स्कूल की छात्रा को हुआ टीचर से प्यार, गुपचुप तरीके से कर ली शादी

अशोकनगर  देश में जहां गुरु को भगवान की संज्ञा दी जाती है और सम्मान के नजर से देखा जाता है ऐसे में अशोकनगर जिले में इस संबंध को बदनामी का मुंह देखना पड़ा। शहर के एक 35 वर्षीय शिक्षक ने अपने से लगभग आधी उम्र की छात्रा को स्कूल से भगा कर कोर्ट मैरिज कर ली। बाद में जब छात्रा के परिजन थाने पहुंचे तो मामला सामने आया। मामला शहर के वर्धमान स्कूल का है। यहां 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को उसी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक से प्रेम हो गया। दोनों ने मन ही मन शादी का भी प्लान कर लिया। जिसके बाद जैसे ही छात्रा 18 वर्ष की उम्र पार की तो स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक विनीत जैन ने उस भगा कर कोर्ट मैरिज कर ली। मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्रा स्कूल से घर नहीं पहुंची। परेशान परिजन थाने पहुंचे तो वहां उन्हें मैरिड सर्टिफिकेट बता दिया गया कि दोनों शादी कर चुके हैं। परिजनों का कहना मामले पर छात्रा की मां बोली जब स्कूल के शिक्षक ही छात्राओं के साथ ऐसा करेंगे तो गरीब अपनी बेटियों को कैसे पढ़ाएंगे। इस मामले के शहर में फैलने के बाद सोशल मीडिया पर छात्र के माता और पिता का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें छात्रा के परिजन कहते दिख रहे हैं शिक्षक विनीत जैन लंबे समय से उनकी बच्ची के पीछे पड़ा था। उन लोगों ने उसे समझाया भी था लेकिन जैसे ही लड़की 18 वर्ष की आयु पार हुई तो उसने लड़की से भागकर शादी कर ली। ऐसे में यदि स्कूलों में शिक्षक ही बेटियों के साथ ऐसा करेंगे तो फिर गरीब अपनी बेटियों को किसके भरोसे स्कूल भेजेंगे। छात्रा के माता-पिता ने शिक्षक पर कार्रवाई की मांग की है। recent visitors 66

बिलासपुर में आंधी-तूफान का कहर, सीपत तूफान ने किया आयोजन का गणित फेल, आज से थी कथा

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान ने एक बड़े हादसे को टाल दिया, जब अनिरुद्धाचार्य महाराज की कथा से एक दिन पहले ही सीपत क्षेत्र के दर्राभाठा गांव में बना भव्य पंडाल पूरी तरह से धराशायी हो गया। आंधी और मूसलधार बारिश ने टेंट, साउंड सिस्टम, कूलर समेत तमाम इंतजामों को तहस-नहस कर दिया। आयोजन स्थल की हालत इस कदर बिगड़ी कि पूरा मैदान कीचड़ में तब्दील हो गया और श्रद्धा का समंदर बहने से पहले ही सूख गया। गौरतलब है कि कथा का शुभारंभ शनिवार 19 अप्रैल से होना था, और शुक्र है कि हादसा इससे पूर्व घटित हुआ। आज सैकड़ों श्रद्धालु जो वहां एकत्र होने वाले थे, उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। इस घटना के बाद आयोजकों को प्रशासन की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बताया गया है कि पुलिस व प्रशासन ने पहले ही आयोजन समिति को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का पालन किया जाए। सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी और एएसपी अर्चना झा द्वारा बुधवार को आयोजकों को नोटिस देकर चेताया गया था कि यदि किसी भी प्रकार की दुर्घटना होती है तो आयोजक ही जिम्मेदार माने जाएंगे। बावजूद इसके पार्किंग की अपर्याप्त व्यवस्था, गैर-वॉटरप्रूफ मंच और अन्य सुरक्षा कमियों को नजरअंदाज कर दिया गया। मालूम हो कि पिछले वर्षों में देशभर में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। मथुरा (उत्तर प्रदेश) में 2016 में धार्मिक सभा के दौरान हिंसा में कई लोग मारे गए थे, वहीं 2022 में हरिद्वार में एक संत सम्मेलन के दौरान आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए। एक भीषण हादसा 2013 में मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के रतनगढ़ में घटित हुआ था, जब एक धार्मिक मेले के दौरान भगदड़ में दर्जनों लोगों की जान चली गई थी। बिलासपुर में आंधी-तूफान का कहर बिलासपुर में अचानक आई तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। मुख्य चौराहे, पटेल चौक और अहरो तिराहा समेत कई जगहों पर टीनशैड और फ्लैक्स बोर्ड हवा में उड़ गए। हाईवे और शहर की बस्तियों में तूफान की वजह से हाईटेंशन और लोकल लाइनों के खंभे उखड़कर सड़कों पर गिर गए। हाईवे पर कई विशालकाय पेड़ों के गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से पूरी रात विद्युत आपूर्ति ठप रही। गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।विद्युत विभाग की टीम जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची और बहाली कार्य में जुट गई। मनिहारखेड़ा गांव में दिलबाग सिंह के मकान की दीवार गिर गई और छत के टीनशैड उड़ गए। हालांकि, परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मुहल्ला भट्टी टोला में साप्ताहिक पैठ वाली पुलिया के पास खड़ी विहिप महामंत्री प्रदीप गंगवार की बुलेरो नहर में गिर गई। क्रेन की मदद से वाहन को बाहर निकाला गया।   recent visitors 38

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आपसी रजामंदी से तलाक के बाद भी पत्नी को मिलेगा भरण-पोषण

बिलासपुर  पति पत्नी आपसी सहमति से तलाक ले रहे है तो भी पति को पत्नी का भरण पोषण देना होगा। ये फैसला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने तलाक और भरण पोषण के मामले में सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि जब तक तलाकशुदा पत्नी की दूसरी शादी नहीं हो जाती, वह भरण-पोषण की हकदार होती है। यह पति की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है कि वह अपनी पूर्व पत्नी को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करे। इस आदेश के साथ ही कोर्ट ने कहा कि आपसी सहमति के बाद भी पति को भरण-पोषण के लिए भत्ता देना होगा। हाईकोर्ट ने इस मामले में फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए पति की याचिका को खारिज कर दी है। पीड़िता ने लगाई थी याचिका दरअसल, मुंगेली जिले के एक युवक और युवती की शादी 12 जून 2020 को हुई थी। कुछ ही समय बाद उनके बीच विवाद शुरू हो गया। जिसके बाद महिला ने आरोप लगाया कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है और घर से निकाल दिया गया है। 27 जून 2023 को महिला ने मुंगेली के फैमिली कोर्ट में 15,000 प्रतिमाह भरण-पोषण की मांग करते हुए परिवाद दायर की। उसने बताया कि उसका पति ट्रक ड्राइवर है और खेती से भी सालाना दो लाख रुपए की कमाई होती है। प्रतिमाह 3000 गुजारा भत्ता देने फैमिली कोर्ट का आदेश युवक ने कोर्ट में दावा किया कि पत्नी बिना कारण ससुराल छोड़ चुकी है। जिसके बाद दोनों का आपसी सहमति से तलाक 20 फरवरी 2023 को हो चुका है। इसलिए वह किसी भी तरह से भत्ता देने का हकदार नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैमिली कोर्ट ने अक्टूबर 2023 में महिला को प्रतिमाह 3,000 रुपए भरण-पोषण देने का आदेश दिया। फैमिली कोर्ट के आदेश को दी चुनौती, याचिका खारिज युवक ने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि महिला ने दूसरी शादी कर ली है और अब भत्ते की हकदार नहीं है। इसके समर्थन में प्रकाश ने एक कथित पंचनामा और कवरिंग लेटर दाखिल किया, लेकिन हाईकोर्ट ने उसे कानूनी रूप से अप्रासंगिक बताया, क्योंकि वह अभिप्रमाणित नहीं है। जस्टिस अग्रवाल ने कहा कि, तलाकशुदा पत्नी, जब तक वह पुनर्विवाहित नहीं हो जाती, वह भरण-पोषण की हकदार होती है। recent visitors 52

SF जवान नेऑन ड्यूटी खुद को मारी गोली, गर्दन पर राइफल रख दबाया ट्रिगर, 11 दिन पहले हुई थी पोस्टिंग

खरगोन  मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के गोगांवा में शुक्रवार के दिन दुखद घटना हुई है। इंदौर निवासी एसएफ के जवान ने ड्यूटी के दौरान खौफनाक कदम उठा लिया। उसने सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर लिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के चलते क्षेत्र में सनसनी फैल गई। एसपी धर्मराज मीणा सूचना मिलने पर तत्काल खरगोन से करीब 16 किलोमीटर दूर गोगांवा पहुंचे। उन्होंने बताया कि 38 वर्षीय एसएफ फर्स्ट बटालियन सी कंपनी के जवान राज कुमार शर्मा ने अपनी सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से भिंड क्षेत्र के थे। लेकिन उनका परिवार फिलहाल अंबिका नगर इंदौर में निवासरत है। शीतला माता मंदिर में लगी थी ड्यूटी एसपी ने बताया कि शीतला माता मंदिर के सामने चौकी पर 24 घंटे की गार्ड ड्यूटी होती है। सीसीटीवी फुटेज में आये समय के मुताबिक 4:56 बजे राजकुमार शर्मा ने अपनी ठोड़ी पर बंदूक रखकर गोली चला ली। गोली उनके सर से आरपार हो गई। साथ ही सात फीट ऊपर चद्दर के पार हो गई। इससे मौके पर ही जवान की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद गार्ड ड्यूटी भी बदलने वाली थी। घटना के पहले मृतक जवान बिना राइफल के चौकी के गेट पर खड़ा होकर आने जाने वालों पर नजर रख रहा था। अचानक वह अंदर गया और कुछ सेकंड के बाद उसने गोली मार ली। घटना के वक्त एक पुलिस जवान करीब 15 फीट की दूरी पर मौजूद था। गोली की आवाज सुनकर उसने तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दी। किसी परेशानी का नहीं किया जिक्र पुलिस अधीक्षक ने एसएएफ अधिकारियों के हवाले से बताया कि राजकुमार शर्मा ने कोई शिकायत या आवेदन अथवा किसी प्रकार की परेशानी का जिक्र नहीं किया था। उन्होंने 7 अप्रैल को ही ड्यूटी ज्वाइन की थी। एफएसएल के अधिकारियों ने घटना क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद आत्महत्या किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की विवेचना आरंभ कर दी गई है। recent visitors 41

मध्य प्रदेश पुलिस विभाग ने 300 से ज्यादा आरक्षकों के तबादलों का आदेश जारी

भोपाल मध्य प्रदेश में तबादला एक्सप्रेस दौड़ रही है, राज्य शासन लगातार तबला आदेश लगातार जारी कर रहा है इसी कड़ी में पुलिस मुख्यालय भोपाल ने भी थोकबंद तबादला आदेश जारी किये हैं , पीएचक्यू ने 300 से ज्यादा आरक्षकों की तबादला सूची जारी की है। पुलिस मुख्यालय भोपाल ने  गुरुवार को विभागीय स्तर पर थोकबंद तबादले किये इसमें उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, कार्यवाहक उप निरीक्षक, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक और कार्यवाहक प्रधान आरक्षकों के नाम शामिल हैं। PHQ ने 343 आरक्षकों के तबादले किये   इन तबादलों के बाद पुलिस ने एक और सूची जारी की जिसमें पुलिस आरक्षकों के तबादला आदेश हैं, पुलिस स्थापना बोर्ड की अनुशंसा के बाद जारी आदेश में 343 आरक्षकों को एक जिले से दूसरे जिले में पदस्थ किया गया है। ट्रांसफर नीति के मुताबिक निर्धारित अवधि में कार्यमुक्त करने के आदेश आदेश में कहा गया है कि ट्रांसफर किये गए आरक्षक को तबादला नीति के अनुसार निश्चित समयावधि में कार्य मुक्त किया जाये, यदि ट्रांसफर किया गया कर्मचारी निलंबित है तो उसे कार्यमुक्त ना किया जाये और उसकी सूचना पुलिस मुख्यालय को दी जाये। तबादला नीति और प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा जारी स्थानांतरण नीति ( Transfer Policy ) के अनुसार, तबादला होने वाले कर्मचारियों को निर्धारित समयावधि के भीतर कार्यमुक्त किया जाएगा। हालांकि, अगर कोई आरक्षक निलंबित स्थिति में है, तो उसे कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा और उसकी सूचना पुलिस मुख्यालय (PHQ) को भेजी जाएगी। क्या है इस तबादले का उद्देश्य? इस बड़े फेरबदल का उद्देश्य पुलिस विभाग की कार्यक्षमता में सुधार लाना और विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती को संतुलित करना है। यह कदम प्रशासन की ओर से पुलिस कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए उठाया गया है ताकि जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके। recent visitors 34

कलेक्टर नेहा मीना ने अनुभवी महिलाओं को जोड़ते हुए ‘मोटी आई’ का अभियान चलाकर 1130 बच्चों को कुपोषण से बाहर निकाला

झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना ने कुपोषण दूर करने व पोषण आहार को बढ़ावा देने के लिए अनूठी पहल की। उन्होंने गांव की अनुभवी महिलाओं को जोड़ते हुए उन्हें ‘मोटी आई’ का नाम दिया। इनके माध्यम से अभियान चलाकर कुपोषण से जंग लड़ी गई। इसके लिए कलेक्टर को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता पुरस्कार 2024 मिला है। 21 अप्रैल को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर विज्ञान भवन, नई दिल्ली में कलेक्टर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुरस्कार देंगे। देश के कुल 16 सिविल सेवकों को यह पुरस्कार मिलने जा रहा है। जनजातीय क्षेत्र झाबुआ के लिए यह गौरव की बात है। मोटी आई अवधारणा राष्ट्रीय स्तर पर पसंद की गई है। पांच चरणों की विस्तृत प्रक्रिया के बाद कलेक्टर मीना का चयन किया गया। इसी साल चार अप्रैल को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक्सपर्ट कमेटी ने इंटरव्यू के बाद कलेक्टर को चयनित किया। गुरुवार को प्रधानमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद पुरस्कार की घोषणा की गई। यह पुरस्कार आकांक्षी ब्लाक कार्यक्रम के तहत मिला है। पुरस्कार का लक्ष्य अच्छे प्रशासन को पहचान देना और दूसरों को लिए प्रेरणा बनाना है। ऐसे चलाया कार्यक्रम     ग्रामीण भारत को मुख्यधारा से जोड़ने का यह कार्यक्रम आधुनिक मॉडल है। इसके तहत जिले में जनता को सीधे जोड़ा गया है और योजनाओं को जमीन तक पहुंचाया गया है।     जुलाई 2024 के आंकड़े के अनुसार जिले में 1950 बच्चे कुपोषण के शिकार थे, जिनमें से करीब 1130 बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाया गया है।     1325 मोटी आई जिले में प्रशिक्षित की गईं और उन्होंने घर-घर जाकर कुपोषण से लड़ने में महती भूमिका अदा की। इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड भी मिल चुका है उल्लेखनीय है कि इसी साल 25 जनवरी को कलेक्टर मीना को बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवार्ड 2024-25 से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने सम्मानित किया था। स्थानीय संस्कृति को जोड़कर मतदाता जागरूकता बढ़ाई गई थी। चुनावी काका- काकी, शुभंकर आदि का उपयोग किया गया था। recent visitors 33

दिल्ली के Dayalpur में देर रात गिरी चार मंजिला इमारत, 4 लोगों की मौत

दिल्ली उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया. रात करीब 3 बजे यहां के शक्ति विहार इलाके में स्थि​त एक चार मंजिला इमारत भराभरा कर गिर गई. बता दें कि यह इलाका मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. इमारत के गिरने से करीब दो दर्जन लोग मलबे में दब गए. एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा के मुताबिक इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो गई है. मृतकों की पहचान चांदनी, दानिश, रेशमा और नावेद के रूप में हुई है. फिलहाल 18 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है जिनमें से 14 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अभी भी कुछ लोग मलबे में दबे हो सकते हैं. एनडीआरएफ, डॉग स्क्वाड, दिल्ली पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं. स्थानीय लोग रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद कर रहे हैं. एक चश्मदीद ने बताया कि इमारत पुरानी या जर्जर हालत में नहीं थी बल्कि अच्छी कंडीशन में थी लेकिन यह प्लॉट 'L' शेप में था जो संभवत: बिल्डिंग के गिरने की एक वजह हो सकता है. दिल्ली फायर सर्विस के एक कर्मी ने बताया कि हमें रात करीब 2:50 बजे एक मकान के ढहने की सूचना मिली. हम मौके पर पहुंचे तो पाया कि पूरी इमारत ढह गई है और लोग मलबे में फंसे हुए हैं. एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस लोगों को बचाने के लिए काम कर रही है.   recent visitors 56