डाॅ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी को भारत सरकार ने बड़ी सौगात, 434 करोड़ से होगा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट

सागर  डाॅ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी को भारत सरकार ने बड़ी सौगात दी है और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 434 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि की मंजूरी दी है. इस राशि से यूनिवर्सिटी में अकादमिक भवन, अस्पताल, आईटी लैब, कन्वेंशन सेंटर और लड़के और लड़कियों के लिए छात्रावास के साथ यूनिवर्सिटी के नए कैंपस, वैली कैंपस का निर्माण होगा. भारत सरकार की इस सौगात पर यूनिवर्सिटी के शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता के प्रयासों की सराहना की है. यूनिवर्सिटी की प्रगति की नई उड़ान डॉ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने बड़ी सौगात दी है. यूनिवर्सटी के अकादमिक भवनों, छात्रावासों और अन्य सुविधाओं के लिए 434.77 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं. यूनिवर्सटी में इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के नवीन भवन के निर्माण के लिए 99.71 करोड़ रुपए, होटल एंड कैटरिंग मैनेजमेंट, इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटलिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, वाणिज्य विभाग और प्रबंधन विभाग के एकीकृत भवन के लिए 67.60 करोड़ रुपए, बालक और बालिकाओं के लिए एक-एक हजार सीट की क्षमता वाले दो नए छात्रावास के लिए 194.50 करोड़ रुपए, यूनिवर्सटी के नए अस्पताल भवन के लिए 15.42 करोड़, कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र, प्रयोगशाला, आईटी सेल एवं ऑनलाइन सेंटर के लिए 33.58 करोड़ और इसके अलावा मल्टीपर्पस कन्वेंशन सेंटर के लिए 23.96 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं. खास बात ये है कि इन सभी भवनों का निर्माण सागर रहली मार्ग पर वैली कैम्पस में किया जाएगा. कुलपति के प्रयासों की सराहना दरअसल, यूनिवर्सिटी की इन जरूरतों को लेकर कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने बैठक में यूनिवर्सिटी के मौजूदा संसाधनों, छात्रों और छात्रावास की संख्या, सुविधाओं का उल्लेख करते हुए विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया था और यूनिवर्सिटी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की आवश्यकताओं पर भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय का ध्यान खींचा था. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के शास्त्री भवन में हुई इस बैठक में सागर यूनिवर्सिटी के सभी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. बैठक में कुलपति ने वर्ष 2023 में यूनिवर्सिटी को नैक से मिली ए प्लस ग्रेड, यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या, संचालित कोर्स, शिक्षक और कर्मचारियों की संख्या, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के क्रियान्वयन में अग्रणी रहने और भारतीय सेना के महार रेजीमेंट के साथ अकादमिक समझौता कर अग्निवीरों के लिए डिग्री प्रदान करने जैसी उपलब्धियों को रेखांकित किया. यूनिवर्सिटी के विशाल परिसर में बनेंगी इमारतें गौरतलब है कि सागर यूनिवर्सिटी का क्षेत्रफल करीब 1400 एकड़ है. यहां फिलहाल वैली कैंपस में विस्तार की संभावनाएं है. कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा है कि "यूनिवर्सटी लगातार परिसर का विस्तार कर रहा है. यहां कई नवीन अकादमिक भवन, इंटीग्रेटेड लैब और कई विभागों के विस्तारित भवन बनकर तैयार हो चुके हैं. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने 434.77 करोड़ रुपए की नवीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है. यूनिवर्सटी प्रगति की दिशा में नई उड़ान भरने जा रही है. 2 नए छात्रावासों के बनने से छात्र-छात्राओं को सुविधा होगी. हमारा विश्वविद्यालय एक तरह से पूर्णतः आवासीय विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है. आधुनिक अस्पताल, आई टी सेंटर और कम्प्यूटर लैब बनाया जाएगा. कॉमर्स एवं मैनेजमेंट डिपार्टमेंट बड़े भवन में संचालित होगा." recent visitors 31

प्रधानमंत्री मोदी 24 अप्रैल को देश की तीसरी अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखयेंगे, सतना से खंडवा होकर गुजरेगी

जबलपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को देश की तीसरी अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने वाले हैं. यह ट्रेन मध्य प्रदेश में सतना से खंडवा होकर गुजरेगी. इस बीच में यह कटनी जबलपुर और इटारसी रेलवे स्टेशन से भी जाएगी, लेकिन फिलहाल यह तय नहीं है कि इसका स्टॉपेज कहां होगा. वंदे भारत के बाद यह दूसरी महत्वाकांक्षी ट्रेन है, जो मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. एमपी से गुजरेगी तीसरी अमृत भारत एक्सप्रेस 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की तीसरी अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने वाले हैं. यह ट्रेन बिहार के सहरसा से शुरू होकर मुंबई जाएगी. सहरसा से अमृत भारत एक्सप्रेस शाम 4:00 बजे निकलेगी और 24 घंटे में 1956 किलोमीटर का सफर तय करके यह मुंबई पहुंचेगी. अमृत भारत एक्सप्रेस सहरसा से खगड़िया, हसनपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पाटलिपुत्र और दानापुर होते हुए वाराणसी के दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचेगी. दीनदयाल जंक्शन से ये ट्रेन मध्य प्रदेश में इंटर करेगी और सतना, कटनी जबलपुर से होती हुई यह इटारसी, खंडवा और भुसावल के रास्ते मुंबई जाएगी. जल्द तय होंगे मध्य प्रदेश के स्टॉपेज पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारी अभी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि यह जबलपुर से कितने बजे गुजरेगी और मध्य प्रदेश के कौन से स्टेशन पर रुकेगी, क्योंकि इस ट्रेन का पूरा नियंत्रण ईस्ट सेंट्रल रेलवे के पास में है. अभी यह भी तय नहीं है कि यह मध्य प्रदेश के किस स्टेशन पर रुकेगी. इसके पहले भी बिहार के दरभंगा से नई दिल्ली के बीच में पहली अमृत भारत एक्सप्रेस चलाई गई थी. यह ट्रेन लगभग 1137 किलोमीटर की यात्रा 21 घंटे में पूरी करती है. दूसरी अमृत भारत एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल की मालदा टाउन से बेंगलुरु के लिए चलती है. वहीं इस बारे में पश्चिम मध्य रेलवे के सीपीआरओ हर्षित श्रीवास्तव ने बताया है कि "अमृत भारत एक्सप्रेस के मध्य प्रदेश में सतना और जबलपुर स्टॉपेज होने की संभावना है, क्योंकि अभी इसके स्टॉपेज का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है." अमृत भारत एक्सप्रेस की बढ़ी स्पीड अमृत भारत एक्सप्रेस 2247 किलोमीटर की यात्रा 42 घंटे में पूरी करती है. इन ट्रेन की अधिकतम स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन फिलहाल यह 106 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पर चल पा रही है. बता दें अमृत भारत एक्सप्रेस में वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ही सुविधाएं हैं, लेकिन इसमें अभी तक एसी कोच शामिल नहीं किया गया है. हालांकि इस ट्रेन में बाकी सारी सुविधा पुरानी ट्रेनों की अपेक्षा अपग्रेड कर दी गई हैं. साथ ही इसकी स्पीड भी बढ़ा दी गई है. इसकी वजह से यात्रा करने वाले लोगों का समय बच रहा है. recent visitors 41

ED कोर्ट में सौरभ-शरद की जमानत पर फैसला आज: मां-पत्नी सहित चार रिश्तेदारों को 11 दिन पहले मिल चुकी है जमानत

भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कोर्ट आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा की ओर से एडवोकेट दीपेश जोशी और सहयोगी शरद जायसवाल की ओर से एडवोकेट रजनीश बरैया ने सोमवार को जमानत आवेदन फाइल किया। विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की कोर्ट ने इस जमानत आवेदन पर फैसला मंगलवार तक सुरक्षित रख लिया है। 9 अप्रैल को इसी कोर्ट से सौरभ की मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या शर्मा, जीजा विनय आसवानी और जबलपुर निवासी साले रोहित तिवारी को जमानत मिल गई थी। 18वें अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की अदालत से 10 लाख रुपए के बॉन्ड पर जमानत दी गई थी। वहीं, जमानत नहीं मिलने की हालत में सौरभ शर्मा, उसके सहयोगी शरद और चेतन की पेशी 5 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाएगी। ईडी ने 8 अप्रैल को पेश किया था चालान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल ने आरटीओ के करोड़पति पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा उसके सहयोगियों शरद जायसवाल, चेतन सिंह गौर के खिलाफ 8 अप्रैल मंगलवार को कोर्ट में चालान पेश किया था। इसमें इनोवा कार में मिला 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए कैश सौरभ का ही बताया गया है। चालान में 12 आरोपियों के नाम तय ईडी ने चालान में 12 आरोपी तय किए हैं। जिसमें सौरभ शर्मा, उसकी मां, पत्नी दिव्या, शरद जायसवाल, चेतन सिंह गौर के अलावा इनकी फर्में और डायरेक्टर भी शामिल हैं। अब तक इस मामले में ईडी ने कुल 100.36 करोड़ रुपए की कुर्की और जब्ती की है। लोकायुक्त कोर्ट से मिल चुकी है जमानत बता दें कि इन सौरभ, चेतन और शरद के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस 60 दिन में भी चालान पेश नहीं कर सकी। जिस वजह से लोकायुक्त पुलिस के केस में तीनों को जमानत मिल चुकी हैं। जमानत मिलने के बाद में लोकायुक्त की काफी किरकिरी भी हुई थी। जिसके बाद ईडी ने 8 अप्रैल को चालान पेश कर दिया। recent visitors 91

कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ अभियान’ आज से: प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक; 40 दिनों तक चलेगा विरोध प्रदर्शन और जनसंपर्क

Save Constitution Campaign

आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन बोले- विकसित राष्ट्र के लिए भारत को हर साल 80 लाख Jobs पैदा करने की जरूरत

नई दिल्ली भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अगले 10-12 वर्षों तक प्रति वर्ष कम से कम 80 लाख नौकरियां पैदा करनी होंगी तथा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विनिर्माण की हिस्सेदारी बढ़ानी होगी। नागेश्वरन ने  यहां कहा, “हमारा दृष्टिकोण 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करना है। भारत के आकार के अलावा सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अगले 10-20 वर्षों तक बाहरी वातावरण उतना अनुकूल नहीं रहने वाला है, जितना 1990 के बाद पिछले 30 वर्षों में रहा होगा।” उन्होंने कहा, “लेकिन इस संदर्भ में यह तो तय है कि आप एक सीमा से आगे अपना बाह्य वातावरण नहीं चुन सकते – हमें कम से कम अगले 10 से 12 वर्षों तक प्रति वर्ष 80 लाख नौकरियां पैदा करनी होंगी और जीडीपी में विनिर्माण का हिस्सा बढ़ाना होगा। हमें यह देखना होगा कि चीन ने विनिर्माण में, खासकर कोविड महामारी के बाद जबरदस्त प्रभुत्व हासिल कर लिया है।” नागेश्वरन कोलंबिया विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स’ में भारतीय आर्थिक नीतियों पर ‘दीपक और नीरा राज केंद्र’ द्वारा आयोजित ‘कोलंबिया भारत शिखर सम्मेलन-2025’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई), प्रौद्योगिकी और रोबोटिक्स ऐसी चुनौतियां हैं जिनका सामना आज के कुछ विकसित देशों को अपनी वृद्धि यात्रा में नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “…लेकिन भारत को अपने आकार के हिसाब से इस विशाल, जटिल चुनौती से निपटना होगा और इसका कोई आसान जवाब नहीं है। अगर आप उन नौकरियों की संख्या देखें जिन्हें हमें बनाने की ज़रूरत है, तो यह हर साल लगभग 80 लाख नौकरियां हैं। …और शुरुआती स्तर की नौकरियों को खत्म करने में एआई की बड़ी भूमिका हो सकती है, या कम आईटी-सक्षम सेवाओं वाली नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।”   recent visitors 47

कनाथ शिंदे किसान अवतार के लिए सुर्खियों में, खेत में फावड़ा चलाने की तस्वीरें सामने आई

मुंबई  महाराष्ट्र में मनसे चीफ राज ठाकरे और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे के एक होने की अटकलों से जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे साथ छोड़कर अलग हुए एकनाथ शिंदे किसान अवतार के लिए सुर्खियों में हैं। तीन दिन के लिए अपने सतारा स्थित अपने दरे गांव पहुंची डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की खेतों में फावड़ा चलाने की तस्वीरें सामने आई हैं। शिंदे ने अपने गांव के खेतों में इस बार विदेशी पौधे को लगाया। शिंदे ने इस एवोकाडो नाम के इस विदेशी पौधे के फायदे भी गिनाए हैं। एवोकाडो, जिसे हिंदी में रूचिरा या मक्खनफल भी कहा जाता है। शिंदे ने किया नया प्रयोग शिवसेना प्रमुख और राज्य के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने रविवार को अपने गांव में सहकर्मियों के साथ मिलकर नए पेड़ लगाए। शिंदे ने पिछले दौरों में स्ट्रॉबेरी, हल्दी, चीकू और बांस के पौधे लगाए थे। इस साल उन्होंने पहली बार एक विदेशी फल एवोकाडो, लगाने का निर्णय लिया। शिंदे ने उन्होंने फावड़े और कुदाल का उपयोग करके स्वयं एक एवोकाडो का पेड़ लगाया। उन्होंने अपने खेत में यह प्रयोग इस आशा के साथ किया है कि यदि यह प्रयोग स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी एवोकाडो फल की खेती में सफल होता है, तो यह स्थानीय किसानों को भी वैकल्पिक फसल के रूप में एवोकाडो की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। नए प्रयोग से नई फसल उगेगी डिप्टी सीएम शिंदे इससे पहले सतारा जिले के महाबलेश्वर तालुका में कोयना नदी के तट को काफी उपजाऊ बता चुके हैं। वह कहते आए हैं कि दरे गांव के आसपास की मिट्टी बहुत अच्छी है। इसमें उगाई जाने वाली कोई भी फसल अच्छी तरह से उगती है। इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि यहां एवोकाडो की खेती का यह प्रयास अवश्य सफल होगा। यदि ऐसा होता है, तो उनका मानना है कि इस क्षेत्र के किसान, जो स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी जैसे जामुन उगाते हैं, एवोकाडो की खेती के माध्यम से एक और नई नकदी फसल पा सकेंगे। इसीलिए उन्होंने अपने खेतों में इस प्रयोग को सफल बनाने का प्रयास किया है। इस अवसर पर उनके साथ दरे गांव के ग्रामीणजन और शिंदे के सभी साथी उपस्थित थे। एवोकाडो के क्या हैं फायदे? एवोकाडो का तेल त्वचा और बालों के लिए अच्छा होता है। एक बहु-उपयोगी फल है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। यह स्वस्थ वसा, फाइबर, और विटामिन से भरपूर होता है जो हृदय स्वास्थ्य, पाचन, और आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। एवोकाडो में पोटेशियम, मैग्नीशियम, और अन्य महत्वपूर्ण खनिज भी पाए जाते हैं। इतना ही नहीं एवोकाडो में अनसैचुरेटेड फैट होता है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है और हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करता है। इसके अलावा यह फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और कब्ज से राहत दिलाता है। recent visitors 61