शराब घोटाले से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने आज सुबह रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टूटेजा के घर छापेमारी की

रायपुर पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा के घर CBI की टीम ने दबिश दी है। यह कार्रवाई नान, महादेव ऐप, कोयला तथा आबकारी घोटालों से जुड़े मामलों में की जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से आई CBI टीम ने अनिल टुटेजा के निवास पर छापेमारी की है। हालांकि अभी तक किसी भी स्तर पर इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन CBI की टीम द्वारा तलाशी कार्रवाई जारी है। यह छापेमारी छत्तीसगढ़ के चर्चित घोटालों की कड़ी जांच का हिस्सा मानी जा रही है जिससे राज्य की पूर्ववर्ती शासन व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल उठ सकते हैं। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपियों में अनिल टुटेजा का नाम भी है। ईडी के अनुसार, भूपेश बघेल सरकार के समय सरकारी शराब के नाम पर 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का घोटाला किया गया है। आरोप है कि घोटाले को अनिल टुटेजा के अलावा आबकारी विभाग के एमडी अरुणपति त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर ने सिंडिकेट के जरिए अंजाम दिया था। दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत बता दें कि पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाले में एक वर्ष से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के आधार पर सशर्त जमानत दी थी। लेकिन केवल ईडी के केस में राहत मिली है. उनके खिलाफ ईओडब्ल्यू ने भी केस दर्ज किया है, जिसकी वजह से जमानत मिलने के बाद भी वह जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। recent visitors 34

20 अप्रैल के बाद नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, दिल्ली में मंथन तेज, नया अध्यक्ष कौन?

नई दिल्ली नई दिल्ली की सियासी फिज़ाओं में हलचल तेज है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) एक बार फिर संगठनात्मक बदलाव की दहलीज़ पर खड़ी है। पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही चर्चाओं को अब ठोस दिशा मिलने वाली है, क्योंकि 20 अप्रैल के बाद नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली आवास पर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक ने इन कयासों को और हवा दी है। इस मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महासचिव बी.एल. संतोष जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में पार्टी के भविष्य की रणनीति और नेतृत्व में संभावित बदलाव को लेकर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। पांच नाम, एक कुर्सी: किसे मिलेगी कमान? विश्वसनीय पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष को लेकर पांच नामों पर चर्चा जोरों पर है – और इस बार पार्टी दक्षिण भारत, विशेषकर कर्नाटक से किसी नेता को कमान सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है। आइए जानते हैं इस रेस में शामिल नेताओं के बारे में:   1. प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल रहे धारवाड़ से सांसद जोशी संगठन और संघ दोनों में गहरी पैठ रखते हैं। उनका अनुशासित नेतृत्व और प्रशासनिक अनुभव उन्हें सबसे मजबूत दावेदार बनाता है। 2. बी.एल. संतोष आरएसएस की पृष्ठभूमि से आए बी.एल. संतोष का नाम संगठन के लिए स्वाभाविक पसंद माना जा रहा है। वह पार्टी और संघ के बीच मजबूत पुल की भूमिका निभाते हैं। 3. सी.टी. रवि तेजतर्रार और आक्रामक तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले रवि, कर्नाटक में संगठन को मज़बूती देने के लिए जाने जाते हैं। संघ से जुड़ाव और ज़मीनी पकड़ उनकी खास ताकत है। 4. धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा से सांसद और चुनावी रणनीति के माहिर खिलाड़ी प्रधान, लंबे समय से शीर्ष नेतृत्व की रेस में हैं। संगठन को विस्तार देने में उनकी भूमिका हमेशा से अहम रही है। 5. भूपेंद्र यादव राजस्थान से आने वाले भूपेंद्र यादव का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। पर्यावरण मंत्री के रूप में उन्होंने प्रशासनिक कार्यकुशलता दिखाई है, और संगठन में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। एक चौंकाने वाला नाम भी चर्चा में… सबको चौंकाते हुए, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का नाम भी अचानक चर्चा में आया है। यदि प्रधानमंत्री मोदी उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपते हैं, तो यह एक अप्रत्याशित लेकिन बेहद रणनीतिक फैसला हो सकता है। अब सबकी निगाहें 20 अप्रैल के बाद की राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हैं। क्या दक्षिण भारत से नया नेतृत्व उभरेगा? या पीएम मोदी एक बार फिर सबको चौंका देंगे? recent visitors 53

यात्रीगण कृपया ध्यान दें, भोपाल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनें इन तारीख को रहेंगी कैंसिल

नर्मदापुरम  उत्तर पूर्व रेलवे के गोरखपुर मंडल के गोरखपुर जंक्शन–गोरखपुर कैंट खंड के मध्य तीसरी लाइन के इंटरलॉकिंग कार्य के कारण भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली निम्नलिखित गाड़ियाँ अपनी निर्धारित तिथियों में निरस्त रहेंगी.     गाड़ी संख्या 11037 पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस 17 अप्रैल एवं 02 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 11038 गोरखपुर–पुणे एक्सप्रेस 19 अप्रैल एवं 03 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12511 गोरखपुर–कोचुवेली एक्सप्रेस 27 अप्रैल, 01, 02 एवं 04 मई 2025 को रद्द रहेगी.     गाड़ी संख्या 12512 कोचुवेली–गोरखपुर एक्सप्रेस 30 अप्रैल, 04, 06 एवं 07 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12589 गोरखपुर–सिकंदराबाद एक्सप्रेस 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12590 सिकंदराबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12591 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 26 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12592 सिकंदराबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस 28 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12597 गोरखपुर–छत्रपति शिवाजी महाराज ट. एक्सप्रेस 22 एवं 29 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12598 छत्रपति शिवाजी महाराज ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 23 एवं 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी     गाड़ी संख्या 15017 लोकमान्य तिलक ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15018 गोरखपुर–लोकमान्य तिलक ट. एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15023 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 22 एवं 29 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15024 यशवंतपुर–गोरखपुर एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15029 गोरखपुर–पुणे एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15030 पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस 26 अप्रैल एवं 03 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15045 गोरखपुर–ओखा एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15046 ओखा–गोरखपुर एक्सप्रेस 27 अप्रैल एवं 04 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15065 गोरखपुर–पनवेल एक्सप्रेस 15, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 25, 27, 28, 29 अप्रैल एवं 01, 02, 04 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15066 पनवेल–गोरखपुर एक्सप्रेस 16, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 25, 26, 28, 29, 30 अप्रैल एवं 02, 03, 05 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15067 गोरखपुर–बांद्रा ट. एक्सप्रेस 16, 23 एवं 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15068 बांद्रा ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 18, 25 अप्रैल एवं 02 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 20103 गोरखपुर–लोकमान्य तिलक ट. एक्सप्रेस 19 अप्रैल से 02 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 20104 लोकमान्य तिलक ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 20 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 22533 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 28 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 22534 यशवंतपुर–गोरखपुर एक्सप्रेस 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी. गर्मियों में समर स्पेशल ट्रेन में यात्री लें मजा, रेलवे ने चलाई वापी-दानापुर-वलसाड ट्रेन यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें. उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें. recent visitors 59

18 अप्रैल का दिन आईपीएल के लिए है बेहद खास, आज के ही दिन हुआ था आगाज, ब्रैंडन मैक्कुलम की चली थी आंधी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के दशकों पुराने इतिहास में 18 अप्रैल का दिन बेहद खास है. इसी दिन साल 2008 में दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत हुई थी. आईपीएल का उद्घाटन मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच खेला गया था. बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित उस पहले ही मैच में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैक्कुलम का जलवा देखने को मिला था. मैक्कुलम की आंधी में ढह गई थी आरसीबी ब्रैंडन मैक्कुलम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए ओपनिंग करने उतरे और रनों का अंबार लगा दिया. मैक्कुलम ने सिर्फ 73 गेंदों पर नाबाद 158 रनों की धुआंधार पारी खेली थी. इस दौरान उनके बल्ले से 13 छक्के और 10 चौके निकले. मैक्कुलम की यादगार पारी के दम पर सौरव गांगुली की अगुवाई वाली केकेआर ने तीन विकेट पर 222 रनों का स्कोर खड़ा किया. जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पूरी टीम 15.1 ओवर्स में महज 82 रनों पर ढेर हो गई और उसे 140 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा. उस मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी राहुल द्रविड़ कर रहे थे, जो आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स (RR) के मौजूदा हेड कोच हैं. मैक्कुलम को उनकी ऐतिहासिक इनिंग्स के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया था. आईपीएल का पहला सीजन राजस्थान रॉयल्स ने जीता था. ऑस्ट्रेलिया के महानतम स्पिनर शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स चैम्पियन बनने में कामयाब रही थी. तब राजस्थान रॉयल्स ने फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को 3 विकेट से शिकस्त दी थी. वह मुकाबला 1 जून 2008 को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में खेला गया. उस मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में थी. धोनी मौजूदा आईपीएल सीजन में भी ऋतुराज गायकवाड़ के बाहर होने के बाद सीएसके की कप्तानी कर रहे हैं. राजस्थान रॉयल्स बनी थी आईपीएल की पहली चैम्पियन, फोटो: X आईपीएल का पहला ही सीजन बेहद सफल एवं रोमांचक रहा. आगे चलकर फैन्स का रुझान क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट की ओर इस कदर बढ़ा कि यह लीग लोकप्रियता के शीर्ष पर जा पहुंचा. आईपीएल ललित मोदी की सोच थी. ग्लैमर और चकाचौंध के तड़के के बीच इस लीग में इतना पैसा बरसा कि दुनिया देखती ही रह गई. आईपीएल ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की रेवेन्यू में चार चांद लगा दिया. ऐसे में बाकी देशों के बोर्ड आर्थिक तौर पर बीसीसीआई से कोसों पीछे छूट गए. विवादों से भी रहा है आईपीएल का नाता आगे चलकर बाकी देशों ने भी आईपीएल के मॉडल को अपनाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें उतनी कामयाबी नहीं मिली. आईपीएल के अबतक 17 सीजन हो चुके हैं और 18वां सीजन जारी है. खास बात यह है कि आईपीएल में आज बेंगलुरु के ही एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पंजाब किंग्स (PBKS) की टक्कर होनी है. एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में ही आईपीएल का आगाज हुआ था. आईपीएल के मुकाबले तो हिट होते चले गए, लेकिन दूसरी तरफ कई विवादों में भी यह लीग घिरी रही. आईपीएल 2010 फाइनल के बाद ललित मोदी को बीसीसीआई से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. ललित मोदी पर पैसे की हेराफेरी सहित कई आरोप लगे थे. बता दें कि ललित मोदी 2008 से 2010 तक यानी पहले तीन सीजन में आईपीएल के चेयरमैन और कमिश्नर रहे थे. फिर सबसे बड़ा विवाद साल 2013 में सामने आया, जब राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों पर स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा. उस समय बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद को अवैध सट्टेबाजी में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. recent visitors 43

धार में ट्रेलर की टक्कर से महिला की मौत, कार सवार लोग हुए घायल

बाकानेर  धार जिले के बाकानेर के पास बारात लेकर बड़दा पुनर्वास जा रही एक बस अचानक पलटी खा गई। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई। वहीं धार के नागेश्वर के पास ट्रेलर की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई। बस के नीचे दब गई महिला जानकारी के मुताबिक नागदा जंक्शन से बारात लेकर बड़दा पुनर्वास जा रही बस सुबह 5 बजे मान नदी के किनारे रुकी थी। इसके बाद बारात में शामिल कुछ महिलाएं बस में बैठ गईं और पुरुष बस को धक्का लगाकर स्टार्ट करने की कोशिश करने लगे। सड़क पर ढलान होने की वजह से बस पीछे की ओर आ गई और टीन शेड के ढाबे को तोड़ती हुई पलट गई। घटना में वहां खड़ी एक महिला बस के नीचे आ गई और उसकी वहीं मौत हो गई। घटना के बाद बारातियों में चीख-पुकार मच गई। अंदर बैठी महिलाए जैसे-तैसे बाहर निकलीं। घटना के बाद बाकानेर के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और क्रेन को बुलवाकर नीचे दबी महिला बबीता पति रामुसिंह को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यहां ट्रेलर की टक्कर से महिला की मौत उज्जैन से राजगढ़ जा रहे जैन परिवार के नयन पिता मुकेश अम्बोर जैन निवासी राजगढ़ धार की कार को नागेश्वर के पास ब्रिज पर तेज रफ्तार से आ रहे ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मारी। ट्रेलर कार को 50 फीट तक घसीटकर ले गया। इसमें महिला पूजा पति नयन जैन 30 वर्ष की स्पॉट पर ही मृत्यु हो गई और नयन जैन 32 वर्ष गंभीर घायल हो गए। नयन को इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया। कार में पांच लोग सवार थे। इनमें दो छोटी जुड़वा बच्चियां भी शामिल हैं। recent visitors 57

मंच टूटने के बाद एमपी कांग्रेस ने कार्यक्रमों को लेकर जो गाइडलाइन बनाई

भोपाल भोपाल में पिछले महीने यानि 10 मार्च को रंगमहल चौराहे पर किसान कांग्रेस द्वारा आयोजित विधानसभा घेराव के कार्यक्रम का मंच टूट गया था। इस घटना में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव सिंह, महेन्द्र सिंह चौहान, महेन्द्र जोशी सहित आधा दर्जन नेता गंभीर घायल हुए थे। कांग्रेस ने पार्टी के सभी विधायकों, सांसदों, जिला अध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रभारी, सह प्रभारी, संगठन मंत्रियों और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ पूर्व सांसद, पूर्व विधायकों को पार्टी के कार्यक्रमों की मंच व्यवस्था, स्वागत, भाषण, वाहन व्यवस्था और बैकड्रॉप की गाइडलाइन भेजी है। जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों पर इसे पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। दिल्ली से मंजूरी मिली, भोपाल में चर्चा बाकी एमपी कांग्रेस ने कार्यक्रमों को लेकर जो गाइडलाइन बनाई है, उसकी दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमीटी (एआईसीसी) से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। प्रदेश स्तर पर 20 अप्रैल को होने वाली बैठक में सहमति के बाद इसे जारी कर दिया जाएगा। प्रदेश के जिन नेताओं पदाधिकारियों को यह गाइडलाइन भेजी गई है, उनसे यह कहा गया है कि यदि कोई सुझाव हो तो 19 अप्रैल तक भेज दें ताकि जरूरी सुझावों को शामिल करते हुए इसे फाइनल मंजूरी मिल सके। कार्यक्रमों के पहले की तैयारियां     कार्यक्रमों में महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर की फोटो अनिवार्यतः: रखवाई जाएं। और अतिथियों द्वारा सूत की माला से माल्यार्पण किया जाए।     कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के गायन से किया जाए।     कार्यक्रम के समापन में जन-गण-मन अनिवार्य रूप से कराया जाए।     मंच संचालक द्वारा सभी को इस संबंध में कार्यक्रम के दौरान इन बातों को बार-बार दोहराया जाए। ताकि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के दौरान अनुशासन का पालन हो। जिला स्तर के कार्यक्रम के लिए प्रोटोकॉल जिला स्तरीय मंच- जिला स्तर के संगठन के ऐसे कार्यक्रम जिसमें बडे़ नेताओं, प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश प्रभारी शामिल हों। उस कार्यक्रम में सिर्फ 12 बाय 12 फीट और 3 फीट ऊंचाई का मंच वक्ताओं के लिए बनाया जाएगा, जिसमें बोलने के लिए बीचों बीच डायस रखी जाएगी। इस मंच पर बैकड्रॉप में 16 बाय 16 फीट का होर्डिंग लगाया जाएगा। यानि मंच पर कोई नेता नहीं बैठेगा। नाम बुलाने पर नेता डायस पर जाकर स्पीच देंगे और नीचे कार्यकर्ताओं के साथ बैठेंगे। recent visitors 62

अमित शाह बोले- जवानों ने नक्सलियों को चार जिलों तक समेट कर रख दिया

नीमच गृह मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ की पीठ ठोकते हुए कहा कि नक्सलियों का पशुपतिनाथ से तिरुपति तक का सपना टूट गया है। उन्होंने कहा कि नक्सली नेपाल से लेकर आंध्र प्रदेश तक अपना दबदबा कायम करना चाहते थे लेकिन अब वे केवल चार जिलों में सिमटकर रह गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह नीमच में सीआरपीएफ स्थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के योगदान से कुछ ही दिनों में देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन से खूंखार नक्सली भी खौफ खाते हैं। कोबरा बटालियन की अगुआई में सीआरपीएफ ने नक्सलवाद को खत्म करने में बड़ा योगदान दिया है। 21 मार्च 2026 तक इस देश से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। शाह ने कहा कि माओवाद प्रभावित इलाकों में 400 से ज्यादा फॉरवर्ड बेस बनाए गए हैं। इसके चलते 10 साल के अंदर ही माओवादी घटनाओं में 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद शांति बहाल करना हो या फिर शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न करवाना, सीआरपीएफ के जावान देश की सेवा में लगे ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में चुनाव से पहले बूथ पर हमले और लूट की आशंका जताई गई थी। लेकिन सीआरपीएफ के जवानों की मुस्तैदी की वजह से एक भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। कश्मीर में चुनाव के दौरान एक भी गोली नहीं चली। गुरूवार को शाह ने सिरोही जिले के आबूरोड स्थित ब्रह्मकुमारीज हैडक्वार्टर शांतिवन में आयोजित सुरक्षा बल के कर्मियों के लिए आंतरिक जागृति के माध्यम से आत्म-सशक्तीकरण विषयक राष्ट्रीय संवाद के शुभारम्भ के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के मन, आत्मा और शरीर को शांति का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में कार्य करने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ संस्था को साधुवाद दिया। शाह ने कहा है कि सशस्त्र बलों के सुरक्षाकर्मी माइनस 46 डिग्री सेल्सियस से लेकर 46 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में अपने जीवन का स्वर्णकाल देकर हमारी सीमाओं की सुरक्षा करते हैं और उनके त्याग-तप और बलिदान के कारण आज हम सुरक्षित हैं। recent visitors 54