अब श्रद्धालु घर बैठे ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का कर सकेंगे अभिषेक और पूजन

खंडवा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन-पूजन के लिए प्रोटोकाल का नया सिस्टम लागू होगा। विशेष दर्शन करवाने के लिए वालेंटियर का नाम, नंबर की जानकारी मिलेगी। मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट में अन्य सेवाएं और सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। घर बैठे भी ऑनलाइन दर्शन और अभिषेक की सुविधा मिलेगी। निर्धारित शुल्क जमा कर श्रद्धालु घर में स्क्रीन पर अभिषेक भी देख सकेंगे। ओंकारेश्वर में सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना और मंदिर में आम तथा खास दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा मंथन किया जा रहा है। मंगलवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने अधिकारियों के साथ तीर्थनगरी और मंदिर का दौरा किया। इस दौरान विभिन्न कार्यों के लिए जमीन की उपलब्धता, जगह का चयन, भीड़ नियंत्रण सहित श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा पर चर्चा की गई। नगर परिषद से तीर्थनगरी में स्वच्छता के साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्ययोजना बनेगी। विशेष दर्शन के लिए मिलेगा पास मंदिर में वीआईपी दर्शन की आड़ में कतिपय पंडित और दलाल श्रद्धालुओं से अवैध वसूली और विवादों को देखते हुए इसे पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने पर चर्चा की गई। अब विशेष दर्शन के लिए अलग से पास या रिस्ट बेल्ट कलर अनुसार दिए जाएंगे। इससे टिकट लेकर दर्शन करने वालों की अलग पहचान हो सकेगी। वहीं, प्रोटोकाल के तहत दर्शन करवाने के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग की सेवा को और विस्तारित किया जाएगा। घाटों पर बनेगें पुलिस सहायता केंद्र ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान के दौरान हादसे रोकने के लिए आवश्यक चेतावनी के बोर्ड की संख्या बढ़ाने के साथ ही हर घाट पर पुलिस सहायता केंद्र बनाया जाएगा। रैंप को बनाया जाएगा सुविधाजनक ओंकारेश्वर मंदिर के समक्ष रैंप निर्माण हुआ था लेकिन इसका लाभ श्रद्धालुओं को नहीं मिल पा रहा है। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए इसे मंदिर के प्रत्येक मंजिल से जोड़ा जाएगा। पांच दिन में होगा नए इंजन का ट्रायल नर्मदा में प्रदूषण रोकने के लिए नावों में डीजल इंजन की जगह बैटरी व सोलर वाले इंजन का ट्रायल चल रहा है। सामने आई दिक्कतों को दूर कर स्थानीय जरूरत के अनुसार इंजन तैयार करवाया जा रहा है। इसका दूसरा ट्रायल चार-पांच दिन में हो जाएगा। इसके बाद डीजल इंजन को प्रतिबंधित किया जाएगा। पालीथिन और सिंगल यूज आयटम पर प्रतिबंध को लेकर व्यवसायियों से भी चर्चा की गई। वेबसाइट का विस्तार किया जाएगा     श्रद्धालुओं को आनलाइन सेवाएं मिल सकें, इसके लिए मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट का विस्तार किया जाएगा। सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित कार्यो की समीक्षा और इन्हें समय-सीमा में पूरा करने के लिए कार्ययोजना बनाई है। – ऋषव गुप्ता, कलेक्टर खंडवा।   recent visitors 39

नाशिक के अवैध दरगाह पर चला बुलडोजर

नाशिक  नाशिक के अवैध दरगाह पर बुलडोजर चल गया है। आज सुबह-सुबह प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर दरदगाह के अवैध हिस्सों को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन ने काफी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी। इस दौरान दरगाह की तरफ जाने वाली सड़कों को सील कर दिया गया था। दरगाह के आसपास तीनों तरफ के सड़क पर पुलिस तैनात की गई है और किसी भी बाहरी व्यक्ति या गाड़ी को अंदर आने नहीं दिया गया। पुलिस वैन लगाकर सड़क को बैरिकेड किया गया। दरगाह कमेटी का कहना है कि पीर बाबा की यह दरगाह 350 साल पुरानी है। वहीं सकल हिंदू समाज ने इसे ध्वस्त कर यहां हनुमान मंदिर बनाए जाने की मांग की है। बता दें कि महाराष्ट्र के नासिक में अवैध दरगाह निर्माण हटाने को लेकर मंगलवार की रात इसको लेकर बवाल हो गया था। शहर के काटे गली इलाके में रात के समय पथराव की घटना हुई थी। इसमें 31 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 57 संदिग्ध बाइकों जब्त की गई हैं। पुलिस ने 15 लोगों को अरेस्ट किया है। बताया जाता है कि दरगाह को लेकर फैली अफवाह के चलते भीड़ भड़क गई, जिसके बाद बिजली कट होने का फायदा उठाकर भीड़ ने पथराव कर दिया। जिस वक्त बवाल हुआ तब भीड़ की संख्या 400 से ज्यादा थी और रात में 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का उपयोग किया. जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई। बताया जा रहा है कि नगर निगम के नोटिस के बाद एक टीम दरगाह पर हुए अवैध निर्माण को हटाने पहुंची थी। इसी बीच अफवाह फैल गई कि दरगाह की ढहाया जा रहा है। इसी पर भीड़ उग्र हो गई और पथराव कर दिया। भीड़ द्वारा की गई पथराव की घटना में 2 सहायक पुलिस आयुक्त समेत 31 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पथराव करने वाली भीड़ में से 15 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। क्या है पूरा मामला ? नगर निगम ने नाशिक के काठे गली सिग्नल क्षेत्र में सातपीर दरगाह को नोटिस जारी किया था। निगम ने 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने पर कार्रवाई की बात कही थी। नोटिस में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सातपीर दरगाह अनधिकृत है। निगम की ओर से दरगाह की दीवार पर यह नोटिस लगा दिया गया था। इसके बाद भी मुस्लिम पत्र मानने को राजी नहीं है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की गई थी याचिका सातपीर दरगाह ट्रस्ट की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि यह दरगाह अनधिकृत है। इसके बाद नगर निगम ने नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर सभी अनधिकृत निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे। recent visitors 44

कौशल विकास को लेकर विकसित बस्तर की ओर अग्रसर है छत्तीसगढ:बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत

रायपुर : कौशल विकास ही स्थायी रोजगार का आधार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर अब शांति की ओर बढ़ चुका है, अब हमारा लक्ष्य है – लोगों को सम्मानजनक आजीविका देना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कौशल विकास को लेकर विकसित बस्तर की ओर अग्रसर है छत्तीसगढ:बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 24 कैंप के 95 चिन्हित ग्रामों के 457 युवाओं को दिया जा चुका है कौशल प्रशिक्षण आत्मसमर्पित माआवादियों में से 222 को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है , 62 अन्य है प्रशिक्षणरत रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर कार्यक्रम में बस्तर में कौशल विकास और रोजगार को लेकर सरकार की दूरदृष्टि साझा की। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि जब हम सांसद थे, तब देश में कौशल विकास मंत्रालय का गठन हुआ – और आज यह विभाग देश के युवाओं के भविष्य निर्माण में क्रांतिकारी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर में चल रहे कौशल विकास प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्किलिंग केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं है — भाषा प्रशिक्षण, विदेशी रोजगार, हस्तशिल्प, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, कंस्ट्रक्शन, टेक्नोलॉजी जैसे अनेक क्षेत्रों में कौशल विकास संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब शांति की ओर अग्रसर है। शांति के बाद सबसे बड़ी चुनौती है – यहां के युवाओं को रोजगार देना। और यह कार्य हम पूर्ण निष्ठा से करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल कौशल विकास पर ध्यान देगी, बल्कि स्थानीय लोगों को स्थानीय संसाधनों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इससे बस्तर का युवा न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपने हुनर की पहचान बना सकेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित बस्तर की ओर बढ़ते हुए संभाग में युवाओं के कौशल उन्नयन और रोजगार प्रशिक्षण के लिए कौशल विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, पीएम कौशल विकास योजना , पीएम विश्वकर्मा योजना और नियद नेल्लानार योजना का संचालन किया जा रहा है। इन रोजगार प्रशिक्षण में विशेषकर नक्सल प्रभावित युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने का प्रस्ताव शामिल है। बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत है। पोर्टल के माध्यम से इनका पूर्णता आनलाइन क्रियान्वयन किया जाता है। सभी जिलों में आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा है। वर्तमान में 64 व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदाता (VTP) है । योजना के अंतर्गत अब तक 90, 273 युवा प्रशिक्षित हो चुके है। प्रशिक्षित युवाओं में से 39,137 युवा नियोजित है।  32 कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना की जा चुकी है जिसमे आगामी समय में 4,915 युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार हेतु कार्ययोजना शामिल है। वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित लक्ष्य के अनुसार 456 नियोक्ताओं के माध्यम से 4 हजार 915 युवाओं को प्रशिक्षण,  5 हजार 875 रोजगार के अवसर प्रदान किया जाना है। इसके लिए महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, नंदी फाउंडेशन, MSDC इंटरनेशनल  और नीति आयोग जैसी संस्थाओं से अनुबंध किया गया है। बस्तर संभाग में पीएम कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 64% लक्ष्य पूर्ण किया गया तथा पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत अब तक 6 हजार 123 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। विकसित बस्तर की ओर बढ़ते हुए नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 24 कैंप  के 95 चिन्हित ग्रामों के 457 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके साथ ही इन ग्रामों में 5 हजार 598 युवाओं का रोजगार प्रशिक्षण के लिए सर्वे किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत आत्मसमर्पित माआवादियों में से 222 को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है जबकि  62 प्रशिक्षणरत है। जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, विनायक गोयल, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कौशल विकास विभाग के सचिव भारती दासन, कौशल विकास विभाग के संचालक विजय दयाराम के., बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, कौशल विकास से जुड़ी संस्थाओं के लोग उपस्थित थे। recent visitors 43

टीआईटी टेक्नोक्रेट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की “ग्रेजुएशन सेरेमनी-2025” का हुआ आयोजन

स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक विश्व के भरण पोषण में सामर्थ्यवान बनेगा भारत : मंत्री परमार सभी की संकल्पशक्ति और सहभागिता से पुनः विश्वगुरु बनेगा भारत- मंत्री परमार टीआईटी टेक्नोक्रेट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की "ग्रेजुएशन सेरेमनी-2025" का हुआ आयोजन भोपाल स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष@2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने का संकल्प पूरे देश का संकल्प है। विश्वमंच पर पुनः सिरमौर बनाने के लिए, सभी को सहभागिता करने की आवश्यकता है! हम सभी को अपना योगदान देना होगा। भारत की गौरवशाली सभ्यता, विरासत, ज्ञान परम्परा एवं भाषाओं से प्रेरणा लेकर हम सभी को राष्ट्र के पुनर्निर्माण में सहभागिता करनी होगी। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 में जब भारत विश्वगुरु भारत बनेगा, तब हमारा विकसित भारत ऊर्जा एवं खाद्यान्न में आत्मनिर्भर होकर विश्व के अन्य देशों के भरण पोषण में भी सामर्थ्यवान बनेगा। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल स्थित "टीआईटी टेक्नोक्रेट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस" के सभागृह में आयोजित "ग्रेजुएशन सेरेमनी-2025" के अवसर पर कही। मंत्री परमार ने दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उपाधि एवं मेडल प्रदान कर, उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी प्रेषित की। परमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारत की समृद्ध विरासत, ज्ञान परम्परा और संकल्पना के संदर्भ में प्रकाश डालते हुए अभिप्रेरित किया। मंत्री परमार ने कहा कि भारत अपनी ज्ञान परम्परा के आधार पर विश्वमंच पर सिरमौर था। भारत के पुरातन ज्ञान को पुनः विश्वमंच पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में भारतीय दृष्टिकोण के साथ, प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए हमें हमारे पूर्वजों की गौरवशाली ज्ञान परम्परा पर गर्व का भाव जागृत कर, उनके बनाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। मंत्री परमार ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में इंजीनियरिंग सहित समस्त विषयों में भारत का पुरातन ज्ञान विद्यमान है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने हमें हीन भावना से मुक्त होकर स्वाभिमान को जागृत करने का अवसर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने शिक्षा में भारतीय दृष्टि के समावेश का अवसर दिया है। इसके परिप्रेक्ष्य में हर विद्या हर क्षेत्र में भारत केंद्रित शिक्षा का समावेश हो रहा है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति, जल स्त्रोतों एवं सूर्य सहित समस्त ऊर्जा स्रोतों के संरक्षण के भाव से, शोध एवं अनुसंधान के आधार पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज में परम्परा के रूप में स्थापित की। कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारी संस्कृति और सभ्यता है। हमारे पूर्वज सूर्य उपासक थे, प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों की उपयोगिता और महत्व को जानते थे। मंत्री परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष@2047 तक भारत, सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्म निर्भर होकर, अन्य देशों की पूर्ति करने में समर्थ देश बनेगा। साथ ही वर्ष@2047 तक खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्म निर्भर होकर, अन्य देशों का भरण पोषण करने में भी सामर्थ्यवान देश बनेगा। हम सभी की सहभागिता से, अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमंच पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा। इसके लिए हमें स्वाभिमान के साथ हर क्षेत्र में अपने परिश्रम और तप से आगे बढ़कर, विश्व मंच पर अपनी मातृभूमि का परचम लहराना होगा। हम सभी की संकल्पशक्ति और सहभागिता से भारत पुनः "विश्वगुरु" बनेगा।   recent visitors 56

ईडी ने राहुल-सोनिया गांधी और सैम पित्रोदा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, 25 अप्रैल को सुनवाई

नई दिल्ली नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी और ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दायर ईडी के आरोपपत्र में सुमन दुबे और अन्य के नाम भी शामिल हैं। अदालत ने मामले में संज्ञान पर बहस के लिए 25 अप्रैल की तारीख तय की है। इससे पहले ईडी ने इस मामले से जुड़ी संपत्तियों पर कब्जा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। राज्यसभा सांसद एवं दिग्गज कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे बदले की राजनीति बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "नेशनल हेराल्ड की संपत्ति जब्त करना कानून के शासन का मुखौटा पहनकर सरकार प्रायोजित अपराध है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करना प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा बदले की राजनीति और धमकी के अलावा कुछ नहीं है। कांग्रेस और उसका नेतृत्व चुप नहीं रहेगा।" राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं दिग्गज कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला बताया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "मोदी सरकार की एजेंसी ईडी द्वारा कांग्रेस पार्टी और नेशनल हेराल्ड की 661 करोड़ रुपए की संपत्तियों को कब्जे में लेने की कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है। भाजपा सरकार की मंशा है कि ऐसे प्रयासों से वह धीरे-धीरे कांग्रेस को आर्थिक रूप से अक्षम बना दे। लोकसभा चुनाव से पहले आयकर विभाग के जरिए कांग्रेस के बैंक खातों को सील कर ऐसा प्रयास किया गया था। पहले आईटी और अब ईडी की यह कार्रवाई निंदनीय है।" उन्होंने लिखा, "नेशनल हेराल्ड केस को अब पांच साल से भी अधिक का समय हो गया है। ईडी कांग्रेस के खिलाफ तो गैर-कानूनी रूप से कार्रवाई कर रही है, वहीं भाजपा को मिले इलेक्टोरल बॉन्ड्स में साफ तौर पर कंपनियों से अवैध वसूली के सबूत मिले, परंतु ईडी ने किसी भाजपा नेता को एक नोटिस तक नहीं दिया। इसी प्रकार रॉबर्ट वाड्रा को बार-बार पूछताछ के लिए बुलाकर मीडिया ट्रायल किया जा रहा है। कांग्रेस एक जन आंदोलन की पार्टी है। ऐसी कार्रवाइयों से भाजपा सरकार और ईडी हमारे मनोबल को नहीं तोड़ सकती।" उल्लेखनीय है कि नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की स्थापना 1938 में जवाहरलाल नेहरू ने की थी। इस समाचार पत्र को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) द्वारा प्रकाशित किया जाता था। वर्ष 2008 में वित्तीय संकट के बाद इसे बंद करना पड़ा, जहां से इस विवाद की शुरुआत हुई। साल 2010 में यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएल) नाम की कंपनी बनी, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी की 38-38 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने साल 2012 में आरोप लगाया कि यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने एजेएल की 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को मात्र 50 लाख रुपए में हासिल किया और उन्होंने धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया। मामला अदालत में भी गया और बाद में ईडी ने इसकी जांच शुरू की। recent visitors 56

वेस्टर्न बायपास बनने से साडा को मिलेगा लाभ, व्यापारिक गतिविधियां और बसाहट बढ़ेगी

ग्वालियर आगरा-इंदौर रूट पर रायरू निरावली से काउंटर मैग्नेट सिटी होते हुए शिवपुरी हाइवे के पनिहार तक 28.8 किलोमीटर में वेस्टर्न बायपास(Western Bypass) बनाने की तैयारी कर ली गई है। वेस्टर्न बायपास बनने से वाहन चालकों का 32 किलोमीटर का चक्कर और 40 मिनट का समय बचेगा। अभी यह 1.25 घंटे में तय होता है। साथ ही बायपास पर एक साथ 25 से 30 हजार वाहन गुजर सकेंगे। जमीन अधिग्रहित करने की अधिसूचना एनएचएआई(NHAI) ने बायपास के लिए जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। 1347.6 करोड़ की लागत से तैयार होने जा रहे 28.8 किलोमीटर लंबे इस बायपास का कार्य हिजवेज कंपनी को दिया गया है। बायपास(Western Bypass) के लिए 15 गांव की 110 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। अक्टूबर से इसका कार्य शुरू हो जाएगा। कंपनी को यह कार्य दो साल में पूरा करना होगा। दो जिलों के 15 गांवों से होकर गुजरेगा बायपास ग्वालियर : बरौआ नूराबाद, निरावली, गजीपुरा, जिनावली, बिलपुरा, जिगसौली, कुलैथ, सोजना, परपटे का पुरा व तिघरा, पनिहार व रामपुर। मुरैना : बानमोर कलां, बानमोर खुर्द, जयपुर उर्फ नयागांव। दो फ्लाई ओवर व एक आरओबी भी बनेगा बानमोर से पनिहार तक बन रहे वेस्टर्न बायपास पर सात छोटे पुल, 18 अंडर पास, दो फ्लाई ओवर और एक आरओबी बनाया जाएगा। दोनों फ्लाई ओवर 60-60 मीटर के होंगे। यह लाई ओवर बानमोर और नूराबाद में बनाए जाएंगे। बायपास पर एकसाथ 25 से 30 हजार वाहन गुजर सकेंगे। यह होगा वाहन चालकों को फायदा वेस्टर्न बायपास बनने से आगरा-इंदौर रूट पर हर दिन गुजरने वाले 12 से 15 हजार छोटे-बड़े वाहन चालकों को फायदा मिलेगा। अभी तक वाहन चालकों को बेला की बाबड़ी से शिवपुरी लिंक रोड होकर सिकरौदा तिराहा होते हुए झांसी बायपास से रायरू अथवा बानमोर पहुंचने में लगभग 60 किलोमीटर का सफर करना होता है। वहीं वेस्टर्न बायपास के बनने से यह सफर 28.8 किमी में ही पूरा हो जाएगा। इससे वाहन चालकों को 32 किलोमीटर का चक्कर और 40 मिनट का समय बचेगा। साडा को मिलेगा लाभ: व्यापारिक गतिविधियां और बसाहट बढ़ेगी वेस्टर्न बायपास बनने से काउंटर मैग्नेट सिटी में बसाहट और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। क्योंकि बायपास का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा इसी एरिया से गुजर रहा है। इससे साडा और आसपास के क्षेत्रों में आवासीय व व्यवसायिक प्रोजेक्ट आएंगे और बसाहट के साथ ही व्यापारिक गतिविधियां बढेंगी। क्योंकि यहां पर लॉजिस्टिक पार्क, इंडस्ट्रीज, स्कूल, कॉलेज सहित अन्य संस्थानों के लिए भी जगह आरक्षित की जाएगी। ये संभावनाएं कुलैथ, जिगसौली, सोजना, पनिहार, जिनावली, गजीपुरा क्षेत्र में भी देखी जा रही हैं। साडा के दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाई जा रही है। प्रोजेक्ट में यह तैयार     रायरू के निरावली से शुरू होगा बायपास, जो पनिहार तक बनाया जाएगा।     बायपास का लंबा हिस्सा सोन चिरैया अभयारण क्षेत्र से भी गुजरेगा। वाइल्ड लाइफ विभाग ने इस क्षेत्र में एनिमल अंडरपास व लाई ओवर बनाने पर ही एनओसी दी है।     वेस्टर्न बायपास प्रोजेक्ट में एनिमल अंडरपास लाई ओवर (पशुओं की आवाजाही) के लिए अलग से रास्ते होंगे।     वेस्टर्न बायपास प्रोजेक्ट में कुल 154 हेक्टेयर जमीन का उपयोग होगा, इसमें वाइल्ड लाइफ की 41 और वन विभाग की करीब तीन हेक्टेयर जमीन है। जबकि 15 गांव की 110 हेक्टेयर जमीन शामिल है।   recent visitors 35

ग्वालियर को भविष्य में जलसंकट का सामना नहीं करना पड़ेगा, प्रतिदिन 150 एमएलडी पानी मिलेगा

ग्वालियर  एमपी के ग्वालियर में चंबल नदी और कोतवाल बांध से ग्वालियर तक पानी लाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है। इससे ग्वालियर शहर की जनता को 30 वर्ष तक भरपूर मात्रा में पानी मिलेगा। भविष्य में जलसंकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।  नगर निगम ने 24 मार्च-2024 को चंबल से पानी लाने के लिए 458.68 करोड़ रुपए का ठेका इनविराड प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया है और कंपनी ने कार्य शुरू कर दिया है। यह कार्य कंपनी को 24 महीने में पूरा करना है। चंबल से ग्वालियर को प्रतिदिन 150 एमएलडी पानी मिलेगा, जो शहर की बढ़ती आबादी की पानी की जरूरत को पूरा करेगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 90 एमएलडी पानी रोज ● चंबल नदी का पानी मुरैना नगर निगम के इंटेकवेल के माध्यम से देवरी गांव में बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर आएगा। यहां से गुजर रही पाइप लाइन से निगम पानी संपवेल पर लेगा। ● देवरी गांव से चंबल का 90 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी प्रतिदिन भेजा जाएगा। कोतवाल बांध से 60 एमएलडी पानी के लिए लाइन डाली जाएगी, जो देवरी से आ रही लाइन से जुड़ेगी। यहां डाली जाएगी पाइप लाइन मुरैना : मुरैना शहर के अंदर 7.50 किमी के दायरे में डक्ट बनाकर पाइप लाइन डाली जा रही। यहां पूर्व में ही ड्राइंग व डिजाइन तैयार किए जा चुके हैं। नूराबाद : सर्विस रोड पर दो किमी खुदाई कर डक्ट बनाई जाएगी। बानमोर : बानमोर से गुजर रहे हाईवे के पास ही 3.50 किलोमीटर की खुदाई कर पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। नोट : प्रोजेक्ट में 43 किमी लाइन। चंबल वाटर प्रोजेक्ट- कब क्या हुआ 06 अक्टूबर-2023 को महाराज बाड़ा पर तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान और 16 दिसंबर 2024 को सीएम डॉ. मोहन यादव ने जीवाजी विवि के कैंपस में भूमिपूजन किया। 24 दिसंबर-2024 के वर्क ऑर्डर जारी हुए। 06 फरवरी-2025 से कार्य शुरू हुआ। 24 महीने में प्रोजेक्ट का काम पूरा करना होगा। recent visitors 56