जन-सामान्य को जल के महत्व की दी जा रही है जानकारी, जागरूकता के साथ जल संरचनाओं की हो रही है सफाई

भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में जन-भागीदारी के साथ आम नागरिकों को जल के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। इसी के साथ जल संरचनाओं की सफाई कार्य में अधिक से अधिक जन-भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नन्हेश्वर धाम कुंड के आसपास साफ-सफाई खरगौन जिले में मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में विकासखंड भगवानपुरा के ग्राम नन्हेश्वर धाम में बने कुंड की गाद निकालने के लिये स्वच्छता अभियान चलाया गया है। जन-अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री विजय शर्मा ने बताया कि 30 जून तक चलने वाले अभियान में कुंड की गाद निकाल कर जल स्रोत की सफाई की जा रही है। सभी को जल को सहेजने की शपथ भी दिलाई गई। गोमुख से नदी का साफ-स्वच्छ निर्मल जल बहे यह सन्देश ग्रामीणों को दिया गया। जल स्त्रोतों के आसपास हैंडपम्प पर पानी के सॉफ्ट गड्डे भी बनाये जा रहे है। अभियान को इस तरह से नियोजित किया जा रहा है, कि इसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा सके। जल गंगा संवर्धन अभियान में संगोष्ठी श्योपुर जिले में कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। ग्राम पंचायत अगरा में जल गंगा संवर्धन पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें जलाशयों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण की चर्चा की गई। साथ ही जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। श्योपुर जिले में तालाबों, बावड़ियों और नहरों की साफ-सफाई को प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। अभियान में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन कार्य रायसेन जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य तेजी से किये जा रहे हैं। अभियान में जन-सामान्य को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर जल संरचनाओं के संरक्षण किये जाने की शपथ भी दिलाई जा रही है। बाड़ी जनपद के ग्रामों में स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा जल स्त्रोतों के आसपास साफ-सफाई की गई और ग्रामीणों को जल संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया। जिले के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों को शिक्षकों द्वारा जल संरक्षण व जल संचयन हेतु शपथ दिलायी गई। शालाओं में “जल शपथ“ का आयोजन किया गया। नूरगंज विद्यालय में “जल ही जीवन है“ और “जल संरक्षण“ विषय पर स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा चित्र बनाकर नागरिकों को जल संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया गया। रिठौरा तालाब की सफाई का कार्य मुरैना जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में नदी-नालों की साफ-सफाई कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्राम पंचायत रिठौरा में बाबा वाला तालाब की साफ-सफाई का कार्य किया गया। यह कार्य जल संसाधन विभाग ने जन-भागीदारी से किया। विश्व पृथ्वी दिवस पर तालाब गहरीकरण से दिया जल संरक्षण का संदेश रतलाम जिले में जल गंगा सवर्धन अभियान में विश्व पृथ्वी दिवस पर जावरा में श्रीमती सरोज वेलफेयर सोसायटी ने ग्राम तालाब गहरीकरण का कार्य किया। जल गंगा संवर्धन अभियान में सरपंच श्रीमती तेजूबाई पटेल ने कहा कि जल ही जीवन है, हमें इसे बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। अभियान में ग्रामीणों ने मिलकर श्रमदान करते हुए तालाब गहरीकरण किया। अभियान में जन-सामान्य को जल चौपाल लगाकर पानी के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभ्रियान में किये जा रहे हैं विभिन्न कार्य उज्जैन जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में उज्जैन तहसील की ग्राम पंचायत मंगरोला में हैंडपंप और कुंए के जल के पुनर्भरण के लिये समीप गड्डे का निर्माण किया गया। इसी प्रकार महिदपुर तहसील के ग्राम सरवनखेड़ा में स्थित आंगनवाडी भवन पर रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाया गया। ग्राम पंचायत बरूखेड़ी में भी हैंडपंप के समीप सोक-पिट का निर्माण करवाया गया। खेत तालाब बना आय का जरिया नरसिंहपुर जिले के कई ऐसे किसान हैं, जो राज्य शासन की खेत-तालाब योजना का लाभ लेकर अपने खेत में तालाब बना रहे हैं और अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। रोजगार गारंटी स्कीम (मनरेगा) से ग्रामीण क्षेत्र के किसानों का जीवन बदल रहा है, जो जरूरत के समय रोजगार मिलने के साथ ही आजीविका के साधनों को भी मजबूत कर रहा है। ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में रोजगार के वैकल्पिक साधन भी निर्मित हो रहे हैं। जिले में किसानों को तालाबों के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के संरक्षण के बारे में शपथ दिलायी जा रही है। recent visitors 56

भारत ने अफगानिस्तान को 4.8 टन टीके भेजे, स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मदद के लिए भारत का आभार व्यक्त किया

काबुल भारत ने अफगानिस्तान को 4.8 टन टीके दान किए। इन टीकों में रेबीज, टेटनस, हेपेटाइटिस बी और इन्फ्लूएंजा से लड़ने के लिए टीके शामिल हैं। अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को, इस मदद के लिए भारत का आभार व्यक्त किया। मंत्रालय के बयान में कहा गया, "अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय को रेबीज, टेटनस, हेपेटाइटिस बी और इन्फ्लूएंजा से निपटने में मदद करने के लिए भारत से टीकों की एक महत्वपूर्ण खेप मिली है।" इसमें कहा गया, "सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के नेतृत्व ने उदार समर्थन के लिए भारत को धन्यवाद दिया और इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे देश भर में हजारों लोगों की जान बच सकती है।" मंत्रालय ने आगे कहा कि टीकों के दान से अफगानिस्तान को मदद मिलेगी, जहां लंबे समय से अस्थिरता और आर्थिक चुनौतियों के कारण जरूरी मेडिकल सप्लाई तक पहुंच सीमित बनी हुई है। जनवरी में, दुबई में विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्तकी के साथ बैठक हुई थी। इस दौरान भारत ने इस्लामी राष्ट्र को मानवीय सहायता जारी रखने का वचन दिया, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में भौतिक सहायता और शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए सहायता शामिल थी। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, विदेश सचिव ने अफगान लोगों के साथ भारत की ऐतिहासिक मित्रता और दोनों देशों के बीच मजबूत लोगों के बीच संपर्क को रेखांकित किया। उन्होंने अफगान लोगों की विकास संबंधी जरूरतों को तत्काल पूरा करने के लिए भारत की तत्परता से अवगत कराया। अफगान मंत्री ने बैठक के दौरान अफगानिस्तान के लोगों के साथ संपर्क बनाए रखने और उन्हें समर्थन प्रदान करने के लिए भारतीय नेतृत्व की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया। इस वर्ष की शुरुआत में विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "विकास गतिविधियों की मौजूदा जरुरत को देखते हुए, यह फैसला लिया गया कि भारत चल रहे मानवीय सहायता कार्यक्रम के अलावा, निकट भविष्य में विकास परियोजनाओं में शामिल होने पर विचार करेगा।" विदेश मंत्रालय के अनुसार, जनवरी तक भारत ने अफगान लोगों की जरूरतों को तेजी से पूरा करते हुए पिछले कुछ वर्षों में 50,000 मीट्रिक टन गेहूं, 300 टन दवाइयां, 27 टन भूकंप राहत सहायता, 40,000 लीटर कीटनाशक, 100 मिलियन पोलियो खुराक, 1.5 मिलियन कोविड वैक्सीन खुराक, नशा मुक्ति कार्यक्रम के लिए 11,000 यूनिट स्वच्छता किट, 500 यूनिट सर्दियों के कपड़े और 1.2 टन स्टेशनरी किट सहित कई खेपें भेजी हैं। recent visitors 51

पहलगाम आतंकी हमले के बाद टूरिस्ट के लौटने में बढ़ोतरी हुई, 6 घंटे में 3337 तो सिर्फ फ्लाइट से लौटे

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बड़े आतंकी हमले टूरिस्ट का लौटना शुरू हो गया है। जम्मू कश्मीर के श्रीनगर हवाई अड्‌डे से एक दिन पहले 10 हजार लोगों ने आवाजाही की थी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद टूरिस्ट के लौटने में बढ़ोतरी हुई है। नागर विमान मंत्री राममोहन नायडू के अनुसार सिर्फ छह घंटे में 3,337 यात्री श्रीनगर हवाई अड्‌डे से अपने गंतव्यों को रवाना हुए हैं। पहलगाम आतंकी हमले में कुल 28 टूरिस्ट की मौत हुई है। इसमें सर्वाधिक पांच लोग महराष्ट्र के हैं। दूरिस्ट के जम्मू-कश्मीर से लौटने पर राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी है। घाटी से मेहमानों को जाता देखना दुखद है। पर्यटकों को इस तरह वापस जाते देख मेरा दिल टूट रहा लेकिन हम यह भी अच्छी तरह समझते हैं कि लोग क्यों जाना चाहते हैं। हम डीजीसीए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था करने के लिए काम कर रहे हैं। टूरिज्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका पहलगाम आतंकी हमले के बाद होटल इंडस्ट्री को तगड़ा झटका लगा है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के नासिर शाह ने बताया कि मंगलवार रात से ही टूरिस्ट होटलों की एडवांस बुकिंग कैंसल करा रहे हैं। होटलों और टूर ऑपरेटरों के पास कैंसल कराने वाले फोन कॉल का तांता लगा है। उन्होंने कहा कि समर सीजन में ऐसे हालात को काफी नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि गुलमर्ग के खैबर में एक रात का किराया 70,000 रुपये और श्रीनगर की फाइव स्टार प्रॉपर्टी में वन नाइट स्टे की कीमत 30,000 रुपये से 50,000 रुपये के बीच है। कैंसल होने से होटल संचालकों का सीधा नुकसान हो रहा है। टूरिस्टों के अचानक लौटने से भी होटल इंडस्ट्री की टेंशन बढ़ गई है। लगातार रद्द हो रही हैं बुकिंग श्रीनगर के एक ट्रैवल ऑपरेटर ऐजाज अली ने कहा कि हम जानते हैं कि कश्मीर में पर्यटक सुरक्षित हैं, लेकिन यहां ऐसी घटना होने के बाद, उनसे यहीं रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती। लगातार बुकिंग रद्द की जा रही है, करीब 80 प्रतिशत बुकिंग रद्द हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने तक के पैकेज रद्द किये जा रहे हैं। अली ने कहा कि बरसों की मेहनत पर पानी फिर गया। पर्यटकों को कश्मीर फिर से लाने के लिए बहुत कुछ करना होगा। recent visitors 47

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जर्मनी के इनएविया एविएशन के मैनेजिंग पार्टनर माइकल हॉवेल ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जर्मनी के इनएविया एविएशन के मैनेजिंग पार्टनर श्री माइकल हॉवेल ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। उन्होंने प्रदेश में विमानन क्षेत्र में अत्याधुनिक एमआरओ (मेंटेनेंस रिपेयर एंड ऑपरेशंस) सुविधा की शुरुआत करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा की। इनएविया एविएशन समूह, सेवा मुक्त विमानों को रिसाइकल करके उन्हें इच्छुक एयरलाइंस को प्रदान करने के क्षेत्र में गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रदेश में आरंभिक रूप से 500 करोड रुपए के निवेश का इच्छुक है। चरणबद्ध रूप से 2000 करोड़ रुपए तक का निवेश किया जाएगा। एमआरओ के अंतर्गत कंपोनेंट निर्माण, सीएनडी चैक और इंजन मरम्मत भी शामिल होंगे।   recent visitors 60

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- सैनिक कल्याण कार्यों में सेवा और सम्मान का भाव रहना चाहिए

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सैनिक कल्याण कार्यों में सेवा और सम्मान का भाव रहना चाहिए। इसी के अनुरूप सैनिक कल्याण कार्यों का विस्तार और स्वरूप निर्धारित किया जाना चाहिए। कार्य संचालन में सैनिकों के प्रति सम्मान और सेवा के भाव और भावनाएं आदर्श रूप में प्रतिध्वनित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सैनिकों के लिए किए जाने वाले निर्माण कार्य की डिजाइनिंग, आकार और सुविधाएं पूर्व सैनिकों की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप बनाई जाए। कार्य की समय सीमा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्यपाल श्री पटेल राजभवन में समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति की 24वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री जे. एन कंसोटिया राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता, जनरल आफिसर कमांडिंग मध्य भारत एरिया लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत और जनरल ऑफिसर कमांडिंग पश्चिम मध्यप्रदेश सब एरिया मेजर जनरल सुमित कबथियाल उपस्थित थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा है कि सैनिक कल्याण संबंधी भवनों और निर्माण कार्यों की डिजाइनिंग में उपयोगकर्ता और आगंतुकों की जरूरतों के साथ सामंजस्य पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण विश्राम गृह भोपाल के नवीनीकरण का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। प्रस्ताव केन्द्र सरकार को समय सीमा में भेजना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर के सैनिक विश्राम गृहों के नवीनीकरण की रूपरेखा पर अपर मुख्य सचिव गृह, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव और सचिव वित्त की समिति द्वारा प्रस्ताव का परीक्षण करने के निर्देश दिए है। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार ने शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली अनुदान राशि में वृद्धि की है। अब शहीद के माता-पिता को अनुदान की राशि 10 हजार रुपए दी जाएगी। मध्यप्रदेश के निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सशस्त्र सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई है। बैठक में पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर खड़की पुणे को प्रदेश के मूल निवासी दो सैनिक को दवाई और देख-रेख के लिए प्रति पूर्व सैनिक एक लाख रुपए की राशि को बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। वीर नारी पुत्री के विवाह के लिए अनुदान राशि को 45 हजार से बढ़ाकर 1 लाख करने का निर्णय किया गया है। इस अवसर पर समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति सदस्य मेजर जनरल सेवानिवृत्त निश्चय राउत, मेजर जनरल सेवानिवृत्त पी.के. त्रिपाठी, संयुक्त संचालक केंद्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल श्री प्रशांत मिश्रा एवं संचालक राज्य सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त श्री अरुण नायर सहित प्रशासन और सेना के अधिकारी मौजूद थे। recent visitors 50

आतंकवादियों को ऑन द स्पॉट मार दिया जाना चाहिए, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो, जान गंवाने वालों के परिजनों की मांग

पहलगाम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके अलावा, 17 लोग हमले में घायल हो गए। दहशतगर्दों ने पहलगाम घूमने आए पर्यटकों को धर्म पूछकर गोली बरसाई। इस हमले से देशभर में गुस्सा है और जल्द बदला चाहता है। पीड़ितों के परिजनों ने भी इस नृशंस कृत्य के दोषियों के लिए कठोर सजा की मांग की है। हमले में मारे गए नीरज उधवानी के चाचा भगवान दास ने कहा कि आतंकवादियों को ऑन द स्पॉट मार दिया जाना चाहिए, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो। मीडिया से कहा, "आतंकवादी हमले में उनकी मृत्यु हो गई। उनकी पत्नी भी वहां थीं, वह सुरक्षित हैं। वे वहां छुट्टियां मनाने गए थे। हम सरकार से मांग करते हैं कि दोषियों को मार दिया जाए… मैं कहता हूं कि आतंकवादी को, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो, मौके पर ही मार दिया जाना चाहिए।" पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ित अतुल मोने की भाभी राजश्री अकुल ने भी मांग की कि सरकार बिना देरी किए आतंकवादियों को कड़ी सजा दे। आतंकवादियों ने सुशील नथानियल (58) की भी गोली मारकर हत्या कर दी, जो ईस्टर मनाने के लिए अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ जम्मू-कश्मीर गए थे। उनके चचेरे भाई संजय कुमरावत ने 'पीटीआई' को बताया, ''हमने सुशील नथानिएल की पत्नी और बेटे से फोन पर बात की है। उन्होंने हमें बताया कि आतंकवादियों ने सुशील का नाम पूछा और उसे घुटने टेकने के लिए मजबूर किया, फिर उन्होंने उससे कलमा पढ़ने के लिए कहा। जब सुशील ने कहा कि वह कलमा नहीं पढ़ सकते, तो आतंकवादियों ने उसे गोली मार दी।'' उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुमरावत ने कहा, "कश्मीर में कायराना हमला कर 26 निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि यह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बने।" राजनाथ सिंह ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद बुधवार को जम्मू कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। सूत्रों ने बताया कि करीब ढाई घंटे चली बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. के. सिंह शामिल थे। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सैन्य अभियान महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई भी बैठक में शामिल हुए। recent visitors 47

पहलगाम में 26 पर्यटकों के कत्ल पर पूरे देश में उबाल, पूरा कश्मीर गुस्से में बंद, आतंकियों के खिलाफ बोल रहे इमाम: आजाद

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों के कत्ल पर पूरे देश में उबाल है। यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक समेत कई राज्यों के लोगों को आतंकियों ने मजहब पूछकर मार डाला। आतंकियों ने हर उस शख्स को मौत के घाट उतार दिया, जो कलमा नहीं पढ़ पाए और अपना धर्म इस्लाम से अलग बताया। कश्मीर में लंबे समय बाद ऐसा हुआ, जब पर्यटकों पर आतंकवादियों ने इस तरह हमला कर दिया। इससे कश्मीर में टूरिजम इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा सरकार की ओऱ से बीते एक दशक में जो भरोसा कायम करने की कोशिश हुई है, उसे भी बौखलाए आतंकियों ने कमजोर करने की कोशिश की है। इस बीच पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने हमले की निंदा की है तो वहीं यह भी कहा कि कश्मीर अब काफी बदल चुका है। उन्होंने कहा कि अब कश्मीर में लोगों को आतंकवादियों का कोई डर नहीं है। सब लोग खुलकर उनकी निंदा करते हैं। गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'पहले कश्मीर में ऐसी घटनाओं की निंदा किया जाना दुर्लभ बात थी। ऐसा शायद इसलिए होता था क्योंकि कश्मीर के लोगों को उग्रवादियों का डर होता था कि यदि उनके खिलाफ बोले तो जान खतरे में आ जाएगी। लेकिन ऐसा पहली बार मैं देख रहा हूं कि आतंकी हमले से पूरे कश्मीर में लोग सदमे और शोक में है। हर गांव, जिला और शहर में बंद का आयोजन किया गया है। सन्नाटा पसरा है।' गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एक समय तो ऐसा था कि जम्मू-कश्मीर की कुछ मस्जिदों से उग्रवादियों के समर्थन में भाषण दिए जाते थे। उन्हें सहयोग करने की माइक पर अपील की जाती थी। लेकिन पहली बार देख रहा हूं कि मस्जिदों से इमाम आतंकियों के खिलाफ बोल रहे हैं। वे आतंकियों की खुलकर निंदा कर रहे हैं। बता दें कि हमले को लेकर गुलाम नबी आजाद ने दुख जताया है। उन्होंने मंगलवार को ही कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार के दौर में आतंकी घटनाओं पर लगाम कसने में मदद मिली है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के हालात भी काफी बदले हैं। उनका कहना था कि यह हमला देश और जम्मू-कश्मीर के बीच कायम हुए भरोसे को तोड़ने वाला है। recent visitors 50