उज्जैन में हनुमान जनमोत्स्व पर बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, 10000 हजार श्रद्धालुओं को एक साथ परोसी प्रसादी

उज्जैन  बाबा महाकाल की नगरी कहे जाने वाले उज्जैन में हनुमान जयंती पर एक अनूठा नजारा देखने को मिला। यहां के आंबापुरा में एक बड़ा आयोजन हुआ। जयवीर हनुमान मंदिर में विशाल भंडारा आयोजित किया गया। इसमें 10 हजार से ज्यादा भक्तों ने प्रसाद लिया। इस आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया। 13 अप्रैल को हुए इस कार्यक्रम में भगवान की पूजा और आरती की गई। समाजसेवी से लेकर जन सामान्य तक सभी लोगों ने इसमें आगे आकर भागीदारी की। एक व्यक्ति ने बताया कि यह आयोजन पिछले 20 सालों से हो रहा है। इस साल भक्तों की संख्या बहुत ज्यादा थी, इसलिए गोल्डन वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम को बुलाया गया। सुबह से लगा रहा भक्तों का जमघट हनुमान जन्मोत्सव पर जयवीर हनुमान मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से ही मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद महाआरती का आयोजन हुआ। फिर भगवान को भोग लगाया गया और भंडारा शुरू हुआ। भंडारे में भक्तों को बड़े ही प्रेम से खाना परोसा गया। उन्हें टेबल-कुर्सी पर बैठाकर दाल, बाफले, लड्डू और कढ़ी की प्रसादी दी गई। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी वहां मौजूद थी। टीम के एशिया हेड डॉ मनीष विश्रोई और जज वेदांत जोशी ने आयोजन करने वाली समिति को सर्टिफिकेट दिया। 13 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर पहले भगवान का विशेष पूजन-अर्चन और महाआरती की गई। आयोजक समाजसेवी सुनील चावंड के अनुसार पिछले 20 वर्षों से यह आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष गोल्डन वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम को बुलाया गया। 20 सालों से लगातार चल रहा भंडारा। भगवान को भोग अर्पित करने और आरती के बाद भंडारा शुरू हुआ। श्रद्धालुओं को टेबल-कुर्सी पर बिठाकर दाल, बाफले, लड्डू और कड़ी की प्रसादी परोसी गई। वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्रोई और जज वेदांत जोशी ने आयोजन समिति को प्रमाण पत्र सौंपा। डॉ. विश्रोई ने बताया कि समिति को 10 हजार लोगों को भोजन कराने का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन इससे कहीं अधिक श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से भोजन कराया गया। इस दौरान समाजसेवी नारायण यादव सहित अन्य समिति सदस्य भी मौजूद रहे। करीब 10 हजार श्रध्दालु भंडारे में शामिल हुए। 70 लोगों की टीम ने बनाया भोजन इस भंडारे के लिए रविवार को सुबह से ही करीब 70 लोगों की टीम भोजन बनाने में जुट गई थी। भंडारे के लिए 45 क्विंटल बाफले का आटा, 7 क्विंटल तुवर दाल, 5 क्विंटल दही, 30 किलो बेसन, 200 लीटर छाछ, लड्डू के लिए सामग्री 6 क्विंटल सूजी, 200 लीटर दूध, 25 डिब्बा देसी घी के, 60 किलो ड्राई फ्रूट्स शामिल थे। लक्ष्य से कहीं ज्यादा लोग आए समिति को 10 हजार लोगों को भोजन कराने का लक्ष्य दिया गया था। पर समिति ने जितने लोगों को खाना खिलाने का सोचा था, उससे कहीं ज्यादा लोगों को खिलाया और वो भी अच्छे से। इस भंडारे को सफल बनाने के लिए 70 लोगों की टीम ने बहुत मेहनत की। वे रविवार सुबह से ही भोजन बनाने में जुट गए थे। भंडारे में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बहुत ज्यादा थी। भक्तों ने भी किया योगदान भारी संख्या में भक्तों ने मिलकर भंडारे को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। यह आयोजन हर साल होता है और हर साल इसमें भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस साल गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने से आयोजन और भी खास हो गया। recent visitors 28

दिल्ली कैपिटल्स की जीत का सिलसिला रुका , कप्तान पर ठीकरा फूटा, 12 लाख की लग गई चपत

नई दिल्ली आईपीएल 2025 का 29वां मैच दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए अच्छा नहीं रहा. लगातार 4 मैचों में जीत के बाद उसे न सिर्फ हार झेलनी पड़ी, बल्कि कप्तान अक्षर पटेल को भी जुर्माना भरना पड़ा. उन पर धीमी ओवर गति के लिए 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. दिल्ली कैपिटल्स का आईपीएल के मौजूदा सीजन में जीत का सिलसिला अपने ही गढ़ में टूट गया, जब मुंबई इंडियंस (MI) ने उसे 12 रनों से मात दी. करुण नायर के 40 गेंदों में 89 रन के बाद मध्यक्रम के चरमराने और आखिर में रन आउट की हैट्रिक के कारण दिल्ली कैपिटल्स को यह हार मिली. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने विज्ञप्ति में कहा, ‘दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल पर दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के खिलाफ टाटा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 के मैच के दौरान धीमी ओवर गति बनाए रखने के कारण जुर्माना लगाया गया है.’ विज्ञप्ति के अनुसार, ‘यह आईपीएल की आचार संहिता के धीमी ओवर गति से संबंधित अनुच्छेद 2.22 के तहत उनकी टीम का सत्र का पहला अपराध था, इसलिए पटेल पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.’ कप्तान अक्षर पटेल के प्रदर्शन की बात करें, तो 5 मैचों में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला है और बल्ले से उन्होंने केवल 67 रन बनाए हैं. प्वाइंट्स टेबल में दिल्ली कैपिटल्स दूसरे स्थान पर कायम है. recent visitors 36

दिल्ली के लाल किले स्थित माधवदास पार्क में आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का भव्य समापन आज, अमित शाह रहेंगे मुख्य अतिथि

भोपाल दिल्ली के लाल किले स्थित माधवदास पार्क में आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का भव्य समापन सोमवार को किया जाएगा। समापन अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। विक्रम संवत के प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और योगदान पर केंद्रित इस महानाट्य का आयोजन 12 अप्रैल से शुरू हुआ था। तीन दिवसीय इस महामंचन के माध्यम से न केवल सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य और संस्कृति संरक्षण के कार्यों को प्रस्तुत किया गया, बल्कि यह आयोजन “सांस्कृतिक अभ्युदय से समृद्धि पथ पर अग्रसर मध्यप्रदेश” थीम पर केंद्रित रहा। आज अंतिम दिन भी यह महानाट्य शाम 6:30 बजे से लाल किले के माधवदास पार्क में मंचित किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से दर्शकों को मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और स्थानीय व्यंजनों से भी रूबरू होने का अवसर मिला है। कार्यक्रम स्थल पर "आर्ष भारत", "मध्यप्रदेश पर्यटन" और "एमपी फूड कोर्ट" जैसी प्रदर्शनियों को विशेष आकर्षण के रूप में शामिल किया गया है, जहां आगंतुकों ने बघेलखंडी, मालवी, विंध्य क्षेत्र के पारंपरिक स्वादों का आनंद लिया। यह आयोजन मध्यप्रदेश शासन द्वारा आयोजित “विक्रमोत्सव 2025” का हिस्सा है, जो प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास माना जा रहा है।   recent visitors 44

मेहुल चोकसी बेल्जियम में गिरफ्तार हो गया, पीएनबी में लोन घोटाले का आरोप, चोकसी ने स्वास्थ्य कारणों पर जमानत मांगी

नई दिल्ली पंजाब नेशनल बैंक के चर्चित घोटाले के प्रमुख आरोपी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) को आखिरकार बेल्जियम में गिरफ़्तार कर लिया गया है। यह गिरफ़्तारी भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर हुई है, जो लंबे समय से चौकसी की तलाश में थी। अभी फ़िलहाल बेल्जियम में हिरासत में है और CBI और ED की टीम वहाँ की एजेंसियों से लगातार संपर्क में हैं। आपको बता दें, हाल ही में ख़बर आयी थी कि भगोड़ा हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी जो पंजाब नेशनल बैंक से लोन फ्रोड में भारत से भाग चुका है, वह बेल्जियम में है। बेल्जियम के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वे मेहुल चोकसी की मौजूदगी से अवगत हैं और इस मामले पर नज़र रख रहे हैं। चोकसी को शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के आग्रह पर गिरफ्तार किया गया और फिलहाल वह जेल में है। भारतीय जांच एजेंसियों ने बेल्जियम के अधिकारियों को एक औपचारिक पत्र भेजा था, जिसमें चोकसी की गिरफ्तारी की मांग की गई थी, क्योंकि उसे उस देश में देखा गया था। इसके बाद बेल्जियम पुलिस ने 23 मई 2018 और 15 जून 2021 को मुंबई कोर्ट से जारी वारंट के आधार पर चोकसी को गिरफ्तार किया। मेहुल चोकसी पर करीब 14,000 करोड़ रुपए के लोन घोटाले में शामिल होने का आरोप है। 65 वर्षीय मेहुल चोकसी एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले चुका है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार भारत अब बेल्जियम से चोकसी के प्रत्यर्पण की मांग करेगा। चोकसी के साथ नीरव मोदी भी भारत में बैंक घोटाले में सह-आरोपी है। वह इस समय लंदन से प्रत्यर्पण का इंतजार कर रहा है। दोनों जनवरी 2018 में भारत से विदेश भाग गए थे। इसके कुछ दिन बाद पंजाब नेशनल बैंक में बड़े घोटाले का पता चला था। चोकसी ने मांगी जमानत बेल्जियम में गिरफ्तारी के बाद मेहुल चोकसी ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत मांगी है। चोकसी के वकील का कहना है कि उसका मुवक्किल बीमार है। इसलिए उन्हें जमानत देते हुए रिहा कर देना चाहिए। वकील ने बताया कि चोकसी इलाज के लिए एंटीगुआ और बारबुडा से बेल्जियम आए थे और अपनी पत्नी प्रीति चोकसी के साथ एंटवर्प में रह रहे थे। यहां उनको गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक, भारत की एजेंसी सीबीआई और ईडी बेल्जियम की अदालत में चोकसी की जमानत रोकने और उसके प्रत्यर्पण की तैयारी में जुट गई हैं। एजेंसियों की कोशिश है कि चोकसी को भारत वापस लाकर उस पर मुकदमा चलाया जाए। हालांकि चोकसी की नागरिकता, मेडिकल स्थिति और कानूनी प्रक्रिया के चलते ये आसान नहीं होगा। कैसे गिरफ्तार हुआ मेहुल चौकसी? भारतीय अधिकारियों ने बेल्जियम से यह अनुरोध किया था कि वह मेहुल चोकसी को वहाँ ढूंढे और उसके बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करें। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने उसकी गिरफ़्तारी की कार्रवाई शुरू की। जिसके बाद बेल्जियम में मेहुल चोकसी को गिरफ़्तार किया गया है, बताया जा रहा है कि मेहुल चोकसी कैंसर का इलाज कराने के लिए स्विट्ज़रलैण्ड जाने की योजना बना रहा था। फ़िलहाल नीरव मोदी कहाँ है? मेहुल चोकसी का धोखा धड़ी में साथ देने वाला उनका भांजा नीरव मोदी, फ़िलहाल लंदन की जेल में बंद हैं। उसे भारत भेजे जाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। नीरव मोदी भी इस मामले में बराबर का दोषी है। इसलिए इसे भी PNB घोटाले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। मेहुल चोकसी ने कब किया था यह घोटाला? मेहुल चोकसी के द्वारा PNB घोटाला 2018 में हुआ था। इस धोखाधड़ी में मेहुल चोकसी और उसके भांजे ने क़रीब 14,000 करोड़ रुपये का लोन लिया और उसे अभी तक चुकाया नहीं। आपको बता दें, इस धोखाधड़ी की जानकारी फ़रवरी 2018 में सामने आयी थी, जिसके बाद दोनों आरोपी देश से भाग गए थे। मेहुल चोकसी कौन है? मेहुल चोकसी एक भगोड़ा भारतीय व्यवसायी और गीतांजलि समूह का मालिक है। गीतांजलि ग्रुप भारत में करीब 4,000 स्टोर वाली आभूषण फर्म है। चोकसी ने 2018 में भारत से भागने के बाद एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ली है। चोकसी अपने भतीजे नीरव मोदी के साथ पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 14,000 करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोपी है। इस मामले में भारतीय जांच एजेंसियों क चोकसी की तलाश है। हीरा कारोबारी रहा है चोकसी 65 वर्षीय मेहुल चोकसी इंटरनेशनल हीरा कारोबारी रहा है। उसका कारोबार भारत के साथ अमेरिका, मिडिल ईस्ट और साउथ ईस्ट एशिया तक फैला हुआ था। चोकसी गीतांजलि ग्रुप का मालिक है। गीतांजलि ग्रुप भारत में करीब 4,000 स्टोर वाली आभूषण फर्म है। इसकी कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड हीरे और आभूषणों के व्यापार में अग्रणी मानी जाती थी। इसके दुनिया के दूसरे देशों में भी शोरूम थे। चौकसी का कारोबार गहनों के डिजाइन, निर्माण और बिक्री से जुड़ा हुआ था। एक समय में चोकसी का नाम भारत के प्रमुख ज्वेलर्स में शामिल था। बॉलीवुड सितारे करते थे विज्ञापन चोकसी ने साल 1975 में जेम्स और डायमंड कारोबार में कदम रखा। उसने अपने पिता से गीतांजलि जेम्स के कारोबार की जिम्मेदारी हासिल की। मेहुल ने अपने Gitanjali Gems के कई ब्रांड डेवलप किए। इनमें गिली, नक्षत्र, अस्मि, माया, दिया, संगिनी, डी डमास आदि शामिल हैं। इन ब्रांड्स के विज्ञापनों में कई बड़े बॉलीवुड सितारे नजर आते थे। कितनी है नेटवर्थ? मेहुल चोकसी की नेटवर्थ इस समय कितनी है, इसके बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं है। भारत से भागने से पहले उसकी कंपनी गीतांजलि का कारोबार करोड़ों रुपये में था। कहा जाता है कि पैसा कमाने के लिए चोकसी ने अपने कारोबार को भी दांव पर लगा दिया था। यहां तक कि उसने हीरे की गुणवत्ता से भी समझौता किया था। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में चोकसी की नेटवर्थ करीब 20 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। एक इंटरव्यू में मेहुल चोकसी ने खुद बताया था कि भारत छोड़ते वक्त उसके पास 20,000 करोड़ की संपत्ति थी। हालांकि पीएनबी घोटाले के बाद ईडी और सीबीआई ने उसकी संपत्ति जब्त कर ली थी। चोकसी ने बताया था कि संपत्ति जब्त होने के बाद अब उसके पास कुछ नहीं बचा है। पिछले साल दिसंबर में ईडी ने बैंकों को चोकसी की 125 करोड़ रुपये की संपत्ति लौटा दी थी। इसमें मुंबई में चोकसी के फ्लैट, कारखाने, … Read more

मोहन सरकार ने उज्जैन, अशोक नगर, हरदा और विदिशा के कलेक्टरों का तबादला किया, 9 तेजर्रार आईएएस अफसरों का एक झटके में ट्रांसफर हुआ.

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृह क्षेत्र उज्जैन समेत चार जिलों के कलेक्टरों को बदल दिया. राज्य सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी आदेश के अनुसार नौ आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है. इसमें कहा गया है कि उज्जैन, अशोक नगर, हरदा और विदिशा के जिला कलेक्टरों का तबादला किया गया है. उज्जैन कलेक्टर को हटाया उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक के पद पर स्थानांतरित किया गया है और उनकी जगह विदिशा कलेक्टर रोशन कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है. हरदा कलेक्टर आदित्य सिंह, सुभाष कुमार द्विवेदी की जगह अशोक नगर के नए कलेक्टर होंगे, जिन्हें जीएडी का अतिरिक्त सचिव बनाया गया है. सिद्धार्थ जैन हरदा के नए कलेक्टर होंगे, जबकि अंशुल गुप्ता विदिशा जिले के नए कलेक्टर होंगे. बसंत कुर्रे को श्रम विभाग भेजा संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बसंत कुर्रे को श्रम विभाग में अपर सचिव बनाया गया है. अशोकनगर के कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी को उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में भेजा गया है. वहीं इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह को उज्जैन सिंहस्थ मेले का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. देवास के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति को कार्यकारी संचालक मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम इंदौर बनाया गया है. शिवांगी जोशी को भोपाल में बड़ी जिम्मेदारी इसके अलावा राजेश कुमार गुप्ता को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन नीति विश्लेषण संस्थान के संचालक पद से हटाकर मध्यप्रदेश शासन में उप सचिव विभाग संस्कृति विभाग बनाया गया है. 2019 बैच की शिवांगी जोशी को जबलपुर संयुक्त कलेक्टर से हटकर मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम भोपाल में महाप्रबंधक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वर्तमान में इंदौर की अपर कलेक्टर और 2018 बैच की अधिकारी सुश्री ज्योति शर्मा को मुख्य कार्यपालन अधिकारी देवास बनाया गया है. उज्जैन कलेक्टर का पारिवारिक विवाद आया था सामने बीते दिनों उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह का पारिवारिक विवाद सामने आया था। इस घटनाक्रम की चर्चा सीएम हाउस तक पहुंची थी। हालांकि मामले में किसी पक्ष ने कोई शिकायत नहीं की थी। माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम के बाद कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को भोपाल भेजा गया है। लगातार दूसरे जनसंपर्क संचालक विदिशा के कलेक्टर शिवराज सिंह चौहान के संसदीय मुख्यालय विदिशा में जनसंपर्क विभाग के संचालक रौशन कुमार सिंह को 8 महीने पहले विदिशा कलेक्टर बनाकर भेजा गया था। रौशन को सीएम मोहन यादव का करीबी माना जाता है। रौशन कुमार सिंह के बाद अब जनसंपर्क विभाग के संचालक अंशुल गुप्ता को विदिशा का कलेक्टर बनाकर भेजा गया है। अंशुल विदिशा के दूसरे ऐसे कलेक्टर होंगे जो जनसंपर्क संचालक के बाद विदिशा के कलेक्टर की कमान संभालेंगे। इन अफसरों के पास ये अतिरिक्त प्रभार     जनजातीय कार्य विभाग के पीएस गुलशन बामरा को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान भोपाल के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह को सिंहस्थ मेला उज्जैन के मेला अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।     राज्य योजना आयोग के सदस्य सचिव ऋषि गर्ग को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान भोपाल के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। राज्य प्रशासनिक सेवा के दो अफसरों के तबादले     अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल के संचालक राजेश गुप्ता को संस्कृति विभाग में उप सचिव बनाया गया है।     जबलपुर की संयुक्त कलेक्टर को मप्र राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम का महाप्रबंधक बनाया है।     शिवांगी के पास विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अवर सचिव का भी अतिरिक्त प्रभार रहेगा। recent visitors 51

Ambedkar की जयंती पर महू जाएंगे CM Dr. Mohan Yadav

महू भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 134वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक कई कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आंबेडकर जयंती के दिन सोमवार को डॉ. आंबेडकर नगर (महू), इंदौर में उनकी जन्मस्थली पर आयोजित राजकीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। साथ ही भारतीय जनता पार्टी राज्यभर में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कर डॉ. आंबेडकर को याद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 11 बजे डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को नमन कर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वे अस्थि कलश स्थल पर पुष्पवर्षा में भाग लेंगे और भंते धर्मशील जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एक विशेष पुस्तक का विमोचन करेंगे और ‘भीम रत्न अवार्ड’ से विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी करेंगे। महू स्थित जन्मस्थली पर प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं और अनुयायियों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम पूरी आस्था और गरिमा के साथ मनाया जाता है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी संविधान के संरक्षण और मूल भावना के सम्मान में प्रदेश के सभी जिलों और मंडलों में सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का पाठ करेगी। यह कार्यक्रम कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें राहुल गांधी लगातार भाजपा पर संविधान बदलने की मंशा का आरोप लगाते रहे हैं। राजधानी भोपाल में यह आयोजन बोर्ड ऑफिस चौराहे पर होगा। इस मुख्य कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की उपस्थिति प्रस्तावित है। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह आयोजन अंबेडकर जयंती के प्रति श्रद्धा भाव तो प्रदर्शित करेगा ही, साथ ही यह संदेश भी देगा कि भाजपा संविधान के मूल सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।   recent visitors 33

वन विकास निगम की बड़ी जिम्मेदारी मिलने से जनजातीय समाज को इसका लाभ मिलेगा: मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष रामसेवक पैकरा के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और पैकरा को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे और उन्होंने पैकरा को नए दायित्व की बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रामसेवक पैकरा वरिष्ठ राजनेता हैं और सामाजिक जीवन का उन्हें लंबा अनुभव है। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। वे हमेशा से आदिवासी और वनवासी समुदायों के प्रति संवेदनशीलता और धरातल से जुड़कर कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्हें वन विकास निगम की बड़ी जिम्मेदारी मिलने से जनजातीय समाज को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 44 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो न केवल जैव विविधता और पर्यावरण के लिए बल्कि आदिवासी संस्कृति और आजीविका के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वनवासी समुदायों के हित में सरकार द्वारा की जा रही पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 4 करोड़ पौधों के रोपण एवं वितरण का लक्ष्य रखा गया है, वहीं बिगड़े वनों के सुधार हेतु 310 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में अब तक 3 करोड़ 50 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 36