1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत, राजमार्ग पर आज से सफर करना होगा महंगा, भोपाल में 200 फीसदी तक महंगी हुई प्रॉपर्टी

भोपाल नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन से मध्य प्रदेश में लोगों पर महंगाई की मार पड़ने जा रही है। राजधानी भोपाल में जहां प्रॉपर्टी महंगी हुई है, वहीं प्रदेश में बिजली के दाम में औसत बढ़ोतरी 3.46 पैसे हुई है। इसी तरह अगर आप राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने जा रहे हैं तो अब आपको ज्यादा टोल टैक्स देना होगा। यहां पढ़िए 1 अप्रैल 2025 से लागू हुए नियमों के बारे में। टोल टैक्स: 1 अप्रैल से दरें होगी लागू, राजमार्ग पर सफर महंगा 30 मार्च की देर रात विद्युत नियामक आयोग ने नोटिफिकेशन जारी कर बिजली की दरों में 3.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। तीन साल में नियामक ने 2 बार बिजली के दाम बढ़ाए हैं। अब घरेलू और कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं को एक यूनिट बिजली के दाम 3.46 प्रतिशत ज्यादा देने होंगे। इसके साथ ही राजधानी भोपाल में कलेक्टर ने 1800 से ज्यादा इलाकों में प्रॉपर्टी के रेट बढ़ा दिए हैं। वहीं, भोपाल नगर-निगम पानी के ज्यादा पैसे वसूलने की तैयारी कर रहा है। इंदौर-देवास हाईवे के टोल टैक्स में भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने वृद्धि कर दी है। इस बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब पर क्या असर पड़ेगा? बिजली के अलावा और क्या-क्या महंगा हुआ? ​​​पढ़िए, ऐसे सभी ​​सवालों के जवाब… बिजली कीमतों में क्या बदलाव हुए हैं? राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए टैरिफ ऑर्डर जारी कर दिया। बिजली दरों में औसत 3.46% का इजाफा किया गया है यानी बिजली उपभोक्ताओं को हर यूनिट पर 18 पैसे ज्यादा चुकाने होंगे। यह इजाफा घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए हुआ है। प्रदेश में 1 अप्रैल से नई टोल दरें लागू हो गई हैं। जहां सभी प्रकार के वाहनों को 5 से 25 रुपये तक अधिक टोल देना होगा। एक तरफ का टोल कार सहित अन्य फोर व्हीकल 100, हल्के वाहन 160, बस और ट्रक 340 और कमर्शियल वाहन 370 रुपये को चुकाना होगा। अधिकारियों के मुताबिक जनवरी में भी टोल दरों में बदलाव किया था। तीन महीने के भीतर दरों में दूसरी मर्तबा बढ़ोत्तरी हुई है। एनएचएआइ ने कुछ स्थानों से गुजरने पर कार और हल्के वाहनों के लिए टोल टैक्स में वृद्धि नहीं की है, जिसमें मांगलिया टोल, मेठवाडा, माछलिया घाट शामिल है। इन वाहन चालकों पर आर्थिक रूप से बोझ नहीं बढ़ेगा। जबकि कमर्शियल और हेवी वाहनों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। महंगी बिजली: ई-रिक्शा चार्जिंग पर 24 पैसे यूनिट का भार प्रदेश में बिजली के दाम में बढ़ोतरी से कोई भी क्षेत्र नहीं बचा है। मध्यमवर्गीय से लेकर ई-रिक्शा चालक तक इस बढ़ोतरी से सीधे प्रभावित होंगे। ई-रिक्शा में सबसे ज्यादा चार्जिंग की दर बढ़ाई गई है। मौजूदा दर से 24 पैसे महंगी बिजली की गई है। इसके अलावा उच्च दाब उपभोक्ता श्रेणी में भी 26 पैसे तक बिजली के दाम बढ़े हैं। एक बिजली बिल में खपत के अतिरिक्त कितने चार्ज जुड़ते हैं? बिजली बिल में एनर्जी चार्ज, फिक्स चार्ज, फ्यूल कॉस्ट, ड्यूटी चार्ज जुड़ते हैं। बिजली की दरों में वृद्धि के अनुपात में ही बाकी सारे चार्ज बढ़ते-घटते हैं। नियामक आयोग ने फिक्स चार्ज को खत्म कर दिया है। 100 यूनिट का 100 रुपए बिल वाली योजना पर क्या असर पड़ेगा? मध्यप्रदेश में 1 करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को सरकार 150 यूनिट पर सब्सिडी देती है। अटल गृह ज्योति योजना के दायरे में आने वाले 100 यूनिट मासिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं से भी 24 रुपए का अतिरिक्त बिल लिया जाना है, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को 100 रुपए ही देने होंगे। 24 रुपए सरकार भरेगी। 150 यूनिट तक के खपत की तब भी शुरुआती 100 यूनिट के 100 रुपए ही भुगतान करने पड़ेंगे। बिजली उपभोक्ताओं को क्या कोई राहत भी मिलेगी? हां। निम्न दाब उपभाेक्ताओं (घरेलू उपभोक्ता या जिन्हें लो टेंशन केबल यानी 230 से 400 वोल्टेज लाइन से बिजली सप्लाई होती है) और मौसमी उच्च दाब उपभोक्ताओं (कमर्शियल उपभोक्ता या जिन्हें हाई टेंशन केबल 11000 वोल्टेज लाइन से बिजली सप्लाई होती है) के मिनिमम चार्ज समाप्त किए गए हैं। एक बिजली उपभोक्ता को उस घर या फैक्ट्री का भी बिल चुकाना पड़ता था, जिसमें कई माह से बिजली का उपयोग ही नहीं हो रहा था। अब इसे समाप्त कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को क्या लाभ मिलेंगे? स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक (8 घंटे) उपयोग की गई बिजली खपत पर 20% छूट देने की घोषणा की गई है। बाकी 16 घंटों में जितनी बिजली उपयोग करेंगे, उसका 10 प्रतिशत ज्यादा देना होगा। ऐसा करने के पीछे बिजली कंपनी से जुड़े अफसर ने बताया कि गर्मियों में सौर पैनल बाकी मौसम की तुलना में अधिकतम क्षमता के साथ ज्यादा बिजली बनाते हैं, इसलिए दिन में छूट देने का प्रावधान किया है। स्मार्ट मीटर की लागत, संचालन, मेंटेनेंस और डाटा भेजने का खर्च टैरिफ में जुड़ जाएगा। इसके एवज में 10 साल तक किस्तों में 25 हजार रुपए वसूले जाएंगे। आज से भोपाल के 1312 स्थानों पर प्रॉपर्टी 10 से 50 प्रतिशत महंगी भोपाल जिले में पिछले दस सालों में तेजी से हुए विकास के साथ ही प्रॉपर्टी के दामों में भी बेहताशा वृद्धि की गई है। यह हम नहीं बल्कि पंजीयन विभाग के अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया गाइडलाइन 2025-26 का प्रस्ताव बता रहा है। इसमें बीमाकुंज क्षेत्र में 10 साल में प्रॉपर्टी के दाम 10 गुना तक बढ़ गए हैं। यहां वित्तीय वर्ष 2015-16 में प्रॉपर्टी के दाम 20 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर थे और अब वित्तीय वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख से दो लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गए हैं। शहर में सात स्थान ऐसे हैं जहां एक से चार लाख रुपये प्रति वर्गमीटर तक जमीनों के दाम हो गए हैं। साथ ही 1312 स्थानों पर आज से 10 से 50 प्रतिशत और उससे अधिक प्रॉपर्टी महंगी हो जाएगी। जिनके घरों में स्मार्ट मीटर नहीं हैं, क्या उन्हें ये सुविधा नहीं मिलेगी? स्मार्ट मीटर के अलावा सामान्य ग्राहकों पर यह प्रावधान इसलिए नहीं लागू किया गया, क्योंकि उन मीटरों में हर घंटे यूनिट काउंट करने की सुविधा नहीं है। उन मीटरों से यह गिना नहीं जा सकता कि सुबह 9 से 5 … Read more

पश्चिम बंगाल में गैस सिलेंडर फटने से 7 लोगों की मौत, बम बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही थी

कोलकाता पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के पाथर प्रतिमा में सोमवार रात एक घर में गैस सिलेंडर में विस्फोट होने से चार बच्चों और दो महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो गई. पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पथार प्रतिमा प्रखंड के धोलाघाट गांव में रात करीब नौ बजे हुए विस्फोट में एक महिला झुलस भी गई. सुंदरबन पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक कोटेश्वर राव ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘सभी शवों को घर से निकाल लिया गया है. झुलसी महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.'' हादसे की चपेट में आने वाले सभी लोगों के एक ही परिवार से होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि पुलिस को संदेह है कि घर में दो गैस सिलेंडर थे और अंदर रखे पटाखों में आग लगने के बाद आग फैल गई. राव ने कहा, ‘‘स्थिति नियंत्रण में है और बचाव अभियान पूरा हो गया है. इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और जांच जारी है.'' वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि यह भी पता लगाने के लिए जांच की जाएगी कि क्या पटाखों का निर्माण घर के अंदर ही किया गया था. पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में 2 गैस सिलेंडर में ब्लास्ट की जानकारी है। वहीं भाजपा विधायक और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यहां क्रूड बम बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही थी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस प्रशासन घटना को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि SP कोटेश्वर राव ने कहा कि घर में कोई अवैध पटाखा फैक्ट्री नहीं थी। TMC विधायक समीर कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवार का घर से कुछ मीटर की दूरी पर लाइसेंसी पटाखा फैक्ट्री थी। हो सकता है कि घर में पटाखों का कच्चा माल रखा गया हो, जिससे यह हादसा हुआ हो। ब्लास्ट में मरने वालों की पहचान हुई हादसे में मरने वालों की पहचान प्रभावती बनिक (80 वर्ष), अरविंद बनिक (65 वर्ष), स्वांतना बनिक (28 वर्ष), अर्नब बनिक (9 वर्ष), अनुष्का बनिक (6 वर्ष), अस्मिता (6 महीने), अंकित (6 महीने) और सुतापा जाना (मंगलवार सुबह अस्पताल में मौत) के रूप में की गई है। रेस्क्यू काम खत्म, पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने कहा- आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय प्रशासन की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। अब स्थिति कंट्रोल में है। आग पर काबू पा लिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया है। फिलहाल इलाके की घेराबंद की गई है। जांच जारी है। घर में पटाखे का काम चलता था रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे वाले घर में कई सालों से पटाखे बनाने का काम होता था। बनिक परिवार में कुल 11 सदस्य रहते थे। जिनमें से 4 अभी भी लापता हैं। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आग सिलेंडर में विस्फोट के कारण लगी थी।   recent visitors 40

उपमुख्यमंत्री ने जमीन पर बैठकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और आयोजन समिति के सदस्यों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना

रायपुर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अपने कबीरधाम जिला के प्रवास के दौरान ग्राम मदनपुर में आयोजित भागवत गीता महापुराण में शामिल हुए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। धार्मिक आयोजन में भाग लेते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ भक्ति और आध्यात्मिकता का अनुभव किया। उपमुख्यमंत्री ने जमीन पर बैठकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और आयोजन समिति के सदस्यों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला पवित्र मार्गदर्शक है। यह धर्म, कर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस आयोजन के सफल संचालन के लिए समिति और ग्रामवासियों को बधाई देते हुए इसे समाज में संस्कारों और सद्भाव को बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा का आत्मीय स्वागत किया और उनसे अपने क्षेत्र की विभिन्न आवश्यकताओं को लेकर संवाद किया। उनके आगमन से ग्राम में उत्साह और भक्ति का विशेष माहौल बना रहा। recent visitors 39

एक कला, एक नजर, और एक वादा – यह क्षण बना एक प्रेरणा की मिसाल

रायपुर : प्रधानमंत्री की संवेदना से खिला एक पल — एक बेटी की कला को मिला आदर और अपनापन मोहभट्ठा की आमसभा में प्रधानमंत्री मोदी का दिल छू लेने वाला क्षण एक कला, एक नजर, और एक वादा – यह क्षण बना एक प्रेरणा की मिसाल "मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा बेटा…" – मोहभट्ठा की आमसभा में प्रधानमंत्री मोदी का दिल छू लेने वाला क्षण रायपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मोहभट्ठा ग्राम में आयोजित आमसभा और लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान एक ऐसा मानवीय और भावनात्मक पल आया, जिसे सभा में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति ने देखा  और दिल से सराहा। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच से जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उनकी नजर एक बालिका पर पड़ी, जो उनकी पेंटिंग हाथ में उठाकर काफी देर से खड़ी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसकी भावना को समझा, और मंच से ही उन्होंने कहा "वहाँ एक बेटी पेंटिंग बना के लाई हैं, बेचारी कब से हाथ ऊपर रखे खड़ी हैं। मैं ज़रा सिक्योरिटी वालों से कहूंगा। उस बेटी को…  पेंटिंग के पीछे बेटा नाम-पता लिख देना, मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा। जरा इस पेंटिंग को कोई कलेक्ट करके मेरे तक पहुंचा दे। बहुत-बहुत धन्यवाद बेटा, बहुत धन्यवाद।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस आत्मीयता भरी पहल से वहां मौजूद जनता की तालियों की गड़गड़ाहट से सभास्थल गूंज उठा। यह घटना प्रधानमंत्री मोदी की सरलता और संवेदनशील स्वभाव को दर्शाती है, जिससे वे हमेशा जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाए रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये बातें न सिर्फ उस बच्ची के चेहरे पर मुस्कान ले आईं, बल्कि वहाँ मौजूद हजारों लोगों के मन को भी छू गईं।  इस दृश्य ने यह भी दर्शाया कि यदि बच्चे की प्रतिभा को सही समय पर सही व्यक्ति से  सराहना मिले, तो उसके मन में आत्मविश्वास और प्रेरणा के दीप जलते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह छोटा-सा लेकिन भावनाओं से भरा कदम, "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे अभियानों को और भी अधिक मानवीय अर्थ प्रदान करता है। यह प्रतिभा का सम्मान था – और वह सम्मान मिला देश के सर्वोच्च नेता के हाथों से। एक बेटी की कला, एक प्रधानमंत्री की संवेदना – यही है नया भारत। recent visitors 42

नवीन जल संरचनाओं के निर्माण के साथ पुरानी जल संरचनाओं का हो जीर्णोद्धार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जल संवर्धन के साथ उसका संरक्षण आज की महती आवश्यकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल संवर्धन अभियान में अधिक से अधिक हो जन-भागीदारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवीन जल संरचनाओं के निर्माण के साथ पुरानी जल संरचनाओं का हो जीर्णोद्धार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र में जनता ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। जनता को साथ लेकर प्रदेश के चहुँमुखी विकास की ओर हम आगे बढ़ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट निर्माण में भी प्रदेश की जनता को जोड़ते हुए उनसे सुझाव आमंत्रित किये गये। प्रदेश में सभी प्रमुख त्यौहार भी प्रदेशवासियों को साथ लेकर मनाने की शुरूआत की गई है। अब 30 मार्च से प्रारंभ हुए राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान में भी जन-भागीदारी को प्राथमिकता के साथ जोड़ा गया है। जल संकट को दूर करने बारिश के जल को अधिक से अधिक संग्रहण करने 30 मार्च से प्रांत व्यापी “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान की शुरूआत की गई है। यह अभियान 30 जून तक निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ महाकाल की नगरी उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट से किया गया। इसमें राज्यपाल मंगुभाई पटेल और केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का "जल गंगा संवर्धन" महा अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान प्रति दिन छोटी-बड़ी जल संरचनाएं निर्मित कर लोकार्पित की जाएंगी। जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश के भू-जल स्तर में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से मानवता ही नहीं समूची प्रकृति का जीवन अस्तित्व बचाए रखने के लिए पानी की बूंद-बूंद बचाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। राज्य सरकार भी 'खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में' के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि "जल गंगा संवर्धन अभियान" में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि "जल गंगा संवर्धन अभियान", प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।   recent visitors 67

बुस एक काम करे और करे अयोध्या में रामलला के मुफ्त दर्शन

इंदौर  इंदौर में भिक्षावृत्ति की सूचना देने पर जिला प्रशासन की तरफ से इनाम की घोषणा के बाद अब राशन दुकानों पर कालाबाजारी और मिलावट आदि की जानकारी देने वालों को अब अयोध्या के राम मंदिर जाने का मौका मिलेगा. साथ उन्हें वहां रहने और खाने की सुविधा भी दी जाएगी. जबकि नकद पुरस्कार चाहने वालों को 1100 से 2100 रुपये तक दिए जाएंगे. इंदौर नगर निगम परिषद में गरीबी उपशमन विभाग के प्रमुख मनीष शर्मा ने यह घोषणा की है. अब तक 40 से ज्यादा अनाज व्यापारियों के खिलाफ दर्ज की गई है एफआईआर जानकारी के मुताबिक इंदौर में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जरूरतमंद हितग्राहियों को राशन की दुकान से मिलने वाला अनाज खुले बाजार में व्यापारियों को बेच दिया जाता है. इसकी धर पकड़ के लिए अभियान चलाकर अब तक 40 से ज्यादा अनाज व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. इसके अलावा कुछ व्यापारियों के खिलाफ रासुका के तहत भी कार्रवाई की गई है. हालांकि अब भी बड़े पैमाने पर या तो राशन की दुकान संचालक सरकारी अनाज को बेच देते हैं. ऐसे तमाम मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए इंदौर नगर निगम के एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा उर्फ मामा ने ऐसे मामलों की सूचना देने वालों के लिए बाकायदा पुरस्कार देने की घोषणा की है. अयोध्या की फ्री टिकट के साथ ही रहने-खाने की निशुल्क होगी व्यवस्था एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा के मुताबिक "शहर में अब कोई भी राशन माफिया को पकड़ता है या उन्हें अनाज की कालाबाजारी और भ्रष्टाचार की सूचना देता है तो उन्हें अयोध्या जाकर तीर्थ यात्रा करने का फ्री टिकट और रहने-खाने की व्यवस्था की जाएगी. जबकि नकद राशि चाहने वालों को 1100 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा. जबकि बड़े मामलों में पुरस्कार की यह राशि 2100 रुपए होगी." दरअसल यह पहला मामला है जब शहर में राशन माफिया के खिलाफ धरपकड़ और कार्रवाई को लेकर निजी तौर पर किसी पुरस्कार के तौर पर तीर्थ यात्रा करने की घोषणा की गई हो. इसे लेकर मनीष शर्मा का मानना है "सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अनाज लोगों के निजी उपयोग के लिए है लेकिन कई राशन दुकानदार इसे वापस खरीद कर राशन माफिया को बेच देते हैं. बाजार में राशन कार्ड के आधार पर लिया गया चावल 15 से 17 रुपए किलो तक बेच दिया जाता है जो केंद्र सरकार और शासन की गरीबी उपशमन योजना के खिलाफ है." गुजरात महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्यों में जा रहा राशन का अनाज दरअसल इंदौर में बीते कुछ सालों में ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं, जिसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली का गेहूं या चावल शहर में किराए के गोदाम या अन्य स्थानों पर चोरी छुपे रखा गया था. छापेमारी की कार्रवाई में गेहूं और चावल के हजारों कट्टे बरामद हुए हैं. जिसको देखते हुए खाद्य विभाग और जिला प्रशासन ने ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई का फैसला किया है. बीते दिनों अरविंदो कॉलेज के पास एक गोदाम में छापे की कार्रवाई के दौरान एक वाहन और 800 कट्टे बरामद हुए लेकिन कोई उस पर दावा करने नहीं आया. recent visitors 58

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, इन लोगों को मिलेगा 5 लाख की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड

नईदिल्ली नए फाइनेंशियल ईयर में कई ऐसे नियम लागू होंगे, जो बजट में लागू हुए थे। बीते एक फरवरी को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के हित में भी कई बड़े ऐलान किए थे। इनमें से एक ऐलान- किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का है। किसान क्रेडिट कार्ड से लोन की लिमिट को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। किस तरह की जरूरतों के लिए मददगार बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड एक बैंकिंग उत्पाद है जो किसानों को बीज, उर्वरक और कीटनाशक जैसी कृषि वस्तुएं खरीदने में मददगार है। इसके साथ ही फसल उत्पादन और इससे जुड़ी गतिविधियों से संबंधित नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिए समय पर और किफायती क्रेडिट प्रदान करता है। 2019 में केसीसी योजना को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों की कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को कवर करने के लिए विस्तारित किया गया था। बता दें कि चालू किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों के तहत राशि 31 दिसंबर, 2024 तक 10 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई है। इससे 7.72 करोड़ किसानों को फायदा हुआ है। मार्च, 2014 में चालू केसीसी की राशि 4.26 लाख करोड़ रुपये थी। बजट में कटौती बीते एक फरवरी को पेश बजट में सरकार ने कृषि क्षेत्र के बजट में कटौती की थी। केंद्र सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि मंत्रालय का बजट आवंटन 2.75 प्रतिशत घटाकर 1.37 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, इस कमी की भरपाई संबद्ध क्षेत्रों के लिए बढ़े हुए आवंटन से हुई है, जिसमें मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के लिए आवंटन को 37 प्रतिशत बढ़ाकर 7,544 करोड़ रुपये और खाद्य प्रसंस्करण के लिए आवंटन को 56 प्रतिशत बढ़ाकर 4,364 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और खाद्य प्रसंस्करण के लिए कुल बजट आवंटन वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। नई योजनाओं के लिए आवंटन विस्तृत होने के बाद इसके चालू वर्ष के संशोधित अनुमान 1.47 लाख करोड़ रुपये को पार करने की उम्मीद है। recent visitors 46