MP HC का बड़ा आदेश: सरकारी दफ्तरों में अब खुद सुलझेंगे कर्मचारियों के सर्विस विवाद, सीधे लाभ में आएंगे 6 लाख कर्मचारी

इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के सेवा संबंधी विवादों (Service Matters) को लेकर राज्य सरकार को एक बेहद अहम और कड़ा सुझाव दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ट्रांसफर, प्रमोशन, इंक्रीमेंट और वरिष्ठता जैसे छोटे-छोटे मामलों के लिए कर्मचारियों को अदालत आने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए। जस्टिस विनय सराफ की एकल पीठ ने सरकार को 'इन-हाउस डिस्प्यूट रिसोल्यूशन सिस्टम' (विवाद समाधान प्रणाली) विकसित करने के निर्देश दिए हैं। चीफ सेक्रेटरी को आदेश: 50 हजार मामलों का बोझ होगा कम हाई कोर्ट में वर्तमान में कर्मचारियों से जुड़े 50,000 से अधिक मामले लंबित हैं। जस्टिस सराफ ने मंडला के वन रक्षकों की वरिष्ठता से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस आदेश की प्रति मुख्य सचिव (Chief Secretary) को भेजने के निर्देश दिए हैं।     याचिकाकर्ता 30 दिन के भीतर सक्षम अधिकारी को अपना आवेदन दें।     सरकार और संबंधित विभाग इस पर 45 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से फैसला लें। 6 लाख कर्मचारियों के लिए 'राहत' का फॉर्मूला यदि सरकार इस सुझाव पर अमल करती है, तो प्रदेश के करीब 6 लाख नियमित अधिकारी-कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। कोर्ट के सुझाव के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं…     डेजिग्नेटेड ऑफिसर: हर विभाग में एक नामित अधिकारी हो जो विवादों को सुने।     निष्पक्षता: पारदर्शिता के लिए जरूरत पड़ने पर रिटायर्ड जिला जजों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं।     बचत: इससे न केवल अदालतों का बोझ कम होगा, बल्कि सरकार और कर्मचारियों का समय व पैसा भी बचेगा। 'अदालतों में आ गई है सर्विस मामलों की बाढ़' सुनवाई के दौरान जस्टिस सराफ ने चिंता जताते हुए कहा कि हाई कोर्ट में इन दिनों सर्विस मामलों की बाढ़ आ गई है। उन्होंने कहा, "अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सीधे संवाद की कमी के कारण छोटे-छोटे विवाद भी कोर्ट तक पहुंच रहे हैं। यह सरकार पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ाता है और कर्मचारियों को मानसिक पीड़ा देता है।" कोर्ट का मानना है कि आपसी संवाद और विभागीय स्तर पर सशक्त प्रणाली से अधिकांश केसों का समाधान बिना मुकदमेबाजी के संभव है। recent visitors 31

मतदाता डेटा में चौंकाने वाली विसंगतियाँ: कभी पिता से छोटा बेटा, कभी 6 संतानों का रिकॉर्ड!

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान डेटा में ऐसी विसंगतियां सामने आई हैं, जिन्होंने निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। जिले में करीब 7 लाख मतदाताओं के डिजिटल रिकॉर्ड में तार्किक त्रुटियां (Logical Errors) पाई गई हैं। इनमें सबसे चौंकाने वाले मामले वे हैं जहां तकनीकी गड़बड़ी के कारण माता-पिता की उम्र उनकी संतान से भी कम दर्ज हो गई है। डेटा में मिलीं ये 6 बड़ी विसंगतियां बीएलओ (BLO) एप के जरिए की गई छंटनी में भोपाल और मध्यप्रदेश स्तर पर लाखों गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं:     उम्र का गणित फेल: भोपाल में 1.19 लाख और प्रदेश में 39 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं, जिनकी उम्र उनके माता-पिता से महज 15 साल कम या उससे भी कम दर्ज है।     असंभव आयु अंतर: करीब 18 हजार मामलों में माता-पिता की उम्र मतदाता से 50 साल से भी ज्यादा बड़ी दिखाई गई है।     रिश्तों में उलझन: दादा-दादी की उम्र पोते-पोतियों से 40 साल कम दर्ज होने के 15 हजार से ज्यादा मामले भोपाल में मिले हैं।     संतानों का रिकॉर्ड: जिले के 46 हजार मतदाताओं के रिकॉर्ड में 6 या उससे अधिक संतानें दर्ज पाई गई हैं।     नाम और जेंडर: पिता के नाम में मिसमैच और जेंडर की गड़बड़ी के भी लाखों मामले सामने आए हैं। क्यों हुई इतनी बड़ी गड़बड़ी? डिजिटलाइजेशन के दौरान पुराने रिकॉर्ड को नए सॉफ्टवेयर से जोड़ने पर ये चार प्रमुख कारण सामने आए हैं:     शॉर्ट नाम का उपयोग: पुराने रिकॉर्ड में 'डीके' लिखा था, जिसे सॉफ्टवेयर ने नए नाम 'देवेंद्र कुमार' से मैच नहीं किया।     उपनाम (सरनेम) का छूटना: सरनेम न होने पर एप ने उसे अलग व्यक्ति मानकर सूची से बाहर कर दिया।     लिंक की समस्या: एक मामले में पिता ने बेटों का लिंक खुद से और बेटियों का लिंक दादा के रिकॉर्ड से जोड़ दिया, जिससे डेटा मिसमैच हो गया।     अधूरा डेटा: पिता या माता का नाम गलत टाइप होने से सॉफ्टवेयर ने रिकॉर्ड रिजेक्ट कर दिया। अब क्या होगा? 14 फरवरी तक का अल्टीमेटम     इन विसंगतियों के कारण चुनाव आयोग को डेटा जमा करने की समय-सीमा कई बार बढ़ानी पड़ी है। अब भोपाल कलेक्टर ने 14 फरवरी तक सभी त्रुटियों को सुधारने का लक्ष्य दिया है।     2 लाख मतदाताओं को नोटिस: जिले के 181 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शेष बचे 2 लाख मतदाताओं को नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है।     घर बैठे सुधार: यदि बीएलओ आपके घर आता है और मौके पर ही दस्तावेजों के आधार पर सुधार हो जाता है, तो आपको दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। recent visitors 40

2 फरवरी आज का राशिफल : करियर, धन और प्रेम जीवन पर ग्रहों का क्या असर पड़ेगा?

मेष – आज मेष राशि वालों के लिए दिन थोड़ा अस्थिर रह सकता है। काम की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे मन और शरीर दोनों थके हुए महसूस कर सकते हैं। किसी भी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें, वरना मामला उलझ सकता है। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी, लेकिन फालतू खर्च जेब पर असर डाल सकता है। घर-परिवार का साथ मिलेगा और किसी अपने से खुलकर बात करने से राहत मिलेगी। सेहत ठीक रहेगी, बस आराम को नजरअंदाज न करें। वृषभ – वृषभ राशि वालों के लिए आज संयम और समझदारी से आगे बढ़ने का दिन है। दफ्तर में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और अधिकारियों का भरोसा मजबूत होगा। रिश्तों में खुलकर बातचीत करने से नजदीकियां बढ़ेंगी। पैसों से जुड़ा कोई सही फैसला ले सकते हैं, खासकर भविष्य की योजना को लेकर। पारिवारिक माहौल सुकून भरा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन खाने-पीने में लापरवाही न करें। मिथुन – मिथुन राशि वालों को आज हर कदम सोच-समझकर रखने की जरूरत है। काम को लेकर दबाव बना रह सकता है और किसी निर्णय को लेकर उलझन रहेगी। रिश्तों में छोटी बातों पर तनाव हो सकता है, लेकिन बातचीत से सब संभल जाएगा। खर्च बढ़ने के संकेत हैं, इसलिए बजट पर नजर रखें। सेहत ठीक रहेगी, पर मानसिक थकान महसूस हो सकती है। कर्क – कर्क राशि वालों का दिन भावनाओं से भरा रह सकता है। परिवार या निजी रिश्तों से जुड़ी बातें मन को प्रभावित करेंगी। कार्यस्थल पर जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन आप अपनी समझदारी से स्थिति संभाल लेंगे। पैसों को लेकर स्थिरता बनी रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी, हालांकि नींद पूरी न होने से थकावट महसूस हो सकती है। सिंह – सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है। कामकाज में आपकी राय को महत्व मिलेगा और सराहना भी हो सकती है। प्रेम संबंधों में मिठास बनी रहेगी और पार्टनर का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और कोई अटका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, बस खानपान पर ध्यान रखें। कन्या – कन्या राशि वालों के लिए आज दिन भागदौड़ भरा हो सकता है। काम में छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी होगा, वरना गलती की संभावना है। रिश्तों में जरूरत से ज्यादा सोचने से बचें और बातों को सरल रखें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए गैर-जरूरी खरीदारी टालें। सेहत को लेकर सतर्क रहें, खासतौर पर पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। तुला – तुला राशि वालों के लिए आज संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी रहेगा। काम और निजी जीवन दोनों में समझदारी से फैसले लेने होंगे। दफ्तर में किसी अहम निर्णय को कुछ समय के लिए टालना सही रहेगा। पैसों से जुड़ा बड़ा कदम उठाने से पहले सोच-विचार करें। मानसिक दबाव महसूस हो सकता है, इसलिए खुद को थोड़ा समय दें। सेहत सामान्य रहेगी। वृश्चिक – वृश्चिक राशि वालों का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। काम में धैर्य रखें और किसी से बहस में पड़ने से बचें। रिश्तों में साफगोई और भरोसा जरूरी रहेगा। खर्च करते समय सावधानी बरतें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन तनाव से दूरी बनाना आपके लिए फायदेमंद होगा। धनु – धनु राशि वालों के लिए दिन उम्मीदों से भरा रहेगा। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं या कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। प्रेम जीवन में खुशी और अपनापन महसूस होगा। आर्थिक रूप से दिन मजबूत है और पुराने प्रयासों का सकारात्मक नतीजा मिल सकता है। सेहत अच्छी रहेगी और मन उत्साह से भरा रहेगा। मकर – मकर राशि वालों को मेहनत कुछ ज्यादा करनी पड़ सकती है। काम का दबाव रहेगा, लेकिन उसका परिणाम संतोषजनक मिलेगा। रिश्तों में दूरी न आए, इसके लिए समय निकालकर बात करें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए पैसों पर नियंत्रण जरूरी होगा। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी बरतें। कुंभ – कुंभ राशि वालों के लिए नए आइडिया और योजनाओं का दिन है। काम में कुछ अलग करने का मौका मिल सकता है। रिश्तों में सहयोग और आपसी समझ बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। सेहत सामान्य रहेगी और मन हल्का महसूस होगा। मीन – मीन राशि वालों को अपनी भावनाओं पर काबू रखने की जरूरत है। कामकाज में खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा। पैसों के मामले में लाभ के योग हैं, लेकिन खर्च पर नजर रखना जरूरी होगा। रिश्तों में संवेदनशीलता बनाए रखें। सेहत ठीक रहेगी, बस लापरवाही से बचें।   recent visitors 59

इन्फ्रास्ट्रक्चर से रोजगार तक लाभ ही लाभ: बजट 2026-27 पर LG मनोज सिन्हा का बड़ा बयान

जम्मू डेस्क जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे व्यावहारिक और विकासोन्मुख बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखते हुए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। इससे युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाया जाएगा तथा पर्यटन उद्योग में नई जान आएगी। उप-राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 में आर्थिक विस्तार को प्रोत्साहित करने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सात प्रमुख सेक्टरों में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इससे उभरते उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। एल.जी. सिन्हा ने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 से सेमीकंडक्टर सेक्टर को नई गति मिलेगी। साथ ही, विशेष रेयर अर्थ ज़ोन के माध्यम से भारत की दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोजगार सृजन और सेवा क्षेत्र पर ध्यान देने से देश की प्रतिस्पर्धी ताकत और मजबूत होगी। उन्होंने आगे कहा कि बजट 2026-27 भारत को कुछ ही वर्षों में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ाता है और आने वाले दो दशकों से भी कम समय में विकसित देश बनने के विजन को दर्शाता है। मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, स्वास्थ्य, शहरी विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र देश की आर्थिक मजबूती का आधार बनेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। recent visitors 49

रील से रियल करियर तक: बजट का ऐतिहासिक ऐलान, स्टूडेंट्स के लिए स्कूल-कॉलेज में शुरू होंगी Creator Labs

नई दिल्ली Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज य़ानि 1 फरवरी को बजट पेश कर रही हैं। इस बजट में वित्त मंत्री ने अपना रिकॉर्ड बजट पेश करते हुए टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को 'विकसित भारत' का सबसे शक्तिशाली इंजन बताया। उन्होंने साफ किया कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया को लीड करेगा। इस विजन को साकार करने के लिए सरकार ने देश की तेजी से बढ़ती 'क्रिएटर इकोनॉमी' और गेमिंग सेक्टर के लिए खजाना खोल दिया है। स्कूलों और कॉलेजों में होगा 'क्रिएटर' बनने का कोर्स सरकार ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (ABGC) सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं:     कंटेंट क्रिएटर लैब्स: देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में अत्याधुनिक 'कंटेंट क्रिएटर लैब्स' स्थापित की जाएंगी। यहाँ छात्रों को रील मेकिंग, वीडियो एडिटिंग और डिजिटल कंटेंट बनाना सिखाया जाएगा।     गेमिंग में 10 लाख नौकरियां: गेमिंग सेक्टर में 10 लाख से ज्यादा पेशेवरों की भर्ती का लक्ष्य रखा गया है।     स्टार्टअप फंड: गेमिंग और क्रिएटिव स्टार्टअप्स की मदद के लिए ₹10,000 करोड़ का विशेष फंड तैयार किया गया है। डिजिटल बुनियादी ढांचे और AI पर बड़ा दांव     AI और स्किलिंग: AI को भारतीय अर्थव्यवस्था की नई ताकत बताते हुए वित्त मंत्री ने युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम पर जोर दिया।     सस्ता होगा हार्डवेयर: सेमीकंडक्टर निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का निवेश होगा, जिससे कैमरा, मोबाइल और गेमिंग गियर जैसे उपकरण सस्ते होंगे।     डिजिटल टाउनशिप: क्रिएटिव स्किल्स और डिजिटल पढ़ाई के लिए 5 नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जहां पढ़ाई के साथ-साथ सीधे कंपनियों में काम करने (Apprenticeship) का मौका मिलेगा। डिजाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर का नया दौर डिजाइनिंग के क्षेत्र में भारत को विश्व स्तरीय बनाने के लिए नए नेशनल डिजाइन स्कूल खोले जाएंगे। साथ ही बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बजट में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों के क्रिएटर्स को भी सुपरफास्ट इंटरनेट मिल सकेगा। recent visitors 51

नौजवानों का भविष्य और बेहतर इलाज पर जोर, बजट को नड्डा ने बताया ऐतिहासिक

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद भवन में बजट पेश किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आम बजट 2026-27 को एक लोक-कल्याणकारी और 'विकसित भारत' के लक्ष्य को नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट सर्वसमावेशी एवं सर्वस्पर्शी है, जो भारत को दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करेगा। यह देश की युवा शक्ति का बजट है। इस ऐतिहासिक आत्मनिर्भर भारत के बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता इसी बात से जाहिर होती है कि पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में 176 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस वर्ष आवंटित 1 लाख 5 हजार करोड़ से अधिक का बजट पिछले वर्ष के बजट से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि इस बजट में मेंटल हेल्थ पर भी फोकस किया गया है, जो एक स्वागत योग्य कदम है। इसके तहत रांची और तेजपुर स्थित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थानों के अपग्रेडेशन और उत्तर भारत में निमहंस की स्थापना की घोषणा सराहनीय है। जामनगर में डब्लूएचओ ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर की स्थापना सभी भारतवासी के लिए गौरव की बात है। स्वास्थ्य बजट में वृद्धि के साथ-साथ देश के हेल्थ सेक्टर को मजबूती देने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर फोकस किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित दवाओं को विश्व स्तरीय गुणवत्ता के मानकों पर खरा रखने के लिए सीडीएससीओ को अधिक मजबूत किए जाने का प्रस्ताव सराहनीय है। बायोफार्मा शक्ति इनिशिएटिव के तहत सरकार ने अगले 5 वर्षों में बायोफार्मा क्षेत्र में 10,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिससे आधुनिक जैविक दवाओं और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। फार्मा सेक्टर के विकास के लिए तीन नए निपेर संस्थानों की स्थापना और मौजूदा सात संस्थानों के उन्नयन की घोषणा ऐतिहासिक कदम है। इसके अतिरिक्त रासायनिक उद्योग को सुदृढ़ करने के लिए राज्यों में तीन विशेष केमिकल पार्क विकसित किए जाने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण बढ़ते गैर-संचारी रोगों से निपटने के लिए एलाइड हेल्थकेयर संस्थानों को सशक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे अगले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स तैयार होंगे। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके साथ ही देश के प्रत्येक जिला अस्पताल में ट्रॉमा एवं इमरजेंसी सेंटर स्थापित किए जाने के प्रस्ताव से आम जनता को त्वरित और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। मेडिकल रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए आईसीएमआर और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के बजट में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट का मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास को सतत बनाए रखना, सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करना और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ देश को आगे बढ़ाना है। यह बजट गांव, गरीब, किसान, युवा और नारी शक्ति के साथ-साथ औद्योगिक विकास की मजबूत रूपरेखा प्रस्तुत करता है। recent visitors 46

भारत अंडर-19 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में पहुंचा

नई दिल्ली भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। पाकिस्तान को नॉकआउट में पहुंचने के लिए 253 रन का टारगेट 33.3 ओवर में हासिल करना था। टीम 167 तक ही पहुंच सकी। अब मैच जीतकर भी पाकिस्तान सेमीफाइनल से बाहर ही रहेगा। बुलवायो में रविवार को पहले बैटिंग करते हुए भारत ने 252 रन बनाए थे। पाकिस्तान ने 38 ओवर के बाद 6 विकेट के नुकसान पर 175 रन बना लिए हैं। हुजैफा अहसान (4 रन) और अब्दुल सुभान (1 रन) पिच पर मौजूद हैं। आयुष म्हात्रे ने फिफ्टी लगाने वाले उस्मान खान को LBW किया। उन्होंने अहमद हुसैन को भी पवेलियन भेजा। विहान मल्होत्रा ने अली हसन बलोच को कैच कराया। कप्तान फरहान यूसुफ 38 रन बनाकर आउट हुए, उन्हें आरएस अम्ब्रिश ने कैच कराया। हमजा जहूर 42 रन बनाकर आउट हुए, उन्हें कनिष्क चौहान ने बोल्ड किया। हेनिल पटेल ने समीर मिन्हास को चौथे ओवर में LBW कर दिया। वे 9 रन बनाकर आउट हुए। समीर ने ही एशिया कप फाइनल में भारत के खिलाफ 172 रन बनाए थे। वेदांत त्रिवेदी ने 68 रन बनाकर टीम को 200 के करीब पहुंचाया। वैभव सूर्यवंशी 22 गेंद पर 30 रन ही बना सके। कप्तान आयुष म्हात्रे खाता भी नहीं खोल पाए। आखिर में कनिष्क चौहान और खिलन पटेल ने फिफ्टी पार्टनरशिप कर स्कोर 250 के पार पहुंचा दिया। पाकिस्तान से अब्दुल सुभान ने 3 और मोहम्मद सय्याम ने 2 विकेट लिए। recent visitors 50