कानपुर एयरपोर्ट पर एक 72-सीटर हवाई जहाज में बम रखा गया, अफवाह से मचा हड़कंप, दो घंटे की हुई जांच

कानपुर कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट पर शुक्रवार को बम की अफवाह से हड़कंप मच गया। घटना तब हुई जब किसी सिरफिरे ने फोन करके एयरपोर्ट अधिकारियों को जानकारी दी कि एयरपोर्ट पर एक 72-सीटर हवाई जहाज में बम रखा गया है। यह जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई। एयरपोर्ट पर तुरंत सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया और एयरपोर्ट के हर कोने को खंगालने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कानपुर एयरपोर्ट पर सामान्यतः 72 सीटर हवाई जहाजों का संचालन नहीं होता है, जिससे बम की सूचना के होने की संभावना पर सवाल उठने लगे। हालांकि, पूरे एयरपोर्ट परिसर को सुरक्षा बलों ने सर्च किया, ताकि किसी भी प्रकार के खतरे से बचा जा सके। बम की अफवाह को लेकर पुलिस ने चकेरी थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। इसी बीच, पुलिस ने मामले में सख्ती से कार्रवाई करते हुए सिरफिरे की पहचान करने के लिए मोबाइल सर्विलांस का सहारा लिया। सर्विलांस के जरिए पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे मोहित नाम के किसी अज्ञात व्यक्ति ने टर्मिनल ड्यूटी सेल न्यू चकेरी एयरपोर्ट पर फोन किया और कहा कि कानपुर एयरपोर्ट पर 72 सीटर फ्लाइट में बम है। इस सूचना पर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट कानपुर नगर और पुलिस उपायुक्त (पूर्वी), अपर पुलिस उपायुक्त (पूर्वी), सहायक पुलिस आयुक्त चकेरी और कमिश्नरेट कानपुर नगर को अवगत कराया गया और तत्काल प्रभाव से थाना चकेरी पुलिस बल व सर्विलांस टीम की मदद से त्वारित कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि कॉल करने वाले व्यक्ति को दो घंटे के अंदर हिरासत में लिया गया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। recent visitors 66

यमुना जल समझौते के संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लेंगे बैठक

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा शनिवार (19 अप्रेल) से जयपुर, सीकर, झुंझुनूं और चूरू के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान श्री शर्मा आमजन से संवाद करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों के संबंधित विषयों पर अधिकारियों की बैठकें लेंगे। श्री शर्मा शनिवार को सड़क मार्ग से टांटियावास, चौमूं, गोविन्दगढ़, सरगोठ, रींगस, पलसाना, बाजौर होते हुए सीकर सर्किट हाउस पहुंचेंगे। यहां वे जनसुनवाई करेंगे और अधिकारियों की बैठक भी लेंगे। इसके पश्चात वे धोद, लक्ष्मणगढ़ होते हुए फतेहपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री रविवार (20 अप्रेल) को मण्डावा और मुकुन्दगढ़ के रास्ते झुंझुनूं सर्किट हाउस पहुंचकर जनसुनवाई करेंगे और अधिकारियों की बैठक लेंगे। यहां से वे गुढ़ा मोड़, बगड़, चिड़ावा के रास्ते पिलानी पहुंचेंगे। सोमवार (21 अप्रेल) को श्री शर्मा बिट्स पिलानी में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। यहां से वे हवाई मार्ग से मलसीसर पहुंचेंगे, जहां पीने के पानी के डैम का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे चूरू पुलिस लाईन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। चूरू से मुख्यमंत्री हिण्डाला फार्म हाउस, प्रेमपुरा (सीकर) पहुंचेंगे, जहां वे स्व. ईश्वर राम हिण्डाला की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद वे चौरू, फागी (जयपुर) पहुंचेंगे और भक्त शिरोमणी श्री धन्ना भगत की 610वीं जयन्ती महोत्सव में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री लेंगे संयुक्त टास्क फोर्स की बैठक मुख्यमंत्री श्री शर्मा 20 अप्रेल को पिलानी में यमुना जल समझौते की डीपीआर को लेकर गठित संयुक्त टास्क फोर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान वे नक्शे एवं अलाइमेंट की डिजाइन पर विस्तृत चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि यमुना जल समझौते के प्रथम चरण में ताजेवाला हैड से प्रदेश में जल लाने के लिए प्रवाह प्रणाली हेतु संयुक्त डीपीआर बनाने पर सहमति बनी है। डीपीआर के लिए गठित संयुक्त टास्क फोर्स की पहली बैठक 7 अप्रेल को यमुनानगर में हो चुकी है।   recent visitors 55

संजय निरुपम ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर ट्रस्टों के समानांतर वक्फ बोर्ड को देखने की कोशिश की, जो गलत है

मुंबई शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सुप्रीम कोर्ट में वक्फ बोर्ड से संबंधित सुनवाई पर शुक्रवार को अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर ट्रस्टों के समानांतर वक्फ बोर्ड को देखने की कोशिश की, जो "गलत" है। निरुपम ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सवाल किया कि क्या मंदिर ट्रस्टों में गैर-हिंदुओं को सदस्य बनाया जा सकता है। उनका कहना है कि मंदिर प्रबंधन समितियां और मस्जिद की इंतजामिया कमेटियां समान हैं। शिवसेना नेता ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट का यह दृष्टिकोण संविधान में दी गई धार्मिक स्वतंत्रता का गलत विश्लेषण करता है। मंदिर ट्रस्ट में गैर-हिंदुओं को शामिल करने का कोई कानून या परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड कोई धार्मिक संगठन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को वक्फ बोर्ड में नई नियुक्तियों और वक्फ संपत्तियों के डीनोटिफिकेशन पर 5 मई को होने वाली अगली सुनवाई तक रोक लगा दी थी। निरुपम ने कहा कि कुछ लोग गलतफहमी फैला रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जो गलत है। जब कोई मामला कोर्ट में विचाराधीन होता है, तो सरकार उस पर कोई कदम नहीं उठाती। इसे "सब ज्यूडिस" यानी न्यायिक प्रक्रिया में होने वाला मामला कहते हैं। केंद्र सरकार को सात दिन के भीतर कोर्ट में जवाब देना है। निरुपम ने जोर देकर कहा कि वक्फ कानून बनाते समय संविधान में दी गई धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित नहीं किया गया। बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार स्पष्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ के नाम पर कुछ लोग लूट मचा रहे हैं और इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड का उद्देश्य गरीब मुस्लिम विधवाओं और बच्चों को लाभ पहुंचाना है, लेकिन इसका दुरुपयोग हो रहा है। केंद्र सरकार अदालत में इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करेगी। निरुपम ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने की बजाय संवैधानिक दायरे में रहना चाहिए।" recent visitors 59

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा- ईडी द्वारा चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उनकी संलिप्तता को दर्शाता

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस और गांधी परिवार पर जुबानी हमले किए। उन्होंने कहा कि इस मामले में ईडी द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उनकी संलिप्तता को दर्शाता है। सीएम विष्णु देव साय ने गांधी परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि अब उन्हें यह मान लेना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। ऐसे मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिए, न कि सड़क पर। वैसे भी सबको यह पता है कि नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार अभी भी जमानत पर है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''करप्शन और कांग्रेस, ये पर्यायवाची शब्द जैसे हैं। नेशनल हेराल्ड मामले में भी जिस तरह के संस्थागत घोटाले और धोखाधड़ी किए गए, उसका सच जनता के सामने आ चुका है। मामले में ईडी द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उनकी संलिप्तता को दर्शाता है। भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के काम में बाधा डालने की कोशिश या इसके विरुद्ध सड़क पर आना यह साबित करता है कि कोर्ट में इनके पास अपनी सफाई में कहने को कुछ नहीं है। कांग्रेस को यह पता है कि आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य पुख्ता हैं।'' सीएम विष्णु देव साय ने आगे लिखा, ''गांधी परिवार को अब यह मान लेना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। ऐसे मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिए, न कि सड़क पर। वैसे भी सबको यह पता है कि नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार अभी भी जमानत पर है। उन्हें कानूनी उपचार का सहारा लेना चाहिए। अनावश्यक प्रोपेगेंडा करने से कुछ हासिल होने वाला नहीं है।'' बता दें कि नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस मामले को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने है। दोनों दलों के बीच वार-पलटवार भी देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही है। दूसरी तरफ भाजपा, कांग्रेस को घेर रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव ने मामले को लेकर कांग्रेस को फिर से घेरा। recent visitors 54

सीलमपुर हत्या मामला: CM रेखा गुप्ता ने कहा, जल्द पकड़े जाएंगे आरोपी, मृतक परिवार के साथ होगा पूरा न्याय

नई दिल्ली उत्तर पूर्वी दिल्ली में न्यू सीलमपुर के जे-ब्लॉक में 17 वर्षीय एक लड़के की बेरहमी से चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद से आरोपी फरार हैं। इस घटना पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मृतक के परिवार के साथ पूरा न्याय होगा। उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीलमपुर के जे-ब्लॉक में 17 वर्षीय एक लड़के की गुरुवार शाम को चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मृतक की पहचान उसी इलाके के कुणाल के रूप में हुई है। नाबालिग लड़के पर गुरुवार शाम करीब 7.38 बजे हमला हुआ था। सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए सीलमपुर में युवक की हत्या पर कहा, "मैंने खुद पुलिस कमिश्नर से बात की है। कुणाल पर चाकुओं से हमला हुआ था। परिवार के लोग गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या के दोषियों को पुलिस गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। हमें पूरी उम्मीद है कि पुलिस दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर लेगी। मृतक के परिवार के साथ पूरा न्याय होगा। इसमें किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह बताया था कि चाकू घोंपने की घटना की सूचना सीलमपुर थाने को मिली थी। इसके बाद तुरंत पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, तब तक कुणाल को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद, गहन जांच के लिए क्राइम टीम को भी मौके पर भेजा गया था। सीलमपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें तैनात की हैं। वरिष्ठ अधिकारी जांच की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। हत्या के पीछे का मकसद अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। परिजनों की मांग है कि आरोपियों को फांसी होनी चाहिए। वे मांग कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे। recent visitors 43

ऑनलाइन होगा सारा डाटा, एक क्लिक में सीधे खाते में आएंगे पैसे, अब नहीं रुकेगी बच्चों की पढ़ाई!

कानपुर बाल सेवा योजना का पोर्टल बनाया जा रहा है। सभी डाटा ऑनलाइन हो जाएगा। अभी मैनुअल तरीके से लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जाती है। डाटा ऑनलाइन होने पर लखनऊ मुख्यलाय से प्रदेशभर के सभी लाभार्थियों के खाते में एक साथ धनराशि भेजने की सुविधा रहेगी। पूरी व्यवस्था पारदर्शी हो जाएगी। यह सुविधा इसी माह के आखिर तक चालू करने की तैयारी है। बाल सेवा योजना और स्पांसरशिप योजना का ब्योरा अभी तक ऑफलाइन है। इस कारण मैनुअल तरीके से लाभार्थियों के खातों में धनराशि भेजी जाती है। इसके लिए अलग-अलग बिल बनाने पड़ते हैं। डाटा संग्रह में भी दिक्कत रहती है। लाभार्थी के बारे में किसी तरह की जानकारी में काफी समय लगता है। इसी माह के आखिर तक बन जाएगा पोर्टल अब इन दोनों योजना का इसी माह के आखिर तक पोर्टल बन जाएगा। इस पर सभी डाटा अपलोड होगा। बाल सेवा योजना में शहर में 189 और स्पांरशिप योजना में 1075 लाभार्थी हैं। पिता या मां अथवा दोनों के निधन पर बच्चों को पढ़ाई के लिए धनराशि दी जाती है। बाल सेवा योजना में ढाई हजार और स्पांसरशिप योजना में चार हजार रुपये प्रतिमाह पढ़ाई के लिए दिए जाते हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह का कहना है कि इन दोनों योजना का पोर्टल इसी माह तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद कई तरह की दिक्कतें दूर हो जाएंगी। डीएम ने पात्र बच्चे चिह्नित करने के लिए कहा जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न हो। किसी भी बच्चे के पिता, मां या दोनों के निधन के बाद पढ़ाई प्रभावित हुई है तो ऐसे बच्चे चिह्नित किए जाएं। बीएसए और डीआइओएस को पत्र लिखकर ऐसे बच्चे चिह्नित करने के लिए कहा है जिनके पिता या मां का निधन होने पर वह पढ़ाई न कर पा रहे हो। इन्हें इन दोनों योजनाओं के तहत पढ़ाई के लिए धनराशि दिलाई जाएगी। recent visitors 47

वक्फ यह संवैधानिक कानून है, धार्मिक नहीं, यह मुल्क का कानून है: मुख्तार अब्बास नकवी

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को वक्फ कानून का विरोध करने वालों पर तंज कसा। उन्होंने कहा है कि वक्फ कानून किसी मजहब का कानून नहीं है। भाजपा नेता ने वीडियो बयान में कहा कि वक्फ की लूट पर वैधानिक छूट चाहने वाली लूट की लंपट लामी लामबंद हुई है। उन्होंने कहा कि वक्फ कानून धार्मिक कानून नहीं है। यह संवैधानिक कानून है, यह मुल्क का कानून है। यदि आप मुल्क के कानून में भी मजहब के हिसाब से एंट्री और नो एंट्री का बोर्ड लगाएंगे, तो यह न समाज के लिए अच्छा है और न ही संवैधानिक सिद्धांत के लिए अच्छा है, बल्कि समाज के बिखराव और टकराव की भावनाओं को बढ़ाने वाला है। उन्होंने आगे कहा कि अफसोस की बात है कि कुछ लोग हर सांप्रदायिक फसाद में सियासी मफाद की तलाश करते हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ का जो संशोधन हुआ है, यह धार्मिक आस्था के संरक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था के सुधार का है। यह मजहब का नहीं, मुल्क का कानून है। बता दें कि मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को वक्फ कानून को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस पार्टी पर जुबानी हमला बोला था। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए ममता सरकार पर आरोप लगाया था कि वह राज्य में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा को नजरअंदाज कर रही हैं और क्रिमिनल-कम्युनल-क्रूर कारीगरों के हाथों की कठपुतली बन चुकी हैं। नकवी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर भी जुबानी हमला बोला था। नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद कांग्रेस की ओर से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर भी नकवी ने टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस कुनबे की करतूतों को क्रांति का ताबूत बनाकर पेश करने की कोशिश कर रही है। यह जो कार्रवाई हो रही है, वह किसी राजनीतिक द्वेष का हिस्सा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार पर आधारित वैधानिक प्रक्रिया है। कोर्ट ने पहले ही इस पर निर्देश दिए हुए हैं। recent visitors 53