मुस्कान का परिवार केस लड़ने को तैयार नहीं है ऐसे में सरकारी वकील के लिए न्यायालय को लिखा पत्र, जेलर से लगाई गुहार

नई दिल्ली दिल दहला देने वाले हत्याकांड के बाद आरोपी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी के दिन अब जेल में कट रहे हैं। बताया गया कि जेल में भी वे नशे के लिए तड़पते रहे। वे खाना भी नहीं खा रहे हैं। वहीं जेल प्रशासन ने नशा छुड़वाने के लिए दवाइयों और काउंसलिंग का सहारा लिया है। सीनियर जेल सुपरिंटेंडेंट वीरेश राज शर्मा ने बताया कि उन्हें अलग-अलग बैरक में रखा गया है। उन्होंने कहा कि मुस्कान का परिवार केस लड़ने को तैयार नहीं है ऐसे में सरकारी वकील के लिए न्यायालय को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया, तीन दिन पहले मुस्कान और साहिल को जेल में लाया गया था।आते ही वे कहने लगे कि उन्हें पास की बैरक में रखा जाए। हालांकि साफ तौर पर बता दिया गया था कि जेल में जो व्यवस्था है उसके मुताबिक पुरुष और महिला बैरक का कोई कॉन्टैक्ट नहीं होता है। ऐसे में दोनों को अलग-अलग रखा गया है। जब भी कोई बंदी आता है तो उसका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाता है। पाया गया कि वे नशे के आदी हैं। कारागर मे नशा नहीं मिल सकता। उन्हें दवाई दी जा रही है। नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से उनकी काउंसलिंग हो रही है और योग, मेडिटेशन में लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा, हमारा प्रयास है कि आम कैदी उनसे दूर रहें और बार-बार उनके केस के बारे में ना पूछें। उन्होंने बताया, मुस्कान ने मिलने की इच्छा जाहिर की थी। मैंने उसे बुलाया तो उसने कहा कि घर वाले उससे नाराज हैं। वे केस नहीं लड़ेंगे। ऐसे में उसे सरकारी वकील दिलाया जाए। इसको लेकर एक पत्र न्यायालय को भेजा जा रहा है। कैदी का अधिकार है कि उसे वकील मिले और इसके लिए कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा, उन लोगों को जेल का सिस्टम पता नहीं था। महिला और पुरुष के बैरक आधा किलोमीटर दूर हैं। उन्हें समझा दिया गया तो वे मान गए। उन्होंने कहा, वे ड्रग्स की डिमांड तो नहीं कर रहे थे। हालांकि डॉक्टरों ने जानकारी दी कि वे नशा करते हैं। जो लोग ज्यादा समय से नशा ले रहे होते हैं उन्हें दवाई दी जाती है। धीरे-धीरे उनमें सुधार हो रहा है। 10 से 15 दिन में उनकी नशे की आदत छूट जाएगी। उन्होंने कहा कि साहिल ने अभी सरकारी वकील को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। उनका कहा था कि घर वाले केस लड़ेंगे और अगर नहीं लड़ेंगे तो बताया जाएगा। जेल की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा, न्यायालय की प्रक्रिया और हाई प्रोफाइल केस के बारे में ज्यादा कुछ तो नहीं कहा जा सकता लेकिन सीसीटीवी, जेलरों ओर मैं खुद सुरक्षा का पूरा ध्यान रख रहे हैं। आम कैदियों से कहा गया है कि केस के बारे में उन्हें बार-बार याद ना दिलवाएं। वे अन्य कैदियों के साथ हैं लेकिन ज्यादा बातचीत ना करने के निर्देश दिया गया है। बता दें कि मुस्कान के माता-पिता ने पहले ही कहा था कि सौरभ अच्छा पति था लेकिन उनकी बेटी ही गलत थी। सौरभ मर्चेंट नेवी में अधिकारी थे। पिछले दो साल से वह लंदन में थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक लंदन से वापस आने के बाद उन्हें मुस्कान और साहिल के अफेयर के बारे में पता चल गया था। इसके बाद मुस्कान और साहिल ने मिलकर उनकी हत्या का प्लान बना डाला। मुस्कान ने सौरभ की हत्या कर शव के टुकड़े ड्रम में छिपा दिए और खुद साहिल के साथ घूमने शिमला चली गई। लगभग 13 दिन बाद पता चला कि ड्रम में सौरभ की लाश है। इसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया गया है। recent visitors 25

ईशान किशन के शतक से हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को दिया 287 का टारगेट, टूर्नामेंट का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर

हैदराबाद हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में एक हाई-स्कोरिंग गेम की उम्मीद है। इस मैच में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। ईशान किशन ने नाबाद 106 रन की पारी खेली। ट्रेविस हेड ने 67 रन की पारी खेली। राजस्थान की तरफ से तीन गेंदबाजों ने 50 या उससे ज्यादा रन दिये। हैदराबाद ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 286 रन बना दिए हैं। राजस्थान को जीत के लिए 287 रन बनाने हैं। ईशान किशन का शतक ईशान किशन ने 45 गेंद पर 10 चौके और 6 छक्कों की मदद से अपना शतक पूरा किया। हैदराबाद ने टूर्नामेंट का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बना दिया है। हैदराबाद ने 279 रन बना दिए हैं। किशन 100 रन बनाकर नाबाद हैं। recent visitors 45

भाजपा विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, सुशांत सिंह राजपूत को नहीं मिला न्याय

मुंबई बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की 2020 में हुई मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार को अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। इसके बाद से सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा विधायक राम कदम ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राम कदम ने कहा कि ठाकरे सरकार ने सुशांत के मामले में जानबूझकर लापरवाही बरती और बिहार पुलिस को मुंबई में जांच करने से रोका था। राम कदम ने एक वीडियो संदेश में कहा, "जब पूरे देश ने सुशांत सिंह राजपूत के मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की, तब उद्धव ठाकरे सरकार ने जानबूझकर लापरवाही दिखाई। जब बिहार पुलिस मुंबई में जांच करने आई तो उन्हें रोका गया। ऐसा क्यों किया गया? उद्धव ठाकरे सरकार के लोगों को बचाने के लिए सभी सबूत नष्ट कर दिए गए। सुशांत के घर का फर्नीचर हटा लिया गया। उसे पेंट किया गया और फिर वापस उसके असली मालिक को लौटा दिया गया।" इसके साथ ही राम कदम ने यह भी आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे की सरकार ने सुशांत सिंह राजपूत के परिवार को न्याय दिलाने में अड़चन डाली। उन्होंने कहा, "अगर उद्धव ठाकरे ने सही समय पर इस मामले को सीबीआई के हवाले किया होता तो सुशांत के परिवार को निश्चित रूप से न्याय मिलता। अगर आज उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है तो इसके लिए उद्धव ठाकरे सरकार जिम्मेदार है।" सीबीआई ने शनिवार को मुंबई कोर्ट में सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। यह रिपोर्ट सुशांत की मौत के लगभग पांच साल बाद दाखिल की गई है। सीबीआई की रिपोर्ट में यह कहा गया कि सुशांत की मौत आत्महत्या के रूप में दर्ज की गई थी और इसमें किसी भी तरह की साजिश या हत्या का आरोप नहीं पाया गया है। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत का शव 14 जून, 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित उनके फ्लैट से बरामद हुआ था। उनकी मौत के बाद पूरे देश में उथल-पुथल मच गई थी और मामले की जांच के लिए सीबीआई को सौंपने की मांग उठने लगी थी। सुशांत के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण "आस्फीक्सिया" बताया गया था, जो कि सांस न लेने के कारण होता है। दिशा सालियान की मौत का मामला भी गरमाया इस बीच, सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में भी हलचल तेज हो गई है। दिशा की मृत्यु 8 जून, 2020 को हुई थी, यानी सुशांत की मौत से छह दिन पहले। दिशा के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की मौत की पुनः जांच की मांग की है और आदित्य ठाकरे सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी अपील की है। दिशा की मौत की परिस्थितियां भी संदिग्ध बताई जाती रही हैं और इसे सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जोड़ा गया है। अब सतीश सालियान की याचिका के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। recent visitors 31

भारतीय संविधान में धर्म आधारित आरक्षण को स्वीकार नहीं किया गया था: आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसाबले

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने मुस्लिमों को ठेकेदारी में 4 प्रतिशत आरक्षण देने के कर्नाटक सरकार के फैसले का विरोध किया है। आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसाबले ने कहा कि भारतीय संविधान में धर्म आधारित आरक्षण को स्वीकार नहीं किया गया था, जिसे बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने तैयार किया था। इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने शनिवार को अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित प्रस्ताव पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधि सभा में संगठनात्मक कार्यों का विश्लेषण, विकास, प्रभाव और समाज परिवर्तन पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि संघ ने गत 100 वर्षों में कार्य के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। संघ की यात्रा के बारे में जानकारी दी और एक शाखा से लेकर पूरे देश में क्रमिक विस्तार की जानकारी रखी। उन्होंने कहा कि संघ का लक्ष्य 'सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापी' होना है, जो समाज और राष्ट्र के सभी पहलुओं को स्पर्श करे। संघ आज देश के 134 प्रमुख संस्थानों (premiere institutions) में मौजूद है और आने वाले वर्षों में सभी संस्थानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। बांग्लादेश में हिन्दुओं के उत्पीड़न पर प्रस्ताव अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में पारित 'बांग्लादेश के हिन्दू समाज के साथ एकजुटता से खड़े होने का आह्वान' शीर्षक वाले प्रस्ताव पर कहा कि संघ बांग्लादेश में कट्टरपंथी इस्लामी तत्वों के हाथों हिन्दुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हो रही हिंसा, उत्पीड़न और लक्षित उत्पीड़न पर गहरी चिंता व्यक्त करता है। बांग्लादेश की स्थिति पर अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि धार्मिक संस्थानों पर व्यवस्थित हमलों, क्रूर हत्याओं, जबरन धर्मांतरण और हिन्दुओं की संपत्तियों को नष्ट करने के चक्र ने बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय के लिए अस्तित्व का संकट पैदा कर दिया है। प्रस्ताव में धार्मिक असहिष्णुता और मानवाधिकारों के उल्लंघन के इन कृत्यों की कड़ी निंदा की गई है और वैश्विक समुदाय से निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। बांग्लादेश में हिन्दुओं पर लगातार अत्याचार अरुण कुमार ने कहा कि मठों, मंदिरों पर हमले, देवी-देवताओं की अपवित्रता, संपत्तियों की लूट और जबरन धर्म परिवर्तन निंदनीय है, लेकिन संस्थागत उदासीनता और सरकारी निष्क्रियता के कारण अपराधियों का हौसला बढ़ गया है। बांग्लादेश में हिन्दू आबादी में लगातार गिरावट पर अरुण जी ने कहा कि 1951 में 22% से घटकर आज केवल 7.95% रह गई है, यह संकट की गंभीरता को दर्शाता है। हिन्दुओं का ऐतिहासिक उत्पीड़न, विशेष रूप से अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के बीच, एक सतत मुद्दा बना हुआ है। हालांकि, पिछले साल संगठित हिंसा का स्तर और सरकार की निष्क्रियता चिंताजनक है। recent visitors 27

भोपाल में अखिल भारतीय विजयवर्गीय समाज द्वारा होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन

All India Vijayvargiya Samaj organized a grand Holi Milan function in Bhopal भोपाल ( ब्यूरो रिपोर्ट )। राजधानी भोपाल के पीपल्स मॉल में अखिल भारतीय विजयवर्गीय समाज द्वारा होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समाज के अध्यक्ष राहुल विजयवर्गीय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखना है।   फूलों से खेली गई होली इस बार होली पारंपरिक रंगों की बजाय फूलों से खेली गई, जिससे यह आयोजन और भी खास बन गया। फूलों से होली खेलकर समाज ने पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। चारों ओर रंग-बिरंगे फूलों की वर्षा से वातावरण उल्लासपूर्ण और मनमोहक बन गया।   समाज के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति इस कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ नागरिकों, गणमान्य व्यक्तियों और परिवारों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने की भावना के साथ एक-दूसरे को बधाइयाँ दीं। समारोह में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।   सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और पारंपरिक संगीत कार्यक्रम के दौरान समाज के युवाओं और बच्चों ने संगीत, नृत्य और कविता पाठ जैसी प्रस्तुतियाँ दीं। पारंपरिक फाग गीतों ने होली के रंग में और अधिक उत्साह भर दिया।   समाज को एकजुट करने की पहल समाज के अध्यक्ष राहुल विजयवर्गीय ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज के लोगों को एक-दूसरे के करीब आने और अपने पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने का अवसर मिलता है। विजयवर्गीय समाज समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिससे समाज के सदस्यों में आपसी सौहार्द और सहयोग बढ़े।  अखिल भारतीय विजयवर्गीय समाज द्वारा आयोजित यह होली मिलन समारोह न केवल उत्सव का प्रतीक था बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने की एक महत्वपूर्ण पहल भी थी। फूलों से खेली गई यह होली, पर्यावरण संरक्षण और समाज में प्रेम और भाईचारे का प्रतीक बनी। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं और भविष्य में इसी तरह के आयोजन करने की प्रतिबद्धता जताई। recent visitors 83

उत्साह व उमंग के साथ दौड़ा भोपाल का सिंधी समाज, 2000 से अधिक लोग हुए शामिल

Bhopal’s Sindhi community ran with enthusiasm and excitement, more than 2000 people participated भोपाल (सुशील दामले)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पहली बार सिंधी समाज की सबसे अग्रणी संस्था सिंधी मेला समिति द्वारा सिंधी मैराथन का आयोजन किया गया। रविवार 23 मार्च को इस मैराथन में करीब 2000 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुये, लोगों का उत्साह सड़कों पर देखते ही बना, भोपाल के लालघाटी स्थित सन् सिटी  गार्डन से शुरू हुई सिंधी मैराथन लालघाटी चौराहे से लेकर वीआईपी रोड होते हुये रनर्स वापस सनसिटी गार्डन फिनिश लाइन तक पहुंचें। मैराथन में रनर्स को मार्गदर्शन देने के लिए साईकिल पर सवार वॉलेंटियर्स रास्ता गाइड करते हुए चल रहे थे। सनसिटी से सुबह 7 बजे मैराथन शुरू हुई जिसे भाजपा के विधायक भगवानदास सबनानी व विश्व विजेता व अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पद्मश्री, पद्मभूषण प्राप्त पंकज आडवाणी, मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष मनोहर ममतानी जी ने भगवान झूलेलाल की पूजन करके इस सिंधी मैराथन को हरि झाड़ी दिखाकर किया रवाना किया। साथ ही भोपाल के सिन्धी समाज के वरिष्ठ जन जयकिशन लालचंदानी, किशोर तनवानी, जी सी केवलरामानी आदि उपस्थित हुए।  इस  अवसर पर सबनानी ने कहा कि सिंधी मेला समिति द्वारा आज शहीद हेमू कालानी जी के जन्म दिवस पर इस नई पहल को सिंधी मैराथन के नाम से शुरू किया यह अपने आप में सिंधी मेला समिति के लिए गौरव का विषय है, आज यहाँ इतनी बड़ी तादाद में सिंधी समाज के युवाओं, महिलाओं व बच्चों ने इतने उत्साह से भाग लिया है जो कबीले तारीफ़ है। इस अवसर पर पंकज आडवाणी ने कहा कि इस तरह के आयोजन से समाज में खेल के प्रति जागरुकता बढ़ती है, साथ ही समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी, महासचिव नरेश तलरेजा और टीम को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी। सिंधी मैराथन में प्रथम, द्वितीय और तृतीय आने वाले रनर्स को शील्ड व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जोश भर देने डी.जे कपिल सचदेवा के म्यूजिक से हुआ, इस दौरान विशाल फ़िटनेस व मुस्कान फिटनेस वर्कशॉप का भी फुल ऑन बॉडी में एनर्जी भर देना वाले जुम्बा सेशन का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जुम्बा वर्कशप को लेकर बच्चों में भी उत्साह देखने को मिला। छोटे—छोटे बच्चे भी नाचते गाते इंजॉय करते दिखे। कार्यक्रम के संयोजक कपिल भाटिया और सह संयोजक राम आसुदानी के साथ समिति के  50 से ज्यादा वालंटियर्स सीमा सबनानी, माया पंजवानी, कविता इसरानी, भारती ठाकुर,शकुन देवरख्यानी, मीना भागचंदानी, किरण बत्रा, पूजा भाटिया, भावना जगवानी, सिया आसुदानी, दिव्या दरयानी, रेखा कमल, दीपक राजानी, मोहित शेवानी, रवि आनंद, कविता चांदवानी, कमलेश चांदवानी, सुनील किंगरानी, सुनील मंगवानी, करन भागचंदानी, परमवीर चावला, हरीश मेंघानी,मोहित शेवानी आदि की लगातार मेहनत के कारण कार्यक्रम ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। recent visitors 89

आज आईपीएल का दूसरा मैच सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा, कौन करेगा पहला वार?

नई दिल्ली आज आईपीएल 2025 का दूसरा मैच सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा। यह मैच हैदराबाद में खेला जाएगा। जहां इस मैच में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी रियान पराग के हाथों में होगी। वहीं, हैदराबाद के लिए पैट कमिंस यह भूमिका निभाएंगे। वैसे अपनी मजबूत बल्लेबाजी और विस्फोटक अंदाज के चलते हैदराबाद इस मैच में फेवरिट होगी। लेकिन राजस्थान को भी कम आंकना गलत होगा। पिच और मौसम का मिजाज कैसा हैदराबाद में पिछले आईपीएल सीजन में रनों की खूब बारिश हुई थी। यहां औसत रन रेट 10.54 था। यहां तक कि हैदराबाद की टीम ने एलएसजी के खिलाफ 166 रनों का स्कोर मात्र 10 ओवरों में ही हासिल कर लिया था। आज हैदराबाद में मौसम गर्म रहने का अनुमान है और बारिश के बिल्कुल भी आसार नहीं है। ऐसे में एक बार फिर हाई स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकता है। अबकी बार 300 पार? सनराइजर्स हैदराबाद की टीम जब मैदान में होती है तो बड़े स्कोर की उम्मीद अपने आप बढ़ जाती है। इस साल भी उनके पास धाकड़ बल्लेबाजों की फौज है। इसमें ट्रेविस हेड से लेकर अभिषेक शर्मा और हेनरिक क्लासेन जैसे बड़े नाम हैं। ऐसे में एसआरएच फैन्स को उम्मीद रहेगी कि अबकी बार स्कोर 300 के पार पहुंच जाए। संजू की खलेगी कमी राजस्थान को अपने कप्तान संजू सैमसन की भी कमी खलेगी जो उंगली में चोट के कारण विकेटकीपिंग और क्षेत्ररक्षण नहीं कर पाएंगे। ऐसे में वह इंपैक्ट प्लेयर के रूप में उतर सकते हैं। ऐसे में मैदान पर रणनीति बनाने में उनकी कमी टीम को खलेगी जरूर। राजस्थान के गेंदबाजों की परीक्षा सनराइजर्स के पास दुनिया के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं। इनमें ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, इशान किशन और हेनरिक क्लासेन शामिल हैं जो किसी भी तरह के आक्रमण की बखिया उधेड़ सकते हैं। यहां पर राजस्थान के गेंदबाजों की खूब परीक्षा होगी। रियान पराग दिखा पाएंगे दम? रियान पराग आईपीएल के पहले तीन मैचों में राजस्थान के कप्तान की भूमिका निभाएंगे। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि वह इस भूमिका में कितना खरे उतर पाते हैं। पिछले सीजन में रियान पराग की बल्लेबाजी का नया रूप दिखा था। इसके बाद वह टीम इंडिया तक पहुंचे। अब इस सीजन में एक नई चुनौती सामने होगी। recent visitors 50