9 साल से टी20 टीम से बाहर चल रहे अजिंक्य रहाणे का आईपीएल में भौकाल

नई दिल्ली आईपीएल में भारतीय क्रिकेट के सभी बड़े सितारे खेल रहे हैं। टीम इंडिया में खेल रहे खिलाड़ी के साथ ही संन्यास ले चुके नाम भी लीग में नजर आते हैं। इसके साथ कुछ ऐसे भी खिलाड़ी है, जो लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर हैं। आईपीएल से उनके इंटरनेशनल में कमबैक की उम्मीद न के बराबर है लेकिन फिर भी अपना 110 प्रतिशत दे रहे हैं। इसमें एक नाम अजिंक्य रहाणे का है। रहाणे 2016 से भारत की टी20 टीम के लिए नहीं खेले हैं। आईपीएल की नीलामी में अनसोल्ड रहने के बाद कोलकाता नाइटराइडर्स ने उन्हें खरीदा। उनका बेस प्राइस 1.5 करोड़ था और वह उतने में ही खरीदे गए। रहाणे का आईपीएल 2025 में प्रदर्शन केकेआर को मजबूरी में अजिंक्य रहाणे को कप्तान बनाना पड़ा। टीम के पास टी20 के एक से बढ़कर एक विस्फोटक बल्लेबाज हैं लेकिन आईपीएल 2025 में उनके लिए अब तक सबसे ज्यादा रन अजिंक्य रहाणे के हैं। 8 मैचों में रहाणे ने करीब 39 की औसत और 146.48 की स्ट्राइक रेट से 271 रन बनाए हैं। इसमें तीन फिफ्टी भी शामिल है। रहाणे के बल्ले से 24 चौके और 15 छक्के निकले हैं। केकेआर के लिए किसी ने भी उनसे ज्यादा छक्के या चौके नहीं मारे हैं। विराट और रोहित पर भी भारी रहाणे अजिंक्य रहाणे भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली पर भी भारी हैं। रोहित ने अभी तक 7 मैचों में 26 की औसत और 155 की स्ट्राइक रेट से 158 रन ही बनाए हैं। उनके 10 चौके और 12 छक्के हैं। आरसीबी के लिए खेलने वाले विराट कोहली ने रहाणे से ज्यादा रन बनाए हैं लेकिन स्ट्राइक रेट के साथ ही छक्के मारने में पीछे हैं। 8 पारियों में विराट के 322 रन हैं। उन्होंने 140 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते हुए 11 छक्के ही मारे हैं। टी20 में वापसी की उम्मीद भी खत्म अजिंक्य रहाणे के लिए भारतीय टी20 टीम में वापसी की उम्मीद लगभग खत्म है। वनडे में भी वह लंबे समय से नहीं खेल रहे। टेस्ट में आखिरी बार 2023 में उन्हें मौका मिला था। टेस्ट में शायद उनकी वापसी हो भी जाए लेकिन वनडे और टी20 में लगभग नामुमकिन है। इसके बाद भी रहाणे आईपीएल में लगातार नए नवेले खिलाड़ियों पर भारी पड़ रहे हैं। recent visitors 44

देश में सबसे ज़्यादा शराब पीने वाली महिलाओं वाले शीर्ष 7 राज्य, बीयर है पहली पसंद

नई दिल्ली दुनिया में शराब के शौकीनों की कमी नहीं है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। हालांकि, जब भी शराब का जिक्र आता है, तो इसे पुरुषों के शौक के रूप में बताया जाता है। अब परिस्थिति बदलती नजर आ रही है। महिलाएं भी जाम से जाम टकरा रही हैं। सांस्कृतिक और आदिवासी परंपराएं जैसी इसकी कई वजह हैं। एक सर्वे से पता चलता है कि भारत में कम से कम 7 राज्य ऐसे हैं, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं शराब का सेवन करती हैं।भारत में पारंपरिक रूप से शराब सेवन को पुरुषों से जोड़ा जाता रहा है, लेकिन राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के ताज़ा आंकड़े इस धारणा को बदलते दिखते हैं. 2019-2021 के बीच हुए इस सर्वे में कई राज्यों में महिलाओं द्वारा शराब सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति सामने आई है. कुछ राज्यों में यह प्रतिशत पुरुषों के लगभग बराबर या उससे अधिक हो गया है. रिपोर्ट में NFHS-5 यानी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि इस लिस्ट में सबसे पहला नाम पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश का है। ये आंकड़े साल 2019 से 2021 के बीच जुटाए गए थे। अरुणाचल प्रदेश आंकड़े बताते हैं कि अरुणाचल प्रदेश में 24.2 फीसदी महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। राज्य में मेहमानों को चावल से बनी स्थानीय बीयर पेश करना बेहद आम बात है। साथ ही शराब यहां सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं में अहम भूमिका निभाती है। सिक्किम लिस्ट में दूसरा स्थान सिक्किम को मिला है। यहां घर में बनी छांग जैसे पेय पदार्थ काफी मशहूर हैं। यहां करीब 16.2 प्रतिशत महिलाएं शराब पीती हैं। असम पूर्वोत्तर के ही एक और राज्य को इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर रखा गया है। असम में 7.3 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। कहा जाता है कि यहां व्हिस्की काफी लोकप्रिय है। तेलंगाना तेलंगाना में व्हिस्की और बीयर को पसंद करने वालों की संख्या ज्यादा मानी जाती है। आंकड़े बताते हैं कि यहां 6.7 फीसदी महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। झारखंड मुख्य रूप से आदिवासी इलाकों में झारखंड में 6.1 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। अंडमान एंड निकोबार आईलैंड्स हांडिया, टोडी और जंगली। ये सारे पेय अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में काफी लोकप्रिय हैं। यहां करीब 5 प्रतिशत महिलाएं शराब पीती हैं। छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से सटे छत्तीसगढ़ शराब पीने वाली महिलाओं की संख्या 4.9 प्रतिशत है। कहा जाता है कि यहां व्हिस्की और वोडका को ज्यादा पसंद किया जाता है। recent visitors 39

अमेरिका में हर चौथा मुसलमान इस्लाम छोड़ चुका, अपना धर्म छोड़ने में ईसाई सबसे आगे

नई दिल्ली भारत के लिए धर्म परिवर्तन बहुत बड़े राजनीतिक विवाद का मसला रहा है। लेकिन, हकीकत ये है कि अपना धर्म छोड़कर दूसरा धर्म अपनाने या किसी भी धर्म को न मानने वाले लोगों के मामले में अमेरिका और यूरोप के देश ज्यादा आगे हैं। तथ्य यह भी है कि जब धर्म परिवर्तन की बात आती है या अपना धर्म छोड़ने की बात आती है तो इसमें ईसाई सबसे आगे हैं। उनके बाद बौद्ध हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा धर्म परिवर्तन करने में दिलचस्पी दिखाई है। एक बड़ा तथ्य यह भी है कि ऐसा करने वालों में अधिकतर ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अपना धर्म तो छोड़ दिया है, लेकिन वह किसी अन्य धर्म से जुड़े भी नहीं। इसके बाद वे लोग हैं, जिन्होंने न सिर्फ अपना धर्म बदला है, बल्कि नई आस्था भी कबूल की है। दक्षिण कोरिया में 50% ने छोड़ा अपना धर्म प्यू रिसर्च सेंटर दुनिया के 36 देशों में सर्वे के आधार पर इस नतीजे पर पहुंचा है कि अगर दक्षिण कोरिया जैसे देश की आधी आबादी अपना धर्म छोड़ चुकी है, वहीं हिंदू और मुसलमानों की यह विशेषता है कि वह जिस धर्म में पैदा होते हैं, उसे बिरले ही छोड़ते हैं। मतलब, उनकी आस्था अपने धर्म से आमतौर पर हमेशा जुड़ी रहती है। इस सर्वे के अनुसार अपना धर्म बदलने वाले लोगों में एक बड़ा ट्रेंड ये है कि इनमें ज्यादातर जनसंख्या उन लोगों की है, जो किसी दूसरे धर्म को अपनाने की जगह खुद को नास्तिक, अनिश्वरवादी (atheists),अज्ञेयवादी (agnostics) या 'नथिंग इन पर्टिक्युलर'कहलाना ज्यादा पसंद करते हैं। दक्षिण कोरिया के बाद सबसे ज्यादा लोगों ने अपना धर्म स्पेन में बदला है। इस लिस्ट में कुल 15 देशों के नाम हैं, जिसमें भारत 14वें स्थान पर है, जहां मात्र 2% लोग आज उस धर्म का पालन नहीं करते, जिस आस्था में उनका जन्म हुआ था। अपना धर्म छोड़ने में ईसाई सबसे आगे हमने ऊपर बात की ईसाई धर्म मानने वालों की, जो सबसे ज्यादा धर्म बदल रहे हैं। यह इस तरह से देखा जा सकता है कि स्पेन में जहां करीब 100 में से 90 लोग ईसाई बनकर पैदा हुए, लेकिन अब उनमें से 54 ही इस धर्म को मानते हैं। यानी कुल 36% क्रिश्चियन अपना धर्म छोड़ चुके हैं। इसमें कुल 10 ईसाई बहुल देशों का जिक्र है, जिसमें दूसरे नंबर पर स्वीडन और आखिर में इटली का नाम है। इटली में भी 20 क्रिश्चियन आज उस धर्म को नहीं मानते, जिसमें उनका जन्म हुआ था। अमेरिका में ऐसे लोगों की संख्या 22% है। धर्म छोड़ने वालों में ईसाइयों के बाद बौद्ध हजारों साल पहले भारत में बौद्ध धर्म का रंग फीका पड़ने लगा था। दुनिया भर में ईसाइयों के बाद आज जिस धर्म के लोग अपने मूल धर्म से मुंह फेर रहे हैं तो वे बौद्ध हैं। मसलन, जापान में अगर 58 लोगों ने बौद्ध धर्म में जन्म लिया तो आज उनमें से मात्र 34 ही इस धर्म को मानते हैं। कुल मिलाकर 26% ने अपना मूल धर्म छोड़ दिया है। यह स्थिति दक्षिण कोरिया, सिंगापुर से लेकर श्रीलंका तक में दिखाई दे रही है। अमेरिका में 23% मुसलमानों ने छोड़ा इस्लाम जैसा कि पहले बताया गया कि इस सर्वे के अनुसार आज भी हिंदू और मुसलमानों में ऐसे लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है, जो अपने धर्म में ही बने रहना पसंद करते हैं, और अपना धर्म छोड़कर दूसरे को अपनाने वालों की संख्या इनमें सबसे कम है। जैसे बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे मुस्लिम बहुल देशों में एक भी मुसलमान ने इस्लाम नहीं छोड़ा। यही स्थिति ट्यूनिशिया की भी है। भारत में सिर्फ 1% मुसलमान अपना धर्म छोड़कर दूसरे धर्म में शामिल हुए हैं। भारत से ज्यादा तुर्की में मुसलमानों ने इस्लाम छोड़ा है। यहां इस्लाम में पैदा होने वाले 4% लोग अब खुद को मुस्लिम नहीं मानते और इनमें से 1% दूसरा धर्म अपना चुके हैं। सिंगापुर में यह संख्या 3% है, जो अब मुस्लिम नहीं हैं। सबसे ज्यादा मुसलमानों ने अमेरिका में इस्लाम छोड़ा है। यहां अगर 100 लोग इस्लाम में पैदा हुए थे तो अब उनमें से सिर्फ 77 ही इसका पालन करते हैं। यानी 23% ने इस्लाम छोड़ दिया है। 10% ने कोई अन्य धर्म अपना लिया है और 13% किसी भी धर्म का पालन नहीं करते। अमेरिका में 18% हिंदुओं ने हिंदुत्व छोड़ा मुसलमान ही नहीं अमेरिका में रहने वाले सबसे ज्यादा हिंदुओं ने भी अपना धर्म छोड़ा है। आज अमेरिका में ऐसे लोगों की संख्या 18% है, जो पैदा तो हिंदू धर्म में हुए थे, लेकिन अब इस धर्म को नहीं मानते। ऐसा करने वाले श्रीलंका में 11% हैं। श्रीलंका में जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़ा है, उनमें से अधिकांश अब ईसाई बन चुके हैं। लेकिन, अमेरिका में हिंदुत्व छोड़ने वाले अधिकतर आज कोई धर्म नहीं मानते और बाकी ईसाई बन चुके हैं। दुनिया में 14.4% लोग किसी धर्म को नहीं मानते इस सर्वे का एक बड़ा नतीजा ये रहा है कि 2022 के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में अगर 31.6% ईसाई, 25.8% मुसलमान और 15.1% हिंदू थे तो ऐसे लोगों की तादाद 14.4% हो चुकी थी, जो किसी धर्म से नहीं जुड़े थे। इनके बाद 6.6% बौद्ध,5.4% फोक रिलिजनिस्ट, 0.8% अन्य और 0.2% यहूदी थे। एक और महत्वपूर्ण बात जो इस सर्वे से सामने आई है, वह यह कि धर्म से मुंह मोड़ने वालों में ज्यादातर युवा हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा तादाद पढ़े-लिखे और पुरुषों की है, जो उस धर्म से निकल रहे हैं, जिसमें वे पैदा हुए थे। recent visitors 32

इंदौर की महिला पुलिसकर्मी अपने गीतों के जरिए लोगों को ट्रैफिक नियमों से अवगत करा रही, VIDEO वायरल

इंदौर मध्य प्रदेश का इंदौर शहर स्वच्छता के साथ अपने अनूठे प्रयोगों के लिए भी जाना जाता है। इंदौर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को रोकने के लिए और यातायात नियमों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए एक महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी का अनोखा अंदाज सामने आया है। यह लोगों को काफी आकर्षित भी कर रहा है। महिला पुलिसकर्मी अपने गीतों के जरिए लोगों को ट्रैफिक नियमों से अवगत करा रही है। चौराहे पर वाहन चालकों से रूबरू इस महिला पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी सोनाली सोनी शहर के गीता भवन चौराहे पर सुपरहिट बॉलीवुड सॉन्ग ‘किसी राह पर.. किसी मोड़ पर..’ का अनोखा वर्जन गाकर लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुक करती नजर आ रही हैं। सोनाली सोनी ने गाने में जो चेंजेज किए हैं वो हैं- ‘कहीं चल न देना सिग्नल तोड़ कर..’ है। बता दें कि जैसे ही सिग्नल रेड होता है। सोनाली माइक लेकर सड़क पर आती हैं और लोगों को अपने गीजों के जरिए जागरुक करने का प्रयास करती हैं। सोनाली वाहन चालकों के पास जाती हैं और उनको हेलमेट लगा कर वाहन चलाने ट्रैफिक रूल्स को फालो करने की अपील करती हैं। अक्सर आम लोग ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से बचने की कोशिश करते हैं। लेकिन जिस चौराहे पर सोनाली की ड्यूटी लगती है वहां का नजारा ही कुछ और होता है। लोग बड़े गौर से सोनाली की बातें सुनते हैं। महिला आरक्षक को मधुर आवाज में गाते देखकर वाहन चालक रुक जाते हैं। जितनी देर तक चौराहे पर रेड लाइट रहती है, सोनाली लोगों को ट्रैफिक रूल्स की अहमियत समझाती हैं। सोनाली मंदसौर के नारायणगढ़ की रहने वाली सोनाली एमसीए डिग्री के साथ पोस्ट ग्रेजुएट हैं। पूर्व में टीचिंग के दौरान भी वह अपने गाने के शौक को लेकर चर्चा में रही हैं। वह अपने माता-पिता की इकलौती बेटी हैं। उनका कहना है कि शुरू से ही वह पुलिस सेवा में जाना चाहती थीं। उनकी ड्यूटी इंदौर के गीता भवन चौराहे के अलावा पलासिया चौराहे पर लगती है। दोनों ही इंदौर शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक चौराहों में गिने जाते हैं। यही वजह है कि ट्रैफिक पुलिस ने शहर के पूर्वी क्षेत्र के सबसे व्यस्ततम चौराहों पर सोनाली की ड्यूटी लगाकर लोगों को जागरूक करने के लिए एक अनूठा प्रयोग किया है। recent visitors 63

दिल्ली में आतिशी ने सीएम रेखा गुप्ता पर साधा निशाना, कहा-भीषण गर्मी और बिजली कटौती से लोग परेशान

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में बढ़ती गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती से लोग बेहद परेशान हैं। रविवार को दिल्ली में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, और इस भीषण गर्मी के बीच कई इलाकों में रात के समय घंटों तक बिजली गुल रही। इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल किए हैं। आतिशी ने कहा कि राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में लंबे-लंबे पावरकट लगे हैं, जिससे लोग बेहद मुश्किल में हैं। लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दावा है कि दिल्ली में कहीं कोई बिजली कटौती नहीं हो रही और लोग खुद कैंडल लाइट डिनर करने के लिए अपनी लाइटें बंद कर रहे हैं। आतिशी ने सवाल किया, “क्या सोशल मीडिया पर सभी दिल्लीवासी झूठ बोल रहे हैं? क्या सभी ने कैंडल लाइट डिनर करने के लिए अपनी लाइटें बंद कर मोमबत्तियां जला ली हैं?” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को दिल्लीवासियों का मजाक उड़ाने के बजाय बिजली समस्या का समाधान करना चाहिए। आतिशी ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में बताया कि कैसे उन्हें देर रात तक अलग-अलग इलाकों से बिजली कटौती की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि भजनपुरा में रात 11:05 बजे बिजली गुल होने की शिकायत, संगम विहार (सी-ब्लॉक) में रात 12:44 बजे बिजली न होने की जानकारी, कमला नगर में रात 1:51 बजे एक घंटे से ज्यादा की बिजली कटौती, जीवन पार्क, उत्तम नगर में रात 1:52 बजे एक घंटे से ज्यादा बिजली गुल, सेक्टर 2, द्वारका में रात 1:53 बजे से दो घंटे से ज्यादा बिजली नहीं, सोनिया विहार में सुबह 4:16 बजे से लगातार बिजली नहीं, भोगल में सुबह 4:26 बजे से एक घंटे से ज्यादा की बिजली कटौती। आतिशी ने दावा किया है कि ये सब शिकायतकर्ता भाजपा समर्थक हैं। इसके अलावा, कोटला मुबारकपुर के लोगों ने लगातार वोल्टेज फ्लक्चुएशन की शिकायत की। नेता प्रतिपक्ष ने दोहराया कि दिल्ली में जगह-जगह से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं। क्या यह सब झूठ है? क्या कमला नगर, संगम विहार, भोगल, उत्तम नगर जैसे इलाके काल्पनिक हैं? आतिशी ने मुख्यमंत्री से अपील की कि जनता की पीड़ा को समझें और उसका हल निकालें। उन्होंने कहा, “दिल्लीवाले पावरकट नहीं चाहते। उन्हें राहत चाहिए, मजाक नहीं।” recent visitors 56

जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में नदी, खेत तालाब, पोखर सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य चल रहा : मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में नदी, खेत तालाब, पोखर सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य चल रहा है। सभी जिलों में जनप्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री अपने-अपने स्तर पर 90 दिन तक चलने वाले इस अभियान का हिस्सा बने और अपना योगदान दें। आगामी 30 जून तक जारी रहने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में अमृत सरोवरों का भी निर्माण किया जा रहा है। हमारी सरकार का यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के हो रहे पुनीत कार्यों के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। अगली कैबिनेट मीटिंग में लेंगे ट्रांसफर पॉलिसी पर निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगली कैबिनेट मीटिंग तक स्थानांतरण नीति (ट्रांसफर पॉलिसी) को लेकर भी नीतिगत निर्णय लेगी। हम प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के कल्याण के लिए उनके वेतन एवं सभी प्रकार के भत्तों के भुगतान के लिए कार्य कर रही है। लोक सेवकों के हितों के साथ ही राज्य सरकार खाली पदों पर जल्द से जल्द भर्ती की दिशा में आगे बढ़ रही है। भर्ती अभियान में सभी योग्य उम्मीदवारों को मौका मिले, इसके लिए प्रत्येक विभाग की समीक्षा की जा रही है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की लंबित परीक्षाएं भी शीघ्र कराने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने बीते सोमवार को ही प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के डेवलपमेंट को गति प्रदान करने के लिए ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। इससे बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी के साथ आईटी सेक्टर पर आधारित एक कॉन्क्लेव 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित होगी। इससे जुड़े विभागों के अधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में आईटी के बड़े केंद्र स्थापित हो, इस प्रयोजन से हर संभव प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को देश का नंबर-1 राज्य बनाने का संकल्प दोहराते हुए बदलते दौर में सभी क्षेत्रों में समुचित विकास की आवश्यकता पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारियां साझा की हैं।   recent visitors 49

प्रदेश में 5 नए आयुर्वेद महाविद्यालय तैयार, इनमें जल्द ही शुरू होगी पढ़ाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मेडिकल टूरिज्म एक उभरता हुआ सेक्टर है। प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आयुष विभाग भी इस क्षेत्र में भागीदारी करें। प्रदेश के हर पर्यटन स्थल, धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व के स्थलों के आसपास वैलनेस सेंटर स्थापित किए जाएं, इससे यहां आने वाले पर्यटक आयुष विभाग की प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति और पंचकर्म सुविधा का भी लाभ ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन में प्रदेश में जहां-जहां नए आयुर्वेद महाविद्यालय स्थापित किए जाने हैं, इन्हें प्रारंभ करने के लिए तेज एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएं। स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग आपसी समन्वय और तालमेल से काम करें और अधिक से अधिक मरीजों को अपनी-अपनी चिकित्सा पद्धतियों से उपचार का लाभ दें। उन्होंने कहा कि दोनों ही विभाग रोजगारपरक शिक्षा की ओर बढ़ें, ताकि प्रदेश को अधिकाधिक डॉक्टर्स एवं आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी मिलें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष विभाग द्वारा 543 से अधिक आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, 36 होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी, 14 यूनानी चिकित्सा अधिकारी, 65 आयुर्वेद व्याख्याता एवं 150 से अधिक पैरामेडिकल स्टॉफ एवं संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटर की पोस्टिंग भी कर देने की जानकारी मिलने पर विभागीय अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि अब आयुष के डॉक्टर्स गांव-गांव में उपलब्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिना किसी डिग्री के क्लीनिक चलाकर एवं घर-घर जाकर भोले-भाले ग्रामीण मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डॉक्टर (क्वेक्स) पर सख्ती से अंकुश लगाने के निर्देश दिए। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुंचे आयुष विभाग की सेवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और पारम्परिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। देश और प्रदेश में आयुर्वेदिक उपचार पद्धति की ओर लोगों का रुझान निरंतर बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए आयुष विभाग की अपनी सभी चिकित्सा प्रणालियों यथा आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी एवं प्राकृतिक चिकित्सा के विस्तार के लिए जरूरी मानव संसाधन की पूर्ति कर अपनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनमानस में आयुष पद्धति के प्रति विश्वास और बढ़े, इसके लिए जन जागरूकता अभियानों को तेज किया जाए तथा आयुष सेवाओं की पहुंच दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि जिन आयुर्वेदिक महाविद्यालय को हम निकटतम बड़े विश्वविद्यालय से जोड़ सकते हैं, उन्हें जोड़ने की कार्रवाई केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार करें। क्योंकि क्षेत्रीय बहुउद्देशीय विश्वविद्यालय से शिक्षा एवं उपचार की सभी पद्धतियों के महाविद्यालयों के लिंक होने पर अध्ययन और अध्यापन दोनों में सुविधा होगी। प्रकृति परीक्षण अभियान में मध्यप्रदेश देश में पांचवे स्थान पर आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'देश का प्रकृति परीक्षण' अभियान लांच किया गया है। इस अभियान में प्रदेश में तेजी से कार्यवाही की गई। उन्होंने बताया कि अब तक 8.50 लाख से अधिक परीक्षण किए जा चुके हैं। इस मामले में मध्यप्रदेश देश में 5वें स्थान पर रहा है। खजुराहो में योग संस्थान की स्थापना की तैयारी प्रमुख सचिव आयुष ने बताया कि छतरपुर जिले के खजुराहो में योग संस्थान की स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का यह प्रस्ताव केन्द्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद में विचारार्थ है। कलेक्टर छतरपुर द्वारा योग संस्थान के लिए खजुराहो के समीप ग्राम खर्रोही में 25 एकड़ भूमि आयुष विभाग को आवंटित कर दी गई है। इस भूमि का केन्द्र सरकार के दल द्वारा निरीक्षण भी किया जा चुका है। जल्द ही इस पर अगली कार्यवाही होनी है। इसके साथ ही खजुराहो में ही इंटर यूनिवर्सिटी सेन्टर फॉर योगिक साइंस की स्थापना का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। उज्जैन में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के लिए प्रयास तेज प्रमुख सचिव ने बताया कि उज्जैन जिला मुख्यालय में केन्द्र सरकार के सहयोग से अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के लिए मध्यप्रदेश राज्य के चयन के लिए केन्द्र सरकार में प्रस्ताव विचाराधीन है। केन्द्र सरकार द्वारा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत प्रस्ताव मांगा गया है। राज्य सरकार द्वारा ग्रीनफील्ड प्रस्ताव भेज दिया गया है। प्रदेश में बनेंगे 11 नए आयुर्वेद महाविद्यालय प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रदेश में 11 नए आयुर्वेद महाविद्यालय खोले जाने हैं। इसमें डिण्डोरी जिले में आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना के तहत भोपाल में 50 बिस्तरीय और नरसिंहपुर में 30 बिस्तरीय नए आयुर्वेद चिकित्सालय का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है।   recent visitors 51