धन वर्षा के नाम पर 200 लड़कियों के साथ गंदा खेल, प्राइवेट पार्ट की करते थे पूजा, फिर बनाते थे अश्लील वीडियो

संभल यूपी के संभल में गिरफ्तार अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य धन वर्षा के नाम पर लड़कियों से गंदा खेल करते थे। इसके पास 200 लड़कियों के अश्लील वीडियो मिले हैं। दरअसल, यह गिरोह लोगों को धन वर्षा कराने के नाम पर फंसाकर ठगी करते थे। धनवर्षा गिरोह गरीब लड़कियों के परिवारों को झांसे में लेकर तंत्र क्रिया करता था। तंत्र क्रिया के दौरान परिवार के लोगों को बाहर कर दिया जाता था और तंत्र क्रिया के दौरान लड़कियों के प्राइवेट पार्ट की पहले पूजा कर, फिर तंत्र क्रिया शुरू होती थी। तंत्र क्रिया के बाद लड़कियों के साथ क्या होता था, उन्हें खुद भी जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि उनका वीडियो बना लिया जाता था। इन वीडियो को पोर्न साइट को बेचने का भी शक है। गिरोह का खुलासा तब हुआ जब राजपाल नामक युवक के अपहरण और तंत्र क्रिया कर उसे मारने के प्रयास की सूचना थाना धनारी पुलिस को मिली। गिरोह लोगों को नकदी की बारिश कराने का लालच देता है। गरीब परिवार को शिकार बनाते थे। वे किसी दुर्लभ वस्तु (जैसे- 20 नख का कछुआ, दो मुंहा सांप, उल्लू, विशेष नंबर के नोट) पर तांत्रिक क्रिया की बात करते थे। युवतियों को टीटी (कोड भाषा) कहा जाता था और इन्हें तांत्रिक क्रिया के लिए तैयार किया जाता था। गिरोह के सदस्य गरीब परिवारों को यह कहकर फंसाते थे कि उनकी लड़की विशेष गुणों वाली है और उसके ऊपर तांत्रिक क्रिया करने से धन की बारिश होगी। इसके बाद लड़़कियों के साथ गंदा खेल करते थे। तंत्र-मंत्र की आड़ में तस्करी गिरोह तंत्र क्रिया से धनवर्षा का झांसा देकर गरीब लड़के-लड़कियों की तस्करी कर यौन शोषण करता था और दुर्लभ वन्य जीवों की अवैध तस्करी में भी शामिल था। गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान में फैला हुआ था। यह लोग किसी विशेष वस्तु (जिसे आर्टिकल कहा जाता था) पर तंत्र क्रिया के नाम पर लोगों को ठगते थे। वर्तमान में आगरा में गिरोह का नेटवर्क तेजी से फल फूल रहा था। जहां से पुलिस ने इन सभी आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी पकड़ने में जुटी है। गिरोह सात से आठ साल से सक्रिय हैं और सैकड़ों लोगों को शिकार बना चुके हैं। गिरोह से ये चीजें हुईं बरामद गिरोह से पुलिस ने मोबाइल फोन, तांत्रिक विधाओं में प्रयुक्त सामग्री, दुर्लभ कछुआ और अवैध हथियार बरामद किए हैं। गिरोह के मोबाइल फोन से 200 अश्लील वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं, जिनसे इनके काले कारनामों का खुलासा हुआ है। गिरोह के 14 सदस्य हो चुके हैं गिरफ्तार पुलिस ने इस गिरोह के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिनमें तीन गुरु (कारीगर) और बाकी गिरोह के अन्य सदस्य शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में आगरा के यमुना ब्रिज का स्टेशन मास्टर रघुवीर पुत्र बाबूराम निवासी श्याम बिहार कॉलोनी ट्रांस यमुना आगरा भी शामिल है। इनमें गुरु राघवेंद्र पुत्र स्व. देवी दयाल भास्कर निवासी अमर बिहार कालोनी ट्रांस यमुना आगरा, सोनू उर्फ अन्ना पुत्र बलराम निवासी गांव व थाना भरतना इटावा फिरोजाबाद, पप्पू पुत्र छोटे लाल निवासी ग्राम जलालपुर फतेहाबाद आगरा है। इसके अलावा रिंकू पुत्र हरिओम निवासी लहरा नगंला श्याम थाना जुनावई संभल, अजय सिंह पुत्र जमुना सिंह निवासी चमरपुरा थाना रजपुरा संभल, दुर्जन पुत्र स्वं बलवन्त सिंह निवासी मो. करम घरम नरौरा थाना नरौरा बुलन्दशहर, संतोष पुत्र मुलायम सिंह निवासी नगंला मदिहा थाना कोतवाली देहात एटा जिला एटा, राघवेन्द्र पुत्र स्व देवी दयाल भास्कर निवासी अमर विहार कालोनी थाना ट्रांस यमुना जनपद आगरा, आकाश पुत्र शीलेन्द्र सिंह निवासी गढी कल्याण थाना नारकी जिला फिरोजाबाद, कप्तान सिंह पुत्र गुलाबसिंह निवासी विघापुरम थाना ट्रांस यमुना जनपद आगरा, संजय चौहान पुत्र एल एस चौहान पुत्र निवासी न्यू आगरा थाना न्यू आगरा, डी.एन त्रिपाठी पुत्र रामललित निवासी शास्त्रित्त् पुरम थाना सिकन्दरा जिला आगरा, जयप्रकाश भारद्वाज पुत्र पूरनन्द निवासी सेक्टर 07 बधूला थाना जगदीशपुरा जिला आगरा, लाल सिंह पुत्र रामबीर निवासी ग्राम धौर्रा थाना अहमदपुर जिला आगरा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। recent visitors 52

कलेक्टर जैन ने औचक निरीक्षण किया, स्कूल से गायब दो टीचर निलंबित, 29 शिक्षकों की वेतन वद्धि रोकी

उमरिया  मध्यप्रदेश के उमरिया जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने स्कूल चलें हम अभियान के तहत स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। जिसमें उन्होंने दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही प्रिंसिपल और एक शिक्षा की वेतन वृद्धि रोकने के साथ-साथ 29 शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।  दरअसल, सस्तरा स्थित प्राथमिक शाला का निरीक्षण करने कलेक्टर पहुंचे थे। इस स्कूल में तीन शिक्षक पदस्थ हैं। जिसमें से एक शिक्षक प्रेग्नेंट होने के कारण छुट्टी में थी। स्कूल में हेडमास्टर करूणा शरणागत मौजूद थी। वहीं अनीता टोप्पों अनुपस्थित थी। इस दौरान कलेक्टर ने स्कूल में अनुपस्थित शिक्षक अनीता टोप्पों की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए हैं। ऐसे ही उच्च स्तरीय विद्यालय पिनौरा में निरीक्षण के दौरान स्कूल में पदस्थ 29 शिक्षकों द्वाराप्रवेश उत्सव संबंधी समस्त तैयारियां नहीं करने और बच्चों की उपस्थिति कम पाए जाने पर शाला की प्राचार्य लीला अग्रवाल की वेतन वृध्दि रोकने और सभी 29 शिक्षकों की एक-एक वेतन वृध्दि रोकने संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं शासकीय प्राथमिक शाला महुरा में कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान पाया कि स्कूल ही बंद थी। इस दौरान वहां पदस्थ दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया। recent visitors 44

प्रदेश में शिक्षा का व्यापारीकरण कर रहे शिक्षा माफिया, भाजपा के लोग इस कार्य में शामिल, सरकार दे रही उन्हें संरक्षण

Education mafia is commercializing education

Education mafia is commercializing education in the state, BJP people are involved in this work, government is giving them protection Headline भोपाल। Education mafia is commercializing education मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारवार्ता को संबोधित कर प्रदेशभर में निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी और नियमों का उल्लघंन कर अत्यंत महंगी किताबों और ड्रेस की अपनी चहेती ( कमीशन देने वाली ) दुकान से बिक्री तथा फीस वृद्धिके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, वहीं त्रिपाठी ने पीले चावल के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन को स्मरण पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से त्रिपाठी ने समस्त जिलों के कलेक्टरों को निजी स्कूलों की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई करने हेतु तत्काल निर्देश जारी करने की मांग की । विवेक त्रिपाठी ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा की जा रही अनुचित शुल्क वसूली, महंगी निजी प्रकाशनों की किताबों की अनिवार्यता, तथा आरटीई नियमों के उल्लंघन जैसी गंभीर समस्याओं को कांग्रेस द्वारा समय समय पर उजागर किया गया। जिसकी विधिवत शिकायत हमारे द्वारा शासन एवं प्रशासन के जिम्मेदार व्यक्तियों को लगातार की जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी शिक्षा माफियाओं के दबाव में कोई कार्यवाही नहीं कर रहें । जिसके कारण मध्यप्रदेश के पीड़ित अभिभावकों में रोष व्याप्त हैं। जबलपुर कलेक्टर की कार्रवाई का दिया उदाहरण विवेक त्रिपाठी ने कहा कि हाल ही में जबलपुर कलेक्टर द्वारा निजी स्कूलों पर की गई कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे शिक्षा माफियाओं पर अंकुश लगा है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि ऐसी कार्रवाई पूरे प्रदेश में सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि अन्य जिलों में निजी स्कूलों की मनमानी रोकी जा सके और छात्रों व अभिभावकों को राहत मिले, निजी स्कूलों के खिलाफ दर्ज सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का 15 कार्य दिवस में निराकरण कर उचित कार्यवाही करें। Read more: शिवराज के एक -एक फैसले को रह-रहकर बदल रही मोहन सरकार पीले चावल देकर सरकार को चेतावन विवेक त्रिपाठी ने पीले चावल के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन को स्मरण पत्र भेजकर सांकेतिक रूप से सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि समाज का अधिकार है, इसके व्यवसाय कारण का हम पुरजोर विरोध करेंगे और कांग्रेस हर स्तर पर छात्रों व अभिभावकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी। शासन से इन बिंदुओं पर कार्यवाही की मांग recent visitors 91

शिवराज के एक -एक फैसले को रह-रहकर बदल रही मोहन सरकार

Mohan government is changing

Mohan government is changing every decision of Shivraj from time to time भोपाल। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज यादव ने भाजपा की मोहन सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मोहन सरकार ने शिवराज सरकार में जारी सीएम राइज स्कूल योजना का नाम बदलकर ‘सांदीपनि विद्यालय’ रख दिया है। क्या ये बदलाव शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए है या सिर्फ नाम बदलकर दिखावे की राजनीति को चमकाने और नया रंग बनाने के लिए है? जब शिक्षा के असली मुद्दों पर काम करने की जरूरत थी, तब सरकार ने नाम बदलने की दिशा में कदम उठाया। डॉ मनोज का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की पिछली सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे डॉ मोहन यादव न जाने कौन-सी राजनीतिक उपेक्षा का बदला लेते हुए शिवराज सिंह चौहान के बतौर सीएम लिए गए फैसले बदलने पर आमादा हैं। शिवराज सरकार के बनाए ‘सीएम राइज’ का नाम अब “सांदीपनि विद्यालय” कर दिया है! तर्क दिया जा रहा है कि यह सीएम राइज जैसा नाम अंग्रेजों के जमाने का लगता है, इसलिए बदलकर ऋषि के नाम पर किया गया है! सरकार को नाम बदलने से ज्यादा अपने “सरकारी काम” सुधारने की जरूरत है! उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा पर 7 साल में सरकार ने 80% खर्च बढा दिया इसके बावजूद स्कूल बुनियादी सुविधा से जूझ रहे हैं। हालत ये हैं कि प्रदेश के 3 हज़ार 620 स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है। स्कूलों में 12 लाख से अधिक बच्चे घट गए। आज भी 13,198 स्कूल सिर्फ 01 शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। यदि CM शिक्षा मंत्रालय के UDISE की जनवरी 2025 में जारी रिपोर्ट ही पढ़ लेंगे, तो नाम की बजाय काम पर ध्यान देंगे। ‘ रिपोर्ट चीख रही है, “10 हजार 702 स्कूलों में बच्चियों के लिए बनाए गए टॉयलेट किसी के काम के नहीं हैं। 7 हजार 966 स्कूलों में हैंडवॉश की सुविधा नहीं है। 7 हज़़ार 422 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है। recent visitors 83

कांगेस प्रवक्ता संगीता शर्मा के चक्रव्यूह में फंसे विधायक भूपेंद्र और मंत्री गोविन्द

Congress spokesperson Sangeeta Sharma

MLA Bhupendra and Minister Govind trapped in the trap of Congress spokesperson Sangeeta Sharma भोपाल। मध्यप्रदेश में परिवहन विभाग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस ने अब मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी सीधा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री संगीता शर्मा ने एक ट्वीट कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त की निष्क्रियता कोई लापरवाही नहीं, बल्कि एक संगठित और सुनियोजित भ्रष्टाचार को छिपाने की साजिश है, जिसमें भाजपा के कई बड़े नेता शामिल हैं।सुश्री शर्मा ने ट्वीट में लिखा, यह मध्यप्रदेश सरकार की तोता (जांच एजेंसी) लोकायुक्त की लापरवाही नहीं, बल्कि करोड़ों रुपए के संगठित और सुनियोजित भ्रष्टाचार में सालों से संलिप्त भाजपा नेताओं, भाजपा के मप्र प्रभारियों, संगठन के अन्य पदाधिकारियों और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत पूर्व परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह और गोविंद सिंह राजपूत (अब खाद्य मंत्री) को बचाने की मोहन यादव सरकार की कारगुज़ारी है।सुश्री शर्मा ने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल करते हुए कहा कि, आप प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं, क्या आपने लोकायुक्त की इस निष्क्रियता की समीक्षा की? आखिर आप किसे बचाना चाह रहे हैं—भूपेंद्र सिंह, जिनके कार्यकाल में इस भ्रष्टाचार की नींव रखी गई, या गोविंद सिंह राजपूत, जिनके कार्यकाल में यह लूट खुलकर हुई, या फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया, जिनके कहने पर गोविंद सिंह राजपूत को परिवहन विभाग सौंपा गया? जीरो टॉलरेंस पर खामोशी क्यों ? : कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात तो करते हैं, लेकिन इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूर्व मंत्रियों की अवैध संपत्तियों की जांच करवाने के बजाय उन्हें राजनीतिक संरक्षण देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भ्रष्टाचार विरोधी नीति को कमजोर कर रही है। उन्होंने ट्वीट में यह भी पूछा कि, क्या सरकार ने लोकायुक्त को परिवहन विभाग के करोड़पति सिपाही सौरभ शर्मा के खिलाफ चालान पेश करने से रोका है? सख्त कार्रवाई की मांग : कांग्रेस ने मांग की है कि भ्रष्टाचार के इस मामले में सौरभ शर्मा के साथ-साथ पूर्व परिवहन मंत्रियों भूपेंद्र सिंह और गोविंद सिंह राजपूत की अघोषित संपत्ति की निष्पक्ष जांच हो। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई भी मंत्री इस तरह की लूट न कर सके। सुश्री शर्मा ने कहा है कि 4 साल बाद भाजपा को जनता के सामने भी जाना पड़ेगा तब इस संगठित भ्रष्ट्राचार पर क्या कार्रवाई की थी इसका हिसाब तो देना पड़ेगा । recent visitors 302

ट्रंप सरकार का कर्मचारियों के लिए चीनी नागरिकों के साथ सेक्स पर बैन, नया नियम जारी

वाशिंगटन अमेरिकी सरकार ने चीन में अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों, साथ ही परिवार के सदस्यों और सुरक्षा मंजूरी प्राप्त ठेकेदारों पर चीनी नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार का रोमांटिक या यौन रिश्ता रखने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को इस बारे में जानकारी मिली है। मामले से अवगत चार लोगों ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर एपी को इस नीति के बारे में बताया जिसे जनवरी में अमेरिकी राजदूत निकोलस बर्न्स ने चीन छोड़ने से कुछ समय पहले लागू किया था। कुछ अमेरिकी एजेंसियों ने पहले से ही ऐसे रिश्तों को लेकर सख्त नियम लगा रखे हैं। हालांकि, अन्य देशों में अमेरिकी राजनयिकों के लिए स्थानीय लोगों के साथ ‘डेटिंग’ करना और उनसे शादी तक करना भी असामान्य नहीं है। पिछले साल गर्मियों में इस नीति को सीमित रूप में लागू किया गया था, जिसके तहत अमेरिकी कर्मियों को चीन में अमेरिकी दूतावास और पांच वाणिज्य दूतावासों में गार्ड एवं अन्य सहायक कर्मचारियों के रूप में काम करने वाले चीनी नागरिकों के साथ ‘‘रोमांटिक और यौन रिश्ता’’ रखने पर रोक लगा दी गई थी। प्रतिबंध से अवगत दो लोगों ने ‘एपी’ को बताया कि नई नीति पर पहली बार पिछली गर्मियों में चर्चा हुई थी। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी संबंधी प्रतिनिधि सभा की चयन समिति ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। नई नीति के दायरे में मुख्य भूमि चीन में अमेरिकी मिशनों को शामिल किया गया है, जिसमें बीजिंग में दूतावास और गुआंगझू, शंघाई, शेनयांग और वुहान में वाणिज्य दूतावास के साथ हांगकांग के अर्द्ध-स्वायत्त क्षेत्र में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास शामिल हैं। यह चीन के बाहर तैनात अमेरिकी कर्मियों पर लागू नहीं है। recent visitors 28

1 करोड़ हुआ इलाज का बिल, इलाज करा रही पत्नी को पति अस्पताल में छोड़कर भागा, अब इलाज करने से इंकार

नई दिल्ली कहानी एक ऐसी महिला की है, जिनका आधा शरीर चलना बंद हो चुका है। इतना सितम कम था कि उनका पति भी इलाज का बिल ज्यादा होने के बाद उन्हें अस्पताल में ही छोड़कर चला गया। अब नौबत यहां तक आ गई है कि अस्पताल ने उनके इलाज और देखभाल में असमर्थता जाहिर कर दी है। फिलहाल, मामला कोर्ट पहुंच गया है। मामला पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का है। पूरा मामला समझें मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि महिला को पति ने सितंबर 2021 में अस्पताल में भर्ती कराया था। तब उन्हें सिर में चोट लगी थी। महिला की न्यूरोसर्जरी समेत कई सर्जरी हुईं। अंत में वह बच तो गईं, लेकिन शरीर ने उनका साथ देना बंद कर दिया। स्थिर हालत होने के बाद भी पति जयप्रकाश गुप्ता ने महिला को घर ले जाने से इनकार कर दिया। क्या बोला पति गुप्ता की तरफ से कोई जवाब नहीं मिले के बाद अस्पताल ने बीते साल मई में पश्चिम बंगाल क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट रेगुलेटरी कमीशन का रुख किया। इसके बाद अस्पताल ने अदालत में जाने का फैसला किया। अब जब कोर्ट में जस्टिस अमृता सिन्हा ने गुप्ता से कारण पूछा, तो उसने कहा कि वह एक दुकान चलाता था और उसके पास पत्नी का ख्याल रखने का साधन नहीं है। अस्पताल की तरफ से पेश हुए वकील का कहना है कि अस्पताल ने महिला का इलाज किया और कई सर्जरी की। साथ ही उनका 6 लाख रुपये का इंश्योरेंस काफी समय पहले खत्म हो चुका है। वकील का कहना था कि बकाया राशि 1 करोड़ रुपये है। वकील ने यह भी कहा है कि गुप्ता ने एक 'वैकल्पिक परिवार' शुरू कर लिया है। जस्टिस सिन्हा ने एडवोकेट जनरल को 9 अप्रैल को पेश होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गुप्ता को भी हाजिर रहने के लिए कहा है। जस्टिस सिन्हा ने इस दौरान पारिवारिक मुद्दों पर कोई बात नहीं की। जबकि, सरकारी वकील ने कहा कि राज्यों के पास मुफ्त सेवाओं वाले शेल्टर होते हैं, लेकिन सरकारी शेल्टर के कर्मचारी बीमारी मरीजों के मामले में जानकार नहीं होते हैं। recent visitors 36