सऊदी अरब की बड़ी तेल कंपनी ने रोका उत्पादन, ईरान से टकराव के बाद महंगाई का खतरा

सऊदी अरब दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी के रूप में जाने जाने वाली सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको को ईरान ने कथित तौर पर हमला कर दिया है। जानकारी के मुताबिक ईरानी ड्रोन हमले के बाद अपनी रास तनूरा रिफाइनरी को एहतियातन बंद कर दिया है। उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने सोमवार को यह जानकारी दी है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के जवाब में तेहरान पूरे क्षेत्र में लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इन हमलों में खाड़ी देशों में कई लोगों की मौत भी हो गई है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने अल अरबिया टीवी को बताया कि इस क्षेत्र में दो ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया है। ड्रोन के मलबे से सीमित स्तर पर आग भी लगी थी जिसे तुरंत काबू कर लिया गया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता बता दें कि रास तनूरा कॉम्प्लेक्स सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित है और यह मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी क्षमता लगभग 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) है। यह सऊदी कच्चे तेल के निर्यात का एक अहम टर्मिनल भी है। सूत्र के अनुसार रिफाइनरी को सावधानी के तौर पर बंद किया गया है और हालात नियंत्रण में हैं। मच सकता है हाहाकार रिफाइनरी बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला समुद्री व्यापार भी लगभग ठप हो गया है। दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा तेल खपत इसी मार्ग से गुजरती है। रविवार को इस क्षेत्र के आसपास जहाजों पर हमलों के बाद तेल परिवहन प्रभावित हुआ है। इसी वजह से सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। अरामको ने इस मामले पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। क्या कह रहे विशेषज्ञ? रिस्क इंटेलिजेंस फर्म वेरिस्क मेपलक्रॉफ्ट के मिडिल ईस्ट विश्लेषक टॉरब्योर्न सोल्टवेड्ट ने कहा ताजा हमलों कर चिंता जताते हुए कहा कि रास तनूरा पर हमला क्षेत्रीय तनाव में बड़ी बढ़ोतरी का संकेत है और अब खाड़ी देशों की ऊर्जा संरचना सीधे निशाने पर आ गई है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद सऊदी अरब और पड़ोसी खाड़ी देश अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियानों के और करीब आ सकते हैं। कई खाड़ी देशों में हमले यह ड्रोन हमला क्षेत्र में हाल के हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिनमें अबू धाबी, दुबई, दोहा, मनामा और ओमान के दुक़्म वाणिज्यिक बंदरगाह को भी निशाना बनाया गया है। इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में भी तेल उत्पादन का बड़ा हिस्सा एहतियातन बंद कर दिया गया है, जहां से फरवरी में करीब 2 लाख बैरल प्रतिदिन तेल तुर्की को निर्यात किया गया था।   recent visitors 36

ग्रहण का प्रभाव: रामलला मंदिर 3 मार्च को सुबह इतने बजे तक ही खुलेगा, भक्तों के लिए जरूरी सूचना

अयोध्या साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं। इसी नियम का पालन करते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने फैसला किया है कि चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे। ट्रस्ट के अनुसार सुबह पूजा-अर्चना और आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य धार्मिक परंपरा का सम्मान करना और ग्रहण के समय पूजा और मंत्र पाठ में व्यवधान न आने देना है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण (शुक्ल पक्ष पूर्णिमा) के कारण मंदिर में दर्शन की व्यवस्था थोड़ी अलग होगी। सुबह की मंगला आरती और श्रृंगार आरती पहले से निर्धारित समय पर होगी ताकि श्रद्धालु पूजा में हिस्सा ले सकें। इसके बाद, लगभग सुबह 9 बजे से लेकर रात 8:30 बजे तक मंदिर बंद रहेगा। इस दौरान ग्रहण और सूतक के समय को देखते हुए दर्शन बंद रहेंगे। अधिकारियों और पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई है ताकि दर्शन की प्रक्रिया और भी व्यवस्थित रहे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने अयोध्या के अपर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मंदिर के खुलने और बंद होने के समय में हुए बदलाव के बारे में सूचित किया है। साथ ही इसके अनुसार, मंदिर और उसके आसपास आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। ऐसे में यदि आप भी मंगलवार को रामलला के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो इस शेड्यूल का ध्यान रखें। आम श्रद्धालु सुबह पूजा और आरती में शामिल हो सकते हैं, उसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिर के भीतर कोई भी दर्शन या प्रवेश नहीं होगा। यह व्यवस्था सिर्फ 3 मार्च के दिन के लिए है और अगले दिन से मंदिर की सामान्य दर्शन व्यवस्था फिर से चालू हो जाएगी। recent visitors 55

चिदंबरम एस पोडुवल पर यौन उत्पीड़न का आरोप, कोच्चि में दर्ज हुआ केस

  कोच्चि केरल के कोच्चि (Kochi) शहर से एक बड़ी खबर सामने आई है. सुपरहिट फिल्म मंजुम्मेल बॉयज़ (Manjummel Boys) के निर्देशक चिदंबरम एस पोडुवल (Chidambaram S Poduval) के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने सोमवार को इसकी पुष्टि की. शिकायत के आधार पर एर्नाकुलम साउथ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि यह मामला साल 2022 की एक कथित घटना से जुड़ा है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है. ये है आरोप की कहानी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 2022 में निर्देशक ने उसके फ्लैट में जबरन प्रवेश किया था. यह घटना कोच्चि के एलामकुलम इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट की बताई जा रही है. महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ अशोभनीय हरकत की और उसका यौन उत्पीड़न किया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पहले पीड़िता का बयान दर्ज किया. इसके बाद तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया. इन धाराओं में दर्ज हुआ केस पुलिस ने बताया कि मामला भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है. केस धारा 74 और 75 के तहत दर्ज हुआ है. धारा 74 महिलाओं की लज्जा भंग करने की नीयत से हमला या आपराधिक बल प्रयोग से जुड़ी है. वहीं धारा 75 यौन उत्पीड़न से संबंधित है. पुलिस के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है. पूछताछ की तैयारी अधिकारियों ने बताया कि शिकायत दर्ज करने से पहले महिला का विस्तृत बयान लिया गया था. अब फिल्म निर्माता निर्देशक को नोटिस जारी किया जाएगा. उन्हें पूछताछ के लिए पेश होने को कहा जाएगा. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी. अभी तक आरोपी निर्देशक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. दो हिट फिल्मों के निर्देशक हैं चिदंबरम चिदंबरम एस पोडुवल मलयालम सिनेमा के चर्चित निर्देशक हैं. उन्होंने 2021 में फिल्म जान-ए-मन (Jan.E.Man) का निर्देशन किया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था. इसके बाद 2024 में आई फिल्म मंजुम्मेल बॉयज़ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की. इस फिल्म ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई. ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज हुए इस केस ने फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है. आगे क्या होगा? फिलहाल पुलिस जांच की प्रक्रिया में जुटी है और आरोपी को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है. पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है. निर्देशक की ओर से सफाई या प्रतिक्रिया आने का इंतजार है. आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे हो सकते हैं.   recent visitors 39

राज्य के सड़क विकास को रफ्तार: NH-30 के 122 किमी हिस्से के 4-लेन प्रस्ताव पर गडकरी–विजय शर्मा की बैठक

रायपुर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नागपुर प्रवास के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के धवईपानी (चिल्फी) से कवर्धा होते हुए सिमगा तक करीब 122 किलोमीटर लंबे सेक्शन को 4-लेन में उन्नत करने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि एनएच-30 के जबलपुर से मंडला और चिल्फी तक लगभग 160 किलोमीटर हिस्से को पहले ही 4-लेन में विकसित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। वर्तमान में चिल्फी (धवईपानी) से कवर्धा और कवर्धा गुरूनाला से सिमगा तक का मार्ग 10 मीटर चौड़ाई की 2-लेन सड़क है। उन्होंने कहा कि जब जबलपुर-मंडला-चिल्फी सेक्शन 4-लेन में परिवर्तित होगा, तब आगे के 2-लेन हिस्से पर यातायात का दबाव और बढ़ जाएगा। भारी और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही को देखते हुए धवईपानी से सिमगा तक पूरे मार्ग को 4-लेन में अपग्रेड करना आवश्यक है, ताकि सड़क सुरक्षा और यातायात सुगमता सुनिश्चित की जा सके। उपमुख्यमंत्री ने जिला कबीरधाम मुख्यालय कवर्धा में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए 4-लेन मय पेव्ड शोल्डर कवर्धा बायपास के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा। उनका कहना है कि बायपास बनने से शहर के भीतर दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी और यातायात सुचारू रहेगा। नागपुर से लौटने के बाद रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए विजय शर्मा ने बताया कि सिमगा से रायपुर और धवईपानी से जबलपुर तक 4-लेन निर्माण के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं, लेकिन बीच का महत्वपूर्ण सेक्शन शेष था। इस कड़ी को भी 4-लेन में बदलने का आग्रह किया गया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने पर जबलपुर से रायपुर तक आमजन को निर्बाध 4-लेन मार्ग की सुविधा मिल सकेगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। recent visitors 174

‘शिव मिल्क प्रोडक्ट’ के जरिए पनीर, घी, फुलक्रीम दूध व छाछ का बड़े पैमाने पर उत्पादन

हौसले और मेहनत से पूजा ने रचा सफलता का नया अध्याय, 80 लाख का वार्षिक कारोबार हरजीगढ़ी में 50 लाख रुपये के निवेश से शुरू किया आधुनिक डेयरी प्रोजेक्ट ‘शिव मिल्क प्रोडक्ट’ के जरिए पनीर, घी, फुलक्रीम दूध व छाछ का बड़े पैमाने पर उत्पादन लखनऊ अलीगढ़ जनपद के इगलास क्षेत्र स्थित कलवारी गांव की पूजा चौधरी ने अपने दृढ़ निश्चय और लगातार मेहनत के दम पर यह कर दिखाया है कि कम संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। विवाह के बाद जब उन्होंने ससुराल में कदम रखा, तब परिवार दूध के छोटे व्यवसाय से जुड़ा हुआ था। पूजा ने इस कार्य को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने और बड़े स्तर पर विकसित करने का निर्णय लिया। इसके चलते पूजा ने साल 2023 में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग से 50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर 'शिव मिल्क प्रोडक्ट' नाम से एक डेयरी प्लांट की स्थापना की। उनके इस दूरदर्शी कदम से आज उनका वार्षिक कारोबार 80 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।  इस डेयरी प्लांट में पनीर, घी, मावा, पाउच पैक फुलक्रीम दूध, छाछ सहित कई अन्य उत्पादों को तैयार किया जाता है। इन उत्पादों की आपूर्ति न केवल जिले में की जाती है, बल्कि मथुरा-वृंदावन तक नियमित रूप से की जा रही है। हरजीगढ़ी में 50 लाख के निवेश से शुरू की आधुनिक डेयरी टप्पल क्षेत्र के छोटे से गांव हरजीगढ़ी में आधुनिक तकनीक से लैस ऑटोमेटिक डेयरी प्लांट की स्थापना करना पूजा के लिए आसान नहीं था। लेकिन जब इच्छा शक्ति हो तो कुछ भी करना संभव है। इसमें पूजा के पति रोहिताश और परिवार ने उनका पूरा सहयोग किया और अपने छोटे से दुग्ध व्यवसाय को नए मुकाम तक पहुंचा दिया। दरअसल वर्ष 2008 में उनके परिवार ने कामधेनु डेयरी योजना का लाभ लेकर दूध का बूथ शुरू किया था। विवाह के बाद पूजा ने कारोबार में अकाउंट संबंधी जिम्मेदारी संभाली और विस्तार की दिशा में कदम आगे बढ़ाया। विभाग में आवेदन, जमीन की उपलब्धता और ऋण स्वीकृति के बाद प्लांट शुरू करने में थोड़ा विलम्ब जरूर हुआ पूजा ने हार नहीं मानी। डेयरी शुरू होने के बाद पूजा ने 35 लोगों को रोजगार दिया और 70 किसानों से दूध आपूर्ति का अनुबंध भी किया। पनीर, घी, फुलक्रीम दूध व छाछ का उत्पादन ‘शिव मिल्क प्रोडक्ट’ के नाम से संचालित इस डेयरी प्लांट में पनीर, घी, मावा, पाउच पैक फुलक्रीम दूध और छाछ सहित अन्य उत्पाद मशीन के जरिये तैयार किए जाते हैं। इन उत्पादों की आपूर्ति जिले के अलावा मथुरा-वृंदावन, हाथरस और अन्य कस्बों तक की जा रही है। पूजा के ससुर इस व्यवसाय को और भी बढ़ाना चाहते हैं। आज लगभग 20 डीलर विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। पूजा ने सभी उत्पादों की गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए उत्पादन और वितरण की एक व्यवस्थित व्यवस्था बनाई है जिससे उनका यह व्यवसाय तेजी से बढ़ा है और अच्छा मुनाफा भी हुआ है।  महिला उद्यमिता की प्रेरक पहचान बनीं पूजा अक्सर यह धारणा रही है कि विवाह के बाद बहुओं की भूमिका घर की चारदीवारी तक सीमित हो जाती है। आज भी कई स्थानों पर यह सोच कायम है। लेकिन पूजा के साथ ऐसा नहीं हुआ। शादी के बाद उन्हें परिवार का पूरा सहयोग और प्रोत्साहन मिला, जिसने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया और आगे बढ़ने का हौसला दिया।  पूजा ने राजकीय कन्या महाविद्यालय से स्नातक किया। शुरू से उनकी इच्छा व्यवसाय करने की थी। ससुर और पति के प्रोत्साहन से उन्होंने डेयरी प्लांट में निवेश का निर्णय लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने गांव-गांव जाकर महिलाओं को उन्नत पशुपालन के लिए प्रेरित भी किया और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। आज 35 से अधिक लोग दूध संग्रह कर डेयरी तक पहुंचा रहे हैं। पूजा चौधरी की यह यात्रा ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली हर महिला के लिए प्रेरणास्रोत है, जिन्होंने आत्मनिर्भर बनकर उद्यमिता के क्षेत्र में सशक्त पहचान स्थापित की है। recent visitors 41

100 साल से बिना होलिका दहन की होली! छत्तीसगढ़ के इन गांवों की रहस्यमयी परंपरा

कोरबा कोरबा जिले के धमनागुड़ी और खरहरी गांवों में एक अनूठी परंपरा है। यहां कई वर्षों से होलिका दहन नहीं किया जाता है। ग्रामीण रंग गुलाल भी नहीं खेलते हैं। यह परंपरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्वजों की विशेष मान्यता और आस्था के कारण ऐसा होता है। गांव में लोग शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर पर्व मनाते हैं। हालांकि, अग्नि प्रज्वलन की परंपरा का पालन नहीं किया जाता। धमनागुड़ी निवासी गनपत सिंह कंवर ने बताया कि लगभग सौ वर्षों से होली नहीं मनाई जाती है। खरहरी के आसपास के आश्रित गांवों में बुजुर्ग और बैगा देव स्थल में पूजा करते हैं। वे रंग गुलाल चढ़ाते हैं और टीका लगाते हैं। इन गांवों में आज भी होलिका दहन और रंग गुलाल नहीं खेला जाता। आज तक होली के कारण कोई विवाद या मारपीट की स्थिति नहीं बनी है। अनहोनी की आशंका खरहरी गांव निवासी तामेश्वर सिंह पैकरा ने बताया कि पिछले कई वर्षों से होली नहीं मनाई जाती। नौ साल पहले एक परिवार ने होली मनाने की कोशिश की थी। रंग गुलाल लगाने के कुछ समय बाद उनके घर में आग लग गई। इस घटना के बाद से गांव में होली नहीं खेली जाती है। गांव वालों का मानना है कि होली खेलने से अनहोनी की आशंका बनी रहती है। यदि कोई व्यक्ति गांव से बाहर दूसरी जगह होली खेलकर आता है। उसे गांव में प्रवेश करने से पहले रंग गुलाल धोना पड़ता है। इसके बाद ही वह गांव में प्रवेश कर सकता है। यह नियम आज भी सख्ती से लागू है। गांव में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए यह परंपरा कायम है। recent visitors 101

एमपी में बढ़ी गर्मी, पारा 35 डिग्री के पार, अप्रैल-मई में और तेज गर्मी का खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मार्च ने आते ही तेवर दिखा दिए हैं। महीने के पहले ही दिन प्रदेश के कई शहरों में तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि निमाड़ क्षेत्र के खरगोन में पारा 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी तेज धूप ने लोगों को गर्मी का अहसास करा दिया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल और मई सबसे ज्यादा तपिश भरे रहेंगे। ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे।  अगले 4 दिन और चढ़ेगा पारा मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। यानी मार्च की शुरुआत ही तपिश भरी रहने वाली है। दिन के साथ रात का तापमान भी धीरे-धीरे ऊपर जाएगा। रविवार को पचमढ़ी को छोड़ प्रदेश के लगभग सभी शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। धार, गुना, खंडवा, श्योपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और सिवनी जैसे जिलों में पारा 33 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। रातें भी हो रहीं गर्म फरवरी के आखिर और मार्च की शुरुआत में रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। जबलपुर में न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री और सतना में 18.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सागर, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई शहरों में रात का पारा 17 डिग्री से अधिक रहा। रंगपंचमी पर बदल सकता है मौसम गर्मी के बीच राहत की भी उम्मीद है। 4 मार्च से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो रहे नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर दो दिन बाद मध्य प्रदेश में देखने को मिल सकता है। इसके चलते रंगपंचमी के आसपास कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। यदि सिस्टम सक्रिय रहता है तो तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव भी हो सकता है। 40 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा पिछले वर्षों के ट्रेंड पर नजर डालें तो मार्च में दिन गर्म, रातें अपेक्षाकृत ठंडी और बीच-बीच में बारिश का दौर देखने को मिलता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही संकेत मिल रहे हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का तापमान 40 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि रातें 10 से 17 डिग्री के बीच रह सकती हैं। ग्वालियर में तापमान में उतार-चढ़ाव सबसे ज्यादा देखने को मिलता है।   recent visitors 40