कि अगर पाकिस्तान सोवियत यूनियन के खिलाफ अफगानिस्तान में शामिल नहीं होता या फिर 9/11 में साथ नहीं होता तो पाकिस्तान पर कोई उंगली नहीं उठा पाता. ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पहलगाम हमले को भारत की साजिश बताया और कहा कि हमारी एजेंसियों का मानना है कि ये काम भारत ही कर रहा है. स्काई न्यूज से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि पाकिस्तान का आतंकियों को साथ देने का पुराना इतिहास रहा है. इस पर उनका क्या कहना है. इसके जवाब में ख्वाजा आसिफ ने दुनिया के बड़े मुल्कों पर ही दोष मढ़ना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि बड़े देशों के लिए इस क्षेत्र में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए पाकिस्तान को दोष देना आसान है. जब 80 के दशक में हम उनकी तरफ से सोवियत यूनियन के खिलाफ लड़ रहे थे तो आज के ये सारे आतंकी वाशिंगटन में मेहमाननवाजी के मजे ले रहे थे. ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इसके बाद 9/11 अटैक हुआ. एक बार फिर से वही चीज रिपीट की गई. तब हमारी सरकार ने गलती की. तब इन आतंकियों का अमेरिका ने प्रॉक्सी के रूप में इस्तेमाल किया. तब अमेरिका इनको मोहरे के रूप में इस्तेमाल करता था. ये एक ही संगठन के लोग थे. recent visitors 26

बीसीसीआई अब भारत-पाकिस्तान के बीच आमना-सामना नहीं चाहता, कम से कम आईसीसी इवेंट के ग्रुप स्टेज में तो नहीं

नई दिल्ली पहलगाम में हुए घातक आतंकवादी हमले के बाद रिपोर्ट्स हैं कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को एक पत्र लिखकर एक बड़ा कदम उठाया है, जिसमें उनसे आग्रह किया गया है कि वे आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में न रखें। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई अब भारत-पाकिस्तान के बीच आमना-सामना नहीं चाहता, कम से कम आईसीसी इवेंट के ग्रुप स्टेज में तो नहीं। हालांकि, अगला बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट सितंबर में है, जिसमें भारत वुमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा। पाकिस्तान ने आठ टीमों के टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। यह टूर्नामेंट राउंड रॉबिन आधार पर खेला जाएगा। बात मेंस क्रिकेट की करें तो, अगला आईसीसी टूर्नामेंट 2025 में है। यह टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा, जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका के पास है। जाहिर है इस टूर्नामेंट के लिए भी पाकिस्तान भारत नहीं आएगा। हालांकि, BCCI के लिए तत्काल चिंता एशिया कप है, जो सितंबर में भारत की मेजबानी में आयोजित किया जाएगा। हालांकि क्रिकबज ने पहले बताया था कि टूर्नामेंट पूरी तरह से न्यूट्रल वेन्यू पर खेला जाएगा, जिसमें दुबई और श्रीलंका संभावित वेन्यू हैं। एशिया कप का आखिरी एडिशन 2023 में वनडे वर्ल्ड कप से पहले खेला गया था, जो हाइब्रिड मॉडल में खेला गया था, जिसमें भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया था और दोनों टीमें मेगा इवेंट में दो बार भिड़ीं, एक बार लीग चरण में और फिर सुपर फोर में। दूसरा मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया और संयोग से पाकिस्तान फाइनल में पहुंचने में असफल रहा। इसके बाद भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। recent visitors 25

बिलासपुर जिले के 50 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू

बिलासपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का वर्चुअल शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने प्रदेश के ग्रामीणों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने प्रदेश के चयनित  ग्राम पंचायतो से सीधा संवाद किया। कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत केंदा में कार्यक्रम आयोजित किया गया।अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की भी शुरुआत की जिसमें सीएससी की सेवाओं के साथ वित्तीय समावेशन सेवाएं भी साथ में चालू की गई।  जिसके तहत नगद आहरण , राशि हस्तांतरण , बीमा , पेंशन , जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन आदि सुविधाएं प्रदान की जाएगी। प्रदेश स्तर पर 1460 एवं जिले में ग्राम स्तर पर 50 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की शुरुआत की गई।       मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों से योजना के सुचारू कियान्वयन आर्थिक एवं सामाजिक लाभ पर चर्चा की। साय द्वारा मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जल संरक्षण हेतु संकल्प एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम में  ग्रामीण विकास हेतु अपनी प्रतिबद्धता जताई। साथ ही राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले के सभी ग्राम पंचायतों में माननीय प्रधानमंत्री जी के बिहार के मधुबनी से उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया गया।                     कार्यक्रम में क्षेत्र के जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच, सभी पंच गण, ग्राम के गणमान्य नागरिक, महतारी वंदन के हितग्राही, प्रभारी उप संचालक श्रीमती शिवानी सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोटा युवराज सिंह करा.अधिकारी शिव कपूर मरकाम , ग्राम पंचायत सचिव सालिक राम , जिले की डीपीएम नरेंद्र जायसवाल,  वी एल ई  विकेंद्र मौजूद थे। recent visitors 35