सहकारिता आंदोलन को आगामी 4 वर्ष में नए मुकाम पर पहुंचाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में पंचायत से लेकर मंत्रालय तक पारदर्शितापूर्ण कार्य शैली के कारण अन्य क्षेत्रों के साथ सहकारी क्षेत्र में समृद्ध हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता का लाभ पहुंचाने के लिये बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय के भाव के अनुसार कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में निश्चित ही नए दौर की नई कहानी लिखेगा। गुजरात में दूध पर बोनस की जिस तरह व्यवस्था है, मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन के लिए काफी बड़ा क्षेत्र है और हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उद्योग क्षेत्र के साथ सहकारिता ने कार्य करने की पहल की है। मध्यप्रदेश में सहकारिता आंदोलन को गति दी जा रही है। अब सहकारिता क्षेत्र में व्यवस्थाएं काफी पारदर्शी हैं और मध्यप्रदेश में सहकारिता के विभिन्न आयामों पर कार्य किया जाएगा। आने वाले चार वर्ष में सहकारिता आंदोलन को नए मुकाम पर पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधारे प्रदेश भर के प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने सहकारिता विभाग में नवनियुक्त सहकारी निरीक्षकों के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग के प्रयासों की सराहना की। भारत में प्रचलित व्यवस्थाओं से सीखते हैं अन्य देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में सहकारिता का इतिहास पुराना है। भारत में वर्षों पूर्व अश्वमेघ यज्ञ की परंपरा रही थी। लेकिन भारत ने किसी राष्ट्र पर कब्जा नहीं किया। छोटे-छोटे राज्यों की स्वायत्तता को खत्म नहीं होने दिया बल्कि उन्हें साथ लेकर कार्य किया और उनके स्वावलंबन को भी जीवंत रखा। सच्चे अर्थों में संयुक्त राष्ट्र संघ की भावना का पालन करने वाला कोई राष्ट्र है तो वह भारत है। जब यह कहा जाता है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: ….तो इसका अर्थ है सभी को परस्पर जोड़ना और अपने लाभ में उन्हें सहभागी बनाना। यह वसुधैव कुटुम्बकम जैसे वेद वाक्य का लघु रूप है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्व में भारत की गरिमा बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सहकारिता के मूल भाव के अनुरूप बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की कल्पना की। इसे साकार करने के लिए सहकारिता का दायित्व केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह को दिया गया। केंद्र सरकार ने सहकारिता में सभी के कल्याण का ध्यान रखा है। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर कार्य हो रहा है। सहकारिता अधिनियम में परिवर्तन के फलस्वरूप सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का कार्य 30 दिन में संभव होगा। पूर्व में यह अवधि 90 दिवस थी। पूर्व की व्यवस्था में अनेक कठिनाईयों को सामना करना होता था। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने की पहल हुई। सहकारिता को उन्होंने बहुउद्देश्यीय और बहुआयामी बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा औद्योगीकरण में सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, सहकारिता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मध्यप्रदेश किसानों, गौ पालकों और मत्स्य पालकों को सहकारी क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ दिलवाकर इस क्षेत्र में शिखर पर पहुंचेगा। सहकारी ध्वजारोहण कर कैलेण्डर, मैन्युअल और परिपत्र पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरूआत में सहकारी ध्वजारोहण कर अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के वार्षिक कैलेंडर, पैक्स कार्य मैन्युअल और सहकारिता में सहकार, पैक्स पुनर्गठन और व्यवसाय संवर्धन के महत्वपूर्ण परिपत्रों की पुस्तिका का विमोचन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माइक्रो एटीएम पखवाड़े का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स, दुग्ध सहकारी संस्थाओं और मत्स्य पालक सहकारी संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किए। इन संस्थाओं में विदिशा, इंदौर और खरगोन की संस्थाएं शामिल हैं। कार्यक्रम को सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता से समृद्धि का मंत्र दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। हाल ही में जीआईएस-भोपाल में नया अध्याय जोड़ा गया जब सीपीपीपी अर्थात को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का विषय सामने आया। सहकारिता विभाग में कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन श्री डी.पी. आहूजा, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महा प्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती एवं बड़ी संख्या में प्रदेश की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला सहकारी बैंक, अपेक्स बैंक, पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों के साथ ही सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। recent visitors 56

आगामी 20 वर्षों तक हर राम जन्मोत्सव पर सूर्य द्वारा भगवान रामलला का तिलक किया जाएगा, दिखेगा अद्धभुत नज़ारा

अयोध्या अयोध्या स्थित राम मंदिर को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें एक बड़ी खबर सामने आई। दरअसल,रामनवमी के अवसर पर भगवान रामलला को स्थाई रूप से सूर्य तिलक किया जाएगा। आगामी 20 वर्षों तक हर राम जन्मोत्सव पर सूर्य द्वारा भगवान रामलला का तिलक किया जाएगा, और यह कार्यक्रम देश-विदेश में प्रसारित किया जाएगा, जिससे यह एक ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन बन जाएगा। राम मंदिर के चारों द्वार पर महापुरुषों के नाम होंगे अंकित राम मंदिर के निर्माण में एक और महत्वपूर्ण पहलू है कि मंदिर के चारों द्वार का नाम उन महापुरुषों के नाम पर रखा जाएगा जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। इस घोषणा की संभावना रामनवमी के दिन की जा सकती है। इसके साथ ही, गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए, राम मंदिर ट्रस्ट अस्थायी तौर पर कैनोपी और मैट की व्यवस्था करेगा, ताकि श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिल सके। राम दरबार की स्थापना और दर्शन व्यवस्था राम मंदिर के प्रथम तल पर जल्द ही राम दरबार की स्थापना की जाएगी। यह कार्य मई के पहले 15 दिनों में शुभ मुहूर्त में पूरा होगा। राम दरबार के दर्शन के लिए विशेष पास जारी किए जाएंगे, जिनके माध्यम से हर घंटे 50 लोग राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। इस प्रकार, प्रतिदिन लगभग 800 लोग राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। निर्माण समिति के अध्यक्ष ने दी जानकारी श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि मंदिर और उसके परिसर के निर्माण कार्य को 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।  हालांकि ऑडिटोरियम का निर्माण 2025 के बाद पूरा होगा। मंदिर के निर्माण में तेजी से प्रगति हो रही है और श्रद्धालुओं को जल्द ही एक भव्य स्थल दर्शन के लिए मिलेगा।     recent visitors 57

आयुष्मान योजना के तहत होना चाहिए था मुफ्त इलाज, लेकिन बाहर से मंगवाए 28 हजार रुपए के इंजेक्शन

भोपाल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के तमाम दावों के बावजूद अस्पतालों की लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला हमीदिया की नई बिल्डिंग में संचालित सुल्तानिया अस्पताल का है, जहां आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद नवजात के परिजनों को महंगे इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़े। नवजात के पिता अशोक प्रजापति के अनुसार, उनकी पत्नी रिंकू प्रजापति ने चार मार्च को सुल्तानिया में बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद नवजात का हृदय काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण उसे आठ दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया। डाॅक्टरों ने बताया कि उसके दिल में छेद है और सर्जरी की आवश्यकता होगी। इसके लिए जेके अस्पताल, एम्स भोपाल, बंसल या रायपुर रेफर करने की बात कही गई। अस्पताल में छह मार्च से इंजेक्शन लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई और 28 हजार रुपये के इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़े, जबकि आयुष्मान योजना के तहत इलाज मुफ्त होना चाहिए था। परिजनों को जबरन इंजेक्शन खरीदने के लिए किया मजबूर पिता अशोक प्रजापति का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने जबरन कागजों पर साइन करवाकर उन्हें महंगे इंजेक्शन बाहर से खरीदने के लिए मजबूर किया। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को बाहर की एंबुलेंस से ले जाने की अनुमति नहीं दी और हमीदिया परिसर की एंबुलेंस से ही ले जाने को कहा गया। हमीदिया से बाहर जाने के लिए एक एंबुलेंस का किराया 2500 रुपये था, जबकि बाहर की एंबुलेंस से मात्र 1000 रुपये में यह सेवा मिल सकती थी। मजबूरी में परिजनों को हमीदिया की एंबुलेंस से ही बच्चे को जेके अस्पताल ले जाना पड़ा। जेके अस्पताल में खुलासा, अधिक इंजेक्शन लगाए गए डिस्चार्ज के बाद अशोक प्रजापति के आयुष्मान कार्ड से 22 हजार रुपये काट लिए गए। जब वे अपने बच्चे को जेके अस्पताल लेकर पहुंचे। तो वहां डाक्टरों ने जांच करने के बाद बताया कि नवजात को केवल चार इंजेक्शन ही लगाने थे, लेकिन सुल्तानिया अस्पताल में सात इंजेक्शन लगाए गए। डाॅक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्जरी की जरूरत तो होगी, लेकिन इसे बाद में भी कराया जा सकता है। स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल समाजसेवी मुकेश रघुवंशी ने बताया कि इस मामले ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयुष्मान योजना के बावजूद मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं। सरकार को इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।   recent visitors 43

आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों पर नकेल कसने के लिए श्रीनगर और गंदेरबल में कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों पर नकेल कसने के लिए कई घरों में छापामारी की जा रही है। श्रीनगर पुलिस और गंदेरबल पुलिस ने यूएपीए के कई मामलों के तहत प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित जांच के सिलसिले में श्रीनगर और गंदेरबल में व्यापक छापेमारी की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामलों की चल रही जांच के तहत श्रीनगर और गंदेरबल में कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली। ये मामले प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित हैं, जिनमें जम्मू और कश्मीर मुस्लिम कॉन्फ्रेंस (भट ग्रुप), जम्मू और कश्मीर मुस्लिम लीग (मसरत आलम ग्रुप) और जम्मू और कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (शब्बीर शाह ग्रुप) शामिल हैं।  इन प्रतिबंधित संगठनों के संदिग्ध सदस्यों के संबंध में और निम्नलिखित मामलों में जांच को आगे बढ़ाने के लिए तलाशी ली गई, यूएपीए की धारा 10, 13 और आईपीसी की धारा 121, 121ए के तहत एफआईआर संख्या 15/2024 पुलिस स्टेशन राजबाग, श्रीनगर में दर्ज है। यूएपीए की धारा 10, 13 के तहत एफआईआर संख्या 04/2024 पुलिस स्टेशन सदर में दर्ज है। यूएपीए की धारा 10, 13 के तहत एफआईआर संख्या 03/2024 पुलिस स्टेशन शहीद गंज में दर्ज है। यह छापेमारी प्रोफेसर अब्दुल गनी भट, बेटे हबीबुल्लाह भट के भट मोहल्ला, बोटिंगू में स्थित आवासों और साथ ही राजबाग के वजीर बाग में उनके श्रीनगर आवास पर की गई। एफआईआर संख्या 04/2024 के संबंध में शब्बीर अहमद शाह के आवास पर भी तलाशी ली गई।  पुलिस ने आगे बताया कि एफआईआर संख्या 03/2024 के संबंध में, श्रीनगर भर में सात स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के संदिग्ध व्यक्तियों को निशाना बनाया गया जैसे मसरत आलम भट, पुत्र अब्दुल मजीद – जनदार मोहल्ला, हब्बा कदल। मुश्ताक अहमद भट (उर्फ गुग्गा), पुत्र गुलाम कादिर – बटमालू। गुलाम नबी वागे, पुत्र अब्दुल सलाम – खानयार। फिरोज अहमद खान, पुत्र अब्दुल गनी – खानयार। मोहम्मद नजीर खान, पुत्र अब्दुल गफ्फार – कुलीपोरा, खानयार। हकीम अब्दुल रशीद, पुत्र गुलाम रसूल – बोटाकदल, लाल बाजार। जावेद अहमद मुंशी (उर्फ बिलपापा), पुत्र गुलाम अहमद – मेथन, चनपोरा। जांच का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र के अवशेषों को नष्ट करना है, ऐसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों की पहचान करके उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। श्रीनगर पुलिस शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया है कि हिंसा, व्यवधान या गैरकानूनी गतिविधियों के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत सख्त कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा। recent visitors 45

योगी आदित्यनाथ के विमान में तकनीकी खराबी की वजह से उड़ान में बाधा, करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

आगरा आगरा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. तकनीकी खराबी के चलते उड़ान के बाद विमान वापस लौट आया. दिल्ली से दूसरा विमान सीएम योगी के लिए बुलाया गया और फिर वह उस विमान से रवाना हुए. बता दें कि सीएम आज आगरा के दौरे पर थे. प्राप्त जानकारी के अनुसारआगरा में टेकऑफ के बाद सीएम योगी के चार्टर्ड प्लेन में तकनीकी खराबी आ गई. उस वक्त उनका प्लेन आसमान में था. पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग खेरिया एयरपोर्ट पर कराई. सीएम योगी का आगरा में कार्यक्रम खत्म होने के बाद उनके राजकीय प्लेन ने बुधवार दोपहर 3.40 बजे उड़ान भरी थी. 20 मिनट बाद प्लेन वापस लौट आया. इसके बाद दिल्ली से शाम 5.42 बजे दूसरा चार्टर प्लेन आया. आगरा एयरपोर्ट लाउंज में इंतजार करते रहे सीएम फिर सीएम लखनऊ के लिए रवाना हुए. लगभग 1.50 घंटे मुख्यमंत्री आगरा एयरपोर्ट लाउंज में इंतजार करते रहे. स्थिति पर नजर रखने के लिए पुलिस आयुक्त (सीपी) और जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. बता दें कि आगरा के कार्यक्रम के बाद सीएम को लखनऊ लौटना था. लखनऊ के लिए उड़ान भरने के बाद सीएम के विमान में खराब आई थी. दूसरे विमान से रवाना हुए सीएम योगी सीएम की यात्रा के लिए दिल्ली से दूसरा विमान भेजा गया. पूरी सुरक्षा जांच के बाद सीएम योगी दूसरे विमान से लखनऊ के लिए रवाना हुए.विलंब के कारण लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आठ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला कार्यक्रम रद्द करना पड़ा. सीएम योगी पहले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आगरा से लखनऊ जा रहे थे. recent visitors 74

महादेव सट्टा एप : छत्तीसगढ़ समेत दिल्ली, कोलकाता और भोपाल सीबीआई ने मारा छापा, कई अहम दस्तावेज जब्त

नई दिल्ली केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने महादेव बुक ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले की जांच में आज केवल छत्तीसगढ़ में ही नहीं बल्कि भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में 60 स्थानों पर छापेमारी की है. इनमें संदेह के दायरे में आए राजनेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों और प्रमुख पदाधिकारियों से जुड़े परिसर शामिल हैं. सीबीआई की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि छापेमारी महादेव बुक के अवैध संचालन से संबंधित है, जो रवि उप्पल और सौरभ चंद्रकर द्वारा प्रचारित एक ऑनलाइन सट्टेबाजी मंच है, जो दोनों वर्तमान में दुबई में स्थित हैं. जांच से पता चला है कि प्रमोटरों ने कथित तौर पर अपने अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के सुचारू और निर्बाध कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए लोक सेवकों को “सुरक्षा धन” के रूप में पर्याप्त मात्रा में भुगतान किया है. प्रारंभ में आर्थिक अपराध विंग (EOW) रायपुर द्वारा पंजीकृत, इस मामले को बाद में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वरिष्ठ सार्वजनिक अधिकारियों और अन्य आरोपी व्यक्तियों की भूमिका की व्यापक जांच के लिए CBI को स्थानांतरित कर दिया गया. डिजिटल और डॉक्यूमेंट्री सबूतों को बढ़ाने वाले खोजों के दौरान पाया गया और जब्त किया गया है. इसके साथ ही खोज जारी है. छत्तीसगढ़ में दो दर्जन ठिकानों पर छापेमारी CBI की टीम ने आज तड़के रायपुर, भिलाई समेत दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की. जिन प्रमुख लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया, विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव, KPS ग्रुप के निशांत त्रिपाठी, पूर्व OSD मनीष बंछोर व आशीष वर्मा, निरीक्षक गिरीश तिवारी समेत अन्य के ठिकानों पर छापे की खबर है. ASP अभिषेक महेश्वरी का घर सील राजनांदगांव के VIP कॉलोनी सन सिटी में स्थित बघेल सरकार में प्रभावशाली अधिकारी रहे अतिरिक्त पुलिस अधिकारी अभिषेक महेश्वरी के घर पर CBI की टीम पहुंची, जहां उनके घर को सील कर दिया गया है. सीबीआई की टीम जब महेश्वरी के घर पहुंची तो वहां वे मौजूद नहीं थे. चैतन्य बघेल से की पूछताछ भिलाई स्थित आवास में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल से टीम पूछताछ कर रही है. वहीं बघेल केंद्रीय सुरक्षा बल की कड़ी निगरानी के बीच परिवार के साथ अपने निवास पर मौजूद हैं. वहीं बघेल सरकार में सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित घर पर सीबीआई की टीम छान-बीन कर रही है. कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज घर से बरामद किए जाने की चर्चा है. जानिए पूरा मामला छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्त 2024 में महादेव बेटिंग एप घोटाले की जांच आधिकारिक तौर पर सीबीआई को सौंप दी थी. ईडी ने पिछले साल जनवरी में इस पूरे मामले की जांच शुरू की थी, जिसके बाद इसका जिम्मा एसीबी और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भी सौंप दिया गया था. इस साल लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले 4 मार्च को एसीबी द्वारा दायर चार्जशीट में भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया था. भूपेश बघेल के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी से संबंधित विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. कई अन्य भी आरोपी बनाए गए थे. recent visitors 47

कोलकाता नाइट राइडर्स ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी का लिया फैसला, सुनील नरेन बाहर

गुवाहाटी आज आईपीएल 2025 का छठा मैच राजस्थान रॉयल्स (आरआर) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच खेला जा रहा। दोनों टीम गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने हैं। केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर राजस्थान को बैटिंग का न्योता दिया है। कोलकाता के ऑलराउंडर सुनील नरेन मैच नहीं खेल रहे हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं हैं। उनकी जगह मोईन अली को मौका मिला है। आरआर और केकेआर को 18वें सीजन के अपने पहले मैच में हार का मुंह देखना पड़ा था। राजस्थान को सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के हाथों 44 रन से शिकस्त मिली जबकि कोलकाता को रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (आरसीबी) ने सात विकेट से मात दी। दोनों टीमों की नजर बुधवार को जीत का खाता खोलने पर होगी। बारसापारा में भी रियान पराग राजस्थान की कमान संभाल रहे हैं। हालांकि, उंगली की सर्जरी से उबर रहे नियमित कप्तान संजू सैमसन खेल रहे हैं। कोलकाता टीम ने जीता टॉस कोलकाता ने राजस्थान के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। आरआर-केकेआर की प्लेइंग इलेनन राजस्थान रॉयल्स की प्लेइंग इलेवन): यशस्वी जयसवाल, संजू सैमसन, नितीश राणा, रियान पराग (कप्तान), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), शिम्रोन हेटमायर, वानिंदु हसरंगा, जोफ्रा आर्चर, महेश थीक्षाना, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेइंग इलेवन): क्विंटन डी कॉक (डब्ल्यू), वेंकटेश अय्यर, अजिंक्य रहाणे (सी), रिंकू सिंह, मोइन अली, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, स्पेंसर जॉनसन, वैभव अरोड़ा, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती   recent visitors 49