देश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता पिछले एक दशक में 48 प्रतिशत बढ़ी है: राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल

नई दिल्ली भारत का दूध उत्पादन पिछले 10 वर्षों में 63.56 प्रतिशत बढ़कर 2014-15 में 146.3 मिलियन टन से 2023-24 के दौरान 239.2 मिलियन टन हो गया है, जिसकी वार्षिक वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत है। जबकि विश्व दूध उत्पादन 2 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बढ़ रहा है। यह जानकारी मंगलवार को संसद में दी गई। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा, "देश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता पिछले एक दशक में 48 प्रतिशत बढ़ी है, जो वर्ष 2023-24 के दौरान 471 ग्राम/व्यक्ति/दिन से भी अधिक है, जबकि विश्व में प्रति व्यक्ति उपलब्धता 322 ग्राम/व्यक्ति/दिन है। भारत 1998 से दूध उत्पादन में पहले स्थान पर है और अब वैश्विक दूध उत्पादन में 25 प्रतिशत का योगदान देता है। राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि केंद्र के राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) को पूरे देश में लागू किया जा रहा है, ताकि राज्य सरकारों द्वारा दूध उत्पादन और दूध प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए किए गए प्रयासों को सफल किया जा सके। एनपीडीडी का घटक 'ए' डेयरी क्षेत्र में राज्य सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों के लिए क्वालिटी मिल्क टेस्टिंग इक्विपमेंट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण और मजबूती पर केंद्रित है। 'सहकारिता के माध्यम से डेयरी' योजना के घटक 'बी' का उद्देश्य संगठित बाजारों तक किसानों की पहुंच बढ़ाकर, डेयरी प्रोसेसिंग सुविधाओं और मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के साथ ही उत्पादक-स्वामित्व वाली संस्थाओं की क्षमता बढ़ाकर दूध और डेयरी उत्पादों की बिक्री बढ़ाना है। उन्होंने आगे बताया कि पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ) का क्रियान्वयन व्यक्तिगत उद्यमियों, डेयरी सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों, निजी फर्मों, एमएसएमई और धारा 8 कंपनियों द्वारा पशुपालन क्षेत्र में प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के लिए निवेश हेतु स्थापित पात्र परियोजनाओं की फंडिंग के लिए किया जा रहा है। इस योजना के तहत डेयरी प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन इंफ्रास्ट्रक्चर, पशु आहार विनिर्माण संयंत्र, नस्ल सुधार टेक्नोलॉजी और ब्रीड मल्टीप्लिकेशन फार्म, पशु अपशिष्ट से धन प्रबंधन (कृषि अपशिष्ट प्रबंधन) और पशु चिकित्सा टीका और औषधि उत्पादन सुविधाओं की स्थापना के लिए ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं। गोजातीय पशुओं के दूध उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए सरकार देशी नस्लों के विकास और संरक्षण के लिए 'राष्ट्रीय गोकुल मिशन' को क्रियान्वित कर रही है। नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (एनएलएम) की शुरुआत उद्यमिता विकास और मुर्गी पालन, भेड़, बकरी और सुअर पालन में नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान देने के लिए की गई है। इसके तहत उद्यमिता विकास के लिए व्यक्ति, एफपीओ, एसएचजी, सेक्शन 8 कंपनियों और नस्ल सुधार के लिए राज्य सरकार को प्रोत्साहन दिया जाएगा।   recent visitors 62

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया जनसंपर्क विभाग के मोबाइल ऐप का लोकार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में जनसंपर्क विभाग द्वारा विकसित मोबाइल ऐप का लोकार्पण किया। इस ऐप से प्रदेशवासियों को सरकार की नीतियों, योजनाओं और महत्वपूर्ण समाचारों की त्वरित व सटीक जानकारी सीधे मोबाइल पर ही प्राप्त हो सकेगी। मोबाइल ऐप पर समाचार, फोटो गैलरी, वीडियो गैलरी, मंत्री परिषद के निर्णय, आलेख, विभिन्न विभागों की वेबसाइट के लिंक, जिलों के समाचार तथा मंत्रिमंडल के सदस्यों, कमिश्नर और कलेक्टर की सूची आसानी से प्राप्त हो सकेगी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, संचालक जनसम्पर्क श्री अंशुल गुप्ता तथा सोशल मीडिया विशेषज्ञ उपस्थित थे। आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. खाड़े ने अवगत कराया कि जनसम्पर्क विभाग के पोर्टल mpinfo.org का Android Based मोबाइल ऐप तैयार किया गया है। मोबाइल ऐप में मुख्यमंत्री के लाइव कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण देखा जा सकेगा। मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगण से जुड़े समाचार सिंगल क्लिक पर ऐप में उपलब्ध होंगे। ऐप पर स्क्रीन रीडर की भी सुविधा दी गई है, जिससे यूजर आसानी से समाचार सुन सकेंगे। उन्होंने बताया कि ऐप में वॉइस सर्च की सुविधा दी गई हे, जिससे यूजर आसानी से आवश्यकता अनुसार कंटेंट सर्च कर सकते हैं। ऐप पर व्हाट्सऐप एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर करने की लिंक भी दी गई है, इससे सुगमता से कंटेट को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर किया जा सकेगा। मोबाइल ऐप पर पुश नोटिफिकेशन की सुविधा भी दी गई है, इसके माध्यम से समाचार को सभी यूजर्स तक पुश किया जा सकता है। recent visitors 70

निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दी जानकारी, नया इनकम टैक्स बिल संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा

नई दिल्ली नया इनकम टैक्स बिल संसद के अगले सत्र यानी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। यह जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में दी। नया इनकम टैक्स बिल-2025 छह दशक पुराने इनकम टैक्स एक्ट-1961 का स्थान लेगा। यह प्रत्यक्ष कर कानूनों को सरल बनाएगा, अस्पष्टताएं दूर करेगा और कर विवादों को कम करेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सरलीकरण की प्रक्रिया तीन मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें स्पष्टता के लिए पाठ्य और संरचनात्मक सरलीकरण, निश्चितता और निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए कर नीति में कोई भी बदलाव नहीं और करदाताओं के लिए पूर्वानुमान को बनाए रखने के लिए कर दरों में कोई संशोधन नहीं शामिल हैं। ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस पर आधारित, इस बिल का उद्देश्य कर नियमों में स्पष्टता प्रदान करके व्यापार में आसानी लाना है। नए इनकम टैक्स बिल में शब्दों की संख्या को घटाकर 2,59,676 कर दिया गया है। यह आंकड़ा पुराने इनकम टैक्स बिल में 5,12,535 पर था। आधिकारिक सरकारी बयान में कहा गया कि नए इनकम टैक्स बिल में चैप्टर्स की संख्या को घटाकर 23 कर दिया गया है, जबकि पुराने इनकम टैक्स बिल में यह संख्या 47 थी। इसके अलावा सेक्शंस की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए इनकम टैक्स बिल-2025 से देश में टैक्स सिस्टम अधिक पारदर्शी होगा और इसके साथ ही इससे करदाताओं का विश्वास बढ़ेगा। भारत में केपीएमजी के पार्टनर, टैक्स, हिमांशु पारेख ने कहा कि नए बिल का एक अच्छा पहलू यह है कि इसमें तालिकाओं और सूत्रों का रणनीतिक उपयोग किया गया है, जो प्रावधानों की व्याख्या को सरल बनाने में मदद करेगा। विधेयक का उद्देश्य करदाताओं की निश्चितता को बढ़ाते हुए विवादों और मुकदमेबाजी को कम करना है। डेलॉयट इंडिया के पार्टनर रोहिंटन सिधवा के अनुसार, यह सुधार भारत के टैक्स स्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने, अधिक स्पष्टता और दक्षता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। recent visitors 45

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सेवाधाम में बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन, बच्चों ने मुख्यमंत्री को जन्म दिवस की दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में अंबोदिया के अंकित ग्राम सेवा धाम आश्रम पहुंच कर आश्रम के बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को उपहार भी दिए। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवाधाम आश्रम पहुंचकर बच्चों से भेंट की गई। उन्होंने आश्रम में  फिजियोथैरेपी सेंटर और बालिका गृह का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने आश्रम में माँ करुणालय और अंकित ग्राम सतगुरु ग्रामीण पर्यटन केंद्र का शिलान्यास भी किया। सेवाधाम आश्रम सेवा का मंदिर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवाधाम आश्रम एक यज्ञ स्थल है। यहां पर प्रतिदिन समाज सेवा के रूप में आहुतियां दी जाती हैं। वे शुरू से यहां समय-समय पर आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंबोदिया पंचक्रोशी यात्रा का पड़ाव स्थल भी है। माँ करुणालय में शासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। सेवाधाम आश्रम में संवेदना है, सहयोग है, समर्पण है, प्रेम है। प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, विधायक घट्टिया श्री सतीश मालवीय, संस्थाध्यक्ष सेवाधाम आश्रम डॉ. ऋषि मोहन भटनागर, , श्री विनोद अग्रवाल (उद्योगपति), श्री राधेश्याम शर्मा 'गुरुजी' एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। recent visitors 46

दिल्ली को दिया ‘हवा-हवाई’ बजट, पूरी तरह से आधारहीन है और इससे जनता को कोई फायदा नहीं होने वाला है : आतिशी

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली सरकार द्वारा पेश बजट को ‘हवा-हवाई’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से आधारहीन है और इससे जनता को कोई फायदा नहीं होने वाला है। आतिशी ने सवाल उठाया कि आखिर बीजेपी सरकार ने इस बार आर्थिक सर्वेक्षण क्यों नहीं पेश किया। उन्होंने कहा, “आज मालूम हो रहा है कि सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण क्यों पेश नहीं किया। अगर सरकार सर्वे पेश करती, तो उसके इस फ़र्ज़ी बजट की पोल खुल जाती। मैं भाजपा सरकार को चुनौती देती हूं कि वह आर्थिक सर्वेक्षण को सदन के पटल पर रखे, जिससे सच सामने आ जाएगा और उनके झूठ का पर्दाफाश हो जाएगा।” "आप" नेता ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए बजट आवंटन पर भी बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस बार शिक्षा बजट में 20 प्रतिशत से भी कम आवंटन किया है, जो दर्शाता है कि बीजेपी सरकार दिल्ली के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के मॉडल को खत्म करने की साजिश रच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर शिक्षा क्षेत्र की अनदेखी कर रही है और सरकारी स्कूलों की बेहतरी के लिए किए गए प्रयासों को खत्म करने पर तुली हुई है। "आप" सरकार के कार्यकाल में दिल्ली के सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार हुआ था, लेकिन अब बीजेपी सरकार उसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए आतिशी ने कहा कि बीजेपी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को तबाह करने की साजिश रची है। उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार ने इस बार बजट में हेल्थ सेक्टर को मात्र 13 प्रतिशत आवंटन दिया है। इससे साफ है कि बीजेपी सरकार मुफ्त इलाज और दवाओं की सुविधा को खत्म करना चाहती है।” उन्होंने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक और सरकारी अस्पतालों के माध्यम से मुफ्त इलाज और दवाओं की व्यवस्था की थी, जिससे लाखों गरीब लोगों को फायदा हुआ। लेकिन अब बीजेपी सरकार इसे खत्म करने पर तुली हुई है। आतिशी ने कहा कि भाजपा की दिल्ली सरकार ने जो बजट पेश किया है, वह पूरी तरह से हवा-हवाई है। उन्होंने कहा, “आज जो बजट माननीय रेखा गुप्ता ने पेश किया है, उसे देखकर साफ हो गया कि बीजेपी सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण क्यों नहीं रखा। उन्होंने सर्वे इसलिए नहीं रखा क्योंकि अगर वह ऐसा करते, तो उनके बजट की सच्चाई सामने आ जाती।” उन्होंने कहा कि यह बजट दिल्ली के लोगों के लिए निराशाजनक है और बीजेपी सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने फिर से बीजेपी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह आर्थिक सर्वेक्षण को सदन में पेश करे, जिससे सच सबके सामने आ सके। recent visitors 57

विपक्ष के नेताओं ने 2024 के चुनाव में न सिर्फ दुष्‍प्रचार किया बल्कि विदेशी पैसे का भी इस्‍तेमाल हुआ: CM योगी

लखनऊ सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस का नाम लेते हुए कांग्रेस और इंडिया गठबंधन में शामिल उसके सहयोगी दलों पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्‍होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं ने 2024 के चुनाव में न सिर्फ दुष्‍प्रचार किया बल्कि इन चुनावों में विदेशी पैसे का भी बड़े पैमाने पर इस्‍तेमाल हुआ। सीएम योगी ने एएनआई के एक पॉडकास्‍ट में सवालों का जवाब देते हुए ये बातें कहीं। उन्‍होंने कहा कि ये लोग (विपक्षी दलों के कई नेता) चुनाव में विदेशी पैसों के इस्‍तेमाल में प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष ढंग से शामिल रहे। 2024 में चुनाव में क्‍या गलत हुआ? इस सवाल के जवाब में सीएम योगी ने कहा कि दुष्प्रचार किया गया था। दुष्‍प्रचार ही नहीं किया था बल्कि विदेशी पैसे भी इसमें इंवॉल्व (शामिल) था। जार्ज सोरोस ने तो बहुत पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी। क्‍या सोरास के पैसे यूपी में भी लगे थे? इस सवाल पर सीएम योगी ने कहा- ‘मैं कह रहा हूं कि पूरे देश में विदेशी पैसा इंवॉल्व था लोकसभा चुनाव के दौरान जिसमें कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने, जो भी इंडी गठबंधन से जुड़े हुए दल थे ये लोग धड़ल्‍ले से डायरेक्‍ट-इन डायरेक्‍ट (प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष) ढंग से उसमें लिप्‍त थे। उसी के माध्‍यम से इन्‍होंने पूरे चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया।’ सीएम योगी ने कहा कि यह कृत्‍य देशद्रोह की श्रेणी में आता है। बता दें कि बीजेपी अमेरिकी उद्योगपति जार्ज सोरोस के नाम पर कांग्रेस को घेरती रही है। पिछले साल दिसम्‍बर में बीजेपी के राज्‍यसभा सदस्‍य सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया था कि 'फोरम फॉर डेमोक्रेटिक लीडर्स ऑफ एशिया पैसिफक' से कांग्रेस की वरिष्‍ठ नेता सोनिया गांधी के संबंध हैं। बीजेपी का आरोप है कि इस फोरम में भारत विरोधी और पाकिस्‍तान समर्थित बातें हो रही हैं और इसकी फंडिंग जार्ज सोरोस के फाउंडेशन से की जाती है। तब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने बीजेपी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खंडन किया था। recent visitors 45

मायावती ने आज विशेष बैठक बुलायी और भाईचारा कमेटी का ऐलान भी कर दिया, चुनाव के लिए नया दांव चला

लखनऊ यूपी की राजनीति में लगातार पिछड़ने के बाद बहुजन समाज पार्टी ने आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नया दांव चल दिया है। बसपा प्रमुख मायावती ने 2007 की तरह 2027 के लिए भाईचारा कमेटियों का ऐलान करते हुए बड़े स्तर पर आयोजनों की तैयारी शुरू कर दी है। मायावती ने 2007 में भाईचारा कमेटियों के जरिए ही दलितों के साथ ब्राह्णण समाज को जोड़ते हुए बसपा की बहुमत वाली सरकार बनाई थी। इस बार मायावती की नजर पिछड़े यानी ओबीसी समाज पर है। मायावती ने मंगलवार को पिछड़े समाज की विशेष बैठक बुलायी और भाईचारा कमेटी का ऐलान भी कर दिया। बसपा ने 2007 में इसी तरह से भाईचारा कमिटियां बनाकर पहली बार बिना किसी सहयोग अपनी सरकार बनाई थी। अगले चुनाव में सपा से हारने के बाद भाईचारा कमेटियों का कार्यकाल खत्म हो गया और दोबारा नहीं बन सकीं। इसके बाद लगातार लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बसपा की ताकत घटती चली गई। लोकसभा में बसपा शून्य हो चुकी है और विधानसभा में केवल एक विधायक रह गया है।   बहुजन समाज के सभी अंग को संगठित करेंगे मंगलवार को आयोजित पिछड़ा समाज के भाईचारा कमेटी के ऐलान पर मायावती ने कहा कि दलितों की तरह ही अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के प्रति केन्द्र व राज्य सरकारों के जातिवादी द्वेषपूर्ण, हीन व संकीर्ण रवैये के कारण उनकी हर स्तर पर उपेक्षा, शोषण, तिरस्कार आदि का अपमान झेलते रहने से मुक्ति के लिए डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर के संघर्ष के अनुरूप ’बहुजन समाज’ के सभी अंग को आपसी भाईचारा के आधार पर संगठित राजनीतिक शक्ति बनकर वोटों की ताकत से सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करेगी। पार्टी मुख्यालय में पिछड़ी जातियों की विशेष बैठक में मायावती ने कहा कि और अधिक ऊर्जा, तीव्रता से सार्थक बनाने हेतु नया ज़ोरदार अभियान शुरू करने की जरुरत है। इस अभियान के दौरान गांव-गांव में लोगों को खासकर कांग्रेस, भाजपा एवं सपा आदि इन पार्टियों के दलित व अन्य पिछड़े वर्ग विरोधी चाल, चरित्र व चेहरे के साथ-साथ इनके द्वारा लगातार किए जा रहे छल, छलावा तथा इन बहुजनों को उनके हक व न्याय से वंचित रखे जाने के कारण इन लोगों का जीवन लगातार खराब व बदहाल बने रहने के प्रति लोगों को जागरुक किया जाएगा। बसपा सरकार में पिछड़ों के लिए किए गए कार्य वैसे भी अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी समाज) को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने से लेकर पार्टी में आगे बढ़ाने तथा उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार द्वारा इन वर्गों के हित व कल्याण के लिए तथा इनके महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों आदि को पूरा-पूरा आदर-सम्मान देने के लिए जो अनेकों ठोस बुनियादी ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं वे बेमिसाल हैं, जिनमें से कुछ ख़ास का यहां उल्लेख भी किया गया है। पिछड़ों का हित बसपा में ही सुरक्षित बैठक में आमजन की इस धारणा को स्वीकार किया गया कि गांधीवादी कांग्रेस, आरएसएसवादी भाजपा एवं सपा व इनकी पीडीए में जिसे लोग परिवार डेवल्पमेन्ट अथारिटी भी कहते है इसमें बहुजन समाज में से ख़ासकर अन्य पिछड़े वर्गों के करोड़ों बहुजनों का हित कभी भी ना सुरक्षित था और ना ही आगे सुरक्षित रह सकता है। ​इसीलिए मायावती के नेतृत्व तले भाजपा, कांग्रेस व सपा आदि इन सभी जातिवादी पार्टियों को परास्त करके राजनीतिक सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करना ही बहुजनों के सामने अपने ’अच्छे दिन’ लाने का एकमात्र बेहतर विकल्प है। इसके साथ ही अगले माह 14 अप्रैल को इन वर्गों के एकमात्र मसीहा डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की जयंती परम्परागत तौर पर पूरी मिशनरी भावना से मनाने का निर्देश दिया। किसे कहां की जिम्मेदारी बैठक के बाद बसपा सुप्रीमो ने पार्टी के तमाम नेताओं को राज्य के अलग-अलग मंडलों की जिम्मेदारी सौंपी। प्रयागराज मंडल के बीएसपी भाईचारा संगठन की जिम्मेदारी अवधेश कुमार गौतम और अनिल सिंह पटेल को दी गई है। महाकुंभ मेला भाईचारा संगठन की जिम्मेदारी प्रवीण गौतम और विकास पाल को दी गई है। फतेहपुर भाईचारा संगठन के संयोजक की जिम्मेदारी रिंकू गौतम और रामशरन पाल को दी गई है। इसके अलावा प्रतापगढ़ में शोभनाथ गौतम और बाके लाल पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कौशांबी में मनीष गौतम और पप्पू निषाद, अयोध्या मंडल में रोहित गौतम और विजय वर्मा, अंबेडकरनगर में कृष्णकांत अंबेडकर उर्फ पंकज और मनोज कुमार वर्मा, सुल्तानपुर में दीपक भारती और नन्हेलाल निषाद, मिर्जापुर मंडल में संतोष कुमार और संतोष कुमार पाल के अलावा सोनभद्र में परमेश्वर और रमेश कुमार कुशवाहा को जिम्मेदारी दी गई है। भदोही में रामसनेही गौतम और वंशीधर मौर्य, अमेठी में विद्या प्रसाद गौतम और रमेश कुमार मौर्या के अलावा बाराबंकी में प्रदीप कुमार गौतम और माधव सिंह पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलाध्यक्षों की बात करें तो अयोध्या में कृष्ण कुमार पासी, अंबेडकरनगर में सुनील सावंत गौतम, सुल्तानपुर में सुरेश कुमार गौतम और अमेठी में दिलीप कुमार कोरी को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। बाराबंकी में कृष्ण कुमार रावत, प्रयागराज में पंकज कुमार गौतम, महाकुंभ मेला में सतीश जाटव, फतेहपुर में डॉ. दीप गौतम, प्रतापगढ़ में सुशील कुमार गौतम और कौशांबी में राकेश कुमार गौतम को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। recent visitors 116