सीधी जिले में भी एक पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति के कत्ल की रची साजिश, अस्पताल में मौत से संघर्ष कर रहा पति

रीवा सीधी जिले में उत्तर प्रदेश के मेरठ कांड जैसा सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मेरठ में जिस तरह से मुस्कान नाम की महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या की थी ठीक उसी तरह सीधी जिले में भी एक पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति के कत्ल की साजिश रच डाली। इस साजिश का शिकार होते-होते पति बाल बाल बच गया, लेकिन पत्नी द्वारा कराए गए हमले में वह अभी भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। दरअसल अपने आशिक के प्रेम में पागल पत्नी ने पति को मौत के घाट उतार देने की साजिश रची और पति के शरीर पर चाकू से बेवफाई की तहरीर लिख दी। रीवा के अस्पताल में भर्ती कराया पति के शरीर पर चाकू से एक दर्जन से अधिक हमले किए गए, इसके बाद भी जब जी नहीं भरा तो गाड़ी चढ़ाकर उसे करने का प्रयास किया गया। फिलहाल घायल की हालत गंभीर है और उसका उपचार रीवा के संजय गांधी अस्पताल में जारी है। सीधी के ककरहा झार की घटना दरअसल यह सनसनीखेज घटना सीधी जिले के ककरहा झार की बताई जा रही है, परिजनों ने आरोप लगाया कि घायल रईस साकेत की पत्नी फोन पर अपने आशिक से बात किया करती थी। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच हमेशा विवाद होता था। बताया गया कि शादी के अभी 2 वर्ष भी पूरे नहीं हुए थे कि पति-पत्नी के रिश्तों में दरार आने लगी।   पहले रईस साकेत के शरीर पर चाकू से ताबड़तोड़ हमले किए गए, इसके बाद लोडर वाहन चढ़ाकर उसे मारने का प्रयास किया गया। फिलहाल गंभीर हालत में रईस साकेत को उपचार के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां आईसीयू वार्ड में उसका इलाज चल रहा है। recent visitors 40

उमरिया जिले के विश्वविख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बाघ बना रहे लोगो को निशाना, आज महिला पर किया हमला

उमरिया उमरिया जिले के विश्वविख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर परिक्षेत्र से समीपी ग्राम ग्राम सेमरिया से लगे जंगल में महुआ बीनने गई एक महिला को बाघ ने हमला कर घायल कर दिया है। घटना रविवार सुबह की है जब 38 वर्षीय रीना बैगा महुआ बीनने घर से लगे जंगल की ओर गई थी। जहां झाड़ियों में छिपे बाघ ने उस पर हमला कर घायल कर दिया है। घटना की जानकारी के बाद पार्क प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची।   अस्पताल में चल रहा महिला का इलाज घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार कराया जा रहा है। वहीं पार्क प्रबंधन की टीम ने घायल महिला का संपूर्ण उपचार कराने की जिम्मेदारी ली है। परिक्षेत्राधिकारी विजय शंकर श्रीवास्तव ने बताया है कि शनिवार को ग्राम पिपरिया निवासी 14 वर्षीय बालक विजय कोल के ऊपर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। उसी बाघ के द्वारा महिला के ऊपर हमले की आशंका है। दो अप्रैल को भी एक महिला की ले ली थी जान बांधवगढ़ के पंपदा रेंज में 2 अप्रैल को कुशवाहा कोठिया गांव के करीब बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई थी। उस दौरान भी महुआ बीन रही महिला पर बाघ ने हमला किया था। बार-बार बाघ के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।   महुआ बीनने का समय इस मौसम में महुए नीचे गिर जाते हैं, इन्हें बीनने के लिए ग्रामीण जंगल में जाते हैं। महुआ ही यहां ग्रामीणों की आय का सबसे बड़ा स्त्रोत है। ऐसे में वे अपनी जान जोखिम में डालकर महुआ बीनने के लिए जंगल में जाते हैं। recent visitors 29

गुना में शोभायात्रा पर पथराव में वीडियो के आधार पर 9 गिरफ्तार, पुलिस अधिकारियों ने हंगामा कराया शांत

गुना गुना शहर में एक मस्जिद के सामने हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा पर शनिवार को पथराव किया गया तो इसके विरोध में गुस्साए हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। उन्होंने उपद्रवियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बाजार बंद करा दिया। चक्काजाम के साथ ही थाने का भी घेराव भी किया गया। देर रात तक हंगामे के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने उपद्रवियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब हंगामा शांत हुआ। पुलिस ने दंगा, हत्या के प्रयास और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, मारपीट जैसे मामलों में केस दर्ज किया गया है।   5 नामजद और 20 अज्ञात आरोपी पांच नामजद और 15-20 अज्ञात पर मामला दर्ज हुआ है। एएसपी मानसिंह ठाकुर ने बताया कि उपद्रव के वीडियो फुटेज के आधार पर नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, शेष की तलाश जारी है। शहर में माहौल शांतिपूर्ण है और यहां भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। डीजे बजाने पर हुआ विवाद दरअसल, शहर के कोल्हूपुरा से निकलकर हाट रोड रपटा की ओर जा रही थी शोभायात्रा पर कर्नलगंज मस्जिद के सामने डीजे बजाने पर कुछ लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई। उन लोगों का शोभायात्रा के आयोजकों से विवाद हो गया। पुलिस भी दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश करती रही। विवाद के बीच किसी अराजक तत्व ने शोभायात्रा पर पत्थर फेंक दिए तो अफरातफरी के साथ ही दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और बड़ी संख्या में बल तैनात कर दिया गया। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने दूसरे पक्ष पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाजार बंद करा दिया। रात्रि करीब 11 बजे जयस्तंभ चौराहा पहुंचकर नारेबाजी की, वहां उन्हें पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया तो वह माने। एएसपी मानसिंह ठाकुर ने बताया कि विवाद की वजह पथराव बताया जा रहा है। recent visitors 29

सिंधी मेला: सुहिनी सभ्यता की झलक से सजा पहला दिन, पारंपरिक संस्कृति का दिखा रंगारंग संगम

traditional culture was seen

Sindhi Mela: The first day was decorated with glimpses of beautiful civilization, a colorful confluence of traditional culture was seen भोपाल,ब्यूरो रिपोर्ट। सिंधी मेला समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेले का शुभारंभ शनिवार को बड़े ही उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ हुआ। इस वर्ष मेला “सिंधी सभ्यता, सुहिनी सभ्यता” की थीम पर आधारित है, जिसकी सुंदर झलक मेला परिसर में देखने को मिली। वहां पर सिंध के पारंपरिक जीवन की झांकी, रहन-सहन, पहनावा और संस्कृति को अत्यंत जीवंत तरीके से प्रस्तुत किया गया, जो मेले का मुख्य आकर्षण बना। मेले की शुरुआत भगवान झूलेलाल के बहराणे, हिंगलाज माता मंदिर व भगवान झूलण की द्वीप प्रज्वलन और आरती से की गई। इसके पश्चात टैलेंट हंट कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शाम को मंच पर देसी लेडी गागा पिंकी मेदासानी ने अपनी शानदार परफॉर्मेंस से समां बांध दिया। दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और चारों ओर संस्कृति और संगीत की मिठास घुल गई। सम्मान समारोह:सिंधी मेला समिति द्वारा स्थापित विभिन्न पुरस्कारों के अंतर्गत समाज के विशिष्ट व्यक्तियों को उनके योगदान हेतु सम्मानित किया गया। सम्मानित व्यक्तियों की सूची इस प्रकार रही: सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी और महासचिव नरेश तलरेजा ने जानकारी दी कि यह मेला अपने 28वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। पहले दिन करुणाधाम आश्रम में समिति को प्रमुख पीठाधीश गुरुदेव शांडिल्य महाराज जी और साईं मनीष लाल जी का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ। इस शुभ अवसर पर समाज के कई गणमान्य नागरिक जैसे विधायक भगवानदास सबनानी, जयकिशन लालचंदानी, डॉ. राजानी, दीपक राजानी, अमर दावानी, सीमा सबनानी, शकुन देवरख्यानी, कार्तिका चावलानी (आगरा) सहित बड़ी संख्या में मात्रशक्ति एवं समाजजन उपस्थित रहे। यह मेला न केवल मनोरंजन और मेलजोल का माध्यम रहा, बल्कि संस्कृति, संस्कार और समाज सेवा के प्रति जागरूकता का भी प्रतीक बना। recent visitors 85

ट्रैविस हेड ने कर दिया खुलासा- कितने दिन से इस पर्ची को जेब में लिए घूम रहे थे अभिषेक शर्मा?

नई दिल्ली अभिषेक शर्मा के बारे में उन्हीं के ओपनिंग पार्टनर ट्रैविस हेड ने एक बड़ा खुलासा किया है। सनराइजर्स हैदराबाद के इस ओपनर ने शनिवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ तूफानी शतक जड़ा। सेंचुरी का सेलिब्रेशन करते हुए अभिषेक शर्मा ने अपनी जेब से एक नोट यानी पर्ची निकाली, जिस पर लिखा था, "This one is for Orange Army" यानी ये शतक सनराइजर्स हैदराबाद के फैंस के लिए है। अब ट्रैविस हेड ने इस पर्ची को लेकर खुलासा किया है कि अभिषेक शर्मा इस पर्ची को लंबे समय से जेब में लेकर घूम रहे थे। अभिषेक शर्मा ने 55 गेंदों में 141 रनों की पारी खेली। उन्होंने 40 गेंदों में शतक पूरा किया था और इसी पारी की बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद ने 246 रनों का टारगेट 2 ओवर पहले ही चेज कर लिया था। इससे पहले टीम चार मैच लगातार हारी थी। इस जीत से एसआरएच का मनोबल बढ़ेगा और ऑरेंज आर्मी यानी सनराइजर्स हैदराबाद के फैंस भी अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड की तूफानी 171 रनों की साझेदारी हुई। जब शतक अभिषेक ने जड़ा तो उन्होंने फैंस को पर्ची दिखाई, लेकिन इस पर्ची के बारे में ट्रैविस हेड ने हैरान करने वाला खुलासा किया। खेल के बाद ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत में ट्रैविस हेड ने बताया कि यह नोट यानी पर्ची सीजन की शुरुआत से ही अभिषेक की जेब में थी, लेकिन छठे गेम में ही उसे इसे बाहर निकालने का मौका मिला। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने बताया, "यह नोट अभिषेक शर्मा की जेब में 6 मैचों से था, मुझे खुशी है कि आज रात यह बाहर आ गया।" अभिषेक शर्मा इस सीजन अभी तक खामोश थे, लेकिन अब एक ही मैच में उन्होंने पिछली भरपाई कर ली है। आने वाले मैचों में उनका ऐसा ही रौद्र रूप देखने को मिलने वाला है। अभिषेक शर्मा ने अपनी इस तूफानी पारी को लेकर बताया, "यह मैच बहुत खास है, क्योंकि मैं हार के सिलसिले को तोड़ना चाहता था। लगातार चार मैच हारना बहुत मुश्किल था, लेकिन हमने टीम में इस बारे में कभी बात नहीं की। युवी पाजी (युवराज सिंह) और सूर्यकुमार (यादव) का भी विशेष उल्लेख है। वे मेरे संपर्क में हैं।" पंजाब किंग्स के गेंदबाजों की जमकर धुनाई इस मैच में हुई। हालांकि, उनको लॉकी फर्ग्यूसन की कमी इस मैच में खली, जो दो गेंद फेंकने के बाद चोटिल हो गए थे। recent visitors 53

बीयू ने सत्र 2025-26 में यूटीडी में संचालित 70 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की तैयारी शुरू

भोपाल बरकतउल्ला विश्वविद्यालय(बीयू) ने सत्र 2025-26 में यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट्स (यूटीडी) में संचालित 70 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार बीयू से बीएएलएलबी और बीएससीें एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम के लिए सीयूईटी (कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) देना अनिवार्य होगा। वहीं यूटीडी में संचालित अधिकतर पाठ्यक्रमों में सीयूईटी और नाॅन सीयूईटी (ऐसे छात्र जो सीयूईटी-यूजी व पीजी में शामिल नहीं होंगे) दोनों तरह के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इस बार 75 फीसद सीट पर नान सीयूईटी और 25 फीसद सीयूईटी के लिए आरक्षित होंगी।   12वीं के परिणाम के तुरंत बाद शुरू होगी प्रक्रिया अधिकारियों ने बताया कि 12वीं के परिणाम घोषित होते ही पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। खासतौर पर यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मप्र बोर्ड 12वीं का रिजल्ट आने के बाद पंजीयन शुरू किए जाएंगे। पीजी पाठ्यक्रमों में भी नान सीयूईटी को प्राथमिकता रहेगी पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) पाठ्यक्रमों में बीते वर्षों में सीयूईटी स्कोर के आधार पर पर्याप्त प्रवेश नहीं हो सके। विवि में अधिकत्तर विद्यार्थी नान सीयूईटी श्रेणी से ही आवेदन करते हैं, इसलिए पीजी पाठ्यक्रम के लिए भी 75 प्रतिशत सीटें नान सीयूईटी विद्यार्थियों के लिए आरक्षित की गई हैं। यूजी तीसरे वर्ष का परिणाम समय पर देना होगी विवि के सामने यूजी तीसरे वर्ष का परिणाम समय पर घोषित करना सबसे बड़ी चुनौती है, ताकि नान सीयूईटी विद्यार्थी समय पर आवेदन कर सकें।यदि यह प्रक्रिया देरी से होती है, तो प्रवेश में परेशानी आ सकती है। recent visitors 26

उत्तराखंड में आगामी 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है, इसे लेकर प्रशासन अलर्ट

देहरादून उत्तराखंड में आगामी 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। चारधाम यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसे लेकर प्रशासन अलर्ट है। सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद नियमित तौर पर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुलभ बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और इसे और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम धामी ने देहरादून में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में चार धाम यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बिना किसी परेशानी के चार धाम के दर्शन कराए जाएं। इसके लिए यात्रा से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है।" उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्गों की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था, और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस यात्रा को और सरल बनाने के लिए अगर कोई अतिरिक्त कार्य करने की आवश्यकता होगी, तो उसे तत्काल पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न रहे और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान किया जाए। सीएम धामी ने चारधाम यात्रा को सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जोड़ते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि राज्य में आने वाला हर व्यक्ति यहां की संस्कृति और आतिथ्य को अनुभव करे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया और सामाजिक समानता के लिए अथक प्रयास किए। सीएम ने कहा, "डॉ. अंबेडकर ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए देश को एक मजबूत संवैधानिक ढांचा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सपनों को साकार करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। बाबा साहेब के विचार दोनों ही देश की एकता और अखंडता को मजबूत करते हैं।" उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक पूरे उत्तराखंड में डॉ. अंबेडकर को सम्मानित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सांस्कृतिक आयोजन, सेमिनार, और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। सीएम ने लोगों से अपील की कि वे इन आयोजनों में हिस्सा लें और बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं। चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले पंजीकरण कराएं और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। recent visitors 32