कुछ लोग ने देश का चीर हरण करना, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए अपना अधिकार मान लिया: सीएम योगी

लखनऊ स्‍टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा महाराष्‍ट्र के उप मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे पर की गई विवादित टिप्‍पणी को लेकर सियासत गर्म है। इस बीच उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इस बारे में पहली प्रतिक्रिया दी है। इंटरव्‍यू में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि कुछ लोग ने देश का चीर हरण करना, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए इस अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता को अपना जन्‍मसिद्ध अधिकार मान लिया है।' बता दें कि स्‍टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने उप मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे पर नाम लिए बगैर विवादित टिप्‍पणी की थी। इसका वीडियो सामने आने के बाद से कामरा की मुश्किलें बढ़ती चली जा रही रही हैं। मुंबई की खार पुलिस ने इस मामले में कुणाल कामरा को समन भेजा है। उधर, कामरा की विवादित टिप्‍पणी वाला वीडियो सामने आने के बाद नाराज शिवसैनिकों ने रविवार को मुंबई के खार इलाके में स्थित स्‍टूडियो और एक होटल में तोड़फोड़ की थी। ऐसा कहा जा रहा था कि वीडियो यहीं पर शूट हुआ था। कामरा के खिलाफ मुंबई में शिवसेना नेताओं ने केस भी दर्ज कराया है। शिवसेना (शिंदे) ने कामरा से माफी मांगने की मांग की थी। साथ ही यह चेतावनी भी दी थी कि कामरा यदि माफी नहीं मांगते हैं तो शिवसेना अपने ढंग से जवाब देगी। इस बीच एएनआई के इंटरव्‍यू में सीएम योगी आदित्‍यनाथ से जब बताया गया कि महाराष्‍ट्र में कॉमेडियन ने संविधान को दिखाकर कहा है कि इससे (संविधान से) मुझे अभिव्‍यक्ति की आजादी मिलती है। इस पर सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि आपकी अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता दूसरे पर व्‍यक्तिगत प्रहार करने के लिए नहीं हो सकती है। दुर्भाग्‍य है कि कुछ लोगों ने देश का चीर हरण करना, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए इस अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता को अपना जन्‍मसिद्ध अधिकार मान लिया है। recent visitors 65

शक्तिपीठ हरसिद्धि में 3100 रुपए, गढ़कालिका में 3300 रुपए में हो रही बुकिंग, दर्शनार्थियों का लगेगा तांता

उज्जैन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को सर्वार्थ सिद्धि योग में चैत्र नवरात्रि का आरंभ होगा। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित शक्तिपीठ हरसिद्धि सहित प्राचीन देवी मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगेगा। शक्तिपीठ हरसिद्धि व सिद्ध पीठ गढ़कालिका माता मंदिर में प्रतिदिन शाम को संध्या आरती में दीपमालिका प्रज्वलित की जाएगी। देशभर के देवी भक्तों में दीपमालिका प्रज्वलित कराने की होड़ लगी हुई है। देशभर के देवी भक्त दीपमालिका प्रज्वलित कराते हैं भक्तों की अधिक संध्या को देखते हुए मंदिर समिति ने चैत्र व शारदीय नवरात्र में सामूहिक दीपमालिका प्रज्वलित कराने का निर्णय लिया है। नवरात्र में कोई भी भक्त 3100 रुपये में सामूहिक दीपमालिका प्रज्वलित करा सकते हैं। प्रबंधक इंद्रेश लोधी ने बताया कि चैत्र नवरात्र के लिए अब तक 100 से अधिक भक्तों ने दीपमालिका की बुकिंग करा ली है। आम दिनों में एक व्यक्ति को दीपमालिका प्रज्वलित कराने में करीब 12 से 14 हजार रुपये का खर्च आता है।   शक्तिपीठ हरसिद्धि : मराठाकालीन दीपमालिका शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर परिसर में मराठाकालीन दो दीप स्तंभ हैं। प्रत्येक दीपस्तंभ में 501 दीपक हैं। इन्हें दीपमालिका कहा जाता है। दीपमालिका प्रज्वलित करने के लिए भक्तों को मंदिर कार्यालय में 700 रुपये की शासकीय रसीद कटवाना होती है। दीपमालिका प्रज्वलित करने वाले कुशल व्यक्तियों का पारिश्रमिक 2500 रुपये है। इसके अलावा चार डिब्बा शुद्ध तेल, बाती तथा माता हरसिद्धि व दीपमालिका की पूजा के लिए संपूर्ण सामग्री सहित कुल करीब 12 से 14 हजार रुपये है। सिद्धपीठ गढ़कालिका : 21 फीट ऊंची दीपमालिका महाकवि कालिदास की आराध्य देवी गढ़कालिका शहर के अत्यंत प्राचीन देवी मंदिरों में से एक है। अलग-अलग मान्यता में इस देवी स्थान को शक्तिपीठ व सिद्धपीठ माना गया है। प्रतिदिन देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन करने आते हैं। मंदिर परिसर में दो दीप स्तंभ हैं, जिन्हें दीपमालिका कहा जाता है। करीब 21 फीट ऊंचे प्रत्येक दीपस्तंभ में 108-108 दीपक हैं। कुल 216 दीप प्रज्वलित करने में एक डिब्बा शुद्ध तेल लगता है। गढ़कालिका में सामूहिक रूप से दीपमालिका प्रज्वलित कराने की व्यवस्था नहीं है। एक व्यक्ति मात्र 3300 रुपये में दीपमालिका प्रज्वलित करा सकता है। इसमें तेल, बाती के अलावा 501 रुपये की शासकीय रसीद। 800 रुपये दीपमालिका प्रज्वलित करने वाले का पारिश्रमिक शामिल है। चैत्र नवरात्र के लिए अधिकांश दिन की बुकिंग हो गई है। – मूलचंद जाटवा, मंदिर प्रशासक   recent visitors 35

एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 IPS अफसरों का ट्रांसफर

नई दिल्ली दिल्ली में बजट खत्म होने के बाद बड़ा प्राशसनिक फेरबदल हुआ है। एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिशों के बाद एक पत्र जारी कर ट्रांसफर का आदेश लागू कर दिया गया। ट्रांसफर के आदेश में लिखा है कि दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल,पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में वर्तमान में तैनात निम्नलिखित आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों के स्थानांतरण/पदस्थापन का आदेश देते हैं,जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। recent visitors 69

प्रेमी संग महिला फरार, गुस्साए घरवालों ने बुलडोजर से तोड़ा बॉयफ्रेंड का घर, पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया

भरूच आपने अब तक पुलिस-प्रशासन द्वारा ही आरोपी के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई करते हुए देखा और सुना होगा। लेकिन गुजरात में एक हैरान करने वाली घटना घटी है। यहां 6 लोगों ने कथित आरोपी सहित उसके रिश्तेदारों के घर पर बुलडोजर चलाकर उन्हें तोड़ दिया। यह घटना भरूच जिले में घटी। आरोपी व्यक्ति पर शादीशुदा महिला को भगाकर ले जाने का शक है। आरोपी शख्स की मां की शिकायत पर पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। भरूच जिले के वेदाच पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर बीएम चौधरी ने कहा कि महिला के परिवार के सदस्यों सहित आरोपियों ने महिला को भगाकर ले जाने के शक में बुलडोजर का इस्तेमाल किया। उन्होंने इस तरह से अपना गुस्सा निकालने का फैसला किया। आरोपियों में महिला का पति भी शामिल है। उसे शक है कि दूसरे समुदाय का व्यक्ति उसकी पत्नी के साथ भाग गया है। पुलिस ने बताया कि घटना 21 मार्च को जिले के करेली गांव में हुई। अधिकारी ने बताया कि 21 मार्च की रात को आरोपियों ने फुलमाली समुदाय के छह घरों को बुलडोजर से मलबे में मिला दिया, जिसमें उस व्यक्ति का घर भी शामिल था जिसपर महिला के साथ भागने का शक है। इसके बाद पुलिस ने बुलडोजर चालक समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। चौधरी ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। चौधरी ने बताया कि महिला आणंद जिले के अंकलाव तालुका में अपने माता-पिता से मिलने गई थी। जहां से महिला और व्यक्ति कथित तौर पर भाग गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला के माता-पिता ने शिकायत दर्ज कराई है और आणंद पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायत के अनुसार, हेमंत पढियार, सुनील पढियार, बलवंत पढियार, सोहम पढियार और चिराग पढियार समेत आरोपी व्यक्ति के घर गए और उसके परिवार के सदस्य पर महिला के साथ भागने का आरोप लगाते हुए उसे दो दिनों के अंदर पेश करने को कहा। 21 मार्च को रात करीब 9 बजे आरोपी बुलडोजर लेकर व्यक्ति के घर गए और शेड एवं शौचालय सहित मकान के हिस्सों को गिराना शुरू कर दिया। एफआईआर के अनुसार, उन्होंने इलाके के छह घरों के हिस्सों को गिरा दिया। चौधरी ने बताया कि अगले दिन व्यक्ति की मां ने वेदाच पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। recent visitors 54

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘महिला समृद्धि योजना’ के लिए 5100 करोड़ रुपए आवंटित किए जाने की घोषणा की

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपनी सरकार का पहला बजट पेश किया। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आए दिल्ली के अब तक के सबसे बड़े बजट में सरकार ने सभी वर्गों को खुश करने का प्रयास किया है। खासकर महिलाओं के लिए भी कई ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘महिला समृद्धि योजना’ के लिए 5100 करोड़ रुपए आवंटित किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिला समृद्धि योजना उनकी सरकार का संकल्प है, प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने 5100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। रेखा गुप्ता ने दिल्ली की महिलाओं को भरोसा दिया कि निश्चित तौर पर पैसे दिए जाएंगे। भाजपा ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि सरकार बनने पर गरीब परिवार की महिलाओं को मासिक 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 8 मार्च को महिला दिवस के मौके पर दिल्ली की कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दी थी। सरकार ने नियम एवें शर्तें तय करने के लिए एक कमिटी का गठन किया है। कमिटी की ओर से शर्तों को तय किए जाने के बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद पंजीकृत महिलाओं को मासिक सहायता राशि उनके अकाउंट में भेजी जाएगी। जिस वक्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला समृद्धि योजना का जिक्र किया, विपक्ष की ओर से शोर-शराबा किया गया। आम आदमी पार्टी महिला समृद्धि योजना को लेकर लगातार हमलावर है। 'आप' का कहना है कि भाजपा ने 8 मार्च तक महिलाओं के खाते में पैसे भेजने का वादा किया था, लेकिन यह जुमला निकला। recent visitors 52

हुर्रियत के दो गुटों ने अलगाववाद से तोड़ लिया नाता, मैं इसका स्वागत करता हूं, अमित शाह का कश्मीर पर ऐलान

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दो गुटों ने अलग राह अपना ली है। होम मिनिस्टर अमित शाह ने मंगलवार को ऐलान किया कि हुर्रियत के दो गुटों ‘जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट’ और ‘डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट’ ने अलगाववाद से नाता तोड़ लिया है। उन्होंने कहा कि मैं इसका स्वागत करता हूं। अमित शाह ने इसका श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी की विकास की नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में विकास हो रहा है और यह काम सभी को साथ लेकर किया जा रहा है। इससे अलगाववादी गतिविधियों में कमी आई है। गृह मंत्री ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि अलगाववाद अब कश्मीर में इतिहास की बात हो रहा है। मोदी सरकार की एकीकरण की नीतियों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो रहा है। अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'हुर्रियत के दो संगठनों ‘जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट’ और ‘डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट’ ने अलगाववाद से सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की है। मैं भारत की एकता को मजबूत करने की दिशा में अहम इस कदम का स्वागत करता हूं और ऐसे सभी समूहों से आग्रह करता हूं कि वे आगे आएं तथा अलगाववाद को हमेशा के लिए खत्म कर दें।’ इसके साथ ही उन्होंने अपील की है कि अन्य अलगाववादी संगठनों को भी सीख लेनी चाहिए और साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी की विकास, शांति और एक भारत की नीतियों की जीत है। इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से जुड़े दो समूहों को बैन किया था। सरकार का कहना है कि ये समूह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। इनके चलते जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद बढ़ रहा है और आतंकवादियों को भी मदद मिल रही है। इन संगठनों में मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाला संगठन अवामी ऐक्शन कमेटी और जम्मू-कश्मीर इत्तेहादुल मुसलमीन शामिल है। इत्तेहादुल का नेतृत्व मोहम्मब अब्बास अंसारी करते हैं। होम मिनिस्ट्री ने इन्हें बैन का करने का नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा था कि ये देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा बन रहे हैं। इन दोनों संगठनों को सरकार ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत 5 साल के लिए प्रतिबंधित किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मीरवाइज फारूक ने कहा था कि ऐसा करना गलत है और लोकतांत्रिक संगठनों को कुचलने जैसा है। recent visitors 57

पत्रकार को अरेस्ट कर बेनकाब हुई भोपाल पुलिस, कुलदीप को मिली जमानत, फंसाने वाला थाना प्रभारी लाइन अटैच

भोपाल पत्रकार पर कल पुलिस ने किया फर्जी एक्सीडेंट के झूठे केस में अड़ी बाजी का मामला दर्ज। कटारा हिल्स थाने में पत्रकार के खिलाफ हुआ झूठा मामला दर्ज थाने में पत्रकारों का धरना पत्रकारों के साथ भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल में मौजूद। टीआई के सस्पेंड करने की मांग। TI के सस्पेंड होने तक थाने में धरना देने बैठे पत्रकार। पत्रकार कुलदीप सिंगोरिया  के खिलाफ दर्ज हुआ है झूठा मामला। पत्रकार कुलदीप सिंगोरिया के मामले में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से बात की। तत्काल कार्यवाही की बात कही। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला लाया। थाना प्रभारी के निलंबन नहीं होने तक पत्रकारों के साथ थाने में बैठे प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष अग्रवाल। कटारा हिल्स थाने में एक पत्रकार के खिलाफ दर्ज की गई FIR अब तूल पकड़ चुकी है। पत्रकार संगठनों और मीडिया से जुड़े लोगों ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करार देते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।   रॉयल प्रेस क्लब का विरोध प्रदर्शन   इस मामले में पत्रकारों का संगठन रॉयल प्रेस क्लब भी खुलकर विरोध में उतर आया है। क्लब के सदस्यों ने थाने की चौखट पर बैठकर प्रदर्शन किया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।   भाजपा मीडिया प्रभारी ने बताया ‘दोषपूर्ण कार्यवाही’   इस मुद्दे पर भाजपा के मीडिया प्रभारी ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस FIR को गलत करार देते हुए संबंधित थाना प्रभारी (TI) को निलंबित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पत्रकारों पर इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस की कहानी में झोल है- एफआईआर में दावा किया गया कि एक्सीडेंट में कुलदीप सिंगोरिया की गाड़ी शामिल थी, लेकिन यह कार कुलदीप की नहीं थी बल्कि वह एक सफेद बोलेरो में बैठे थे। एक्सीडेंट जैसे मामूली केस में गैरजमानती धारा लगाना असामान्य है जो पुलिसिया कार्रवाई को संदिग्ध बनाता है। गिरफ्तारी के बाद कुलदीप को परिजनों से नहीं मिलने दिया गया और सीधा जेल भेज दिया गया। बिना किसी आधार फोन जब्त करना और शिकायतकर्ता द्वारा पहचान डिनाई करना कलेक्टर से रहा है विवाद – पत्रकार कुलदीप ने कुछ महीने पहले नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीणा पर कई आरोप लगाए थे। यह आरोप खाद के लिए परेशान किसानों पर लाठीचार्ज की खबर चलाई थी। जिसकी खुन्नस निकालने की एवज में पत्रकार कुलदीप को निशाना बनाया गया है। recent visitors 36