भारत सरकार ने रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताया, विदेश मंत्रालय ने USCIRF के एजेंडे पर सवाल उठाए

नई दिल्ली अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने भारत की जासूसी एजेंसी रॉ पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। आयोग ने एक रिपोर्ट पेश की है जिसमें कहा है कि भारत में अल्पसंख्यकों के साथ बुरा व्यवहार होता है। इसके साथ ही भारत को विशेष चिंता वाला देश घोषित करने की भी सिफारिश की है। भारत ने रिपोर्ट को किया खारिज भारत ने इस रिपोर्ट के सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने हाल ही में जारी की गई अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट देखी है, जिसमें एक बार फिर पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित आकलन जारी करने का अपना तरीका जारी रखा गया है।" recent visitors 46

राणा सांगा पर टिप्पणी करने वाले सपा सांसद के घर करणी सेना का हमला, पुलिस के साथ झड़प, मची भगदड़, लाठियां भांजी

लखनऊ राणा सांगा पर विवादित बयान को लेकर सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के घर करणी सेना ने बवाल मचा दिया। इस दौरान पुलिस के साथ भी झड़प हुई। लाठियां भांजी गईं, तो भगदड़ मच गई। इस दौरान पथराव हो गया। अचानक हुए पथराव से पुलिस के पसीने छूट गए। पथराव में इंस्पेक्टर के साथ कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। सूचना मिलते ही अतरिक्त पुलिसबल मौके पर बुला लिया गया। पुलिस ने बल प्रयोग कर बवालियों को खदेड़ा। राणा सांगा पर विवादित बयान देने वाले सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर करणी सेना घेराव करने पहुंची थी। यहां पर पहले ही पुलिस तैनात थी। करणी सेना के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आवास के मुख्य द्वार से प्रवेश करने लगे। इस दौरान पुलिस ने जब रोकने का प्रयास किया, तो वे उग्र हो गए। पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। इस दौरान वहां रखीं कुर्सियां फेंकी गईं। डंडों के साथ तोड़फोड़ कर दी गई। हमले में इंस्पेक्टर घायल हो गए।   सुबह से चल रही थी तैयारी सूचना मिलते ही थाना हरीपर्वत से अतिरिक्त पुलिसबल आ गया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन करने वालों को लाठियां फटकारते हुए खदेड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है। बता दें सांसद से घर पर घेराव की तैयारी सुबह से ही की जा रही थी। एत्मादपुर में करणी सेना से पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए थे। वहां भी पुलिस के द्वारा इन्हें रोका गया था। इस बीच दोपहर को बड़ी संख्या में ये लोग सपा सांसद के हरीपर्वत क्षेत्र स्थित आवास तक पहुंच गए। दिल्ला हाईवे कर दिया जाम राणा सांगा पर सपा के राज्यसभा सांसद द्वारा दिए गए विवादित बयान को लेकर आगरा में हंगामा मचा हुआ है। एक तरफ सांसद के आवास पर हमला बोल दिया गया, तो वहीं दूसरी ओर दिल्ली हाईवे पर करणी सेना ने जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गए। पुलिस के साथ यहां जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने बमुश्किल स्थिति पर काबू पाया।     जानें क्या है पूरा मामल रामजीलाल सुमन ने संसद में कहा था कि अगर मुसलमानों को बाबर का वंशज कहा जाता है, तो हिंदू गद्दार राणा सांगा के वंशज होने चाहिए। हम बाबर की आलोचना करते हैं। लेकिन, हम राणा सांगा की आलोचना क्यों नहीं करते? रामजीलाल के बयान पर जमकर हंगामा हुआ। दरअसल, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा कि भाजपा के लोगों का तकिया कलाम हो गया है कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है। आखिर, बाबर को लाया कौन। इब्राहिम लोधी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा हिंदुस्तान में लाया था। अगर मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो फिर तुम गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। सुमन शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा पर बोल रहे थे। हंगामे के बाद सुमन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सूर्यवंशी राजपूतों के सिसोदिया वंश के राणा सांगा 1508 से 1528 तक मेवाड़ के शासक थे। हर कोई इतिहास के पन्नों को पलट रहा है। भाजपा नेताओं से पूछिए कि वे कौन से पन्ने पलट रहे हैं। वे किस बारे में बहस कर रहे हैं? वे औरंगजेब के बारे में बात करना चाहते हैं।   recent visitors 60

महिला वनडे विश्‍व कप 2025: 8 टीमों के बीच होगी खिताब की जंग, इसका आगाज 29 सितंबर से होगा

नई दिल्ली महिला वनडे विश्‍व कप 2025 का फाइनल मुकाबला मुल्‍लांपुर के महाराज यादवेंद्र सिंह स्‍टेडियम में खेला जाएगा। टूर्नामेंट का आगाज 29 सितंबर से होगा और यह 26 अक्‍टूबर तक खेला जाएगा। इस दौरान 8 टीमों के बीच खिताब के लिए टक्‍कर होगी। महिला वनडे विश्‍व कप 2025 का आयोजन भारत में होगा। सभी मुकाबले विशाखापट्टनम, तिरुवनंतपुरम, रायपुर और इंदौर के साथ-साथ मुल्लांपुर में भी खेले जाएंगे। मुल्लांपुर चंडीगढ़ के पास एक ओपन-एयर स्टेडियम है। इन मैदानों पर अब तक नहीं हुआ कोई मैच मुल्लांपुर, तिरुवनंतपुरम और रायपुर में अभी तक कोई महिला इंटरनेशनल मुकाबला नहीं हुआ है। इंदौर के नेहरू स्टेडियम ने दो महिला वनडे मैच खेले जा चुके हैं। 1997 के विश्‍व कप का एक मैच भी यहीं हुआ था। हालांकि, महिला वनडे विश्‍व कप 2025 का मैच होल्‍कर स्‍टेडियम में होने की संभावना है। विशाखापट्टनम के एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में छह महिला T20I और पांच महिला वनडे मैच खेले जा चुके हैं। इस मैदान पर आखिरी विमंस मैच 214 में हुआ था। 6 टीमें अब तक हो चुकीं तय महिला वनडे विश्‍व कप 2025 के लिए ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका के अलावा मेजबान भारत क्‍वालिफाई कर लिया है। आखिरी दो टीमें महिला विश्‍व कप क्वालिफायर के जरिए तय की जाएंगी। यह 9 अप्रैल से लाहौर में खेले जाएंगे। अगर पाकिस्तान क्वालिफाई करता है, तो विश्‍व कप हाइब्रिड मॉडल में होगा। इसमें पाकिस्तान के मुकाबले यूएई और श्रीलंका में से किसी एक जगह खेले जाने की संभावना है। BCCI और PCB के बीच 2025 के मेंस चैंपियंस ट्रॉफी के लिए एक आपसी समझौता हुआ था। 5वीं बार मेजबानी करने जा रहा भारत बता दें कि भारत पांचवीं बार महिला वनडे विश्‍व कप की मेजबानी करने जा रहा है। भारत ने पिछली बार महिला टूर्नामेंट की मेजबानी 2016 में T20 विश्‍व कप के दौरान की थी। इस दौरान टीम को निराशा हाथ लगी थी। भारतीय टीम ग्रुप स्‍टेज में ही बाहर हो गई थी। महिला वनडे विश्‍व कप 2025 का के फॉर्मेट की बात करें तो यह 2022 के जैसा ही होगा। आगामी टूर्नामेंट में 8 टीमों के बीच 31 मैच खेले जाएंगे। recent visitors 53

बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा – मुसलमान कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे, हम भारत के हैं और भारत हमारा है

मेरठ क्रांतिधरा मेरठ पर बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री के द्वारा 5 दिवसीय हनुमंत कथा की जा रही है। जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री से हनुमंत कथा सुनने के लिए पहुंचे हुए हैं। इस कथा के दौरान बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने ऐलान किया है कि आगामी दिनों में दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा निकालने वाले हैं। खास बात ये रही कि इस दौरान बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कटाक्ष भी किया है। जहां उन्होंने कहा है कि कुछ लोग कहते थे कि 15 मिनट को पुलिस हटा लो तो… जिस पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा ठठरी के बरे न कटा। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की अलख जगाएंगे धीरेंद्र शास्त्री इस दौरान उन्होंने कहा कि ये देश संविधान से चलेगा, ये देश हनुमान से चलेगा। उन्होंने कहा कि इस देश में संतों के एक हाथ में संविधान हो और एक हाथ में पुराण हो। इसीलिए हमने सोचा है कि हिंदू मिट न जाए, हिंदुओं पर धावा ना बोला जाए, बाबर या अकबर महान ना बताया जाए और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाया जाए। इसीलिए अब उन्होंने प्रण लिया है कि वो दिल्ली, मेरठ, बृजवासियों के घर-घर जाएंगे और उन्हें शपथ दिलाएंगे और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की अलख जगाएंगे। इस दौरान बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि हम जितने दिन के हैं सो हैं लेकिन हम सुधरने वाले तो है नहीं। ‘अब भारत को हिंदू राष्ट्र बनाया जाए’ पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमें ना तो नेता बनना है ना किसी पार्टी को वोट दिलवाना है, हम भारत के हैं और भारत हमारा है। उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि अब तुम्हारी बहन बेटियों के ऊपर अत्याचार ना हो, अब रामायण को फिर से ना जलाया जाए, अब संतो को पीटा ना जाए और जब मजहब के नाम पर 1947 में देश आजाद हो गया और एक नया टुकड़ा कट गया था भारत का, तो अब भारत को हिंदू राष्ट्र बनाया जाए। मुस्लिम कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे… इस दौरान उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वो मुसलमान के विरोधी नहीं है बल्कि इस देश को आजाद कराने में मुसलमान ने भी सहयोग दिया है, पर कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे। उन्होंने कहा कि आज सबको उनकी बात अच्छी नहीं लग रही होगी लेकिन कल जब तुम्हारे मकान जलाए जाएंगे, तुम्हारी बहन बेटियों की इज्जत लूटी जाएगी और बांग्लादेशी हिंदुओं जैसा हाल किया जाएगा तब तुम्हें हमारी याद आएगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेशी हिंदुओं से पूछ लो कुछ नहीं बचा, कश्मीरी पंडितों से पूछ लो कुछ नहीं बचा इसलिए देर ना करो। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वो उनके लिए प्रार्थना करें कि वो निरोगी रहें ताकि आने वाले दिनों में भारत को हिंदू राष्ट्र बनता हुआ देख सकें।   recent visitors 52

मोहित कोअब अमेरिका में मिलेगा प्यार और सुरक्षित भविष्य, बच्चे के माता-पिता की तलाश रही विफल

झाबुआ छह महीने पहले पेटलावद, झाबुआ के सरकारी अस्पताल में लावारिस हालत में मिले नाबालिग मोहित (परिवर्तित नाम) को आखिरकार एक नया परिवार मिल गया है। बुधवार को यह मासूम अपने नए माता-पिता के साथ अपना जन्मदिन मनाने वाला है। इस दंपति ने न केवल बच्चे को अपनाया है, बल्कि उसे एक नया जीवन और सुरक्षित भविष्य भी प्रदान किया है। पासपोर्ट की औपचारिकताएं पूरी होते ही यह परिवार अमेरिका रवाना होगा, जहां बच्चे को माता-पिता का भरपूर स्नेह और देखभाल मिलेगी। जन्मजात स्वास्थ्य समस्या बनी परित्याग का कारण यह बच्चा क्लेफ्ट पैलेट (कटे तालू) और क्लेफ्ट लिप (कटे होंठ) जैसी जन्मजात स्वास्थ्य समस्या के साथ पैदा हुआ था। जन्म के दो महीने बाद ही उसके जैविक माता-पिता ने उसे पेटलावद के सरकारी अस्पताल में लावारिस छोड़ दिया। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने उसे इंदौर की संजीवनी सेवा संगम संस्था को सौंप दिया, जहां उसका इलाज किया गया। संस्था ने न केवल उसका समुचित उपचार करवाया, बल्कि उसे स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज उसी संस्था के प्रयासों से इस मासूम को एक नया परिवार मिल पाया है। बच्चे के माता-पिता की तलाश रही विफल संस्था द्वारा लंबे समय तक बच्चे के जैविक माता-पिता को खोजने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। झाबुआ जिले की बाल कल्याण समिति ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संजीवनी सेवा संगम संस्था को बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी। संस्था में कार्यरत महिला केयरटेकर्स ने उसे अपनी संतान की तरह पाला और उसे हर प्रकार की सुविधा और देखभाल प्रदान की। इस दौरान बच्चे की अच्छी परवरिश के साथ-साथ उसके मानसिक और शारीरिक विकास का भी विशेष ध्यान रखा गया। अब अमेरिका में मिलेगा प्यार और सुरक्षित भविष्य संस्था के अथक प्रयासों के कारण अब यह बच्चा एक अमेरिकी दंपति के परिवार का हिस्सा बनने जा रहा है। बुधवार को दंपति बच्चे के साथ अमेरिका के लिए रवाना होगा। वहां उसे प्यार, सुरक्षा और बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे उसका जीवन संवर सकेगा। यह कहानी समाज में परित्यक्त बच्चों के पुनर्वास की एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो दर्शाती है कि यदि सही देखभाल और अवसर मिले तो कोई भी बच्चा उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकता है।   recent visitors 40

बिस्वा सरमा की सरकार ने असम में बिजली की दरों में कटौती करने का लिया फैसला, 1 अप्रैल से लागू होगी नए दरें

नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर बढ़ने लगा है, जिससे बिजली की खपत में वृद्धि की उम्मीद है और आने वाले महीनों में बिजली के बिल में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इस बीच असम सरकार ने राज्यवासियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार ने असम में बिजली की दरों में कटौती करने का फैसला लिया है, जो उपभोक्ताओं के लिए एक सुखद समाचार साबित हो सकता है। सरकार द्वारा घोषित इस कटौती से लोगों को गर्मी के मौसम में बिजली के अधिक बिलों से राहत मिल सकती है। यह निर्णय खासकर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अहम है। 1 अप्रैल से राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में प्रति यूनिट ₹1 की कटौती की जाएगी। इसके अलावा, कृषि, औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में भी बिजली की दरों में ₹0.25 प्रति यूनिट की कमी की जाएगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने लिखा, "1 अप्रैल से सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में ₹1 प्रति यूनिट की कटौती की जाएगी, जिससे गर्मी के मौसम में जरूरी राहत मिलेगी। कृषि, औद्योगिक और वाणिज्यिक शुल्क में भी ₹0.25 प्रति यूनिट की कमी की जाएगी। यह बजट में किया गया वादा पूरा किया गया है।" इस निर्णय को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह नागरिकों को बढ़ते तापमान के कारण होने वाली परेशानियों से कुछ हद तक राहत प्रदान करेगा। इस बीच, असम में पर्यटन क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में जानकारी दी कि पिछले चार वर्षों में राज्य में पर्यटन में शानदार बढ़ोतरी हुई है, और तीन करोड़ से अधिक घरेलू पर्यटक असम की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा, 2021 से अब तक 60,000 से अधिक विदेशी पर्यटक भी असम आए हैं, जो राज्य के पर्यटन स्थलों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। recent visitors 31

RBI ने किया स्पष्ट, छोटे ऋण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं, नए नियम 1 अप्रैल 2025 से बदल जाएंगे

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग – PSL) में ऋण देने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए दिशा-निर्देश 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे। इन बदलावों का उद्देश्य छोटे उधारकर्ताओं को राहत देना और बैंकों को अधिक पारदर्शिता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करना है। आइए जानते हैं नए नियमों के मुख्य बिंदु: छोटे ऋण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं RBI ने स्पष्ट कर दिया है कि 50,000 रुपये तक के छोटे ऋण पर बैंक किसी भी प्रकार का सेवा शुल्क या निरीक्षण शुल्क नहीं लगा सकेंगे। इसका उद्देश्य छोटे उधारकर्ताओं को अनावश्यक वित्तीय बोझ से बचाना है। यह कदम छोटे व्यवसायियों, किसानों और कम आय वाले लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। होम लोन की लिमिट बढ़ाई गई RBI ने प्राथमिकता वाले क्षेत्र के तहत होम लोन की सीमा बढ़ा दी है। नए नियमों के अनुसार:     50 लाख या उससे अधिक आबादी वाले शहरों में अब 50 लाख रुपये तक का होम लोन PSL के तहत आएगा, जो पहले 35 लाख था।          मकान की कीमत 63 लाख रुपये तक हो सकती है, जो पहले 45 लाख रुपये थी।     10 लाख या उससे अधिक आबादी वाले केंद्रों में अब 45 लाख रुपये तक का होम लोन मिलेगा।     10 लाख से कम आबादी वाले क्षेत्रों में 35 लाख रुपये तक का होम लोन PSL के तहत आएगा।     व्यक्तिगत परिवारों के लिए कर्ज सीमा प्रति उधारकर्ता 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। बैंकों को देनी होगी तिमाही और वार्षिक रिपोर्ट नए दिशा-निर्देशों के तहत, बैंकों को अब तिमाही और वार्षिक आधार पर अपने प्राथमिकता वाले ऋणों की विस्तृत जानकारी जमा करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि PSL के तहत दिए गए ऋण सही क्षेत्रों तक पहुंचे और पारदर्शिता बनी रहे। गोल्ड लोन PSL के तहत नहीं आएगा RBI ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बैंकों द्वारा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) से खरीदे गए सोने के आभूषणों के बदले दिए गए ऋणों को प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के रूप में नहीं गिना जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए निर्धारित फंड वास्तव में जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचे, जैसे कृषि, छोटे व्यवसाय और कमजोर वर्ग। प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL) क्या है? प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग RBI की एक नियामक नीति है, जिसके तहत बैंकों को अपने कुल ऋण का एक निश्चित हिस्सा समाज के कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों को देना आवश्यक होता है। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं: छोटे और मध्यम उद्यम निम्न-आय वर्ग के लिए आवासीय ऋण शिक्षा ऋण समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों के लिए ऋण बदलाव से क्या होगा फायदा? छोटे उधारकर्ताओं को राहत: 50,000 रुपये तक के लोन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। घर खरीदना हुआ आसान: होम लोन की सीमा बढ़ने से मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी।     पारदर्शिता बढ़ेगी: बैंकों को तिमाही और वार्षिक डेटा देना होगा, जिससे PSL का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।     गोल्ड लोन PSL के तहत नहीं: इससे प्राथमिकता क्षेत्र के लिए आवंटित फंड सही जगह पर पहुंचेगा।   recent visitors 64