श्रेयस अय्यर का धमाका, दूसरी बार इस अवॉर्ड को किया अपने नाम

मुंबई टीम इंडिया के विस्फोटक मिडल-ऑर्डर बैटर श्रेयस अय्यर ने मार्च महीने के लिए आईसीसी का प्रतिष्ठित 'प्लेयर ऑफ द मंथ' अवॉर्ड जीता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने मंगलवार को ये ऐलान किया। अय्यर को न्यूजीलैंड के जैकब डफी और रचिन रविंद्र से कड़ी टक्कर मिली। अय्यर ने चैंपियंस ट्रॉफी में बल्ले से गदर मचा दिया था। उन्होंने टूर्नामेंट में 243 रन ठोके थे और हाईएस्ट रन-स्कोरर थे। श्रेयस अय्यर की विस्फोटक पारियों ने टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी का चैंपियन बनने में बड़ी भूमिका निभाई। प्लेयर ऑफ द मंथ चुने जाने पर श्रेयस अय्यर की प्रतिक्रिया आईसीसी ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर श्रेयस अय्यर की प्रतिक्रिया छापी है। प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजे जाने के बाद उन्होंने कहा, 'मैं मार्च महीने के लिए आईसीसी के मेन्स प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह अविश्वसनीय तौर पर स्पेशल है, खासकर उस महीने में जब हमने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी उठाई हो- एक ऐसा पल जिसे हमेशा संजोकर रखेंगे।' फरवरी के लिए शुभमन गिल चुने गए थे सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर श्रेयस अय्यर से पहले भारत के शुभमन गिल ने आईसीसी प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता था। उन्हें फरवरी महीने के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर चुना गया था। इस तरह लगातार दो महीनों से टीम इंडिया के खिलाड़ी आईसीसी के इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड को अपने नाम कर रहे हैं। श्रेयस अय्यर ने चैंपियंस ट्रॉफी में किया था कमाल अय्यर ने चैपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ लीग मुकाबले में 79 गेंद पर 98 रनों की पारी खेली थी। इसी तरह उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 45 गेंदों में 62 रनों की पारी खेली। फाइनल में भी उनका बल्ला खूब गरजा। न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में अय्यर ने 48 गेंदों पर 62 रन बनाए थे और भारत को चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। आईपीएल में भी खूब रन बरसा रहा श्रेयस अय्यर का बल्ला श्रेयस अय्यर का बल्ला इस आईपीएल सीजन में भी खूब रन बरसा रहा है। पंजाब किंग्स के कप्तान ने अबतक 5 मैचों में 208 के स्ट्राइक रेट से 250 रन बना चुके हैं। recent visitors 49

मौसम ने छत्तीसगढ़ में बदली करवट, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित 24 जिलों में आज बूंदाबांदी के आसार

रायपुर छत्तीसगढ़ में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पिछले एक हफ्ते से मौसम बदला हुआ है। 4 दिन आंधी बारिश का अलर्ट है, वहीं 24 जिलों में आज बूंदाबांदी की संभावना है। आंधी बारिश के बावजूद सबसे ज्यादा गर्म राजनांदगांव है, जहां 39 डिग्री टेम्प्रेचर है। हीं अगले 3 दिनों में अधिकतम तापमान में बदलाव के आसार नहीं है। उसके बाद अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। रायपुर में दिन का तापमान सामान्य से कम आज धूप-छांव वाला मौसम होगा। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। रायपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। सोमवार को दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री था जो सोमवार को लुढ़क कर 37.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 1.7 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री ज्यादा था। बिलासपुर में 3 डिग्री लुढ़का दिन का पारा यहां सोमवार को दिन का पारा सामान्य से करीब 3 डिग्री कम रहा। जिसकी वजह से लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात का पारा 23.8 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक यहां अगले 2 दिन अधिकतम तापमान में गिरावट होगी। रायपुर में धूप- छांव भरा रहा मौसम सोमवार को राजधानी रायपुर में धूप- छांव वाला मौसम रहा और अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। रविवार को दिन का टैम्प्रेचर 39.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री ज्यादा था। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण रविवार को सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों में बूंदाबांदी हुई। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री रहा। जो नॉर्मल टेम्प्रेचर से 3 डिग्री कम था। वहीं रात का पारा 21.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा। recent visitors 39

शिक्षा का अधिकार प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन 1,04,317 आवेदन मिले, एक और दो मई को होगा सीटों का आवंटन

रायपुर  शिक्षा का अधिकार (Right to Education) से निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू है। प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन 1,04,317 आवेदन मिल चुके हैं। हालांकि अभी दूसरे चरण में आवेदन करने की तिथि निर्धारित है, लेकिन आवेदन शुरू नहीं हुए। दरअसल, पहले चरण की अंतिम तिथि आठ अप्रैल को थी। 2025-26 सत्र में प्रदेशभर के 6,732 स्कूल में प्रवेश दिए जाएंगे। इस सत्र 51,978 सीटों में प्रवेश दिए जाएंगे। दरअसल, शिक्षा सत्र 2025-26 में प्रवेश के लिए केजी-वन और कक्षा पहली में प्रवेश के लिए कार्रवाई जारी है। अब 25 अप्रैल तक नोडल अधिकारी मिले दस्तावेजों की जांच करेंगे। लॉटरी से सीटों का आवंटन एक और दो मई को किया जाएगा। इसके बाद पांच से 30 मई तक चिह्नित स्कूलों में लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया चलेगी। दोगुने मिले थे आवेदन, फिर भी नहीं भरी सीटें गौरतलब है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Admissions) के अंतर्गत बीते सत्र निजी स्कूलों में आठ हजार से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। बीते सत्र में प्रदेशभर में 6,749 निजी स्कूलों में 54,367 सीटें थी। इनमें 46,219 में दाखिला हुआ। जबकि 8,000 सीटें खाली रह गई हैं। वहीं, एक लाख 22 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। फिर भी सीटें नहीं भर पाई हैं। यह स्थिति तब बनी है, जब सीटों की संख्या से दोगुना आवेदन आया था। वहीं, रायपुर जिले में लगभग 800 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 6,000 सीटें आरक्षित हैं, जिनमें से लगभग 1,000 सीटें खाली रह गई थी। वहीं, इस सत्र भी ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है। प्रदेश में शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत प्रवेश देने के लिए लॉटरी प्रणाली को लागू किया है। इसके तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरटीई के तहत भरी जानी अनिवार्य हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन होंगे आवेदन प्रदेश में सत्र 2025-26 में 403 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय और 348 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय संचालित है। इन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने निर्धारित कर दी है। प्रवेश के लिए आवेदन पांच मई तक कर सकते हैं। इन विद्यालयों में प्रवेश आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकेगा। ऑनलाइन आवेदन सेजेस पोर्टल से करना होगा। एक विद्यार्थी एक विद्यालय के लिए ही आवेदन कर सकेगा। वहीं, पहले चरण की प्रवेश की अन्य आवश्यक कार्रवाई 11 मई से 15 मई को होगा। अधिक आवेदन की स्थिति में लॉटरी के माध्यम से सीट आवंटन छह मई से 10 मई तक होंगे। महतारी दुलार योजना में देना होगा पालक का डेथ सर्टिफिकेट महतारी दुलार योजना अंतर्गत कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को विशेष प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओ) द्वारा जारी पालक का मृत्यु प्रमाण पत्र देना होगा। इसी तरह बीपीएल एवं आर्थिक रूप से कमजोर पालकों के बच्चों को कुल रिक्त सीट के 25 प्रतिशत सीटों के विरूद्ध प्रवेश दिया जाएगा। पालकों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। कुल रिक्त पदों के 25 प्रतिशत सीटों पर आवेदक बच्चों का प्रवेश लॉटरी सिस्टम से होगा। यानी कंप्यूटर के माध्यम से रेंडमली चयन किया जाएगा। रिक्त सीट के विरूद्ध अधिक पात्र आवेदक होने पर लॉटरी से चयन किया जाएगा। सीटें खाली रहने पर दूसरे चरण की प्रक्रिया द्वितीय चरण नवीन स्कूल पंजीयन, दर्ज संख्या प्रविष्टि एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन दो जून से 16 जून तक किया जाएगा। फिर छात्र पंजीयन (आवेदन) 20 जून से 30 जून तक होगा। नोडल अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच एक जुलाई से आठ जुलाई तक होगा। लॉटरी एवं आवंटन 14 जुलाई से 15 जुलाई को होगा। स्कूल में दाखिला प्रक्रिया 18 जुलाई से 31 जुलाई तक होगा। recent visitors 32

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में कैंप के दौरान हिंदू छात्रों को जबरन नमाज़ पढ़वाने का मामला सामने आया

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) कैंप के दौरान हिंदू छात्रों को जबरन नमाज़ पढ़वाने का मामला सामने आया है। छात्रों ने इस संबंध में कोनी थाना में शिकायत दर्ज कराई है। यह कैंप 26 मार्च से 1 अप्रैल 2025 तक आयोजित किया गया था, जिसमें विश्वविद्यालय के कुल 159 छात्र शामिल हुए थे। ईद के दिन नमाज पढ़वाने का आरोप छात्रों का कहना है कि 30 मार्च को ईद के दिन कैंप में सभी छात्रों को एकत्र कर नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया गया। छात्रों का आरोप है कि NSS कोऑर्डिनेटर और प्रोग्राम ऑफिसर ने इसे धार्मिक सद्भावना का प्रतीक बताते हुए अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करवाई। कैंप (Bilaspur NSS Camp) में शामिल 159 छात्रों में केवल 4 मुस्लिम छात्र थे, जबकि बाकी सभी छात्र हिंदू समुदाय से थे। कोटा ब्लॉक के शिवतराई में लगा था कैंप छात्रों ने बताया कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई की ओर से कोटा ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र शिवतराई में 26 मार्च से 1 अप्रैल तक कैंप लगा था, वहीं नमाज पढ़वाया गया है। छात्रों का आरोप- योगा क्लास में नमाज पढ़ने मजबूर किया छात्रों ने अपनी शिकायत में बताया है कि जब एनएसएस कैंप में रोज सुबह योगा क्लास लगाया जाता था, तब वहां हिंदू छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। छात्रों ने नमाज पढ़ने का विरोध भी किया। लेकिन, प्रोग्राम ऑफिसर और कोआर्डिनेटर उन्हें डराते-धमकाते रहे और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ ही सर्टिफिकेट नहीं देने की चेतावनी देते रहे। छात्रों ने बताया कि बाकी दिनों की तरह एनएसएस कैंप में सुबह 6:15 से 7:00 बजे योग करने छात्र एकत्रित हुए, जिसमें कुल 159 छात्र कैंप में थे। इसमें 4 छात्र मुस्लिम थे। 31 मार्च को मुसलमानों का त्योहार ईद उल फितर था अचानक से कोऑर्डिनेटर ने चारों मुस्लिम छात्रों को मंच पर बुलाया और बाकी छात्रों को मुस्लिम छात्रों द्वारा जो मंच पर नमाज अदा करने की प्रक्रिया की गई और उसका जस का तस दोहराने और सीखने का आदेश दिया। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी करेगी जांच गुरु घासीदास सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी की मीडिया प्रभारी MN त्रिपाठी ने बताया कि यूनिवर्सिटी को इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। मीडिया से जानकारी मिली है, जिसकी जांच और सच्चाई का पता लगाने के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की गई है। तथ्य जुटा रही पुलिस कोनी थाना टीआई लखेश्वर केंवट ने बताया कि यूनिवर्सिटी के छात्रों ने शिकायत कर NSS कैम्प में नमाज पढ़ाने का आरोप लगाया, जिसकी जांच की जा रही है। मामले में यूनिवर्सिटी प्रबंधन से भी जानकारी लेकर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। अपराध घटित होना पाए जाने पर केस दर्ज किया जाएगा। छात्रों का मोबाइल कराया जमा छात्रों ने बताया कि एनएसएस कैंप के दौरान उनका मोबाइल जमा करा लिया गया था, ताकि वो इसका वीडियो-फोटो न बना सके। यही वजह है कि उनके पास इस घटना का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस दौरान छात्रों को नमाज पढ़ने के तरीके सिखाए गए। छात्रों के धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन शिकायत दर्ज कराने वाले छात्रों का कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी सहमति के धार्मिक गतिविधियों में शामिल किया गया, जो उनकी व्यक्तिगत आस्था के खिलाफ है। छात्रों का यह भी कहना है कि यदि ऐसी स्थिति उल्टी होती, तो भारी हंगामा होता। मामले को लेकर अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। छात्रों द्वारा की गई शिकायत को कोनी थाना पुलिस ने स्वीकार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। क्या कहता है संविधान ? यह मामला एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में धर्म और सेकुलरिज़्म की सीमाओं को लेकर बहस छेड़ रहा है। बता दें, भारतीय संविधान अनुच्छेद 25 के तहत हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त है, लेकिन किसी पर धर्म विशेष का पालन थोपना असंवैधानिक है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है। recent visitors 21

मैं मार्च महीने के लिए आईसीसी के मेन्स प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं

नई दिल्ली टीम इंडिया के विस्फोटक मिडल-ऑर्डर बैटर श्रेयस अय्यर ने मार्च महीने के लिए आईसीसी का प्रतिष्ठित 'प्लेयर ऑफ द मंथ' अवॉर्ड जीता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने मंगलवार को ये ऐलान किया। अय्यर को न्यूजीलैंड के जैकब डफी और रचिन रविंद्र से कड़ी टक्कर मिली। अय्यर ने चैंपियंस ट्रॉफी में बल्ले से गदर मचा दिया था। उन्होंने टूर्नामेंट में 243 रन ठोके थे और हाईएस्ट रन-स्कोरर थे। श्रेयस अय्यर की विस्फोटक पारियों ने टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी का चैंपियन बनने में बड़ी भूमिका निभाई। प्लेयर ऑफ द मंथ चुने जाने पर श्रेयस अय्यर की प्रतिक्रिया आईसीसी ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर श्रेयस अय्यर की प्रतिक्रिया छापी है। प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजे जाने के बाद उन्होंने कहा, 'मैं मार्च महीने के लिए आईसीसी के मेन्स प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह अविश्वसनीय तौर पर स्पेशल है, खासकर उस महीने में जब हमने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी उठाई हो- एक ऐसा पल जिसे हमेशा संजोकर रखेंगे।' फरवरी के लिए शुभमन गिल चुने गए थे सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर श्रेयस अय्यर से पहले भारत के शुभमन गिल ने आईसीसी प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता था। उन्हें फरवरी महीने के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर चुना गया था। इस तरह लगातार दो महीनों से टीम इंडिया के खिलाड़ी आईसीसी के इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड को अपने नाम कर रहे हैं। श्रेयस अय्यर ने चैंपियंस ट्रॉफी में किया था कमाल अय्यर ने चैपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ लीग मुकाबले में 79 गेंद पर 98 रनों की पारी खेली थी। इसी तरह उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 45 गेंदों में 62 रनों की पारी खेली। फाइनल में भी उनका बल्ला खूब गरजा। न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में अय्यर ने 48 गेंदों पर 62 रन बनाए थे और भारत को चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। आईपीएल में भी खूब रन बरसा रहा श्रेयस अय्यर का बल्ला श्रेयस अय्यर का बल्ला इस आईपीएल सीजन में भी खूब रन बरसा रहा है। पंजाब किंग्स के कप्तान ने अबतक 5 मैचों में 208 के स्ट्राइक रेट से 250 रन बना चुके हैं। recent visitors 38

एमपी में शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ अनिवार्य, फिर भी 4 हजार शिक्षकों का सत्यापन बाकी

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में बच्चों के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे बढ़ते मामलों पर रोक के लिए शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य हुआ। बावजूद इसके राजधानी के 95 प्रतिशत निजी स्कूल ऐसे हैं जहां अनजान शिक्षक हैं। स्कूलों ने करीब 4 हजार शिक्षकों की रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को नहीं दी। ऐसे में बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों से विभाग अनजान है। राजधानी में करीब 1200 निजी स्कूल हैं। इनमें चार से पांच हजार का स्टाफ है। पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य राजधानी के लिए निजी स्कूल में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के पुलिस वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया। आदेश जारी करते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। इस मामले को एक साल से ज्यादा बीत गया। शिक्षक सत्र भी खत्म हो गया लेकिन निजी स्कूलों के स्टाफ और शिक्षकों के पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़ी रिपोर्ट शिक्षा विभाग के पास नहीं पहुंची। आकस्मिक निरीक्षण कर होगी जांच निजी स्कूलों में स्टाफ सहित शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है। कितने शिक्षकों का वेरिफिकेशन हो पाया इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। इसे जांचने स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण कर जांच होगी। अगर कहीं यह सत्यापन नहीं हुआ तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।- नरेन्द्र अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी recent visitors 54

नरवाई जलाने वालों के खिलाफ प्रशासन एक्शन मोड में आया, एफआईआर दर्ज कराई गई

सागर  सागर जिले में गेहूं की कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर संदीप जी आर ने संपूर्ण जिले में नरवाई जलाने प्रतिबंध लगाया है। गत कुछ दिनों में घटित कई घटनाओं के चलते अब नरवाई जलाने वालों के खिलाफ प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। इसके चलते प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में नरवाई जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। सागर जिले के पथरिया हाट में खेत में आग लगने से दो किसानों की गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। इस घटना में घनश्याम अहिरवार की लगभग दो एकड़ की खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल जल गई। इससे 50,000 का नुकसान हुआ। वहीं, राजू साहू की तीन एकड़ की फसल जलकर राख हो गई, जिससे एक लाख का नुकसान हुआ। घनश्याम अहिरवार ने बताया कि उन्होंने बहादुर चौहान को आग लगाने से मना किया था, लेकिन उन्होंने गाली-गलौज करते हुए आग लगा दी। दो किसानों पर केस दर्ज तहसील केसली अंतर्गत ग्राम पुतर्रा में फसल अवशेष (नरवाई) जलाने से आग फैल गई, जिससे पड़ोसी किसान की खड़ी फसल जलकर नष्ट हो गई थी। घटना 5 अप्रैल 2025 की दोपहर लगभग 3 बजे की बताई गई है। शिकायत में उल्लेख है कि ग्राम पुतर्रा के कृषक ताराबाई पति कैलाश लोधी के पुत्र रघुवीर और लक्ष्मीनारायण लोधी ने अपनी खेत की नरवाई में आग लगा दी थी। यह आग फैलकर ग्राम पुतर्रा के ही प्रताप पिता कनई लोधी की खड़ी फसल तक पहुंच गई और पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। बिजली के शॉर्ट सर्किट से खेत में लगी आग बांदरी अंतर्गत ग्राम मोठी में मंगलवार दोपहर को एक बगीचा वाले खेत में अचानक आग लग गई, जिससे लगभग दो लाख रुपये की कृषि संपत्ति जलकर खाक हो गई। यह आग बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी बताई जा रही है। ग्राम जूना में नरवाई जलाने से गेहूं की फसल जलकर राख ग्राम जूना के कोटवार प्रीतम पिता रामप्रसाद चढ़ार आवेदन के आधार पर थाना रहली में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई है। यह रिपोर्ट ग्राम जूना के ही निवासी रामअवतार पिता प्रभु कुर्मी के विरुद्ध दायर की गई है। बताया कि 5 अप्रैल 2025 को करीब 11:15 बजे आरोपी रामअवतार ने अपने खेत में फसल अवशेष (नरवाई) में आग लगाई। इसके चलते ग्राम जूना की भूमि एवं ग्राम मड़ला के कुछ हिस्सों में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। ग्राम पडरिया में फसलें जलकर राख ग्राम पडरिया थाना सानौधा में आग की एक घटना में कई किसानों की खड़ी नरवाई, भूसा और फलदार वृक्ष जलकर नष्ट हो गए। रवि की गेहूं की फसल हार्वेस्टर से कटने के बाद खेतों में बची नरवाई नदी की ओर से आई आग की चपेट में आ गई, जिससे कई किसानों की सम्पत्ति को नुकसान हुआ। इस आग में मीना उर्फ राजेश्वरी, विनोद कुमारी, गजेन्द्र सिंह, राजू रजक, हरिराम, पुष्पेन्द्र सिंह सहित लगभग 20 से अधिक किसानों की फसल और पेड़ जलकर नष्ट हो गए। उपरोक्त सभी मामलों में प्रशासन ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। कलेक्टर द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शासन के आदेशानुसार खेतों में फसल अवशेष जलाना प्रतिबंधित है और इसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 34