इंतज़ार खत्म! CM योगी ने खोला राज – कब उड़ान भरेगा जेवर एयरपोर्ट, उद्घाटन पर PM मोदी की मुहर संभव

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन इस महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है। इसके शुरू होने के बाद यह उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि एयरपोर्ट तैयार है और एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री द्वारा इस महीने एयरपोर्ट का उद्घाटन कर किया जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है। लगभग 1,300 हेक्टेयर में फैले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण का संचालन शुरू में सितंबर 2024 में शुरू होने वाला था और यह कई डेडलाइन चूक चुका है। निवेश व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे बता दें कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही सबसे अधिक 21 हवाई अड्डों वाला प्रदेश बनने की राह पर है। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या जैसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के बाद अब जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शीघ्र चालू होने वाला है। जेवर एयरपोर्ट के शुभारंभ से उत्तर प्रदेश एयर कार्गो हब के रूप में उभरेगा और निवेश व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जेवर एयरपोर्ट से पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार जेवर एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने के लिए तैयार है। यह एयरपोर्ट नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य पर काम करने वाला अत्याधुनिक एयरपोर्ट होगा, जिसमें स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलेगा। प्रारंभिक चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक आर्थिक हब का काम करेगा। यह एयरपोर्ट न केवल बुनियादी सुविधाओं को नई ऊंचाई देगा, बल्कि पश्चिमी यूपी के युवाओं के लिए रोजगार और संभावनाओं के अनगिनत द्वार खोलेगा।   recent visitors 42

मुख्यमंत्री ने रबी में सरसों-मसूर, जायद में उर्द-मूंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के निर्देश

अन्तःफसली खेती को मिशन मोड में लागू करें, अन्नदाता की आय में होगा कई गुना इजाफा: मुख्यमंत्री गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल किसानों के लिए लाभकारी: मुख्यमंत्री 29.50 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्र में तिलहन-दलहन जोड़कर यूपी को आत्मनिर्भर बनाएं: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने रबी में सरसों-मसूर, जायद में उर्द-मूंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई छलांग दिलाने का सबसे प्रभावी तरीका 'गन्ना के साथ तिलहनी एवं दलहनी अन्तःफसली खेती' को बड़े पैमाने पर लागू करना है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल गन्ना किसानों की आय को केवल दोगुना नहीं, बल्कि 'बहु-गुणित' करने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री सोमवार को इस विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल किसानों को अतिरिक्त उत्पादन, कम लागत और पूरे वर्ष स्थिर आय उपलब्ध कराती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अधिक मजबूत होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का क्षैतिज विस्तार अब संभव नहीं है, इसलिए ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य के लिए उत्पादन बढ़ाने का एकमात्र रास्ता इकाई क्षेत्रफल से अधिक फसल उत्पादन है। उन्होंने कहा कि 'गन्ना आधारित अंतःफसली खेती उत्तर प्रदेश के कृषि भविष्य का नया मॉडल है। यह किसानों को अधिक उत्पादन, अधिक कमाई और जोखिम से सुरक्षा तीनों प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए। वर्तमान में प्रदेश में 29.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है, जिसमें 14.64 लाख हेक्टेयर नया बोया गया क्षेत्र और 14.86 लाख हेक्टेयर पेड़ी शामिल है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े क्षेत्र में तिलहन और दलहन की अंतःफसल जोड़ने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और साथ ही प्रदेश एवं देश की तिलहन-दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि  कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से क्रियान्वित करते हुए अंतःफसल का चयन वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक आधार पर किया जाए। उन्होंने आईआईएसआर की सिफारिशों के अनुसार रबी सीजन में सरसों और मसूर तथा जायद सीजन में उर्द और मूंग को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने की पैदावार प्रभावित किए बिना अतिरिक्त फसल, अतिरिक्त लाभ और अतिरिक्त सुरक्षा, यही इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इस योजना के लिए वर्षवार रोडमैप तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अतिरिक्त उत्पादन सीधे किसानों की आय में वृद्धि करेगा और राज्य के जीवीए में बड़ा योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सहायता और अनुदान का ढांचा स्पष्ट होना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बड़े पैमाने पर अंतःफसलों को अपनाने से किसानों को तेज़ नकदी प्रवाह मिलेगा और एकल फसल जोखिम कम होगा, जिससे कृषि अधिक स्थिर और टिकाऊ बनेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल गन्ना क्षेत्र से जुड़े किसानों के लाभ तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे प्रदेश के व्यापक कृषि परिदृश्य के परिवर्तन के रूप में लागू किया जाना चाहिए। recent visitors 39

कृषि उत्पादन की असली ताकत अच्छा और भरोसेमंद बीज: मुख्यमंत्री

प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक बीज नीति तैयार करें: मुख्यमंत्री प्रमाणित बीज की कमी न हो, संकर बीजों में बाहरी निर्भरता समाप्त कर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाएं: मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन की असली ताकत अच्छा और भरोसेमंद बीज: मुख्यमंत्री हर बीज की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी अनिवार्य करें; मिलावटी और अमानक बीजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर, उपकार और निजी उद्योग को एक मंच पर लाने का निर्देश, बीज अनुसंधान, नवाचार और किस्म रिलीज़ प्रक्रिया तेज हो कृषि विज्ञान केंद्रों को बीज विकास से जोड़ने और हर क्लाइमेटिक ज़ोन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने के निर्देश प्रगतिशील किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रम से जोड़कर स्थानीय स्तर पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्धता बढ़ाने पर जोर ट्यूबवेलों का सौर ऊर्जीकरण तेज़ हो, प्रदेश के सोलर पैनल निर्माताओं को प्राथमिकता देने के मुख्यमंत्री के निर्देश अगले पाँच वर्षों में पाँच ‘सीड पार्क’ स्थापित करने की योजना, टिशू कल्चर लैब्स और प्रमाणित नर्सरी नेटवर्क सुदृढ़ करने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कृषि उत्पादन की वास्तविक शक्ति उच्च गुणवत्ता वाले, भरोसेमंद और प्रमाणित बीजों में निहित है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के लिए नई और आधुनिक 'बीज नीति' समय की मांग है। भूमि जोत लगातार घट रही है, ऐसे में ध्यान केवल रकबे पर नहीं, बल्कि प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने पर होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उच्च उपज, रोग-प्रतिरोधी और जलवायु-सहिष्णु किस्मों के विकास को प्राथमिकता देते हुए ऐसी बीज नीति तैयार की जाए जो आने वाले वर्षों की कृषि चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करे। बीज नीति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अगले पाँच वर्षों के लिए प्रदेश की बीज उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और उपलब्धता को नए स्तर तक ले जाने के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीज उत्पादन, प्रसंस्करण और भंडारण की पूरी प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग आवश्यक है, ताकि प्रमाणित बीज की कमी न हो और किसान सशक्त बन सकें। मुख्यमंत्री ने भरोसेमंद बीज आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर बीज की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी या अमानक बीजों के प्रति कोई भी ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। किसानों तक पहुँचने वाला हर बीज पैकेट प्रमाणित, परीक्षणित और पूरी तरह मानक होना चाहिए। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों, उपकार तथा निजी बीज उद्योग को एक साझा मंच पर लाकर बीज अनुसंधान, नवाचार और किस्म-रिलीज प्रक्रिया को तेज़ करने की आवश्यकता बताई। फसल विविधीकरण को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने दलहन, तिलहन, मक्का, बाजरा, ज्वार और बागवानी फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता हेतु विशेष रणनीति तैयार करने को कहा। इसी क्रम में प्रदेश में अगले पांच वर्षों में कम से कम पाँच ‘सीड पार्क’ स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए। ये सीड पार्क उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण और भंडारण की सभी सुविधाओं से सुसज्जित एकीकृत परिसर होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को बीज विकास कार्यक्रमों से सीधे जोड़ा जाए, ताकि अनुसंधान, प्रशिक्षण और खेत-स्तर पर तकनीक के प्रसार के बीच सुदृढ़ समन्वय स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौ क्लाइमेटिक जोन के अनुरूप एक-एक कृषि विज्ञान केंद्र को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाए, जिससे क्षेत्र-विशेष की फसलों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज और तकनीकी समाधान तैयार किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को भी बीज विकास कार्यक्रमों से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय अनुभव और आधुनिक तकनीक का प्रभावी समन्वय बन सके। मुख्यमंत्री ने कृषि में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक ट्यूबवेलों को सौर ऊर्जीकरण से जोड़ा जाए, जिससे किसानों का सिंचाई खर्च कम हो और कृषि में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़े। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में स्थापित सोलर पैनल इकाइयों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय निर्माण को बढ़ावा मिलने से रोजगार, निवेश और कृषि अवसंरचना को मजबूती मिलेगी। recent visitors 52

लोकसभा में चीन को लेकर सियासी संग्राम, राहुल गांधी के आरोपों पर रक्षा मंत्री का पलटवार

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानपर लोकसभा में हंगामा मच गया है। उन्होंने सोमवार को पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे के नाम पर दावा करते हुए कहा कि डोकलाम में चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा के पास हैं। इसके लिए उन्होंने एक पुस्तक का हवाला देने की बात कही, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें चैलेंज कर दिया। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को चुनौती दी और कहा कि आप बताएं कि आखिर यह पुस्तक प्रकाशित हुई भी है या नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी पुस्तक के आधार पर यहां बात नहीं की जा सकती, जो प्रकाशित ही नहीं हुई है। मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि यह पुस्तक पब्लिश हुई थी या नहीं। अमित शाह ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई।   राहुल गांधी ने दावा किया था कि वह मनोज नरवणे की पुस्तक के आधार पर यह बात कह रहे हैं। इस पर डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि वह पुस्तक को प्रस्तुत कर दें। यदि कोई पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है तो फिर उसके आधार पर ऐसे दावे कैसे किए जा सकते हैं। वहीं राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे के संस्मरणों का हवाला दिया है, जो प्रकाशित ही नहीं हुए हैं। इस पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की स्पीच का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने भी इस सदन से बाहर के संदर्भों की बात की थी। इस पर होम मिनिस्टर अमित शाह ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी सूर्या ने किसी मीडिया रिपोर्ट या फिर विषय से हटकर किसी पुस्तक का जिक्र नहीं किया था। गृह मंत्री ने कहा कि उनकी स्पीच में 2004 से 2014 तक राष्ट्रपति के अभिभाषणों पर बात की थी। उसमें ऐसा कुछ भी नहीं था, जो आपत्तिजनक था। राजनाथ सिंह और अमित शाह के ऐतराज के बाद भी राहुल गांधी ने अपना आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने कहा कि ये लोग तो आतंकवाद से लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन एक कोट का जिक्र करने से डरते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि आखिर इसमें ऐसा क्या लिखा है कि यह सरकार उसका जिक्र तक नहीं करने देना चाहती। अखिलेश यादव ने भी दिया दखल- बोलने देने से परेशानी क्या है? राहुल गांधी की स्पीच को लेकर बवाल बढ़ा तो अखिलेश यादव भी खड़े हुए। उन्होंने कहा कि चीन का मसला संवेदनशील है और उससे सावधान रहने की जरूरत है। डॉ. लोहिया भी ऐसा कहते थे और मुलायम सिंह यादव भी उसे लेकर चिंतित थे। ऐसे में नेता विपक्ष यदि चीन को लेकर कुछ कहना चाहते हैं तो उन्हें रोकना नहीं चाहिए। वहीं राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि किसी पुस्तक के प्रकाशन पर ही रोक लगी है तो फिर उसका जिक्र सदन में नहीं होना चाहिए। ऐसा करना गलत है और सदन की गरिमा के खिलाफ है। राहुल गांधी बार-बार इसी मसले पर बोलना चाहते थे, लेकिन सदन में लगातार हंगामा होता रहा और राजनाथ सिंह ने कई बार खड़े होकर ऐसी पुस्तक के जिक्र पर आपत्ति जताई, जो प्रकाशित ही नहीं हुई। मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, राहुल गांधी को स्पीकर की नसीहत अंत में बवाल इतना बढ़ा कि राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है। इस पर स्पीकर ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि मैं आपका सलाहकार नहीं हूं। लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए, जिस पर यहां चर्चा हो रही है। recent visitors 42

कोहेफिजा में 11वीं की छात्रा के साथ कार में रेप, युवक ने अश्लील वीडियो बनाया, ब्लैकमेल कर मांगे एक लाख रुपए

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी में भी बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। जाल में फंसाकर छात्राओं को लव जिहाद का शिकार बनाया जा रहा है। भोपाल के कोहेफिजा क्षेत्र में एक 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ रेप का मामला सामने आया है। मामले में नाबालिग से ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली की बात भी सामने आई है। आरोपी ने पहले नाबालिग छात्रा को प्रेम जाल में फंसाकर उससे कार में रेप किया और उसका अश्लील वीडियो बना लिया। शिकायत के बाद कोहेफिजा पुलिस ने आरोपी ओसाफ अली खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता कोहेफिजा थाना क्षेत्र की 11वीं की छात्रा है। वह शाहपुरा क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ती है। पुलिस ने आरोपी ओसाफ अली खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। सहेली के जरिए दोस्ती और फिर रेप कोहेफिजा थाना टीआई कृष्ण गोपाल शुक्ला के अनुसार, आरोपी ओसाफ अक्सर छात्रा की सहेली से मिलने स्कूल के आसपास आता था। इसी सहेली के माध्यम से उसकी पहचान पीड़िता से हुई। पिछले साल जुलाई में आरोपी ने पीड़िता को भोपाल घुमाने के बहाने बुलाया और खानूगांव के सुनसान इलाके में ले गया। वहां कार के अंदर आरोपी ने छात्रा के साथ रेप किया। विरोध करने पर उसने शादी का झांसा देकर उसे चुप करा दिया। सहेली के जरिए दोस्ती और फिर रेप कोहेफिजा थाना टीआई कृष्ण गोपाल शुक्ला के अनुसार, आरोपी ओसाफ अक्सर छात्रा की सहेली से मिलने स्कूल के आसपास आता था। इसी सहेली के माध्यम से उसकी पहचान पीड़िता से हुई। पिछले साल जुलाई में आरोपी ने पीड़िता को भोपाल घुमाने के बहाने बुलाया और खानूगांव के सुनसान इलाके में ले गया। वहां कार के अंदर आरोपी ने छात्रा के साथ रेप किया। विरोध करने पर उसने शादी का झांसा देकर उसे चुप करा दिया। पीड़िता ने आरोपी को 40 हजार दिए आरोपी ने पीड़िता को पता चले बिना रेप के दौरान उसका अश्लील वीडियो बना लिया था। कुछ समय बाद उसने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से 1 लाख रुपए की मांग की। बदनामी के डर से घबराई छात्रा ने किसी तरह 40 हजार रुपए का इंतजाम कर आरोपी को दिए। पैसे लेने बाद दोस्तों को दिखाया वीडियो पैसे लेने के बाद भी आरोपी की मांग जारी रही और वह बार-बार रेप करने का दबाव बनाता रहा। तंग आकर जब छात्रा ने उसे सोशल मीडिया और फोन पर ब्लॉक कर दिया, तो आरोपी ने अलग-अलग नंबरों से कॉल कर परेशान किया। जब छात्रा नहीं मानी, तो आरोपी ने वह निजी वीडियो छात्रा के दोस्तों को दिखा दिया। इसके बाद छात्रा ने अपने मौसेरे भाई की मदद से थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। धर्म परिवर्तन और नमाज का दबाव पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि आरोपी उस पर धर्म बदलने का दबाव डालता था। इतना ही नहीं, दबाव बनाकर उससे कई बार जबरन धार्मिक दुआएं भी पढ़वाई गईं। पुलिस ने आरोपी ओसाफ अली खान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।  धर्म परिवर्तन और नमाज का दबाव पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उस पर धर्म बदलने का दबाव डालता था। इतना ही नहीं, दबाव बनाकर उससे कई बार जबरन धार्मिक दुआएं भी पढ़वाई गईं। पुलिस ने आरोपी ओसाफ अली खान को हिरासत में ले लिया है। आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। recent visitors 35

मौसम का अटैक: मुंबई, यूपी, बिहार और दिल्ली में बारिश, ओले और बिजली गिरने का अलर्ट, सावधानी बरतें

नई दिल्‍ली घना कोहरा, बारिश, ओले और बर्फबारी का अलर्ट… मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. इस असर दिल्‍ली से मुंबई तक देखने को मिल रहा है. दिल्ली और मुंबई में आज सुबह से घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे ट्रेन और फ्लाइट संचालन पर असर पड़ा है. मध्य प्रदेश में कई जिलों में ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई, नीमच में कश्मीर जैसा नजारा दिखा. वहीं, मौसम विभाग ने राजस्थान के 12 जिलों में बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है. जयपुर, बारां और झालावाड़ में बादल छाए हुए हैं. इधर, उत्तर प्रदेश के 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है. मौसम विभाग की मानें तो चार दिनों तक बारिश के आसार हैं.   दिल्ली में आज सुबह जबरदस्त कोहरा दिल्‍ली में आज सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है. इसके साथ ही शीतलहर भी चल रही है. ऐसे में ठिठुरन भरी ठंड की दिल्‍ली एनसीआर में एक बार फिर वापसी हो गई है. कोहरे की सबसे ज्‍यादा मार यातायात पर देखने को मिल रहा है. सड़कों पर वाहर रेंग रहे हैं. वहीं, घने कोहरे ने ट्रेनों के पहियों की रफ्तार धीमी कर दी है. रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, 7 दर्जन ट्रेन निर्धारित समय से लेट चल रहीं हैं. अब तक 87 ट्रेन कोहरे और खराब मौसम के कारण देरी से चल रही हैं. साथ ही कई ट्रेनों को डायवर्ट भी करना पड़ा है. प्रयागराज एक्सप्रेस, रीवा आंनद विहार एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, दिल्ली पटना तेजस राजधानी एक्सप्रेस देरी से चल रही है. हालांकि, आज सुबह 6 बजे दिल्‍ली का एक्‍यूआई लेवल 200 के आसपास रहा, जो राहत की बात है.      महाराष्ट्र के 7 जिलों में कोहरे की चेतावनी दिल्‍ली के अलावा मुंबई में भी आज कोहरा देखने को मिला. मुंबईकर सोकर उठे, तो शहर आज सुबह घने कोहरे की चादर से ढका हुआ था. मरीन ड्राइव के आसपास काफी घना कोहरा देखने को मिला. आईएमडी ने आज इस क्षेत्र में 'सुबह कोहरा/धुंध और बाद में आसमान मुख्य रूप से साफ' रहने का पूर्वानुमान लगाया है. सीपीसीबी के अनुसार, यहां एक्यूआई '126' दर्ज किया गया है, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है. इसके अलावा आज महाराष्ट्र के 7 जिलों में कोहरे की चेतावनी जारी की गई है, जबकि नाशिक, धुले और जलगांव में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है.  MP के 25 जिलों में बारिश का अलर्ट, नीमच में दिखा कश्मीर जैसा नजारा मध्य प्रदेश में भी मौसम के करवट लेने का असर नजर आ रहा है. आज प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और घना कोहरा देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग की मानें तो आज बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. मध्‍य प्रदेश का न्‍यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. आज मौसम विभाग ने ग्वालियर, रीवा, सागर समेत करीब 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. सोमवार सुबह से ही टीकमगढ़, आगर मालवा, ग्वालियर, मुरैना, नीमच, मंदसौर और अशोकनगर जैसे जिलों में बादल छाए रहे और कई जगह हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की जाएगी. वहीं, कुछ इलाकों में ओले भी गिरे. इससे पहले रविवार को नीमच और मंदसौर जिलों में तेज आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. सड़कों पर जब ओले बिछ गए, तो नीमच में कश्‍मीर जैसा नजारा देखने को मिला. लोगों को ऐसा लगा कि वह बर्फ के बीच कश्‍मीर में खड़े हैं.  राजस्थान के 12 जिलों में बारिश-ओले, जयपुर, बारां और झालावाड़ में बादल छाए राजस्थान के जयपुर, बारां और झालावाड़ में आज बादल छाए हुए हैं. वहीं, अजमेर, कोटपूतली-बहरोड़ में आज सुबह हल्की बारिश हुई. वही, दोपहर बाद कोटा, चित्तौड़गढ़ में ओले गिरे. जिससे खेतों में खड़ी फसलों में भारी नुकसान की आशंका है. कई हिस्सों में रात का तापमान सात डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा. चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा, बस्सी, निम्बाहेड़ा, कपासन और बेगूं समेत कई इलाकों में तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश हुई. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, आज  5 जिलों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली और कहीं-कहीं पर तेज हवा (20-30 kmph) चलने की संभावना है. जिसमें सवाईमाधोपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, बांरा, जिलों और आसपास के क्षेत्रों शामिल है. यूपी के 30 जिलों में बारिश, बिजली गिरने का अलर्ट उत्‍तर प्रदेश में भी मौसम के बदलते रुख का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग की मानें तो यूपी के 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने के आसार हैं. प्रदेश में बारिश का ये दौर 4 फरवरी तक जारी रहने का अनुमान है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई जिलों में गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है. बारिश के साथ  10 जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती एवं आसपास के इलाकों में इससे ठंड बढ़ सकती है. अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा और फिरोजाबाद समेत कई इलाकों में बिजली गिरने का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है.     recent visitors 53

खेल महाकुंभ बना मेगा शो: रविंद्र जडेजा–शिवराज सिंह की एंट्री, रोमांचक मुकाबलों के लिए तैयार हजारों दर्शक

रायसेन मध्य प्रदेश के रायसेन में खेल बार भव्य 'सांसद खेल महोत्सव' का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी शुरूआत 1 फरवरी से हो चुकी है। इस खेल महाकुंभ में 600 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारतीय टीम से स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा मुख्य अतिथि होंगे। ग्राउंड में लगभग 10 हजार से दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। प्राप्त जानकारी अनुसार, 2 फरवरी को दोपहर तीन बजे भोपाल से रवींद्र जडेजा का काफिला गोपालपुर से रायसेन पहुंचेगा। स्टेडियम में बनाए गए 8 अस्थायी स्टैंड दर्शकों के बैठने की सुविधा के लिए 8 अस्थायी स्टैंड बनाए गए हैं। हर स्टैंड में 5 कतारें हैं। एक स्टैंड में लगभग 250 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था बनाई गई है। साथ ही मैदान के अलग-अलग दिशाओं में स्टैंड बनाए गए हैं। जिसमें दर्शक आराम से बैठकर मैच देख सकेंगे। वीवीआईपी के लिए अलग व्यवस्था स्टेडियम की उत्तर दिशा में एक मुख्य डोम तैयार किया गया है। जिसके दोनों ओर दो छोटे-छोटे डोम बनाए गए हैं। जिसमें मुख्य अतिथि और वीवीआईपी लोगों के व्यवस्था रहेगी।   428 खिलाड़ी पहुंचे आज खेल महाकुंभ में बतौर मुख्य अतिथि में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय चौहान ने शिरकत की और खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन करते हुए क्रिकेट खेला। इस दौरान विदिशा संसदीय क्षेत्र के आठों विधानसभा की टीमों के 428 खिलाड़ी पहुंचे। इस शिवराज के पुत्र कार्तिकेय चौहान भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि समापन समारोह में भारतीय क्रिकेट के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा बतौर मुख्य अतिथि होंगे। खेल महाकुंभ के आगाज के दौरान क्षेत्रीय विधायक प्रभु राम चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा, विदिशा विधायक मुकेश टंडन समेत कई अन्य स्थानीय नेता शामिल हुए। recent visitors 37