कलेश्वर के जीआईडीसी में एक केमिकल कंपनी में लगी आग, मौके पर पहुंची अग्निशमन दल

भरूच गुजरात के भरूच के नजदीक आज कलेश्वर के जीआईडीसी में एक केमिकल कंपनी में आग लग गई। घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन दल मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि आग की लपटें और धुएं का गुबार आसमान में आसमान को छूने लगा। हिमाचल-हरियाणा बॉर्डर पर लगी थी आग हिमाचल और हरियाणा के बॉर्डर पर खोखरा पंचायत में एक कबाड़खाने में भीषण आग लग गई है। आग इतनी भयानक है कि धुआं पूरे आसमान में छा गया है। आग लगने के बाद कई सिलेंडर फटने की आवाज आई जिससे आसपास के हजारों लोग जमा हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश कर रही हैं। recent visitors 64

बुलडोजर एक्शन के बीच किताबें बचाने वाली 8 वर्षीय ‘वायरल गर्ल’ अनन्या की पढ़ाई का खर्चा उठाएंगे अखिलेश यादव

नोएडा समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एलान किया कि वह अंबेडकर नगर की 8 वर्षीय 'वायरल गर्ल' अनन्या की पढ़ाई का खर्चा उठाएंगे। अनन्या का एक वीडियो पिछले दिनों वायरल हुआ था, जिसमें वह बुलडोजर एक्शन के बीच अपनी किताबों को सीने से लगाकर भागते हुए दिखी थी। इस वीडियो की चर्चा सुप्रीम कोर्ट तक में हुई थी। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) के जरिए अनन्या की मदद का एलान करते हुए प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो बच्चों का भविष्य उजाड़ते हैं, दरअसल वो बेघर होते हैं। हम इस बच्ची की पढ़ाई का संकल्प उठाते हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई का मोल पढ़नेवाले ही जानते हैं। बुलडोज़र विध्वंसक शक्ति का प्रतीक है, ज्ञान, बोध या विवेक का नहीं। बुलडोज़र अहंकार के ईंधन से, दंभ के पहियों पर सवार होकर चलता है, इसमें इंसाफ़ की लगाम नहीं होती है। गौर हो कि योगी सरकार की बुलडोजर एक्शन नीति पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है, इस मॉडल का इस्तेमाल कई अन्य राज्यों में भी देखा जा रहा है। इस मामले को लेकर दो धड़ों के बीच वैचारिक टकराव भी देखने को मिलता है। जहां एक ओर इसे सख्त शासनिक नीति का प्रतीक बताया जाता है तो दूसरी तरफ इसके इस्तेमाल को शक्ति प्रदर्शन भी कहा जाता है। इन दोनों बहसों के बीच अनन्या का मार्मिक वीडियो चर्चा का केंद्र बन गया। क्या है पूरा मामला बीते 21 मार्च को अजईपुर गांव में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम का बुलडोजर झोपड़ियों को ध्वस्त करने लगा। वर्षों से यहां ठिकाना जमाए लोग मवेशियों और सामानों को बचाने में जुट गए थे। इसी कतार में मजदूर अभिषेक यादव की झोपड़ी थी। बगल झोपड़ी से धुंआ उठने लगा तो, अभिषेक अपने गृहस्थी का समान समेटने में लगा था। परिवार के पालन पोषण में राशन, बिस्तर व कपड़ों तक उसका ध्यान रहा, लेकिन बेटी अनन्या की किताबों को वह भूल गए। अपनी किताबों को नहीं देख अनन्या चिल्लाई मेरी किताब जल जाएगी और बचाने के लिए दौड़ गई। बुलडोजर और आग से डरे बिना वह झोपड़ी के अंदर पहुंची और अपने किताबों को समेटने लगी। यह देख कर प्रशासन के हाथ पैर फूलने लगे। बच्ची के जान पर आई आफत देखकर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस कर्मी पीछे दौड़ उसके पास पहुंचे और बाहर निकालने लगे। अनन्या अपनी किताबों को सीने से लगाकर रोती निकली और माता-पिता के पास पहुंच गई। किताबें बचाने के बाद वह आत्मसंतोष के भाव से चुप होकर कातर निगाहों ने भीड़ को निहारती रही। बेटी की जुबां से पढ़ते माता-पिता अभिषेक और नीतू अशिक्षित हैं, लेकिन शिक्षा का महत्व अपनी बेटी अनन्या और बेटे आदर्श को बताया है। छोटे भाई आदर्श को लेकर अनन्या रोज स्कूल जाती है। वह अपने घर में स्कूल जाने व पढ़ने वाली पहली है। माता-पिता उसी के जुबां से काले अक्षर पहचानते हैं। IAS बनने का सपना संजोए बेटी को पढ़ाकर मजदूर माता-पिता अपने सुनहरे भविष्य देख रहे हैं। recent visitors 69

वक्फ बिल को संसद की मंजूरी मिलते ही मुस्लिम समुदाय के लोग भड़क उठे, सड़क पर उतरकर विरोध जताया

नई दिल्ली वक्फ बिल को संसद की मंजूरी मिलते ही पश्चिम बंगाल, गुजरात समेत कई राज्यों के मुसलमान भड़क उठे। उन्होंने सड़क पर उतरकर जमकर विरोध जताया। जुम्मे की नमाज के बाद कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद जैसे शहरों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ बिल के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार से इसे वापस लेने की अपील की। बंगाल की राजधानी में कई लोगों ने हाथों में बैनर ले रखे थे, जिसमें 'हम वक्फ बिल को खारिज करते हैं' जैसे नारे लिखे गए थे। वक्फ संशोधन विधेयक 2025 बुधवार को लोकसभा और फिर गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया, जहां लंबी बहस के बाद इसे पारित कर दिया गया। गुजरात के अहमदाबाद से सामने आए विजुअल्स में मुस्लिम संगठन वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए। लोगों ने ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ और ‘काला कानून वापस लो’ जैसे नारे भी लगाए। प्रदर्शन कर रहे शोएब रजा नामक युवक ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ''यह सरकार मंदिरों की जमीन चोरी करती है। राम मंदिर की जमीन को चोरी किया और अब मस्जिदों की जमीन चोरी करने की फिराक में हैं।'' इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को हिरासत में भी लिया। उधर, चेन्नई में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। यहां एक्टर विजय की तमिलगा वेत्री कझगम ने भी राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। चेन्नई और कोयंबटूर और तिरुचिरापल्ली जैसे शहरों में टीवीके कार्यकर्ताओं ने इकट्ठे होते हुए 'वक्फ विधेयक को खारिज करो' और 'मुसलमानों के अधिकार मत छीनो' जैसे नारे लगाए। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी शुक्रवार को मुस्लिम संगठन के लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनके हाथों में भी वक्फ बिल के खिलाफ लिखे नारे वाली बैनर और पोस्टर थे। बिल के खिलाफ कोर्ट पहुंचे कांग्रेस सांसद कांग्रेस ने वक्फ बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने याचिका दायर करते हुए वक्फ बिल को मुस्लिम समुदाय के प्रति भेदभावपूर्ण वाला बताया है। बीजेपी ने कांग्रेस समेत विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष चाहे तो संसद में पारित वक्फ (संशोधन) विधेयक को अदालत में चुनौती दे सकता है, लेकिन उन्हें इस मुद्दे पर अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को भड़काने और तुष्टीकरण की तुच्छ राजनीति करने से बचना चाहिए। वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस के कुछ कानूनी विशेषज्ञ बार-बार कह रहे हैं कि यह (विधेयक) असंवैधानिक है और वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्हें अदालत जाने दें। उन्हें कोई नहीं रोक रहा है।" recent visitors 77

अमेरिका द्वारा व्यापारिक साझेदारों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए जाने के बाद चीन ने WTO में मुकदमा किया दायर

बीजिंग चीन ने शुक्रवार को अमेरिका पर पलटवार करते हुए सभी आयातित अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर 34 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया। यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी एक्सपोर्ट पर 34 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले के जवाब में किया गया है। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 10 अप्रैल से अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ लगाए जाएंगे। अमेरिका द्वारा व्यापारिक साझेदारों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए जाने के बाद चीन ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में मुकदमा दायर किया है। बीजिंग के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि उसने सात दुर्लभ पृथ्वी तत्वों पर एक्सपोर्ट्स कंट्रोल भी लगाया है, जिसमें गैडोलीनियम – जिसका इस्तेमाल आम तौर पर एमआरआई में किया जाता है – और यिट्रियम, जिसका इस्तेमाल उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाता है- शामिल है। इसके अलावा, मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "चीन ने डब्ल्यूटीओ विवाद निपटान तंत्र के तहत मुकदमा दायर किया है।" इसके अलावा, चीन ने 11 अमेरिकी रक्षा कंपनियों को अविश्वसनीय यूनिट लिस्ट में जोड़ा है और 16 अमेरिकी फर्मों पर निर्यात नियंत्रण लगाने जा रहा है। जनवरी में ट्रंप के व्हाइट हाउस में लौटने के बाद से वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव और बढ़ गया है। टैरिफ को लेकर अमेरिका और दुनियाभर के कई देशों से विवाद चल रहा है। दो अप्रैल को डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, भारत समेत कई देशों के खिलाफ बढ़े हुए टैरिफ का ऐलान किया था। इसके अलावा, ट्रंप चीन से फेंटेनाइल ड्रग्स को लेकर भी काफी नाराज हैं। पिछले साल चीन ने अमेरिका से लगभग 164 बिलियन डॉलर का सामान आयात किया था, जो चार साल में सबसे कम था। वित्त मंत्रालय ने 34% टैरिफ की घोषणा करते हुए एक बयान में कहा, "अमेरिका की कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नियमों का पालन नहीं करती है, चीन के वैध और कानूनी अधिकारों और हितों को गंभीर रूप से कमजोर करती है, और यह एकतरफा है।" दोनों सरकारों के बीच आर्थिक संघर्ष दोनों देशों की निजी कंपनियों तक फैल गया है। recent visitors 75

अब ट्रंप प्रशासन अमेरिकी सेना से भी छंटनी करने की योजना बना रहा, कहा-इतने सैनिकों की जरूरत नहीं: रिपोर्ट

वाशिंगटन अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से कई विभागों को बंद करने और फेडरल कर्मचारियों की छंटनी का सिलसिला जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सरकारी खर्चों को कम करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी यानी DOGE का गठन भी किया था। USAID, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग जैसे विभागों से हजारों कर्मचारियों को काम से निकाले जाने के बाद अब ट्रंप प्रशासन अमेरिकी सेना से भी छंटनी करने की योजना बना रहा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग करीब 90 हजार सैनिकों को हटाकर सैन्य बल में कटौती करने जा रहा है। रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है। वेबसाइट ने मामले से परिचित तीन अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण सेना से लगभग 90,000 सक्रिय सैनिकों की कटौती पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चर्चा के दौरान सैन्य बल की मौजूदा क्षमता को कम करने की बात की गई है। बता दें कि फिलहाल अमेरिकी सेना में 4,50,00 सैनिक सक्रिय रूप से जुड़े हैं। कटौती के बाद इसे 3,60,000 से 4,20,000 किए जाने की संभावना है। बजट में होगी कटौती इससे पहले DOGE के साथ कदम मिलाते हुए अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन को फिजूलखर्ची को कम करने और बजट में 8% की कटौती करने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया भी दिया था। अमेरिका के रक्षा बजट की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2025 के लिए लगभग 849.8 बिलियन डॉलर बजट रहने का अनुमान लगाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में अमेरिका की घटती उपस्थिति के बीच इस तरह की चर्चा की जा रही है। हालांकि चीन का मुकाबला करने के लिए अमेरिका इंडो-पैसिफिक में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश भी कर रहा है। इस्तीफा देने का मौका दे रही सरकार जानकारी के मुताबिक कम से कम छह अमेरिकी संघीय सरकारी एजेंसियां अपने कर्मचारियों को इस्तीफा देने का अवसर दे रही हैं। एक संक्षिप्त ज्ञापन में हेगसेथ ने कर्मचारियों को स्वैच्छिक प्रारंभिक सेवानिवृत्ति की पेशकश की थी। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने बताया है कि पेंटागन के बजट में 5% से 8% की कटौती के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लगभग 50,000 से 60,000 नौकरियों में कटौती की जाएगी। recent visitors 67

अब प्रधानमंत्री मोदी को बांग्लादेश से मिला खास तोहफा, 10 साल पहले पीएम मोदी ने मोहम्मद यूनुस को दिया था गोल्ड मेडल

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के दौरे पर हैं। यहां पर पीएम मोदी ने बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस और पीएम मोदी के बीच मुलाकात भी हुई। इस खास मौके पर मोहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खास उपहार दिया। दरअसल, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक तस्वीर उपहार के तौर पर दी। ये तस्वीर 03 जनवरी 2015 की है। इसी दिन पीएम मोदी ने 102वीं इंडियन साइंस कांग्रेस में प्रोफेसर यूनुस को गोल्ड मेडल दिया था। इस तस्वीर में पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस नजर आ रहे हैं। मोहम्मद यूनुस के ऑफिस ने शेयर की पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रोफेसर यूनुस के कार्यालय ने एक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट दो फोटो शेयर की गई है। इस पोस्ट में लिखा गया है कि प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस शुक्रवार को बैंकॉक में अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक तस्वीर पेश कर रहे हैं। यह तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 जनवरी, 2015 को 102वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस में प्रोफेसर यूनुस को स्वर्ण पदक प्रदान करने के बारे में है। अंतरिम सरकार के गठन के बाद पहली बार मिले दोनों नेता  जानकारी दें कि बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद ये पहला मौका है जब पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच मुलाकात हुई है। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा भी हुई। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जाहिर की। दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर हुई चर्चा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच किन मुद्दों पर चर्चा की गई, इसकी जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने विस्तृत तौर पर दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। उन्होंने प्रो. यूनुस को बताया कि भारत बांग्लादेश के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संबंध बनाने की इच्छा रखता है। विक्रम मिसरी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी आग्रह किया कि माहौल को खराब करने वाली किसी भी बयानबाजी से बचना चाहिए। सीमा पर कानून का सख्त पालन और अवैध सीमा पार करने की रोकथाम सीमा सुरक्षा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है। recent visitors 56

बजट सत्र को बेहद उत्पादक बताते हुए कहा कि संसद ने नए कीर्तिमान स्थापित किए, 17 घंटे से अधिक चली चर्चा

नई दिल्ली केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बजट सत्र 2025 के समापन की जानकारी दी। उन्होंने इस सत्र को बेहद उत्पादक बताते हुए कहा कि संसद ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। रिजिजू ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्यों, अध्यक्षों, स्पीकर और राजनीतिक दलों के नेताओं का आभार जताया, जिनके सहयोग से यह संभव हुआ। रिजिजू ने बताया कि इस सत्र में राज्यसभा ने 17 घंटे और 2 मिनट की लंबी चर्चा के साथ इतिहास रचा। संशोधन विधेयक पर यह चर्चा हुई, जिसने 1981 के 15 घंटे 51 मिनट के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह बहस 3 अप्रैल को सुबह 11 बजे शुरू हुई और 4 अप्रैल को तड़के 4:02 बजे तक चली। खास बात यह रही कि इस दौरान एक भी व्यवधान नहीं हुआ। रिजिजू ने इसे एक बड़ी उपलब्धि करार देते हुए कहा कि इस रिकॉर्ड को तोड़ना मुश्किल होगा। लोकसभा में भी सत्र बेहद सफल रहा। यहां 13 घंटे से अधिक समय तक रेलवे, ऊर्जा, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय से जुड़े अनुदानों की मांगों पर चर्चा हुई। वहीं, राज्यसभा में शिक्षा, रेलवे, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और गृह मंत्रालय के कामकाज पर विचार-विमर्श हुआ। रिजिजू ने कहा कि दोनों सदनों में चर्चा के दौरान आलोचना, सुझाव और स्पष्टीकरण का स्वस्थ आदान-प्रदान हुआ, लेकिन कोई स्थगन या व्यवधान नहीं देखा गया। उन्होंने संसदीय टीम के सहयोगियों अर्जुन मेघवान और एल. मोहन, सचिव (संसदीय विभाग) और अन्य अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया। रिजिजू ने कहा, "हमने नियमों, परंपराओं और प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए संसद का संचालन किया। सरकार की ओर से हम प्रधानमंत्री, सभी दलों के नेताओं और फ्लोर लीडर्स के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।" इस सत्र की उत्पादकता की लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति पहले ही सराहना कर चुके हैं। रिजिजू ने इसे दोहराते हुए कहा कि सदस्यों के धैर्य और योगदान से यह संभव हुआ। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों के लिए भी समय दिया और कहा कि कोई स्पष्टीकरण चाहिए हो, तो पूछा जा सकता है। रिजिजू ने इसे लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बताया और कहा कि सरकार सभी आलोचनाओं को स्वीकार करती है, साथ ही बेहतर कामकाज के लिए सुझावों का भी सम्मान करती है। इस सत्र ने संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। recent visitors 64