महिला ने विमान के बीच हवा में अपने कपड़े उतार दिए और अपनी सीट पर ही शौच कर दिया, लोग हो गए हैरान-परेशान

शिकागो फिलाडेल्फिया से शिकागो जा रही साउथवेस्ट एयरलाइंस की फ्लाइट में  एक महिला यात्री द्वारा की गई शर्मनाक हरकत ने हड़कंप मचा दिया। महिला ने विमान के बीच हवा में अपने कपड़े उतार दिए और अपनी सीट पर ही शौच कर दिया। यह घटना उन यात्रियों के लिए बेहद चौंकाने वाली थी जो उड़ान के दौरान शांति से यात्रा कर रहे थे। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना साउथवेस्ट एयरलाइंस की फ्लाइट 418 में हुई, जब महिला ने बिना किसी चेतावनी के अपने कपड़े उतारकर सीट पर गंदगी कर दी। यह महिला फ्लाइट का हिस्सा नहीं थी, बल्कि एक सामान्य यात्री थी जो चौंकाने वाली हरकत के बाद विवाद का कारण बनी। बता दें कि इससे पहले  पिछले साल जनवरी में  भी एक 60 साल की महिला का प्लेन में उड़ान दौरान कपड़े उतार कर हंगामा करने का वीडियो वायरल हुआ  था।   घटना के बाद, एयरलाइंस को फ्लाइट को पूरी तरह से साफ करने के लिए कई घंटे की आवश्यकता पड़ी, जिसके कारण फ्लाइट की सर्विस ठप हो गई। इसी दौरान, साउथवेस्ट एयरलाइंस ने एक बयान जारी किया और यात्रियों से इस असुविधा के लिए माफी मांगी। एयरलाइंस ने कहा कि उनके लिए यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा और सुरक्षा सर्वोपरि है। बयान में कहा गया, "हम इस घटना से बेहद दुखी हैं और हमारे टीम के सदस्यों के पेशेवर रवैये की सराहना करते हैं। हम पूरी तरह से प्रभावित यात्रियों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें हुई देरी और असुविधा के लिए खेद व्यक्त कर रहे हैं।" पुलिस और मेडिकल टीम ने फ्लाइट के शिकागो एयरपोर्ट पर लैंड होते ही घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि महिला के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई। यह पहली बार नहीं था जब साउथवेस्ट एयरलाइंस में ऐसी घटना हुई हो। पिछले महीने भी एक अन्य यात्री ने फ्लाइट के दौरान अपने कपड़े उतार दिए थे। इसके अलावा, फ्रंटियर एयरलाइंस की फ्लाइट में भी एक यात्री ने खिड़की तोड़ने की कोशिश की थी, जिससे विमान में खलबली मच गई थी। साउथवेस्ट एयरलाइंस की ओर से दिए गए बयान में यह भी बताया गया कि सभी यात्री पूरी तरह से सुरक्षित हैं और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है।   recent visitors 45

सुरक्षा बल ने माओवादियों के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई को सातवें दिन भी जारी रखा, कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर सुरक्षा बल की टीम

जगदलपुर सुरक्षा बल ने माओवादियों के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई को सातवें दिन भी जारी रखा है। बीजापुर जिले में तेलंगाना सीमा पर चल रहे इस अभियान में सुरक्षा बल के जवान कर्रेगुट्टा पहाड़ की 12 किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़कर माओवादियों के सबसे सुरक्षित ठिकाने तक जा पहुंचे हैं। रविवार को पहाड़ी के ऊपर अभियान जारी रहा। पहाड़ी से माओवादियों के डंप सामान, बंकर और आइईडी मिलने की बात सामने आ रही है। पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने अभियान के दूसरे दिन तीन माओवादियों को ढेर करने की बात कही थी। इसके बाद से पुलिस की ओर से कोई भी अधिकृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि अभियान पूरा होने के बाद ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी। कर्रेगुट्टा नहीं नड़पल्ली की पहाड़ी पर मिली गुफा सुरक्षा बल को जो गुफा मिली है वह कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर नहीं बल्कि उसके पास ही स्थित दूसरी पहाड़ी नड़पल्ली पर मिली है। कुछ समाचार पत्रों की ओर से दावा किया जा रहा था कि जवानों को कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर गुफा मिली है। अब कहा जा रहा है कि जिस नड़पल्ली की पहाड़ी पर गुफा मिली है वहां ग्रामीण पूजा-पाठ करने जाते हैं। पहाड़ी पर मिली प्राकृतिक गुफा में स्थित है शिवलिंग। हिड़मा ने ग्रामीणों को दी थी चेतावनी- मैं पहाड़ी पर बैठा हूं, सबको ठिकाने लगा दूंगा पहाड़ी की तलहटी पर बसे ग्रामीणों ने बताया कि कुछ माह पहले हिड़मा ने ग्रामीणों से धमकाते हुए कहा था कि मैं पहाड़ी पर बैठा हूं, चाहे कितने भी जवान आ जाए सबको ठिकाने लगा दूंगा। दूसरी ओर पिछले माह माओवादियों के तेलुगू भाषा में लिखे पत्र में भी कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर बड़ी संख्या में आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगाए जाने की बात कहते हुए ग्रामीणों को चेताया गया था कि पहाड़ी पर ना आएं। इसी सूचना के आधार पर ही फोर्स को शंका हुई कि कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर माओवादियों का संभावित ठिकाना हो सकता है। एनटीआरओ (राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन) के उपग्रहों व मानवरहित ड्रोन से की गई निगरानी में भी माओवादी दिखे थे। recent visitors 41

पहलगाम पर कांग्रेस नेता के बिगड़े बोल, कहा-आतंकियों के पास धर्म पूछने का समय नहीं होता

नागपुर महाराष्ट्र में कांग्रेस के विधायक विजय वडेट्टीवार ने पहलगाम आतंकी हमले पर विवादित बयान दिया है। यूपी, कर्नाटक, बिहार, हरियाणा समेत कई राज्यों के मासूम पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मारने के मामले में विजय वडेट्टीवार का कहना है कि ऐसी बातें गलत हैं। वडेट्टीवार ने कहा कि आखिर आतंकियों के पास इतना समय ही कहां होता है कि वे किसी के कान में जाकर पूछें कि तुम्हारा धर्म क्या है। कुछ लोगों का कहना है कि ऐसा नहीं हुआ है। आतंकियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता। इस मामले में जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। यही देशवासियों की भावना है। इसकी बजाय घटना को कोई और रंग या मोड़ देना गलत होगा। विजय वडेट्टीवार ने कहा, 'पहलगाम की जिम्मेदारी तो सरकार को लेनी चाहिए। वहां सुरक्षा क्यों नहीं थी। आखिर 200 किलोमीटर तक आतंकी कैसे आ जाते हैं। क्या यह आपका इटेंलिजेंस फेल नहीं है।' वडेट्टीवार ने कहा कि इस गलती को मानने की बजाय आपका फोकस इस बात पर है कि धर्म पूछकर मारा गया। क्या आतंकियों के पास इतना समय होता है कि वह लोगों के पास जाएं और कान में पूछें कि तुम्हारा धर्म क्या है। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ ऐक्शन होना चाहिए। आखिर इतनी सुरक्षा चूक कैसे हो गई। इस पर विचार करना चाहिए, लेकिन इस मामले में दूसरी तरफ ध्यान ले जाना गलत है। रॉबर्ट वाड्रा की बयान पर आई सफाई, बोले- गलत समझा गया बता दें कि इस मामले में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा भी विवादित बोल चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यह हमला इसलिए हुआ है क्योंकि मुसलमानों में यह भावना है कि उन्हें कमजोर किया जा रहा है। वह ऐसा महसूस करते हैं और इसी के चलते हमला हुआ है। रॉबर्ट वाड्रा की इस बात को लेकर खूब विवाद हुआ तो अंत में वह पलट गए। अब रॉबर्ट वाड्रा का कहना है कि उनके बयान को गलत ढंग से समझा गया था। मेरा कहना है कि पाकिस्तान के खिलाफ ऐक्शन लेना चाहिए और वहां यदि सुरक्षा पुख्ता होती तो इस तरह का अटैक हिंदू समाज पर नहीं होता। recent visitors 59

एमपी में अगले चार दिन बारिश ओले का अलर्ट, कई जिलों में गर्मी करेगी परेशान, अगले 4 दिन रहेगा असर

भोपाल मध्य प्रदेश (MP) के मौसम  में बदलाव देखने को मिल रहा है अलग-अलग स्थान पर बनी तीन मौसम प्रणालियों के असर से अरब सागर (Arabian Sea) में नमी आने का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार को जबलपुर समेत 11 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट है, जबकि इंदौर, भोपाल और उज्जैन में गर्मी का असर रहेगा। अगले 4 दिन तक ओले, बारिश और आंधी का दौर बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में लू का भी अलर्ट है। इससे पहले रविवार को बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखा गया। पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर चला। छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर, सिवनी, उमरिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में शाम को बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। वहीं, पश्चिमी हिस्से में गर्मी का असर रहा। सोमवार को जिन जिलों में ओले गिरने का अलर्ट है, उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और कटनी शामिल हैं। सिंगरौली, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास में गरज-चमक और बूंदाबांदी हो सकती है। 29-30 अप्रैल और 1 मई को भी बारिश का दौर बना रहेगा, लेकिन लू और तेज गर्मी का असर भी देखने को मिल सकता है। ग्वालियर-चंबल संभाग में दिन में लू और रात में बारिश का अलर्ट है। नौगांव में 10 डिग्री लुढ़का पारा, कई जिलों में बारिश हुई इससे पहले रविवार को बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखा गया। पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर चला। छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर, सिवनी, उमरिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में शाम को बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। वहीं, पश्चिमी हिस्से में गर्मी का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले के नौगांव में एक ही दिन में 10 डिग्री पारा लुढ़क गया। यहां शनिवार को तापमान 43 डिग्री था, जो रविवार को 33 डिग्री पर आ गया। छिंदवाड़ा में 4 डिग्री, खजुराहो में 4.2 डिग्री, सीधी में 6 डिग्री, सिवनी में 2 डिग्री, मलाजखंड में 3.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। रतलाम सबसे गर्म रहा, पारा 43.4 डिग्री रहा प्रदेश में रविवार को रतलाम सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, गुना में 41.6 डिग्री, धार-खरगोन में 41.2 डिग्री, नरसिंहपुर में 41 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 40.2 डिग्री और शिवपुरी में पारा 40 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 39.2 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री, ग्वालियर में 40.2 डिग्री, उज्जैन में 41 डिग्री और जबलपुर में 37.5 डिग्री रहा। बाकी जिलों में तापमान 40 डिग्री से कम ही दर्ज किया गया। सबसे ठंडा सीधी रहा। यहां पारा 31.8 डिग्री रहा। एक दिन में 10 डिग्री लुढ़का पारा मौसम विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले के नौगांव में एक ही दिन में 10 डिग्री पारा लुढ़क गया। यहां शनिवार को तापमान 43 डिग्री था, जो रविवार को 33 डिग्री पर आ गया। छिंदवाड़ा में 4 डिग्री, खजुराहो में 4.2 डिग्री, सीधी में 6 डिग्री, सिवनी में 2 डिग्री, मलाजखंड में 3.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में 43 डिग्री पार पारा प्रदेश में रविवार को रतलाम सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, गुना में 41.6 डिग्री, धार-खरगोन में 41.2 डिग्री, नरसिंहपुर में 41 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 40.2 डिग्री और शिवपुरी में पारा 40 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 39.2 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री, ग्वालियर में 40.2 डिग्री, उज्जैन में 41 डिग्री और जबलपुर में 37.5 डिग्री रहा। बाकी जिलों में तापमान 40 डिग्री से कम ही दर्ज किया गया। सबसे ठंडा सीधी रहा। यहां पारा 31.8 डिग्री रहा। इस वजह से ऐसा मौसम मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं, गर्मी का असर भी बना रहेगा। अगले चार दिन ऐसा रहेगा प्रदेश का मौसम 28 अप्रैल: छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट,जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। सिंगरौली, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास में गरज-चमक का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन में बादल छा सकते हैं, पर गर्मी का असर बना रहेगा। 29 अप्रैल: ग्वालियर, भिंड, दतिया, मुरैना, श्योपुर,गुना, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, इंदौर, देवास, खरगोन और खंडवा में लू चलने का अलर्ट है। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 30 अप्रैल: ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया,भिंड में दिन में लू चलेगी, जबकि रात में हल्की बारिश हो सकती है। अशोकनगर, गुना, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, इंदौर, देवास, खरगोन, खंडवा एवं बुरहानपुर में लू चल सकती है। रीवा, मऊगंज, सीधी और अनूपपुर में बूंदाबांदी के आसार है। 1 मई: इंदौर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन,अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर में लू का अलर्ट है। वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया में दिन में लू और रात में बारिश हो सकती है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, रायसेन, जबलपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मैहर और सतना में बारिश का अलर्ट है। recent visitors 68

हिंदू छात्र पर वर्ग विशेष के लोगों ने हमला कर दिया, क्योंकि वह अपने मोबाइल में पहलगाम आतंकी हमले की रील्स देख रहा था

इंदौर पहलगाम में आतंकियों द्वारा धर्म पूछकर गोली मारने की घटना ने देशभर के हिंदुओं को झंकझोर दिया है। लोग उससे उबरे भी नहीं थे कि इंदौर से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इसमें एक हिंदू छात्र पर वर्ग विशेष के लोगों ने सिर्फ इसलिए हमला कर दिया, क्योंकि वह अपने मोबाइल में पहलगाम आतंकी हमले की रील्स देख रहा था। ट्रेन के उसी जनरल कोच में सफर कर रहे वर्ग विशेष के 10 से 15 लोगों ने उसे पहलगाम वाली रील्स देखने से रोका। छात्र ने उनसे कहा कि इस रील्स में क्या गलत है। तो उन्होंने गाली–गलौज करते हुए एक साथ उसपर हमला कर दिया। वे यहीं नहीं रुके आराेपियों ने उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की भी कोशिश की। घटना रविवार अलसुबह की है। इस मामले में छात्र अपनी शिकायत लेकर रेलवे पुलिस के पास पहुंचा तो वहां पर उससे केवल आवेदन ले लिया गया और मेडिकल करवाकर अगले दिन आने का कह दिया गया। इसके बाद छात्र 20 घंटे से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए भटक रहा है, लेकिन रेलवे पुलिस ने अभी तक इतने गंभीर मामले में एफआईआर तक नहीं की है। पहलगाम हमले की रील्स देखने पर भड़के इंदौर में पढ़ने वाले एक छात्र को ट्रेन में पहलगाम आतंकी हमले की रील्स देखना भारी पड़ गया। शुजालपुर निवासी 23 वर्षीय छात्र रविवार अलसुबह लगभग 4 बजे भोपाल–इंदौर पैसेंजर ट्रेन से इंदौर आ रहा था। उसने बताया कि ट्रेन के जनरल कोच में सफर करने के दौरान वह जिस सीट पर बैठा था उसके आसपास काफी बड़ी संख्या में वर्ग विशेष के लोग बैठे थे। इस दौरान जब ट्रेन लक्ष्मीबाईनगर से इंदौर के बीच पहुंची तो वह अपने मोबाइल में कुछ रील्स देख रहा था। इसी दौरान कुछ रील्स पहलगाम आतंकी हमले से संबंधित भी आ गईं तो वह उन्हें भी देखने लगा। यह सब उसके आसपास बैठे वर्ग विशेष के लोगों को नागवार गुजरा और उन्होंने छात्र को रील्स देखने से मना किया। जब युवक ने उन्हें समझाते हुए कहा कि इन रील्स में क्या गलत है तो उनमें से एक लड़के ने कहा कि हमें पता है तुम यह हमारे कारण देख रहे हो। युवक ने कहा कि यह तो देशभक्ति की बात है, इसमें क्या गलत है तो वे बोले कि अपना ये देश प्रेम ट्रेन के बाहर दिखाना। इसके बाद उन्होंने युवक के साथ गाली–गलौज करते हुए हमला कर दिया। मुंह और हाथ पर मारे घूसे से निकल आया खून छात्र ने आरोप लगाते हुए बताया कि इस दौरान उसकी वर्ग विशेष के लोगों से हाथापाई हो गई। जिसमें से एक व्यक्ति ने उसके मुंह और हाथ पर किसी धारदार हथियार से हमला कर दिया। इसमें उसके मुंह और हाथ में से खून निकल आया। इसके बाद वह व्यक्ति भीड़ का सहारा लेकर वहां से भाग गया। इस दौरान जब छात्र ने उसका पीछा करना चाहा तो वर्ग विशेष के अन्य लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया और महिलाएं आगे आ गईं और छात्र से विवाद करने लगीं। जीआरपी थाने में शिकायत छात्र जीआरपी थाने पहुंचा तो सब इंस्पेक्टर सियाराम ने आवेदन ले लिया और मेडिकल करवाकर कहा कि बाद में आना। पीड़ित ने कहा कि वो थाना प्रभारी रश्मि पाटीदार का डेढ़ घंटे तक इंतजार करता रहा लेकिन वो लंच करके नहीं आईं। जीआरपी थाना प्रभारी रश्मि पाटीदार ने लाइव हिन्दुस्तान को बताया कि आवेदन देने के बाद छात्र को जीआरपी थाने बुलाया गया था लेकिन वह अभी नहीं आया है। शिकायत के मुताबिक वह पहलगाम की रील देख रहा था जिसको लेकर कुछ युवकों ने उसके साथ अभद्रता और मारपीट की है। छात्र के थाने आने के बाद अज्ञात व्यक्तियों को कार्रवाई की जाएगी। डरा हुआ है पीड़ित छात्र लाइव हिन्दुस्तान ने पीड़ित छात्र से भी फोन पर संपर्क किया। उसने बताया कि वह एक कॉलेज में फाइनल ईयर का स्टूडेंट है। पूरे घटनाक्रम को दोहराते हुए पीड़ित ने बताया कि घटना के बाद से वह काफी डरा हुआ है। उसने अपनी पहचान गोपनीय रखने की अपील की है। स्टेशन से बाहर निकल, काट डालेंगे घटना के बाद आक्रोषित छात्र ने जब वर्ग विशेष के लोगों पर एफआईआर कराने का कहा तो वे बोले कि हम ये सब कानून नहीं मानते हैं। हमारा अलग संविधान चलता है और हम उसके हिसाब से ही न्याय करते हैं। स्टेशन के बाहर तो निकल के दिखा तुझे वहीं काट डालेंगे। चंदननगर अलग देश, वहां आ मत जाना छात्र ने बताया कि उसने वर्ग विशेष के लोगों से यह भी कहा कि यह भारत देश है और इसमें सभी के लिए कानून एक जैसा है। इस पर वे बोले कि हम चंदननगर में रहते हैं और वहां पर अलग कानून चलता है। चंदन नगर अपने आप में एक अलग देश है। वहां आकर देख लेना तुझे चीर-फाड़ देंगे।  चलती ट्रेन से फेंकने की भी कोशिश की छात्र ने आरोप लगाया है कि इस मारपीट के बाद घायल हालत में वह ट्रेन के गेट के पास आकर बैठ गया था। इस दौरान कुछ वर्ग विशेष के लोग वापस आए और उससे बदसलूकी करने लगे। जब छात्र ने इसका विरोध किया तो उनमें से कुछ ने छात्र को पकड़ा और चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की भी कोशिश की। वो तो शुक्र है कि वहां मौजूद अन्य यात्रियों ने बीच-बचाव करते हुए उन्हें रोक लिया। सब इंस्पेक्टर ने आवेदन लिया और बोला- कल आना इस घटना के बाद छात्र अलसुबह ही रिपोर्ट लिखाने अपने साथियों के साथ जीआरपी थाने पहुंचा था। इस पर वहां मौजूद सब इंस्पेक्टर सियाराम ने उससे आवेदन ले लिया और मेडिकल करवाकर कहा कि कल सुबह रिपोर्ट लिखाने आ जाना। इस पर छात्र के साथ आए लोगों ने टीआई से बात करने का भी कहा, लेकिन फिर भी उसे सुबह आने का कह दिया। FIR के लिए डेढ़ घंटे तक बैठा रहा, लेकिन टीआई लंच करके नहीं लौटीं छात्र ने बताया कि रविवार को दोपहर में भी वह घटना के चार गवाहों को साथ लेकर रिपोर्ट लिखाने के लिए जीआरपी थाने गया था, लेकिन तब टीआई लंच करने के लिए चली गईं थी। इस पर उसके साथियों ने टीआई से फोन पर बात भी … Read more

एकात्म पर्व का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना

आचार्य शंकर प्रकटोत्सव – एकात्म पर्व ओंकारेश्वर में सोमवार से : राज्य मंत्री लोधी मुख्यमंत्री डॉ. यादव और देशभर के प्रमुख साधु- संत वैश्विक एकात्मता का महायज्ञ में होंगे शामिल एकात्म पर्व का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना ओंकारेश्वर में 28 अप्रैल से 2 मई तक “एकात्म पर्व” का आयोजन भोपाल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के जन्मोत्सव पर "आचार्य शंकर प्रकटोत्सव – एकात्म पर्व" का भव्य आयोजन 28 अप्रैल से 2 मई 2025 तक पवित्र तीर्थ ओंकारेश्वर एकात्म धाम परिसर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में "एकात्म पर्व" को एक दिव्य, सांस्कृतिक और बौद्धिक महाकुंभ के रूप में आयोजित किया जा रहा है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने जानकारी देते हुए बताया कि  "एकात्म पर्व" का उद्देश्य भारत के प्राचीन सनातन ज्ञान और अद्वैत वेदान्त की सार्वभौमिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाना तथा विश्वबंधुत्व एवं एकात्मता की भावना को पुनः जागृत करना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, साधकों और संस्कृति प्रेमियों को इस अद्वितीय पर्व में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया हैं। एकात्म पर्व का शुभारंम 28 अप्रैल सोमवार को सुबह 7 बजे महर्षि सांदीपनि वेद विद्यापीठ एवं आर्ट ऑफ लिविंग गुरुकुल के आचार्यों द्वारा वैदिक अनुष्ठान से होगा। इसके बाद शोभा यात्रा नर्मदा के अभय घाट से निकलकर नगर भ्रमण करते हुए पुनः अभय घाट पर संपन्न होगी। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित पावन पर्व के दौरान ओंकारेश्वर में विविध प्रकार के आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों का गायन, वैदिक अनुष्ठान, शोभायात्रा, अद्वैत शारदा पुस्तकालय, अद्वैत लोक प्रदर्शनी और वेदांत-विज्ञान विषयक परिचर्चाएँ प्रमुख रहेंगी। आयोजन में अनेक संत-संन्यासियों की उपस्थिति होगी। इसमें जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, इस्कॉन के गौरांग दास प्रभु, अखण्ड परम धाम के स्वामी परमानंद गिरि, स्वामी विदितात्मानंद सरस्वती, स्वामी मिथलेश नंदनी शरण, स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी, और माँ पूर्णप्रज्ञा सम्मिलित हैं। एकात्म धाम ओंकारेश्वर में विभिन्न सत्रों में चिंतक मुकुल कानिटकर, लेखक नीलेश नीलकंठ ओक, प्रो. गौरी माहुलिकर, प्रो. पंकज जोशी, प्रो. रामनाथ झा, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी, मृत्युंजय गुहा मजूमदार और विशाल चौरसिया जैसे प्रमुख वक्ता भाग लेंगे। 1 मई को विशेष सत्र “रील टू रियल: अवेकनिंग वननेस थ्रू स्टोरी टेलिंग” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गौरांग दास प्रभु, कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी और विशाल चौरसिया संवाद करेंगे। प्रकटोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ.यादव होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकटोत्सव में शामिल होंगे। पर्व के अंतिम दिन 2 मई को आचार्य शंकर प्रकटोत्सव के अवसर पर 500 शंकरदूतों का दीक्षा संस्कार अभय घाट पर संतों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा। समापन दिवस पर प्रातःकाल विद्वानों का अलंकरण किया जाएगा। सायं 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा नर्मदा टट पर 10,000 दीपों का प्रज्ज्वलित कर नर्मदा आरती की जाएगी। ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास एवं संस्कृति विभाग, म.प्र. शासन द्वारा एकात्म धाम प्रकल्प के अंतर्गत 108 फीट ऊँची “एकात्मता की मूर्ति” का निर्माण किया जा चुका है तथा अद्वैत लोक संग्रहालय एवं अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान का निर्माण कार्य प्रगति पर है। आकर्षण का केन्द्र बनेगा गायन एवं नृत्य पाँच दिवसीय एकात्म पर्व के अंतर्गत “शंकर संगीत” नामक सांगीतिक प्रस्तुति श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें आचार्य शंकर के स्तोत्रों व अद्वैत वेदांत पर आधारित रचनाएँ प्रस्तुत की जाएँगी। इस श्रृंखला में माधवी मधुकर झा, जयतीर्थ मेवुंडी, लोकमाता विद्याशंकर, और सुधा रघुरामन जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियाँ होंगी। 1 मई को शंकरदूतों द्वारा आचार्य शंकर विरचित स्तोत्रों का सामूहिक गायन किया जाएगा। 2 मई को प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना लता मुंशी द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। अद्वैतामृतम् से लाभान्वित होंगे श्रोता एकात्म पर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 8:30 से प्रात: 10:30 व सायं 5:30 से 7:30 तक “अद्वैतामृतम” नामक विशेष वैदांतिक संवाद सत्रों का आयोजन किया जाएगा। 28 और 29 अप्रैल को माँ पूर्णप्रज्ञा “ओंकार” विषय पर उद्बोधन देंगी। 28 अप्रैल से 1 मई तक स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी आचार्य शंकर के जीवन एवं दर्शन पर विशेष सत्र संचालित करेंगे। 29 और 30 अप्रैल को प्रो. गौरी माहुलिकर अपना उद्बोधन देंगी और मुकुल कानिटकर “अद्वैत वेदांत: प्राणमय कोष” विषय पर व्याख्यान देंगे।   recent visitors 42

तामिया-पातालकोट में आदिवासियों ने राजकुमारी की 22 लाख की अंगूठी लौटाई, इनाम के 5 लाख रुपए लेने से किए मना

 छिंदवाड़ा सात समंदर पार से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा पहुंची चेक गणराज्य की राजकुमारी जित्का क्लेट की खोई हुई शादी की अंगूठी को पातालकोट के आदिवासियों ने खोजकर ईमानदारी की अनोखी मिसाल पेश की है. इस अंगूठी की कीमत करीब 22 लाख रुपए थी और इसे खोजने के लिए राजकुमारी ने 5 लाख रुपए के इनाम का ऐलान किया था. लेकिन आदिवासियों ने इसे अपनी मेहमान और बहन मानते हुए केवल 41 हजार रुपए ही स्वीकार किए. यह घटना देश-विदेश में चर्चा का विषय बन गई है. यह पूरा मामला छिंदवाड़ा के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य प्रकाश इंडियन टाटा से जुड़ा है, जो पातालकोट की जड़ी-बूटियों से रोगियों का इलाज करते हैं. प्रकाश टाटा ने बताया कि 6 महीने पहले वे यूरोप के दौरे पर थे, जहां मैक्स इन द वर्ल्ड कंपनी ने उन्हें छह देशों में आयुर्वेद और योग के शिविर लगाने के लिए आमंत्रित किया था. इस दौरान उनकी मुलाकात चेक गणराज्य की प्राग निवासी राजकुमारी और फैशन डिजाइनर जित्का क्लेट से हुई. जित्का स्पाइन की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं, जिसका इलाज वैज्ञानिक चिकित्सा में संभव नहीं था. प्रकाश टाटा ने आयुर्वेदिक दवाओं से उनका इलाज शुरू किया, और छह महीने में उन्हें काफी राहत मिली. जित्का ने प्रकाश टाटा से पातालकोट की अनमोल जड़ी-बूटियों के बारे में सुना था और इसे देखने की इच्छा जताई. इसके बाद 16 अप्रैल 2025 को वे दिल्ली से नागपुर और फिर छिंदवाड़ा पहुंचीं. प्रकाश टाटा ने उन्हें अपने घर पर ठहराया और अगले दिन 17 अप्रैल को जिले के पर्यटन स्थलों की सैर कराई. छोटा महादेव पर नींबू पानी बेचने वाले मनोज ने संभाली कमान घटना के बाद छोटा महादेव पर नींबू पानी की दुकान चलाने वाले मनोज विश्वकर्मा ने यह जिम्मा उठाया कि राजकुमारी की अंगूठी ढूंढकर वापस की जाएगी। मनोज ने आसपास के गांवों से एक दर्जन से ज्यादा आदिवासी युवकों को बुलाया। युवाओं ने तय किया कि जब तक अंगूठी नहीं मिलती, कोशिश जारी रहेगी। फिर शुरू हुआ संघर्ष — झरने के ठंडे पानी में उतरकर घंटों रेत निकालना, पत्ते हटाना और उसे छानना। दिन-रात की मेहनत रंग लाई और दो दिन बाद रेत के बीच से वह कीमती अंगूठी मिल गई। राजकुमारी ने कहा- पांच लाख दूंगी, आदिवासियों ने मना कर दिया अंगूठी मिलने की खबर जब राजकुमारी तक पहुंची तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने आदिवासियों को 5 लाख रुपए देने की पेशकश की। लेकिन युवाओं ने पैसा लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'आप हमारी मेहमान हैं। हम आपके दर्द की कीमत नहीं लगा सकते।' आदिवासियों ने बस अपनी मेहनत की मजदूरी के रूप में 41 हजार रुपए लिए। भावुक होकर राजकुमारी बोलीं- भारतीय संस्कृति को सलाम राजकुमारी ने इस घटना के बाद कहा, 'भारत ने एक बार फिर दिल जीत लिया। यहां के लोग सिर्फ जमीन से नहीं, दिल से भी जुड़े हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि वह इस अनुभव को कभी नहीं भूलेंगी। इलाज के लिए आई थीं, लेकिन यहां के लोगों की ईमानदारी ने उनके दिल का भी इलाज कर दिया। क्यों आईं थीं छिंदवाड़ा? दरअसल, राजकुमारी इटका क्लेट अपने स्पाइन के आयुर्वेदिक इलाज के लिए छिंदवाड़ा पहुंची थीं। सोशल मीडिया के जरिए उन्हें डॉ. टाटा के आयुर्वेदिक उपचार की जानकारी मिली थी। इलाज के दौरान ही उन्होंने तामिया और पातालकोट घूमने की इच्छा जताई थी। यहीं घूमने के दौरान छोटा महादेव झरने पर यह वाकया हुआ, जिसने भारत की मेहमाननवाजी और आदिवासियों की ईमानदारी को दुनिया के सामने एक मिसाल के रूप में खड़ा कर दिया। छोटा महादेव में खोई अंगूठी प्रकाश टाटा ने जित्का को पातालकोट, तमिया और छोटा महादेव जैसे मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल दिखाए. छोटा महादेव में एक प्राकृतिक झरना है, जो पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है. जित्का वहां झरने में मस्ती करने लगीं और पानी व रेत उछालने लगीं. इसी दौरान उनकी शादी की हीरे जड़ी अंगूठी कहीं गिर गई, जिसकी कीमत 22 लाख रुपए थी. अंगूठी गुम होने पर जित्का की आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने और वहां मौजूद पर्यटकों ने करीब आठ घंटे तक अंगूठी खोजने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली. प्रकाश टाटा ने जित्का को सांत्वना दी और कहा, "चिंता मत करो, भोलेनाथ की कृपा से अंगूठी मिल जाएगी." इसके बाद जित्का ने अंगूठी खोजने वाले को 5 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की और छिंदवाड़ा वापस आ गईं. उस रात चिंता के कारण वे देर रात 2 बजे तक सो नहीं पाईं. आदिवासियों की मेहनत और ईमानदारी अगले दिन 18 अप्रैल को छोटा महादेव में छोटी-छोटी दुकानें लगाने वाले स्थानीय आदिवासियों ने अंगूठी की खोज शुरू की. उन्होंने पहले पेड़ों के पत्तों को हटाकर और झाड़ू लगाकर मैदान को साफ किया, लेकिन अंगूठी नहीं मिली. फिर उन्होंने झरने के पास रेत में खोज शुरू की, जहां जित्का मस्ती कर रही थीं. काफी मेहनत के बाद आखिरकार उन्हें वह हीरे की अंगूठी मिल गई. आदिवासी युवकों ने तुरंत इसकी जानकारी प्रकाश टाटा को दी. प्रकाश टाटा ने जित्का को फोन कर बताया कि उनकी अंगूठी मिल गई है. जित्का को पहले विश्वास नहीं हुआ. उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए अंगूठी देखने की इच्छा जताई. मनोज विश्वकर्मा नाम के व्यक्ति ने वीडियो कॉल पर अंगूठी दिखाई, जिसे देखकर जित्का की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. उन्होंने कहा, "दुनिया में इतने ईमानदार लोग कहीं नहीं देखे. 22 लाख की अंगूठी मिलने के बाद भी इन्होंने हमें बताया." 5 लाख के इनाम को ठुकराकर लिए ₹41 हजार जित्का तुरंत प्रकाश टाटा के साथ छोटा महादेव पहुंचीं. वहां अंगूठी देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने आदिवासियों को 5 लाख रुपए देने की कोशिश की, लेकिन आदिवासियों ने यह राशि लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, "आप हमारी मेहमान हैं, हमारी बहन हैं. हम आपसे इतना पैसा नहीं लेंगे." जित्का के आग्रह पर उन्होंने सिर्फ 41 हजार रुपए स्वीकार किए. इस दौरान जित्का ने आदिवासियों के साथ सेल्फी भी ली और वादा किया कि अगली बार छिंदवाड़ा आने पर वे उनके लिए गिफ्ट लाएंगी.जित्का 19 अप्रैल को छिंदवाड़ा से अपने देश चेक गणराज्य के लिए रवाना हो गईं.         recent visitors 43