माधव टाइगर रिजर्व का जंगल लगातार आग की चपेट में आ रहा, वन्यजीवों पर मंडरा रहा खतरा, वन विभाग के बचाव के प्रयास जारी

शिवपुरी टाइगर रिजर्व के पूर्वी हिस्से में आग लगने से वहां रहने वाले तीन बाघों और दो शावकों सहित हजारों अन्य जंगली जानवरों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। जंगल में हर दिन किसी न किसी हिस्से में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं शिवपुरी जिले में हाल ही में घोषित माधव टाइगर रिजर्व का जंगल लगातार आग की चपेट में आ रहा है। तेज गर्मी और सूखी झाड़ियों के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे वन्यजीवों पर भी संकट गहरा गया है। शनिवार को सुरवाया और बल्लारपुर क्षेत्र के जंगलों में आग भड़क उठी, जो एक किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैल गई। बीते 15 दिन में टाइगर रिजर्व के सुरवाया, बल्लारपुर, भरकुली गेट, सुभाषपुरा और सतनवाड़ा क्षेत्र में कई बार आग लग चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बाघों समेत अन्य जानवर खतरे में टाइगर रिजर्व के पूर्वी हिस्से में आग लगने से वहां रहने वाले तीन बाघों और दो शावकों सहित हजारों अन्य जंगली जानवरों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। जंगल में हर दिन किसी न किसी हिस्से में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पार्क प्रबंधन आग पर काबू पाने में नाकाम नजर आ रहा है। बीडी-सिगरेट से फैली आग, वन विभाग के प्रयास जारी पार्क के रेंजर आर.के. दीक्षित ने बताया कि किसी ने पार्क की बाउंड्री के पास जलती हुई बीड़ी या सिगरेट फेंकी, जिससे आग भड़की। आग बुझाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन तेज हवाओं और गर्मी के कारण आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। पिछले एक महीने में माधव टाइगर रिजर्व के करीब दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके, वन विभाग आगजनी की घटनाओं को रोकने में असफल रहा है।   recent visitors 60

आतंकी हमले के बाद भी जैसलमेर में बिक रही सेना जैसी वर्दियां, तत्काल रोक और सख्त निगरानी नहीं की गई तो गंभीर खतरा

जैसलमेर भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों और केंद्र सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद सेना जैसे कपड़े आम लोगों को बेचे जा रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस पर तत्काल रोक और सख्त निगरानी नहीं की गई तो राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में सेना की वर्दी पहनकर किए गए आतंकी हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता खड़ी कर दी है। इस भयावह घटना के बाद पूरे देश में सुरक्षा मानकों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। वहीं, दूसरी ओर राजस्थान के संवेदनशील सीमा जिले जैसलमेर में बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आज भी सेना और अर्द्धसैनिक बलों जैसी वर्दियों की खुलेआम बिक्री जारी है। यह लापरवाही न केवल सेना की गरिमा को चोट पहुंचा रही है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी बन सकती है। सेना जैसी वर्दी पहनकर हमला, सुरक्षा में बड़ी सेंध 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम इलाके में आतंकियों ने सेना की वर्दी में आकर सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया था। आतंकियों ने सेना की वर्दी का सहारा लेकर पहले खुद को सुरक्षाबलों के बीच मिला लिया और फिर अचानक हमला कर दिया। इस हमले ने यह साफ कर दिया कि यदि किसी असामाजिक तत्व को सेना या पुलिस जैसी वर्दी आसानी से उपलब्ध हो जाए तो वह कितनी बड़ी चुनौती बन सकता है। इस घटना के बाद देशभर में इस बात पर गंभीर चिंता जताई जा रही है कि सेना और सुरक्षा बलों की वर्दी जैसी पोशाकें बाजारों में कैसे बिक रही हैं। जैसलमेर में बाजारों में मिल रही वर्दियां जैसलमेर जैसे संवेदनशील सरहदी जिले, जहां से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा कुछ ही किलोमीटर दूर है, वहां भी बाजारों में सेना, बीएसएफ, और पुलिस जैसी वर्दियां बिना रोक-टोक बिक रही हैं। कई दुकानों पर कॉम्बैट प्रिंट के कपड़े, जैकेट, टी-शर्ट और टोपी खुलेआम बेची जा रही हैं। हालांकि दुकानदार दावा करते हैं कि वे पहचान और सत्यापन के बाद ही सामान बेचते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि कोई भी व्यक्ति आसानी से ये वर्दी जैसे कपड़े खरीद सकता है। दोषी पाए जाने पर 500 रुपये जुर्माना भारतीय दंड संहिता की धारा 140 और 171 के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना की वर्दी या उसके जैसी दिखने वाली यूनिफॉर्म को अनाधिकृत रूप से पहनना या बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। दोषी पाए जाने पर 500 रुपये जुर्माना और अधिकतम तीन महीने तक की सजा हो सकती है। सेना जैसी वर्दी का उत्पादन केवल कुछ अधिकृत मिलों को ही करने की अनुमति है, जिनमें पंजाब के फगवाड़ा और महाराष्ट्र की दो मिलें प्रमुख हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को आदेश दिया था कि कॉम्बैट प्रिंट कपड़े बनाने, बेचने और पहनने पर सख्त निगरानी रखी जाए, खासकर संवेदनशील इलाकों में। सेना के पुराने आदेश भी हवा में पठानकोट हमले के बाद सेना ने खासतौर पर निर्देश दिया था कि आम जनता को सेना जैसे कपड़े न बेचे जाएं और निजी सुरक्षा एजेंसियों को भी कॉम्बैट पैटर्न की यूनिफॉर्म इस्तेमाल न करने को कहा गया था। इसके बावजूद आज जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले में आधा दर्जन से ज्यादा दुकानों पर यह कपड़ा आसानी से उपलब्ध है। न कोई सख्त निगरानी है न ही प्रशासन की ओर से कोई सघन अभियान चलाया जा रहा है। जांच और निगरानी की सख्त जरूरत जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस को बाजारों में सेना की वर्दी जैसे कपड़ों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है। साथ ही ऐसे कपड़े बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, यदि पहलगाम जैसी घटनाओं से सबक नहीं लिया गया तो सीमावर्ती जिलों में भी आतंकी तत्व सेना या सुरक्षा बलों की वर्दी का दुरुपयोग कर सकते हैं। ऐसे में समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं।   recent visitors 59

तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर बम की धमकी, मचा हड़कंप, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने मोर्चा संभाल लिया

तिरुवनंतपुरम रविवार को तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिला, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने मोर्चा संभाल लिया। सभी टर्मिनलों की गहन तलाशी ली जा रही है और यात्रियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। धमकी के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, बम निरोधक दस्ते तैनात एयरपोर्ट के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने बयान जारी करते हुए बताया कि धमकी भरा ईमेल मिलते ही बम निरोधक दस्ते को सक्रिय कर दिया गया। टर्मिनल के अंदर और बाहर हर कोना छाना जा रहा है। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा में कोई ढील नहीं बरती जा रही है। यह धमकी ऐसे समय आई है जब तिरुवनंतपुरम शहर के कई होटलों को भी शनिवार को इसी तरह के बम धमकी वाले ईमेल मिले थे। हिल्टन होटल समेत कई प्रमुख होटलों में बम स्क्वॉड ने तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि, उस समय कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई थी और धमकियों को फर्जी करार दिया गया था। पुलिस कर रही है जांच, ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि भले ही अभी तक किसी बम का पता नहीं चला है, लेकिन धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अधिकारी ने कहा कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है, इसकी सक्रियता से जांच हो रही है। साइबर सेल की टीमें भी ईमेल ट्रेस करने में लगी हैं। केरल में पिछले कुछ महीनों में बम धमकी ईमेल की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। जिला कलेक्टरेट, राजस्व विभागीय कार्यालयों और केरल उच्च न्यायालय जैसे अहम स्थानों को भी निशाना बनाया गया है। हर बार पुलिस ने गहन तलाशी के बाद किसी भी वास्तविक खतरे से इनकार किया है और धमकियों को झूठा बताया है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। जांच एजेंसियां हर संभव कदम उठा रही हैं ताकि किसी भी प्रकार के खतरे को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एयरपोर्ट और शहर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। recent visitors 48

कोच्चि जल मेट्रो को मुंबई में इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य सौंपा गया

मुंबई महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने रविवार को घोषणा की कि राज्य सरकार मुंबई में जल मेट्रो परियोजना की योजना बना रही है। इसके लिए कोच्चि जल मेट्रो को मुंबई में इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य सौंपा गया है। राणे के मुताबिक, यह रिपोर्ट इस महीने के अंत तक तैयार हो जाएगी। 50-50 प्रतिशत भागीदारी पर बनेगा विशेष निकाय राणे ने कहा कि मुंबई में जल मेट्रो परियोजना को लागू करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच 50-50 प्रतिशत की भागीदारी पर एक विशेष निकाय का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुंबई सात द्वीपों से बना है, लेकिन अब तक जलमार्गों का पूरी तरह से उपयोग नहीं किया गया है। यह परियोजना सड़कों और उपनगरीय रेल सेवाओं पर बढ़ते बोझ को कम करने में मदद करेगी। शहरी परिवहन में सुधार और पर्यटन को बढ़ावा नितेश राणे ने जोर देते हुए कहा कि जल मेट्रो परियोजना शहरी परिवहन में सुधार लाएगी और मुंबई की पर्यटन क्षमता को भी बढ़ावा देगी। कोच्चि जल मेट्रो परियोजना महाराष्ट्र सरकार को इस दिशा में सहायता प्रदान करेगी। इस परियोजना के तहत बैटरी से चलने वाली नौकाएं मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए चलेंगी। 21 प्रस्तावित स्टेशनों की सूची राणे ने यह भी बताया कि जल मेट्रो परियोजना के तहत कुल 21 प्रस्तावित स्टेशनों की सूची तैयार की गई है, जिसमें वैतरणा नदी, वसई, ठाणे, मनोरी, पनवेल, और मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के पास स्टेशन शामिल हैं। पहले चरण में जल मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में रो-रो (रोल ऑन-रोल ऑफ) सेवा का विस्तार किया जाएगा। नवी मुंबई हवाई अड्डे पर जल टैक्सी सेवा मंत्री ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में यह घोषणा की थी कि नवी मुंबई का हवाई अड्डा देश का पहला हवाई अड्डा होगा, जहां जल टैक्सी सेवा भी शुरू होगी। इसके लिए हवाई अड्डे के पास एक जल मेट्रो टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर अगले कुछ दिनों में सिडको, महाराष्ट्र सागरी मंडल (एमएमबी) और राज्य पत्तन मंत्रालय की एक बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि डीपीआर तैयार किया जा सके। recent visitors 38

आईपीएल में सुरक्षा के लिए कुछ अतिरिक्त इंतजाम किए, आतंकवादी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच टेंशन जारी

नई दिल्ली इस समय भारत के अलग-अलग शहरों में इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के 18वें सीजन का आयोजन हो रहा है। हर किसी न किसी शहर में आईपीएल के मैच खेले जा रहे हैं और पहलगाम में सैलानियों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच टेंशन जारी है। ऐसे में आईपीएल में खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा के लिए कुछ अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं, जिसमें एंटी ड्रोन सिस्टम हर एक स्टेडियम में इंस्टॉल किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जाए। बिग बैंग बूम सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड यानी BBBS ने शनिवार को देश भर में इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL 2025 मैचों के दौरान हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अपने स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम, वज्र सुपर शॉट की तैनाती की घोषणा की। वज्र सुपर शॉट एक हल्का, हाथ में पकड़ा जाने वाला एंटी-ड्रोन हथियार है, जो चार किलोमीटर दूर तक ड्रोन का पता लगाने और उनके कम्युनिकेशन सिग्नल को बाधित करने में सक्षम है, जिससे संभावित खतरों को प्रभावी ढंग से बेअसर किया जा सकता है। BBBS की एक प्रेस रिलीज के अनुसार, इसकी पोर्टेबिलिटी और अनुकूली फ्रीक्वेंसी जैमिंग इसे भीड़ भरे स्टेडियम जैसे गतिशील वातावरण के लिए आदर्श बनाती है। यह तैनाती राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की उन्नति के प्रति बीबीबीएस की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के अनुरूप है। अगर स्टेडियम के आसपास कोई फ्लाइंग ऑब्जेक्ट, ड्रोन या फिर अन्य कोई चीज एयर स्पेस में आती है तो एंटी ड्रोन सिस्टम उसके कम्युनिकेशन सिग्नल को खत्म कर देगा। इस सिस्टम का इस्तेमाल आईपीएल 2025 के 43वें मैच में हुआ था, जो चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला गया था। इसके बाद से हर एक मैच में ये सिस्टम लगेगा, ताकि स्टेडियम के एयर स्पेस की सुरक्षा की जाए और इसमें कोई सेंध ना लगा पाए। recent visitors 46

मुंबई इंडियंस के गेंदबाज का दावा- IPL 2025 में 300 रनों का टोटल भी बन जाएगा

नई दिल्ली मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने एक बड़ा दावा इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल को लेकर किया है। उन्होंने कहा है कि आईपीएल 2025 में 300 का स्कोर जरूर बनेगा, इसमें कोई संदेह नहीं है। इस सीजन एक दो बार ऐसा लगा भी है कि टीम 300 रन पार कर लेगी, लेकिन इस सीजन और अब तक खेले गए 17 सीजन में एक बार भी 300 रन एक पारी में नहीं बने हैं। आईपीएल में सबसे बड़ा स्कोर 287/3 है, जो पिछले साल आरसीबी के खिलाफ सनराइजर्स हैदराबाद ने बनाया था। आईपीएल के 18वें सीजन में अब तक 44 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से 23 बार 200 से ज्यादा का स्कोर पार किया गया है और सबसे ज्यादा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के नाम है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ एसआरएच ने सीजन की शुरुआत में ही 286/6 का विशाल स्कोर बनाया था, जो 300 के बेहद करीब था। कुछ ओवर राजस्थान के लिए अच्छे रहे थे, अन्यथा उस दिन 300 रनों का टोटल भी बन सकता था। बोल्ट का मानना ​​है कि आईपीएल के इतिहास में पहली बार 300 रनों का रिकॉर्ड टूटेगा। जियोहॉटस्टार पर ट्रेंट बोल्ट ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस टूर्नामेंट में 300 से ज्यादा का स्कोर बनाया जाएगा। ऐसा लगता है कि गेंद ज्यादा दूर तक जा रही है। हालांकि, मुझे लगता है कि यह देश के कुछ हिस्सों में अभी भी स्विंग कर रही है। गेंदबाजी के नजरिए से, एकमात्र सकारात्मक बात यह है कि बल्लेबाज जोर से मारने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे मौके बनते हैं। अगर हम सटीक होने, आक्रामक बने रहने और इसे पूरी तरह से आजमाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो गेंदबाजों का दिन कभी न कभी जरूर आएगा। यही वह चीज है, जिसे प्रशंसक देखना चाहते हैं और मुझे यकीन है कि बहुत से लोग इसे देखेंगे।" recent visitors 53

मेरा मन बहुत दुखी है, हर भारतीय गुस्से से उबल रहा है, उन्होंने कहा कि आतंकियों ने पहलगाम में कुंठित कायरता दिखाई: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहलगाम में हए आतंकी हमले के बाद दुनियाभर के लोगों ने संवेदना व्यक्त की है। मेरा मन बहुत दुखी है, हर भारतीय गुस्से से उबल रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने पहलगाम में कुंठित कायरता दिखाई है। दुश्मनों को देश का विकास रास नहीं आ रहा है। आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनपर बेहद कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ पूरी दुनिया भारत के साथ है और पहलगाम के पीड़ितों को न्याय मिलेगा। मासिक रेडियो कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान का जिक्र किया और कहा कि देश के हर एक नागरिको को पर्यावरण की ओर ध्यान देना चाहिए और कम से कम अपनी मां के नाम पर एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि अहमदाबाद में ही कम से कम 70 लाख पेड़ लगाए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आतंक के सरपरस्तों की हताशा साफ दिख रही है। उनकी कायरता नजर आ रही है। जब कश्मीर में शांति लौट रही है और स्कूल कॉलेजों के निर्माण में एक तेजी है। लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है तो दुश्मनों को यह सब रास नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा का आतंक के आका यही चाहते हैं कि कश्मीर फिर से तबाह हो और इसीलिए इतनी साजिशें की जा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनौती का सामना संकल्पों को मजबूत करके करना है। मैं पीड़ित परिवारों को भरोसा देता हूं कि न्याय मिलकर रहेगा। हमले के दोषियों को कठोरतम सजा दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व ISRO चीफ और वैज्ञनिक के कस्तूरीरंगन को भी श्रद्धांजलि दी। शुक्रवार को उनका निधन हो गया था। उन्होंने कहा कि कस्तूरीरंगन पूरी जिंदगी देश की निस्वार्थ सेवा करते रहे। देश के निर्माण के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। recent visitors 53