चांदी की कीमत 96,000 रुपये प्रति किलो पहुंची, सोना 1100 रुपये बढ़कर 98,983 रुपये प्रति 10 ग्राम

 इंदौर और दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना 1100  रुपये की बड़ी बढ़त के साथ 98,983 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। दिल्ली में गोल्ड में ऐतिहासिक बढ़त चांदी 1,900 रुपये उछलकर 99,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का पिछला बंद भाव 96,450 रुपये था। इस साल की शुरुआत में यानी 1 जनवरी 2025 को सोने का भाव 79,390 रुपये था, जो अब तक 18,710 रुपये या करीब 23.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर चुका है। क्यों आ रही है सोने में तेजी यह तेजी अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध बढ़ने, अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद के चलते आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 3,318 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। वहीं, हाजिर चांदी भी करीब दो प्रतिशत की बढ़त के साथ 32.86 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। इंदौर में भी सोना मजबूत इंदौर के स्थानीय सर्राफा बाजार में भी बुधवार को सोने और चांदी की मांग में इजाफा देखने को मिला। व्यापारियों के अनुसार मंगलवार की तुलना में बुधवार को ग्राहकों की संख्या और खरीदारी दोनों में बढ़ोतरी हुई। इंदौर में सोने का औसत भाव 93,150 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं चांदी 97,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी के सिक्के का भाव 1,100 रुपये प्रति नग दर्ज किया गया। निवेशकों की नजर एक्सपर्ट का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति और आर्थिक आंकड़ों के कारण आने वाले समय में सोने-चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर आने वाले बयानों और आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, डिजिटल माध्यमों जैसे ऑनलाइन गोल्ड ईटीएफ, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड म्युचुअल फंड्स में भी निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा दौर में सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग और बढ़ सकती है। कुल मिलाकर वैश्विक हालात और निवेशकों की सोच में बदलाव के चलते सर्राफा बाजार में सोना और चांदी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। recent visitors 52

मुनीर ने कहा दो कौमी नजरिये को ध्यान में रखकर हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, पाक मुल्क को बनाया

लाहौर पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर ने ओवरसीज पाकिस्तानियों के एक जलसे में मौलानाओं की तरह तकरीरें की है. उनके भाषण में हिन्दू धर्म के प्रति नफरत खूब झलका. उन्होंने इकबाल का जिक्र किया, ओवरसीज पाकिस्तानियों के डॉलर पर लालची निगाह दौड़ायी और कश्मीर-ब्लूचिस्तान की चर्चा छेड़कर विदेशों में कमा रहे पाकिस्तानियों की वफादारी खरीदने की कोशिश की. ओवरसीज पाकिस्तानियों का पहला सालाना जलसा 13-16 अप्रैल 2025 तक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुआ. इस सम्मेलन में असीम मुनीर का संबोधन 16 अप्रैल को हुआ. इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत पाकिस्तान के सभी बड़े नेता मौजूद थे. भारत के दुखद बंटवारे का जिक्र करते हुए जनरल मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान की कहानी अपने बच्चों को जरूर बताएं. ताकि वे पाकिस्तान की कहानी न भूलें. एक बिलियन डॉलर का कर्ज मांगने के लिए वर्ल्ड बैंक के सामने दर्जनों बार हाथ फैला चुके पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने अपनी तकरीर में उसी मुद्दे को उठाया जिसे पाकिस्तानी हमेशा से करते आए हैं. वो मुद्दा था हिन्दुओं से नफरत. पाकिस्तान में 'मुल्ला जनरल' के नाम से सुर्खियां बटोरने वाले असीम मुनीर ने कहा, "हमारे पूर्वजों ने सोचा कि हम जीवन के हर मुमकिन पहलू में हिंदुओं से अलग हैं. हमारे धर्म अलग हैं, हमारे रीति-रिवाज अलग हैं, हमारी परंपराएं अलग हैं, हमारे विचार अलग हैं, हमारी महत्वाकांक्षाएं अलग हैं. यहीं से दो-राष्ट्र सिद्धांत की नींव रखी गई. हम दो राष्ट्र हैं, हम एक राष्ट्र नहीं हैं." मुनीर ने कहा कि, 'इसी दो कौमी नजरिये को ध्यान में रखकर हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, लगातार संघर्ष किया और इस मुल्क को बनाया. इस मुल्क के लिए कुर्बानियां दीं." दो कौमी नजरिये की पैरवी करने वाले मुनीर ये बताना भूल गए कि पाकिस्तान बनने के कुछ सालों बाद ही इससे टूटकर बांग्लादेश कैसे बन गया. जनरल असीम मुनीर विदेशों में कमा रहे पाकिस्तानियों की कमाई को देखकर खूब गदगद दिखे. उन्होंने कहा, "जिस तरह आप अपने मुल्क के लिए योगदान दे रहे हैं, पैसे भेजकर, निवेश कर, अलग-अलग माध्यमों से इससे ये पता चलता है कि आप अपने मुल्क से कितना मोहब्बत करते हैं. प्रवासी पाकिस्तानियों को आइडियोलॉजी का चूरन देते हुए असीम मुनीर ने कहा कि, 'जो ओवरसीज हैं वो एक अलग तहजीब में रहते हैं, लेकिन आप ये कभी मत भूलिए कि आप एक सुपीरियर आइडियोलॉजी से ताल्लुक रखते हैं." असीम मुनीर ने बड़े ही भावुक अंदाज में कहा, "मेरे भाई-बहन, बेटे-बेटियों कृपया पाकिस्तान की इस कहानी को कभी भूलना मत. इसे अपनी आने वाली जेनेरेशन को जरूर बताइएगा. जिससे वह पाकिस्तान के साथ अपने जुड़ाव को महसूस कर सकें. यह कभी कमजोर न हो, चाहें यह तीसरी पीढ़ी हो, चौथी पीढ़ी हो या फिर पांचवीं पीढ़ी. वे जानें कि पाकिस्तान उनके लिए क्या है." पाकिस्तान बनने की कहानी में हिंसा और दंगों की कहानी को दबाते हुए और पूरे इतिहास को शुद्ध मजहबी रंग देते हुए असीम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान कलमे की बुनियाद पर बना है. उन्होंने कहा, "आजतक इंसानियत की तारीख में सिर्फ दो रियासतें हैं जो कलमें की बुनियाद पर बनी हैं. पहली जो थी उसका नाम है रियासत-ए-तैयबा… आज उसको मदीना कहा जाता है. और जो दूसरी रियासत है, वो उसके 1300 साल के बाद अल्लाह ने आपकी (पाकिस्तान) बनाई है, कलमे की बुनियाद के ऊपर." मुनीर ने गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई से प्रभावित फिलिस्तीनियों के प्रति भी समर्थन व्यक्त किया और कहा, "पाकिस्तानियों के दिल गाजा के मुसलमानों के साथ मिलकर धड़कते हैं." बता दें कि तंगहाली और कंगाली के कगार पर पहुंच चुके पाकिस्तान में इस समय ओवरसीज पाकिस्तानी डॉलर भेजकर वहां की इकोनॉमी में ऑक्सीजन देने की कोशिश कर रहे हैं. असीम मुनीर ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान का वही पुराना रोना रोया और इसे पाकिस्तान के गले की नस बताया.   recent visitors 34

देश में बंद हुआ एक और बैंक, जमाकर्ताओं के पैसों का क्या होगा, जानिए RBI ने क्यों रद्द किया लाइसेंस

अहमदाबाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 16 अप्रैल, 2025 को अहमदाबाद स्थित कलर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक (Colour Merchants Co Operative Bank) का लाइसेंस रद्द कर दिया। यह निर्णय बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति और कमाई की संभावनाओं की कमी के कारण लिया गया है। आरबीआई ने कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है और यह बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहा है। जमाकर्ताओं को मिलेगी बीमा सुरक्षा लाइसेंस रद्द होने के बाद, बैंक बुधवार को अपने सभी बैंकिंग कार्य बंद कर देगा। बैंकिंग कारोबार में जमा स्वीकार करना और उसका पुनर्भुगतान शामिल होता है। परिसमापन की प्रक्रिया शुरू होने पर, डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत जमाकर्ताओं को उनकी जमा राशि पर अधिकतम ₹5 लाख तक की बीमा राशि प्राप्त होगी। 98.51% जमाकर्ताओं को पूरी राशि मिलने की उम्मीद आरबीआई द्वारा जारी बयान के अनुसार, बैंक के द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, लगभग 98.51% जमाकर्ता DICGC बीमा के अंतर्गत अपनी पूरी जमा राशि पाने के हकदार हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अधिकांश जमाकर्ताओं की रकम बीमा के दायरे में आ जाती है। अब तक 13.94 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका DICGC पहले ही 31 मार्च 2024 तक बैंक के जमाकर्ताओं को ₹13.94 करोड़ का भुगतान कर चुका है। इससे यह स्पष्ट है कि बीमा प्रणाली सक्रिय रूप से कार्य कर रही है और जमाकर्ताओं की सुरक्षा प्राथमिकता है। जनहित में लिया गया फैसला आरबीआई ने स्पष्ट किया कि बैंक की वर्तमान स्थिति उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक है। अगर बैंक को आगे कारोबार जारी रखने की अनुमति दी जाती, तो इससे जनहित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। इसलिए, बैंकिंग कार्यों को समाप्त करना आवश्यक हो गया था। यह निर्णय भारत के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में नियामक निगरानी की गंभीरता और जमाकर्ताओं की सुरक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। recent visitors 50

खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- 18-19 अप्रैल को अवकाश के बावजूद सभी उपार्जन केन्द्रों पर होगी गेहूं की खरीदी

भोपाल प्रदेश के अन्नदाताओं की सुविधा और हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब सभी उपार्जन केन्द्रों पर आगामी 18 और 19 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद गेहूं की खरीदी का कार्य निर्बाध रूप से जारी रहेगा। इसके लिए किसान स्लॉट बुक करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि यह निर्णय किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि उपार्जन प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। किसान इन तिथियों में स्लॉट बुक कर बिना किसी परेशानी के गेहूं विक्रय कर सकेंगे। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कलेक्टरों को दिए गए निर्देश खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने समस्त जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में उपार्जन केन्द्रों की निरंतर मॉनीटरिंग करें। उपार्जन कार्य से जुड़े कर्मचारियों, अधिकारियों और एजेंसियों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि किसानों को कतारों में लंबा इंतजार न करना पड़े, तुलाई, रख-रखाव, भुगतान और परिवहन की सभी व्यवस्थाएँ समय पर और पारदर्शिता से हों। किसानों को न हो कोई असुविधा खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सरकार किसान हितैषी है। यह सुनिश्चित करना हमारा दायित्व है कि किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसलिए अवकाश के दिन भी उपार्जन कार्य जारी रखा जाएगा। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधनों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी उपार्जन केन्द्र से लापरवाही या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।   recent visitors 23

सतना शहर में लगे Boycott Israel Product के पोस्टर, अब चिपकाने वालों को खोज रही पुलिस

 सतना मध्य प्रदेश के सतना में "बॉयकॉट इजराइल प्रोडक्ट्स" के पोस्टर लगाए जाने से शहर में हलचल मच गई है। वार्ड क्रमांक 36 के कई घरों और दुकानों के बाहर यह पोस्टर चस्पा मिले, जिससे स्थानीय रहवासी और जिला प्रशासन दोनों चौंक गए हैं। ये सब तब हो रहा है जब इजराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष थम चुके तीन महीने हो चुके हैं और फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ी हलचल नहीं है। सुबह उठकर जब लोगों ने अपने घरों के बाहर इन पोस्टरों को देखा, तो वे अंचभे में पड़ गए। किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि इन्हें किसने और कब लगाया। खास बात यह है कि अब तक न तो किसी राजनीतिक संगठन ने और न ही किसी सामाजिक या धार्मिक संस्था ने इसकी जिम्मेदारी ली है। पोस्टर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन सक्रिय हो गया है। आंतरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी टीम और सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए अधिकांश पोस्टरों को हटा दिया है। यह बहिष्कार अभियान ऐसे समय पर क्यों शुरू हुआ, जब फिलिस्तीन-इजराइल संघर्ष को लेकर कोई नई घटना सामने नहीं आई है? यह सवाल प्रशासन और जनता दोनों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का मानना है कि यह किसी खास राजनीतिक उद्देश्य या सामाजिक संदेश को हवा देने की कोशिश हो सकती है। कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि यह भारत-इजराइल के कूटनीतिक रिश्तों को प्रभावित करने की साजिश भी हो सकती है। हालांकि प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हर पहलू से जांच कर रहा है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि वे खुद इस घटनाक्रम से परेशान और भ्रमित हैं। किसी को यह नहीं समझ आ रहा कि आखिर उनके घरों और दुकानों को ही निशाना क्यों बनाया गया। recent visitors 22

नारायणपुर में नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, 5 किलो का प्रेशर कुकर IED बरामद, जवानों ने किया डिफ्यूज

नारायणपुर छत्तीसगढ़ में जवानों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम किया है. सर्चिंग अभियान के दौरान गट्टाकाल के जंगल से पांच किलो वजनी कुकर प्रेसर आईईडी बरामद किया गया है. नक्सलियों ने यह IED जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए प्लांट किया था. दरअसल, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर प्रभात कुमार ने माओवादियों के लगाये गये आईईडी विस्फोट की घटना से हो रही नुकसान को देखते हुए क्षेत्र में आईईडी खोजने के लिए बीडीएस टीम को अगल-अलग क्षेत्रों में भेजा जा रहा है. इस दौरान नक्सलियों के द्वारा लगाये गये आईईडी को बरामद कराया जा रहा. इसी कड़ी में 15 अप्रैल को थाना कोहकामेटा क्षेत्रान्तर्गत कैम्प मोहंदी से जिला पुलिस बल, 53वीं वाहिनी आईटीबीपी और बीडीएस के संयुक्त बल एरिया डॉमिनेशन पर ग्राम गट्टाकाल और आसपास क्षेत्र की ओर रवाना हुए थे. इस दौरान गट्टाकाल के जंगल पहाड़ी रास्ते में 5 किलो का 1 कुकर आईईडी बरामद किया गया. सुरक्षाबलों की सतर्कता के चलते आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर दिया गया. माओवादियों द्वारा उक्त आईईडी को सुरक्षा बलो को नुकसान पहुंचाने के नीयत से लगाया गया था. वर्ष 2025 में अब तक कुल 16 से अधि आईईडी जप्त किया गया है, जिससे स्पष्ट है कि नक्सली क्षेत्र में लगातार हिंसा फैलाने की फिराक में हैं. recent visitors 30

इंदौर की सड़कों पर चलता फिरता टेंट, बारातियों ने जमकर की मस्ती,सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा

इंदौर  भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए इंदौर से एक राहत भरी और बेहद दिलचस्प खबर सामने आई है। खजराना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में बारात को लेकर जो अनूठा इंतजाम किया गया, उसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। शादी में शामिल मेहमानों को गर्मी से बचाने के लिए पटेल परिवार ने एक ऐसा उपाय किया, जिससे देखकर आप भी तारीफ करेंगे। चलते-फिरते टैंट ने खींचा सबका ध्यान इस बारात की खास बात यह रही कि इसमें एक चलता-फिरता टेंट लगाया गया, जो बारात के साथ-साथ आगे बढ़ता रहा। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज़ धूप में निकली बारात के ऊपर एक बड़ा तंबू लगाया गया है, जो बारातियों को चिलचिलाती धूप से राहत दे रहा है। इस टेंट के नीचे न केवल बाराती चल रहे हैं, बल्कि दूल्हा भी घोड़ी पर सवार होकर उसी के अंदर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर धड़ाधड़ शेयर हो रहा वीडियो यह दृश्य लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि वे सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर कर तारीफों के पुल बांध रहे हैं। कई लोग तो कह रहे हैं। अब शादी में जाना है तो ऐसी ही बारात में। 40 पार कर गया तापमान बता दें कि इस समय देश के अनेक हिस्सों में लू और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दिन में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। ऐसे में विवाह समारोहों में मेहमानों की उपस्थिति भी कम हो रही है। लेकिन इंदौर के पटेल परिवार ने अपने मेहमानों को इस तपती गर्मी से बचाने के लिए नायाब इंतज़ाम किया। इससे पहले वायरल हुए थे चलित कूलर इससे पहले भी इंदौर में एक होटल व्यवसायी ने अपनी शादी में चलित कूलरों का इंतज़ाम कर गर्मी से निपटने का अनोखा तरीका अपनाया था। अब इस चलित टेंट वाली बारात ने फिर साबित कर दिया कि इंदौर न केवल सफाई में नंबर वन है, बल्कि नवाचार और स्मार्ट सोच में भी अव्वल है। recent visitors 38