मध्य प्रदेश में अब तक कर्मचारियों को छठे वेतनमान के अनुसार ही भत्तों का भुगतान किया जा रहा था

भोपाल वर्ष 2016 में सातवां वेतनमान लागू करने के नौ वर्ष बाद मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को अब परिवहन, गृह भाड़ा (हाउस रेंट अलाउंस/ एचआरए) बढ़ी हुई दर से मिलेगा। राज्य सरकार ने सातवें वेतनमान के अनुरूप भत्तों में वृद्धि की है। बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भले ही आठवें वेतनमान का गठन करने की घोषणा हो चुकी है लेकिन मध्य प्रदेश में अब तक कर्मचारियों को छठे वेतनमान के अनुसार ही भत्तों का भुगतान किया जा रहा था। recent visitors 29

भोपाल नगर निगम का 2025-26 का बजट आज पेश होगा

भोपाल भोपाल नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट गुरुवार को पेश होगा। नगर निगम की परिषद का साधारण सम्मेलन सुबह 11 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आइएसबीटी) स्थित परिषद सभागृह में आहूत किया गया है। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की अध्यक्षता में आहूत सम्मेलन में कार्यसूची में सम्मिलित विषयों पर चर्चा की जाएगी। महापौर मालती राय द्वारा वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित बजट और वर्ष 2024-25 का पुनरीक्षित बजट सदन के विचारार्थ और अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किया जाएगा। इस बजट बैठक से पहले बुधवार शाम को भाजपा और कांग्रेस पार्षद दल बैठक हुई। दोनों ही राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने बजट बैठक को लेकर रणनीति फाइनल की। बैठक में जहां निगमायुक्त हरेंद्र नारायन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव आ सकता है। कांग्रेस टैक्स वृद्धि का करेगी विरोध कांग्रेस पार्षद टैक्स वृद्धि को लेकर महापौर को घेरने की तैयारी कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार संपत्तिकर में 10 प्रतिशत और जलकर व सीवेज में 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी बजट बैठक में हंगामा का कारण बनेगी। अब देखना यह है कि क्या विपक्ष टैक्स में वृद्धि को रोक पाती है या नहीं। भाजपा और कांग्रेस पार्षद मिलकर निगमायुक्त के अड़ियल रवैया को लेकर खासे नाराज है। लिहाजा उनके खिलाफ भाजपा और कांग्रेस पार्षद निंदा प्रस्ताव लाने की मांग करेंगे।   recent visitors 36

स्कूलों ने अभिभावकों से किताबों व यूनिफार्म के नाम पर मोटी रकम वसूलना शुरू किया, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी

नई दिल्ली राजधानी के निजी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही अभिभावकों की जेब पर तगड़ी मार पड़ने लगी है। स्कूलों ने अभिभावकों से किताबों व यूनिफार्म के नाम पर मोटी रकम वसूलना शुरू कर दिया है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को किसी खास विक्रेता से किताबें व यूनिफार्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं करने और स्कूल की वेबसाइट पर किताबें खरीदने के लिए स्कूल के नजदीक की कम से कम पांच दुकानों का पता और टेलीफोन नंबर भी प्रदर्शित करने को कहा था। ताकि अभिभावक अपनी सुविधानुसार उन दुकानों से किताबें व यूनिफार्म खरीद सकें। इसके बावजूद निजी स्कूल कैंपस के अंदर ही निजी प्रकाशकों की किताबें, स्टेशनरी और यूनिफार्म मंहगें दामों पर बेच रहे हैं। इतना ही नहीं स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से मोटी रकम वसूलने के लिए अलग-अलग कक्षा के अनुसार यूनिफार्म भी अलग कर दी है। यूनिफार्म की डिजाइन के बारे में भी बाहर के किसी वेंडर को जानकारी नहीं दी ताकि अभिभावकों को मजबूरन कैंपस के अंदर से ही यूनिफार्म लेनी पड़े। कोई पांच तो कोई आठ हजार में स्कूल के अंदर से बेच रहा किताबें निजी स्कूलों हर बार की तरह इस बार भी शिक्षा निदेशालय के आदेश की अवहेलना करते हुए स्कूल कैंपस के अंदर से बढ़े हुए दामों पर निजी प्रकाशकों की किताबें, कापी और स्टेशनरी का समान दे रहे हैं। प्री-प्राइमरी, केजी में महज तीन किताबें, आर्ट क्राफ्ट का सामान, स्टेशनरी और नोट बुक पांच से छह हजार की पड़ रही है। अशोक विहार स्थित महाराजा अग्रसेन स्कूल में कैंपस के अंदर से प्री-स्कूल की कापी-किताब व स्टेशनरी का सेट 4940 रुपये, पहली कक्षा की किताब, कापी व स्टेशनरी का सेट 6345 रुपये, पांचवीं कक्षा का 8239 रुपये, सातवीं का 8311 रुपये, आठवीं का 8935 रुपये में बेचा जा रहा है। इसमें किताबों पर कवर चढ़ाने के रुपये अलग से लिए जा रहे हैं। वसंत कुंज स्थित मैसोनिक पब्लिक स्कूल में आठवीं की कापी-किताब और स्टेशनरी का सेट 5598 रुपये का पड़ रहा है। करीब हर निजी स्कूल का यही हाल जनकपुरी स्थित सुमेरमल जैन पब्लिक स्कूल में पांचवीं की कॉपी-किताब और स्टेशनरी का सेट 4931 रुपये का बेचा जा रहा है। श्रीजन स्कूल में आठवीं की कापी-किताब व स्टेशनरी का सेट आठ हजार में बेचा जा रहा है। लगभग हर निजी स्कूल का यही हाल है। राजधानी के ये निजी स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को धता बता एनसीईआरटी की किताबों से ज्यादा निजी प्रकाशकों की किताबों को स्कूल में पढ़वा रहे हैं। स्कूलों में बेचे जा रहे सेट में अधिकतर किताबें निजी प्रकाशकों की ही हैं। इक्का-दुक्का किताब ही एनसीईआरटी की ली गई हैं। उसमें भी कहा गय है कि सेट में लिखी एनसीईआरटी की किताबें अभिभावकों को स्वयं ही बाहर से खरदनी पड़ेगी। कुछ स्कूलों में पूरा सेट लेने पर छूट जैसे आफर देकर अभिभावकों को लुभाने की भी कोशिश हो रही है। एनसीईआरटी की जो किताबें 30 रुपये से लेकर 100 रुपये तक मिलती है, उसी विषय की निजी प्रकाश की किताब की कीमत 300 से 700 रुपये तक में बेची जा रही है। यूनिफॉर्म को बार-बार बदला जाता स्कूलों में सिर्फ लूट का ये काम कापी-किताब और स्टेशनरी तक ही सीमित नहीं रखा है। बहुत से स्कूलों ने अब यूनिफार्म के नाम पर लूटने के अलग-अलग तरीके ढूंढे़ हैं। कुछ स्कूलों ने अलग-अलग कक्षाओं के लिए यूनिफार्म ही अलग कर रखी है ताकि बच्चे को कक्षा बदलते ही यूनिफार्म भी बदलनी पड़े। यूनिफॉर्म के लिए भी निदेशालय ने स्कूलों को आदेश दिया है कि वो पांच वेंडरों की सूची चस्पा करें जहां से अभिभावक यूनिफॉर्म खरीद सकें। लेकिन स्कूलों ने कैंपस के अंदर ही विक्रेता बैठाए हुए हैं और यूनिफॉर्म का डिजाइन भी बदल दिया और बाहर के विक्रेताओं को डिजाइन के बारे में जानकारी ही नहीं दी। मजबूरन अभिभावकों को स्कूल के अंदर बैठे विक्रेता से महंगे दाम पर यूनिफार्म खरीदनी पड़ रही है। recent visitors 43

मध्यप्रदेश में ईवी खरीदने पर मोहन सरकार खास फायदा दे रही, पार्किंग की समस्या से मिलेगी निजात

भोपाल मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने पर प्रदेश की मोहन सरकार खास फायदा देने जा रही है. दरअसल, ईवी मालिकों को सरकार कार पार्किंग की विशेष सुविधा मुहैया कराएगी. ऐसे में भीड़भाड़ वाले इलाके व शहर के मार्केट में आम कारों की तुलना में ईवी पार्किंग आसान होगी और कार मालिकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा ईवी पॉलिसी के जल्द जारी होंगे निर्देश राज्य सरकार का प्लान है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बाजारों की सार्वजनिक पार्किंग और रहवासी सोसायटियों में पार्किंग की अलग से व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए नगरीय विकास व आवास विभाग जल्द ही नई ईवी पॉलिसी के तहत निर्देश करने जा रहा है. ईवी के लिए दी जा रहीं विशेष सुविधाएं प्रदेश में सार्वजनिक पार्किंग में फिलहाल महिलाओं और दिव्यांगों के वाहनों की अलग से व्यवस्था होती है. वहीं अब नगरीय विकास व आवास विभाग ईवी यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए भी अलग से पार्किंग की व्यवस्था करेगा. ईवी पॉलिसी 2025 के तहत विभाग इसके लिए निर्देश जारी करने जा रहा है. विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला के मुताबिक, '' ईवी पॉलिसी की अधिसूचना जारी हो चुकी है और अब जल्द ही नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं. इसमें कई तरह के प्रावधान किए जाएंगे.'' नई ईवी पॉलिसी में ये प्रावधान     सड़क किनारे सार्वजनिक पार्किंग में ईवी के लिए 25 फीसदी पार्किंग रिजर्व की जाएगी.     बाजार, मॉल, कमर्शियल कॉम्पलेक्स आदि में इलेक्ट्रिक वाहनों की पार्किंग के लिए अलग से रिजर्व पार्किंग व्यवस्था की जाएगी.     रिजर्व स्थानों पर ईवी वाहनों के स्थान पर अन्य कोई वाहन खड़े नहीं किए जा सकेंगे.     आवासीय कॉलोनियों में भी ईवी वाहनों के लिए अलग से वाहन पार्किंग व्यवस्था की जाएगी.     सभी सरकारी दफ्तरों में भी ईवी वाहनों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी. मध्य प्रदेश में ईवी को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार फरवरी माह में नई ईवी पॉलिसी जारी कर चुकी है. इसमें प्रदेश में ईवी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए हर 20 किलो मीटर पर चार्जिंग स्टेशन बनाने की तैयारी की जा रही है. वहीं ई व्हीकल खरीदने के लिए इलेक्ट्रिक कारों पर 25 हजार रुपए और दो पहिया ईवी वाहनों पर 5 हजार रुपए की छूट दिए जाने का ऐलान किया गया है. recent visitors 34

बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष में अब और देरी नहीं होगी, अप्रैल महीने में चेहरे से सस्पेंस खत्म हो जाएगा

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघ मुख्यालय के दौरे के बाद अब बीजेपी के नए राष्ट्रीय के ऐलान को काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष में अब और देरी नहीं होगी। अप्रैल महीने में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चेहरे से सस्पेंस खत्म हो जाएगा। संसद के बजट सत्र के बाद बीजेपी के संगठन चुनावों में तेजी की उम्मीद है। संसद का बजट सत्र 4 अप्रैल को खत्म हो रहा है। संघ के सूत्रों की मानें तो नए अध्यक्ष के चयन में संघ, पीएम मोदी और अमित शाह के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की भूमिका अहम हो सकती है। 2009 से 2013 तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे नितिन गडकरी अभी भी संघ नेतृत्व की गुडबुक में बने हुए हैं। नागपुर दौरे में नितिन गडकरी पूरे दौरे में फडणवीस के साथ पीएम और संघ नेताओं के साथ मौजूद रहे थे। कब हो सकता है ऐलान? बीजेपी ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान की यूं तो कई डेडलाइन निकल चुकी हैं। अप्रैल महीने में 6 अप्रैल को बीजेपी का स्थापना दिवस है लेकिन 6 अप्रैल तक ऐलान हो पाएगा। इसकी संभावना बेहद कम है। इसके बाद बीजेपी ने 18 अप्रैल को राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद (BJP National Executive Council Meet) की बैठक रखी है। इस बैठक में नए अध्यक्ष का ऐलान हो सकता है। अगर कुछ देरी होती है तो भी अप्रैल में जेपी नड्‌डा के उत्तराधिकारी का ऐलान हो जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी में कहा गया है कि अगले कुछ दिनों में संगठन चुनाव पूरा हो जाएगा। 13 राज्यों में अध्यक्षों का ऐलान हो चुका है। 19 राज्यों में ऐलान बाकी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए 19 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना जरूरी है। कैसे नड्‌डा बने थे अध्यक्ष? 2019 में अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद जेपी नड्‌डा बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष बने थे। छह महीने बाद 30 जनवरी 2020 को उन्हें सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। नड्‌डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में खत्म हो गया था, लेकिन लोकसभा चुनावों के लिए उन्हें जून, 2024 तक एक्सटेंशन दे दिया गया था। इसके बाद भी नड्‌डा एक्सटेंशन पर हैं। ऐसे में बतौर अध्यक्ष लंबी पारी खेल चुके हैं। नड्‌डा वर्तमान में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। नए अध्यक्ष की अगुवाई में 12 चुनाव सूत्रों का कहना है कि बीजेपी का जो भी नया अध्यक्ष होगा उसके सामने 2025 में बिहार, फिर 2026 में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के साथ असम और केरल में मोर्चा संभालना होगा। इसके बाद 2027 में पांच राज्यों के चुनाव के साथ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव भी होंगे। ऐसे में अगले तीन साल के कार्यकाल में कुल 12 अहम चुनाव होंगे। सूत्रों की मानें तो बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद की बैठक में बेंगलुरु में 18 अप्रैल से 20 अप्रैल तक प्रस्तावित है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान इसमें हो सकता है। अगर ये बैठक की तारीखें थोड़ी आगे भी खिसकती हैं तो भी अप्रैल के अंत तक बीजेपी को राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने की पूरी संभावना है। recent visitors 53

नक्सल गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश में एसआईए का गठन हुआ

भोपाल नक्सली गतिविधियों को रोकने, जांच व उनके विरुद्ध ऑपरेशन के लिए प्रदेश में स्टेट इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एसआईए) का गठन किया गया है। पुलिस मुख्यालय की सीआईडी शाखा के आईजी स्तर के अधिकारी को इसका प्रमुख बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित अन्य राज्यों में भी इसी तरह की जांच एजेंसी बनाई गई है। यह केंद्र की नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) की तरह काम करेगी। एनआईए का गठन देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों पर कार्रवाई के लिए किया गया है। नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में आएगी तेजी केंद्र सरकार के निर्देश पर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में इसका गठन किया जा चुका है। नक्सलियों ने इन तीनों राज्यों को मिलाकर एक जोन (एमएमसी) बनाया हुआ है। एसआईए से इसमें नक्सलियों के विरुद्ध कार्रवाई में तेजी आएगी। बता दें, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च, 2026 तक देश से नक्सल समस्या पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है। एसआईए का गठन इसी दिशा में एक प्रयास है। इसका मुख्य काम नक्सलियों के नेटवर्क का पता लगाना है। साथ ही, एजेंसी के अन्य कार्य नक्सलियों को आर्थिक सहायता कहां से मिल रही है, नक्सलियों द्वारा उपयोग किए जा रहे हथियार उन तक कैसे पहुंच रहे हैं, नए नक्सलियों की भर्ती का तरीका, ग्रामीणों से संपर्क की रणनीति, बड़ी नक्सली घटनाओं की जांच से संबंधित रहेगा। मध्य प्रदेश एसआईए नक्सल गतिविधियों की रोकथाम में एनआईए का भी सहयोग लेगी। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि एसआईए ने काम प्रारंभ कर दिया है। मध्य प्रदेश में सक्रिय हैं 65 से 70 नक्सली बता दें, मध्य प्रदेश में नक्सल प्रभावित बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में 65 से 70 नक्सली सक्रिय हैं। इनमें लगभग आधी महिलाएं हैं। ये नक्सली मूल रूप से छत्तीसगढ़ या महाराष्ट्र के हैं। मध्य प्रदेश के मात्र तीन ही हैं। पुलिस का प्रयास है कि ये नक्सली या तो आत्मसमर्पण कर दें या उन्हें मार दिया जाए। नक्सली संगठन में नई भर्ती नहीं होने पाए, यह भी पुलिस की कोशिश है। 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के संकल्प में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक नक्सलियों पर लगातार नजर रखी जाए और निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। सुरक्षा बलों को सीएम की बधाई मुख्यमंत्री ने हाल ही में बालाघाट में हुए पुलिस ऑपरेशन की सराहना की, जिसमें चार नक्सलियों को मार गिराया गया था और भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में नक्सलवाद को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और इसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। सीएम ने इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया बैठक का भी जिक्र किया, जिसमें देश को 2026 तक नक्सल मुक्त बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई थी। अब मध्य प्रदेश में नक्सलियों के लिए बचने का कोई रास्ता नहीं! सरकार पूरी ताकत से विकास और सुरक्षा पर काम कर रही है। recent visitors 42

भोपालवासियों को बड़ी राहत मिलने वाली, जिले में बनेंगी 12 नई सड़कें, जाम की समास्या से मिलेगी निजात

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। जानकारी के लिए बता दें कि पीडब्ल्यूडी ने अपने बजट में नगर निगम के वार्डों की अंदरूनी सड़क को भी शामिल किया है। करीब 12 सड़कों के लिए पीडब्ल्यूडी ने प्रस्ताव तैयार किए हैं। इनका काम इसी माह शुरू किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने करीब 50 करोड़ रुपए का बड़ा बजट इनके लिए तय किया है। शासन स्तर से ये राशि मंजूर कराई जाएगी। बजट में हैं नगर निगम की ये सड़कें शामिल 05 करोड़ रुपए बरखेड़ी फाटक से महामाई का बाग, शंकराचार्य नगर, पुष्पानगर, चांदबड़ की सड़कों के लिए 05 करोड़ रुपए अशोका गार्डन समेत वार्ड 69-70 के एप्रोच रोड के लिए 4.80 करोड़ रुपए वार्ड क्रमांक 26 बरखेड़ी खूर्द सीसी रोड 05 करोड़ रुपए चेतक ब्रिज से वार्ड 45 व 47 में गौतम नगर होते हुए रचना नगर अंडरब्रिज से सुभाष नगर विश्राम घाट तक रोड के लिए 14.75 करोड़ रुपए सलैया से बावडिया खुर्द तक वार्ड 52 की पर रोड 2.20 किमी लंबाई 3.79 करोड़ रुपए वार्ड 82-84 में दशहरा मैदान स्टेडियम से अमरनाथ कॉलोनी गेट तक सीसी रोड 1.20 किमी लंबाई 4.50 करोड़ रुपए में वार्ड 54-55 में आशिमा मॉल से कटारा रोड जाटखेड़ी से बाग मुगालिया क्षेत्र की सड़कें 3.18 करोड़ रुपए वार्ड 83 में गिरधर परिसर से श्यामाप्रसाद मुखर्जी कॉलेज निर्मलादेवी मार्ग कोलार रोड तक 1.80 करोड़ रुपए वार्ड 26 में रातीबड़ हनुमान मंदिर से जवाहर नवोदय विद्यालय recent visitors 42