छात्रा से 23 लड़कों ने गैंगरेप मामले में पीएम मोदी की फटकार के बाद एक्शन में पुलिस, तीन और आरोपी अरेस्ट

वाराणसी वाराणसी में 19 साल की छात्रा के साथ छह दिनों तक गैंगरेप को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फटकार के बाद वाराणसी पुलिस फास्ट हो गई है। पीएम मोदी की फटकार के कुछ घंटे में ही ताबड़तोड़ छापेमारी कर गैंगरेप के आरोपी तीन और युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। छात्रा का आरोप है कि 23 लड़कों ने उसके साथ रेप किया है। छात्रा की मां की तरफ से कराई गई एफआईआर में 12 नामजद और 11 अज्ञात लड़कों पर केस हुआ है। आज गिरफ्तार तीन लड़कों को मिला लें तब भी केवल 12 लड़कों की ही गिरफ्तारी हो सकी है। अब भी 11 लड़के फरार हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी पहुंचते ही सबसे पहले गैंगरेप के मामले में ही अधिकारियों से पूछताछ की थी। प्लेन से उतरने के बाद रनवे पर ही वाराणसी के मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी एस राजलिंगम से घटना की विस्तृत जानकारी ली थी। पीएम मोदी ने दोषियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। अभी तक आधे से ज्यादा आरोपियों के फरार होने पर फटकार लगाई और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो इसे लेकर व्यवस्थाएं करने का निर्देश भी दिया था। पीएम मोदी के निर्देश और फटकार के बाद ही आरोपियों की धरपकड़ में जुटी टीमों ने छापेमारी तेज की और प्रधानमंत्री की वाराणसी से रवानगी के कुछ घंटे के अंदर ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली। पुलिस ने मोहम्मद रजा उर्फ जैब, रेहान और जाहिद खान को गिरफ्तार किया है। तीनों वाराणसी शहर के ही सिगरा और चेतगंज थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। जैब व जाहिद की उम्र 19-19 साल और रेहान 27 साल का है। छात्रा के साथ 29 मार्च को दरिंदगी की शुरुआत हुई थी। सबसे पहले उसे हुक्का बार में ले जाकर रेप किया गया। इसके बाद होटल और अन्य स्थानों पर नशा देकर अलग अलग युवकों ने रेप किया। इस दौरान चलती गाड़ी में भी छात्रा से रेप किया जाता रहा। चार अप्रैल को छात्रा को नशे की हालत में ही सड़क किनारे छोड़कर युवक फरार हो गए थे। recent visitors 44

लोक निर्माण विभाग में नवीन एसओआर का हुआ विमोचन-पर्यावरण संरक्षण और नवीन तकनीकों की ओर बड़ा कदम

भोपाल लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा जारी नवीन एस.ओ.आर. (दर अनुसूची) केवल एक तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि यह “विजन 2047” की दिशा में विभाग के सुनियोजित प्रयासों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण के कार्यों में गुणवत्ता, नवीन तकनीकों का समावेश और पर्यावरणीय संतुलन को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे निर्माण कार्यों के माध्यम से नागरिकों के जीवन में वास्तविक सुधार लाया जा सके। मंत्री श्री सिंह निर्माण भवन में सड़क एवं पुल कार्यों की नवीन एस.ओ.आर.(दर अनुसूची) के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग का यह नवीन एस.ओ.आर. “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की भावना को और अधिक मजबूत करेगा। तकनीक के साथ पारदर्शिता, गुणवत्ता के साथ गति और निर्माण के साथ जनकल्याण इन्हीं मूल सिद्धांतों पर आधारित यह दस्तावेज प्रदेश को अधोसंरचना विकास के नए मानदंडों की ओर अग्रसर करेगा। राज्य में अधोसंरचना विकास को अधिक सक्षम, पारदर्शी और पर्यावरण-मित्र बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए यह नवीन एस.ओ.आर. जारी किया गया है। यह दस्तावेज विभागीय तकनीकी प्रक्रियाओं को न केवल अद्यतन करता है, बल्कि इसमें कई ऐसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं जो प्रदेश की जलवायु, पर्यावरणीय परिस्थितियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं। मंत्री श्री सिंह ने कहा, “यह नई एस.ओ.आर. केवल निर्माण दरों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह मध्यप्रदेश के विकास, पर्यावरण संतुलन और तकनीकी आधुनिकीकरण का एक विजन है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश की हर सड़क और हर पुल न केवल टिकाऊ और सुरक्षित हो, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी मजबूती से प्रतिबिंबित करे।” मंत्री श्री सिंह ने कहा नई एस.ओ.आर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। यह न केवल मध्यप्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रदेश को एक आधुनिक, पर्यावरण-संवेदनशील और तकनीकी रूप से उन्नत निर्माण विभाग के रूप में स्थापित करेगा। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री भरत यादव ने कहा कि नई एस.ओ.आर के माध्यम से मध्यप्रदेश में सड़क और पुल निर्माण में तकनीकी उन्नयन, पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्ता का अभूतपूर्व समन्वय देखने को मिलेगा। प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता भवन श्री एस.आर. बघेल, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के प्रमुख अभियंता श्री ध्रुवकर सहित विभाग और एमपीआरडीसी के सभी वरिष्ठ अभियंता और अधिकारी उपस्थित रहे। नई एस.ओ.आर के प्रमुख प्रावधान नई एस.ओ.आर में पुरानी सूची के 309 आइटम की तुलना में 817 से अधिक नए आइटम शामिल किए गए हैं, जो आधुनिक तकनीकों, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। केवल सरकारी रिफाइनरियों से डामर आपूर्ति सड़क निर्माण में डामर की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब यह अनिवार्य किया गया है कि डामर केवल सरकारी रिफाइनरियों-हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम से ही लिया जाएगा। इस कदम से न केवल सामग्री की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सकेगा। पेड़ों की शिफ्टिंग और प्लांटेशन की दरें निर्धारित पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए नई एस.ओ.आर में सड़क निर्माण के दौरान पेड़ों को काटने के बजाय उनकी शिफ्टिंग की दरें निर्धारित की गई है। प्रत्येक शिफ्ट किए गए या रोपे गए पेड़ की 3 से 5 वर्ष तक निगरानी की जाएगी, जिससे हरियाली को बनाए रखा जा सके। यह कदम प्रदेश में वनों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। भूजल संरक्षण के लिए रिचार्ज बोर भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए सड़क परियोजनाओं में रिचार्ज बोर और रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। सड़कों के किनारे वर्षा जल के पुनर्भरण से न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि कृषि और स्थानीय समुदायों के लिए जल उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। प्लास्टिक कचरे का उपयोग प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए, नई एस.ओ.आर में इसे सड़क निर्माण सामग्री में उपयोग करने के तकनीकी प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे पर्यावरणीय नुकसान को कम करने के साथ-साथ निर्माण लागत में भी बचत होगी। आधुनिक तकनीकों का समावेश व्हाइट टॉपिंग तकनीक को अपनाकर पुरानी डामरी सड़कों को सुधारने के लिए कम मोटाई में सीमेंट कंक्रीट की परत चढ़ाई जाएगी, जिससे सड़कों की आयु बढ़ेगी और रखरखाव आसान होगा। जीएफआरपी (ग्लॉस फाइबर रिइंफोर्ड पॉलिमर) पारंपरिक स्टील के विकल्प के रूप में यह तकनीक अधिक मजबूती और लागत-प्रभावी बनाएगी। इसमें एम-150 ग्रेड कंक्रीटः उच्च गुणवत्ता वाले कंक्रीट का उपयोग कर निर्माण को और टिकाऊ बनाया जाएगा। रीसाइक्लिंग और पुनः उपयोगः पुराने डामर और कंक्रीट को मिलिंग और फुल डेप्थ रिक्लेमेशन के माध्यम से पुनः उपयोग में लाया जाएगा, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन होगा। निर्माण स्थलों पर प्रयोगशालाएं गुणवत्ता नियंत्रण को और बेहतर करने के लिए महत्वपूर्ण परियोजना स्थलों पर प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी। इससे निर्माण सामग्री की जांच त्वरित और सटीक होगी। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता recent visitors 38

अमित शाह ने कहा- AIADMK और भाजपा के नेताओं ने मिलकर तय किया है कि एक साथ लड़ेंगे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव

चेन्नई तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा फेरबदल होते हुए नजर आ रहा है.भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को पद से हटाए जाने के तुरंत बाद, राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी AIADMK (अन्नाद्रमुक) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में वापसी का ऐलान भी हो गया है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "आज AIADMK और भाजपा के नेताओं ने मिलकर तय किया है कि आने वाला तमिलनाडु विधानसभा चुनाव AIADMK, भाजपा और सभी साथी दल मिलकर NDA के रूप में एक साथ लड़ेंगे तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए एनडीए गठबंधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "ये चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और राज्य स्तर पर AIADMK नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में लड़े जाएंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, NEET और परिसीमन का मुद्दा ये(विपक्ष) लोग ध्यान भटकाने के लिए खड़ा कर रहे हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए NDA गठबंधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, AIADMK की कोई शर्त और मांग नहीं है… AIADMK के आंतरिक मामलों में हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं होगा… यह गठबंधन NDA और AIADMK दोनों के लिए फायदेमंद होने वाला है। शाह ने कहा, "हम जनता के असली मुद्दों को लेकर जनता के बीच में जाएंगे और मैं मानता हूं कि तमिलनाडु की जनता असली मुद्दों को जानती है और DMK से जवाब भी चाहती है. recent visitors 54

12 संगठनों ने अलगाववाद से तोड़ा नाता, पीएम मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ सपने की जीत: अमित शाह

नई दिल्ली कश्मीर घाटी में अलगाववादी संगठन हुर्रियत को बड़ा झटका लगा है। जम्मू-कश्मीर मास मूवमेंट ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से खुद को अलग कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दी। उन्होंने दावा किया कि अब 12 संगठनों ने अलगाववाद से नाता तोड़ लिया है। इसके साथ ही उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के दृष्टिकोण की जीत बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''मोदी सरकार के तहत जम्मू-कश्मीर में एकता की भावना व्याप्त है। हुर्रियत से जुड़े एक अन्य संगठन जम्मू-कश्मीर मास मूवमेंट ने अलगाववाद को खारिज करते हुए भारत की एकता के लिए पूरी प्रतिबद्धता जताई है। मैं उनके इस कदम का तहे दिल से स्वागत करता हूं।'' उन्होंने आगे बताया, ''अब तक हुर्रियत से जुड़े 12 संगठन अलगाववाद से अलग हो चुके हैं और भारत के संविधान पर भरोसा जता रहे हैं।'' अमित शाह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के सपने की जीत है। इससे पहले घाटी में तीन बड़े संगठनों ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से नाता तोड़ लिया था। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा था, ''जम्मू-कश्मीर इस्लामिक पॉलिटिकल पार्टी, जम्मू कश्मीर मुस्लिम डेमोक्रेटिक लीग और कश्मीर फ्रीडम फ्रंट जैसे तीन और संगठनों ने हुर्रियत से खुद को अलग कर लिया है। यह घाटी के लोगों में भारत के संविधान के प्रति विश्वास का एक प्रमुख प्रदर्शन है। पीएम मोदी का एकजुट और शक्तिशाली भारत का सपना आज और भी मजबूत हो गया है, क्योंकि अब तक 11 ऐसे संगठनों ने अलगाववाद को त्याग दिया है और इसके लिए अटूट समर्थन की घोषणा की है।'' कुछ दिनों पहले गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर थे, जहां उन्होंने शहीद डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट के परिवारवालों से मुलाकात भी की थी। उन्होंने इस मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा था, ''जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट ने 2023 में जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन में सर्वोच्च बलिदान देकर वीरता और देशभक्ति की अमर मिसाल कायम की। आज श्रीनगर में शहीद के परिवार से मुलाकात की और अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।'' recent visitors 60

अजित पवार ने कहा- अब तहव्वुर राणा बताएगा, कौन है 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड

पुणे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत लाए जाने पर कहा कि उस हमले के पीछे का मास्टरमाइंड कौन है? अजित पवार ने शुक्रवार को पुणे में मीडिया से बात करते हुए कहा, "जब 26/11 हमला हुआ था, तब हम भी मुंबई में थे। उस दौरान हमने घटनास्थल का भी जायजा लिया था। हमने यह पता लगाने की कोशिश की थी कि घटना के पीछे का असली मास्टरमाइंड कौन था। अब हमने तहव्वुर राणा को पकड़ लिया है और वह बताएगा कि घटना के पीछे का असली कारण क्या था और इसके पीछे का मास्टरमाइंड कौन है, जिसने उसे इस तरह की घटना को अंजाम देने का निर्देश दिया था।" तहव्वुर हुसैन राणा को गुरुवार शाम अमेरिका से भारत लाया गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नई दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर पहुंचते ही उसे हिरासत में लिया। इसके बाद राणा को पटियाला हाउस स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 18 दिन की हिरासत में भेज दिया गया। एनआईए अब राणा से 2008 के मुंबई हमलों की साजिश के बारे में विस्तार से पूछताछ करेगी, जिसमें 166 लोग मारे गए थे और 238 लोग घायल हुए थे। राणा को लॉस एंजेलिस से एनआईए और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीमों के साथ एक विशेष विमान से भारत लाया गया। अमेरिका में राणा ने अपने प्रत्यर्पण को रोकने के लिए कई कानूनी कोशिश की, जिसमें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में आपातकालीन याचिका भी शामिल थी। हालांकि, सभी याचिकाएं खारिज होने के बाद प्रत्यर्पण संभव हो सका। भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर इस प्रक्रिया को पूरा किया। मिडिया ने राणा के प्रत्यर्पण के लिए वर्षों तक प्रयास किए। एजेंसी ने अमेरिका की एफबीआई, न्याय विभाग (यूएसडीओजे) और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया। राणा पर आरोप है कि उसने मुंबई हमलों की साजिश में अहम भूमिका निभाई थी। recent visitors 47

सोना 1300 रुपए महंगा हुआ, 95 हजार प्रति 10 ग्राम के पार, हालांकि चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोने (Gold) की कीमतों में एक बार फिर से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सोने की कीमतें ऑल टाइम हाई पर पहुँच गई हैं। बीते दिन सोने में 2700 रुपए की बढ़त देखने को मिली थी, लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है। शुक्रवार को सोना 1300 रुपए महंगा हुआ, हालांकि चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को जयपुर सर्राफा बाजार की ओर से जारी सोने और चांदी की कीमतों की बात करें तो बीते दिन के मुकाबले 24 कैरट सोने की कीमतों में 1300 रुपए का उछाल देखने को मिला, जिसके बाद 24 कैरेट सोने की कीमत 95 हजार 550 रुपए प्रति 10 ग्राम रही। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी 1200 रुपए प्रति 10 ग्राम का उछाल देखने को मिला और 22 कैरेट सोने के दाम 87 हजार 450 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए। इस बीच, भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में जून डिलीवरी वाला सोना 11 अप्रैल को ₹93,736 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। चांदी में गिरावट सोने में तेजी के रुख के बाद चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को चांदी की कीमतों में 200 रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद जयपुर सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 95 हजार 300 रुपए प्रति किलो पहुंच गई। जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि अमेरिका में ट्रंप के सत्ता में आने के बाद सोने की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है और इसका कारण है ट्रंप की नीतियाँ। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी रिसर्च विश्लेषक मानव मोदी ने बताया, “सोने की कीमतों ने $3,200 का नया रिकॉर्ड पार कर लिया है, जो पिछले सप्ताह की थोड़ी स्थिरता के बाद देखने को मिला। यह तेजी बाजार में अस्थिरता और अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक तनाव के चलते है। भले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ पर 90 दिन की राहत दी है, लेकिन कुल मिलाकर चीनी आयात पर अब 145% तक शुल्क लगाया गया है, जिसमें 125% बेस रेट और अन्य जवाबी शुल्क शामिल हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इस बार अमेरिका और चीन के बीच तनाव की रफ्तार 2016 के मुकाबले कहीं ज्यादा है। अगर जल्दी समाधान नहीं निकला, तो यह बाजार में और अनिश्चितता पैदा कर सकता है।” 22 कैरेट और 24 कैरेट में क्या अंतर है? 24 कैरेट सोना 99.9% शुद्धता वाला होता है और इसमें किसी अन्य धातु की मिलावट नहीं होती। जबकि 22 कैरेट सोना लगभग 91.67% शुद्ध होता है, जिसमें थोड़ी मात्रा में तांबा या चांदी जैसी मिश्रित धातुएं मौजूद होती हैं। यही कारण है कि 22 कैरेट सोना ज्यादातर गहनों में इस्तेमाल किया जाता है। recent visitors 48

गूगल ने जनवरी में इसी यूनिट के कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव दिया था, अब की छंटनी

नई दिल्ली टेक दिग्गज गूगल ने अपने प्लेटफॉर्म और डिवाइस डिवीजन से सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह टीम एंड्रॉयड सॉफ्टवेयर, पिक्सल फोन और क्रोम ब्राउजर के लिए काम करती थी। यह छंटनी ऐसे समय में की गई है, जब गूगल ने इस साल जनवरी में इसी यूनिट के कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, गूगल के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि पिछले साल अपने प्लेटफॉर्म और डिवाइस टीमों के विलय के बाद, कंपनी अधिक कुशलता और तेजी से काम कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है, "इस प्रयास के तहत, इसने पहले की पेशकश की गई स्वैच्छिक निकास कार्यक्रम के अलावा कुछ नौकरियों में कटौती भी की है।" कंपनी ने कहा, "हालांकि, प्रभावित भूमिकाओं की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन यह कदम संचालन को सुव्यवस्थित करने और खर्चों को कम करने की गूगल की व्यापक रणनीति को दर्शाता है।" कई दूसरे टेक दिग्गजों की तरह, कंपनी बदलती व्यावसायिक जरूरतों और बाजार की स्थितियों को देखते हुए अपनी टीम संरचनाओं की समीक्षा कर रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच अमेजन, इंटेल और गोल्डमैन सैक्स सहित कई वैश्विक कंपनियां भी नौकरियों में कटौती कर रही हैं। पहले आई रिपोर्टों के अनुसार, अमेजन सालाना 3 बिलियन डॉलर बचाने के लिए लगभग 14,000 प्रबंधकीय पदों में कटौती करने की योजना बना रहा है, जबकि इंटेल 2024 में महत्वपूर्ण वित्तीय नुकसान के बाद बड़े पुनर्गठन की तैयारी कर रहा है। एआई अपनाने में तेजी से वृद्धि के साथ, कंपनियां तेजी से लागत अनुकूलन और स्वचालन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों में कटौती हो रही है। पहले आई एक रिपोर्ट ने संकेत दिया कि गोल्डमैन सैक्स भी नौकरियों में कटौती की तैयारी कर रहा है, जिसमें वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा के बाद अपने कर्मचारियों की संख्या में 3-5 प्रतिशत की कटौती करने की योजना है। बैंक ऑफ अमेरिका ने हाल ही में लगभग 150 जूनियर बैंकर पदों को समाप्त कर दिया है, हालांकि अधिकांश प्रभावित कर्मचारियों को निवेश बैंकिंग के बाहर की भूमिकाएं दी गई हैं। वैश्विक आर्थिक स्थितियों के बारे में अनिश्चितता के साथ, आने वाले महीनों में और भी फर्म ऐसा कर सकती हैं। recent visitors 41