कांग्रेस के पूर्व मंत्री के घर ED की रेड: हाल ही में उन्होंने भाजपा के खिलाफ बयान बाज़ी की थी ,19 ठिकानों पर पहुंची टीम

ED raids Congress minister

ED raids Congress minister: Recently he had made statements against BJP, the team reached 19 locations जयपुर। ED raids Congress minister राजस्थान में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास के 19 ठिकानों पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम छापा मार रही है। जयपुर में एक और प्रदेश के अन्य 18 ठिकानों पर सुबह करीब 5 बजे टीमें पहुंच गई थीं। यह मामला रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली PACL में हुए 48 हजार करोड़ के घोटाले से जुड़ा है। ईडी से मिली जानकारी के अनुसार, प्रताप सिंह और उनके परिवार के लोगों के नाम पर PACL में घोटाले का पैसा ट्रांसफर हुआ था। अधिकांश पैसा प्रॉपर्टी और अन्य सेक्टर में लगा दिया गया। उधर, पूर्व मंत्री के घर छापेमारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में जयपुर के सिविल लाइंस स्थित आवास पर समर्थक पहुंच गए। समर्थकों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। मौके पर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। ED raids Congress minister पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के जयपुर के सिविल लाइंस स्थित इसी मकान में सुबह से ED की रेड चल रही है। Rad more: हिमाचल 78वां स्थापना दिवस विशेष : CM सुक्खू पांगी में, जिलों में मंत्री फहराएंगे तिरंगा लाखों लोगों के साथ हुई थी PACL में धोखाधड़ी लाखों लोगों के साथ PACL में धोखाधड़ी हुई थी। इसके बाद यह केस सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को सेवानिवृत्त सीजेआई आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। कोर्ट ने कमेटी से कहा था कि पीएसीएल की संपत्तियों को नीलाम करके 6 महीने में लोगों को ब्याज सहित भुगतान करें। सेबी के आकलन के अनुसार, पीएसीएल की 1.86 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है, जो निवेशकों की जमा राशि की तुलना में 4 गुना है। पीएसीएल कंपनी की योजनाओं को अवैध मानते हुए सेबी ने 22 अगस्त 2014 को कंपनी के कारोबार बंद कर दिए थे। इसके चलते निवेशकों की पूंजी कंपनी के पास जमा रह गई। इसके बाद कंपनी व सेबी के बीच सुप्रीम कोर्ट में केस चला और सेबी जीत गई। राजस्थान में 28 लाख लोगों ने 2850 करोड़ किए थे निवेश17 वर्ष तक राज्य में रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली पीएसीएल में प्रदेश के 28 लाख लोगों ने करीब 2850 करोड़ और देश के 5.85 करोड़ लोगों ने कुल 49100 करोड़ का निवेश किया था। कंपनी पर बिहार, महाराष्ट्र, एमपी, असम, कर्नाटक, जयपुर ग्रामीण, उदयपुर, आंध्र प्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़ समेत आधे से ज्यादा राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहले जयपुर में इसका खुलासा होने पर एफआईआर दर्ज हुई थी। जानकार सूत्रों की मानें तो इस केस में प्रताप सिंह की भागीदारी करीब 30 करोड़ की बताई जा रही है। ईडी की छापेमारी पूरी होने के बाद ही रिकवरी को लेकर कुछ कहा जा सकता है। खाचरियावास ने कहा- जो इनके खिलाफ बोलता है, ईडी भेज देते हैंप्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- ईडी केंद्र के अधीन है। इस डबल इंजन की सरकार से ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकता। मेरे परिवार के सदस्यों के यहां बेवजह सर्च चल रहा है। हम पूरा सर्च करवाएंगे। ईडी के अफसरों से हम पूरा सहयोग करेंगे। बीजेपी सरकार को मेरे बोलने से इतना दर्द है कि छापे डलवा दिए। मैं पिछले डेढ़ साल से इनके खिलाफ बोल रहा हूं। जो बीजेपी और इनकी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसके घर ये ईडी भेज देते हैं। मैं बोल रहा था तो मुझे भी पहले से पता था कि ईडी तो एक दिन पहुंचेगी, यदि पहुंचेगी तो मैं भी तैयार हूं। मेरा नाम प्रताप सिंह खाचरियावास है, मुझे सबका इलाज करना आता हैखाचरियावास ने बीजेपी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा- बीजेपी के लोगों से कहना चाहूंगा। आप ही सरकार में नहीं रहोगे। सरकारें बदलती रहती हैं। जमाना बदलेगा। आपने यह कार्रवाई शुरू की है, कल बीजेपी वालों के खिलाफ भी हम यही कार्रवाई करेंगे। डरते थोड़े ही हैं। मेरा नाम प्रताप सिंह खाचरिवास है। मुझे सबका इलाज करना आता है। recent visitors 72

एपमी उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव, अब यूजी के फाउंडेशन ग्रुप में 9 की जगह इतने पेपर देने होंगे

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने यूजी प्रथम वर्ष (बीकॉम, बीए, बीएससी, बीबीए आदि) के पाठ्यक्रम में जरूरी बदलाव किए हैं। आगामी 2025-26 नया शैक्षणिक सत्र से छात्रों को अब पहले के 9 पेपर की जगह 10 पेपर देने होंगे। यह बदलाव (उच्च शिक्षा विभाग का आदेश) छात्रों को अधिक विविधतापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से लागू किया गया है, जिससे वे विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर ज्ञान एक्वायर कर सकें। वैकेशनल और वेल्यू एडेड विषय इसके अलावा, एक नया वेल्यू एडेड विषय जोड़ा गया है। यह अनिवार्य होगा और छात्रों को अपने डिग्री के साथ इसे लेना होगा। वेल्यू एडेड विषय छात्रों के प्रोफेशनल स्किल्स को बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे वे रोजगार के अवसरों के लिए तैयार हो सकेंगे। यह बदलाव छात्रों के करियर विकास के लिए भी अहम साबित होगा। मल्टी-डिसिप्लिनरी सब्जेक्ट की शुरुआत बता दें कि, ओपन इलेक्टिव सब्जेक्ट को अब मल्टी-डिसिप्लिनरी सब्जेक्ट कहा जाएगा। इसमें ऐसे विषय जोड़े गए हैं जो छात्रों को डिफरेंट व्यूपॉइंट्स से शिक्षा देंगे। इनमें अंडर स्टैंडिंग इंडिया, डिजिटल एंड टेक्नोलॉजिकल सॉल्यूशंस और हेल्थ एंड योगा एजुकेशन जैसे विषय शामिल हैं। छात्रों को हर साल इनमें से एक विषय का चयन करना जरूरी होगा, जिससे उन्हें मलटीडायमेंशनल मिल सके। इसका उद्देश्य यह (decision of higher education department) नया सिस्टम छात्रों को बिजनेस और सोशल पर्सपेक्टिव से तैयार करने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है। इसके जरिए छात्रों को मॉडर्न एजुकेशन दी जाएगी, जो न केवल विषय आधारित ज्ञान बल्कि व्यावसायिक क्षमताओं को भी बढ़ावा देगा। recent visitors 34

भारत के टॉप पांच भगोड़े व्यवसायी जो बैंकों को करोड़ों का चूना लगाकर विदेश में ऐश

मुंबई देश के बैंकों का पैसा लेकर भागे कर्जदारों की लिस्ट लंबी है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की ओर से टॉप-50 विलफुल डिफॉल्टर्स का डाटा पेश किया है, जिनपर तमाम बैंकों के 87,295 करोड़ रुपये बकाया हैं. इसमें सबसे ऊपर मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) और ऋषि अग्रवाल (Rishi Agarwal) जैसे नाम शामिल हैं. वित्त राज्य मंत्री डॉक्टर भागवत सिंह कराड़ (Dr Bhagwat Karad) ने ये आंकड़ा राज्यसभा में शेयर किया है. एससीबी का 40,825 करोड़ बकाया राज्यसभा में जानकारी देते हुए वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड़ (Bhagwat Karad) ने बताया कि मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स (Gitanjali Gems) सहित टॉप 50 विलफुल डिफॉल्टरों पर बैंकों का 87,295 करोड़ रुपये का बकाया है. राज्य मंत्री ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित उत्तर में कहा कि इन जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वालों में से टॉप-10 पर अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCB) का 40,825 करोड़ रुपये बकाया है. मेहुल चोकसी सबसे बड़ा डिफॉल्टर बीते पांच सालों का आकंड़ा पेश करते हुए वित्त राज्य मंत्री भागवत सिंह कराड़ ने कहा कि एससीबी ने इस अवधि में 10,57,326 करोड़ रुपये की कुल राशि माफ भी की है. इसके बावजूद इसका इतना बकाया है. इसके साथ ही इन जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वालों में भगोड़े मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स (Mehul Choksi’s Gitanjali Gems Limited) सबसे बड़ी विलफुल डिफॉल्टर है, जिस पर बैंकों का 8,738 करोड़ रुपये बकाया है. चोकसी के बाद ये बड़े नाम लिस्ट में शामिल अन्य डिफॉल्टर्स की बात करें तो मेहुल चोकसी के बाद ऋषि अग्रवाल की एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड (ABG Shipyard Limited), आरईआई एग्रो लिमिटेड (REI Agro Limited) और एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड (Era Infra Engineering Limited) का नाम आता है. वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनंतिम आंकड़ों का हवाला देते हुए वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि एससीबी ने पिछले पांच वर्षों के दौरान 10,57,326 करोड़ रुपये की कुल राशि को बट्टे खाते में डाल दिया है. पीटीआई के मुताबिक, आरबीआई ने सूचित किया है कि एससीबी में शीर्ष 50 विलफुल डिफॉल्टरों पर 31 मार्च, 2023 तक 87,295 करोड़ रुपये का बकाया था. मेहुल चौकसी 2018 में पीएनबी धोखाधड़ी केस सामने आने के बाद मेहुल चौकसी एंटीगुआ भाग गया था। वहीं सीबीआई और ईडी उसे गिरफ्तार करने की कोशिश में लगी रहीं। एजेंसियों के आग्रह के बाद उसे बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया। उसपर 13 हजार करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। प्रत्यर्पण की कोशिश मेहुल चौकसी नामचीन हीरा कारोबारी थे। बीते सात सालों में चौकसी तीन देशों में रहे। वहीं रिपोर्ट्स में बताया गया कि अब वह स्विट्जरलैंड भागने की फिराक में था। इससे पहले ही बेल्जियम में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। नीरव मोदी मेहुल चौकसी के साथ ही उनके भांजे नीरव मोदी भी पीएनबी धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं। 19 मार्च में उन्हें लंदन में गिरफ्तार किया गया था। नीरव मोदी ने 2018 में ही भारत छोड़ दिया था। लंदन के वेस्टमिन्स्टर कोर्ट में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का मामला चल रहा था। विजय माल्या किंगफिशर के मालिक विजय माल्या ने भारतीय बैंकों को 9 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाया। कर्ज लेने के बाद बिना चुकाए ही वह विदेश चले गए। वहीं किंगफिशर एयरलाइन भी बंद हो गई। 2016 से वह लंदन में रह रहे हैं। भारतीय एजेंसियां उन्हें भारत लाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। लग्जरी लाइफ बताया जाता है कि विजय माल्या विदेश में भी ऐश की जिंदगी जी रहे हैं। भारत में भी वह अपनी लग्जरी लाइफ स्टाइल के लिए जाने जाते थे। नितिन संदेसरा नितिन संदेसरा गुजरात के कारोबारी हैं। उनपर 5700 करोड़ के बैंक फ्रॉड का आरोप है। उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। जानकारी के मुताबिक 2017 में उनके खिलाफ जांच शुरू होने के बाद वह नाइजीरिया भाग गए। उनके पास नाइजीरिया और अलाबनिया की नागरिकता है। ललित मोदी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत करने वाले ललित मोदी 2010 से ही भारत से फरार हैं। उनपर आईपीएल नीलामी में बड़ी धोखाधड़ी के आरोप हैं। भारत कई बार उनके प्रत्यर्पण का प्रयास कर चुका है। BCCI ने लगा दिया था बैन ललित मोदी ने 2008 में आईपीएल की शुरुआत करवाई थी। उनपर आरोप था कि बिना अनुमति के ही अवैध तरीके से उन्होंने प्रसारण के अधिकार की नीलामी की। इसके बाद 2013 में बीसीसीआई ने उनपर बैन लगा दिया। टॉप-10 विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट कंपनी का नाम                                       बकाया गीतांजलि जेम्स लिमिटेड                           8,738 करोड़ रुपये एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड                  5,750 करोड़ रुपये         आरईआई एग्रो लिमिटेड                           5,148 करोड़ रुपये एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड                         4,774 करोड़ रुपये कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड           3,911 करोड़ रुपये रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड              2,894 करोड़ रुपये विनसम डायमंड्स एंड ज्वैलरी लिमिटेड     2,846 करोड़ रुपये फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड                     2,518 करोड़ रुपये श्री लक्ष्मी कॉटसिन लिमिटेड                     2,180 करोड़ रुपये जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड                 2,066 करोड़ रुपये आरबीआई ने दी है IBA को सलाह डॉक्टर भागवत कराड़ ने आगे कहा कि आरबीआई ने भारतीय बैंक संघ (IBA) को सलाह भी जारी की है कि बैंकों को इनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर प्रतिकूल असर डाले बिना जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों या बैंकों के साथ धोखाधड़ी वाले कर्जदारों के साथ समझौता करने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने RBI के 8 जून, 2023 के फ्रेमवर्क फॉर कॉम्प्रोमाइज सेटलमेंट्स एंड टेक्निकल राइट-ऑफ्स शीर्षक वाले परिपत्र का जिक्र किया. इसमें कहा गया है कि विनियमित संस्थाएं (RI) धोखाधड़ी या जानबूझकर डिफॉल्टर के रूप में वर्गीकृत खातों के संबंध में समझौता निपटान या तकनीकी राइट-ऑफ कर सकती हैं.   recent visitors 35

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत 10 महिला हितग्राहियों को बांस टूल किट प्रदान की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पांडेय को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत 10 महिला हितग्राहियों को बांस टूल किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि पांडेय ने लंबे समय से संगठन में कार्य किया है। उनकी कुशल संगठन क्षमता के बारे में हम सभी अवगत हैं। निश्चित ही अब उनके अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को मिलेगा। उन्होंने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘स्वावलंबी भारत’ के निर्माण एवं स्थानीय रोजगार सृजन में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हम सबको प्रेरित करते हैं। उन्होंने शासकीय भवनों से लेकर ट्रेनों तक में खादी वस्त्र की उपयोगिता को बढ़ावा दिया है। वे कहते हैं कि खादी हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वे हर वर्ष एक बार स्वयं दुकान जाकर खादी का वस्त्र खरीदते हैं और पहनते हैं। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के पास राष्ट्रीय बांस मिशन का भी कार्य है।उन्होंने कहा कि आज बांस से न केवल गुलदस्ते, ट्री गार्ड, बल्कि क्रैश बेरियर तक बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हो रहा है। उन्होंने बेमेतरा जिले के एक गांव का उल्लेख किया, जहाँ बांस के ऊंचे मीनार और क्रैश बेरियर बनाए जा रहे हैं, जिसकी प्रशंसा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी ने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर आए थे, तब महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने उन्हें बांस से निर्मित गुलदस्ता भेंट किया, जिसकी उन्होंने सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इन उत्पादों में रंगों का उपयोग किया जाए, तो उनका आकर्षण और मूल्य दोनों ही बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे उत्पादों को अधिक आकर्षक और बाज़ार योग्य बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए और मुझे विश्वास है कि बोर्ड इस दिशा में आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर मोदी की एक और गारंटी को पूर्ण करने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में "अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र" के लिए कॉमन सर्विस सेंटर सेवा प्रदाता एवं सरपंचों के मध्य एमओयू किया गया है। आगामी 24 अप्रैल पंचायत दिवस से इन केंद्रों में नगद भुगतान की सुविधा प्रारंभ होगी। इन केंद्रों से विभिन्न प्रमाण पत्र भी प्राप्त किए जा सकेंगे और ग्रामवासियों को अनेक वित्तीय सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा। इससे लोगों को विकासखंड एवं जिला मुख्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। इस सुविधा का विस्तार चरणबद्ध रूप से सभी ग्राम पंचायतों में किया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हर घर खादी पहुंचे, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष राकेश पांडेय को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, गजेंद्र यादव, अमर अग्रवाल, अनुज शर्मा, धरमलाल कौशिक, प्रेमप्रकाश पांडेय, पूर्व सांसद सुसरोज पांडेय सहित विभिन्न निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्षगण, गणमान्य नागरिकगण एवं छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। recent visitors 25

प्रदेश वर्षा के जल को सहेजने के लिये नई जल संरचनाओं का निर्माण भी किया जा रहा है। अभियान 30 जून तक जारी रहेगा

जल गंगा संवर्धन अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल की हर बूंद में जीवन का सार है। इसे सहेजने से ही जल संकट दूर होगा। इसी ध्येय से जनभागीदारी के साथ तीन माह का जल गंगा संवर्धन अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान के शुरूआती दौर में ही मंत्री, सांसद, नगरीय एवं पंचायत प्रतिनिधियों के साथ अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहे है। अभियान में जहाँ एक और पुराने जल स्त्रोतों की साफ-सफाई, गहरीकरण और जीर्णोद्धार किया जा रहा है, वही वर्षा के जल को सहेजने के लिये नई जल संरचनाओं का निर्माण भी किया जा रहा है। अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। शहडोल में तालाब का जीर्णोद्धार शहडोल जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रत्येक ग्राम पंचायत में जल संरक्षण के कार्य कराए जा रहे हैं। जल की बूंद-बूंद को सहेजने के लिए गांव-गांव में कुएं, तालाब, कुण्ड और बावड़ी जैसी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जिले के गांव कुमारी में वर्षा जल को सहेजने के लिए गांव के तालाब की सफाई के साथ उसका गहरीकरण भी किया गया। इसी प्रकार गांव खाम्हीडोल में भी तालाब का जीर्णोद्धार किया गया। छिंदवाड़ा में विद्यार्थियों ने श्रमदान कर की प्राचीन कुण्ड की सफाई जल गंगा संवर्धन अभियान के जिले के गांव मऊ के नाले में के साफ-सफाई की गई। इसमें से गाद निकाल कर पानी को स्वच्छ किया गया। बीसएसडब्ल्यू व एमएसडब्ल्यू के विद्यार्थियों रीना, शशि बारांगे, पप्पू चौधरी बंदेवार, सुनीता काहर, महिमा साहू, पंकज गाडरे और सागर पवार के साथ ग्रामवासी ने श्रमदान कियाय़ जन अभियान परिषद की पहल पर विद्यार्थियो ने पातालेश्वर धाम मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन जल कुंड से कूड़ा-करकट, पूजन सामग्री, वृक्ष के पत्ते निकालकर सफाई की। देवास में तालाब का किया जा रहा गहरीकरण देवास जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला प्रशासन एवं स्थानीय गांवो के जनसहयोग से सोनकच्छ विकासखंड की ग्राम पंचायत अगेरा के तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। इस तालाब के गहरा होने से अधिक वर्षा जल एकत्रितकिया जा सकेगा। इससे स्थानीय भूजल स्तर भी बढ़ेगा और पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा। उमरिया में जन सहयोग से पाली सगरा तालाब पर स्वच्छता अभियान उमरिया में जल संरक्षण के लिए ग्राम पंचायतों में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इसमें नदियों, तालाबों, कुओं की साफ सफाई की जा रही है। इसी श्रृंखला में गांव सगरा के पाली तालाब में साफ सफाई की गई। जन अभियान परिषद, नगर विकास प्रस्फुटन समिति और नवांकुर संस्था ने आपसी सहयोग से जल संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए दीवार लेखन और जल चौपालों का भी आयोजन किया। जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की सफलता के लिए समेकित प्रयास आवश्यक हैं। उअभियान में नागरिकों की सोच बदलती दिखने लगा है। नई पीढ़ी भी जन भागीदारी कदम से कदम मिलाकर शामिल हो रही है।   recent visitors 37

भोपाल में अंबेडकर जयंती पर जनसैलाब, सोशल जस्टिस समाचार पत्र की रीओपनिंग

Crowds gathered in Bhopal on Ambedkar Jayanti, Social Justice newspaper reopened भोपाल, ब्यूरो रिपोर्ट। राजधानी भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर आज हजारों की संख्या में नागरिक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष पहुंचे और पूजा-अर्चना एवं माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंबेडकर जयंती के इस अवसर पर कई सामाजिक संगठनों द्वारा टेंट लगाकर शीतल जल, चाय और नाश्ते की व्यवस्था की गई, जिससे उपस्थित जनसमूह को राहत मिली। इस खास दिन पर “दैनिक सोशल जस्टिस” समाचार पत्र की रीओपनिंग भी की गई, जिसमें दैनिक वांटेड टाइम्स के संपादक संदीप मानकर, पत्रकार सुशील दामले, राजधानी हलचल के संपादक प्रवीण बौद्ध, एवं कैलाश मानकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के पत्रकारिता और लेखनी से जुड़े पक्षों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे चार समाचार पत्रों के संपादक रह चुके हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पुस्तकें भी लिखीं, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। यह आयोजन अंबेडकर जयंती के साथ-साथ सामाजिक चेतना, पत्रकारिता और विचारों की आजादी को समर्पित एक प्रेरणास्पद क्षण बन गया। recent visitors 82

धामी सरकार की मदरसों पर है टेढ़ी नजर! हल्द्वानी में 18 मदरसों की जांच, 3 सील

 हल्द्वानी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सख्त निर्देशों का पालन करते हुए राज्य के हल्द्वानी में स्थानीय प्रशासन एक्शन मोड में आया हुआ है। हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में प्रशासन ने अवैध तौर पर संचालित मदरसों के खिलाफ छापेमारी की है। इस दौरान कई मदरसों को सील किया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है। ये इंतजाम इसलिए किए गए हैं क्योंकि इलाके में किसी तरह की अशांति ना फैले और कानून व्यवस्था भी बनी रहे। मदरसे हुए सील बता दें कि अपर जिला अधिकारी विवेक राय ने बताया है कि ये कार्रवाई उन मदरसों पर की गई है, जिनके पास मान्यता नहीं है। जिन मदरसों में शइक्षा विभाग व सरकार के नियमों का पालन नहीं हो रहा था उन्हें सील किया गया है। इन मदरसों ने बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता संबंधित मानकों का पालन किया है। प्रशासन को पहले कुछ मदरसों के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिली है। इनमें बच्चों के बैठने की व्यवस्था ना होना, साफ सफाई की कमी, शौचालय ना होना, सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था ना होगा। कई मदरसों में मस्जिदों में संचालित हो रहे थे। ये सरकारी नियमों के विरुद्ध है। इस कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हुआ है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि किसी तरह की अफवाह से बचने व शांति बनाए रखें। प्रशासन का कहना है कि ये कार्रवाई अवैध तौर से संचालित हो रहे शिक्षण संस्थानों के खिलाफ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ दिन पहले ही निर्देश दिए थे कि राज्य में सभी मदरसों की जांच की जाए।     recent visitors 58