जब चला सूर्या का बल्ला… रिकॉर्ड हुए ढेर, 5 मुकाबलों में ही बना डाला ‘साल भर’ वाला स्कोर

नई दिल्ली भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए साल 2025 किसी बुरे सपने की तरह ही था। पूरे साल उन्होंने कोई भी अर्धशतक नहीं लगाया। 23 पारियों तक उनके बैट ने अर्धशतक का स्वाद नहीं चखा। उनकी चारों तरफ आलोचना हो रही थी और कहा जा रहा था कि टीम में जगह तक नहीं बनती तो नेतृत्व कैसे कोई संभाल रहा है। इन आलोचनाओं का सूर्यकुमार यादव ने बुरे समय में हंसकर जवाब दिया और सबसे विनम्र रहे। सूर्या ने हमेशा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह आउट ऑफ फॉर्म नहीं हैं, हां उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं। 2025 के आंकड़े भी सूर्यकुमार यादव के इस बयान की गवाही देते हैं कि बीता साल उनके लिए अच्छा नहीं था। पिछले साल सूर्यकुमार यादव ने 21 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे, जिसमें सिर्फ 218 रन ही बना सके थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट हमेशा की तरह ऊपर रहा, लेकिन औसत काफी गिर गई थी। 2025 के बुरे समय को झेलने के बाद सूर्यकुमार यादव ने 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से रनों की किरणों का बिखराव कर दिया। टी-20 विश्व कप से पहले कप्तान फॉर्म में आ चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि जितने रन वे 2025 में पूरे साल में नहीं बना सके थे, उससे कहीं ज्यादा रन उन्होंने 2026 के पिछले 5 मैचों में बना दिए हैं। सही मायनों में विश्व कप से पहले भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की खेली गई यह टी-20 सीरीज कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए बूस्टर डोज की तरह थी। इस साल सूर्या ने 5 मैचों की पांच पारियों में बल्लेबाजी की है और रिकॉर्ड 242 रन बनाए हैं। ये सभी रन उन्होंने न्यूजीलैंड सीरीज में ही बनाए। सूर्यकुमार यादव के ये आंकड़े दिखाते हैं कि अब भारतीय टीम का सूर्योदय हो चुका है, क्योंकि कप्तान फॉर्म में आ चुके हैं। 5 मैचों की न्यूजीलैंड सीरीज में भारतीय कप्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 242 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब भी अपने नाम किया। इस सीरीज में सिर्फ 2 ही बल्लेबाजों ने 200 का आंकड़ा पार किया जिसमें सूर्यकुमार यादव के साथ ईशान किशन भी शामिल हैं। पांचवें और आखिरी टी-20 मैच में सूर्यकुमार यादव ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने तीन हजार रन भी पूरे किए। हालांकि, बतौर कप्तान वे 1000 टी-20 रन बनाकर विराट कोहली, रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी के क्लब में शामिल होने से कुछ रन चूक गए। उन्हें यह रिकॉर्ड बनाने के लिए 73 रनों की जरूरत थी, लेकिन वे 63 रन ही बना सके। टी-20 विश्व कप से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव का फॉर्म में आना भारतीय क्रिकेट टीम के लिए शुभ संकेत हैं। भारतीय बल्लेबाजी इस समय तबाही मचा रही है, हालांकि, गेंदबाजी में लगातार अर्शदीप के खर्चीले ओवर और पिछले मैच में बुमराह का महंगा स्पेल डालना भारतीय टीम के लिए चिंता का सबब बन रहा है। स्पिन गेंदबाजों ने मोर्चा संभाला हुआ है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 7 फरवरी से शुरू हो रहे मेगा इवेंट में सूर्या ब्रिगेड क्या कमाल दिखा पाती है।   recent visitors 29

देश की वित्तीय कमान फिर संभाली निर्मला ने: 9वीं बार बजट पेश कर बनाया कीर्तिमान

नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इतिहास रच दिया है। वह ऐसी पहली वित्त मंत्री हैं जिन्होंने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया है। वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता पी चिदंबर दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने तीन दशकों में 9 बार केंद्रीय बजट पेश किया था। अगर सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने की बात करें तो यह रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के पास है। अगर अगले साल भी निर्मला सीतारण बजट पेश करती हैं तो वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का भी रिकॉर्ड तोड़ देंगी।   बजट ने रचा एक और इतिहास इस बार के बजट ने एक और इतिहास बनाया है। भारत में पहली बार रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया गया है। आम तौर पर इस दिन स्टॉक मार्केट और सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं। बजट की वजह से बीएसई और एनएसई में आज भी ट्रेडिंग चल रही है। हालांकि बजट पेश होते ही शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 1999 में भी पड़ा था रविवार आम तौर पर अगर बजट वाले दिन रविवार पड़ जाता था तो इसे अगले दिन के लिए शिफ्ट कर दिया जाता था। 1999 में जब यशवंत सिन्हा वित्त मंत्री थे तब ऐसा ही हुआ था। हालांकि इस बार ऐसा नहीं किया गया। 1 फरवरी को रविवार होने के बाद भी बजट लोकसभा में पेश किया गया। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि आईटी सेवाओं के लिए सुरक्षित स्थल का लाभ उठाने की सीमा 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये की जा रही है वित्त मंत्री ने कहा कि शराब, स्क्रैप (कबाड़) और खनिज पर स्रोत पर कर संग्रह की दर को तर्कसंगत बनाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है। सीतारमण ने स्वदेशी लेखा कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित आश्रय नियमों के तहत लेखाकारों की परिभाषा को युक्तिसंगत बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार नई कर व्यवस्था के तहत अंतर-सहकारी समितियों के लाभांश आय को कटौती के रूप में स्वीकार करेगी।   recent visitors 38

बजट 2026: बायबैक पर टैक्स & STT के फैसले – निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sithraman) ने अपना 9वां लगातार बजट भाषण (Budget Speech) पूरा किया। इनकम टैक्स स्लैब में वित्त मंत्री ने कोई भी बदलाव नहीं किया है। इसके अलावा इनकम टैक्स एक्ट (IT Act 2025) एक अप्रैल 2025 से लागू होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका ऐलान बजट स्पीच में किया है। बजट 2026 में टैक्स को लेकर क्या-क्या हुआ ऐलान? 1- आईटीआर टाइमलाइन – TR-1 और ITR-2 को फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई तक रहेगी। 2- रिवाइज्ड रिटर्न – अब 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल किया जा सकेगा। इसके लिए थोड़ा सा शुल्क देना होगा। 3- गलत जानकारी देने पर पेनाल्टी इनकम की गलत जानकारी देने पर पेनाल्टी को बढ़ाकर टैक्स की रकम का 100 प्रतिशत कर दिया गया है। 4- विदेशी संपत्तियों खुलासा योजना – छोटे टैक्स पेयर्स 6 महीने तक विदेशी संपत्तियों का खुलासा कर सकते हैं। 5- अचल संपत्तियों का भी खुलाजा जरूरी – अब अचल संपत्तियों का खुलासा ना करने पर जुर्माना लगेगा। 6- ओवरसीज टूर टीसीएस में कटौती – ओवरसीज टूर पैकेज पर लगने वाले टीसीएस को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले यह 5 प्रतिशत से 20 प्रतिशत था। 7- NRI के द्वारा प्रॉपर्टी बेचने पर – अब एनआरआई को अचल संपत्तियों की बिक्री पर टीडीएस लागू होगा। 8- शेयर बायबैक पर देना होगा टैक्स – अब शेयरों के बायबैक पर कैपिटल गेन्स पर टैक्स देना होगा। यह नियम सभी शेयरहोल्डर्स पर लागू होगा। 9- फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर STT में इजाफा – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर STT पर बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। फ्यूचर्स पर STT 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, ऑप्शंस पर STT को बढ़ाकर 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया है। बजट 2025 में हुए थे बड़े ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 में 12.75 लाख रुपये की आय वाले लोगों को टैक्स फ्री कर दिया था। वित्त मंत्री ने तब ऐलान किया था जिनकी आय 12 लाख रुपये तक है उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा। 75000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़ लें तो यह छूट 12.75 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। बायबैक पर लगेगा कैपिटल गेन्स टैक्स केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि बायबैक अब कैपिटल गेन्स के दायरे में आएगा। यह सभी कैटगरी के शेयरहोल्डर्स पर लागू होगा। 31 मार्च तक फाइल किया जा सकेगा रिवाइज्ड आईटीआर कोई भी कर दाता अब 31 मार्च तक थोड़े से शुल्क के साथ रिवाइज्ड आईटीआर फाइल किया जा सकेगा – वित्त मंत्री इन विदेशी कंपनियों को बड़ा तोहफा  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडियन कंपनियों को क्लाउड सर्विसेज प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए वित्त वर्ष 2047 तक टैक्स हॉलीडे का ऐलान किया गया है। आ गया है नया आयकर कानून केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट स्पीच में कहा कि नया आयकर कानून इस वर्ष एक अप्रैल से लागू होगा। क्या होम लोन की छूट होगी न्यू टैक्स रिजीम में शामिल?  मौजूदा समय में न्यू टैक्स रिजीम में किसी भी निवेश से पर कोई छूट नहीं मिलती है। मिडिल क्लास ओल्ड टैक्स रिजीम की तरह न्यू टैक्स रिजीम में भी होम लोन के ब्याज दरों पर टैक्स में छूट की डिमांड कर रहा है। ओल्ड टैक्स रिजीम या न्यू टैक्स रिजीम  पुरानी कर व्यवस्था में जहां कुछ ही टैक्स स्लैब हैं। तो वहीं नई कर व्यवस्था में अधिक स्लैब बनाए गए हैं। न्यू टैक्स रिजीम के जरिए कोई भी टैक्सपेयर्स 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई भी टैक्स नहीं देगा। इस कर प्रणाली में डायरेक्ट छूट मिलती है। वहीं, ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत टैक्सपेयर्स को अलग-अलग इंवेस्टमेंट के जरिए छूट प्राप्त कर सकते हैं। कम होगा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स? मौजूदा समय में जब अब इक्विटी शेयर्स या म्यूचुल फंड्स को 12 महीने से पहले बेचते हैं तो 20 प्रतिशत का टैक्स देना पड़ता है। इसे ही शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स कहा जाता है। देखना है कि क्या बजट 2026 में इसको लेकर कोई बदलाव देखने को मिलता है या नहीं? क्या है इनकम टैक्स एक्स का सेक्शन 54 अगर कोई टैक्सपेयर्स पुराना घर बेचकर नया घर अगले दो साल में बनाता है या फिर खरीदता है तो उसे इनकम टैक्स एक्ट 54 के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में छूट मिलती है। मौजूदा समय में यह छूट 10 करोड़ रुपये के रिइंवेस्टमेंट तक मिलता है।   recent visitors 38

जनता के काम का बजट? हेल्थ और एजुकेशन में निवेश को लेकर सरकार की बड़ी तैयारी

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का बजट पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नौवें बजट में देश के परिवहन और रक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक पैसा लगाया है। दोनों ही क्षेत्रों पर करीब 6-6 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी बड़ी राशि रखी गई है।   वित्त मंत्री ने ट्रांसपोर्ट पर सबसे अधिक 5,98,520 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव किया है। वहीं, रक्षा क्षेत्र पर 5,94,585 रुपये खर्च किए जाएंगे। होम अफेयर्स पर 2,55,234 करोड़ खर्च होने का प्रस्ताव है। कृषि कार्यों और इससे जुड़ी गतिविधियों पर 1,62,671 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। शिक्षा पर 1,39,289 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं ऊर्जा पर 1,09,029 करोड़ रुपये और हेल्थ पर 1,04,599 करोड़ रुपये का निवेश होगा। बजट 2026 में किस सेक्टर को कितना पैसा शहरी विकास पर 85,522 करोड़, आईटी और टेलिकॉम सेक्टर पर 74560 करोड़, कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पर 70296 करोड़, सोशल वेलफेयर पर 62362 करोड़, साइंटिफिक डिपार्टमेंट्स पर 55,756 करोड़, टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन पर 45500 करोड़, एक्सटर्नल अफेयर्स पर 22,119 करोड़, फाइनेंस पर 20,649 करोड़ और नॉर्थ ईस्ट डिवलेपमेंट के लिए 6812 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। रुपया कहां से आएगा और कहां जाएगा बजट डॉक्युमेंट्स में सरकार ने यह बताया है कि पैसा कहां से कितना आएगा और कहां कितना खर्च होगा। इसके मुताबिक बजट का 24 पर्संट हिस्सा सरकार उधार लेगी। 21 फीसदी हिस्सा इनकम टैक्स से और 18 पर्सेंट कॉर्पोरेशन टैक्स से आता दिख रहा है। 4 पर्सेंट कस्टम से और 6 फीसदी यूनियन एक्साइज ड्यूटीज से आएगा। नॉन-डेब्ट कैपिटल से 2 फीसदी की प्राप्ति होगी। नॉन टैक्स रेवेन्यू से 10 फीसदी और जीएसटी और अन्य टैक्सों से 15 फीसदी हिस्सा मिलने की उम्मीद है। रुपया कहां कितना जाएगा, इसके ब्योरे में बताया गया है कि सर्वाधिक 22 फीसदी हिस्सा राज्यों को टैक्स का हिस्सा देने में जाएगा। ब्याज देनदारी पर 20 फीसदी खर्च होगा। केंद्रीय योजनाओं पर 17 फीसदी हिस्सा खर्च होगा। बड़ी सब्सिडी पर 6 फीसदी, डिफेंस पर 11 फीसदी, केंद्र प्रयोजित योजनाओं पर 8 फीसदी पैसा खर्च होगा। सिविल पेंशन पर 2 फीसदी और अन्य मदों में 7 फीसदी पैसा लगेगा।   recent visitors 34

आनंद नगर में चलेगा बुलडोजर, कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया अन्यायपूर्ण

Bulldozer will be used in Anand Nagar, Congress calls the action unjust भोपाल। आनंद नगर में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के लिए व्यापारियों को नगर निगम ने नोटिस जारी किया है। इससे व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसकी आवाज उठाने व्यापारी मंडल एवं स्थानीय नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से उनके निवास पर मुलाकात की और अपनी पीड़ा साझा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी गोविंदपुरा के नागरिकों और पीड़ित दुकानदारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।  अध्यक्ष पटवारी ने गोविंदपुरा विधानसभा के आनंद नगर क्षेत्र में 40-50 वर्षों से संचालित दुकानों को तोड़ने के दिए गए आदेशों की कड़े शब्दों में निंदा की है।  उन्होंने इस कार्रवाई को अमानवीय, असंवेदनशील और गरीब-विरोधी बताया। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार द्वारा बिना संवाद, बिना पुनर्वास और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को तोड़ने के आदेश देना सीधे-सीधे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की रोजी-रोटी पर हमला है। पटवारी ने कहा, जिस क्षेत्र ने 40 वर्षों तक लगातार भाजपा को वोट दिया, आज उसी क्षेत्र की जनता को बुलडोजर के नीचे कुचला जा रहा है। क्या यही 40 साल की वफादारी का इनाम है? उन्होंने आरोप लगाया कि मुआवजे के नाम पर गंभीर भेदभाव किया जा रहा है। कुछ चुनिंदा प्रभावशाली लोगों को ही लाभ दिया गया, जबकि अधिकांश छोटे दुकानदारों को या तो मुआवजा नहीं मिला या फिर 20 से 50 हजार रुपये जैसी नाममात्र की राशि देकर उनके साथ मजाक किया जा रहा है। पटवारी ने कहा कि आज के समय में नई दुकान खड़ी करना अत्यंत कठिन है और ऐसे में बिना समुचित पुनर्वास और सम्मानजनक मुआवजे के दुकानों को तोड़ना सरासर अन्याय है।  उन्होंने इस विषय में भोपाल कलेक्टर से कॉल के माध्यम से चर्चा कर आग्रह किया कि किसी भी गरीब दुकानदार की दुकान बिना वैकल्पिक व्यवस्था और उचित मुआवजे के न तोड़ी जाए। पटवारी ने भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष को निर्देश दिए कि वे आनंद नगर के दुकानदारों के समर्थन में तत्काल विरोध प्रदर्शन करें तथा आवश्यक कानूनी कदम उठाएं। पटवारी ने कहा, कांग्रेस पार्टी सदन से लेकर सड़क तक इस लड़ाई को लड़ेगी। गरीबों की रोजी-रोटी पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। recent visitors 56

Jeep India की योजना खुली, 2027 में भारत में नए मॉडल और नई रणनीति लागू

मुंबई   लग्जरी एसयूवी निर्माता कंपनी Jeep ने भारतीय बाजार के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है, जिसे कंपनी ने Strategic Plan Jeep 2.0 नाम दिया है. कंपनी ने इस प्लान को ऐसे समय में तैयार किया है, जब बाज़ार के प्रति लंबे समय की प्रतिबद्धता की जरूरत है और यह इसे पक्का करता है, जब उसका लोकल पोर्टफोलियो अभी भी सीमित है. यह प्लान भारत को Jeep के एशिया पैसिफिक ऑपरेशंस के केंद्र में रखता है. ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत इस ब्रांड के लिए दोहरी भूमिका निभाता रहेगा, एक घरेलू बाज़ार के तौर पर और एक रीजनल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट बेस के तौर पर. कंपनी का कहना है कि भारत में डेवलप और बनाई गई गाड़ियां न सिर्फ लोकल खरीदारों बल्कि एशिया पैसिफिक और उससे बाहर के बाजारों को भी सर्विस देंगी. क्षेत्रीय मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात में भारत की भूमिका इस योजना के बारे में बताते हुए, Stellantis India के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेश हज़ेला ने कहा कि, "Jeep की 85 साल की विरासत असलियत और एडवेंचर पर बनी है. Strategic Plan Jeep 2.0 बताता है कि हम अपनी प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी को कैसे बेहतर बनाएंगे और हर साल कस्टमर एक्सपीरियंस को कैसे मज़बूत करेंगे, जो ज़्यादा लोकलाइज़ेशन, ग्लोबल प्रोडक्ट अलाइनमेंट, अपनी गाड़ियों की रेंज बढ़ाने और ऐसे प्रोग्राम्स पर आधारित होगा जो असली वैल्यू देते हैं." उन्होंने आगे कहा कि, "हम अपने मौजूदा कस्टमर्स का ख्याल रखने पर भी उतना ही ध्यान दे रहे हैं, यह पक्का करते हुए कि उन्हें वह सपोर्ट, सर्विस और भरोसा मिले जिसकी वे Jeep से उम्मीद करते हैं. भारत में सफलता के लिए मज़बूती और लंबे समय की कमिटमेंट की ज़रूरत है, और हम उसी सोच के साथ निवेश कर रहे हैं, ताकि यह पक्का हो सके कि Jeep गर्व और पसंद का ब्रांड बना रहे." 2027 से नए मॉडल लाने की योजना कारों की बात करें तो Jeep ने जानकारी दी है कि भारत के लिए नए मॉडल लाने की तैयारी चल रही है, और इसकी फ्यूचर लाइनअप की पहली गाड़ी साल 2027 में आने की उम्मीद है. तब तक, कंपनी शोरूम में कस्टमर्स की दिलचस्पी बनाए रखने के लिए अपनी मौजूदा रेंज के पीरियोडिक अपडेट और स्पेशल एडिशन बाजार में उतारती रहेगी. इसके साथ ही Jeep की इंडिया स्ट्रेटेजी के लिए एक्सपोर्ट भी ज़रूरी हैं. कंपनीन ने पुणे के पास रंजनगांव फैसिलिटी से साल 2017 में अपना प्रोडक्शन शुरू किया था और Jeep Compass के साथ ग्लोबल मार्केट में सप्लाई शुरू की थी. उसके बाद से कंपनी ने Jeep Meridian और Commander जैसे मॉडल जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे इलाकों में एक्सपोर्ट किए गए हैं. कंपनी ने कहा कि वह अब अफ्रीका और नॉर्थ अमेरिका में और एक्सपोर्ट के मौकों का मूल्यांकन कर रही है. स्थानीयकरण में होगी बढ़ोतरी जानकारी के अनुसार, कंपनी का प्लान रंजंगांव प्लांट में लोकलाइज़ेशन को और बढ़ाने का भी है, जिसकी सालाना इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 1,60,000 यूनिट्स होने वाली है. लोकल कंटेंट मौजूदा 65-70 प्रतिशत से बढ़कर करीब 90 प्रतिशत होने की उम्मीद है. बता दें कि Jeep भारत में Jeep Club, Jeep Trails और Camp Jeep इवेंट्स के ज़रिए अपनी ओनर कम्युनिटी को बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है, साथ ही अपने कॉन्फिडेंस 7 प्रोग्राम के तहत कस्टमर एश्योरेंस पहल को भी बढ़ा रही है, जिसमें एक्सटेंडेड वारंटी, बायबैक ऑप्शन और सर्विस प्लान शामिल हैं. recent visitors 39

16 फरवरी के सत्र में गूंजेगा शहडोल, आदिवासी मुद्दों पर सदन में गरजेंगे विधायक कमलेश्वर

Shahdol will resonate in the session on February 16, MLA Kamleshwar will roar in the House on tribal issues. शहडोल। मध्य प्रदेश की आदिवासी राजनीति में एक नई हलचल उस वक्त देखने को मिली, जब भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के इकलौते सैलाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक कमलेश्वर डोडियार आदिवासी बाहुल्य शहडोल जिले के दौरे पर पहुंचे। मोटरसाइकिल से विधानसभा पहुंच कर सुर्खियों में आए विधायक डोडियार ने शहडोल की धरती से न सिर्फ राजनीतिक नब्ज टटोली, बल्कि आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार और जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर तीखा हमला बोला।  भारत आदिवासी पार्टी ने शहडोल पहुंचकर साफ कर दिया कि वह अब सिर्फ सीमित क्षेत्रों तक नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में आदिवासियों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ेगी । विधायक कमलेश्वर डोडियार ने ऐलान किया कि आगामी 16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में शहडोल जिले से जुड़े आदिवासियों के गंभीर मुद्दों को जोरदार तरीके से सदन में उठाया जाएगा।  श्री डोडियार ने जिले के आदिवासी छात्रावासों से छात्राओं के लापता होने के मामलों पर गहरी चिंता जताते हुए इसे बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दा बताया,उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस दिशा में न तो पारदर्शी जांच कर रहा है और न ही ठोस कार्यवाही सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासी छात्राएं ही सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार के तमाम दावे खोखले साबित होते हैं। इसके साथ ही विधायक डोडियार ने शहडोल की कानून व्यवस्था पर भी करारा प्रहार किया,उन्होंने एएसआई और पटवारी की कुचलकर हत्या, तहसीलदार पर रेत माफियाओं द्वारा किए गए हमले और पुलिस पर लगातार हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि जिले में माफिया तंत्र पूरी तरह हावी हो चुका है। खनिज माफिया, भू-माफिया और कोल माफिया प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। रेत ठेका नहीं होने के चलते अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर सवाल उठाते हुए डोडियार ने आरोप लगाया कि शहडोल से बड़े पैमाने पर चोरी की रेत उत्तर प्रदेश भेजी जा रही है, और पुलिस माफियाओं के सामने बेबस नजर आ रही है। उन्होंने यहां तक कहा कि हालात ऐसे हैं मानो पुलिस ने माफियाओं के सामने घुटने टेक दिए हों।  विधायक डोडियार ने दो टूक कहा कि जब प्रशासन और पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता और आदिवासी समाज की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो भारत आदिवासी पार्टी शहडोल से एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी और आदिवासियों को उनका हक दिलाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा। recent visitors 59