बुद्ध का संदेश : विदेश यात्राओं में पीएम मोदी का बौद्ध धर्म पर जोर, विशेष महत्व देते नजर आते हैं

बैंकॉक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और थाई पीएम पैतोंगतार्न शिनावात्रा ने शुक्रवार को थाईलैंड के प्रसिद्ध ऐतिहासिक बौद्ध मंदिर 'वाट फो' का दौरा किया। थाइलैंड के बाद पीएम मोदी श्रीलंका का दौरा करेंगे जहां वह अनुराधापुरा में महाबोधि मंदिर जाएंगे। अपनी विदेश यात्राओं में खासतौर से पीएम मोदी बौद्ध धर्म को विशेष महत्व देते नजर आते हैं। 2024 में भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में, प्रधानमंत्री मोदी ने लाओस के राष्ट्रपति थोंगलाउन सिसोउलिथ को एक पुरानी पीतल की बुद्ध प्रतिमा भेंट की। उसी वर्ष, भारत ने भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों के कई पवित्र अवशेष थाईलैंड भेजे। भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों, अरहंत सारिपुत्त और अरहंत महा मोग्गलाना के अवशेषों को एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा बैंकॉक ले जाया गया और थाईलैंड के चार शहरों में 25 दिनों तक प्रदर्शित किया गया। 2023 में, प्रधानमंत्री मोदी और जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने दिल्ली के बुद्ध जयंती पार्क में बाल बोधि वृक्ष का दौरा किया, जिससे भारत और जापान के बीच गहरे बौद्ध संबंधों को मजबूती मिली। भारत ने पहले वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन की भी मेजबानी की, जिसमें बौद्ध दर्शन के माध्यम से समकालीन चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए विद्वानों को एक साथ लाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बुद्ध की शिक्षाएं वैश्विक मुद्दों का समाधान प्रदान करती हैं। 2022 में, पीएम मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा पर लुम्बिनी, नेपाल का दौरा किया, भारत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र की आधारशिला रखी। उसी वर्ष, भारत ने भगवान बुद्ध के चार पवित्र अवशेष, जिन्हें कपिलवस्तु अवशेष के नाम से जाना जाता है, मंगोलिया भेजे। वहां 11 दिनों तक मंगोलियाई बुद्ध पूर्णिमा समारोह के साथ उनका प्रदर्शन किया गया। 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अवशेषों के साथ उलानबटार में गंडन मठ परिसर में बत्सागान मंदिर गया, जहां बौद्ध कूटनीति और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला गया। 2019 में, पीएम मोदी और मंगोलिया के राष्ट्रपति महामहिम खल्टमागिन बटुल्गा ने संयुक्त रूप से उलानबटार में ऐतिहासिक गंदन तेगचेनलिंग मठ में स्थापित भगवान बुद्ध और उनके दो शिष्यों की एक प्रतिमा का अनावरण किया। 2018 में, पीएम मोदी ने सिंगापुर में बुद्ध टूथ रेलिक मंदिर का दौरा किया, जिससे सिंगापुर की बौद्ध विरासत के प्रति भारत का सम्मान प्रदर्शित हुआ और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती मिली।2017 में श्रीलंका की अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी कोलंबो में अंतरराष्ट्रीय वेसाक दिवस समारोह को संबोधित किया और गंगारामया बौद्ध मंदिर का दौरा किया, जिससे भारत-श्रीलंका के सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध और गहरे हुए। 2016 में, वियतनाम की अपनी यात्रा के दौरान, पीएम मोदी ने हनोई में क्वान सु पैगोडा का दौरा किया, बौद्ध भिक्षुओं के साथ बातचीत की और दक्षिण पूर्व एशिया में बौद्ध कूटनीति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के साथ भारत के बौद्ध संबंधों को मजबूत किया। उन्होंने चीन के शीआन में दा शिंगशान मंदिर और बिग वाइल्ड गूज पैगोडा का दौरा किया, जिससे भारत और चीन के बीच ऐतिहासिक बौद्ध आदान-प्रदान मजबूत हुआ। मंगोलिया में उन्होंने गंडन मठ का दौरा किया, जहां उन्होंने दोनों देशों की साझा आध्यात्मिक विरासत पर जोर दिया। श्रीलंका में उन्होंने अनुराधापुरा में श्री महाबोधि वृक्ष को श्रद्धांजलि अर्पित की, 2014 में, प्रधानमंत्री मोदी ने क्योटो, जापान का दौरा किया, जहाँ उन्होंने तोजी और किन्काकू-जी मंदिरों का भ्रमण किया, जिससे भारत-जापान बौद्ध संबंधों को मजबूती मिली। उन्होंने क्योटो बौद्ध संघ द्वारा आयोजित एक लंच में भी भाग लिया, जो वैश्विक स्तर पर बौद्ध नेताओं के साथ जुड़ने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। घरेलू स्तर पर, पीएम मोदी की सरकार ने बौद्ध विरासत को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनके नेतृत्व में विकसित बौद्ध सर्किट, भगवान बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को दर्शाता है। इन पवित्र स्थानों पर यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए, बौद्ध सर्किट पर्यटक ट्रेन (महापरिनिर्वाण एक्सप्रेस) शुरू की गई, जो भारत और नेपाल के सबसे प्रतिष्ठित बौद्ध स्थलों को कवर करते हुए एक विसर्जित तीर्थयात्रा अनुभव प्रदान करती है। इसके अलावा, कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने तीर्थ स्थलों तक पहुंच में काफी सुधार किया है। नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार ने भारत को बौद्ध शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में फिर से स्थापित किया। सरकार ने बौद्ध साहित्य के संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए पाली को एक शास्त्रीय भाषा के रूप में भी मान्यता दी। पीएम मोदी का बौद्ध धर्म पर जोर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नेतृत्व के प्रति भारत के समर्पण को दर्शाता है। बौद्ध विरासत के साथ उनका गहरा जुड़ाव शांति, सद्भाव और साझा सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बौद्ध देशों के साथ संबंधों को गहरा करके और अपनी बौद्ध विरासत को पुनर्जीवित करके, भारत बौद्ध धर्म में बताए गए शांति और ज्ञान को बढ़ावा देने वाले वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत करना जारी रखता है। recent visitors 42

पीएम मोदी ने कहा- नांदेड़ में हुई दुर्घटना में लोगों की मृत्यु से दुःखी हूं, पीड़ित परिवारों को मदद का भी ऐलान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुई दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य होने की कामना की। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख और घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने पीएम मोदी की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए लिखा, ''महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुई दुर्घटना में लोगों की मृत्यु से दुःखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।'' इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नांदेड़ हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज सुबह नांदेड़ जिले के असेगांव में एक दुर्घटना में कुछ महिलाओं की मृत्यु हो गई, जब 11 महिला मजदूरों को ले जा रही एक ट्रैक्टर ट्रॉली एक कुएं में गिर गई। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। ये महिलाएं हिंगोली जिले के गुंजगांव की रहने वाली थीं और कृषि कार्य के लिए जा रही थीं। महिलाओं को कुएं से निकालने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है और स्थानीय उप-कलेक्टर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित पूरी टीम मौके पर मौजूद है। तीन महिलाओं को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हम हिंगोली और नांदेड़ प्रशासन दोनों के संपर्क में हैं। मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।'' बताया जा रहा है कि खेती के काम के लिए जा रही महिला मजदूरों का ट्रैक्टर कुएं में गिर गया। इस हादसे मे सात महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन को बचा लिया गया। recent visitors 48

दिल्ली सीएम ने कहा- वक्फ संशोधन विधेयक पर खुशी जताते हुए ‘न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत तय’

नई दिल्ली लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुशी जताई। उन्होंने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इस विधेयक को मंजूरी मिलने से अन्याय और भ्रष्टाचार को खत्म कर न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि 2013 में तुष्टिकरण के लिए रातों-रात वक्फ कानून को अतिवादी बना दिया गया, जिसके कारण दिल्ली के लुटियंस जोन की 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ को दे दी गईं। इस विधेयक के पारित होने से देश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, जो न्याय और समानता को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए। सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज का दिन ऐतिहासिक है। संसद ने 'वक्फ (संशोधन) विधेयक – 2025' को मंजूरी दे दी है, जो दशकों से चले आ रहे अन्याय और भ्रष्टाचार को खत्म कर न्याय और पारदर्शिता की नई शुरुआत करेगा। 2013 में तुष्टिकरण के लिए रातों-रात वक्फ कानून को अतिवादी बना दिया गया, जिसके कारण दिल्ली के लुटियंस जोन की 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ को दे दी गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक कदम से अब इसकी पारदर्शिता से निगरानी की जा सकेगी।" उन्होंने लिखा, "2013 में लाए गए संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों में कुल साढ़े 5 घंटे चर्चा हुई थी, जबकि इस विधेयक पर दोनों सदनों में 16 घंटे से ज्यादा की चर्चा हुई। मोदी सरकार ने संयुक्त समिति बनाई, जिसमें 38 बैठकें हुईं, 113 घंटे चर्चा हुई और 284 हितधारकों को शामिल किया गया। 'वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025' को संसद के पटल पर लाने से पहले मोदी सरकार को देशभर से करीब एक करोड़ ऑनलाइन सुझाव मिले, जिनका विश्लेषण करने के बाद यह कानून बनाया गया, जो दर्शाता है कि जहां मोदी सरकार मुस्लिमों के साथ खड़ी है, वहीं विपक्ष केवल वोट बैंक की आड़ में गुमराह कर रहा है।" सीएम रेखा गुप्ता ने लिखा, "इस विधेयक के पारित होने से देश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, जो न्याय और समानता को सुनिश्चित करेगा। इसे समर्थन देने वाले सभी दलों और सांसदों का भी धन्यवाद। वक्फ बोर्ड को अधिक उत्तरदायी बनाना अनिवार्य था। यह विधेयक सुनिश्चित करेगा कि वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग न हो और इसका लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे। यह पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे करोड़ों लोगों को न्याय मिलेगा।" recent visitors 52

कुछ आंतकवादी जंगलों में छिपे हुए हैं जो कि अपना‌ रूट भी बदल सकते हैं, सुरक्षा बलों की टीमें काम में जुटी

सांबा जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आतंकियों की हलचल देखी गई है जिसके बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। आप को बता दें कि कठुआ और ऊधमपुर जिले के बीच के जंगलों में आतंकवादियों के छिपे होने के चलते अब हर जगह पर व्यापक सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इसी बीच सुरक्षा बलों को यह सूचना मिली है कि यहां पर आतंकियों की गतिविधियां देखी गई है। जिला सांबा में आतंकवादियों के पुराने रूट बेई नाले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एसओजी ने तलाशी अभियान चलाया है। इस दौरान एसओजी ने उन पुराने ठिकानों को खंगाला जो कि कुछ वर्ष पहले रूट रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ अभी भी कुछ आंतकवादी जंगलों में छिपे हुए हैं जो कि अपना‌ रूट भी बदल सकते हैं, जिससे पहले ही सतर्क होकर पुलिस टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं। recent visitors 45

तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई ने किया साफ, वह किसी भी तरह की ‘रेस’ में शामिल नहीं हैं, सियासी हलचल तेज

कोयंबटूर तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई ने शुक्रवार को साफ किया कि वह प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी तरह की प्रतिस्पर्धा की कोई गुंजाइश नहीं होती और यह पद सर्वसम्मति से तय किया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह किसी भी तरह की 'रेस' में शामिल नहीं हैं। इस बयान के बाद बीजेपी पद से उनके इस्तीफे के कयास लगाए जा रहे हैं। कोयंबटूर में मीडिया से बातचीत के दौरान जब अन्नामलाई से पूछा गया कि क्या वह तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार हैं, तो उन्होंने कहा, "मैं नए प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में नहीं हूं। मैं किसी भी प्रतिस्पर्धा में नहीं पड़ता।" अन्नामलाई से यह भी पूछा गया कि क्या एआईएडीएमके 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के साथ गठबंधन करने की शर्त के रूप में उन्हें पद से हटवाना चाहती है? इस पर उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि बीजेपी आने वाले दिनों में अच्छा प्रदर्शन करेगी और नए अध्यक्ष के चुनाव के वक्त इस पर बात होगी। वक्फ विधेयक पर दिया बड़ा बयान अन्नामलाई ने वक्फ विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गरीब मुसलमानों को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने दावा किया कि 1913 से 2013 तक देशभर में 18 लाख एकड़ जमीन वक्फ के अधीन थी, लेकिन 2013 से 2025 के बीच 21 लाख एकड़ और जुड़ गई है। यानी अब कुल 39 लाख एकड़ जमीन वक्फ के अधीन हो गई है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के तिरुचेंदुरई में पूरे शहर को वक्फ घोषित कर दिया गया था और मंदिरों की जमीन को भी वक्फ संपत्ति बताने की कोशिश की गई थी। लेकिन संशोधन विधेयक से अब इन सभी विवादित मामलों का समाधान निकल आया है। वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण का आरोप अन्नामलाई ने दावा किया कि कई जगहों पर वक्फ की संपत्तियों पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने कहा, "पिछले साल वक्फ की 126 करोड़ रुपए की आय हुई थी। लेकिन कई जगहों पर कब्जा होने के कारण आय में गिरावट आई है। अब चार साल इंतजार करिए और देखिए कि वक्फ कितना पैसा कमाएगा और यह गरीब मुसलमानों को मिलेगा।" टीवीके के विरोध पर तंज वक्फ विधेयक के खिलाफ अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए अन्नामलाई ने कहा कि क्या उन्होंने इस मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष कोई आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई थी? उन्होंने कहा, "टीवीके आखिर विरोध किस चीज़ का कर रही है? कानून में क्या गलत है? उन्हें खुद भी नहीं पता कि वे किस चीज़ का विरोध कर रहे हैं।" एनईईटी मुद्दे पर डीएमके को घेरा अन्नामलाई ने डीएमके सरकार पर एनईईटी परीक्षा को लेकर "नाटक" करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब यह मामला पूरी तरह से खत्म हो चुका है। राष्ट्रपति द्वारा राज्य के विधेयक को खारिज कर दिए जाने के बाद अब डीएमके सरकार के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने डीएमके सरकार को चुनौती देते हुए कहा, "अगर आपमें हिम्मत है तो सुप्रीम कोर्ट जाइए। लेकिन डीएमके सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगी, क्योंकि एनईईटी परीक्षा को लागू करने का फैसला भी सुप्रीम कोर्ट ने ही दिया था।" मुरुगन मंदिर के अभिषेक पर विवाद मरुदामलाई भगवान मुरुगन मंदिर में हुए अभिषेक समारोह पर अन्नामलाई ने कहा कि जिस तरह से यह आयोजन हुआ, उससे यह संदेह पैदा हुआ कि यह 'कुंभाभिषेकम' था या "डीएमके सम्मेलन"। उन्होंने आरोप लगाया कि जबकि आम भक्तों को अनुमति नहीं दी गई, डीएमके के 750 खास लोगों को विशेष दर्शन पास दिए गए। recent visitors 52

भारत समेत इन देशों में बॉयकॉट USA मुहिम तेज, ट्रंप के लिए जी का जंजाल बना ‘टैरिफ दांव’

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को विभिन्न देशों के खिलाफ रेसिप्रोकल टैरिफ (जवाबी शुल्क) की घोषणा करते हुए एक चार्ट दिखाया था, जिसमें भारत, चीन, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे देशों पर लगाई जाने वालीं नई टैक्स दरों का उल्लेख था। इस चार्ट के मुताबिक, भारत पर 26 फीसदी तो चीन पर 34 फीसदी (कुल 54 फीसदी) कर लगाया गया है। यूरोपीय देशों पर भी भारी भरकम टैक्स लगाया गया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि नई दरें तब तक लागू रहेंगी जब तक कि अमेरिका पिछले साल दर्ज किए गए 1.2 ट्रिलियन डॉलर के व्यापार असंतुलन को कम नहीं कर लेता। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप के इस कदम से दुनियाभर में खलबली है। अमेरिकी स्टॉक मार्केट में हाहाकार मचा हुआ है। गुरुवार को ही अमेरिकी बाजार नैस्डैक करीब 6% टूट गया और Dow Jones इंडेक्स में 1600 अंकोंकी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका पर मंदी का खतरा मंडराने की भी आशंका जताई जा रही है। कई अर्थशास्त्रियों का कहना है कि नए टैरिफ का बोझ अमेरिकी कंपनियों पर ही पड़ेगा और अंतत: अमेरिकी उपभोक्ताओं पर ही वे बोझ डाले जाएंगे। दूसरी तरफ कई देश जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं। इस बीच, अब सोशल मीडिया पर अमेरिकी वस्तुओं और खुद संयुक्त राज्य अमेरिका के बहिष्कार का आह्वान किया जाने लगा है। ट्रंप की घोषणा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर #BoycottUSA ट्रेंड करने लगा है। इतना ही नहीं गूगल सर्च में भी इसे दुनियाभर में सर्च किया जाने लगा है। Google सर्च डेटा के अनुसार, भारत समेत करीब एक दर्जन देशों में लोग BoycottUSA के बारे में सर्च कर रहे हैं। ऐसे देशों में भारत के अलावा कनाडा, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्विटजरलैंड, स्वीडन, डेनमार्क, बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं। गूगल पर लोग क्या सर्च कर रहे? न्यूजवीक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत से लेकर यूरोप और आस्ट्रेलिया तक लोग गूगल पर "अमेरिकी उत्पादों का बहिष्कार करें (us products to boycott)", "अमेरिकी उत्पादों की सूची का बहिष्कार करें (list of American products to boycott)", "अमेरिकी ब्रांडों का बहिष्कार करें (American brands to boycott)" और "अमेरिकी उत्पादों का बहिष्कार कैसे करें (how to boycott American products)" जैसे सवाल खोज रहे हैं। इतना ही नहीं, कई लोग अपनी वैकेशन ट्रिप कैंसल कर रहे हैं और अमेरिका नहीं जाने की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। कनाडाई लेखक जेफरी लुस्कोम्ब ने एक्स पर #BoycottUSA के साथ पोस्ट किया, "हमने पिछले महीने के लिए बुक की गई फ्लोरिडा की होली डे ट्रिप रद्द कर दी है। कनाडा में ही रहने का फैसला किया। सुना है कि कुछ अन्य कनाडाई लोगों ने भी ऐसा ही किया है। इसी तरह एक अन्य यूजर ने एक्स पर लिखा, "मैं अब कभी अमेरिका नहीं जाऊँगा। जहाँ तक संभव होगा, मैं अमेरिकी वस्तुओं और कंपनियों का बहिष्कार करूँगा।" अमेरिका में पर्यटकों की संख्या में गिरावट का अंदेशा रिसर्च फर्म टूरिज्म इकोनॉमिक्स ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि 2025 में अमेरिका की यात्रा में 5.5 फीसदी तक की गिरावट आने का अनुमान है। हालांकि, #BoycottUSA का ट्रेंड पहली बार नहीं चला है। जब डोनाल्ड ट्रम्प मे इस साल जनवरी में शपथ ग्रहण किया था, तभी से #BoycottUSA शब्द ऑनलाइन ट्रेंड करने लगा था। मार्च में, कनाडा, मैक्सिको, भारत और चीन समेत करीब पांच दर्जन देशों पर ट्रंप के टैरिफ दांव के बाद यूरोपीय संघ और कनाडा में इस तरह के हैशटैग और सर्च में तेजी से उछाल आया है। recent visitors 30

राज्यसभा में फिल्म एल2 एमपुरान को लेकर विवाद पर सुरेश गोपी का चढ़ गया पारा, रिजिजू ने बढ़कर किया शांत

नई दिल्ली राज्यसभा में उस वक्त माहौल गरमा गया जब केंद्रीय मंत्री और मशहूर एक्टर सुरेश गोपी ने फिल्म एल2 एमपुरान को लेकर उठे विवाद पर खुलकर जवाब दिया। जैसे ही सीपीआई सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि फिल्म पर 2002 के गुजरात दंगों की झलक दिखाने की वजह से राजनीतिक दबाव डाला गया, सुरेश गोपी भड़क उठे और अपनी कुर्सी से खड़े होकर सफाई पेश की। सुरेश गोपी को तमतमाया देख केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बीच में दखल देकर उन्हें शांत कराया। जॉन ब्रिटास को जवाब देते हुए सुरेश गोपी ने कहा, “ये सिर्फ एक सच्चाई है, जिसे मैं हर भारतीय को बताना चाहता हूं। फिल्म के निर्माताओं पर सेंसर बोर्ड या किसी अन्य संस्था की कोई दबाव नहीं था। सुरेश गोपी ने ये भी खुलासा किया कि फिल्म के थैंक यू कार्ड से उनका नाम हटाने का फैसला खुद उनका था। जॉन ब्रिटास के आरोपों का सुरेश गोपी ने दिया जवाब गोपी उन्होंने कहा, “मैंने खुद फोन करके निर्माताओं से कहा कि मेरा नाम हटा दें। ये मेरा फैसला था और अगर ये झूठ निकले तो मैं हर सजा भुगतने को तैयार हूं।” उन्होंने बताया कि फिल्म से 17 हिस्से हटाने का निर्णय निर्देशक और मुख्य अभिनेता की सहमति से निर्माताओं ने खुद लिया था। इससे पहले भी सुरेश गोपी इस मुद्दे पर मीडिया से मुखातिब हो चुके हैं। इससे पहले उन्होंने तंज कसते हुए कहा था, “तो विवाद है क्या? कौन विवाद खड़ा कर रहा है? ये सब बिजनेस है, लोगों की मानसिकता से खिलवाड़ कर पैसा कमाने का तरीका है।” क्यो मचा है मोहनलाल की फिल्म एल2 एमपुरान पर बलाल दरअसल, मोहनलाल स्टारर फिल्म एल2 एमपुरान में 2002 के गुजरात दंगों को एक काल्पनिक रूप में दिखाया गया है, जिसमें पृथ्वीराज का किरदार जायेद मसीद इन घटनाओं से प्रभावित दिखता है। इस पर सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक हलकों में आपत्ति जताई गई, जिसके बाद निर्माताओं ने सेंसर बोर्ड से संपर्क कर स्वेच्छा से 24 कट लगाए। इनमें एक किरदार का नाम बदलना, महिलाओं के खिलाफ हिंसा के दृश्य और धार्मिक स्थलों से जुड़े सीन हटाना शामिल है। recent visitors 30